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भारतीय क्रिकेट में इंजरी बनी बड़ी चुनौती, 32 खिलाड़ी चोटिल; COE का बजट बढ़कर ₹127 करोड़

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की इंजरी अब बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं. लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों के कारण टीम मैनेजमेंट को अहम सीरीज के दौरानमुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सालाना रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच भारतीय मेन्स टीम के 32 शीर्ष खिलाड़ियों को चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा. इनमें 20 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले और 12 इंडिया-ए या टारगेटेड कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल हैं. TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 के बाद भी चोटों का सिलसिला जारी रहा और लगभग हर सीरीज में कम से कम दो खिलाड़ियों के चोटिल होने की स्थिति सामने आई. भारतीय की टेस्ट-वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी पिछले एक साल में खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी समस्याओं पर चिंता जता चुके हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि खिलाड़ियों को चोटों से बचाने और उनकी रिकवरी बेहतर करने के लिए मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाने चाहिए. चोटों के बढ़ते मामलों के बीच बीसीसीआई ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए खर्च बढ़ाने का प्रावधान किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीओई का अनुमानित बजट 127 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में वास्तविक खर्च करीब 92 करोड़ रुपये था. यानी बजट में लगभग 35 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इस खर्च में प्रशासनिक लागत, प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और मैचों से जुड़े व्यय शामिल हैं. हालांकि, बढ़े हुए बजट का असर खिलाड़ियों की फिटनेस और चोटों की रोकथाम पर कितना पड़ता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा. सॉफ्ट टिश्यू इंजरी बनी समस्या रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कुल 68 क्रिकेटर्स की चोटों का इलाज और प्रबंधन बीसीसीआई-सीईओ की स्पोर्ट्स साइंस मेडिसिन (SSM) टीम ने किया. इनमें महिला क्रिकेटर्स भी शामिल हैं. हालांकि, रिपोर्ट में प्रत्येक खिलाड़ी के रिहैबिलिटेशन की संख्या या अवधि का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है. इन मामलों में सॉफ्ट टिश्यू इंजरी सबसे प्रमुख रही. इस श्रेणी में मांसपेशियों और उनसे जुड़े ऊतकों की चोटें आती हैं, जो खिलाड़ियों की दौड़ने, गेंदबाजी करने और मैदान पर तेजी से मूवमेंट करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. यह भी पढ़ें: नाना पाटेकर की वो नसीहत भूले नहीं हैं पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली, निधन की खबर ने तोड़ दिया दिल रिपोर्ट में इम्पैक्ट इंजरी के उदाहरण के तौर पर ऋषभ पंत का उल्लेख किया गया है. जुलाई 2025 में मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान पैर में फ्रैक्चर होने के बाद ऋषभ को उपचार की जरूरत पड़ी थी. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रोहित शर्मा ने भी इस अवधि में सीओई में रिहैबिलिटेशन कराया था. बीसीसीआई ने उस समय उनके सेंटर में उपचार को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया था. रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने आईपीएल 2026 के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण सीओई में रिपोर्ट किया था. यह भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी ने नेट्स में की चौके-छक्कों की बारिश, गुरु गंभीर का रिएक्शन Viral चोटों से प्रभावित खिलाड़ियों की सूची में कई प्रमुख नाम शामिल हैं. जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, हार्दिक पंड्या और प्रसिद्ध कृष्णा ऐसे खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनके चोट संबंधी मामले बार-बार सामने आए. रिपोर्ट में बताया गया है कि हर्षित राणा, हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी ने पिछले 18 महीनों में कम से कम चार-चार महीने सीओई में बिताए हैं. इसके अलावा 30 सितंबर 2026 तक की सूची में विराट कोहली, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे सहित कई अन्य खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया था. सोओई में SSM प्रमुख का पद खाली प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपलब्धता का सीधा असर टीम सेलेक्शन और कॉम्बिनेशन पर पड़ता है. तेज गेंदबाजों के मामले में यह चुनौती और अहम हो जाती है क्योंकि लगातार मैच खेलने और अभ्यास के बीच उनके वर्कलोड को संतुलित करना जरूरी होता है. रिपोर्ट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज से जुड़ी समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया गया है. स्पोर्ट्स साइंस मेडिसिन प्रमुख नितिन पटेल ने मार्च 2025 में इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद यह पद लंबे समय तक खाली रहा. बीसीसीआई ने पिछले महीने इस पद के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया. भारतीय टीम की एसएसएम इकाई और सीओई की एसएसएम टीम के बीच संवाद में भी कमी रही है. सीओई प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण दोनों के बीच संपर्क का मुख्य माध्यम बने हुए हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्सएड ने जून 2025 में खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट की प्रक्रिया में कुछ बदलाव सुझाए थे, लेकिन सीओई अपनी मौजूदा व्यवस्था से अलग हटने को लेकर अनिच्छुक रहा. इस स्थिति में दोनों इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल खिलाड़ियों की फिटनेस संबंधी रणनीति को प्रभावी बनाने के लिए अहम हो सकता है. कोविड के दौरान भी बने थे ऐसे हालात भारतीय क्रिकेट में सॉफ्ट टिश्यू इंजरी का दौर पहले भी देखने को मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 में कोविड-19 महामारी के दौरान बायो-बबल से बाहर निकलने के बाद कई खिलाड़ियों को चोटों का सामना करना पड़ा था. उस समय दो से तीन महीने में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया था. इससे पहले 2017 में भी लगभग तीन महीने तक कई खिलाड़ी चोटिल हुए थे. उस दौर में स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच शंकर बसु ने फिटनेस कार्यक्रम में बड़े बदलाव किए थे. सीओई की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले ऑडिट किए गए वित्त वर्ष में बजट में शामिल 57 कैम्प और टूर्नामेंट में से 15 आयोजित नहीं किए गए. इसी अवधि में सेंटर ने अलग-अलग आयु वर्ग और महिला-पुरुष खिलाड़ि 25 हाई-परफॉर्मेंस कैम्प आयोजित किए. पूर्वोत्तर राज्यों के खिलाड़ियों के लिए विशेष कैम्प भी लगाए गए. इसके अलावा स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच, अन्य कोच और मैच अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए. रिपोर्ट में उन 15 कैम्प और टूर्नामेंट के आयोजित नहीं होने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं है. बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बंधे खिलाड़ियों और … Read more

