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भारत का भविष्य है वैभव’, लेकिन टेस्ट से पहले फर्स्ट क्लास क्रिकेट जरूरी: गांगुली

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है, वह हैं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी. अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान करने वाले इस युवा बल्लेबाज को लेकर अब पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने बड़ा बयान दिया है.  मीडिया से  इंटरव्यू में गांगुली ने साफ कहा कि वैभव अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं. उन्होंने BCCI और चयनकर्ताओं को संकेत देते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में प्रतिभा जरूर दिख रही है, लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में जगह बनाने के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन जरूरी है. गांगुली ने कहा- T20 क्रिकेट में उसे तुरंत शामिल किया जा सकता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में नहीं. उसे पहले फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ज्यादा रन बनाने होंगे. हालांकि इस समय वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है. 15 साल का लड़का जिस तरह दुनिया के गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहा है, वह अविश्वसनीय है. वह भारत का भविष्य है. दादा ने वैभव की बल्लेबाजी की जमकर तारीफ भी की. उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और निडर अंदाज के साथ वह खेल रहे हैं, वह भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है. क्या आक‍िब को मिलनी चाहिए जगह, गांगुली की दो टूक इंटरव्यू में गांगुली ने घरेलू क्रिकेट और चयन प्रक्रिया पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी को अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिलनी चाहिए थी. गांगुली ने कहा कि नबी ने रणजी सीजन में बेहतरीन गेंदबाजी की थी. हालांकि उन्होंने युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव के चयन का भी समर्थन किया. गांगुली के मुताबिक- प्रिंस यादव बेहद तेज गेंदबाज हैं और जब आपके पास रफ्तार होती है तो आपको ज्यादा समय तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इंतजार नहीं करवाना चाहिए. मुझे लगता है कि दोनों खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए था.” गांगुली ने आधुनिक क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी ने क्रिकेट को अलग तरीके से सीखा था और उस दौर में किसी ने नहीं सोचा था कि T20 क्रिकेट इतना बड़ा फॉर्मेट बन जाएगा. उन्होंने र‍िकी पोंट‍िंग, कुमार संगकारा,  जो रूट, एल‍िस्टेयर कुक  जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि समय के साथ क्रिकेट और खिलाड़ियों की सोच दोनों बदलती रहती है. पूर्व कप्तान ने कहा कि T20 क्रिकेट अब हमेशा रहने वाला है और यह लगातार ऐसे खिलाड़ियों को पैदा करेगा जो आक्रामक क्रिकेट खेलेंगे और गेंद को सीधे स्टैंड्स में पहुंचाएंगे.

मेदवेदेव का क्ले पर संघर्ष जारी, फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में फिर बाहर हुए रूसी स्टार

