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IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस की टक्कर, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट

जयपुर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 52वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। RR ने इस संस्करण 10 मुकाबले खेले हैं। 6 मैच में उसे जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। GT को भी 6 मैच में जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। अंक-तालिका के लिहाज से दोनों टीमों के लिए ये मैच काफी अहम है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी सभी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। RR के खिलाफ GT का पलड़ा रहा है भारी IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच 9 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान GT की टीम को 6 मैचों में जीत मिली है। RR की टीम सिर्फ 3 मैच ही अपने नाम कर पाई है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच दूसरी भिड़ंत होगी। पहले मैच में RR को 6 रन से जीत मिली थी। IPL 2025 में एक मैच GT ने 58 रन से जीता था। वहीं, दूसरे मैच में RR को 8 विकेट से जीत मिली थी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है RR RR को अपने पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। मैच में टीम के गेंदबाजों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। ऐसे में GT के खिलाफ संदीप शर्मा की वापसी हो सकती है। वैभव सूर्यवंशी से एक और ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, शुभम दुबे, जोफ्रा आर्चर, रवि बिश्नोई, नांद्रे बर्गर और संदीप शर्मा। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है GT GT की टीम को पिछले 3 मैच में जीत मिली है। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव करने को नहीं देखेगी। हालांकि, टीम की बल्लेबाजी अभी भी समस्या बनी हुई है। मध्यक्रम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा है। संभावित एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और मानव सुथार। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर RR: लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, रवि सिंह, रवि बिश्नोई, शुभम दुबे और तुषार देशपांडे। GT: राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया और कुमार कुशाग्र। कैसा रहेगा पिच का मिजाज? सवाई मानसिंह स्टेडियम की पिच काली मिट्‌टी से बनी है, जो आमतौर पर बल्लेबाज और गेंदबाजों दोनों को मदद करती है। यहां मैचों में टीमों ने कई बड़े स्कोर बनाए हैं। मैच के शुरुआती ओवरों से तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है। चूंकि, मैदान की बाउंड्री बड़ी है, इसलिए बल्लेबाजों को रन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर लगाने के इरादे से उतरेगी। ऐसा रहेगा जयपुर का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक, 9 मई को जयपुर में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत रात 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर RR के लिए वैभव ने पिछले 10 मैचों में 237.64 की स्ट्राइक रेट से 404 रन बनाए हैं। यशस्वी के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 312 रन निकले हैं। GT के लिए सुदर्शन ने पिछले 10 मैच में 158.43 की स्ट्राइक रेट से 385 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में आर्चर ने पिछले 9 मैच में 8.62 की इकॉनमी से 15 विकेट लिए हैं। GT से रबाडा ने पिछले 10 मैचों में 9.23 की इकॉनमी से 16 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RR और GT के बीच यह मुकाबला 9 मई को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

वैदेही चौधरी और जील देसाई क्वार्टर फाइनल में, भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

कर्नाटक सभी शीर्ष वरीय खिलाड़ियों के गुरुवार को अपने सिंगल्स मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से तुमकुरु ओपन आईटीएफ डब्ल्यू35 में रोमांचक मुकाबलों के लिए मंच तैयार हो गया। लिथुआनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त जस्टिना मिकुलस्काइट ने पोलैंड की जुजाना कोलोनस के विरुद्ध पहला सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए 0-6, 6-3, 6-1 से जीत दर्ज की। दूसरी वरीयता प्राप्त जुजाना पावलिकोवस्का ने भी भारत की सोनल पाटिल पर सीधे सेट में जीत दर्ज की जबकि तीसरी वरीयता प्राप्त वैदेही चौधरी और चौथी वरीयता प्राप्त जील देसाई ने अपने मुकाबले जीतकर अंतिम आठ में भारत की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित की। वैदेही और जील की आसान जीत वैदेही हमवतन मधुरिमा सावंत पर 6-2, 6-2 की जीत के दौरान पूरी तरह से नियंत्रण में दिखीं जबकि जील ने जेनिफर लुइखाम को 6-2, 6-3 से हराया। डबल्स में श्राव्या शिवानी चिलकलापुडी और जील ने लक्ष्मीसिरी दंडू और चेविका रेड्डी सामा की हमवतन भारतीय जोड़ी पर सीधे सेट में जीत के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया। आकांक्षा दिलीप निटुरे और मिचिका ओजेकी की भारत-जापान की जोड़ी ने पहला सेट गंवाने के बाद दीवा भाटिया और जेनिफर लुइखाम को हराया। यह वीडियो भी देखें वैदेही और जुजाना की भी जीत शीर्ष वरीयता प्राप्त वैदेही और जुजाना पावलिकोवस्का ने भी सोहा सादिक और मधुरिमा सावंत की भारत की जोड़ी पर शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि जेनिया लास्कुतोवा और एलिना नेप्लि ने भारत की ऐश्वर्या जाधव और आकृति नारायण सोनकुसारे को हराया।  

