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मध्य प्रदेश के मोहम्मद कोनैन दाद का भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम में चयन, प्रदेश में खुशी की लहर

भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम में मध्यप्रदेश के मोहम्मद कोनैन दाद का चयन 5 से 18 जुलाई तक बेल्जियम दौरे में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मंच पर मध्यप्रदेश की प्रतिभा दिखाएगी अपना दमखम भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी, भोपाल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी मोहम्मद कोनैन दाद का चयन 5 से 18 जुलाई तक होने वाले भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के बेल्जियम दौरे के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इस दौरे के दौरान भारतीय जूनियर टीम बेल्जियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों में भाग लेते हुए अपनी तैयारियों को और मजबूत करेगी। मोहम्मद कोनैन डैड फॉरवर्ड खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति मोहम्मद कोनैन दाद का भारतीय जूनियर टीम में चयन मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी में खिलाड़ियों को दिए जा रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, वैज्ञानिक खेल सुविधाओं एवं उत्कृष्ट कोचिंग व्यवस्था का परिणाम है। यह उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के निरंतर उभरते स्तर को दर्शाती है तथा मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मानचित्र पर नई पहचान दिला रही है। मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का मिला प्रतिफल मोहम्मद कोनैन दाद ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, तेज़ खेल कौशल एवं निरंतर मेहनत के बल पर भारतीय जूनियर टीम में स्थान बनाया है। उनका चयन उनके समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतिफल है। बेल्जियम दौरे के दौरान वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और मध्यप्रदेश की प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश के युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा मोहम्मद कोनैन दाद की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के साथ खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी सफलता प्रदेश में हॉकी के प्रति युवाओं के उत्साह को और अधिक प्रोत्साहित करेगी। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मोहम्मद कोनैन दाद को भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम में चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोहम्मद कोनैन डैड बेल्जियम दौरे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगे।  

क्रिकेट के ‘घर’ में पुजारा का सम्मान, भारत के दिग्गज बल्लेबाज बने MCC के लाइफ मेंबर

नई दिल्ली  भारत के टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन और योगदान से विशेष पहचान बनाई हो।  इस उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए पुजारा ने कहा, 'एमसीसी की मानद आजीवन सदस्यता मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. यह मेरे करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है. हर क्रिकेटर लॉर्ड्स में खेलने का सपना देखता है, क्योंकि इसे क्रिकेट का घर कहा जाता है. ऐसे प्रतिष्ठित क्लब का आजीवन सदस्य बनना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।  उन्होंने आगे कहा कि जब वर्षों की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को इस तरह की पहचान मिलती है, तो वह एहसास बेहद खास होता है. पुजारा ने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी क्रिकेट के प्रति अपना योगदान जारी रखने के लिए प्रेरित करेगा।  अपने शांत स्वभाव, धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और भारत के लिए कई यादगार टेस्ट पारियां खेलने वाले पुजारा ने लंबे समय तक टीम इंडिया की बल्लेबाजी की रीढ़ की भूमिका निभाई. अब एमसीसी की मानद आजीवन सदस्यता उनके शानदार करियर में एक और प्रतिष्ठित उपलब्धि बन गई है।  चेतेश्वर पुजारा का अंतरराष्ट्रीय करियर  अंतरराष्ट्रीय डेब्यू: 2010 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट) आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच: 2023 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल) अंतरराष्ट्रीय करियर: 2010 से 2023 कुल टेस्ट मैच: 103 कुल रन: 7195 टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक और 35 अर्धशतक सर्वोच्च टेस्ट स्कोर: 206* रन वनडे मैच: 5  कुल रन: 51 2018-19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 521 रन बनाकर भारत की ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के हीरो रहे। 

Kylian Mbappé ने रचा इतिहास, मेसी के रिकॉर्ड की बराबरी; गोल्डन बूट जीतने के सबसे बड़े दावेदार बने

