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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर भारी लड़ाई, 6 लाख शरणार्थी, ड्रोन, रॉकेट और टैंक से हमला

ओड्डार मान्छे  थाईलैंड और कंबोडिया की ताजा लड़ाई तीसरे दिन में पहुंच चुकी है. दो ताकतवर एशियाई देशों की ये लड़ाई नाजुक मोड़ में पहुंच गई है. यहां रॉकेट, ड्रोन, F-16 जेट्स, आर्टिलरी, एंटी एयर मिसाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है. जंग की वजह से मात्र तीन दिन में ही दोनों देशों में 6 लाख से ज्यादा लोगो को अपना घर छोड़ना पड़ा है. जंग में अबतक 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है.  दक्षिण-पूर्व एशिया के दोनों पड़ोसी देशों के अधिकारियों ने बुधवार को एक-दूसरे पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगाया है. थाईलैंड के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को बताया कि सात प्रांतों में 400,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा, "हमने सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे का अंदाजा लगाया था, जिसकी वजह से आम लोगों को बड़ी संख्या में सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा." थाई सेना ने यह भी बताया कि बुधवार सुबह कंबोडिया से दागे गए रॉकेट सुरिन में फानोम डोंग राक अस्पताल के पास गिरे, जिसके बाद मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों को बंकर में छिपना पड़ा.  थाईलैंड के अखबार द नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक कंबोडिया ने चोंग बोक-चोंग आन मा पर 80 से ज़्यादा ड्रोन हमले किए. BM-21 रॉकेट और टैंक से फायरिंग की. यहां 171,000 लोगों ने चार सीमावर्ती प्रांतों में शरण ली है.  थाई सेना ने थाई-कंबोडियाई सीमा पर भारी लड़ाई वाली रात का ब्यौरा दिया है, जिसमें बताया गया है कि कंबोडियाई सेना ने चोंग बोक और चोंग आन मा में थाई ठिकानों पर 80 से ज़्यादा ड्रोन हमले, BM-21 रॉकेट और टैंक से फायरिंग की.  10 दिसंबर, 2025 को सुबह 9 बजे के अपडेट में थाईलैंड की सेना ने कहा है कि कंबोडिया ने  हिल 677 की ओर 80 से ज़्यादा ड्रोन भेजे. फू मकुआ इलाके पर कब्ज़ा करने की कोशिश में BM-21 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर से फायरिंग की. इसके अलावा थाई सेना का दावा है कि कंबोडिया ने  प्रीह विहार पर अपनी पोजीशन से टैंक और सीधे फायरिंग वाले हथियारों का इस्तेमाल करके कंथारालक जिले पर भी हमला किया.  थाई सेना ने चोंग चोम के दक्षिण में एक एंटी-ड्रोन साइट को नष्ट कर दिया.  वहीं पड़ोसी देश कंबोडिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता मैली सोचियाटा ने कहा, "पांच प्रांतों में 101,229 लोगों को सुरक्षित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों में पहुंचाया गया है." कंबोडियन मीडिया ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन द्वारा चलाई जाने वाली वेबसाइट कंबोडियननेस ने बताया कि थाई F-16 जेट्स ने देश के दो इलाकों पर हमला किया, जबकि तीन अन्य इलाकों में थाई गोलाबारी जारी रही.  दक्षिण-पूर्वी एशिया के ये पड़ोसी देश अपनी 800 किलोमीटर लंबी सीमा पर कई जगहों पर भिड़ते रहते हैं. इसमें कई एतिहासिक मंदिर शामिल हैं.  इससे पहले जुलाई में दोनों देशों के बीच पांच दिनों तक चली लड़ाई चली थी. जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे और सीमा के दोनों ओर लगभग 300,000 लोग विस्थापित हो गए थे. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और मलेशिया के सहयोग से दोनों के बीच सीजफायर पर सहमति बनी थी. अब ट्रंप ने एक बार फिर से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की बात कही है. 