क्रिकेट का पहला महान फिनिशर, दबाव में हमेशा टीम को दिलाई जीत

नई दिल्ली क्रिकेट इतिहास में कई महान बल्लेबाज आए, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने खेल की दिशा ही बदल दी. माइकल बेवन उन्हीं चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्हें दुनिया का पहला 'असली फिनिशर' माना जाता है. आज क्रिकेट जगत में 'फिनिशर' शब्द बेहद आम हो चुका है, लेकिन इस भूमिका को पहचान दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय माइकल बेवन को जाता है. दबाव में शांत रहकर मैच खत्म करना, विकेट बचाए रखना और आखिरी ओवर तक टीम को जीत दिलाना- बेवन ने वनडे इंटरनेशनल (ODI) में इस कला को नई ऊंचाई दी. बेवन 8 मई (शुक्रवार) को 56 साल के हो गए. माइकल बेवन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लिमिटेड ओवर्स बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 232 ओडीआई मुकाबलों में 53.58 की औसत से 6912 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 46 अर्धशतक शामिल रहे. बेवन ओडीआई में 67 मौकों पर नाबाद लौटे. उनका औसत उस दौर में बेहद असाधारण माना जाता था. संन्यास के वक्त वह दुनिया के उन गिने-चुने बल्लेबाजों में शामिल थे, जिनका ओडीआई औसत 50 से ऊपर था. बाएं हाथ के बल्लेबाज माइकल बेवन की सबसे बड़ी ताकत थी- दबाव में भी शांत रहना. जब भी ऑस्ट्रेलियाई टीम मुश्किल में फंसती, तब बेवन क्रीज पर टिककर मैच को अंत तक ले जाते और टीम को जीत दिलाते. उनकी बल्लेबाजी में चौके-छक्कों की चमक कम, लेकिन मैच जिताने की क्षमता सबसे ज्यादा थी. गैप में शॉट खेलना, तेजी से रन लेना और सही समय पर बाउंड्री लगाना उनकी खास पहचान बन गया था. माइकल बेवन ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं जो आज भी क्रिकेट इतिहास का हिस्सा हैं. 1996 में सिडनी में वेस्टइंडीज के खिलाफ और 2002 में मेलबर्न में न्यूजीलैंड के विरुद्ध उनकी मैच जिताऊ पारियां आज भी याद की जाती हैं. इन मुकाबलों में बेवन ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर आखिरी ओवर्स में ऑस्ट्रेलिया को यादगार जीतें दिलाई थी. बेवन करीब एक दशक तक ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम का सबसे अहम हिस्सा रहे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को दो वनडे वर्ल्ड कप (1999 और 2003) जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. टेस्ट क्रिकेट में नहीं चला बल्ला वनडे क्रिकेट में महान सफलता पाने के बावजूद माइक बेवन टेस्ट क्रिकेट में वैसा असर नहीं छोड़ सके. उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में 29.07 के एवरेज 785 रन बनाए, जिसमें 6 अर्धशतक शामिल रहे. पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू सीरीज में 82, 70 और 91 रनों की पारियां खेलकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन बाद में शॉर्ट बॉल के खिलाफ कमजोरी सामने आ गई. दिलचस्प बात यह रही कि घरेलू क्रिकेट में उन्हें शॉर्ट बॉल से ज्यादा परेशानी नहीं होती थी, लेकिन इंटरनेशनल स्तर पर यह कमजोरी उनके टेस्ट करियर पर भारी पड़ गई. माइकल बेवन सिर्फ बल्लेबाज नहीं थे. वह बेहतरीन फील्डर भी थे और उनकी लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिन गेंदबाजी कई बार टीम के काम आई. उनकी गेंदबाजी कभी-कभी अनियमित जरूर रहती थी, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह अहम विकेट निकालने की क्षमता रखते थे. बेवन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 65 विकेट झटके. करियर के आखिर में इंजरी से रहे परेशान ऑस्ट्रेलियाई टीम से बाहर होने के बाद भी माइकल बेवन का बल्ला शांत नहीं हुआ. उन्होंने तस्मानिया के लिए 2004-05 के सीजन में रिकॉर्ड 1464 रन बनाए, जिसमें 8 शतक शामिल थे. उस सीजन में उनका औसत 97.60 रहा, जो किसी सपने जैसा था. करियर के आखिरी वर्षों में बेवन घुटने, कूल्हे और एड़ी की चोटों से जूझते रहे, शरीर लगातार जवाब दे रहा था और आखिरकार जनवरी 2007 में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दुनिया के सबसे महान फिनिशर्स में गिना जाता है, लेकिन उससे पहले माइकल बेवन ने इस भूमिका की नींव रखी थी. बेवन ने साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ ताकत का खेल नहीं है, बल्कि धैर्य, दिमाग और सही फैसलों का भी खेल है. बेवन सिर्फ रन मशीन नहीं थे, बल्कि ओडीआई क्रिकेट की नई सोच के प्रतीक थे.