पेरिस  फीफा विश्व कप 2026 में अगर किसी खिलाड़ी ने अब तक सबसे बड़ा मंच अपने नाम किया है, तो वह हैं फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे. स्वीडन के खिलाफ राउंड ऑफ 32 मुकाबले में एम्बाप्पे ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने न सिर्फ फ्रांस को 3-0 की आसान जीत दिलाई, बल्कि उन्हें कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का भी मालिक बना दिया।  27 साल के एम्बाप्पे ने मैच में दो गोल दागे. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर फ्रांस ने प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उसका सामना पराग्वे से होगा. लेकिन इस मुकाबले की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एम्बाप्पे का रिकॉर्डतोड़ शो रहा।  मेसी की बराबरी, लेकिन गोल्डन बूट की रेस में आगे स्वीडन के खिलाफ दूसरे हाफ में अपना दूसरा गोल करते ही एम्बाप्पे. ने इस विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 6 कर ली. इसके साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली, जिनके नाम भी 6 गोल हैं।  हालांकि गोल्डन बूट की दौड़ में एम्बाप्पे फिलहाल मेसी से आगे हैं. वजह है कि उनके नाम 6 गोलों के अलावा 2 असिस्ट भी हैं. यानी अगर दोनों खिलाड़ियों के गोल बराबर रहते हैं, तो अतिरिक्त असिस्ट एम्बाप्पे को बढ़त दिलाते हैं।  वर्ल्ड कप नॉकआउट का नया 'किंग' बने ए्म्बाप्पे इस मुकाबले ने एम्बाप्पे को एक और ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचा दिया. उन्होंने विश्व कप नॉकआउट चरण में अपने गोलों की संख्या 10 कर ली, जो अब तक किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा है।  मैच का पहला गोल उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम (45वें मिनट) में शानदार व्यक्तिगत कौशल दिखाते हुए किया. स्वीडन के डिफेंडर को छकाने के बाद उन्होंने गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं छोड़ा. यह उनका नॉकआउट चरण में 9वां गोल था, जिससे उन्होंने ब्राजील के महान खिलाड़ियों लियोनिडास और रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया।  इसके बाद 74वें मिनट में माइकल ओलीसे के शानदार पास पर उन्होंने दूसरा गोल दागकर यह रिकॉर्ड और मजबूत कर दिया।  मेसी से अब सिर्फ एक गोल पीछे एम्बाप्पे का यह विश्व कप करियर भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. अब उनके नाम 18 विश्व कप मैचों में 18 गोल हो चुके हैं. वह विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में मेसी से सिर्फ एक गोल पीछे हैं. मेसी के नाम फिलहाल 19 गोल दर्ज हैं।  कोच के लिए खास जश्न मैच का सबसे भावुक पल तब आया जब पहला गोल करने के तुरंत बाद एम्बाप्पे सीधे अपने कोच दिदिएर डेसचैम्प्स के पास पहुंचे और उन्हें गले लगाया. यह डेसचैम्प्स का वापसी मैच था. वह ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबले में अपनी मां के निधन के कारण टीम के साथ नहीं थे. ऐसे में एम्बाप्पे ने अपना गोल अपने कोच को समर्पित कर दिया।  84वें मिनट में एम्बाप्पे को आराम देने के लिए मैदान से बाहर बुला लिया गया, लेकिन तब तक वह मैच और रिकॉर्ड बुक- दोनों पर अपनी अमिट छाप छोड़ चुके थे।  अब गोल्डन बूट की जंग और भी दिलचस्प हो गई है. एक तरफ मेसी हैं, दूसरी तरफ एम्बाप्पे. दोनों के 6-6 गोल हैं, लेकिन फिलहाल बढ़त फ्रांस के सुपरस्टार के पास है. अगर यही फॉर्म जारी रही, तो विश्व कप 2026 का गोल्डन बूट और कई नए रिकॉर्ड एम्बाप्पे के नाम हो सकते हैं। 

India vs England 1st T20: पहले मुकाबले पर बारिश का खतरा, जानें क्या कहता है वेदर अपडेट

