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IPL 2026 Qualifier-2 में वैभव सूर्यवंशी के निशाने पर 3 महारिकॉर्ड, सिर्फ 11 छक्कों की दरकार

 मुल्लांपुर राजस्थान रॉयल्स के ओपनर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस समय IPL 2026 के सबसे बड़े स्टार बन चुके हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में 29 गेंदों पर 97 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया. अब शुक्रवार (29 मई) को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ खेले जाने वाले क्वालिफायर-2 मुकाबले में वैभव कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।  एलिमिनेटर मैच में वैभव ने 12 छक्के जड़ते हुए एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने क्रिस गेल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. IPL 2026 में अब तक वैभव के नाम 65 छक्के दर्ज हो चुके हैं और उनका बल्ला लगातार आग उगल रहा है।  क्या टूटेगा आईपीएल के सबसे तेज शतक का र‍िकॉर्ड  हैदराबाद के खिलाफ वैभव इतिहास रचने से सिर्फ 3 रन दूर रह गए थे. उन्होंने 29 गेंदों पर 97 रन बनाए और IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए. यह रिकॉर्ड अब भी क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 2013 में सिर्फ 30 गेंदों पर शतक लगाया था. यानी वो अपने फॉर्म में रहे तो इस र‍िकॉर्ड को भी बना सकते हैं।  सबसे तेज आईपीएल 1000 रन  वैभव सूर्यवंशी IPL में 1000 रन पूरे करने के बेहद करीब भी पहुंच चुके हैं. उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सिर्फ 68 रन की जरूरत है. अगर वह गुजरात के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो IPL इतिहास में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन सकते हैं. यह रिकॉर्ड फिलहाल गुजरात टाइटन्स के ही स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन के नाम दर्ज है, जिन्होंने 25 मैचों में 1000 IPL रन पूरे किए थे. वैभव अब तक 22 आईपीएल मैचों की 22 पार‍ियों में 932 रन जड़ चुके हैं।  सबसे तेज 100 छक्के का र‍िकॉर्ड किसके नाम  अब गुजरात टाइटन्स के खिलाफ वैभव के पास एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा. उनके नाम फिलहाल IPL में 89 छक्के हैं और उन्होंने ये कारनामा सिर्फ 402 गेंदों में किया है. अगर वह क्वालिफायर-2 में 11 छक्के लगा देते हैं तो IPL इतिहास में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।  फिलहाल यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर आंद्रे रसेल के नाम है. रसेल ने IPL में 100 छक्के पूरे करने के लिए 657 गेंदों का सामना किया था. वैभव इस रिकॉर्ड को काफी बड़े अंतर से तोड़ सकते हैं।  वहीं IPL इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने का ओवरऑल रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज शॉन मार्श के नाम है. उन्होंने सिर्फ 21 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी।  जिस अंदाज में वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर साफ है कि गुजरात टाइटन्स के गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती रहने वाली है. अगर उनका बल्ला एक बार फिर चला, तो IPL रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जुड़ सकते हैं। 

जीत के जश्न के बीच अचानक गिर पड़ा टेनिस स्टार, फ्रेंच ओपन में दिखा डराने वाला मंजर