 पेरिस  रूस के स्टार टेनिस खिलाड़ी और पूर्व विश्व नंबर एक दानिल मेदवेदेव का फ्रेंच ओपन में निराशाजनक प्रदर्शन एक बार फिर जारी रहा। मंगलवार को छठी वरीयता प्राप्त मेदवेदेव को ऑस्ट्रेलिया के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी एडम वाल्टन ने पांच सेटों तक चले रोमांचक मुकाबले में 6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। रोलां गैरों की धीमी क्ले कोर्ट सतह पर मेदवेदेव का संघर्ष एक बार फिर साफ दिखाई दिया। यह नौ में से छठी बार है जब वह फ्रेंच ओपन के पहले दौर में ही हारकर बाहर हुए हैं। मुकाबले में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिले और दोनों खिलाड़ियों ने बारी-बारी से दबदबा बनाया। वॉल्टन ने की शानदार शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी वॉल्टन ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट आसानी से अपने नाम किया, लेकिन मेदवेदेव ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी करते हुए केवल एक गेम गंवाया। हालांकि वह लय बरकरार नहीं रख सके और तीसरा सेट गंवा बैठे। चौथे सेट में फिर वापसी करने वाले मेडवेडेव निर्णायक सेट में दबाव नहीं झेल सके। विश्व रैंकिंग में 97वें स्थान पर मौजूद वॉल्टन ने पांचवें सेट में 4-4 की बराबरी पर मेदवेदेव की सर्विस तोड़ी और फिर शानदार होल्ड के साथ करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। यह किसी शीर्ष-10 में शामिल खिलाड़ी के विरुद्ध उनकी पहली जीत भी है। जीत के बाद वॉल्टन ने कहा कि पिछले साल सिनसिनाटी में मेदवेदेव के खिलाफ मिली जीत ने उन्हें आत्मविश्वास दिया था। उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास था कि मैं यह कर सकता हूं। मैच में काफी उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन निर्णायक सेट में जिस तरह वापसी की, उस पर मुझे गर्व है। मोनफिल्स की भावुक विदाई वहीं स्थानीय खिलाड़ी गेल मोनफिल्स को भी पहले दौर में हमवतन खिलाड़ी ह्यूगो गैस्टन के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा। 2008 में सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाले मोनफिल्स का यह फ्रेंच ओपन में आखिरी मुकाबला रहा। 39 साल के मोनफिल्स अपने पसंदीदा कोर्ट फिलिप-चैटियर पर गैस्टन के विरुद्ध मैच जीतने के बहुत करीब थे। उन्होंने पहला और दूसरा सेट आसानी से 6-2, 6-3 से जीत लिया था। हालांकि, इसके बाद गैस्टन ने शानदार वापसी की और अगले दो सेट 3-6, 2-6 से अपने नाम कर लिए। आखिरी सेट में गैस्टन पूरी तरह हावी रहे और 6-0 से जीत हासिल कर ली। मैच के बाद एक खास ट्रिब्यूट वीडियो दिखाया गया, जिसमें राफेल नडाल, रोजर फेडरर, नोवाक जोकोविक, यानिक सिनर, कार्लोस अलकराज और स्टानिस्लास वावरिंका जैसे बड़े खिलाड़ियों के संदेश शामिल थे। इसके अलावा उनके फ्रेंच साथी गैस्केट, नोआ, गाइल्स साइमन, जो-विल्फ्रेड सोंगा और आर्थर फिल्स ने भी उन्हें सम्मान दिया। शीर्ष वरीय सबालेंका की शानदार शुरुआत महिला सिंगल्स में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने स्पेन की जेसिका बूजास मानेरो को 6-4, 6-2 से शिकस्त देकर अपने अभियान की शुरुआत जोरदार तरीके से की। यह मुकाबला एक घंटे 15 मिनट तक चला। शीर्ष वरीयता प्राप्त सबालेंका ने कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए ग्रैंड स्लैम में पहले दौर में लगातार 22वीं जीत दर्ज की। सबालेंका क्ले-कोर्ट सीजन में कुछ उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद पेरिस पहुंची थीं। सबालेंका ने ओपन एरा में 'सनशाइन डबल' हासिल करने वाली सिर्फ पांचवीं महिला बनकर इतिहास रचा था। सबालेंका ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले सेट में 4-0 की बढ़त बनाने के बाद सबालेंका ने दूसरे सेट में भी तेजी से आगे बढ़ते हुए 5-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। उनका बैकहैंड कोर्ट पर बार-बार जोरदार तरीके से चला, और नेट पर बढ़ते आत्मविश्वास ने उनके खेल में एक नया आयाम जोड़ दिया। दूसरे सेट में भी इस स्पेनिश खिलाड़ी ने कुछ शानदार पल दिखाए, जिसमें एक बेहतरीन एंगल्ड बैकहैंड वाली और एक साहसी 'बैकहैंड डाउन द लाइन' शाट शामिल था, जिसने कुछ देर के लिए मैच के नतीजे को टाल दिया।