हनीट्रैप और सुरक्षा खतरे पर अलर्ट, IPL टीमों के लिए नई गाइडलाइन जारी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन जारी है, इसी बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सभी फ्रेंचाइजियों के लिए नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने होटल में आने-जाने वाले मेहमानों और विजिटर्स को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने फ्रेंचाइजियों को भेजे गए आधिकारिक कम्युन‍िकेशन में कहा है कि IPL ऑपरेशंस टीम समय-समय पर जांच करेगी कि एडवाइजरी का पालन हो रहा है या नहीं. साथ ही टीम मैनेजरों को सभी स्वीकृत गेस्ट विजिट और होटल मूवमेंट का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं. बोर्ड ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने बिना टीम मैनेजर की जानकारी या अनुमति के बाहरी लोगों को होटल रूम तक पहुंच दी. कई मामलों में टीम मैनेजर को विजिटर्स की मौजूदगी की जानकारी तक नहीं थी. BCCI ने इस प्रथा को तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है. नई गाइडलाइन के मुताबिक अब कोई भी व्यक्ति चाहे उसका खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य से कोई भी रिश्ता क्यों न हो, टीम मैनेजर की पूर्व जानकारी और लिखित मंजूरी के बिना होटल रूम में प्रवेश नहीं कर सकेगा. BCCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ से मिलने आने वाले मेहमानों को केवल होटल की सार्वजनिक जगहों जैसे लॉबी या रिसेप्शन लाउंज में ही मिलने की अनुमति होगी. किसी भी गेस्ट को निजी होटल रूम तक ले जाने के लिए टीम मैनेजर की लिखित अनुमति जरूरी होगी. बोर्ड ने फ्रेंचाइजियों को हनीट्रैप और सुरक्षा जोखिमों को लेकर भी आगाह किया है. एडवाइजरी में कहा गया कि हाई-प्रोफाइल स्पोर्ट्स वातावरण में टारगेटेड कॉम्प्रोमाइज और हनीट्रैप जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है. इसके अलावा यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर कानूनी आरोपों की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता. BCCI ने सभी IPL फ्रेंचाइजियों से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क और सक्रिय रहने को कहा है ताकि किसी भी तरह के विवाद या सुरक्षा संकट से बचा जा सके.

KL Rahul बनाम Sunil Narine: अरुण जेटली में कौन मारेगा बाजी?

नई दिल्ली साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। 6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया। बड़ी संभावित वारदात को टली तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।  