VHP की बड़ी मांग: जनगणना में सभी लोग खुद को हिंदू के रूप में रजिस्टर कराएं

बेंगलुरु  VHP यानी विश्व हिंदू परिषद ने आगामी जनगणना में सभी से खुद को हिंदू के तौर पर दर्ज कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हिंदू समाज में बंटवारे की कोशिश को रोकना है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को बांटने की प्रयासों को रोकना है और एकजुट रहना है। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की पहचान के लिए मापदंड होना चाहिए।  अध्यक्ष अरुण कुमार ने जनगणना में सभी को हिंदू के तौर पर दर्ज कराने की यह वजह बताई है। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक में लिंगायतों के कुछ वर्ग, आदिवासी इलाकों में सारणा और जाटवों के कुछ वर्ग और सामान्य में कुछ एससी एसटी में खुद को हिंदू पक्ष बताने के लिए अभियान चला रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हिंदू समाज को बांटने वाले ऐसे प्रयास असफल हों और हम एकजुट रहें।' दिल्ली में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को तय करने के लिए जो नियम हैं, उनपर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अल्पसंख्यकों को सिर्फ आबादी के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। इसमें यह भी देखा जाना चाहिए कि किसी विशेष धर्म का पालन करने वालों ने पिछड़ेपन या दबाव का सामना किया है, जिसके चलते उन्हें विशेष अधिकार दिए जाएं।' कुमार ने फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट लागू किए जाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से आजाद किया जाए और हिंदू समुदाय को तत्काल सौंप दिया जाए। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ भी अभियान तेज करने की अपील की है। जनगणना की क्या तैयारी भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगामी जनगणना के लिए जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति 15 जनवरी 2026 तक पूरी करने का निर्देश दिया है। परिपत्र के अनुसार, इस डेटा संग्रह कवायद के लिए प्रगणक और पर्यवेक्षक मुख्य जनगणना अधिकारी होंगे। इसमें कहा गया है कि लगभग 700-800 की आबादी के लिए एक प्रगणक को नियुक्त किया जाएगा और प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक होगा। आपात स्थितियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक भी रखे जाएंगे। आगामी जनगणना 2027 में देश भर में जनगणना के कार्य को समय पर पूरा करने के लिए लगभग 30 लाख फील्ड अधिकारी तैनात किए जाएंगे। आरजीआई ने इन सभी गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए 'जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (CMS) नामक एक वेब पोर्टल भी विकसित किया है। दो चरणों में होगी जनगणना जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। इसमें पहला चरण, मकान सूचीकरण और आवास गणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा और दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। यह कवायद डिजिटल होगी और इसमें 30 अप्रैल को राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के निर्णय के अनुसार, जाति गणना को भी शामिल किया जाएगा।

