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इजरायली संसद में हंगामा और वॉकआउट, फिर PM मोदी से मुलाकात में बदले सुर

यरुशलम/नई दिल्ली इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक संबोधन से ठीक पहले एक हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला. इजरायली विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे एक पल के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई. हालांकि, विपक्ष ने तुरंत साफ कर दिया कि उनकी यह नाराजगी पीएम मोदी से नहीं, बल्कि इजरायल की सत्ताधारी सरकार और संसद के स्पीकर से है. विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के दौरान सदन में वापसी की और नेता प्रतिपक्ष यायर लैपिड ने व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा, आज यहां जो कुछ भी हुआ, उसका आपसे कोई लेना-देना नहीं है. आखिर विपक्ष ने क्यों किया वॉकआउट? इजरायली अखबार ‘हारेत्ज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा विवाद नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना के एक फैसले की वजह से हुआ. स्पीकर ने इस विशेष सत्र में इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष आइजैक अमित को आमंत्रित नहीं किया था. इजरायल में यह परंपरा रही है कि ऐसे विशेष मौकों पर सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को बुलाया जाता है. स्पीकर के इस फैसले को न्यायपालिका के अपमान के तौर पर देखते हुए विपक्षी दलों ने स्पीकर और सरकार के खिलाफ सदन का बहिष्कार करने का फैसला किया. नेतन्याहू का बहिष्कार, लेकिन पीएम मोदी का किया स्वागत विपक्षी दलों येश अतिद , यिसराइल बेइतेनु और द डेमोक्रेट्स ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण का पूरी तरह से बहिष्कार किया. लेकिन इन पार्टियों ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे भारतीय प्रधानमंत्री के भाषण का बहिष्कार किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे. विपक्षी दलों ने एक साझा संदेश में पीएम मोदी को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय नेताओं में से एक और इजरायल का सच्चा मित्र करार दिया. लैपिड ने पीएम मोदी से मिलाया हाथ जैसे ही पीएम नेतन्याहू का भाषण समाप्त हुआ, इजरायल के विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यायर लैपिड सदन में वापस लौट आए. उन्होंने सीधे पीएम मोदी के पास जाकर उनसे हाथ मिलाया और संसद में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया ताकि भारत को कोई गलत संदेश न जाए. लैपिड ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर (प्रधानमंत्री जी), मैं आपका केवल एक पल लेना चाहता हूं ताकि आपको यह बता सकूं कि आज यहां जो कुछ भी हुआ, उसका आपसे कोई लेना-देना नहीं है.लैपिड की इस टिप्पणी पर जब सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों ने हूटिंग शुरू कर दी, तो लैपिड ने सत्ता पक्ष को शांत कराते हुए कहा, आइए चीजों को और खराब करने की कोशिश न करें. ‘संकट के समय भारत हमारे साथ खड़ा रहा’ नेता प्रतिपक्ष यायर लैपिड ने सदन के पटल पर पीएम मोदी की लीडरशिप और भारत-इजरायल की दोस्ती की जमकर तारीफ की. उन्होंने मोदी से कहा, पूरा इजरायल राज्य आपके नेतृत्व, आपकी दोस्ती और इस बात के लिए प्रशंसा से भरा है कि आप हमारी मुसीबत के समय में हमारे लिए यहां खड़े रहे. हमारे दोनों देशों के बीच यह एक शाश्वत गठबंधन है. यहां आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. हम सभी, चाहे हम सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के, आपके भाषण को सुनने के लिए उत्सुक हैं. सोशल मीडिया पर भी लैपिड ने जाहिर की खुशी संसद में स्वागत करने के बाद, यायर लैपिड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भी पीएम मोदी के लिए एक खास संदेश लिखा. उन्होंने पोस्ट किया, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी, इजरायल का पूरा देश आपके नेतृत्व, आपकी दोस्ती और मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपकी सराहना करता है. यहां आने के लिए आपका धन्यवाद.