रोलां गैरो डेब्यू में इतिहास: भारतीय मूल के निशेश ने फ्रिट्ज को दी करारी शिकस्त

नई दिल्ली फ्रेंच ओपन 2026 में रविवार को 21 साल के भारतीय मूल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी निशेश बसावरेड्डी ने बड़ा उलटफेर किया, जिसने टेनिस जगत को हैरान कर दिया। विश्व नंबर 9 और 7वीं वरीयता प्राप्त टेलर फ्रिट्ज को विश्व नंबर 148 निशेश ने हराकर अपने रोलां गैरो डेब्यू मैच में इतिहास रच दिया। उन्होंने कोर्ट सुजैन लेंगलेन पर 7-5, 7-6, 6-5, 6-1 से 4 सेट के मुकाबले में अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। साल 2000 में जैन-माइकल गैम्बिल के बाद इस क्ले-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में किसी टॉप-10 खिलाड़ी को हराने वाले वो पहले अमेरिकी बन गए हैं। घुटने की चोट से वापसी कर रहे थे फ्रिट्ज दरअसल, विश्व नंबर- 9 के खिलाड़ी टेलर फ्रिट्ज घुटने की चोट के कारण दो महीने तक कोर्ट से बाहर रहने के बाद बहुत कम अभ्यास मैचों के साथ पेरिस पहुंचे थे, जहां उन्हें मैच पर अपनी पकड़ बनाने में संघर्ष करते हुए देखा गया और लगभग तीन घंटे की कड़ी टक्कर के बाद वह अपने हमवतन युवा खिलाड़ी से हार गए। वहीं, निशेश ने शुरुआत से ही अपना आत्मविश्वास दिखाया और प्रेशर वाले इस खेल में जीत हासिल कर इतिहास रचा। भारतीय मूल के इस युवा प्रतिभा के लिए ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही, जिन्होंने USTA की रोलां गैरो वाइल्ड कार्ड चैलेंज जीतकर पेरिस में अपना वाइल्डकार्ड स्थान पक्का किया था। बता दें कि बसावरेड्डी पेरिस में अपना सफर जारी रखेंगे, जहां अगले दौर में उनका मुकाबला एक और युवा अमेरिकी खिलाड़ी एलेक्स मिशेलसन से हो सकता है, जो पहले दौर में अलेक्सांद्र शेवचेंको का सामना कर रहे हैं। कौन हैं निसेश बसावरेड्डी? निशेश बसावरेड्डी, भारतीय मूल के अमेरिकी खिलाड़ी हैं, जिनका जन्म 2 मई 2005 को हुआ था। उनके माता-पिता 1999 में आंध्र प्रदेश से अमेरिका शिफ्ट हो गए थे। कैलिफोर्निया में जन्मे निशेश का जूनियर करियर शानदार रहा, जहां वह  ITF जूनियर रैंकिंग में विश्व नंबर 3 पर पहुंचे और उन्होंने 2022 जूनियर यूएस ओपन का बॉयज डबल्स खिताब जीता। पूर्व डबल्स वर्ल्ड नंबर 1 राजीव राम के मार्गदर्शन में, बसावरेड्डी ने साल 2024 में प्यूर्टो वालार्टा और टिब्यूरॉन में दो एटीपी चैलेंजर खिताब जीते। इसी साल उन्होंने सऊदी अरब में 'एटीपी नेक्स्टजेन फाइनल्स' में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने 2025 में ऑस्ट्रेलियन ओपन से अपने ग्रैंड स्लैम करियर की शुरुआत की थी। पहले दौर में उनका सामना दिग्गज नोवाक जोकोविच से हुआ, जहां पहले सेट में शानदार शुरुआत करने के बाद वह 6-4, 3-6, 4-6, 2-6 से मैच हार गए थे। जून 2025 में, वह एटीपी (ATP) रैंकिंग में शीर्ष 100 में शामिल हो गए और विंबलडन तथा यूएस ओपन के मुख्य ड्रॉ में खेले, लेकिन दोनों ग्रैंड स्लैम के पहले दौर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

