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BCCI का बड़ा फैसला, अफगानिस्तान सीरीज के लिए हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी

 चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के आख‍िरी  मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ी राहत मिली है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले के लिए तेज गेंदबाज हर्षित राणा को टीम में शामिल करने का ऐलान किया है. दोनों टीमों के बीच सीरीज का आखिरी मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा।  शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम फिलहाल सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाए हुए है. ऐसे में अंतिम मुकाबले से पहले हर्षित राणा की वापसी टीम के लिए अतिरिक्त मजबूती लेकर आई है।  चोट के कारण लंबे समय से बाहर थे हर्षित हर्षित राणा फरवरी 2026 के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर थे. उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेले गए एक वॉर्म-अप मैच के दौरान चोट लग गई थी. चोट इतनी गंभीर थी कि वह पूरे आईपीएल सीजन से भी बाहर हो गए थे।  हालांकि अब उन्होंने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में अपना रिहैबिलिटेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसके बाद सेलेक्शन कमेटी ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल करने का फैसला किया।  BCCI ने जारी किया आधिकारिक बयान बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मेन्स सेलेक्शन कमेटी ने हर्षित राणा को तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया है. राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना र‍िहैब पूरा कर लिया है और अब वह चेन्नई में टीम के साथ जुड़ चुके हैं।  तीसरे वनडे के लिए भारत का अपडेटेड स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे, यशस्वी जायसवाल और हर्षित राणा।  हर्षित राणा की वापसी भारतीय टीम के लिए अहम मानी जा रही है. युवा तेज गेंदबाज अपनी अतिरिक्त गति और आक्रामक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं. अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या उन्हें चेन्नई वनडे की प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है या नहीं। 

लियोनेल मेसी के पास वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का मौका, एक गोल से रच देंगे फीफा वर्ल्ड कप में नया इतिहास

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने पूरे शबाब पर पहुंच चुका है और दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में तहलका मचा दिया है. अर्जेंटीना के कप्तान मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ मैच में शानदार हैट्रिक गोल दागकर साफ संकेत दे दिए हैं कि वे इस विश्व कप में किस इरादे से उतरे हैं. मेसी के इस जादुई प्रदर्शन ने एक बार फिर फुटबॉल जगत में 'गोट' (GOAT – सर्वकालिक महान खिलाड़ी) की बहस पर विराम लगा दिया है।  200वें मैच में 118वां अंतरराष्ट्रीय गोल विश्व चैंपियन कप्तान लियोनेल मेसी भले ही अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं, लेकिन मैदान पर 38 साल की उम्र में भी उनमें 18 साल के युवा खिलाड़ी जैसा जोश और फुर्ती नजर आ रही है. अल्जीरिया के खिलाफ खेला गया यह मुकाबला मेसी के करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच था, जिसे उन्होंने बेहद यादगार बना दिया. मैच के 17वें मिनट में ही विपक्षी डिफेंडर्स और गोलकीपर को छकाते हुए मेसी ने एक पावरफुल शॉट मारा जो सीधे नेट में गया. इस गोल के साथ मेसी ने अपने करियर का 118वां अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज किया. इसके बाद मेसी का जलवा जारी रहा और उन्होंने मैच के 60वें मिनट में अपना दूसरा और फिर 76वें मिनट में तीसरा गोल दागकर अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की।  क्लोजे के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, अब इतिहास रचने से 1 कदम दूर इस धमाकेदार हैट्रिक के साथ ही लियोनेल मेसी ने फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने के जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. वर्ल्ड कप में अब मेसी के नाम भी कुल 16 गोल दर्ज हो गए हैं. अगले मैच में मैदान पर उतरते ही मेसी के पास सिर्फ 1 गोल करते ही इस महा-रिकॉर्ड को तोड़ने का सुनहरा मौका होगा, जिसे करते ही वो विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बन जाएंगे।  फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल दागने वाले टॉप-5 फुटबॉलर मिरोस्लाव क्लोजे (जर्मनी) – 16 गोल लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) – 16 गोल रॉनल्डो नाजारियो (ब्राजील) – 15 गोल किलियन एम्बापे (फ्रांस) – 14 गोल गेर्ड मुलर (जर्मनी) – 14 गोल