अनिल अंबानी पर शिकंजा कसा, 3716 करोड़ का ‘अबोड’ कुर्क… जानिए अब तक कितनी संपत्ति जब्त

मुंबई  अनिल अंबानी को प्रतर्वतन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा झटका दिया है। ईडी ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनिल अंबानी के घर ‘अबोड’ को कुर्क किया है। इसका मूल्‍य 3,716 करोड़ रुपये है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। ऑफिशियल सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई वाले घर 'अबोड' को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अटैच कर लिया है। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये है। जारी हुए हैं अस्‍थायी ऑर्डर यह शानदार घर 66 मीटर ऊंचा है। इसमें 17 मंजिलें हैं। यह मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है ताकि उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की ओर से बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में मल्टी-स्टोरी घर को अटैच किया जा सके। अब तक 15700 करोड़ अटैच ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का कहना है कि अनिल अंबानी और उनके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ अब तक 15,700 करोड़ रुपए (Anil Ambani total attachment 15700 crore) से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। 'अबोड' पर कब्जा इसी बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें 23 फरवरी को सामने आया बड़ा मामला मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम 23 फरवरी को सामने आया, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को राहत देने वाला पुराना अंतरिम आदेश रद्द कर दिया। इससे पहले एकल न्यायाधीश पीठ ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज मुख्य न्यायाधीश आलोक चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड की खंडपीठ ने बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिटर बीडीओ इंडिया एलएलपी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उस अंतरिम आदेश को गैर-कानूनी और प्रक्रिया में गड़बड़ी वाला बताया। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आदेश पर रोक जारी रखना गैर-कानूनी स्थिति को जारी रखने जैसा होगा। इसलिए अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई। दिसंबर 2025 में एकल पीठ ने बैंकों को कारण बताओ नोटिस और धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्रवाई से रोका था। लेकिन अब खंडपीठ के फैसले के बाद बैंकों को आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, वाणिज्यिक बैंक किसी खाते को धोखाधड़ी की श्रेणी में वर्गीकृत कर सकते हैं। ऐसे में अनिल अंबानी और 'अबोड' पर ED की कार्रवाई ने कारोबारी और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कुल 15700 करोड़ की हो चुकी है कुर्की सूत्रों ने बताया क‍ि अटैच की गई संपत्ति की कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है। 66 साल के अंबानी के दूसरे राउंड की पूछताछ के लिए यहां फेडरल जांच एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद है। उन्होंने पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने गवाही दी थी। प्रि‍वेंशन ऑफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंंग एक्‍ट (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। नए ऑर्डर के साथ इस मामले में अटैच की कुल कीमत लगभग 15,700 करोड़ रुपये हो गई है। अन‍िल अंबानी के ल‍िए यह बहुत बड़ा झटका है। पिछले कई सालों से वह कारोबार में संघर्ष करते रहे हैं। ईडी का यह एक्‍शन आगे उनकी मुसीबत को और बढ़ा सकता है। 