अमेरिका से अरब तक महक रही बासमती: कैसे भारत ने जीता ग्लोबल राइस मार्केट

वाशिंगटन  सुबह का सूरज जब पंजाब के हरे-भरे खेतों पर चमकता है, तो हवा में एक अनोखी खुशबू फैल जाती है। ये खुशबू है बासमती चावल की- लंबे दाने, बारीक सुगंध और स्वाद का वो राज जो सदियों से भारत की मिट्टी से निकलकर दुनिया के हर कोने तक पहुंच रहा है। आज, जब आप अमेरिका के किसी रेस्तरां में बिरयानी का मजा लेते हैं या सऊदी अरब के किसी घर में चावल की थाली सजती है, तो उसके पीछे भारत का स्वाद जुड़ा होता है। ‘इंडियन राइस एक्सपोर्ट्स फेडरेशन’ के आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है और वैश्विक बाजार में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। वह शीर्ष निर्यातक भी है, जिसकी 2024-25 में वैश्विक निर्यात में 30.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। भारत चावल की जो किस्में वैश्विक स्तर पर निर्यात करता है, उनमें ‘सोना मसूरी’ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में पसंद की जाती है। लेकिन भारत का ये दबदबा रातोंरात नहीं बना। ये एक लंबी ऐतिहासिक यात्रा की कहानी है जो सिंधु घाटी से शुरू होकर आज के जीन-एडिटेड बीजों तक का सफर तय कर चुकी है। आइए, इस खुशबू की कहानी को विस्तार से समझते हैं। भारतीय चावल की चर्चा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया दावे से शुरू हुई है। ट्रंप ने कहा है कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल डंप करना (सस्ते दामों पर बेचना) नहीं चाहिए और वह इस मामले से निपट लेंगे। ट्रंप ने चेतावनी दी कि टैरिफ लगाकर इस समस्या का आसानी से हल निकल जाएगा। ट्रंप ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘वाइट हाउस’ में खेती और कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों तथा अपने कैबिनेट के प्रमुख सदस्यों खासकर वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कृषि मंत्री ब्रूक रोलिन्स के साथ एक गोलमेज बैठक की। लुइसियाना में अपने परिवार के कृषि कारोबार ‘केनेडी राइस मिल’ का संचालन करने वाली मेरिल केनेडी ने ट्रंप से कहा कि देश के दक्षिणी हिस्से में चावल उत्पादक वास्तव में संघर्ष कर रहे हैं और अन्य देश अमेरिकी बाजार में चावल डंप कर रहे हैं यानी कि बेहद सस्ते दामों पर चावल बेच रहे हैं। जब ट्रंप ने पूछा कि कौन से देश अमेरिका में चावल सस्ते दामों पर बेच रहे हैं तो राष्ट्रपति के बगल में बैठीं केनेडी ने जवाब दिया- भारत और थाइलैंड; यहां तक कि चीन भी प्यूर्टो रिको में चावल सस्ते दामों पर बेच रहा है। प्यूर्टो रिको कभी अमेरिकी चावल का सबसे बड़ा बाजार हुआ करता था। हमने कई वर्षों से प्यूर्टो रिको में चावल नहीं भेजे हैं। ट्रंप ने फिर बेसेंट की ओर देखते हुए कहा- भारत, मुझे भारत के बारे में बताइए। भारत को ऐसा करने की अनुमति क्यों है? उन्हें टैरिफ देना होगा। क्या उन्हें चावल पर छूट मिली हुई है? इस पर बेसेंट ने कहा- नहीं सर, हम अभी उनके साथ व्यापार सौदे पर बातचीत कर रहे हैं। केनेडी ने ट्रंप को यह भी बताया कि भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में एक मामला चल रहा है। ट्रंप ने कहा कि इसे बहुत आसानी से निपटाया जा सकता है। उन्होंने कहा- यह उन देशों पर टैरिफ लगाकर बहुत जल्दी हल हो जाएगा, जो अवैध रूप से सामान भेज रहे हैं। प्राचीन जड़ें: चावल का भारत से वैश्विक सफर अब आते हैं असली कहानी पर- भारत और चावल का इतिहास। चावल की कहानी भारत की सभ्यता से जुड़ी है। पुरातत्वविदों के अनुसार, 5000 साल से ज्यादा पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500 ईसा पूर्व) में चावल की खेती के प्रमाण मिलते हैं। लोथल और राखीगढ़ी जैसे स्थलों पर मिले अवशेष बताते हैं कि हमारे पूर्वज नदियों के किनारे इस अनाज को उगा रहे थे। वेदों में भी 'अन्न' के रूप में चावल का जिक्र है, जो न सिर्फ भोजन था बल्कि पूजा-अर्चना का हिस्सा भी। संस्कृत में इसे 'अक्षत' कहा जाता है, जो अमरता का प्रतीक है। प्राचीन काल में चावल व्यापार का माध्यम बना। रोमन साम्राज्य से लेकर अरब व्यापारियों तक, भारतीय चावल मसालों के साथ जहाजों पर लादा जाता। लेकिन असली मोड़ आया मुगल काल में। कहा जाता है कि जहांगीर के समय (17वीं शताब्दी) बासमती चावल को 'बासमती' नाम मिला, जिसका मतलब है 'महकदार' या 'सुगंधित'। हालांकि इतिहास में इसको लेकर अलग-अलग दावे हैं। खैर, ये चावल हिमालय की तलहटी में उगता था- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के मैदानों में। मुगलों ने इसे राजसी भोजनों का हिस्सा बनाया और जल्द ही ये यूरोप पहुंच गया। ब्रिटिश राज में चावल निर्यात औपचारिक रूप ले चुका था। 19वीं शताब्दी के अंत तक, भारत ब्रिटेन को चावल सप्लाई कर रहा था, जो औद्योगिक क्रांति के दौरान मजदूरों का मुख्य भोजन था। स्वतंत्रता के बाद, 1950-60 के दशक में हरित क्रांति ने चावल उत्पादन को आसमान पर पहुंचा दिया। भारत रत्न एम.एस. स्वामीनाथन जैसे वैज्ञानिकों ने हाइब्रिड बीज, उर्वरकों और सिंचाई (जैसे पंजाब में नहरें) से उत्पादन को दोगुना कर दिया। 1960 में जहां भारत 50 मिलियन टन चावल पैदा करता था, वहीं आज ये 150 मिलियन टन को पार कर चुका है। इस क्रांति ने न केवल भुखमरी को रोका, बल्कि यह निर्यात का आधार बनी। 1970-80 के दशक में भारत ने अफ्रीका और मध्य पूर्व को सस्ता चावल भेजना शुरू किया, जो आज भी उसके प्रमुख बाजार हैं। वैश्विक बाजार में उभार: चुनौतियां और जीत 1990 के दशक में भारत ने चावल निर्यात में थाइलैंड और वियतनाम को पछाड़ना शुरू किया। वजह? विविधता- बासमती की प्रीमियम खुशबू और नॉन-बासमती का सस्तापन। 2000 तक भारत वैश्विक निर्यात का 20% हिस्सा ले चुका था। लेकिन चुनौतियां भी आईं। 2007-11 और 2023 में एल नीनो जैसी सूखे की वजह से भारत ने निर्यात प्रतिबंध लगाए, जिससे वैश्विक कीमतें 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। ये कदम घरेलू खाद्य सुरक्षा के लिए थे, लेकिन दुनिया को याद दिला दिया कि भारत के बिना चावल बाजार अधूरा है। फिर भी, भारत ने दबदबा बनाए रखा। 2011 से भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है। 2023 में OEC के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने 11 बिलियन डॉलर का चावल निर्यात किया, जिसमें सऊदी अरब, ईरान और इराक प्रमुख खरीदार थे। बेनिन जैसे अफ्रीकी देशों ने नॉन-बासमती चावल … Read more