 पेरिस याकूब मेनसिक ने फ्रेंच ओपन 2026 में जीत तो हासिल कर ली, लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो दृश्य कोर्ट पर देखने को मिला, उसने खिलाड़ियों से लेकर दर्शकों तक सभी को चिंता में डाल दिया. लगभग पांच घंटे तक चले मुकाबले के बाद 20 साल का यह युवा टेनिस स्टार कोर्ट पर ही गिर पड़ा और दर्द से तड़पता नजर आया।  पेरिस की झुलसा देने वाली गर्मी, 33 डिग्री तापमान और बिना किसी छांव के खेला गया यह मुकाबला किसी परीक्षा से कम नहीं था. कोर्ट-6 पर खेले गए इस मुकाबले में मेनसिक ने मारियानो नावोन को 6-3, 2-6, 6-4, 1-6, 7-6 (11) से हराया. मुकाबला 4 घंटे 41 मिनट तक चला और आखिरी पल तक दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला।  पांचवें सेट का टाईब्रेकर शुरू होते-होते मेनसिक का शरीर जवाब देने लगा था. तेज गर्मी और लंबे मुकाबले की वजह से उनके पैरों में बुरी तरह क्रैम्प्स आने लगे. वह मुश्किल से चल पा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दर्द में कराहते हुए भी वह हर पॉइंट के लिए लड़ते रहे।  टाईब्रेकर में स्कोर 13-11 पहुंचा और जैसे ही मेनसिक ने फोरहैंड विनर लगाकर मैच खत्म किया, वह तुरंत क्ले कोर्ट पर गिर पड़े. जीत का जश्न मनाने की ताकत भी उनके अंदर नहीं बची थी. वह पीठ के बल लेट गए, दोनों हाथों से चेहरा ढक लिया और कुछ देर तक बिल्कुल नहीं उठ पाए।  विपक्षी खिलाड़ी ने बढ़ाया हौसला कुछ सेकेंड बाद याकूब मेनसिक दर्द से अपना पैर पकड़ लिया और मदद का इशारा करने लगे. स्टेडियम में मौजूद दर्शक पूरी तरह खामोश हो गए. हारने के बावजूद मारियानो नावोन ने शानदार खेल भावना दिखाई. वह तुरंत नेट पार करके मेनसिक के पास पहुंचे और उनकी हालत का हाल जाना।  अंपायर भी तेजी से नीचे उतरे और फिजियो को बुलाया गया. करीब एक मिनट तक मेनसिक कोर्ट पर ही पड़े रहे, जिसके बाद मेडिकल टीम पहुंची. उन्हें बर्फ दी गई और धूप से बचाने के लिए छाता लगाया गया. करीब 10 मिनट तक उनका इलाज चलता रहा. हालांकि हालत खराब होने के बावजूद मेनसिक ने व्हीलचेयर लेने से मना कर दिया. वह धीरे-धीरे खुद चलकर कोर्ट से बाहर गए, लेकिन उनकी चाल साफ बता रही थी कि शरीर पूरी तरह टूट चुका है।  अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या मेनसिक तीसरे दौर में खेलने के लिए फिट हो पाएंगे. अगले मुकाबले में उनका सामना दुनिया के नंबर-8 खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर से होना है. दरअसल, इस साल फ्रेंच ओपन में खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ विरोधी खिलाड़ी नहीं, बल्कि पेरिस की खतरनाक गर्मी भी बन गई है. हीटवेव की वजह से कई खिलाड़ी शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।  पूर्व फाइनलिस्ट कैस्पर रूड ने भी खुलासा किया कि उन्हें पहले दौर के मैच में हीटस्ट्रोक जैसा महसूस हुआ था. रूड ने कहा कि चौथे सेट में उन्हें चक्कर आने लगे थे और वह खुद को 'जॉम्बी की तरह' महसूस कर रहे थे। 

एबी डिविलियर्स, युवराज और गेल जैसे स्टार्स की वापसी से बढ़ेगा रोमांच

 नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को अब उनके फैंस एक बार फिर से एक्शन में देख पाएंगे। दरअसल, वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) ने अपने तीसरे सीजन की घोषणा कर दी है। अक्टूबर 2026 में होने वाले इस सीजन में संन्यास ले चुके दिग्गज खिलाड़ी और कुछ नए चेहरे मैदान पर धमाल मचाने वाले हैं। पहले दो सीजन में लीग ने क्रिकेट जगत में धमाकेदार एंट्री की। अब यह लीग IPL के बाद दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली क्रिकेट लीग बन चुकी है। सीजन 2 के आंकड़े देखकर हैरानी होती है। इसके 42 करोड़ 30 लाख पूरी दुनिया में दर्शक हैं। इसके अलावा 120 करोड़ इसका डिजिटल इंप्रेशन है। कई दिग्गज खिलाड़ी करेंगे वापसी इस बार फिर मैदान पर पुरानी यादें ताजा होंगी। एबी डी विलियर्स बल्ले से जादू दिखाएंगे, युवराज सिंह अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों को परेशान करेंगे। हरभजन सिंह की स्पिन का जादू भी फैंस को देखने को मिलेगा। इनके अलावा डीजे ब्रावो, मोईन अली और क्रिस गेल जैसे स्टार भी वापसी करेंगे। खबरें तो यह भी कह रही हैं कि कुछ नए बड़े नाम भी इस सीजन में जुड़ सकते हैं, जिनकी वजह से रोमांच और बढ़ जाएगा। फॉर्मेट में नहीं होगा बदलाव WCL का फॉर्मेट पहले की तरह ही रहेगा। इसमें इंडिया चैंपियंस, पाकिस्तान चैंपियंस, इंग्लैंड चैंपियंस, ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस, साउथ अफ्रीका चैंपियंस, वेस्टइंडीज चैंपियंस और बांग्लादेश चैंपियंस की टीमें हिस्सा लेंगी। ये टीमें उन खिलाड़ियों से भरी होंगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अपनी पहचान दी है। भारत-पाकिस्तान, भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसी पुरानी राइवलरी फिर से मैदान पर देखने को मिलेगी। WCL के फाउंडर का बड़ा बयान WCL के फाउंडर और सीईओ हर्षित तोमर ने कहा, "जब हमने WCL शुरू किया था तो हमारा सपना था कि फैंस को क्रिकेट से ज्यादा कुछ दे सकें। दो सीजन में यह लीग दुनिया की दूसरी सबसे पॉपुलर क्रिकेट लीग बन गई है। सीजन 3 को हम और भी बड़े स्तर पर ले जाएंगे।"  