टॉयसन की राह पर CRPF के K9 सोल्जर्स, आतंक के खिलाफ तैयार खास फोर्स

नई दिल्ली भारत की सुरक्षा में तैनात जवानों की बहादुरी की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन कई बार असली हीरो वो होते हैं जो बोल नहीं सकते, फिर भी देश के लिए जान जोखिम में डाल देते हैं. ऐसी ही एक इंस्‍पायरिंग स्‍टोरी है टायसन की, जो भारतीय सेना की एलीट यूनिट 2 पैरा स्‍पेशल फोर्सेस का हाईली ट्रेंड के9 सोल्‍जर है. जम्‍मू-कश्‍मीर के हॉस्‍टाइल टेरेन में हुए एक हाई-रिस्‍क काउंटर-टेरर ऑपरेशन के दौरान टायसन ने जो साहस दिखाया, उसने साबित कर दिया कि बैटलफील्‍ड में करेज किसी इंसान या जानवर की पहचान से नहीं, बल्कि उसकी ट्रेनिंग और डेडिकेशन से तय होता है. क्‍यों मिसाल बनी ऑपरेशन में टायसन की बहादुरी?     जम्‍मू-कश्‍मीर में इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर 2 पैरा एसएफ को एक टेररिस्‍ट हाइडआउट की जानकारी मिली थी. इलाके का टेरेन बेहद चैलेंजिंग था. ऊंचे पहाड़, घने जंगल और खराब मौसम ने इस ऑपरेशन को बेहद मुश्किल बना दिया था. .     आतंकियों के पास मॉर्डन वैपेंस की मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को बेहद हाई-रिस्‍क ऑपरेशन बना दिया था. स्‍पेशल फोर्सेस ने हाइडआउट को कॉर्डन किया और टायगर को आगे बढ़ने का इशारा दिया गया. मिलिट्री के9 को अक्सर फर्स्‍ट कॉन्‍टैक्‍ट रोल में डिप्‍लॉय किया जाता है क्योंकि उनकी सेंसिंग एबिलिटी इंसानों से कई गुना तेज होती है.     टायसन बिना किसी हेजिटेशन के हाइडआउट की ओर चार्ज कर गया. उसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज और एक्‍सप्‍लोजन के बीच भी टायसन पीछे नहीं हटा. ऑपरेशन के दौरान टायसन को गोली लग गई, बावजूद इसके उसने मिशन नहीं छोड़ा.     उसकी मौजूदगी और ट्रैकिंग कैपेबिलिटी ने कमांडोज को आतंकियों की एक्‍जैक्‍ट पोजिशन पहचानने में मदद की. इसके बाद 2 पैरा एसएफ ने डिसाइसिव असॉल्‍ट किया और तीन आतंकियों को मार गिराया, जिनमें आतंकी सैफुल्‍लाह भी शामिल था.     ऑपरेशन पूरा होने के बाद टायसन को तुरंत एयरलिफ्ट किया गया और एडवांस्‍ड मेडिकल केयर दी गई. अब उसकी कंडीशन स्‍टेबल है. तरालु से शुरू हुई थी टायसन की ट्रेनिंग जर्नी     टायसन की जांबाजी के पीछे कई महीनों की इंटेंस ट्रेनिंग है, जो उसने सीआरपीएफ के डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में हासिल की थी.     कर्नाटक के तरालु में स्थित इस प्रीमियर इंस्‍टीट्यूशन में टायसन ने 7 फरवरी 2022 से 22 दिसंबर 2022 तक ट्रेनिंग ली. यहां डॉग्स को सिर्फ कमांड्स ही नहीं, बल्कि कॉम्‍बैट बिहेवियर भी सिखाया जाता है.     यहां के9 टीम्स को मल्‍टी-टास्किंग रोल्‍स के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें इन्‍फैंट्री पेट्रोल, एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन, असॉल्‍ट ऑपरेशंस, ट्रैकिंग एंड सर्च मिशन शामिल हैं.     सीआरपीएफ के इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल की शुरूआत 27 अगस्‍त 2011 को सिर्फ 15 पप्‍स और 6 ब्रीडिंग डॉग्स से हुई थी. बेंगलुरु सिटी सेंटर से लगभग 25 किलोमीटर दूर यह कैंपस मॉडर्न फैसिलिटीज से लैस है.     यहां बेल्जियन शेफर्ड मलिनोइस और डच शेफर्ड जैसी एलीट ब्रीड्स को पुलिस सर्विस के9 के तौर पर प्र‍िशिक्षत किया जाता है. आरपीएफ अब तक अपने इस सेंटर में 1377 से अधिक के9 टीम्स ट्रेंड कर ऑपरेशन एरिया में डिप्‍लॉय कर चुकी है. सीआरपीएफ ने खड़ी की K9 सोल्‍जर्स और हैंडलर्स की फौज     सीआरपीएफ के अनुसार, दिसंबर 2025 तक डीबीटीएस ने 1377 K9 सोल्‍जर्स की फौज खड़ी कर ऑपरेशन एरिया में तैनात कर दिया है. साथ ही, 824 डॉग हैंडलर्स और 183 मास्‍टर ट्रेनर्स को भी प्रशिक्षित किया गया है.     बेंगलुरु स्थित इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में अब तक 1431 पप्‍स ब्रीड किए गए हैं. इन के9 सोल्‍जर्स ने देशभर में ऑपरेशंस (Operations) के दौरान 6207 किलो से अधिक एक्‍सप्‍लोसिव्स रिकवर करने में मदद की है.     ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2018 के दौरान सीआरपीएफ के डीबीटीएस में ट्रेंड के9 बैशा डॉग ने नारकोटिक डिटेक्‍शन ब्रॉन्‍ज मेडल मेडल जीता था.     के9 जुबान डॉग ने नेशनल काउंटर-IED एक्‍सरसाइज में फर्स्‍ट पोजिशन हासिल किया था. इसके अलावा, के9 रेमो डॉग ने एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन में ब्रॉन्‍ज मेडल हासिल किया था.     सीआरपीएफ के9 डैनबी और के9 वास्‍ट डॉग को पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 सिक्‍योरिटी फ्रेमवर्क में शामिल किया गया था. वहीं, के9 बैशा ने ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2025 में गोल्‍ड मेडल जीता था. क्या डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय ब्रीड के डॉग्‍स को भी ट्रेंड किया जाता है? डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में फॉरेन ब्रीड्स के साथ-साथ अब इंडिजिनस यानी भारतीय डॉग ब्रीड्स को भी ऑपरेशनल रोल्स के लिए तैयार किया जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट्स के तहत मुधोल हाउंड, कोंबाई, मोंग्रेल और पंडिकोना जैसी भारतीय नस्लों के डॉग्‍स को ट्रेन किया जा रहा है. इन डॉग्स की खासियत यह है कि ये भारतीय मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में आसानी से एडॉप्ट हो जाते हैं. इन्हें ट्रैकिंग, सर्विलांस और सिक्योरिटी ऑपरेशन्स जैसे ऑपरेशंस के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे ये फोर्स मल्टिप्लायर्स के रूप में उभर रहे हैं. सेना या फोर्स से रिटायर होने वाले डॉग्‍स का क्‍या होता है? ओपेरा — सीनियर के9 केयर सेंटर एक विशेष फैसिलिटी है, जिसे नवंबर 2024 में शुरू किया गया ताकि सर्विस डॉग्स को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन मिल सके. ये डॉग्स अपने करियर के दौरान कई हाई-रिस्क मिशंस और ऑपरेशन्स का हिस्सा रहते हैं, इसलिए उनकी रिटायरमेंट लाइफ की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इस सेंटर में उन्हें सुरक्षित शेल्टर, नियमित मेडिकल केयर और वेटरनरी सपोर्ट दिया जाता है.