भारत-वेस्टइंडीज दूसरा T20 आज रांची में, टीम इंडिया का पलड़ा भारी; घरेलू मैदान पर जीत का रिकॉर्ड दमदार

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज का आगाज धमाकेदार जीत के साथ करने के बाद टीम इंडिया अपनी बढ़त को दोगुना करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको बताते हैं कि रांची में कैसा रहा है भारतीय टीम का टी20 में रिकॉर्ड। टीम इंडिया के नाम चार मैच में तीन जीत टीम इंडिया ने रांची के इस मैदान पर अब तक कुल चार टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। इस दौरान टीम को तीन मुकाबलों में जीत नसीब हुई है, जबकि एक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम ने यहां पर अपना आखिरी मैच साल 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। इस मुकाबले में टीम इंडिया को 21 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले, 2021 में भारत ने इस ग्राउंड पर न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया था। वहीं, 2017 में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची में 9 विकेट से जीत दर्ज की थी। 2016 में टीम श्रीलंका को 69 रनों से हराने में भी सफल रही थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में पलड़ा भारी भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में अब तक कुल 32 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें से 21 मैचों में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है, जबकि 10 मुकाबलों में कैरेबियाई टीम ने बाजी मारी है। सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम का प्रदर्शन रहा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पूरी टीम 171 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। टीम की ओर से कप्तान शाई होप ने 37 गेंदों में 52 रनों की दमदार पारी खेली थी, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने 34 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्कों की मदद से 56 रन बनाए थे। श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक ठोका था टीम इंडिया ने 172 रनों के लक्ष्य को आसानी से सिर्फ 14.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया था। कप्तान श्रेयस अय्यर बेहतरीन फॉर्म में नजर आए थे और उन्होंने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक लगाया था। अय्यर ने 43 गेंदों में 102 रनों की नाबाद पारी खेली थी। भारतीय टी20 कप्तान ने अपनी इस पारी में 10 चौके और 6 छक्के लगाए थे। वहीं, ईशान किश 37 रन बनाकर नाबाद रहे थे।

पाकिस्तान का बड़ा फैसला पड़ सकता है भारी, IPL के साथ PSL कराने से खिलाड़ियों पर संकट