मार्श-प्रिंस की शानदार पारियों से लखनऊ ने बेंगलुरु को मात दी

लखनऊ लखनऊ सुपर जायंट्स ने रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को 9 रनों से हरा दिया है. क्रुणाल पांड्या और रोमारियो शेफर्ड ने अंतिम ओवर तक मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन दिग्वेश राठी ने आखिरी ओवर में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए लखनऊ की जीत सुनिश्चित की. लखनऊ की जीत में सबसे बड़ा योगदान मिचेल मार्श की शतकीय पारी का रहा, वहीं गेंदबाजी में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने कहर बरपाया।  बारिश से प्रभावित यह मुकाबला बार-बार रोका गया. पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ की टीम ने 209 रन बनाए थे. जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू को एक समय 5 ओवरों में 80 रन बनाने थे. टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या और फिर रोमारियो शेफर्ड ने ऐसा कहर बरपाया कि अंतिम ओवर में बेंगलुरू जीत की ओर बढ़ती हुई दिख रही थी।  लगातार 8 हार के बाद पहली जीत लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह जीत ऐतिहासिक भी है, क्योंकि अपने घरेलू मैदान पर लगातार 8 हार झेलने के बाद उसे पहली जीत नसीब हुई है. इकाना स्टेडियम पर LSG टीम की आखिरी जीत अप्रैल 2025 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ आई थी. उसके बाद ऋषभ पंत और उनकी सेना यहां पिछले लगातार आठ मुकाबले हार चुकी थी. मगर अब RCB को 9 रनों से हराकर लखनऊ ने उस हार के सिलसिले को विराम दिया।  मैच समाप्त होने के बाद पंत ने कहा, 'मैं यह जीत अपनी टीम के मालिक संजीव गोयनका सर को समर्पित करना चाहता हूं. क्योंकि भले ही हमारा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा हो, लेकिन जिस तरह से उन्होंने हर मैच से पहले हमारा साथ दिया और हमें आत्मविश्वास दिया, वह हमारी टीम के लिए वाकई बहुत बड़ी बात थी. उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद।  लखनऊ को मिली रोमांचक मिली जीत बात करें मैच के बारे में तो इकाना में लखनऊ की टीम बाजी मारने में कामयाब रही. बारिश से प्रभावित मुकाबले में डकवर्थ लुईस नियम के तहत मिले 213 रनों का लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी 19 ओवर में 6 विकेट खोकर 203 रन ही बना सकी. एलएसजी की यह इस सीजन की तीसरी जीत है।  बारिश के कारण हुए समय की बर्बादी की वजह से ओवरों में कटौती की गई और मुकाबले को 19-19 ओवर का किया गया. एलएसजी से मिले 210 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. जैकब बेथेल सिर्फ 4 रन बनाकर मोहम्मद शमी का शिकार बने. इसके बाद प्रिंस यादव ने बेहतरीन गेंद पर विराट कोहली को 46 पारियों के बाद 'डक' पर पवेलियन भेजा।  आखिरी 6 गेंद में चाहिए थे 20 रन अंतिम 6 गेंद में बेंगलुरू टीम को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. सामने दिग्वेश राठी थे, जो अपने पहले 3 ओवरों में 41 रन लुटा चुके थे. फिर भी कप्तान ऋषभ पंत ने राठी पर भरोसा दिखते हुए उन्हें आखिरी ओवर की जिम्मेदारी सौंपी. पहली 3 गेंदों पर सिर्फ 2 रन आए और फिर वाइड. हालात ऐसे थे कि बेंगलुरू को जीत के लिए तीन गेंद में तीन छक्के लगाने थे. चौथी गेंद पर शेफर्ड ने चौका लगाया, इसी के साथ लखनऊ की जीत पक्की हो चुकी थी।  लखनऊ सुपर जायंट्स चाहे अब भी पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर हो, लेकिन उसने अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को जीवित रखा है. 10 मैचों में LSG के 6 अंक हैं और अभी लीग स्टेज में उसके चार मुकाबले बचे हैं। 

दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग इलेवन पर सबकी नजर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। DC ने इस संस्करण 10 मुकाबले खेले हैं। 4 मैच में टीम को जीत मिली है। 6 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। KKR ने अब तक 9 मैच खेले हैं। 3 मैच में उसे जीत और 5 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर एक नजर डालते हैं। DC के खिलाफ KKR का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों के बीच 35 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC ने 15 मैचों में जीत दर्ज की है। KKR ने 19 मुकाबले जीते हैं। पिछले 3 मुकाबलों में DC की टीम को KKR के खिलाफ हार मिली है। IPL 2025 में KKR को 14 रन से जीत मिली थी। IPL 2024 में उसने पहले मैच में DC को 106 रन और दूसरे मैच में 7 विकेट से हराया था। DC को आखिरी जीत 2023 में मिली थी। ये हो सकती है KKR की प्लेइंग इलेवन KKR ने लगातार 3 मैच अपने नाम किए हैं। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेगी। कप्तान अजिंक्य रहाणे अभी भी अपने लय में नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनसे एक ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन अच्छा करना चाहेंगे। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और वरुण चक्रवर्ती। इस संयोजन के साथ उतर सकती है DC DC की टीम को पिछले मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में वह अपने प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव कर सकती है। पृथ्वी शॉ को पथुम निसांका की जगह मौका मिल सकता है। वहीं, डेविड मिलर की भी वापसी हो सकती है। संभावित एकादश: केएल राहुल (विकेटकीपर), पृथ्वी शॉ, नितीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी और मुकेश कुमार। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट प्लेयर DC: विप्रज निगम, अभिषेक पोरेल, आकिब नबी डार, करुण नायर और टि नटराजन। KKR: फिन एलन, रमनदीप सिंह, तेजस्वी दहिया, नवदीप सैनी और टिम साइफर्ट। कैसा है अरुण जेटली स्टेडियम की पिच का मिजाज? अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। तेज आउटफील्ड और छोटी सीमाएं बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने की प्रेरित करती हैं। इस पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। ऐसे में उन्हें विकेट निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होते हैं। स्पिनरों को पिच से मदद मिलती है और उनका रिकॉर्ड भी अच्छा है। हाउस्टेट के मुताबिक, इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 रन है। ऐसा रहेगा दिल्ली का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक, 8 मई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। दिल्ली में मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रेहगी नजर राहुल ने पिछले 10 मुकाबलों में 180.89 की स्ट्राइक रेट से 445 रन बनाए हैं। KKR के लिए रघुवंशी के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 132.39 की स्ट्राइक रेट से 282 रन निकले हैं। रिंकू ने पिछले 10 मैचों में 246 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में अक्षर ने पिछले 10 मैच में 9 विकेट चटकाए हैं। एनगिडी के नाम 7 मैच में 8 विकेट है। KKR के लिए नरेन ने पिछले 9 मैच में 11 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? KKR और DC के बीच यह मुकाबला 8 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

युजवेंद्र चहल का हवाई जहाज में वायरल VIDEO, ई-सिगरेट पीते पकड़े गए

मुंबई  पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल आईपीएल 2026 के बीच विवादों में घिर गए हैं। चहल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें दावा किया जा रहा कि स्पिनर हवाई जहाज में ई-सिगरेट पीते हुए पकड़ा गया। यह वीडियो अहमदाबाद से हैदराबाद जाने के दौरान का है। पंजाब की बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद से टक्कर हुई, जिसमें उसे 33 रनों से हार का सामना करना पड़ा। चहल जिस वक्त वीडियो में दिखे, तब तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पंजाब टीम के खिलाड़ियों से बातचीत कर रहे थे। हालांकि, वेपिंग (ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना) के दावे को लेकर अभी तक चहल, अर्शदीप, पीबीकीएस या आईपीएल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लपेटे में आए थे रियान पराग फ्लाइट के अंदर धूम्रपान या ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना मना है। भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध है। बता दें कि कुछ दिन पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए टीवी कैमरों में कैद हुए थे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीआई) ने पराग के खिलाफ एक्शन लिया था और उनपर खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में लगाया गया। पराग पर ना सिर्फ मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना ठोका गया बल्कि उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया। भारत सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट पर बैन लगा दिया था। कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए) 2019 के अनुसार, ''कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट का उत्पादन या निर्माण या आयात या निर्यात या परिवहन या बिक्री या वितरण नहीं करेगा और ई-सिगरेट का विज्ञापन नहीं करेगा या किसी ऐसे विज्ञापन में भाग नहीं लेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट के उपयोग को बढ़ावा देता हो।'' ई-सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, ''ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, हालांकि यह सिगरेट पीने जितना हानिकारक नहीं हो सकता है।'' उसके अनुसार, ''निकोटिन नियमित सिगरेट और ई-सिगरेट का मुख्य घटक है और इससे लत लग जाती है। इससे धूम्रपान की तीव्र इच्छा पैदा होती।'' जॉन हॉपकिंस मेडिसिन की वेबसाइट पर एक विशेषज्ञ के लेख में कहा गया है, ''निकोटिन एक जहरीला पदार्थ है। यह रक्तचाप और एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ाता है, जिससे हृदय गति बढ़ जाती है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।''