ESIC:40 साल से अधिक उम्र वालों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप, एक करोड़ लोगों को होगा लाभ

नई दिल्ली कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने एक करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, ESIC ने मंगलवार को 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के अपने एक करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम की शुरुआत की है। अपनी स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर ESIC ने यह पहल शुरू की। बता दें कि ईएसआईसी की स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में करीब 3.8 करोड़ सदस्य हैं जिनमें से करीब एक करोड़ सदस्यों की उम्र 40 साल से अधिक है। फिलहाल ESIC के पास 166 अस्पताल, 17 मेडिकल कॉलेज और लगभग 1,600 डिस्पेंसरी का नेटवर्क है। क्यों लिया गया फैसला? पिछले वर्ष नवंबर में अधिसूचित नई श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के कामगारों की फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम कराना नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य किया गया है। यही वजह है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने भी फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम को लॉन्च किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने श्रमिकों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच सुविधा शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम कामगारों के कल्याण को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि ESIC को 'सुधार एवं प्रदर्शन' का दृष्टिकोण अपनाते हुए सेवा वितरण में और सुधार के लिए सामूहिक संकल्प लेने चाहिए। मांडविया ने ESIC के अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने के मामले कम रखने के लिए आंतरिक सुविधाएं बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा ESIC को अपने मानकों को एम्स जैसे शीर्ष संस्थानों के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ESIC के बीच समझौता इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ईएसआईसी के बीच ईएसआई योजना को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के साथ एकीकृत करने के लिए एक समझौता किया गया। इसका उद्देश्य समन्वित स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करना और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।ईएसआईसी ने गुणवत्ता आश्वासन और ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में मान्यता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के साथ एक और समझौता किया। बता दें कि ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष सेवा पखवाड़ा मनाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सेवाओं को बीमित श्रमिकों के करीब लाया जा सके। गतिविधियों में श्रमिकों के बीच व्यावसायिक रोगों का प्रारंभिक पता लगाने के लिए श्रम संहिता प्रावधानों के अनुरूप 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के बीमित व्यक्तियों के लिए दैनिक स्वास्थ्य जांच शिविर, सेमिनार, जागरूकता एवं स्वच्छता शिविर, प्राथमिक जीवन रक्षा प्रशिक्षण, स्वच्छता अभियान शामिल होंगे।