IPL 2027 की संभावित तारीखों का खुलासा, 10 मार्च से आगाज के संकेत; BCCI सचिव का बड़ा बयान

मुंबई  देश के ज्यादातर हिस्सों में मई के महीने में पड़ने वाली भीषण गर्मी और मौसम के बदलते मिजाज से खिलाड़ियों और दर्शकों को बचाने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. बीसीसीआई अगले साल से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को तय समय से थोड़ा पहले शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने पीटीआई (PTI) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में खुलासा किया कि बीसीसीआई भविष्य के आईपीएल सीज़नों के लिए 10 मार्च से 15 मई के बीच की समय-सीमा (विंडो) को ध्यान में रखकर योजना बना रहा है।  इंटरनेशनल कैलेंडर के चलते मैचों की संख्या 74 ही रहेगी बीसीसीआई सचिव ने शेड्यूल में बदलाव की बात तो कही, लेकिन इसके साथ ही यह भी पूरी तरह साफ कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर की व्यस्तताओं और पाबंदियों के कारण आईपीएल के मैचों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. मैचों की कुल संख्या 74 ही बनी रहेगी और इसे बढ़ाकर 94 करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है. आमतौर पर देखा जाए तो आईपीएल मार्च के आखिरी हफ्ते में शुरू होकर मई के बिल्कुल अंत तक चलता है, लेकिन सैकिया का मानना है कि टूर्नामेंट को थोड़ा पहले शुरू करने से मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ियों और पैसा खर्च करके स्टेडियम आने वाले दर्शकों, दोनों को ही बड़ी राहत मिलेगी।  मई के आखिरी हफ्ते की गर्मी और प्री-मानसून बनी वजह इंटरव्यू के दौरान देवजीत सैकिया ने इस फैसले के पीछे की वजह समझाते हुए कहा, "इस साल आईपीएल लगभग 28 या 29 मार्च को शुरू हुआ था और इसका समापन 31 मई को हुआ. हम इस बात पर लगातार चर्चा कर रहे हैं कि टूर्नामेंट के आखिरी दिनों में यानी 15 मई के बाद देश के कई हिस्सों में अचानक बारिश होने लगती है या प्री-मानसून सीजन दस्तक दे देता है, जिससे मैच प्रभावित होते हैं. दूसरी तरफ, मई के अंत में गर्मी का पारा भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जो न तो खिलाड़ियों की फिटनेस के लिए अच्छा है और न ही स्टैंड्स में बैठकर मैच देख रहे प्रशंसकों के लिए आरामदायक होता है।  शेड्यूल को दो हफ्ते पहले खिसकाने पर चल रही है चर्चा सैकिया ने आगे बताया कि बीसीसीआई मई के अंतिम दिनों में होने वाले बढ़ते तापमान और तपिश के प्रभाव को कम करने के लिए पूरे टूर्नामेंट के शेड्यूल को करीब दो हफ्ते पहले खिसकाने की रणनीति पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से बीसीसीआई और हमारी आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के बीच यह बातचीत चल रही है कि क्या हम टूर्नामेंट को मार्च के आखिरी हफ्ते के बजाय मार्च की शुरुआत में ला सकते हैं, ताकि सीजन का समापन मई के मध्य तक आसानी से किया जा सके।  सैकिया ने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों और फ़ैन्स से IPL मैचों के दौरान भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में गर्मी को लेकर शिकायतें भी मिली हैं. "मुझे फ़ैन्स और खिलाड़ियों से बहुत सी शिकायतें मिल रही हैं, क्योंकि सभी खिलाड़ी इतनी गर्मी में खेलने के लिए तैयार या अभ्यस्त नहीं होते हैं. उन्होंने कहा, "इसलिए, टूर्नामेंट के लिए अच्छा माहौल बनाने के लिए हम इसे 15 मई तक खत्म करना चाहते हैं. अभी हमारा पहला लक्ष्य यही है, और अगले साल होने वाले IPL के 20वें एडिशन के लिए यही मुख्य चिंता का विषय है, जो एक बड़ा इवेंट होगा। उन्होंने कहा, "आने वाले सालों में क्या स्थिति होगी, यह मुझे नहीं पता, लेकिन अभी मुझे इसे 74 से बढ़ाकर 94 करने की कोई संभावना नहीं दिखती, क्योंकि इसके लिए न सिर्फ़ भारत के बारे में सोचना होगा, बल्कि ICC के दूसरे क्रिकेट खेलने वाले देशों, खासकर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, साउथ अफ़्रीका और वेस्ट इंडीज़ के खिलाड़ियों के हितों का भी ध्यान रखना होगा।  "हम बाइलेटरल मैचों और दूसरे मल्टी-कंट्री टूर्नामेंट्स को भी खराब नहीं करना चाहते." सैकिया इस बात से संतुष्ट थे कि वेस्ट एशिया में संकट के बावजूद BCCI इस साल IPL का 19वां एडिशन सफलतापूर्वक पूरा कर पाया. साइकिया ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय घरेलू टूर्नामेंट मार्च के पहले हफ़्ते तक खत्म हो जाएं, यह सुनिश्चित करना क्यों ज़रूरी है।  उन्होंने कहा, "अगर आप हमारे घरेलू क्रिकेट को देखें, तो यह एक मज़बूत सिस्टम है. हम अगस्त के आखिर में ईरानी ट्रॉफ़ी और दूसरे मैचों के साथ शुरुआत करते हैं और यह रणजी ट्रॉफ़ी फ़ाइनल तक चलता है, जो मार्च के महीने में होता है. हमारे घरेलू क्रिकेट का सीज़न पहले से ही लगभग 7-8 महीने लंबा होता है. हमें कुछ मैचों को इस तरह से एडजस्ट करना होगा कि घरेलू क्रिकेट 10 मार्च तक खत्म हो जाए, ताकि हम तुरंत (IPL) शुरू कर सकें। 