सात्विक-चिराग की जोड़ी ने रोमांचक मुकाबले में दर्ज की जीत, अगले दौर में एंट्री

 सिंगापुर  स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू मंगलवार को पांचवीं वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वरदानी को सीधे गेम में हराकर सिंगापुर ओपन के दूसरे दौर में पहुंच गईं। महिला सिंगल्स में 30 वर्षीय सिंधू ने दुनिया की छठे नंबर की इंडोनेशियाई खिलाड़ी को 21-17, 21-18 से हराया। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू का अगला मुकाबला जापान की रिको गुंजी से होगा। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता पुरुष डबल्स जोड़ी भी शुरुआती दौर में चेन झी यी और प्रेस्ली स्मिथ की मलेशिया की दुनिया की 25वें नंबर की जोड़ी को 26-28, 21-15, 21-13 से हराकर अगले दौर में पहुंच गई। पुरुष सिंगल्स में आयुष शेट्टी हालांकि 65 मिनट तक चले मुकाबले में विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता विक्टर एक्सेलसन के विरुद्ध 21-11, 14-21, 12-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वहीं महिला सिंगल्स में युवा उन्नति हुड्डा भी पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन और आठवीं वरीयता प्राप्त टोमोका मियाजाकी के हाथों 14-21, 10-21 से हारकर टूर्नामेंट से जल्दी बाहर हो गईं महिला डबल्स में भारत की कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी भी 48 मिनट में पाउला लोपेज और लूसिया रोड्रिग्ज की स्पेन की जोड़ी से 21-18, 13-21, 5-21 से हारकर बाहर हो गईं। अश्विनी भट के और शिखा गौतम भी चांग चिंग हुई और यांग चिंग टुन की चीनी ताइपे की जोड़ी से 16-21, 11-21 से हार गईं।  

फुटबॉल का युग बदलने की तैयारी: 2026 विश्व कप में दिग्गजों की विदाई की चर्चा तेज

 नई दिल्ली  फुटबॉल के महाकुंभ फीफा विश्व कप 2026 में अब कुछ ही दिन शेष हैं और ओलिंपिक के बाद खेलों की दुनिया का यह सबसे बड़ा उत्सव इसके कुछ दिग्गज सितारों के लिए आखिरी हो सकता है। पांच-पांच विश्व कप खेल चुके गत चैंपियन अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को हम इस टूर्नामेंट में उन्हें आखिरी बार अपने देश के लिए खेलते हुए देखेंगे। वहीं छोटे से देश क्रोएशिया को 2018 के विश्व कप में फाइनल तक पहुंचाकर सबको चौंकाने वाले लुका मोड्रिक भी उम्र और करियर के उस पड़ाव पर हैं कि शायद उनके लिए भी यह आखिरी विश्व कप होगा। 41 वर्षीय रोनाल्डो 23 साल से पुर्तगाल टीम में 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने दो दशक से अधिक समय पहले 2003 में राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया था। वह राष्ट्रीय टीम के लिए सबसे अधिक गोल (143) के साथ दुनिया में सबसे ऊपर हैं। 2006 फीफा विश्व से अब तब वह व्यक्तिगत तौर पर अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करते आए हैं, लेकिन अपनी टीम को यही एकमात्र बड़ा खिताब न दिला पाने की कसक हमेशा उनके मन में रही है। अब इसे इसे पूरा करना चाहेंगे। मेसी का सपना खिताब की रक्षा करना 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को खिताब दिलाने वाले लियोनेल मेसी इस बार 38 वर्ष की आयु में अर्जेंटीना के इस खिताब के बचाव के लिए मैदान पर उतरेंगे। मेसी फिलहाल अमेरिका में एमएलएस में इंटर मियामी टीम के लिए खेलते हैं, पर विश्व कप से ठीक पहले वर्कलोड के चलते और एमआरआई में उनके बाएं हेमस्ट्रिंग मांसपेशियों में अधिक दबाव की पुष्टि हुई है। यह चिंता की बात तो है पर वह अब आराम करेंगे और इस विश्व में तरोताजा होकर राष्ट्रीय टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देंगे। क्रोएशिया का फिर लोहा मनवाएंगे लुका मिडफील्ड के दिग्गज और बैलन डी ओर विजेता मोड्रिक भी इस विश्व तक 40 साल की उम्र के करीब पहुंच चुके हैं। उनकी कप्तानी में क्रोएशिया 2018 के विश्व कप में फाइनल तक पहुंची थी। इस बार वह क्रोएशिया का संभवत: आखिरी बार नेतृत्व कर इस देश का फुटबॉल की दुनिया में एक बार फिर लोहा मनवाने का प्रयास करेंगे। कोच के भरोसे पर संन्यास से लौटे मैनुअल 2024 में ही जर्मन टीम से संन्यास ले चुके गोलकीपर मैनुअल नेयर पर कोच जुलियन नागेल्समैन ने भरोसा जताया तो उन्होंने संन्यास से वापसी की और कोच ने उन्हें टीम में शामिल किया। मैनुअल 2014 की विश्व विजेता टीम का भी हिस्सा थे। वहीं दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े स्टार टोटेनहम क्लब के पूर्व खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन का भी यह आखिरी विश्व कप हो सकता है। उन्होंने 2014 में पहला विश्व कप खेला था। पांच विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी खिलाड़ी                          देश          कब से कब तक एंटोनियो कार्बाजल           मेक्सिको     1950 से 1966 लोथर मथाउस                जर्मनी        1982 से 1998 राफेल मार्केज                 मेक्सिको      2002 से 2018 लियोनेल मेसी                अर्जेंटीना      2006 से 2022 क्रिस्टियानो रोनाल्डो          पुर्तगाल      2006 से 2022 आंद्रेज गार्डैडो                  मेक्सिको     2006 से 2022