पैरा एथलीट सुमित अंतिल का 74.82m थ्रो, F64 में नया विश्व रिकॉर्ड

 नई दिल्ली शक्ति और सटीकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए, भारत के पैरा-एथलेटिक्स सुपरस्टार सुमित अंतिल ने बुधवार को आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक F64 स्पर्धा में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के इस एथलीट ने 74.82 मीटर का विशाल थ्रो किया, जिससे दर्शक खुशी से झूम उठे और वैश्विक पैरा-खेल समुदाय को एक स्पष्ट संदेश दिया। दो बार के पैरालंपिक चैंपियन एंटिल ने प्रतियोगिता के दौरान ही अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म का प्रदर्शन कर दिखाया था। उन्होंने धीरे-धीरे गति पकड़ी और चौथे प्रयास में 70.30 मीटर का थ्रो किया, जिसके बाद उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पांचवें थ्रो में दिखाया। उनके इस अंतिम प्रयास ने न केवल उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया, बल्कि 2022 एशियाई पैरा गेम्स में बनाए गए उनके पिछले विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर को भी तोड़ दिया। शानदार प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वियों को अचंभित कर दिया। नौ खिलाड़ियों के इस समूह का सुमित अंतिल के विस्फोटक प्रदर्शन के आगे कोई चांस नहीं था। उन्होंने शुरू से अंत तक प्रतियोगिता पर पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखा। महाराष्ट्र के संदीप सरगर ने 62.88 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता और काफी पीछे दूसरे स्थान पर रहे। यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि उस दिन अंतिल कितने आगे थे। इस ताजा जीत ने एंटिल के पहले से ही शानदार करियर में एक और चमकीला अध्याय जोड़ दिया है। पिछले ही साल, 26 वर्षीय एंटिल ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता था, जिससे उन्होंने बार-बार साबित किया कि वे F64 वर्ग में भाला फेंक के निर्विवाद बादशाह बने हुए हैं। भारतीय पैरा स्पोर्ट्स के लिए यह रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण है? भारतीय पैरा-एथलेटिक्स प्रशंसकों के लिए सुमित एंटिल की उपलब्धि सिर्फ एक और पदक से कहीं अधिक है; इसने देश में इस खेल के तीव्र विकास को उजागर किया है। इंडियन ओपन जैसी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी से घरेलू खिलाड़ियों को परिचित परिस्थितियों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है, साथ ही उन्हें विदेशी खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने का अवसर भी मिलता है। एंटिल के विश्व-रिकॉर्ड थ्रो से राष्ट्रीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और हजारों दिव्यांग युवा खिलाड़ियों को इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। इस आयोजन में मौजूद कोचों और अधिकारियों ने हरियाणा के इस स्टार खिलाड़ी की निरंतरता और मानसिक दृढ़ता की सराहना की। प्रतियोगिता में प्रबल दावेदार के रूप में उतरे इस खिलाड़ी ने दबाव को बखूबी संभाला और अहम मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया। भविष्य की ओर: सुमित एंटिल और अधिक सफलता की ओर अग्रसर हैं। आगामी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए, सुमित एंटिल का प्रदर्शन शानदार है। नई दिल्ली में उनके रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वे F64 भाला फेंक में अपनी क्षमताओं को लगातार निखार रहे हैं। समर्थक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि भविष्य की चैंपियनशिप और पैरालंपिक खेलों में वे कितनी ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।  