भारतीय हॉकी में नया रिकॉर्ड: मनप्रीत सिंह ने दिलीप तिर्की का 412 मैचों का रिकॉर्ड तोड़ा

 नई दिल्ली  भारतीय हॉकी टीम के लिए दिग्गज खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वे अब टीम इंडिया के लिए सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ये उपलब्धि एफआईएच हॉकी प्रो लीग में नीदरलैंड्स के खिलाफ दी। इस मौके पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है और 10 लाख रुपए की राशि देने का भी एलान किया है। मिडफील्ड के स्टार खिलाड़ी ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अपना 413वां मुकाबला खेला और इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही मनप्रीत ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिलीप तिरके का रिकॉर्ड तोड़ा है, जो वर्तमान में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। 2011 में 19 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 सालों से भारतीय हॉकी टीम के लिए रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं। मनप्रीत सिंह ने तोड़ा दिलीप तिरके का रिकॉर्ड मनप्रीत सिंह ने पूर्व कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिरके के 412 मैचों के रिकॉर्ड को पार कर लिया। यह उपलब्धि नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 मैच के दौरान हासिल हुई। हॉकी इंडिया ने इस बड़ी उपलब्धि पर मनप्रीत को बधाई दी और उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। मनप्रीत ने 2011 में किया था डेब्यू 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 साल से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। वे मैदान पर कभी थकते नहीं दिखते। तेजी, नेतृत्व और निरंतरता के लिए मशहूर मनप्रीत ने भारतीय हॉकी को दुनिया के नक्शे पर फिर से मजबूती से जगह दिलाई है। अब 33 साल के मनप्रीत विश्व हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा कैप्स की सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल चार खिलाड़ी हैं। वे दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। मनप्रीत को अब तक मिल चुके हैं कई पुरस्कार मनप्रीत सिंह की यात्रा चुनौतियों और सफलताओं से भरी रही है। लंदन 2012 ओलंपिक में पहला अनुभव कठिन रहा, लेकिन टोक्यो 2021 में उन्होंने टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद पेरिस 2024 में भी टीम को लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मिला। उनके नाम एशियन गेम्स 2014 और 2022 में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। मिथापुर, जालंधर से आने वाले मनप्रीत को 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। मनप्रीत सिंह ने जताई खुशी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मनप्रीत ने कहा, "भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सबसे बड़ा सम्मान रहा है। इस मुकाम तक पहुंचकर मैं बेहद खुश हूं।" उन्होंने आगे कहा, "यह उपलब्धि अपने सभी साथी खिलाड़ियों को समर्पित करता हूं। हॉकी इंडिया का हर कदम पर सहयोग मिला। मेरी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों ने बिना शर्त साथ दिया। वे ही मेरी ताकत हैं।"  

इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट में रोमांच: बाउंसरों के बीच फिलिप्स का जुझारू अर्धशतक करीब

नई दिल्ली द ओवल मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच एक बेहद कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दिन के आखिरी सेशन में जब इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर अपनी रफ्तार से कहर बरपा रहे थे तब कीवी ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स ने उनका डटकर सामना किया। ढलती दोपहर की धूप में चश्मा (सनग्लासेस) पहनकर बल्लेबाजी कर रहे फिलिप्स को आर्चर की एक तीखी बाउंसर सीधे जा लगी लेकिन उन्होंने दर्द को छुपाते हुए मुस्कुराकर अपनी टीम के ड्रेसिंग रूम की तरफ थंब्स-अप (अंगूठा) दिखाया जो पहले दिन का सबसे यादगार पल बन गया। ग्लेन फिलिप्स अपनी टीम के लिए खड़े रहे मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी रही लेकिन उसके टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। टॉम ब्लंडेल ने एक जुझारू अर्धशतक जमाया जबकि डेरिल मिचेल और रचिन रविंद्र ने भी उपयोगी योगदान दिया। हालांकि, नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण मेहमान टीम मैच पर पूरी तरह शिकंजा नहीं कस सकी। ऐसे में निचले मध्यक्रम में ग्लेन फिलिप्स की पारी न्यूजीलैंड के लिए संकटमोचक साबित हुई। जोफ्रा आर्चर ने किया परेशान दूसरी तरफ, इंग्लैंड के युवा गेंदबाजी आक्रमण ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। अपना पहला टेस्ट खेल रहे सोनी बेकर ने अपनी लाइन-लेंथ से प्रभावित किया, जबकि जैकब बेथेल ने शाम के सत्र में दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर इंग्लैंड की मैच में वापसी कराई। इसके बावजूद, पूरी पारी के दौरान जोफ्रा आर्चर ही आकर्षण का केंद्र रहे जिन्होंने अपनी शॉर्ट-पिच गेंदों से कीवी बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ली। फिफ्टी के करीब हैं फिलिप्स आर्चर और फिलिप्स के बीच की जंग ने टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक रोमांच को जीवंत कर दिया। आर्चर लगातार अपनी गति और आक्रामकता से फिलिप्स को छका रहे थे और उन्हें बत्तख की तरह झुकने पर मजबूर कर रहे थे। लेकिन फिलिप्स ने भी हार नहीं मानी और शरीर पर गेंदें झेलने के बावजूद क्रीज पर डटे रहे। उन्होंने न सिर्फ आर्चर के बाउंसरों के तूफान को झेला बल्कि न्यूजीलैंड की पारी को बिखरने से भी बचाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक ग्लेन फिलिप्स 49 रन बनाकर नाबाद लौटे और वह अपने अर्धशतक से महज एक रन दूर हैं। चोटों और दर्द के बावजूद चश्मा पहनकर मुस्कुराते हुए आर्चर का सामना करने के उनके अनोखे अंदाज ने ओवल के मैदान पर मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।