स्टार खिलाड़ी Rankireddy बोले, मॉडल्स की तुलना में हमारी उपेक्षा होती है

मुंबई   भारत के स्टार डबल्स बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने भारतीय खेल व्यवस्था, सरकार और सोशल मीडिया कल्चर को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की है. इंड‍िया टुडे को दिए एक भावुक इंटरव्यू में सात्विक ने कहा कि देश के लिए मेडल जीतने के बाद भी खिलाड़ियों को वह सम्मान नहीं मिलता जिसके वे हकदार हैं।  थॉमस कप 2026 में भारत ने चाइनीज ताइपे को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता, लेकिन सेमीफाइनल में फ्रांस से हारकर बाहर हो गया. यह तीन एडिशन में भारत का दूसरा मेडल था. इससे पहले 2022 में भारत ने ऐतिहासिक गोल्ड जीता था, जिसमें सात्विक और उनके जोड़ीदार च‍िराग शेट्टी की बड़ी भूमिका रही थी।  भारत लौटने के बाद सात्विक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपना दर्द जाहिर किया. उन्होंने लिखा- हम वापस आ गए हैं. लेकिन हमेशा की तरह किसी को नहीं पता कि पिछले दो हफ्तों में क्या हुआ और शायद किसी को फर्क भी नहीं पड़ता।  'एयरपोर्ट पर किसी ने नहीं पूछा हम कौन हैं सात्विक ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ उपेक्षा की शुरुआत टूर्नामेंट से पहले ही हो जाती है. उन्होंने खुलासा किया कि थॉमस कप के लिए टीम को अपनी जर्सी खुद डिजाइन और प्रिंट करवानी पड़ी।  उनके मुताबिक, एचएस प्रणॉय ने सुझाव दिया था कि टीम एक स्टार वाली थॉमस कप टी-शर्ट पहने. खिलाड़ियों ने खुद डिजाइन तैयार किया, प्रिंट करवाया और कुछ टी-शर्ट बेचकर पैसा चैरिटी में दान भी किया। सात्विक ने कहा- एयरपोर्ट पर किसी ने नहीं पूछा कि हम भारतीय बैडमिंटन टीम हैं या नहीं. इमिग्रेशन से लेकर फ्लाइट तक किसी को फर्क नहीं पड़ा. यह दिल तोड़ देता है।  'हमें पैसे नहीं, बस सम्मान चाहिए' भारतीय स्टार ने कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ थोड़ी सराहना चाहिए. उन्होंने कहा- हमें पैसे नहीं चाहिए. बस कोई कह दे कि हमने आपका मैच देखा, बहुत अच्छा खेला. एयरपोर्ट पर एक छोटा स्वागत हो जाए, बच्चे मिल लें, इतना काफी है.  सात्विक का दर्द उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने टीम की उपलब्धि को कमतर बताया. एक वायरल पोस्ट में कहा गया कि “तीसरे-चौथे स्थान पर आने से स्टारडम नहीं मिलता है।  1983 वर्ल्ड कप जैसा पल था थॉमस कप  सात्विक ने कहा कि 2022 का थॉमस कप गोल्ड भारतीय बैडमिंटन के लिए वैसा ही मोमेंट हो सकता था जैसा 1983 वर्ल्ड कप क्रिकेट के लिए था.उन्होंने कहा- 1983 के बाद क्रिकेट बदल गया. पैसा आया, स्टारडम आया, इंफ्रास्ट्रक्चर आया. लेकिन थॉमस कप जीतने के बाद भी बैडमिंटन की स्थिति नहीं बदली।  उनके मुताबिक, आज भी हैदराबाद में लोग उन्हें पहचानते तक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कई बार रेस्तरां में उन्हें टेबल तक नहीं मिलती, जबकि इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर को तुरंत एंट्री दे दी जाती है।  कभी-कभी लगता है बैडमिंटन छोड़ दूं: सात्व‍िक  25 वर्षीय सात्विक ने कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि बैडमिंटन छोड़कर इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर बन जाना चाहिए. उन्होंने कहा- मैं सोचता हूं कि इंस्टाग्राम पर डांस और गाने डालूं. शायद वहीं ज्यादा पहचान और पैसा है. अभी भी सपोर्ट नहीं है और शायद आगे भी नहीं मिलेगा।  उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार पर भी नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें अपने राज्य से कोई मदद या सम्मान नहीं मिलता. वहीं 2024 में उनके साथी च‍िराग शेट्टी ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा क्रिकेटरों को करोड़ों की इनामी राशि देने पर सवाल उठाए थे।  'रिटायरमेंट के बाद कोई याद नहीं रखेगा' सात्विक ने कहा कि एक खिलाड़ी का करियर बहुत छोटा होता है और उन्हें डर है कि रिटायरमेंट के बाद लोग उन्हें पूरी तरह भूल जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर अभी कोई पहचान नहीं रहा तो रिटायर होने के बाद कौन याद रखेगा?  सात्विक ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को सिर्फ इतना एहसास चाहिए कि देश उनके मेडल की कद्र करता है। 