सिनर ने ताबुर को हराकर फ्रेंच ओपन में दमदार शुरुआत की

पेरिस  दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जानिक सिनर ने फ्रेंच ओपन में अपने पहले दौर के मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल की। सिनर ने फ्रांस के 171वीं रैंकिंग वाले वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी क्लेमेंट ताबुर को 6-1, 6-3, 6-4 से हराया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार 30वीं जीत दर्ज की। अब उन्होंने फ्रेंच ओपन खिताब जीतने की अपनी कोशिश भी शुरू कर दी है। पिछले साल फाइनल में कार्लोस अलकराज से पांच सेटों में मिली नाटकीय हार के बाद रोलां गैरो में वापसी करते हुए सिनर का पहला मुकाबला उस मैच से बिल्कुल अलग रहा। सिनर ने कहा कि मैं यहां वापस आकर बहुत खुश हूं। यहां की यादें बेहद शानदार हैं। पेरिस के माहौल में खुद को ढालने के लिए सिनर और उनके भाई ने एफिल टावर का लेगो प्रोजेक्ट शुरू किया था। इटालियन ओपन जीतने के बाद वह अपने घर गए थे, जहां उन्होंने इस मॉडल पर काम किया। सिनर का प्रचंड फॉर्म 24 वर्षीय सिनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं और लगातार पांच टूर्नामेंट जीत चुके हैं। अलकराज के दाएं हाथ की कलाई में चोट के कारण बाहर होने के बाद सिनर को फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वहीं, अन्य मुकाबलों में नीदरलैंड्स के जेस्पर डी जोंग ने इटली के फेडरिको सीना को 6-3, 6-1, 6-3 को मात दी। इसके अलावा बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाक्स के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया के आठवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर को वॉकओवर मिला। स्वियातेक तीसरे दौर में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी इगा स्वियातेक ने बुधवार को फ्रेंच ओपन में अपनी लय हासिल करने की कोशिश जारी रखते हुए तीसरे दौर में प्रवेश कर लिया। उन्होंने चेक गणराज्य की सारा बेजलेक को 6-2, 6-3 से हराया। चार बार की चैंपियन स्वियातेक अपनी प्रतिद्वंद्वी से काफी बेहतर नजर आईं। इसके बावजूद उन्होंने 38 अनफोर्स्ड एरर किए, जिनमें कई डबल फाल्ट भी शामिल रहे। कोर्ट फिलिप चैटियर पर खेले गए मुकाबले में शुरुआती गेमों में दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे की सर्विस तोड़ी। इसके बाद स्वियातेक ने 5-1 की बढ़त बना ली, लेकिन सातवें गेम में डबल फाल्ट कर उन्होंने दुनिया की 35वें नंबर की खिलाड़ी बेजलेक को वापसी का मौका दे दिया। बेलिंडा की एकतरफा जीत स्वियातेक ने कई बार जल्दबाजी दिखाई, लेकिन 19 अनफोर्स्ड एरर के बावजूद पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट के शुरुआती आठ गेम में से पांच में सर्विस टूटने के बाद मुकाबला काफी बिखरा हुआ नजर आया। अंत में बेजलेक के फोरहैंड शॉट नेट में जाने के साथ स्वियातेक ने जीत दर्ज की। वहीं, 11वीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनसिक ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को एकतरफा मुकाबले में 6-4, 6-0 से हराया। वहीं, पांचवीं वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला उलटफेर की शिकार हो गईं। उनको आस्ट्रेलिया की किंबर्ली बिरेल ने 1-6, 6-3, 6-3 से शिकस्त देकर अगले दौर में जगह बनाईं।

प्रणय ने जोनाथन क्रिस्टी को हराकर दूसरे दौर में बनाई जगह

सिंगापुर  भारतीय स्टार शटलर एचएस प्रणय ने बुधवार को खेले गए सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में इंडोनेशिया के पांचवीं वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी को तीन गेम में हराकर पुरुष सिंगल्स के दूसरे दौर में प्रवेश किया। 33 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने शानदार संयम दिखाते हुए दुनिया के नंबर-5 खिलाड़ी को एक घंटे से कुछ अधिक समय तक चले मुकाबले में 10-21, 21-12, 21-18 से मात दी। यह पांच वर्षों में क्रिस्टी पर प्रणय की पहली जीत रही। इससे पहले उन्होंने आखिरी बार 2021 इंडोनेशिया ओपन में उन्हें हराया था। 2022 थॉमस कप में भारत की ऐतिहासिक जीत और हाल ही में डेनमार्क में कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रणय का अगला मुकाबला सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से होगा। भारतीय मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो ने भी मलेशिया की वोंग टिएन सी और लिम चियू सिएन को 21-14, 20-22, 21-13 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। हालांकि, किदांबी श्रीकांत और मालविका बंसोड़ शुरुआती दौर की बाधा पार नहीं कर सके

हर 4वीं गेंद पर छक्का! IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक विस्फोट

वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 65 छक्के पूरे कर लिए हैं- किसी भी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा. उन्होंने 2012 में क्रिस गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. लेकिन असली तबाही यहां छिपी है- गेल ने अपने 59 छक्कों तक पहुंचने के लिए 456 गेंदें खेली थीं. वैभव ने 65 छक्कों के लिए सिर्फ 280 गेंदें लीं. यानी हर चौथी गेंद पर छक्का! यह आंकड़ा नहीं, गेंदबाजों के लिए डरावना सपना है. 16 गेंदों में फिफ्टी… प्लेऑफ इतिहास की बराबरी SRH के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. यह IPL प्लेऑफ/नॉकआउट इतिहास की संयुक्त सबसे तेज फिफ्टी है. इससे पहले 2014 के क्वालिफायर-2 में सुरेश रैना ने किंग्स XI पंजाब के खिलाफ 16 गेंदों में पचासा ठोका था. अब उस सूची में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी दर्ज हो चुका है. 242.85 की स्ट्राइक रेट… जो टी20 इतिहास में कभी नहीं हुई वैभव ने इस सीजन 15 पारियों में 680 रन बनाए हैं. स्ट्राइक रेट? 242.85! टी20 इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने 600+ रन बनाकर 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट रखी है. इससे पहले सबसे बेहतर रिकॉर्ड रिली रूसो का था, जिन्होंने 2022 T20 Blast में 623 रन 192.28 की स्ट्राइक रेट से बनाए थे. वैभव ने उस सीमा को भी बौना बना दिया. 12 छक्के… और IPL प्लेऑफ का नया विस्फोट एलिमिनेटर में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 12 छक्के जड़ दिए. यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के हैं. दिलचस्प बात? उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की, जो इसी सीजन जयपुर में SRH के खिलाफ बनाया था. और सिर्फ भारतीयों में ही नहीं- IPL प्लेऑफ या नॉकआउट मैच में 12 छक्के अब तक किसी ने नहीं लगाए थे. इससे पहले शुभमन गिल ने 2023 क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 10 छक्के जड़े थे. पहली 24 गेंदों में 10 छक्के… IPL ने ऐसा पहले नहीं देखा वैभव के पहले 10 छक्के सिर्फ 24 गेंदों में आए. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने इतनी तेजी से 10 छक्के नहीं लगाए. क्रिस गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ अपनी 175* वाली पारी में पहले 10 छक्कों के लिए 27 गेंदें ली थीं. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. पावरप्ले में 8 छक्के… नई परिभाषा SRH के खिलाफ वैभव के 12 में से 8 छक्के पावरप्ले में आए. IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा इतने छक्के कभी नहीं लगे थे. इससे पहले कई बल्लेबाज एक पारी में पावरप्ले में 7 छक्के लगा चुके थे, जिनमें खुद वैभव भी शामिल थे. लेकिन अब रिकॉर्ड सिर्फ उनके नाम है. 10+ छक्कों वाली 4 पारियां… गेल की बराबरी वैभव अब IPL में 10 या उससे ज्यादा छक्कों वाली 4 पारियां खेल चुके हैं. उन्होंने क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. सबसे हैरान करने वाली बात- इनमें से 3 पारियां सिर्फ IPL 2026 में आई हैं. किसी एक सीजन में ऐसा पहले किसी बल्लेबाज ने नहीं किया. 334.48 की स्ट्राइक रेट… 90+ रन वाली सबसे खतरनाक पारी 29 गेंदों पर 97 रन. स्ट्राइक रेट- 334.48. IPL इतिहास में 90+ रन की किसी भी पारी में यह सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट है. इससे पहले रिकॉर्ड रजत पाटीदार के नाम था, जिन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 33 गेंदों में 93* बनाते हुए 281.81 की स्ट्राइक रेट हासिल की थी. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया. 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर… कोई आसपास नहीं वैभव IPL में तीन बार 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ रन बना चुके हैं. ऐसा IPL इतिहास में किसी और बल्लेबाज ने नहीं किया. पूरे टी20 क्रिकेट की बात करें तो यह चौथी बार है जब उन्होंने ऐसा कारनामा किया. उन्होंने कीरोन पोलार्ड की बराबरी कर ली है. पावरप्ले में फिफ्टी… वार्नर के पीछे सिर्फ एक कदम वैभव अब IPL में पांच बार पावरप्ले के अंदर ही अर्धशतक पूरा कर चुके हैं. उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने ऐसा छह बार किया. इनमें से चार फिफ्टी सिर्फ 2026 सीजन में आई हैं, जो ट्रैविस हेड के 2024 रिकॉर्ड की बराबरी है. 490 रन सिर्फ पहले 6 ओवर में! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान 490 रन बना दिए हैं.  यह IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन हैं. उन्होंने 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. यह सिर्फ सीजन नहीं… सत्ता परिवर्तन है क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, सुरेश रैना, कीरोन पोलार्ड, शुभमन गिल… एक-एक करके हर बड़े नाम के रिकॉर्ड पर अब वैभव सूर्यवंशी की मुहर लग रही है. और सबसे डराने वाली बात? यह खिलाड़ी अभी 15 साल का है. आईपीएल 2026 शायद सिर्फ एक सीजन नहीं, बल्कि उस युग की शुरुआत है, जहां रिकॉर्ड टूटने से पहले लोग सिर्फ यह पूछेंगे- 'क्या वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं?' वैभव ने जो बड़े रिकॉर्ड तोड़े- – एक T20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के – 65 (क्रिस गेल के 59 छक्के पीछे छोड़े) – IPL प्लेऑफ में सबसे ज्यादा छक्के -12 (शुभमन गिल के 10 छक्कों का रिकॉर्ड टूटा) – IPL में सबसे तेजी से 10 छक्के – 24 गेंद (गेल के 27 गेंद वाले रिकॉर्ड से आगे) – IPL पारी के पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के – 8 – एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन- 490 (डेविड वॉर्नर के 467 रन पीछे छोड़े) – 600+ रन और 200+ स्ट्राइक रेट वाला पहला बल्लेबाज (टी20 इतिहास में पहली बार) – 90+ रन वाली IPL पारी में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट – 334.48 – एक सीजन में 10+ छक्कों वाली सबसे ज्यादा पारियां -3 – अनकैप्ड बल्लेबाज द्वारा IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन – 680* – IPL सीजन में सबसे विस्फोटक बाउंड्री रेट – हर 4.3 गेंद पर छक्का- गेल के 7.7 से काफी आगे. जिन रिकॉर्ड्स की बराबरी की- – IPL प्लेऑफ की सबसे तेज फिफ्टी – 16 गेंद (सुरेश रैना के साथ) – IPL में 10+ छक्कों वाली 4 पारियां – क्रिस गेल की बराबरी – 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर – कीरोन … Read more