IPL 2026 एलिमिनेटर से पहले वैभव सूर्यवंशी बने ग्लोबल सेंसेशन, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का क्रेज अब क्रिकेट की सीमाएं पार कर WWE तक पहुंच गया है. WWE सुपरस्टार ड्रू मैकइंटायर जिम में राजस्थान रॉयल्स (RR) की जर्सी पहनकर वर्कआउट करते नजर आए, जिसकी पीठ पर वैभव सूर्यवंशी का नाम लिखा था. ड्रू के 'Chosen One' कैप्शन ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी, जबकि राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने 'OMG!' लिखकर प्रतिक्रिया दी. इसके साथ ही अब वैभव के सामने IPL 2026 एलिमिनेटर की सबसे बड़ी परीक्षा है. बुधवार को न्यू चंडीगढ़ में राजस्थान रॉयल्स का मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद से होगा, जहां एक बार फिर सभी निगाहें इस किशोर बल्लेबाज पर टिकी रहेंगी. सबसे बड़ा खतरा वैभव! बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले वैभव सूर्यवंशी इस सीजन गेंदबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं. पैट कमिंस, ईशान मलिंगा और साकिब हुसैन जैसे गेंदबाजों के खिलाफ भी वह आक्रामक रवैया अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे. अगर वैभव पावरप्ले में टिक गए तो कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदल सकते हैं. बल्लेबाजों का स्वर्ग है न्यू चंडीगढ़ एलिमिनेटर जिस मैदान पर खेला जाना है, वहां इस सीजन बल्लेबाजों का दबदबा रहा है। खेले गए चार मुकाबलों में से तीन में 220 से ज्यादा रन बने. इसी मैदान पर पंजाब किंग्स ने 254 रन का विशाल स्कोर भी खड़ा किया था. ऐसे में वैभव जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के लिए यह मंच बिल्कुल मुफीद माना जा रहा है. अब प्लेऑफ में अग्निपरीक्षा ड्रू मैकइंटायर का वैभव की जर्सी पहनना इस बात का संकेत है कि 15 साल के बल्लेबाज का नाम अब वैश्विक खेल जगत में भी चर्चा का विषय बन चुका है. लेकिन असली चुनौती अब एलिमिनेटर में है, जहां राजस्थान रॉयल्स को जीत दिलाने की जिम्मेदारी काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर के कंधों पर होगी. अगर वैभव का बल्ला चला, तो WWE स्टार का यह 'Chosen One' कैप्शन और भी ज्यादा चर्चा में आ सकता है. ड्रू मैकइंटायर कौन हैं? 40 साल के Drew McIntyre दुनिया के सबसे बड़े प्रोफेशनल रेसलिंग संगठन WWE के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं. उनका असली नाम एंड्रयू मैकलीन गैलोवे IV (Andrew McLean Galloway IV) है और वे स्कॉटलैंड के रहने वाले हैं.