लंदन  आयरलैंड के खिलाफ मिली करारी शिकस्त को भुलाकर भारतीय क्रिकेट टीम आज से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के जरिए एक नई शुरुआत करने उतर रही है. नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में ‘मेन इन ब्लू’ बुधवार को चेस्टर-ली-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड पर मेजबान इंग्लैंड का सामना करेगी. आयरलैंड में 2-0 से क्लीन स्वीप होने के बाद टीम इंडिया के पास इस सीरीज के जरिए अपनी खोई हुई लय और आत्मविश्वास वापस पाने का मौका है, लेकिन इस महामुकाबले से पहले क्रिकेट फैंस के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आ रही है, क्योंकि इस मैच पर काले बादलों का साया मंडरा रहा है. बारिश खेल में खलल डाल सकती है।  छाए रहेंगे बादल, बारिश की भारी संभावना एक्यूवेदर की रिपोर्ट के मुताबिक, चेस्टर-ली-स्ट्रीट में मैच के दौरान मौसम खलनायक की भूमिका निभा सकता है. शाम के समय आसमान में घने बादल छाए रहने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की पूरी आशंका है. शाम को बारिश होने की आशंका 61% तक है, जिससे मैच में बार-बार रुकावटें आ सकती हैं या ओवर कम किए जा सकते हैं. मैच के दौरान तापमान करीब 16°C रहने की उम्मीद है, लेकिन तेज हवाओं के चलते खिलाड़ियों को 11°C जैसी ठंड का अहसास होगा।  दक्षिण-पश्चिम दिशा से 20 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो मैच के दौरान 50 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं. इसके अलावा आसमान में 97% बादल रहने का अनुमान है. मैच के बाद भी मौसम में कोई सुधार नहीं दिखेगा. रात में तापमान गिरकर 13°C तक पहुंच जाएगा और 60% बारिश की संभावना के साथ हवाएं और तेज (56 किमी/घंटे तक) हो सकती हैं।  क्या वैभव सूर्यवंशी का होगा डेब्यू? भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने सीरीज शुरू होने से एक दिन पहले बुधवार को वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर चुप्पी साध ली, लेकिन कहा कि कुछ महीने पहले टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करना जरूरी है. आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए सूर्यवंशी को टीम में शामिल लिए जाने के बाद से उनके डेब्यू की मांग बढती जा रही है. हालांकि, अय्यर ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित माहौल होना जरूरी है. 15 साल के सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी को तोड़ना होगा।  अय्यर ने पहले टी20 से पूर्व कहा, ‘टीम में सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. ऐसा नहीं है कि एक ही खिलाड़ी अच्छा खेल रहा है. ’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें मौके और सुरक्षा दोनों देने होंगे ताकि हर खिलाड़ी में आत्मविश्वास बना रहे. पिछला वर्ल्ड कप जीतने वाले खिलाड़ियों को पता है कि टी20 कैसे खेला जाता है. वे लगातार इस प्रारूप में भारत के स्तंभ रहे हैं और उनका समर्थन करना जरूरी है।  ‘किसी को नहीं पता…’ यह पूछने पर कि क्या सूर्यवंशी कल डेब्यू कर सकते हैं, अय्यर ने कहा, ‘किसी को नहीं पता कि क्या होने वाला है. हमें भी नहीं पता कि हम क्या करेंगे. यह काफी गोपनीय है.’ उन्होंने कहा, ‘हम टीम में इस पर बात करते हैं. हम सभी को नहीं बता सकते कि क्या संयोजन लेकर उतरेंगे क्योंकि इससे विरोधी टीम को भी पता चल जाएगा. वह युवा खिलाड़ी है और जब भी उसे मौका मिलेगा, वह अच्छा खेलेगा। 

सुनील गावस्कर का बयान, इंग्लैंड दौरे पर रोहित शर्मा दिखा सकते हैं कप्तानी और फॉर्म

नई दिल्ली महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सोमवार को कहा कि अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका होगी कि वह अगले साल होने वाले 50 ओवर के वर्ल्ड कप में भारत के लिए पारी का आगाज करेंगे। रोहित और विराट कोहली दोनों भारत के लिए सिर्फ एक फॉर्मेट में खेलते हैं, वे 14-19 जुलाई तक इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करेंगे। रोहित शर्मा पर क्या बोले सुनील गावस्कर? गावस्कर ने कहा कि रोहित जानते हैं कि अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए उनकी स्थिति क्या है। गावस्कर ने कहा,‘रोहित शर्मा के बारे में कब बात नहीं हुई है? रोहित शर्मा के बारे में हमेशा से बहुत बात होती रही है।’ उन्होंने कहा, ‘वह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है। मुझे लगता है कि जाहिर तौर पर अहम लोगों और रोहित शर्मा के बीच साफ तौर पर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ है। वह अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है और वर्ल्ड कप तक के अगले डेढ़ साल में उन्हें बस लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।’ गावस्कर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी प्रतिभा और काबिलियत के कारण कोई दबाव महसूस करते हैं। इंग्लैंड (दौरा) उनके लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका है कि डेढ़ साल बाद भी वह भारत के लिए पारी का आगाज करते रहेंगे।’ गावस्कर ने कहा कि किसी भी भारतीय खिलाड़ी का आकलन कभी खत्म नहीं होता और सीनियर बल्लेबाजों को पता होता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। आलोचना कोई नई बात नहीं है उन्होंने कहा, ‘जब आप डेब्यू करने वाले युवा खिलाड़ी होते हैं, तो आप पर नजर रखी जाती है कि आप अंतरराष्ट्रीय (क्रिकेट के) दबाव को कैसे संभालते हैं, क्या आपमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मिजाज और काबिलियत है।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट में ऐसा होता है कि शुरुआत से ही खिलाड़ियों पर लगातार नजर रखी जाती है और यह दबाव लगभग कभी खत्म नहीं होता। इसलिए इन खिलाड़ियों के लिए यह निगरानी या आलोचना कोई नई बात नहीं होगी।’ उन्हें दवाब संभालना आता है उन्होंने कहा, ‘वे जानते हैं कि दबाव को कैसे संभालना है और उन्हें पता है कि एकमात्र तरीका है रन बनाते रहना, जो कैच मिलें उन्हें पकड़ना, रन-आउट करना और साथ ही कप्तान को सलाह देने के लिए तैयार रहना क्योंकि वे खुद कप्तान रह चुके हैं और उनके पास अनुभव है।’ गावस्कर ने कहा कि रोहित और कोहली के मामले में, उनकी शारीरिक क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा जिसे वे दोनों आसानी से संभाल सकते हैं। अनुभव से स्थिती को संभाल लेंगे उन्होंने कहा, ‘जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और आप 35 साल के पार जाते हैं, तो आपके स्वभाव के बजाय आपकी शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उनके पास जो अनुभव है, उससे वे इसे आसानी से संभाल लेंगे।’  

एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया का ऐलान, गोल्ड डिफेंड करने की चुनौती

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का एशियन गेम्स 2026 के लिए ऐलान कर दिया गया है. चयन समिति ने सितंबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले इस बहु-खेल आयोजन के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की. टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी।  भारतीय टीम इस बार डिफेंडिंग चाम्पियन के रूप में मैदान में उतरेगी. पिछले एशियन गेम्स (2023) में चीन के हांगझोउ में भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था. ऐसे में इस बार टीम के सामने गोल्ड मेडल बचाने की चुनौती होगी।  टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा चेहरों को भी जगह मिली है. शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, रेणुका ठाकुर और राधा यादव जैसी खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं. वहीं जी. कमलिनी, भारती फुलमाली, श्री चरणी, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा को भी मौका दिया गया है।  हालांकि, ऑलराउंडर श्रेयांका पाटिल का चयन उनकी फिटनेस क्लियरेंस के अधीन रखा गया है. अगर उन्हें मेडिकल मंजूरी मिलती है, तभी वे टीम के साथ एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगी।  मेन्स क्रिकेट इवेंट के लिए क्या है क्वालिफिकेशन? छह में से पांच टीमों का फैसला ICC मेन्स टी20I रैंकिंग के आधार पर होगा. 31 दिसंबर 2026 तक अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ओशिनिया से सबसे ऊंची रैंकिंग वाली एक-एक टीम सीधे LA28 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेगी. मेजबान अमेरिका (USA) भी क्वालिफाई कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे 30 जून 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच किसी भी समय ICC मेन्स टी20I रैंकिंग में टॉप-15 में जगह बनानी होगी. यदि यूएसए टॉप-15 में जगह नहीं बना पाता, तो उसका ऑटोमैटिक स्थान उस महाद्वीप की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम को मिलेगा, जिसने 31 दिसंबर 2026 तक पहले से क्वालिफाई नहीं किया होगा।  आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी को खेल के इतिहास का बड़ा पड़ाव बताया. जय शाह कहते हैं, 'ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी हमारे खेल के लिए ऐतिहासिक पल है. यह दुनिया भर के खिलाड़ियों और प्रशंसकों तक क्रिकेट को पहुंचाने का शानदार अवसर है. नया क्वालिफिकेशन सिस्टम सभी सदस्य देशों को ओलंपिक तक पहुंचने का स्पष्ट रास्ता देता है।  आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता ने कहा कि नया क्वालिफिकेशन मॉडल प्रतिस्पर्धा और वैश्विक प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन बनाता है. संजोग कहते हैं, 'यह सिस्टम प्रतिस्पर्धा के स्तर को बनाए रखने के साथ दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. नया ओलंपिक क्वालिफायर इस सफर को और रोमांचक बनाएगा।  बता दें कि 1900 के पेरिस ओलंपिक में क्रिकेट भी हिस्सा था. अब 128 साल बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी हो रही है. महिला और पुरुष दोनों वर्गों में छह-छह टीमें खेलेंगी. हर टीम 15 खिलाड़ियों का स्क्वॉड चुन सकेगी. टीमों को तीन-तीन के दो ग्रुप्स में बांटा जाएगा.शीर्ष दो टीमें गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगी, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल के लिए भिड़ेंगी. कैलिफोर्निया के पोमोना स्थित फेयर प्लेक्स मैदान क्रिकेट मैचों की मेजबानी करेगा।  एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमलिनी (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, श्रेयांका पाटिल* (फिटनेस क्लियरेंस के अधीन), राधा यादव और नंदनी शर्मा.