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर सियासत गर्म: भाजपा का व्यंग्य, कंगना ने कहा— ‘दम नहीं उस इंसान में’

नई दिल्ली  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की संसद सत्र के बीच संभावित जर्मनी यात्रा ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'विदेश नायक' और 'पर्यटन नेता' करार दिया है। वहीं अभिनेत्री व भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 'उस इंसान में कोई दम नहीं है'। यह विवाद तब भड़का जब इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) ने घोषणा की है कि राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जाएंगे। बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हुआ था और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर राहुल गांधी के बर्लिन दौरे की जानकारी दी। आईओसी जर्मनी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने बताया कि राहुल गांधी 17 दिसंबर को बर्लिन में यूरोपीय देशों के आईओसी नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम में एनआरआई मुद्दों, कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने और पार्टी की वैचारिक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में सैम पित्रोड़ा और डॉ. अरती कृष्णा जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का इतिहास रहा है, जहां वे अक्सर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के कमजोर होने और भाजपा-आरएसएस द्वारा संस्थाओं पर कब्जा जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। कंगना बोलीं- उस इंसान में कोई दम नहीं राहुल गांधी के जर्मनी दौरे पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा- मैं उनके दौरों पर नजर नहीं रखती, न ही उनके बारे में कोई खबर पढ़ती हूं। तो मैं उनके दौरों के बारे में क्या कह सकती हूं? लेकिन यह सबके लिए साफ है कि उनकी पार्टी सिंगल डिजिट में क्यों आ गई है। मैं इस तरह के इंसान पर कोई कमेंट नहीं करना चाहती क्योंकि आप जानते हैं कि उस इंसान में कोई दम नहीं है, कोई कैरेक्टर की ताकत नहीं है… भाजपा का तंज- विदेश नायक और भारत बदनामी टूर भाजपा ने राहुल गांधी की यात्रा को संसदीय जिम्मेदारियों से बचने का बहाना बताते हुए जोरदार हमला बोला। पार्टी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- एक बार फिर विदेश नायक वही कर रहे हैं जो वह सबसे अच्छा करते हैं! विदेश दौरे पर जा रहे हैं! संसद 19 दिसंबर तक चल रही है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जाएंगे! राहुल LoP हैं – लीडर ऑफ पर्यटन। बिहार चुनावों के दौरान भी वह विदेश में थे और फिर जंगल सफारी में। पूनावाला ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि LOP का मतलब 'पर्यटन' (टूरिज्म) का लीडर है। राहुल गांधी एक गैर-गंभीर नेता हैं। लोग काम कर रहे हैं, और वह छुट्टियों के मूड में हैं…जब संसद 19 तारीख तक सेशन में है, तब भी वह विदेश जा रहे हैं। तो उनकी प्राथमिकताएं साफ हैं। अब मुझे नहीं पता कि वह किस वजह से जर्मनी जा रहे हैं, लेकिन हो सकता है कि वह सिर्फ भारत के खिलाफ जहर उगलने जा रहे हों। तो एक बार फिर, वह अपनी छुट्टियों के लिए और भारत को बदनाम करने के लिए विदेश जा रहे हैं।' भाजपा का यह हमला उस समय आया जब संसद में चुनाव सुधारों पर बहस चल रही है। मंगलवार को राहुल गांधी ने लोकसभा में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा से सांठगांठ का इल्जाम लगाया था। भाजपा ने पलटवार में कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में संवैधानिक संशोधनों से संस्थाओं को कमजोर किया था।

अनंत अंबानी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान: वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला ग्लोबल अवॉर्ड