नई दिल्ली  पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने की पूरी तैयारी कर चुका है। आर्थिक तंगी, टीम के खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता से जूझ रहा क्रिकेट बोर्ड अपनी घरेलू टी20 लीग का आयोजन आईपीएल के समय पर ही कर रहा है। यह लगातार तीसरा साल है, जब पीएसएल के मैच आईपीएल के साथ टकरा रहे हैं। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है और खेल की टॉप-5 लीगों में भी शामिल है। वहीं, पीएसएल क्रिकेट की दुनिया में ही अपनी बड़ी पहचान के लिए तरस रही है। ऐसे में दोनों लीग के मैच एक साथ होने पर पीएसएल को भारी नुकसान होना तय है। पहले भी पीसीबी की इसी जिद के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है। पीएसएल का 12वां संस्करण 18 मार्च से 2 मई 2027 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, आईपीएल का आयोजन भी मार्च से मई के बीच ही होगा। ऐसे में छोटी लीग को नुकसान होना तय है। सबसे ज्यादा नुकसान टीवी और ऑनलाइनल मैच देखने वाले दर्शकों का होगा। पीएसएल 2016 में शुरू हुआ था और 2024 तक फरवरी से लेकर मार्च के बीच इसका आयोजन होता था। ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले यह लीग खत्म हो जाती थी, लेकिन 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी20 विश्व कप के कारण इसे अप्रैल-मई में आयोजित कराना पड़ा। बॉडकास्टर को हो रही चिंता मैच का बॉडकास्ट करने वाली कंपनी वाले टेक्नोलॉजी का कहना है कि रमजान के दौरान अधिकर कंपनियां जमकर विज्ञापन देती हैं और अपना पूरा बजट खर्च कर देती हैं। ऐसे में अगले महीने पीएसएल होने पर उनके पास विज्ञापन देने के लिए बजट ही नहीं होता है। हालांकि, अधिकतर फ्रेंचाइजी मार्च के बाद ही पीएसएल कराने के पक्ष में हैं। इनका कहना है कि जिन 4 मैदानों पर पीएसएल के मैच होते हैं, उनमें से तीन मैदानों (लाहौर, मुल्तान और रावलपिंडी) पर फरवरी में जमकर ठंड पड़ती है। कोहरे के कारण मैच का आयोजन और खिलाड़ियों को ट्रवल करने में परेशानी होती है। पहले यूएई में होते थे मैच 2020 में पीएसएल के सभी मैचों का आयोजन पाकिस्तन में होने लगा। इससे पहले इस लीग के मुकाबले यूएई में भी आयोजित होते थे। इससे कोहरे की समस्या कम होती थी। हालांकि, पाकिस्तान के सामने कई चुनौतियां हैं। एक तरफ वाले टेक्नोलॉजी है, जिसके पास 2029 तक पीएसएल मैचों के ब्राडकास्टिंग राइट हैं और लीग की एक टीम का मालिकाना हक भी है। वहीं, दूसरी तरफ अन्य फ्रेंचाइजी हैं, जो मार्च-मई विंडो के पक्ष में हैं।

DC में लौटते ही ऋषभ पंत का रोल तय, टॉप ऑर्डर में नहीं उतरेंगे; नंबर-4 या 5 पर करेंगे बल्लेबाजी