भारत में राफेल बनाने के बाद सरकार बेचेगी, समझें डील की शर्तें

बेंगलुरु  भारत में राफेल बनाने की तैयारी तेज हो गई है. फ्रांस के राष्ट्रपति के दौरे के बाद डील को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है. सवाल अब यह उठ रहा है कि अगर राफेल भारत में बनेंगे, तो क्या सरकार इन्हें दूसरे देशों को बेच भी सकेगी? या ये विमान सिर्फ भारतीय वायुसेना के लिए ही होंगे? डील की शर्तें क्या कहती हैं चलिए समझते हैं. राफेल डील में आई तेजी इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के बाद राफेल डील को लेकर हलचल तेज हुई है. रक्षा मंत्रालय जल्द ही प्रस्ताव को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के पास भेजने की तैयारी में है. ऐसे में उम्मीद है कि अगले 4 से 6 महीने में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, रक्षा खरीद प्रक्रिया की टाइमलाइन छोटी करने की कोशिश की जा रही है ताकि लड़ाकू विमान और अन्य हथियार जल्द मिल सकें. अभी विदेशी हथियार खरीदने की प्रक्रिया लंबी और जटिल मानी जाती है.  114 राफेल को भारत में बनाने की मंजूरी मैक्रों के दौरे से पहले रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल विमान देश में बनाने की मंजूरी दी थी. राफेल विमान फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन बनाती है. प्रस्ताव है कि दासो किसी भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी कर भारत में उत्पादन प्लांट स्थापित करे. इससे तकनीक हस्तांतरण, स्थानीय रोजगार और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा.  क्या भारत इन राफेल को बेच सकेगा? यहीं सबसे अहम सवाल आता है. साफ तौर पर कहा गया है कि ये 114 राफेल भारतीय वायुसेना की जरूरतों के लिए बनाए जा रहे हैं. यानी इनका उद्देश्य निर्यात नहीं, बल्कि देश की रक्षा क्षमता बढ़ाना है. डील की शर्तों के मुताबिक, विमान का उत्पादन लाइसेंस और तकनीकी समझौते के तहत होगा. ऐसे में बिना फ्रांसीसी कंपनी और सरकार की अनुमति के भारत इन विमानों को तीसरे देश को नहीं बेच सकता है.  रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भविष्य में निर्यात का विकल्प खुलता भी है, तो वह अलग समझौते और संयुक्त अनुमति के तहत ही संभव होगा. 

सावंत vs बोरकर: जमीन उपयोग नियमों पर नहीं थम रहा विवाद, आंदोलन जारी

गोवा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी (आरजीपी) विधायक वीरेश बोरकर ने भूमि-उपयोग नियमों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है जबकि उन्होंने (मुख्यमंत्री के) आंदोलन वापस लेने का अनुरोध किया था। आरजीपी विधायक का विरोध प्रदर्शन बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। वे नगर एवं ग्रामीण नियोजन (टीसीपी) अधिनियम की धारा 39ए को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि इस धारा का दुरुपयोग कुछ जमीनों को "बस्ती क्षेत्रों" में बदलने के लिए किया जा रहा है, जहां निर्माण गतिविधियों की अनुमति है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर रात बोरकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों द्वारा विवादित धारा को रद्द करने की मांग को लेकर टीसीपी मंत्री विश्वजीत राणे से मुलाकात की। बैठक के बाद सावंत ने पत्रकारों को बताया कि बोरकर के विधानसभा क्षेत्र सेंट आंद्रे में धारा 39ए के तहत परियोजनाओं को दी गई अनुमतियों को फिलहाल स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धारा के तहत दी गई सभी अनुमतियों को तुरंत रद्द करना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करना होगा। सावंत ने कहा, "धारा 39ए के तहत दी गई अनुमतियों को वापस लेने की एक प्रक्रिया है। इस पर निर्णय लेने से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड से परामर्श करना आवश्यक है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बोरकर को फोन पर विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की। विधायक यहां आज़ाद मैदान में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सावंत ने पत्रकारों से कहा, "मैंने उनसे कई बार फोन पर बात की, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए राजी नहीं हुए।" इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बोरकर से आज़ाद मैदान में मुलाकात की थी और इसी तरह की अपील की थी। बोरकर ने बुधवार तड़के अपने विरोध स्थल पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब तक धारा 39ए पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।   उन्होंने दावा किया, "पहले सरकार ने अनुमतियों को लंबित रखा था, लेकिन परियोजनाओं पर काम जारी रहा।" बोरकर ने कहा कि वह इस धारा को पूरे राज्य में रद्द करवाना चाहते हैं, न कि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए। विधायक के अनुसार, टीसीपी अधिनियम की धारा 39ए का दुरुपयोग करके ग्रामीण भूमि को "बस्ती क्षेत्रों" में परिवर्तित किया जा रहा है।  