वर्ल्ड कप 2026 में उलटफेर पर उलटफेर, ब्राजील आगे बढ़ा लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड्स हुए बाहर

ह्यूस्टन फीफा विश्व कप 2026 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही था- क्या 48 टीमों वाला टूर्नामेंट अपनी गुणवत्ता बचा पाएगा? आलोचकों का दावा था कि ज्यादा टीमें आएंगी, छोटे देशों की भरमार होगी और बड़े देशों की राह आसान हो जाएगी.  लेकिन नॉकआउट दौर के शुरुआती मुकाबलों ने इस धारणा को पूरी तरह पलट दिया है।  यह वर्ल्ड कप बड़ा जरूर हुआ है, लेकिन कमजोर नहीं. उल्टा, अब यह पहले से कहीं ज्यादा निर्दयी हो गया है. यहां सिर्फ बड़ा नाम होने से कोई सुरक्षित नहीं है. ब्राजील बच तो गया, लेकिन जर्मनी बाहर हो गया. नीदरलैंड्स भी घर लौट गया… और दुनिया ने साफ देख लिया कि अब फुटबॉल का पुराना शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है।  ब्राजील जीता नहीं… किसी तरह बच निकला ह्यूस्टन में पांच बार का विश्व चैम्पियन ब्राजील जापान के खिलाफ उस तरह नहीं खेला, जैसा उससे उम्मीद थी. मैच पर नियंत्रण रखने वाली टीम खुद दबाव में थी।  पहले हाफ में काइशू सानो ने जापान को बढ़त दिलाई. जापान ने अनुशासित डिफेंस, तेज काउंटर अटैक और बेखौफ फुटबॉल से ब्राजील को परेशान कर दिया।  कैसेमिरो ने बराबरी जरूर दिलाई, लेकिन उसके बाद भी ब्राजील का दबदबा नहीं दिखा. समय खत्म होने को था, अतिरिक्त समय लगभग तय था. तभी 95वें मिनट में गैब्रियल मार्टिनेली ने गोल कर ब्राजील को 2-1 से जीत दिलाई. 95वें मिनट तक ब्राजील सिर्फ मैच नहीं, अपनी प्रतिष्ठा भी बचाने की लड़ाई लड़ रहा था।  स्कोरलाइन जीत की थी, लेकिन कहानी बच निकलने की थी. जर्मनी… और पेनल्टी की बादशाहत भी खत्म अगर ब्राजील की जीत चेतावनी थी, तो जर्मनी की हार उसका सबसे बड़ा सबूत. चार बार की विश्व चैम्पियन जर्मनी ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन पराग्वे ने दिखा दिया कि नॉकआउट में इतिहास नहीं, सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन काम आता है।  जूलियो एनसिसो ने पराग्वे को बढ़त दिलाई. काई हैवर्ट्ज ने बराबरी कराई. इसके बाद मुकाबला धैर्य और अनुशासन का बन गया।  पेनल्टी शूटआउट में वही जर्मनी हार गया, जिसकी पहचान वर्षों तक पेनल्टी में अजेय रहने की रही थी. पराग्वे ने 4-3 से शूटआउट जीतकर विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।  मोरक्को ने फिर साबित किया… 2022 कोई इत्तेफाक नहीं था ग्रुप चरण में अपराजित रहने वाला नीदरलैंड्स भी खुद को सुरक्षित समझ रहा होगा।  लेकिन मोरक्को ने फिर वही किया, जो उसने कतर विश्व कप में किया था. उसने दिग्गज को उसकी ही उम्मीदों के बोझ तले दबा दिया. कोडी गाकपो के गोल के बाद लगा कि डच टीम जीत जाएगी. लेकिन इंजरी टाइम में इस्सा डियोप ने बराबरी कर दी. पेनल्टी शूटआउट में यासीन बुनू हीरो बने और मोरक्को ने एक और यूरोपीय महाशक्ति को बाहर का रास्ता दिखा दिया।  ये 'अपसेट' नहीं… फुटबॉल की नई हकीकत है अगर ये तीन नतीजे अकेले होते, तो इन्हें संयोग कहा जा सकता था. लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर कुछ और कहानी कह रही है।  ब्राजील ग्रुप चरण में मोरक्को से ड्रॉ खेला. स्पेन को केप वर्डे ने रोका. पुर्तगाल डीआर कांगो और कोलंबिया से बराबरी पर रहा. इंग्लैंड घाना के खिलाफ जीत नहीं सका. जापान अपराजित रहा. पराग्वे तीसरे स्थान से नॉकआउट में पहुंचा और फिर जर्मनी को बाहर कर दिया। यानी यह किसी एक रात का चमत्कार नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल के बदलते समीकरणों का ऐलान है. 48 टीमों वाला वर्ल्ड कप कमजोर नहीं… ज्यादा खतरनाक है. जिस विस्तार की आलोचना हो रही थी, वही अब इस विश्व कप की सबसे बड़ी ताकत बन गया है।  ज्यादा टीमों का मतलब सिर्फ ज्यादा मैच नहीं है. इसका मतलब है कि अब ज्यादा देशों को नॉकआउट तक पहुंचने का मौका मिल रहा है. और एक बार जब कोई टीम नॉकआउट में पहुंच जाती है, तो वहां नाम नहीं, सिर्फ 90 मिनट का प्रदर्शन मायने रखता है।  छोटी टीमें अब सिर्फ डिफेंड नहीं करतीं. वे रणनीति के साथ खेलती हैं, दबाव झेलती हैं, मौके का इंतजार करती हैं और फिर दिग्गजों को वहीं चोट पहुंचाती हैं, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है।  अब किसी की बारी हो सकती है… ब्राजील की 95वें मिनट की राहत, जर्मनी की विदाई और नीदरलैंड्स का पतन बाकी दिग्गजों के लिए साफ संदेश है. अब फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और पुर्तगाल के लिए भी संदेश साफ है- अगला शिकार कोई भी हो सकता है।  फीफा विश्व कप 2026 ने नया नियम लिख दिया है- मैच शुरू होने तक इतिहास आपके साथ होता है, उसके बाद सिर्फ आपका फुटबॉल।  ब्राजील बच गया. जर्मनी गिर गया. नीदरलैंड्स भी टूट गया.. और विश्व कप 2026 ने पूरी दुनिया को बता दिया- अब फुटबॉल में 'दिग्गज' जैसी कोई स्थायी उपाधि नहीं बची. हर नॉकआउट मैच में इतिहास फिर से लिखा जाएगा। 