महिला एफआईएच नेशंस कप: उरुग्वे पर रोमांचक जीत, ग्रुप टॉपर बनकर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी टीम ने महिला एफआईएच नेशंस कप 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने अंतिम पूल मुकाबले में उरुग्वे को 3-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और खिताब की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया। मैच की सबसे बड़ी स्टार रहीं दीपिका जिन्होंने 2 गोल दागकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। चुनौतीपूर्ण रही भारत की शुरुआत पहले क्वार्टर में टीम इंडिया को दिक्कत का सामना करना पड़ा था। उरुग्वे ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 13वें मिनट में गोल दागा और 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। शुरुआती गोल के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया। लेकिन खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और लगातार आक्रमण जारी रखा। दूसरे क्वार्टर में भारत को बराबरी करने का मौका मिला। टीम की प्रमुख फॉरवर्ड दीपिका ने शानदार फिनिश के साथ 24वें मिनट में गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल ने भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। तीसरे क्वार्टर में भारत का दबदबा तीसरे क्वार्टर में भारत ने बढ़त हासिल कर ली। दीपिका सोरेंग ने 43वें मिनट में बेहतरीन मूव को गोल में बदलते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया। भारतीय टीम इसके बाद लगातार दबाव बनाती रही और उरुग्वे को ज्यादा मौके नहीं दिए। हालांकि चौथे और अंतिम क्वार्टर में मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। उरुग्वे की ओर से विलार मैनुएला ने 55वें मिनट में गेद को गोल पोस्ट में डालकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रॉ की ओर बढ़ सकता है। 1 मिनट में दीपिका ने बदला खेल भारत की स्टार खिलाड़ी दीपिका ने एक बार फिर कमाल दिखाया। उरुग्वे के बराबरी के गोल के महज एक मिनट बाद दीपिका ने शानदार गोल दागकर भारत को 3-2 की बढ़त दिला दी। अंतिम मिनटों में भारतीय टीम ने मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और उरुग्वे को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। निर्धारित समय समाप्त होने तक भारत ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने ग्रुप चरण का समापन शीर्ष स्थान पर किया। टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है और अब उसकी नजरें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाने पर होंगी।  

मैदान पर भारी पड़ी गलती! वैभव सूर्यवंशी की आधी मैच फीस कटी, अन्य खिलाड़ी भी हुए दंडित

नई दिल्ली भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच दांबुला में 15 जून को खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले के बाद हुए विवाद में श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलम्बगे और वैभव सूर्यवंशी पर कार्रवाई की गई है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच रेफरी प्रदीप जेयप्रकाश ने हलम्बगे को वैभव सूर्यवंशी को उकसाने और मैदान पर तनाव बढ़ाने का दोषी माना है. विशेन हलम्बगे और वैभव सूर्यवंशी की 50 प्रतिशत मैच फीस काटी गई है।  वहीं भारत-ए के कप्तान तिलक वर्मा की मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगा है. श्रीलंका-ए के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगा है।  यह विवाद उस समय हुआ जब सुपर ओवर में रोमांचक जीत के बाद श्रीलंका-ए के खिलाड़ियों और भारत-ए के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस हो गई थी।  वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में मौजूदा त्रिकोणीय सीरीज में अपने बल्ले से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वैभव ने 4 मैचों में महज 117 रन ही बनाए हैं।  मामला इतना बढ़ गया कि दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली थी. ओर बात हाथापाई तक पहुंच गई थी. इंडिया-ए यह मुकाबला सुपर ओवर में हार गया था. यह घटना सुपर ओवर में बेहद तनावपूर्ण मुकाबले के बाद हुई थी।  भारत-ए के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने सूर्यवंशी का बचाव करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी इस घटना से सीखेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों को भी मैदान पर व्यवहार को लेकर शिक्षित किया जाना चाहिए।  वैभव सूर्यवंशी श्रीलंका में इस त्रिकोणीय सीरीज में अपने बल्ले से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वैभव ने 4 मैचों में महज 117 रन ही बनाए हैं। 

बल्ले और गेंद से चमकी इंडिया A, तिलक-प्रियांश के धमाके के बाद निशांत सिंधु ने अफगानों की उड़ाई धज्जियां