वैभव ने मचाया कोहराम, जोफ्रा ने बरपाया कहर… SRH IPL से बाहर

 मुल्लांपुर मुल्लांपुर में बुधवार रात IPL 2026 के एल‍िम‍िनेटर (Eliminator) मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वाल‍िफायर-2 (Qualifier-2) में जगह बना ली. इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर. एक ने बल्ले से तूफान मचाया, तो दूसरे ने गेंद से SRH की कमर तोड़ दी। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 243 रन बनाए. जवाब में हैदराबाद की पूरी टीम 19.2 ओवर में 196 रन पर ऑलआउट हो गई. अब राजस्थान का सामना शुक्रवार को गुजरात टाइटन्स से होगा. इस मैच का विजेता फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगा। पूरे मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की रही. 15 साल के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 12 छक्के और 5 चौके शामिल रहे. वह IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से सिर्फ 3 रन दूर रह गए. क्रिस गेल का 30 गेंदों में शतक का रिकॉर्ड टूटते-टूटते बचा। वैभव ने शुरुआत से ही पैट कमिंस और SRH के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. फुल लेंथ गेंदों को सीधे साइट स्क्रीन के पार पहुंचाया, जबकि शॉर्ट गेंदों पर भी जमकर रन बटोरे. उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक थी कि SRH कप्तान कमिंस लगातार फील्ड बदलते और रणनीति बनाते नजर आए, लेकिन कोई तरीका काम नहीं आया। इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ने छक्कों का नया रिकॉर्ड भी बना दिया. उन्होंने IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के लगाने का कारनामा किया. इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था कि वह T20 क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने के अपने सपने को भी सच कर सकते हैं. हालांकि आठवें ओवर में प्रफुल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन पर कैच आउट होकर वह इतिहास रचने से चूक गए. आउट होने के बाद उनका धीमे कदमों से पवेलियन लौटना उनकी निराशा साफ दिखा रहा था। दूसरे छोर पर यशस्वी जायसवाल 29 रन बनाकर संघर्ष करते दिखे. वहीं ध्रुव जुरेल ने सिर्फ 21 गेंदों में 50 रन की शानदार पारी खेली. राजस्थान एक समय 13 ओवर में 2 विकेट पर 180 रन बनाकर 260 के पार जाता दिख रहा था, लेकिन आखिरी 5 ओवर में SRH ने वापसी की. उस दौरान राजस्थान ने 36 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए। हैदराबाद की ओर से प्रफुल हिंगे ने 3 विकेट लिए, हालांकि उन्होंने 4 ओवर में 54 रन भी दिए. शिवांग कुमार ने यशस्वी जायसवाल का विकेट लेकर प्रभावित किया. दूसरी तरफ कमिंस का दिन बेहद खराब रहा. उन्होंने 4 ओवर में बिना विकेट लिए 64 रन लुटा दिए. साकिब हुसैन ने 3 ओवर में 49 रन दिए, जबकि ईशान मलिंगा भी महंगे साबित हुए। 244 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही. जोफ्रा आर्चर ने पावरप्ले में ही मैच राजस्थान की तरफ मोड़ दिया. उन्होंने पहले अभिषेक शर्मा को बाउंसर पर फंसाया, फिर ईशान किशन को कवर पर कैच कराया. ट्रैविस हेड ने उनकी रफ्तार के खिलाफ जगह बनाकर खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे स्टंप्स में जा लगी। आर्चर की तेज रफ्तार गेंदबाजी के सामने SRH का विस्फोटक टॉप ऑर्डर टिक नहीं पाया. पांचवें ओवर तक टीम 57 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी. इसके बाद हैदराबाद कभी मुकाबले में वापसी नहीं कर सका और आखिरकार 196 रन पर ढेर हो गया। राजस्थान के लिए यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि पूरे सीजन में टीम की लड़ाई और वापसी की कहानी भी बन गई. अब टीम की नजर Qualifier-2 जीतकर फाइनल में पहुंचने पर होगी. क्वाल‍िफायर 2 मुकाबला 29 मई को गुजरात के ख‍िलाफ होना है।  