SIR मुद्दे पर सियासत तेज: बंगाल में BJP का हमला, पूर्व मुख्य सचिव पर कार्रवाई की मांग

कोलकाता पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पहले से ही हंगामा कर रही है, वहीं अब इस विवाद में विपक्षी भाजपा भी कूद पड़ी है। भारतीय जनता पार्टी ने SIR पर एक उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व मुख्य सचिव मनोज पंत की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए हैं और इसे पूरी तरह अवैध करार देते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। पश्चिम बंगाल BJP के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने उत्तर 24 परगना के बारासात में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि बैठक केवल निर्धारित अधिकारियों के साथ होनी चाहिए, जिसमें राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडवोकेट जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल शामिल हों। मजूमदार ने कहा कि मनोज पंत अब मुख्य सचिव नहीं हैं, ऐसे में उनकी बैठक में मौजूदगी पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसे में उनके खिलाफ FIR दर्ज हो और उनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए। बैठक में और कौन-कौन थे? हालांकि, राज्य सरकार के अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पंत को कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की अनुमति से बैठक में शामिल किया गया था। उनके साथ वर्तमान मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी मौजूद थीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे। पंत पर पहले भी हो चुका है विवाद हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मनोज पंत की मौजूदगी को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान उनकी मौजूदगी पर सवाल उठे थे। इसी बीच, कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर मंगलवार को उस समय तनाव फैल गया जब नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी वहां पहुंचे। आरोप है कि कुछ टीएमसी समर्थक बूथ लेवल अधिकारियों ने गो बैक के नारे लगाए और कथित तौर पर जूता भी फेंका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। TMC की प्रतिक्रिया पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और इस दौरान एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। वहीं, TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करती, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि सुवेंदु अधिकारी लगातार लोगों को उकसा रहे हैं, जिसके चलते ऐसी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने SIR प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है।  

शिवराज सिंह चौहान बोले—किसानों के हित सर्वोपरि, समझौता किसी कीमत पर नहीं

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कृषि क्षेत्र में हालात सुधरे हैं। वहीं शेष विसंगतियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का ही नतीजा है कि आज हम चावल के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर आ चुके हैं। गेहूं के उत्पादन की मात्रा में भी इजाफा देखने को मिला है। खाद्यान्न का 33 फीसद हिस्सा बढ़ा है और हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हम इसी दिशा में काम करते रहेंगे। हमने इस संबंध में पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। हम उसी के अनुरूप अभी काम कर रहे हैं।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम इस चीज को लेकर भी चिंतित हैं कि भारत पूरी दुनिया का फूड बास्केट बन जाए। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि उच्च गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों का उत्पादन कैसे कर सकते हैं। हम इस पूरी प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में भी काम कर रहे हैं। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। हमारी सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है कि किसानों के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात न हो। किसान हमारे देश की धुरी हैं। ऐसे में हम उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने भारत विस्तार प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत विस्तार एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसका संबंध किसानों के लिए सरकार द्वारा दी गईं सुविधाओं से है। अब किसानों को कहीं पर भी जाना नहीं होगा। इस प्लेटफॉर्म पर किसानों की समस्याओं से संबंधित हर प्रकार का समाधान मौजूद है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए हम यही कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भारत विस्तार प्लेटफॉर्म का यूज करने के लिए आपके पास किसी भी प्रकार का आईटी जैसा ज्ञान होने की आवश्यकता नहीं है। आप इस प्लेटफॉर्म पर कृषि से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल करेंगे, तो आपको उसका जवाब मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम भारत विस्तार प्लेटफॉर्म को विभिन्न भाषाओं में लॉन्च करेंगे। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उन्हें हर प्रकार की समस्याओं का समाधान विभिन्न प्रकार की भाषाओं में प्राप्त हो जाएगा। इस दिशा में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान मेले को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम किसानों को विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इस मेले में कई लोग शामिल होंगे। ऐसे में यह मेला हमारे लिए काफी अहम हो जाता है। हमारी कोशिश है कि इस मेले के आयोजन में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम कृषि क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों के बारे में किसानों को विस्तार से बता रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जब किसानों को इस बारे में पूरी जानकारी दी जाए, तो उन्हें कल को खेतीबाड़ी करते समय किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।