  दांबुला श्रीलंका A के खिलाफ सुपर ओवर में दिल तोड़ने वाली हार झेलने के दो दिन बाद इंडिया A ने जोरदार वापसी की. दांबुला में बुधवार (17 जून) को खेले गए 'करो या मरो' के मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान A को 101 रन से हराकर त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल (21 जून) में जगह पक्की कर ली. इंड‍िया ए के सामने सिर्फ जीत हासिल करने की चुनौती नहीं थी, बल्कि नेट रन रेट के समीकरण के तहत अफगानिस्तान को 236 रन के भीतर रोकना भी जरूरी था. टीम ने दोनों काम शानदार अंदाज में पूरे किए।  पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया A ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 319 रन बनाए. कप्तान तिलक वर्मा, प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र ने अर्धशतक जड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में अफगानिस्तान A की टीम 36.5 ओवर में 218 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत की जीत के हीरो रहे बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर निशांत सिंधु, जिन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट झटके।  अफगानिस्तान के कप्तान इमरान मीर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और शुरुआती ओवरों में वैभव सूर्यवंशी को खूब परेशान किया. 15 वर्षीय बल्लेबाज पहले ही गेंद पर बीट हुए. दूसरे ओवर में उन्हें जीवनदान मिला, जब पॉइंट पर लिया गया शानदार कैच टीवी अंपायर ने ग्राउंड टच होने की संभावना के चलते नॉट आउट करार दिया. अगले ही ओवर में शॉर्ट फाइन लेग पर उनका एक और कैच छूट गया. उस समय वह सिर्फ 7 रन पर थे।  हालांकि सूर्यवंशी ने इन मौकों का फायदा उठाते हुए कुछ आक्रामक शॉट लगाए. उन्होंने अब्दुल्लाह अहमदजई और फरीदून दावूदजई की गेंदों पर दो शानदार छक्के जड़े. भारत की पारी में लगे तीन छक्कों में से दो उनके बल्ले से निकले. लेकिन आठवें ओवर में दावूदजई की शॉर्ट गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह पॉइंट पर कैच दे बैठे. उन्होंने 38 रन बनाए और गेंदबाज ने उनका विकेट लेने के बाद फिंगर-ऑन-द-लिप्स सेलिब्रेशन किया।  प्रभसिमरन सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में आए प्रियांश आर्य शुरुआत से ही शानदार लय में दिखे. अफगान गेंदबाजों ने ऑफ स्टंप के बाहर लगातार गेंदें फेंकी आर्य ने इसका पूरा फायदा उठाया. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. 15वें ओवर में फारमनुल्लाह ने उन्हें पॉइंट पर कैच आउट कराया. आर्य ने 58 रन बनाए और जब वह आउट हुए तब भारत का स्कोर 115 रन था।  इसके बाद पहली बार इस सीरीज में खेल रहे कुमार कुशाग्र ने कप्तान तिलक वर्मा के साथ पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की. गुजरात टाइटन्स  के लिए आईपीएल 2026 में सिर्फ एक मैच खेलने वाले कुशाग्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए ड्राइव, स्वीप और फुटवर्क का बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने 67 गेंदों में 58 रन बनाए. हालांकि आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में दावूदजई ने उन्हें बोल्ड कर दिया।  तिलक वर्मा ने शुरुआत में संयम दिखाया. एक समय वह 15 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने रफ्तार बढ़ाई और 67 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. यह इस सीरीज में उनकी चार पारियों में तीसरी फिफ्टी रही. ऋतुराज गायकवाड़ के 30 रन पर आउट होने के बाद तिलक ने मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभाली और स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करते हुए पारी को आगे बढ़ाया. उनके 59 रन भारत के बड़े स्कोर की नींव बने।  तिलक के आउट होने के बाद भारत की रनगति थोड़ी धीमी पड़ी, लेकिन निशांत सिंधु और विप्र निगम की उपयोगी पारियों ने टीम को 319 रन तक पहुंचा दिया. अफगानिस्तान की ओर से फारमनुल्लाह और अब्दुल्लाह अहमदजई ने दो-दो विकेट लिए।  कैसा रहा अफगान‍िस्तान का रनचेज  320 रन के टारगेट का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने शुरुआत में मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा. यश ठाकुर और अंशुल कंबोज ने दोनों ओपनरों को पवेलियन भेजा, लेकिन कप्तान इमरान मीर ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर 32 रन बनाए. पावरप्ले के आखिरी ओवर में निशांत सिंधु ने उन्हें स्लॉग स्वीप के प्रयास में आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।  इसके बाद बाहिर शाह और फैसल शिनोजाजा ने चौथे विकेट के लिए 76 गेंदों में 87 रन जोड़कर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं. दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और 25वें ओवर तक स्कोर 3 विकेट पर 157 रन पहुंचा दिया।  यहीं से मैच का रुख बदल गया. बाएं हाथ के स्पिनर ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने फैसल शिनोजाजा को 46 रन पर अपना ही कैच पकड़कर आउट किया और भारत को वापसी का मौका दिलाया. बाहिर शाह ने 52 गेंदों पर 57 रन बनाकर अर्धशतक पूरा किया, लेकिन विपराज निगम ने अपनी लेग स्पिन से उनका विकेट लेकर अफगानिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया।  इसके बाद निशांत सिंधु ने पुराने गेंद के साथ अफगानिस्तान की निचली बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया. उन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि यश ठाकुर ने 2 विकेट झटके. विपराज निगम और अनुकूल रॉय ने भी महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं. नतीजा यह रहा कि 157/3 की मजबूत स्थिति में दिख रही अफगानिस्तान A की टीम अगले 61 रन के भीतर अपने बाकी सात विकेट गंवा बैठी और 218 रन पर सिमट गई।  101 रन की इस बड़ी जीत के साथ इंडिया A ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी. सुपर ओवर की निराशा के बाद भारतीय टीम ने जिस अंदाज में वापसी की, उसने फाइनल से पहले उसके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे दी है।   