क्रिकेट इतिहास में नया तूफान! वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर से भी तेज

मुंबई   भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई नया युवा बल्लेबाज कमाल करता है, तो उसकी तुलना तुरंत भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर से होने लगती है। लेकिन आज कहानी कुछ और है। सवाल यह नहीं है कि क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अगले सचिन हैं, बल्कि सस्पेंस इस बात का है कि क्रिकेट के मायने अब कितने बदल चुके हैं। जहां सचिन के दौर में क्रीज पर टिकना महानता थी, वहीं वैभव के दौर में पहली ही गेंद से तबाही मचाना पहचान बन चुका है। सचिन की परीक्षा थी 'टिकना' 15 नवंबर 1989 को जब 16 साल के सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के खतरनाक गेंदबाजों के सामने उतरे, तो उनका मकसद सिर्फ जिंदा रहना और क्रीज पर टिकना था। उन्होंने साल 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ 119 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने के लिए 189 गेंदें ली थीं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेट और धैर्य ही असली पैमाना हुआ करते थे, जहां स्कूल की किताबें साथ लेकर चलने वाले सचिन ने धीरे-धीरे अपनी बादशाहत बनाई। पहली गेंद से धमाका करते वैभव इसके ठीक उलट, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू करते ही शार्दुल ठाकुर की पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज 35 गेंदों में शतक ठोक दिया, जो किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक है। अपनी 101 रनों की पारी में 94 रन तो उन्होंने सिर्फ चौके-छक्कों से बनाए थे। IPL 2026 के सीजन में वैभव का बल्ला आग उगल रहा है। उन्होंने 14 मैचों में 232 के हैरान करने वाले स्ट्राइक रेट से 583 रन कूट दिए हैं, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 37 गेंदों में लगाया गया एक और खूंखार शतक शामिल है। 53 में से 42 छक्कों की कहानी काफी कुछ कहती है! इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ने कुल 53 छक्के लगाए हैं, जिनमें से 42 सिर्फ तेज गेंदबाजों के खिलाफ आए हैं. यानी लगभग हर चार में से तीन छक्के उन्होंने पेस अटैक के खिलाफ लगाए हैं।  यह सिर्फ आंकड़ा नहीं है, यह एक पैटर्न है और वह पैटर्न बताता है कि वैभव के सामने सबसे बड़ा खतरा नहीं, बल्कि सबसे बड़ा अवसर खुद तेज़ गेंदबाज़ बन रहे हैं।  पेस अटैक पर सीधा हमला तेज गेंदबाजों के खिलाफ वैभव का प्रदर्शन IPL 2026 में असाधारण रहा है. उन्होंने इस विभाग के खिलाफ 478 रन बनाए हैं, औसत 43.45 और स्ट्राइक रेट 235.46 के साथ. इस दौरान 44 चौके और 42 छक्के उनके नाम दर्ज हैं।  सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने हर 4.83 गेंद पर एक छक्का जड़ा है- जो किसी भी पेस अटैक के लिए एक लगातार दबाव का संकेत है। स्पिन के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन तुलना खुद फर्क बता देती है. स्पिन के खिलाफ उन्होंने 105 रन बनाए हैं, औसत 35.00 और स्ट्राइक रेट 218.75 के साथ. यहां भी 11 छक्के दर्ज हैं, लेकिन असली तबाही तेज गेंदबाजों के खिलाफ ही दिखी है।  