विवादित पेनाल्टी फैसलों के बीच एटलेटिको का टूटा यूसीएल जीतने का सपना

लंदन  एटलेटिको मैड्रिड का पहली बार यूएफा चैंपियंस लीग खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। मंगलवार रात लंदन के एनफील्ड एरिना में खेले गए सेमीफाइनल के दूसरे लेग में आर्सेनल ने बुकायो साका के गोल से एटलेटिको पर 1-0 की जीत दर्ज की और कुल 2-1 से फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही आर्सेनल ने 20 साल बाद चैंपियंस लीग फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि मैच के बाद चर्चा आर्सेनल की जीत से ज्यादा उन विवादित पेनाल्टी निर्णयों की रही, जो एटलेटिको के विरुद्ध गए। आर्सेनल के लिए बुकायो साका के पहले हाफ के अंतिम मिनट में गोल दागा, जो मैच का एकमात्र गोल था। 45वें मिनट में लिएंड्रो ट्रोसार्ड के शाट को जान ओब्लाक ने बचा लिया, जिसके बाद साका ने रिबाउंड पर गोल दागकर आर्सेनल को बढ़त दिला दी। बढ़त हासिल करने के बाद आर्सेनल की रक्षापंक्ति ने उसे बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई। वहीं डिएगो सिमोन की टीम एटलेटिको मैड्रिड ने शुरुआत से आक्रामक खेल खेला, लेकिन दूसरे हाफ में दो अहम मौकों पर रेफरी के फैसले उसके विरुद्ध चले गए। 51वें मिनट में एटलेटिको के युवा विंगर गुइलियानो सिमोने पेनाल्टी बाक्स के अंदर गिर पड़े। उन्होंने आर्सेनल के गोलकीपर डेविड राया को पार कर लिया था और शाट लेने ही वाले थे कि पीछे से डिफेंडर गैब्रियल मैगलहेस ने उन्हें चुनौती दी। सिमोने ने तुरंत पेनाल्टी की मांग की, लेकिन जर्मन रेफरी डेनियल सीबर्ट ने खेल जारी रखा। वीडियो रिव्यू जांच के बाद भी फैसला नहीं बदला गया। इसके सिर्फ पांच मिनट बाद एटलेटिको को एक और झटका लगा। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर एंटोइन ग्रीजमैन पेनाल्टी बाक्स में आर्सेनल डिफेंडर रिकार्डो कालाफियोरी के संपर्क में आने के बाद गिर पड़े। रीप्ले में ग्रीजमैन के पैर पर स्टड पड़ता साफ दिखाई दिया, लेकिन रेफरी ने इससे पहले एटलेटिको खिलाड़ी मार्क प्यूबिल द्वारा गैब्रियल पर फाउल मानते हुए पेनाल्टी नहीं दी। एटलेटिको के कोच डिएगो सिमोने ने सीधे तौर पर रेफरी की आलोचना करने से बचते हुए कहा, अब कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। हम बाहर हो गए हैं और आर्सेनल को बधाई देनी होगी। लेकिन कुछ फैसले ऐसे थे जिन्हें सभी ने देखा। पहले चरण में भी दोनों टीमों ने पेनाल्टी फैसलों को लेकर शिकायत की थी। उस मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-एक पेनाल्टी गोल किया था और मैच 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुआ था। मैच समाप्त होने के बाद एटलेटिको के खिलाडि़यों और कोचिंग स्टाफ ने दर्शकों का अभिवादन किया। हालांकि हार के साथ एक बार फिर चैंपियंस लीग का उनका सपना टूट गया, जबकि आर्सेनल अब दो दशक बाद यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। आर्सेनल ने अब तक तीनों नाकआउट राउंड में अपने घरेलू मैदान पर एक भी गोल नहीं खाया है। टीम ने लीग चरण में अपने सभी आठ मैच जीतकर प्रतियोगिता में सबसे कम चार गोल खाए थे।