विंबलडन 2026 में सेरेना विलियम्स की एंट्री, वाइल्ड कार्ड मिला; युवा प्रतिद्वंद्वी से होगी पहली टक्कर

लंदन  सात बार की विंबलडन चैंपियन अमेरिका की सेरेना विलियम्स चार साल बाद ग्रैंड स्लैम में वापसी करेंगी। टूर्नामेंट के पहले दौर में उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट से होगा। 44 वर्षीय सेरेना को आयोजकों ने वाइल्ड कार्ड दिया है और वह 2022 के बाद पहली बार विंबलडन में सिंगल्स मुकाबला खेलेंगी। सेरेना ने 2022 के अमेरिकी ओपन के बाद कहा था कि वह टेनिस से आगे बढ़ रही हैं। अब वापसी पर उनकी चुनौती आसान नहीं होगी, क्योंकि दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी माया जाइंट दो डब्ल्यूटीए खिताब जीत चुकी हैं, जिनमें पिछले साल ईस्टबार्न का ग्रास कोर्ट खिताब भी शामिल है। सबालेंका के सामने कोस्तोविच महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता प्राप्त एरिना सबालेंका अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया की क्वालीफायर तेओदोरा कोस्तोविच के विरुद्ध करेंगी। मौजूदा चैंपियन इगा स्वियातेक का सामना अमेरिका की टेलर टाउनसेंड से होगा। तीसरी वरीय स्वियातेक और दूसरी वरीय एलेना रिबाकिना एक ही हिस्से में हैं। रिबाकिना पहले दौर में फ्रांस की लोइस बोइसों से भिड़ेंगी। वहीं, पुरुष वर्ग में मौजूदा चैंपियन और शीर्ष वरीय इटली के यानिक सिनर सोमवार को सेंटर कोर्ट पर अपने अभियान की शुरुआत सर्बिया के मियोमिर केचमानोविच के विरुद्ध करेंगे। दूसरी वरीयता प्राप्त और हाल में फ्रेंच ओपन चैंपियन बने अलेक्जेंडर ज्वेरेव का मुकाबला बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स से होगा। निकला दिलचस्प ड्रॉ ड्रॉ में कई दिलचस्प मुकाबले भी सामने आए हैं। ब्रिटेन के जैक ड्रेपर का सामना छठी वरीयता प्राप्त अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज से होगा, जबकि 41 वर्षीय स्विट्जरलैंड के दिग्गज स्टान वावरिंका अपने आखिरी विंबलडन में पूर्व उपविजेता माटेओ बेरेटिनी से भिड़ेंगे। 39 वर्षीय नोवाक जोकोविक रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब की तलाश में पहले दौर में चीन के वू यीबिंग से खेलेंगे। यदि वह आगे बढ़ते हैं तो सेमीफाइनल में उनकी भिड़ंत सिनर से हो सकती है। सिनर के लिए पहले दौर में केचमानोविच आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं होंगे। सिनर बिना किसी ग्रास कोर्ट अभ्यास टूर्नामेंट के विंबलडन पहुंचे हैं और उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। फ्रेंच ओपन में वह दो सेट की बढ़त गंवाकर अर्जेंटीना के जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हार गए थे। हालांकि, कार्लोस अलकराज के चोट के कारण बाहर होने से सिनर को लगातार दूसरा विंबलडन खिताब जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। क्वार्टर फाइनल में उनका संभावित मुकाबला आठवीं वरीयता प्राप्त दानिल मेदवेदेव से हो सकता है। हालांकि मेदवेदेव को पहले ही दौर में पूर्व उपविजेता मारिन चिलिच से कड़ी चुनौती मिलेगी।

ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी, पुरुष और महिला वर्ग में छह-छह टीमें खेलेंगी

नई दिल्ल  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने सोमवार को लास एंजिलिस-2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन की घोषणा कर दी है। इन खेलों के साथ ही क्रिकेट की ओलंपिक में लंबे अंतराल बाद वापसी हो रही है। इसके लिए पहली बार आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर का आयोजन किया जाएगा। आईसीसी ने बयान जारी कर बताया है कि पुरुष और महिला दोनों वर्ग में छह-छह देश हिस्सा लेंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ओसनिया को निश्चित तौर पर जगह मिलेगी। ऐसा होगा क्वालिफिकेशन हर इवेंट के लिए पांच क्वालिफिकेशन जगह आईसीसी के मौजूदा टूर्नामेंट्स और टी20 रैंकिंग के आधार पर तय की जाएंगी और ये मौजूदा एफटीपी के हिसाब से होगा जो पहले से ही मंजूर किया जा चुका है। वहीं छठे और आखिरी स्थान का फैसला नए आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर से होगा जो 2027 में होगा। इस समय खेले जा रहा आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप-2026 से एक स्थान पक्का हो गया है। ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड), भारत और साउथ अफ्रीका ने एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ओसनिया से उच्च रैंकिंग के आधार पर क्वालिफाई कर लिया है। ये जगह एक उपमहाद्वीप के आधार पर तय हुई हैं। वेस्टइंडीज को नहीं मिलेगा मौका इन खेलों में वेस्टइंडीज की टीम दिखाई नहीं देगी और न ही उसे कोटा मिलेगा क्योंकि वह एक ऐसा आईसीसी सदस्य है जिसमें कई कैरिबियन देश हैं जो आईओसी से नेशनल ओलंपिक कमेटी (एनओसी) के तौर पर मान्यता प्राप्त नहीं हैं। अगर उनकी पुरुष और महिला टीम 31 दिसंबर 2026 तक रैंकिंग में शीर्ष आठ टीमों में शामिल रहती है तो इसके लिए अलग से एक कैरिबियन क्वालिफायर इवेंट कराया जाएगा जिससे ये तय होगा कि कौनसी एनओसी आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर में हिस्सा लेगी। जहां तक अमेरिका की बात है तो वह बतौर मेजबान के तौर पर क्वालिफाई करेगा और पुरुष तथा महिला इवेंट दोनों में खेलेगा। अगर अमेरिका महिला टीम सभी पैमानों पर खरी नहीं उतरती है तो फिर ये जगह क्वालिफाई नहीं कर पाए देशो में एक मार्च 2027 तक सबसे ऊंची रैंकिंग रखने वाली टीम को दी जाएगी। अमेरिका की पुरुष टीम के साथ भी यही होगा बस रैंकिंग की तारीख एक मार्च की जगह 31 दिसंबर 2026 होगी। पुरुष वर्ग में बाकी की जगह आईसीसी टी20 रैंकिंग के हिसाब से तय होंगी। दोनों वर्गों में आखिरी स्थान आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर 2027 से तय होगा जिसमें आठ देश हिस्सा लेगे। इस टूर्नामेंट की तारीखें जल्दी ही सामने आएंगी। ऐसा होगा फॉर्मेट आईसीसी ने बताया है कि जो देश ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगे उनको तीन-तीन टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी। वहीं दो मैच दूसरे ग्रुप की उन टीमों से खेलेगी जो समान स्थान पर नहीं होंगी। टॉप-2 टीमें गोल्ड और सिल्वर के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी। पुरुष और महिला वर्ग में मिलाकर कुल 28 मैच खेले जाएंगे। ये सभी मैच पोमोना में क्रिकेट के लिए बनाए गए खास स्टेडियम में होंगे।