इस्राइल के साथ खड़ा भारत: संसद में पीएम मोदी ने कहा—हमास हमले के बाद आपका दर्द हमारा भी है

तेल अवीव पीएम मोदी ने इजरायल को फादर लैंड और  इंडिया को मदरलैंड बताया और कहा कि हमें इस पर गर्व है. उन्होंने कहा कि विश्व युद्ध के दौरान हजारों भारतीयों ने इस इलाके में अपनी जान कुर्बान की थी. उन्होंने मेजर ठाकुर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा बताया. भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा हैः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है.  उन्होंने कहा कि कोई भी चीज आतंकवाद को जस्टिफाई नहीं कर सकती. भारत भी आतंकवाद का लंबे समय से पीड़ित रहा है. मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि इस हमले में इजरायली नागरिक समेत बहुत से लोग मारे गए थे.  इसी के बाद हमने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. इजरायल की मान्यता और मेरे जन्मदिन का अनोखा नाताः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि इजरायली संसद नेसेट को भारतीय रंगों में रंगा गया है, ये हमारे बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है. पिछली बार जब मैं आया था, तब ऐसा करने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बना था. अब मैं दूसरी बार आया हूं. उन्होंने बताया कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ, जिस दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी.   इजरायली संसद में आना मेरे लिए सम्मान की बातः पीएम मोदी पीएम मोदी ने नमस्ते से शुरूआत करते हुए कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में खड़ा हूं. भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में, मैं 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाएं और संदेश लेकर यहां आया हूं. मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी का संबोधन शुरू इजरायली संसद को मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया. पीएम मोदी और मैंने कई चमत्कार किए हैं, बोले नेतन्याहू इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भूमध्यसागर के तट पर पीएम मोदी के साथ पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत और इजरायल ने मिलकर कई चमत्कार जरूर किए हैं. 'भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी, नहीं भूलेंगे ' इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी है. इसे हम कभी नहीं भूलेंगे.   नेतन्याहू ने कहा, मोदी का गले लगाना दुनिया में मशहूर नेतन्याहू ने कहा कि पीएम मोदी के गले लगाने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 'मोदी हग' की वजह ने भारत और इजरायल के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. नेतन्याहू ने कहा कि हम दोनों के बीच व्यक्तिगत दोस्ती है. दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच भी शानदार दोस्ती रही है. आज सुबह मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया. प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है. इसे मोदी हग कहा जाता है. यह दुनिया भर में मशहूर है, और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है, यह असल है. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया अपना भाई नेतन्याहू ने पीएम मोदी के लिए कहा कि वह मेरे लिए मित्र से बढ़कर हैं, मेरे भाई की तरह हैं. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को कहा- माई डियर फ्रेंड इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को माई डियर फ्रेंड कहकर संबोधित किया.  उन्होंने पीएम को ग्रेट लीडर कहकर संबोधित किया. पीएम मोदी को इजरायली संसद में मिला स्टैंडिंग ओवेशन इजरायली संसद में पीएम मोदी का सभी ने खड़े होकर स्वागत किया. मोदी-मोदी के नारों के बीच जय हिंद भी गूंजा. मोदी-मोदी के नारों के बीच इजरायली संसद में गूंजा- जय हिंद इजरायल की संसद में मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया. इजरायली स्पीकर ने कहा कि पीएम मोदी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने डिजिटल इनोवेशन की नींव रखी और लाखों लोगों की जिंदगी की नई दिशा. जय हिंद और भारत जिंदाबाद के नारों के बीच कहा कि पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो इजरायली संसद नेसेट को संबोधन करने वाले हैं. तेल अवीव के होटल में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत पीएम मोदी का तेल अवीव के होटल पहुंचने पर रंगारंग स्वागत किया गया. इजरायली और भारतवंशी कलाकारों ने देसी अंदाज में नृत्य-संगीत से समां बांध दिया. भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया.