पैट कमिंस की हैदराबाद के सामने रियान पराग की राजस्थान, किसकी होगी जीत?

नई दिल्ली  आईपीएल 2026 में आज एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। इसमें पैट कमिंस की कप्तानी वाली सनराइजर्स हैदराबाद का सामना रियान पराग की राजस्थान रॉयल्सस से है। दोनों टीमों की टक्कर मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हैदराबाद की टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे और राजस्थान की टीम चौथे नंबर पर थी। हैदराबाद बनाम राजस्थान हेड टू हेड आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स की अब तक 23 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें सनराइजर्स को 14 जीत मिली है जबकि राजस्थान ने 9 मैचों को अपने नाम किया है। इस सीजन हुए दोनों मुकाबले में हैदराबाद ने राजस्थान को हराया है। आखिरी 5 मैचों में हैदराबाद का पलड़ा 5-0 से भारी है। इसी वजह से राजस्थान रॉयल्स के लिए मैच आसान नहीं होगा। आखिरी बार राजस्थान ने 2023 सीजन में हैदराबाद को हराया था। प्लेऑफ में दो बार भिड़ंत हो चुकी राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल के प्लेऑफ में भी टक्कर हो चुकी है। 2024 सीजन का दूसरा क्वालीफायर इन्हीं दोनों टीमों के बीच खेला गया था। उसमें सनराइजर्स हैदराबाद को जीत मिली थी। उससे पहले 2013 में भी दोनों टीमों के बीच एलिमिनेटर मुकाबला हुआ था। उस मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को 4 विकेट के अंतर से हराया था। इस सीजन राजस्थान और हैदराबाद का रिकॉर्ड राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2026 की दमदार शुरुआत की थी। उसने अपने पहले चारों मैच जीते थे। फिर सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उसे हार मिली। 5वें से 12वें मैच के बीच टीम सिर्फ दो जीत हासिल कर पाई। हालांकि आखिरी दो मैच जीतकर उसने प्लेऑफ में जगह बना लिया। वहीं दूसरी तरफ सनराजर्स हैदराबाद को पहले चार मैचों में तीन हार मिली थी। फिर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ ही लगातार 5 जीत का सिलसिला शुरू हुआ। तब से टीम ने 10 मैचों में 8 जीत हासिल की है।  

Rajat Patidar की तूफानी पारी से RCB फाइनल में, GT की शर्मनाक हार

धर्मशाला  आईपीएल 2026 के पहले क्वाल‍िफायर में मंगलवार (26 मई) को धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटन्स आमने-सामने हुए. जहां बेंगलुरु ने गुजरात को 92 रनों से पीटकर आईपीएल फाइनल के लिए जगह पक्की कर ली।  वहीं गुजरात की टीम अब क्वाल‍िफायर 2 मुकाबले में खेलने उतरेगी, जहां उसका सामना एल‍िम‍िनेटर में बुधवार (27 मई) को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के मैच के व‍िजेता से होगा. क्वाल‍िफायर 2 मुकाबला 29 मई को मुल्लांपुर में होगा।  मुकाबले में टॉस गुजरात टाइटन्स ने जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहले खेलते हुए 254/5 का स्कोर बनाया. रजत पाटीदार ने महज 33 गेंदों पर 93 रन बनाए. जवाब में खेलने उतरी गुजरात की पूरी बल्लेबाजी चरमरा गई. और पूरी टीम महज 162(19.3) पर ऑल आउट हो गई।  GT की पारी की हाइलाइट्स  रनचेज में गुजरात की हालत खराब रही और 51 रन तक आते-आते उनके 5 व‍िकेट धड़ाम हो गए. साई सुदर्शन (14), शुभमन ग‍िल (2), जोस बटलर (29) और न‍िशांत स‍िंंधु (5), जेसन होल्डर (0) आउट हो गए. खास बात यह रही कि 51 के स्कोर पर जोस, स‍िंंधु और होल्डर आउट हुए. इसके बाद वॉश‍िंंगटन सुंदर भी अपनी पारी लंबी नहीं कर सके और 8 रन पर चलते बने. इसके बाद गुजरात का लोअर ऑर्डर सरेंडर कर बैठा और तू चल मैं आया क‍ि तर्ज पर आउट होता चला गया. एक तरफ से ट‍िककर राहुल तेवत‍िया (68) ने कुछ हद तक संघर्ष किया, लेकिन उनकी पारी आरसीबी के बड़े स्कोर के सामने मेमना ही साब‍ित हुई।  RCB की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में RCB ने सधी शुरुआत की, लेकिन उनको पहला झटका वेंकटेश अय्यर(19) के रूप में लगा. जो कग‍िसो रबाडा की गेंद पर आउट हुए. इसके बाद व‍िराट कोहली और देवदत्त पड‍िक्कल ने 72 रनों की पार्टनरश‍िप की, लेकिन पहले कोहली (43) फ‍िर पड‍िक्कल (30) एक ही ओवर में जेसन होल्डर के एक ही ओवर में आउट हो गए.  इसके बाद रजत पाटीदार (93 नाबाद) और क्रुणाल पंड्या (43) ने 95 रनों की पार्टनरश‍िप की. क्रुणाल के आउट होते ही स्कोर  189/4 हो गया. ट‍िम डेव‍िड महज 4 रनों पर आउट हो गए. अंत में आकर ज‍ितेश शर्मा ने भी 5 गेंदों पर 15 रन जड़े. गुजरात की टीम की ओर से कग‍िसो रबाडा और जेसन होल्डर को 2-2 सफलता म‍िलीं। 