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स (DC) में ऋषभ पंत की वापसी हो चुकी है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर टीम ने तस्वीर साफ कर दी है. नए हेड कोच सौरव गांगुली ने कहा है कि पंत को टॉप ऑर्डर में नहीं खिलाया जाएगा. वह टीम के लिए मिडिल ऑर्डर में अहम भूमिका निभाएंगे. DC ने 6 अक्टूबर को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को नया हेड कोच नियुक्त किया है. टीम का लक्ष्य पहली बार IPL खिताब जीतना है. मिनी ऑक्शन से पहले DC ने बड़ा ट्रेड करते हुए पंत को वापस टीम में शामिल किया. पंत पिछले दो सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान थे. LSG में पंत टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन उन्हें वह भूमिका नहीं मिली. इसके बाद उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. अब गांगुली ने पंत के रोल को लेकर कहा- हमें एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की जरूरत थी और पंत इसके लिए बिल्कुल फिट हैं. वह पहले हमारे साथ थे और उन्होंने हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया है. गांगुली ने यह भी कहा कि दिल्ली लौटकर पंत को समय और मैच मिलेंगे, जिससे वह बेहतर खिलाड़ी बन सकें. उन्होंने कहा कि पंत को दिल्ली के फिरोज शाह कोटला (अरुण जेटली स्टेडियम) में बल्लेबाजी करना पसंद है और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वह दिल्ली की जर्सी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे. नंबर-4 या 5 पर उतर सकते हैं पंत DC के पास केएल राहुल के रूप में स्थापित ओपनर मौजूद हैं. पिछले दो सीजन में राहुल ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहतर हुआ है. पिछले सीजन में टीम ने बेन डकेट के नहीं रहने के बाद पथुम निसंका को ओपन कराया. साहिल परख और अभिषेक पोरेल को भी ओपनिंग में आजमाया गया, जबकि पृथ्वी शॉ को पूरे सीजन बेंच पर रहना पड़ा. टीम अब मिनी ऑक्शन में नए ओपनर की तलाश कर सकती है. वहीं ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, कप्तान अक्षर पटेल, समीर रिजवी और नीतीश राणा जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद पंत के लिए नंबर-4 या नंबर-5 की जगह तय मानी जा रही है. यह वही बैटिंग पोजिशन है, जहां वह DC के लिए पहले भी खेल चुके हैं. DC के लिए सबसे ज्यादा रन, LSG में नहीं चला बल्ला पंत दिल्ली कैपिटल्स के ऑलटाइम सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने DC के लिए 3,284 रन बनाए हैं. उनका औसत 35.31 और स्ट्राइक रेट करीब 149 का रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 18 अर्धशतक निकले. वहीं LSG के कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. 27 करोड़ रुपये की कीमत के बावजूद पंत 26 पारियों में 581 रन ही बना सके. उनका औसत 26.40 और स्ट्राइक रेट 135.74 रहा. उन्होंने एक शतक और सिर्फ दो अर्धशतक लगाए. 2027 पंत के लिए बेहद अहम IPL 2027 पंत के व्हाइट-बॉल करियर के लिहाज से भी अहम होगा. DC में वापसी पर उनकी कीमत 15 करोड़ रुपये रही है. 27 साल के पंत जुलाई 2024 के बाद से कोई T20I नहीं खेले हैं और 2027 में अच्छा प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे. उम्मीद है कि पूर्व भारतीय स्टार युवराज सिंह भी DC के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं और बल्लेबाजी कोच की भूमिका संभाल सकते हैं. इससे पंत समेत मिडिल ऑर्डर और ओपनिंग को लेकर टीम को अतिरिक्त इनपुट मिल सकता है. स्टार्क पूरे सीजन खेलेंगे? गांगुली ने DC को मजबूत टीम बताया है और लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और मिचेल स्टार्क के रिटेन होने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि KL राहुल, अक्षर पटेल, पंत, स्टार्क, एनगिडी, मिलर और स्टब्स के साथ टीम काफी मजबूत है और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करना होगा. हालांकि स्टार्क के पूरे IPL 2027 सीजन में उपलब्ध रहने पर सवाल बना हुआ है. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट को अपनी प्राथमिकता बता चुके हैं. IPL 2027 के ठीक बाद वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (WTC) 2025-27 का फाइनल होना है. ऑस्ट्रेलिया अभी WTC तालिका में टॉप पर है और लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंचने की स्थिति में है.इसके अलावा 2027 में वनडे वर्ल्ड कप और इंग्लैंड में एशेज सीरीज भी होनी है. ऐसे में स्टार्क के वर्कलोड और उपलब्धता पर नजर रहेगी. गेंदबाजी में बदलाव पर भी नजर गांगुली के एजेंडे में DC की गेंदबाजी की कमजोरियों को दूर करना भी होगा. आक‍िब नबी डार और मुकेश कुमार महंगे साबित हुए. नबी पांच मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके, जबकि मुकेश ने 10 मैचों में छह विकेट लिए. दोनों पर टीम ने मिलाकर 16.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. कुलदीप के जाने के बाद टीम को एक विशेषज्ञ स्पिनर की भी जरूरत होगी. DC श्रीलंका के तेज गेंदबाज दुश्मंथा चमीरा और इंग्लैंड के लेग स्पिन ऑलराउंडर रेहान अहमद को रिलीज कर सकती है. रेहान को बेन डकेट के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. DC के कोचिंग स्टाफ में स्पिन बॉलिंग कोच अमित मिश्रा और तेज गेंदबाजी कोच चामिंडा वास भी शामिल हैं. युवराज के आने पर मिडिल ऑर्डर या ओपनर को लेकर भी सुझाव मिल सकते हैं. अगर स्टार्क IPL 2027 से बाहर होते हैं या सीमित मैच खेलते हैं तो टीम को एक एक्सप्रेस पेसर की तलाश करनी होगी. रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की लिस्ट जारी करने की आखिरी तारीख 15 नवंबर है. इसके बाद DC की टीम की तस्वीर और साफ हो जाएगी. DC की मौजूदा स्क्वॉड: केएल राहुल राहुल (व‍िकेटकीपर), साहिल परख, अक्षर पटेल (कप्तान), ऋषभ पंत, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, माधव तिवारी, अभिषेक पोरेल, त्रिपुराना विजय, लुंगी एनगिडी, मिचेल स्टार्क, मुकेश कुमार, आशुतोष शर्मा, समीर रिजवी, विप्रज निगम, पृथ्वी शॉ, करुण नायर, दुश्मंथा चमीरा, नीतीश राणा, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जादव मंडल, पथुम निसांका, औकीब नबी डार, रेहान अहमद.