मेगा बजट का खाका तैयार, पोषाहार राशि बढ़ी; कैबिनेट ने लिए कई बड़े निर्णय

देहरादून  वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार के बजट का आकार 1.10 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार वार्षिक बजट में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। कैबिनेट में चर्चा के बाद बजट के आकार में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा गर्भवती, धात्री महिलाओं व आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों की सेहत में सुधार के लिए पोषाहार में नई सामग्री शामिल करने का निर्णय लिया गया।  सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 28 प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और बागवानों को उन्नत प्रजाति के पौध देने के लिए सेब नर्सरी विकास योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना में 10 एकड़ तक नर्सरी लगाने पर 50 प्रतिशत और 10 एकड़ से ऊपर पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा शहद उत्पादन के लिए मौन पालन नीति को मंजूरी दी गई। इस नीति के किसानों को मौनपालन बॉक्स पर 80 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। हल्द्वानी में स्थापित होगी जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ जीएसटी में टैक्स वादों का शीघ्र निपटारा करने के लिए देहरादून में जीएसटी अपीलीय अधिकरण संचालित है। इसी तर्ज पर हल्द्वानी में एक अतिरिक्त राज्य पीठ स्थापित होगी। इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश में दुष्कर्म और पोक्सो अधिनियम के लंबित अपराधों के शीघ्र निपटारे और सुनवाई के लिए देहरादून जिले के विकासनगर, ऊधमसिंहनगर के काशीपुर और नैनीताल जिला मुख्यालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना व पद सृजित करने की मंजूरी दी है। शहरों को मिलेगा भरपूर पानी राज्य में नवीन पेयजल योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, निर्माण, संचालन, रखरखाव, अनुश्रवण तथा पूर्व निर्मित योजनाओं की संचालन दक्षता में वृद्धि के लिए वाह्य सहायतित परियोजना के तहत विश्व बैंक की सहायता से 1600 करोड़ की लागत से 10 शहरों में भरपूर पानी मिलेगा। इस योजना राज्य सरकार का अंशदान 320 करोड़ रहेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। ये महत्वपूर्ण फैसले – उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) के ढांचे में 14 नए पद सृजित करने को मंजूरी। – राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में संचालित मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय। – उच्च शिक्षण संस्थानों में स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना संचालित होगी। योजना में बीए, बीएससी, बीकॉम के लिए 100 रुपये, बीएड व लॉ के लिए 250, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर छात्रों के लिए 500 रुपये शुल्क देय होगा। – उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली को मंजूरी। – शहरी विकास विभाग के तहत 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंताओं को संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। – विद्यालयी शिक्षा विभाग में तदर्थ, अनुबंध,संविदा, आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक विशेष शिक्षा के पदों के सापेक्ष नियमित नियुक्ति देने का निर्णय। – उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का चौबीसवां वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा सदन के पटल पर रखने की मंजूरी। – उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक विधानसभा सदन में रखने की मंजूरी। – सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को औद्योगिक विकास से स्थानांरित कर वित्त विभाग के तहत गठित किया जाएगा। – उत्तराखंड राज्य में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति को मंजूरी। – उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह क व ख कार्मिकों की सेवा विनियमावली को मंजूरी। – उत्तराखंड चकबंदी अधिष्ठान में बंदोबस्त अधिकारी के निःसंवर्गीय पद के सृजित करने का निर्णय। – उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक, 2026 को पटल पर रखने की मंजूरी। – समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा सत्र में पटल रखा जाएगा। – उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाइल स्टोन क्रशर, मोबाइल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराइजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा (तृतीय संशोधन) नीति 2024 में हॉट मिक्स प्लांट लगाने के लिए दूरी के मानकों में संशोधन को मंजूरी। – उत्तराखंड राज्य की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष को पांच हजार रुपये प्रति बैठक एवं गैर सरकारी संगठनों से नामित दो सदस्यों को तीन हजार रुपये प्रति बैठक मानदेय दिया जाएगा। – कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिक व मिनिस्ट्रीयल संवर्ग ढांचे के पुर्नगठन को मंजूरी। – उच्च न्यायालय उत्तराखंड में एक व जिला न्यायालयों के लिए 13 न्यायालय प्रबंधकों के नए पद सृजित किए जाएंगे। – विश्व बैंक के सहयोग से सेवा वितरण में सुधार के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए स्टीयरिंग कमेटी व प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन व पदों के सृजन को मंजूरी। – उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक- 2026 विधानसभा सदन में पटल रखने को मंजूरी।