पाटीदार के तूफानी 93 रन से बना बड़ा स्कोर, गुजरात को मिला प्लेऑफ का सबसे बड़ा टारगेट

धर्मशाला   रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मंगलवार को आईपीएल 2026 का पहला क्वालीफायर खेला जा रहा है। आरसीबी ने धर्मशाला के मैदान पर जीटी के सामाने 255 रनों का ऐतिहासिक टारगेट रखा है। आरसीबी ने टॉस गंवाने के बाद निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाए। यह आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। कप्तान रजत पाटीदार ने नाबाद 93 रनों की तूफानी पारी खेली। उन्होंने 33 गेंदों का सामना करने के बाद पांच चौके और 9 छक्के मारे। आरसीबी की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वेंकटेश अय्यर ने कुछ अच्छे शॉट लगाए लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने 7 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन बटोरे। उन्हें कगिसो रबाडा ने दूसरे ओवर में आउट किया। वेंकटेश ने विराट कोहली के साथ 21 रनों की साझेदारी की। इसके बाद, कोहली ने देवदत्त पडिक्कल के सात मोर्चा संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की पार्टनरशिप की। कोहली और पडिक्कल को जेसन होल्डर ने नौवें ओवर में पवेलियन की राह दिखाई। कोहली ने 25 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के के दम पर 43 रन जोड़े। पडिक्कल ने 19 गेंदों में 30 रन बनाए। उनके बल्ले से पांच चौके आए। कप्तान रजत पाटीदार और क्रुणाल पांड्या ने चौथे विकेट के लिए 95 रनों की पार्टनरशिप की और आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रबाडा ने 17वें ओवर में क्रुणाल को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने 28 गेंदों में 23 रनों की पारी खेली, जिसें पांच चौके और दो सिक्स हैं। प्रसिद्ध कृष्णा ने 18वें ओवर में टिम डेविड (5 गेंदों में 4) का शिकार किया। पाटीदार ने जितेश शर्मा के साथ छठे विकेट के लिए 40 रनों की अटूट पार्टनरशिप की। जितेश ने 5 गेंदों में नाबाद 15 रन बनाए। गुजरात ने मैच के लिए एक बदलाव किया। अरशद खान की जगह कुलवंत खेजरोलिया को मौका मिला है। आज आरसीबी और जीटी में से जो भी जीतेगा, उसका फाइनल का टिकट कंफर्म हो जाएगा। क्वालीफायर-1 हारने वाली टीम को दूसरा क्वालीफायर खेलने का मौका मिलेगा। बेंगलुरु और गुजरात ने 18-18 अंक जुटाकर लीग चरण का समापन किया। हालांकि, डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी बेहतर नेट रनरेट के कारण टेबल टॉपर रही जबकि जीटी ने दूसरे नंबर पर फिनिश किया। दोनों टीमें मौजूदा सीजन में तीसरी बार आमाने-सामने हैं। RCB: 254/5 (20 ओवर) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग XI: वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम दार। गुजरात टाइटंस की प्लेइंग XI: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।