शुरुआत ही सबसे बड़ा हथियार वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का सबसे खतरनाक पहलू उनका शुरुआती आक्रमण है. वह क्रीज़ पर 'सेट होने' का इंतजार नहीं करते- बल्कि पहली गेंद से ही मैच का स्वरूप बदल देते हैं. इस सीजन में-  – पहली गेंद पर 3 छक्के – पहले 5 गेंदों में 11 छक्के – पहले 10 गेंदों में 20 छक्के – पहले 15 गेंदों में 36 छक्के ये आंकड़े बताते हैं कि उनका इरादा साफ है या तो शुरुआत में ही मैच पर कब्जा, या फिर विपक्ष को बचने का मौका ही नहीं देना।  पावरप्ले में सबसे बड़ा धमाका पावरप्ले यानी पहले छह ओवर- जहां मैच की दिशा तय होती है और यहीं वैभव सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुए हैं।  पहले 6 ओवरों में उन्होंने-  – 430 रन बनाए – औसत 61.42 – स्ट्राइक रेट 231.18 – 37 छक्के यानी हर ओवर में सिर्फ रन नहीं, बल्कि दबाव भी बढ़ता गया. दिलचस्प बात यह है कि यही वह चरण है जहां सबसे ज्यादा तेज गेंदबाज गेंदबाजी करते हैं और यहीं वे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।  मिडिल ओवर्स में भी नहीं रुकता तूफान पावरप्ले के बाद अक्सर बल्लेबाजों की रफ्तार कम होती है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी इस परिभाषा को भी चुनौती दे रहे हैं।  सातवें ओवर के बाद भी उनका स्ट्राइक रेट 235.38 बना हुआ है. इस चरण में उन्होंने 16 छक्के लगाए हैं और हर 4.06 गेंद पर एक छक्का निकाला है।  यानी उनका खेल किसी एक फेज पर निर्भर नहीं है- वह पूरे 20 ओवर का खतरा हैं. 44 गेंदबाज, 31 शिकार इस सीजन में वैभव ने अब तक 44 अलग-अलग गेंदबाजों का सामना किया है, और उनमें से 31 को छक्का जड़ चुके हैं।  यह आंकड़ा बताता है कि वह किसी एक टीम या किसी एक गेंदबाज पर निर्भर नहीं हैं. उनका आक्रमण सिस्टम के खिलाफ नहीं, बल्कि हर व्यक्तिगत गेंदबाज के खिलाफ चलता है।  कहानी सिर्फ छक्कों की नहीं 53 छक्कों में से 42 सिर्फ तेज गेंदबाजों के खिलाफ होना एक बड़ी कहानी कहता है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में अब 'सबसे मजबूत विभाग' भी सबसे बड़ा निशाना बन सकता है।  वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ पासपोर्ट में लिखी होती है, मैदान पर नहीं. अब टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या कोई गेंदबाज उन्हें रोक पाएगा, या हर तेज गेंद सिर्फ उनके लिए एक और मौका बन चुकी है? बदल गया क्रिकेट का मिजाज सचिन का काम टीम को संभालना था, लेकिन वैभव का काम विरोधी टीम की गेंदबाजी को तहस-नहस करना है। सचिन को खुद को साबित करने के लिए सालों मिले, लेकिन आज के इम्पैक्ट प्लेयर वाले टी20 दौर में वैभव के पास सिर्फ 20 गेंदें होती हैं मैच का पासा पलटने के लिए।   

वैभव सूर्यवंशी ने खेली विस्फोटक पारी, लेकिन मामूली लक्ष्य तक ही सीमित रही Rajasthan Royals

नई चंडीगढ़  दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो का है। जो भी टीम आज का मैच जीतेगी वह 29 मई को गुजरात टाइटंस के साथ क्वालीफायर 2 खेलेगी जिसमें से दूसरा फाइनलिस्ट निकलेगा। आरसीबी पहले ही गुजरात टाइटंस को हराकर फाइनल में पहुंच चुकी है। RR VS GT Eliminator Pich Report: मुल्लनपुर में पहला पारी का औसतन स्कोर 214 रन है। पिच नंबर चार का प्रयोग किया जाएगा खेलने के लिए जोकि बैटिंग के अनुकूल है। ऐसे में आज भी हाईस्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है। खासकर तब जब वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा जैसे धुरंधर बल्लेबाजों का आमना सामना हो रहा हो।