ऑफ-16 में बनाई जगह, रचा बड़ा उलटफेर Canada vs South Africa Highlights: कनाडा की शानदार जीत, दक्षिण अफ्रीका को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में एंट्री

लॉस एंजिल्स हाल की FIFA वर्ल्ड रैंकिंग में 30वें स्थान पर मौजूद कनाडा टीम पहली बार वर्ल्ड कप के लास्ट-16 में पहुंच गई है. उन्होंने 29 जून को टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से मात दी।  स्टीफन यूस्टाकियो के आखिरी पलों में गोल करके को-होस्ट कनाडा को अगले राउंड में पहुंचा दिया. जहां अब उनका सामना ह्यूस्टन स्टेडियम में नीदरलैंड्स-मोरक्को मैच की विजेता से होगा।  प्रतिभाशाली और जोश से भरी दक्षिण अफ्रीका टीम के खिलाफ यह एक कड़ा मुकाबला था, लेकिन कनाडा ने पूरे मैच में बेहतर मौके बनाए और यूस्टाकियो ने स्टॉपेज-टाइम में विजयी गोल दागा।  यूस्टाकियो ने स्टॉपेज-टाइम में शानदार गोल दागा इनमें से कोई भी टीम पहले कभी नॉकआउट चरण में नहीं पहुंची थी. कनाडा ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में पहले ही कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर ली थीं, जिनमें FIFA वर्ल्ड कप में अपना पहला पॉइंट और पहली जीत हासिल करना शामिल है. अब, राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की करने के बाद, कनाडा के पास अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और विश्व मंच पर खुद को और मजबूत करने का मौका है।  स्टॉपेज टाइम में हारा दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अफ्रीका ने लॉस एंजिल्स स्टेडियम में पहले हाफ में कुछ बेहतरीन खेल दिखाए, लेकिन आखिरी बॉल पर वे चूक गए. हाफ-टाइम से ठीक पहले दक्षिण अफ्रीका को दो बार गोल करने से रोका गया. ऑब्रे मोदिबा ने मोइस बॉम्बिटो के हेडर को गोल-लाइन से दूर किया, जबकि रोनवेन विलियम्स ने शानदार बचाव करते हुए ताजोन बुकानन को गोल करने से रोका।  FIFA वर्ल्ड कप: दक्षिण अफ्रीका टूर्नामेंट से हूई बाहर मैच दोबारा शुरू होने के बाद कनाडा ने फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया. तानी ओलुवासेयी के शॉट को विलियम्स ने शानदार ढंग से रोका, और इससे पहले कि अटैकर रिबाउंड पर गोल कर पाता, मबेकेजेली मबोकाजी ने गेंद को पीछे धकेल दिया।  75वें मिनट में जब अल्फोंसो डेविस मैदान पर उतरे तो दर्शकों का उत्साह बढ़ गया. उन्होंने अपनी गति और चालाकी से दक्षिण अफ्रीका के लिए खतरा पैदा किया. हालांकि, यूस्टाकियो ने ही मैच का फैसला किया. उन्होंने स्टॉपेज टाइम में बॉक्स के किनारे पर उछलती हुई गेंद को सही ढंग से नियंत्रित किया और निचले कोने में गोल दाग दिया।  सबसे उम्रदराज कोच दक्षिण अफ्रीका पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने के बाद गर्व के साथ घर लौटेगा. इसके साथ दक्षिण अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस, 74 साल और 79 दिन की उम्र में, नॉकआउट चरण के इतिहास में सबसे उम्रदराज कोच बन गए. इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑस्कर टबारेज के नाम था, जो 2018 के क्वार्टर फाइनल में उरुग्वे की टीम को आगे ले जाते समय 71 साल के थे।  टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 का दूसरा मैच आज रात 10:30 बजे जापान और ब्राजील के बीच खेला जाएगा।