श्रीलंका ने किया नए कप्तान का ऐलान, ODI-T20 टीम में कई बड़े बदलाव

कोलंबो  श्रीलंका की व्हाइट बॉल टीम को अब एक रेगुलर कैप्टन मिल गया है। वनडे और टी20 टीम की कमान कुसल मेंडिस को दी गई है। नए अंतरिम प्रशासन के तहत नवनियुक्त चयन पैनल ने सोमवार 25 मई को वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम का ऐलान किया। श्रीलंका की टीम को वेस्टइंडीज के दौरे पर दो टेस्ट, 3 वनडे और इतने ही मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। टेस्ट टीम के कप्तान अभी भी धनंजय डिसिल्वा ही हैं। हालांकि, बाएं हाथ के मध्य क्रम के बल्लेबाज कमिंदु मेंडिस को उप कप्तान बनाया गया है। कमिंदु मेंडिस सीमित ओवरों की दोनों टीमों के भी उपकप्तान हैं। मेंडिस, जिन्होंने पहले 17 ODI मैचों में देश की कप्तानी की थी, अब 50 ओवर के फॉर्मेट और T20I दोनों की कप्तानी संभालेंगे। उन्होंने क्रमशः चरित असलांका और दासुन शनाका की जगह ली है। बल्लेबाज पासिंदु सूरियाबंदरा और दाएं हाथ के तेज गेंदबाज इसिथा विजेसुंदरा के रूप में टेस्ट टीम में दो ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। सीमित ओवरों की टीम में लंबे कद के दाएं हाथ के बल्लेबाज लसिथ क्रूसपुले को भी जगह मिली है जिन्होंने पिछले महीने न्यूजीलैंड 'ए' टीम के खिलाफ शतक बनाने के बाद चुना गया है। पिछले टी20 विश्व कप में टीम की अगुआई करने वाले दासुन शनाका को केवल टी20 टीम में जगह मिली है जबकि उनके पूर्ववर्ती चरिथ असलंका को केवल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज नुवान तुषारा को टी20 टीम में जगह मिली है। उन्होंने पिछले श्रीलंका क्रिकेट प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था (जब श्रीलंका क्रिकेट ने उन्हें आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलने के लिए एनओसी देने से इनकार कर दिया था)। श्रीलंका की टीम आज यानी मंगलवार 26 मई को वेस्टइंडीज के दौरे पर रवाना होगी। श्रीलंका की टीमें इस प्रकार हैं टेस्ट टीम: पथुम निसांका, लाहिरू उदारा, निशान मदुशंका, दिनेश चांदीमल, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंडु मेंडिस (उपकप्तान), सोनल दिनुशा, कुसल मेंडिस, धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), मिलन रथनायके, प्रभात जयसूर्या, रमेश मेंडिस, असिथा फर्नांडो, विश्व फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, इसिथा विजेसुंदरा, कसुन राजिथा। ODI टीम: पथुम निसांका, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, कुसल मेंडिस (कप्तान), जनिथ लियानागे, चरिथ असलांका, कामिंडु मेंडिस (VC), मिलन रथनायके, वानिंदु हसरंगा, दुनिथ वेल्लालेगे, महेश थीकशाना, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुश्का, ईशान मलिंगा, असिथा फर्नांडो और प्रमोद मदुशंका। T20I टीम: पथुम निसांका, कामिल मिशारा, लसिथ क्रूसपुले, पवन रथनायके, कुसल मेंडिस (कप्तान), कामिंडू मेंडिस (उपकप्तान), दासुन शनाका, मिलन रथनायके, दुनिथ वेल्लालेज, वानिंदू हसरंगा, महेश थीकशाना, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, बिनुरा फर्नांडो और नुवान तुषारा।