नई दिल्ली  वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए अनंत अंबानी को अमेरिका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में ‘ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड फॉर एनिमल वेलफेयर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वनतारा के जरिए जानवरों के बचाव, इलाज, पुनर्वास और संरक्षण में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया।   अनंत अंबानी इस सम्मान को पाने वाले सबसे युवा और पहले एशियाई व्यक्ति बन गए हैं। इससे पहले यह अवॉर्ड अमेरिकी राष्ट्रपतियों जॉन एफ. कैनेडी और बिल क्लिंटन सहित हॉलीवुड हस्तियों और कई वैश्विक नेताओं को दिया जा चुका है। इस अवॉर्ड समारोह में दुनियाभर के वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ और पशु कल्याण से जुड़े नेता शामिल हुए। इस सम्मान से विज्ञान-आधारित संरक्षण पहलों और विश्वभर में संवेदनशील प्रजातियों की रक्षा के लिए किए जा रहे अनंत के सतत प्रयासों को मान्यता मिली है। ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी ने बताया कि यह अवॉर्ड उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिनकी आजीवन प्रतिबद्धता पशुओं और प्रकृति पर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। वनतारा को मिली वैश्विक मान्यता: अनंत अंबानी को यह सम्मान जामनगर (गुजरात) में स्थापित उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘वनतारा’ के लिए दिया गया। वनतारा दुनिया के सबसे बड़े और व्यापक वन्यजीव बचाव, उपचार, पुनर्वास तथा संरक्षण केंद्रों में से एक है। दुनिया के लिए एक मिसाल है यह मॉडल : डॉ. रॉबिन ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी की अध्यक्ष और सीईओ डॉ. रॉबिन गैंजर्ट ने अनंत अंबानी और वनतारा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वनतारा सिर्फ एक रेस्क्यू सेंटर नहीं, बल्कि जानवरों के इलाज, देखभाल और संरक्षण- तीनों को एक साथ जोड़ने वाला एक अनूठा मॉडल है। वनतारा ने यह दिखाया है कि बड़े पैमाने पर जानवरों की मदद कैसे की जा सकती है और यही मॉडल अब दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है। पशु हमें संतुलन और संवेदनशीलता सिखाते हैं : अनंत अवॉर्ड लेने के बाद अनंत अंबानी ने कहा कि यह सम्मान मुझे ‘सर्वभूत हित’ यानी सभी जीवों की भलाई के रास्ते पर और मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जानवर हमें जीवन में संतुलन और संवेदनशीलता सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि वनतारा के जरिए हमारा मकसद हर जीव को सम्मान, देखभाल और एक बेहतर जिंदगी देना है। हमारे लिए संरक्षण भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज की जिम्मेदारी है।  

यह वाकई बड़ा संकट! इंडिगो मामले में अदालत की फटकार, केंद्र की भूमिका पर उठे सवाल

नई दिल्ली  पिछले कुछ दिनों में देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की हजारों उड़ानें रद्द होने के मुद्दे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। इस मामले में दायर एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए अदालत ने इसे एक संकट करार दिया और केंद्र सरकार को यह बताने को कहा कि स्थिति अचानक क्यों बिगड़ी? लाइव लॉ के मुताबिक अदालत ने कहा, 'सवाल यह है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न ही क्यों हुई? जिम्मेदार कौन है?' चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने कहा कि फंसे हुए यात्रियों को हुई परेशानी के अलावा यह देश की अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान का भी सवाल है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि प्रभावित यात्रियों को सहायता और रिफंड उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मौके का फायदा उठाए जाने से अदालत हैरान बेंच ने इस बात पर भी हैरानी जाहिर की कि दूसरी कंपनियों ने इस मौके के फायदा उठाने की कोशिश की। अदालत ने कहा, 'दूसरी विमानन कंपनियां इस स्थिति का फायदा कैसे उठा सकती हैं और टिकट के लिए भारी रकम कैसे वसूल सकती हैं?' केंद्र सरकार ने अदालत से क्या कहा? सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाई कोर्ट को बताया गया कि विधिक प्रावधान पूरी तरह लागू हैं और इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। यह भी कहा गया कि विमानन कंपनी ने काफी क्षमायाचना की है। सरकार के वकील ने यह भी कहा कि संकट विभिन्न नियम उल्लंघनों की वजह से पैदा हुआ है, जिनमें समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन न करना शामिल है। खासकर क्रू सदस्यों के फ्लाइट ड्यूटी घंटों से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया।

दिवाली बनी ग्लोबल हेरिटेज: यूनेस्को की मान्यता पर PM का बयान—‘लोकप्रियता नई ऊंचाई छुएगी’