प्रीति जिंटा की टीम में मची हलचल, IPL 2027 से पहले रिकी पोंटिंग के 2 भरोसेमंद लोगों की छुट्टी

नई दिल्ली IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2027 से पहले प्रीति जिंटा की सहमालिकाना हक वाली पंजाब किंग्स (PBKS) में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. स्पिन बॉलिंग कोच साईराज बहुतुले के बाद अब फील्डिंग कोच ब्रैड हेडिन और तेज गेंदबाजी कोच जेम्स होप्स ने भी फ्रेंचाइजी का साथ छोड़ दिया है. तीनों के जाने के बाद पंजाब किंग्स में एक साथ तीन अहम पद खाली हो गए हैं. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रैड हेडिन और जेम्स होप्स ने हाल ही में पंजाब किंग्स मैनेजमेंट को अपने फैसले की जानकारी दी. दोनों के बिग बैश लीग (BBL) में नई भूमिका से जुड़ने की संभावना है. फ्रेंचाइजी ने अब इन दोनों के साथ-साथ बहुतुले की जगह भी नए कोच की तलाश शुरू कर दी है. पोंटिंग के खास माने जाते हैं हेडिन-होप्स ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर ब्रैड हेडिन पंजाब किंग्स के फील्डिंग कोच थे, जबकि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जेम्स होप्स टीम के बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. होप्स और हेडिन का रिकी पोंटिंग के साथ पुराना जुड़ाव रहा है. दोनों पोटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल चुके है. होप्स तो पोंटिंग के साथ दिल्ली कैपिटल्स (DC) से पंजाब किंग्स में आए थे और पिछले कुछ समय से उनके सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा थे. वहीं, हेडिन पिछली मैनेजमेंट टीम से पंजाब किंग्स के साथ बने हुए थे. वह ट्रेवर बेलिस के कार्यकाल के दौरान भी टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल थे. इससे पहले साईराज बहुतुले ने आईपीएल 2026 सीजन खत्म होने के तुरंत बाद पंजाब किंग्स से इस्तीफा दे दिया था. वह अब भारतीय टीम के साथ स्पिन बॉलिंग कोच के तौर पर काम कर रहे हैं. बहुतुले पंजाब किंग्स में सुनील जोशी की जगह आए थे. जोशी के बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में स्पिन बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी संभालने के बाद बहुतुले को फ्रेंचाइजी में शामिल किया गया था. अब बहुतुले, हेडिन और होप्स के जाने के बाद पोंटिंग को अपनी सपोर्ट टीम का ढांचा नए सिरे से तैयार करना होगा. पंजाब किंग्स मैनेजमेंट नए उम्मीदवारों की तलाश में जुट गया है. हालांकि, अंतिम फैसला पंजाब किंग्स के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग ही करेंगे. फ्रेंचाइजी कुछ नाम सुझा सकती है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों से बातचीत और इंटरव्यू के बाद नियुक्ति का फैसला पोंटिंग की सहमति से होगा. माना जा रहा है कि फ्रेंचाइजी आईपीएल 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी से पहले तीनों खाली पदों को भरना चाहती है, ताकि अगले सीजन की तैयारियां पूरी कोचिंग टीम के साथ शुरू की जा सकें. पंजाब किंग्स के सपोर्ट स्टाफ में यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब आईपीएल 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. नीलामी से पहले नए कोचों की नियुक्ति करना पोंटिंग के लिए अहम होगा, क्योंकि उन्हें नए स्टाफ के साथ टीम की रणनीति, खिलाड़ियों की तैयारी और अगले सीजन की योजनाओं पर काम करना है.

2027 वर्ल्ड कप के लिए क्या है सेलेक्टर्स का प्लान? शमी-बुमराह-सिराज की तिकड़ी पर दिग्गज ने जताया भरोसा