शुभमन गिल और ईशान किशन का धमाका, अफगानिस्तान पर बड़ी जीत के साथ Team India ने जीती सीरीज

लखनऊ  टीम इंडिया ने बुधवार को दूसरे वनडे में अफगानिस्तान के परखच्चे उड़ा दिए। भारत ने लखनऊ के मैदान पर 170 रनों से दमदार जीत हासिल की। शुभमन गिल और ईशान किशन ने 'शतकीय बम' फोड़े, जिससे भारत ने 403 रन का विशाल टारगेट दिया। जवाब में अफगानिस्तान टीम 44.3 ओवर में 232 रन ही जुटा सकी। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड आउट हुए। अफगानिस्तान की ओर से सर्वाधिक रन रहमत शाह (89 गेंदों में 79, आठ चौके) ने बनाए। भारत के लिए गुरनूर बराड़ और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन शिकार किए। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव को दो सफलता मिली। वॉशिंगटन सुंदर ने एक विकेट हासिल किया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने सधी हुई शुरुआत की। रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने पहले विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी की। गुरनूर बराड़ ने आठवें ओवर में गुरबाज का शिकार किया। उन्होंने 33 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 41 रन बनाए। अर्शदीप सिंह ने 14वें ओवर में इब्राहिम जादरान (31 गेंदों में 21) को पवेलियन भेजा। वॉशिंगटन सुंदर ने 24वें ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (50 गेंदों में 42) को एलबीडब्ल्यू किया। उन्होंने रहमत शाह के संग तीसरे विकेट के लिए 47 रनों की साझेदारी की। दरविश रसूली (6) रिटायर्ड हर्ट हो गए हैं। गुरनूर ने 26वें ओवर में कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (4) को बोल्ड किया। डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने 31वें ओवर में नांगेयालिया खरोटी (6) को बोल्ड किया। राशिद खान (12), सलीम सफी (9) और अल्लाह गनजफर (1) सस्ते में लौटे। प्रिंस ने रहमत शाह को गुरनूर के हाथों लपकवाया और अफगानिस्तान की पारी को समेटा। इससे पहले, भारतीय टीम 49.5 ओवर में 402 पर सिमटी। शुभमन गिल और ईशान किशन ने अफगानी गेंदबाजों को कूटा। दोनों ने शतकीय पारी खेली। भारत ने आठवीं बार वनडे क्रिकेट में 400 रनों का आंकड़ा पार किया है। अफगानिस्तान के लिए नांगेयालिया खरोटी ने चार और राशिद खान ने तीन विकेट चटकाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। यशस्वी जायसवाल मौके को भुना नहीं पाए। उन्होंने 9 गेंदों में 4 रन बनाए और दूसरे ओवर में सलीम सफी का शिकार बने। इसके बाद, रोहित शर्मा ने शुभमन के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की। रोहित दो रन से फिफ्टी से चूक गए। उन्होंने 39 गेंदों में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 48 रन बटोरे। उन्हें राशिद ने 14वें ओवर में बोल्ड किया। शुभमन ने ईशान किशन के साथ बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की साझेदारी की। ईशान ने 79 गेंदों में 125 रन जुटाए, जिसमें 14 चौके और सात छक्के हैं। उन्हें नांगेयालिया खरोटी ने 37वें ओवर में पवेलियन भेजा। खरोटी ने 43वें ओवर में शुभमन और केएल राहुल का शिकार किया। गिल ने 110 गेंदों में 22 चौकों और दो छक्कों की मदद से 154 रन बटोरे। राहुल का खाता नहीं खुला। खरोटी ने 45वें ओवर में श्रेयस अय्यर (24 गेंदों में 26) को आउट किया। गुरनूर बराड़ (3) और अर्शदीप सिंह (3) दहाई अंक में नहीं पहुंचा जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 19 गेंदों में 19 रन का योगदान दिया। प्रिंस यादव (5) भारत की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर रहे। अफगानिस्तान: 232/10 (44.3 ओवर) भारत: 402/10 (49.5 ओवर)