नई दिल्ली  भारत के प्रमुख पर्व दीपावली को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची’ में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। खुद यूनेस्को ने बुधवार को इसकी घोषणा की। यूनेस्को की यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है, जिसमें 78 देशों से आए दर्जनों नामांकनों पर विचार किया जा रहा है। दिवाली का चयन इस बात को दर्शाता है कि यह त्योहार विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक महत्ता और लोकाचार के कारण विशेष पहचान रखता है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस घोषणा से सभी भारतीय खुश हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'भारत और दुनिया भर के लोग बहुत खुश हैं। हमारे लिए, दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों से बहुत करीब से जुड़ी हुई है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह रोशनी और सच्चाई का प्रतीक है। यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में दीपावली के शामिल होने से इस त्योहार की ग्लोबल लोकप्रियता और भी बढ़ेगी। प्रभु श्री राम के आदर्श हमें हमेशा रास्ता दिखाते रहें।' यह पहली बार है कि भारत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है। इस समिति का 20वां सत्र लाल किले में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। यूनेस्को द्वारा दीपावली उत्सव को प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे हवा में गूंज उठे। यूनेस्को का उद्देश्य इस सूची के माध्यम से दुनिया भर में विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं की विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनका संरक्षण सुनिश्चित करना है। भारत ने दीपावली उत्सव को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यूनेस्को ने शांति और अच्छाई की जीत की शाश्वत मानवीय अभिलाषा का सम्मान किया। दीपावली भारतीयों के लिए बेहद भावनात्मक त्योहार है, जिसे पीढ़ियों से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'कुम्हारों से लेकर कारीगरों तक लाखों हाथ इस विरासत को जीवित रखते हैं। यूनेस्को का यह ‘टैग’ भी एक जिम्मेदारी है; हमें सुनिश्चित करना होगा कि दीपावली हमेशा एक विरासत बनी रहे। हमारे बच्चों को राम राज्य और सुशासन के त्योहार दीपावली के बारे में जानना चाहिए। आगामी दीपावली में सभी को शांति, कृतज्ञता और साझा मानवता का एक अतिरिक्त दीप जलाने के लिए आमंत्रित करें।' दिल्ली में विशेष आयोजन, शहर जगमगाया दिवाली को वैश्विक विरासत सूची में शामिल किए जाने के मौके पर दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में विशेष कार्यक्रमों की घोषणा की है। प्रमुख इमारतों को भव्य रोशनी से सजाया जा रहा है, मुख्य सड़कों पर आकर्षक सजावट की गई है और एक विशाल दीप प्रज्वलन समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। दुनियाभर में मनाया जाने वाला त्योहार दिवाली केवल हिंदू समुदाय ही नहीं, बल्कि सिख, जैन और भारत के बाहर बसे लाखों प्रवासी भारतीय भी इसे बड़े धूमधाम से मनाते हैं। कई समुदायों में यह पांच दिनों तक चलने वाला त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई, और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। दिवाली आमतौर पर अमावस्या की रात को मनाई जाती है, जो हर साल अक्टूबर के अंत या नवंबर में पड़ती है। इस दौरान घरों में दीये जलाना, रंगोली सजाना, पटाखे फोड़ना, और लक्ष्मी पूजा की परंपरा विशेष रूप से निभाई जाती है। रामायण से जुड़ी आस्था उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में दिवाली को भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने के रूप में मनाया जाता है, जब उन्होंने रावण का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की थी। इस कारण यह त्योहार उत्सव, प्रकाश और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। दिवाली का गहरा संबंध लक्ष्मी, धन और समृद्धि की देवी की आराधना से भी है। लोग इस दिन नई वस्तुएं खरीदते हैं और व्यापार भी शुभ माना जाता है। विदेश मंत्रालय ने जताई खुशी भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा- एक आनंददायक क्षण, जब दीपावली- अच्छाई पर बुराई की जीत और भगवान राम के अयोध्या लौटने के वैश्विक पर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया। इस घोषणा के बाद भारत के सांस्कृतिक इतिहास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और नई पहचान मिली है और दिवाली का वैश्विक महत्व और भी प्रखर होकर सामने आया है। भारत की 15 चीजें वर्तमान में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हैं, जिनमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा और रामलीला – महाकाव्य ‘रामायण’ का पारंपरिक प्रदर्शन शामिल हैं।

गुजरात के राजकोट में एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाला मामला आया सामने, 6 साल की बच्ची से हुई दरिंदगी