नई दिल्ली  भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज के लिए भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया में चुना गया है। किसी को भी उनके वापस लौटने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन उन्होंने लगभग 4 साल बाद दमदार वापसी की। इसके बाद से कयासों का बाजार गर्म है। कई लोगों का मानना है अजीत अगरकर के कारण भुवनेश्वर और शमी जैसे गेंदबाजों को मौका नहीं मिल रहा था। अब उनके जाने के बाद ये दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम में वापसी करेंगे। वहीं, कुछ पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि नई चयन समिति के युवा गेंदबाजों पर भरोसा नहीं है। ऐसे में 2023 विश्व कप की तरह वनडे टीम में बुमराह के साथ मोहम्मद शमी , सिराज और भुवनेश्वर जैसे खिलाड़ी नजर आएंगे। 2027 वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में होना है, जहां तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है। ऐसे में भारतीय टीम 3 तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरना चाहेगी। इसके साथ ही एक स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर और एक पेस बॉलिंग ऑलराउंडर जरूर टीम में होंगे। इस स्थिति में बुमराह के साथ शमी और सिराज को मौका मिल सकता है। वहीं, भुवनेश्वर बैकअप गेंदबाज हो सकते हैं। मौजूदा गेंदबाजों पर नहीं है भरोसा पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर का कहना है कि भुवनेश्वर के चयन से यह साफ हो चुका है कि मौजूदा चयन समिति को युवा गेंदबाजों पर भरोसा नहीं है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा था। सपाट पिच पर रन तो सभी गेंदबाजों को पड़े, लेकिन भारत के युवा गेंदबाज पूरी सीरीज में सही लाइन लेंथ नहीं पकड़ पाए। प्रसिद्ध कृष्णा ही एकमात्र ऐसे तेज गेंदबाज रहे, जो पहले मैच में कैरिबियाई बल्लेबाजों को परेशान किया। वसीम जाफर ने क्या कहा? वसीम जाफर ने भुवनेश्वर के चयन को सही ठहराते हुए उम्र को नजरअंदाज करने और अनुभव-युवा मिश्रण की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'शमी को टेस्ट टीम में चुना जाना चाहिए। वनडे टीम में गुरनूर ब्रार, प्रसिद्ध कृष्णा और नितिश रेड्डी जैसे कई खिलाड़ियों को आजमाया गया है, लेकिन मैनेजमेंट को अभी पूरा भरोसा नहीं लगता। सिराज को लगातार गेम टाइम नहीं मिल रहा। मैं समझ नहीं पा रहा कि आपके दूसरे और तीसरे सीमर कौन हैं। मेरे हिसाब से शमी को वनडे टीम में होना चाहिए क्योंकि वर्ल्ड कप करीब है। जब आपके पास क्वालिटी है तो खेलना चाहिए। मेरी पहली पसंद बुमराह, शमी और सिराज होगी। वर्ल्ड कप के बाद रीबिल्डिंग के बारे में सोचना चाहिए।' 2027 वर्ल्ड कप के संभावित 3 तेज गेंदबाज जाफर के मुताबिक बुमराह, शमी और सिराज की तिकड़ी भारत के लिए बेस्ट पेस बॉलिंग अटैक बना सकती है। भुवनेश्वर की हालिया वापसी से उनकी भी दावेदारी मजबूत हुई है। सेलेक्टर्स अभी युवा विकल्पों को मौका दे रहे हैं, लेकिन अनुभव की कमी को लेकर चिंता साफ दिख रही है। ऐसे में विश्व कप से ठीक पहले इन अनुभवी खिलाड़ियों को टीम में जगह दी जा सकती है।  

भुवी की टीम इंडिया में जोरदार वापसी, कपिल देव ने बांधे तारीफों के पुल; बोले- मेहनत का मिला इनाम

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व महान कप्तान कपिल देव ने 4 साल बाद भारत के टी20 टीम में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी का जोरदार स्वागत किया है। कपिल देव ने बुधवार को जेपी ग्रीन्स गोल्फ एंड स्पा रिजॉर्ट में आयोजित कपिल देव इनविटेशनल टूर चैंपियनशिप के दौरान कहा कि भुवी की यह वापसी उन सभी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो टीम से बाहर चल रहे हैं। 36 साल के भुवनेश्वर कुमार को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। कपिल देव ने क्या कहा? भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था। लंबे समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बावजूद भुवी ने हार नहीं मानी और वे लगातार घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ आईपीएल में पसीना बहाते रहे। भुवी की इस लगन की तारीफ करते हुए कपिल देव ने कहा, 'टीम इंडिया से बाहर होने के बाद भुवी ने बहुत मेहनत की। उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया और लगातार गेंदबाजी करते रहे, जिसकी बदौलत आज उनकी वापसी हुई है। उनकी यह वापसी बाकी खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगी कि अगर मन में जज्बा और कड़ी मेहनत करने का इरादा हो, तो खेल में कभी भी वापसी की जा सकती है।' यूपी टी20 लीग और आईपीएल में ढाया था कहर भुवनेश्वर कुमार की यह वापसी केवल उनके अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि मैदान पर दिखाए गए शानदार प्रदर्शन के दम पर हुई है। हाल ही में समाप्त हुई यूपी टी20 लीग में भुवी ने यूपी की तरफ से खेलते हुए 11 पारियों में महज 6.11 की किफायती इकॉनमी और 16.00 की औसत से 14 विकेट हासिल किए थे। इसके अलावा, पिछले दो आईपीएल सीजन में भी उनका प्रदर्शन कमाल का रहा था। भारत के लिए 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय (90 विकेट) खेल चुके भुवी अब एक बार फिर नीली जर्सी में जलवा बिखेरने को तैयार हैं। न्यूजीलैंड दौरे का पूरा शेड्यूल (IND vs NZ T20I Schedule): अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद प्रज्ञान ओझा की अगुवाई वाली चयन समिति द्वारा चुनी गई यह टीम 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक न्यूजीलैंड में 5 टी20 मुकाबले खेलेगी:     पहला T20I: 22 अक्टूबर (क्राइस्टचर्च)     दूसरा T20I: 24 अक्टूबर (क्राइस्टचर्च)     तीसरा T20I: 27 अक्टूबर (वेलिंगटन)     चौथा T20I: 30 अक्टूबर (ऑकलैंड)     पांचवां T20I: 1 नवंबर (हैमिल्टन)