स्मृति-शेफाली का धमाका, भारत का विश्व कप में सबसे बड़ा स्कोर; नीदरलैंड पर 95 रन की जीत

लीड्स भारत ने महिला टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल की है। टीम इंडिया के सामने नीदरलैंड की चुनौती थी। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर ग्रुप ए के इस मुकाबले पहले बैटिंग करते हुए भारत ने 5 विकेट पर 209 रन बनाए। यह टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का सबसे बड़ा स्कोर भी है। नीदरलैंड की टीम सिर्फ 114 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मैच को 95 रनों से जीत लिया। इस जीत से भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर ग्रुप ए में टॉप पर पहुंच गई है। महिला टी20 में भारत की रनों से सबसे बड़ी जीत 142 रन vs मलेशिया, कुआलालंपुर (2018) 104 रन vs यूएई, सिलहट (2022) 100 रन vs बारबाडोस, एजबेस्टन (2022) 97 रन vs इंग्लैंड, ट्रेंट ब्रिज (2025) 95 रन vs नीदरलैंड, हेडिंग्ले (2026) स्मृति और शेफाली के बीच शतकीय साझेदारी नीदरलैंड की कप्तान बेबेट डी लीडे ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की जोड़ी ने 70 गेंदों में 115 रन की साझेदारी की। शेफाली 38 गेंदों में 55 रन बनाकर आउट हुईं। उनकी इस पारी में 10 चौके शामिल रहे। इसके बाद मंधाना ने जेमिमा रोड्रिगेज के साथ मोर्चा संभाला। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए 26 गेंदों में 47 रन जुटाए। भारत को 16वें ओवर की अंतिम गेंद पर स्मृति मंधाना के रूप में दूसरा झटका लगा। मंधाना 47 गेंदों में 1 छक्के और 11 चौकों के साथ 74 रन बनाकर आउट हुईं। जेमिमा 13 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 19 रन बनाकर आउट हुईं। यास्तिका भाटिया सिर्फ तीन रन बना सकीं। भारतीय टीम 168 के स्कोर तक 4 विकेट गंवा चुकी थी। ऋचा घोष (नाबाद 20) ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (12) के साथ पांचवें विकेट के लिए 15 गेंदों में 31 रन की साझेदारी करते हुए भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। दीप्ति शर्मा पारी की अंतिम दो गेंदें खेलने मैदान पर उतरीं, जिसमें एक छक्का और एक चौका लगाया। नीदरलैंड की तरफ से कैरोलिन डी लैंग ने 2 विकेट हासिल किए। एक रन बनाने में आखिरी 5 विकेट गिरे लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम 17.3 ओवरों में 114 रन पर सिमट गई। हीथर सीगर्स ने फीबे मोल्केनबोअर के साथ पहले विकेट के लिए 34 रन जोड़े। हीथर 16 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद कप्तान बैबेट डी लीडे ने छोटी-छोटी साझेदारियां करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। इस टीम को 96 के स्कोर पर कप्तान के रूप में चौथा झटका लगा। बैबेट 27 गेंदों में 28 रन बनाकर लौटीं, जिसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया और टीम 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। 16वें ओवर के बाद टीम का स्कोर 5 विकेट पर 113 रन था। अगले 9 गेंदों में एक रन बनाकर नीदरलैंड के आखिरी 5 विकेट गिर गए। भारत के लिए श्री चरणी ने 19 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि शेफाली वर्मा ने 20 रन देकर 3 विकेट निकाले। नंदिनी शर्मा ने 2 विकेट अपने नाम किए।