राजकोट  गुजरात के राजकोट में एक बेहद खौफनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 6 साल की बच्ची का अपहरण करके 30 साल के एक शख्स ने उसके साथ दरिंदगी की। खुद 3 बच्चों के इस बाप ने ना सिर्फ मासूम बच्ची के साथ रेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाल दी। पुलिस ने हैवानियत करने वाले आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जख्मी बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।   मामला राजकोट के जिले के अटकोट पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक घटना को 4 दिसंबर को उस वक्त अंजाम दिया गया जब बच्ची के माता-पिता खेत में काम करने के लिए बाहर गए थे। इस दौरान राम सिंह बच्ची को उठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया और वहां उसका मुंह दबाकर हैवानियत करने लगा। मासूम बच्ची के जिस्मों पर अपने हवस का जुल्म ढहाने से जब उसका मन नहीं भरा तो उसने एक फीट का लोहे का रॉड लड़की के प्राइवेट पार्ट में डाल दिया। इधर, काम से लौटने के बाद जब बच्ची नहीं मिली तो माता-पिता तलाश में जुटे। उन्हें वह घटनास्थल पर लहूलुहान मिली। तुरंत उसे लेकर पास के अस्पताल में गए जहां से बच्ची को राजकोट रेफर कर दिया गया। अस्पताल से मिली सूचना के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पुलिस हरकत में आई। 10 टीमों का गठन करके आरोपी की तलाश शुरू की गई। गांव में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच करके इसका विश्लेषण किया गया। पुलिस ने टेलिकॉम कंपनियों से भी डेटा लेकर यह पता लगाया कि कितने मोबाइल फोन उस दौरान घटनास्थल के आसपास ऐक्टिव थे। इस तरह बच्ची ने हैवान को पहचाना पुलिस ने 140 संदिग्धों की सूची बनाकर उनसे पूछताछ की। एसपी राजकोट रुरल विजय सिंह गुर्जर के मुताबिक, पूछताछ के बाद 10 लोगों की तस्वीरें बच्ची को दिखाई गईं। काउंसलर, महिला पुलिस अधिकारी और डॉक्टर्स की मौजूदगी में बच्ची ने एक शख्स की तस्वीर में आरोपी को पहचान लिया। एसपी ने कहा, '30 साल के आरोपी राम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसने ना सिर्फ रेप किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड भी डाला। अभी जांच जारी है।' घटना को अंजाम दे फरार हो गया था राम सिंह पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि उसने एक खेत में पानी की टंकी के पास उस दिन सुबह 11 बजे घटना को अंजाम दिया। लड़की के जख्मी होने और खून निकलने के बाद वह मौके से फरार हो गया। राम सिंह ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है और दो साल से राजकोट में काम करता था। आरोपी राम सिंह और पीड़ित परिवार MP का रहने वाला राम सिंह 12 साल की एक बेटी और दो बेटों का बाप है। पीड़ित बच्ची का परिवार भी मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है और खेतों में मजदूरी करने के लिए राजकोट में रह रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 65 (2) और पॉक्सो ऐक्ट की धारा 5 (I), 5 (M), और 6 (1) के तहत केस दर्ज किया है।