प्रमोद भगत-भाविना पटेल संभालेंगे तिरंगा, नागोया एशियाई पैरा खेलों में करेंगे भारतीय दल की अगुवाई

नई दिल्ली पैरालिंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल 18 से 24 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। भारत के सबसे सफल पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में छह पदक जीते हैं जिनमें दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक शामिल हैं। शीर्ष पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना ने 2018 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। भाविना ने कहा कि भारत का ध्वजवाहक चुना जाना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि जब आप तिरंगा थामते हैं तो आपको एहसास होता है कि आप अपने से कहीं बड़ी चीज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मैं प्रमोद के साथ उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने को लेकर उत्साहित हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारे सभी खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे, इस पल का आनंद लेंगे और भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। भारतीय पैरालिंपिक समिति (पीसीआई) आठ अक्टूबर को विशेष विदाई समारोह में भारतीय दल को औपचारिक रूप से रवाना करेगी। समारोह में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि होंगे, जबकि युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया ने कहा कि उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत और भाविना पटेल का भारतीय दल का नेतृत्व करना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दोनों असाधारण चैंपियन हैं और उन्होंने भारतीय पैरा खेलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका सफर, उपलब्धियां और जुझारूपन उन्हें भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपयुक्त बनाता है। मुझे विश्वास है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान पर आगे बढ़ रहे हमारे खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे।

ईशान किशन ने खोला राज, क्यों टीम के लिए छोड़ी अपनी जगह? बोले- श्रेयस का फॉर्म था शानदार

लखनऊ  एकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान श्रेयस अय्यर के नाबाद 102 रनों की शतकीय पारी और डेब्यू कर रहे युवा ऑलराउंडर नमन धीर (3/31) के शानदार स्पेल की बदौलत भारत ने 172 रनों के लक्ष्य को महज 14.4 ओवरों में आसानी से हासिल कर लिया। इस मुकाबले में श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए नाबाद 137 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी निभाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन (37 नाबाद) ने अपनी भूमिका और टीम की रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईशान किशन ने कही बड़ी बात भारतीय टीम ने पावरप्ले में ही दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद ईशान किशन ने श्रेयस अय्यर का बखूबी साथ निभाया और सपोर्टिंग रोल अदा किया। जियोस्टार से बात करते हुए ईशान किशन ने अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा, 'एक बल्लेबाज के तौर पर जब मैं बहुत अच्छी लय में नहीं दिख रहा होता हूं और दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज (श्रेयस अय्यर) गेंद को बहुत अच्छी तरह से टाइम कर रहा होता है, तो मुझे सेकंड फिडल (धीमी पारी खेलकर साथ देना) रोल निभाने में कोई झिझक नहीं होती। श्रेयस लगातार बड़े शॉट्स खेल रहा था, इसलिए मेरा काम यही था कि मैं उसे विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने दूं।' श्रेयस अय्यर का पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक किशन ने आगे कहा कि उनका प्लान बेहद सरल था। उन्होंने लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा। जब भी कोई गेंद उनके जोन में आई, उन्होंने रन बनाए और बाकी समय स्ट्राइक रोटेट करके श्रेयस को आक्रामक बल्लेबाजी करने का पूरा मौका दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस मुकाबले में महज 42 गेंदों में 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा। उनकी इस तूफानी पारी के बदौलत भारत ने 172 रनों के लक्ष्य को 32 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। नमन धीर की गेंदबाजी के कायल हुए किशन अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर 31 रन देकर 3 विकेट (शाही होप, रोमारियो शेफर्ड और शामार स्प्रिंगर) लेने वाले नमन धीर की तारीफ करते हुए किशन ने कहा कि मुंबई इंडियंस के दिनों से वे नमन को देखते आ रहे हैं, जहां वे एक पार्ट-टाइम बॉलर थे। किशन ने नमन के माइंडसेट की सराहना करते हुए कहा, 'अपने डेब्यू मैच में जब किसी युवा गेंदबाज को छक्का पड़ता है, तो वह अक्सर रक्षात्मक (Defensive) होकर गेंदबाजी करने लगता है। लेकिन नमन ने ऐसा बिल्कुल नहीं किया। उन्होंने बल्लेबाजों को फ्लाइट देना जारी रखा, जिसका फायदा उन्हें विकेट के रूप में मिला। इससे पता चलता है कि उन्होंने अपनी गेंदबाजी पर कितनी मेहनत की है। उनके पास विकेट लेने की मानसिकता है, सिर्फ रन रोकने की नहीं। अगर वे इसी तरह गेंदबाजी करते रहे, तो बहुत आगे जाएंगे।' भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला शुक्रवार को रांची के जेएससीए (JSCA) इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा।

Dhananjaya de Silva ने छोड़ी श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी, 18 मैचों में 7 जीत के बाद लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली ऑलराउंडर धनंजय डिसिल्वा ने श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। तत्काल प्रभाव से उन्होंने टेस्ट कैप्टेंसी से हटने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने वादा किया है कि वह आगे भी श्रीलंका की टेस्ट टीम के लिए खेलते रहेंगे और चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद धनंजय डिसिल्वा ने कहा है कि अब यह जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को देने का समय आ गया है। वे करीब 3 साल तक श्रीलंका की टेस्ट टीम के कप्तान रहे हैं। धनंजय डिसिल्वा को जनवरी 2024 में टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था। तीन महीने बाद उन्हें कप्तानी करते हुए 3 साल हो जाते, लेकिन 33 महीने बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। श्रीलंका की सिलेक्शन कमिटी को लिखे एक लेटर में डिसिल्वा ने कहा, "मेरी सच्ची राय है कि यह जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को मिलनी चाहिए।" उन्होंने इस्तीफा सौंपने के बाद इस बात की पुष्टि की है कि वह एक प्लेयर के तौर पर श्रीलंका का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। श्रीलंका क्रिकेट के CEO एश्ले डिसिल्वा ने अपने हमनाम को सबसे लंबे फॉर्मेट में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “श्रीलंका क्रिकेट उनके बाकी करियर के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता है और हमारी टेस्ट टीम को दी गई लीडरशिप के लिए उन्हें धन्यवाद देता है।” दिमुथ करुणारत्ने से कमान संभालने के बाद धनंजय डिसिल्वा ने 18 टेस्ट मैचों में श्रीलंका की कप्तानी की, जिसमें यह देश सात मैच जीतने में सफल रहा। कप्तान के तौर पर उनका औसत 36.45 का रहा, जबकि रन 1130 ही बनाए। गेंदबाज के तौर पर 9 विकेट उनको मिले। भारत के खिलाफ खेली थी आखिरी टेस्ट सीरीज धनंजय डिसिल्वा ने आखिरी बार टेस्ट कप्तानी भारत के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान की। इस सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया को बड़ी जीत मिली थी, लेकिन दूसरा टेस्ट मेजबान श्रीलंका ने सोनल दिनुशा के दो शतकों के दम पर बचा लिया था। दिनुशा ने दोनों पारियों में शतक जड़ा था और भारत को इस मैच में जीतने नहीं दिया था। श्रीलंका पर एक समय पारी से हारने का खतरा था, क्योंकि टीम फॉलोऑन खेल रही थी। बावजूद इसके भारत को इस मैच में जीत नहीं मिल पाई थी, क्योंकि सभी विकेट श्रीलंका के दूसरी पारी में नहीं गिरे थे। वहीं, अगर बात श्रीलंका के आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र की करें तो टीम मौजूदा समय में पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है। 6 मैच अब तक श्रीलंकाई टीम ने खेले हैं, जिनमें से 1 ही मैच में जीत मिली है, जबकि दो मैच गंवाए हैं। अच्छी बात यह है कि 3 टेस्ट ड्रॉ भी श्रीलंका ने कराए हैं। श्रीलंका की जीत प्रतिशत 33.33 का है, जो जीतने पर अच्छा खासा आगे बढ़ सकता है।