ट्रंप का विवादित बयान: ‘होंठ रुकते ही नहीं’—महिला अधिकारी पर टिप्पणी से मचा बवाल

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपनी ही महिला अधिकारी को लेकर की गई टिप्पणी चर्चा में है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी केरोलाइन लेविट की तारीफ करते हुए 'होंठ जैसे मशीन गन' जैसी बातों का इस्तेमाल किया। हालांकि, यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी ट्रंप उन्हें लेकर इस तरह की टिप्पणियां कर चुके हैं। लेविट के नाम सबसे युवा प्रेस सचिव होने का रिकॉर्ड दर्ज है।   सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रंप लोगों को संबोधित कर रहे हैं। इस बीच वह लेविट का जिक्र करते हैं। वह कहते हैं, 'आज हम अपनी सुपरस्टार को लेकर आए हैं। केरोलाइन। वो शानदार हैं न?' ट्रंप के इस सवाल पर भीड़ शोर मचाकर प्रतिक्रिया देती है। इसके बाद ही वह उनके शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणियां करते हैं। वीडियो में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, 'जब वो टीवी पर जाती हैं, फॉक्स पर। मेरा मतलब है कि वो उन्हें दबाते हैं, दबाते हैं…। जब वह अपने इस खूबसूरत चेहरे के साथ खड़ी होती हैं और वो होंठ, जो रुकते ही नहीं है और मशीन गन की तरह चलते हैं।' ट्रंप इस बारे में बात करते हुए अजीब आवाजें भी निकालते हैं। ट्रंप ने कहा, 'उन्हें (लेविट) को कोई डर नहीं है…। क्योंकि हमारी नीतियां सही हैं। हमारे पास फीमेल स्पोर्ट्स में मेल नहीं हैं…। हमें हर जगह ट्रांसजेंडर भेजने की जरूरत नहीं है। हमें अपनी सीमाएं खोलकर रखने की जरूरत नहीं है, जहां जेलों से हर जगह से दुनियाभर से लोगों को आने की अनुमति हो। ऐसे में उनके पास थोड़ा आसान काम है। मैं दूसरी तरह का प्रेस सचिव नहीं बनना चाहूंगा।' अगस्त में ट्रंप ने कहा था, 'वही चेहरा है, वही दिमाग है, वही होंठ हैं और वो जिस तरह से चलते हैं। वो ऐसे हिलते हैं, जैसे कि कोई मशीन गन हों।' उन्होंने कहा था, 'मुझे नहीं लगता कि किसी के पास केरोलाइन से अच्छी प्रेस सेक्रेटरी रही होगी।' खास बात है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में यानी 2019 से 2021 के बीच लेविट असिस्टेंट प्रेस सेक्रेटरी थीं। कांग्रेस इलेक्शन में हार का सामना करने के बाद उन्होंने जनवरी में वाइट हाउस कार रुख किया था और प्रेस सेक्रेटरी बनी थीं।

गोवा अग्निकांड का आरोपी अजय गुप्ता, जिसे पुलिस शहर-शहर ढूंढ रही थी, दिल्ली के अस्पताल में पकड़ा गया

 नई दिल्ली गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में 7 दिसंबर को हुए भीषण आग हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी. गोवा पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पकड़ा है. इसी केस में आरोपी अजय गुप्ता को दिल्ली से पकड़ा गया है. अजय यहां लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी बताकर भर्ती हो गया था. पुलिस उसे अस्पताल से लेकर सन लाइट कॉलोनी स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंची. इस दौरान अजय गुप्ता से जब सवाल किया गया तो उसने 'आजतक' से कहा कि वो स्लीपिंग पार्टनर था, उसे कुछ नहीं पता. इसके अलावा किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. पुलिस आरोपी अजय गुप्ता को टैक्सी से लेकर सन लाइट कॉलोनी क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंची थी. अजय ने मास्क लगा रखा था. हाथ में ड्रिप की बैंडेज लगी थी. बीते साल जारी किए गए GST सर्टिफिकेट से सामने आया है कि अजय गुप्ता क्लब में लूथरा बंधुओं के साथ पार्टनर था. अजय गुप्ता नार्थ दिल्ली के मशहूर बिल्डर अमित गुप्ता का भाई है, जिसकी 2 साल पहले गोगी गैंग ने बुराड़ी में हत्या कर दी थी. बिल्डर अमित गुप्ता की मौत के बाद खुलासा हुआ था कि अमित गुप्ता के पास कई नामी लोगों का पैसा था, जिन पैसों को मार्केट में लगाता था. अमित की हत्या के बाद उसका भाई अजय गुप्ता का पैसा मार्केट में लगाने लगा. लूथरा बंधुओं के क्लब्स में भी अमित और अजय गुप्ता ने बड़ी रकम लगा रखी थी. गोवा पुलिस अब अजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लूथरा बंधुओं के साथ हुई उसकी ट्रांजेक्शंस के बारे में पता लगाएगी. हादसे के बाद देश छोड़कर भाग गए क्लब के मालिक गोवा क्लब में आग लगने की घटना में 25 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए. दोनों के पासपोर्ट रद्द कराने के लिए गोवा पुलिस ने रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को पत्र भेजा. इसके अलावा क्लब के अन्य साझेदार गुरुग्राम के अजय गुप्ता और ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था. हादसे के दिन क्लब के मालिक लूथरा भाइयों ने दिल्ली एयरपोर्ट से विदेश जाने की तैयारी कर ली थी और दोनों विदेश निकल गए थे. वहीं इस घटना के बाद अजय गुप्ता की तलाश गोवा पुलिस के लिए अहम हो गई थी.  अजय गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी का हवाला देकर भर्ती हो गया था. गोवा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा है. पुलिस ने कहा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अजय गुप्ता को क्राइम ब्रांच ऑफिस में लाया गया. अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लेकर जाने की तैयारी है. गोवा पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश कर सकती है.