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शटडाउन का कहर: 36वें दिन भी अमेरिका में सरकारी दफ्तर बंद, जनता परेशान

वाशिंगटन  अमेरिका की संघीय सरकार बुधवार को 36वें दिन भी ठप रही जो देश के इतिहास में अब तक इस तरह के सबसे लंबे गतिरोध का रिकॉर्ड है। कांग्रेस द्वारा बजट को मंजूरी नहीं दिये जाने की वजह से संघीय कार्यक्रमों में कटौती, उड़ान में देरी तथा देश भर में संघीय कर्मचारियों का वेतन भुगतान ठप पड़ गया है और इससे लाखों अमेरिकियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ उनकी मांगों पर बातचीत करने से इनकार कर दिया है। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी को समाप्त करने की योजना को ढंडे बस्ते में डालने की मांग कर रही है और जब तक यह पूरा नहीं होता कांग्रेस (संसद) में बजट को समर्थन देने से इनकार कर दिया है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में संघीय सरकार के ठप होने का पिछला रिकॉर्ड बना था। उस समय मैक्सिको की सीमा पर सुरक्षा दीवार के लिए धन मुहैया कराने को लेकर गतिरोध बना था और संघीय सरकार करीब 35 दिनों तक ठप रही थी। रिपब्लिकन सीनेटर बुधवार को इस संकट पर चर्चा के लिए नाश्ते पर मिलने वाले हैं। लेकिन डेमोक्रेट्स के साथ कोई बातचीत निर्धारित नहीं है।   

सुरक्षा का नया अलार्म — ऑपरेशन सिंदूर के छह माह बाद लश्कर-जैश फिर सक्रिय?

नई दिल्ली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सेना ने अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों का लाभ उठाते हुए अपने आतंकियों को छिपे ठिकानों से बाहर लाने और एक बार फिर आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। कई आतंकी संगठन विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा आपरेशन सिंदूर के बाद से चुप थे। आपरेशन सिंदूर के दौरान जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन को उनके मुख्यालय और प्रशिक्षण स्थलों के नष्ट होने के बाद काफी नुकसान उठाना पड़ा था। भारतीय इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी सरगना मसूद अजहर और हाफिज सईद ज्यादातर घर के अंदर ही छिपे रहे। वे भारतीय हमले के डर से बाहर नहीं निकल रहे थे।   ISI पुनर्जीवित कर रहा आतंकी संगठन आतंकी नेता ISI और सेना से भी निराश रहे क्योंकि ये अपने लोगों की सुरक्षा करने में असमर्थ हैं। वर्तमान में ISI क्षति नियंत्रण मोड में है। आइएसआइ जानती है कि इन आतंकी संगठनों का कोई भी कैडर तब तक काम नहीं करेगा जब तक उनके नेता खुलकर सामने नहीं आते। वे उनसे भारत के खिलाफ गरजते हुए भाषण देने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, कैडर धीरे-धीरे संदेह करने लगे और सवाल पूछने लगे। इसके बाद सेना और आइएसआइ ने आतंकी सरगनाओं से संपर्क कर उन्हें आश्वासन दिया कि वे खुलकर अपने आपरेशन शुरू कर सकते हैं। उन्हें बताया गया कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मजबूत संबंध हैं, जिसका मतलब है कि पाकिस्तान सुरक्षित है। अजहर और सईद ने लाहौर में अपने सुरक्षित घरों में आइएसआइ अफसरों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जैश और लश्कर की हमले की योजना ISI ने अमेरिकी कार्ड का इस्तेमाल कर दोनों को आश्वासन दिया कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई आपरेशन नहीं करेगा और यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका दखल देगा। दोनों आतंकी सरगनाओं ने फिलहाल सहमति जताई है, केवल अजहर मसूद ने एक संक्षिप्त सार्वजनिक उपस्थिति की। जैश के चैनल अब अजहर के संदेशों के साथ सक्रिय हैं। भारत की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी ये संदेश भारत के खिलाफ हैं और कैडरों से जम्मू-कश्मीर में युद्ध को फिर भड़काने का आह्वान किया है। जबकि भारतीय अफसरों का कहना है कि यदि पाकिस्तान ने कोई गलत कदम उठाया, तो भारत समान कार्रवाई करेगा। वह इस बात से स्वतंत्र होगा कि पाकिस्तान किस देश की ओर देखता है। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आतंकी गतिविधि को युद्ध के रूप में लिया जाएगा। भारतीय एजेंसियां सीमा क्षेत्रों और देश के भीतर इन आतंकी संगठनों के माड्यूल पर करीबी नजर रख रही हैं। भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। पाकिस्तान के कब्जेवाले गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में 80 से अधिक आतंकी लांच पैड हैं। घुसपैठ के प्रयासों को भारतीय बलों ने विफल कर दिया।  

सिस्टम फेल होने से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी, Air India में मैनुअल चेक-इन शुरू

नई दिल्ली  बुधवार को देशभर में एयर इंडिया के सर्वर में अचानक आई तकनीकी खराबी ने हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया। दिल्ली एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि देश के सभी हवाई अड्डों पर एयर इंडिया का सर्वर डाउन हो गया है, जिसे जल्द ही ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 पर यात्रियों ने दोपहर 3 बजे से ही सर्वर में समस्या की शिकायत की। सर्वर काम न करने के कारण यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी सामान ड्रॉप करने में हुई। टी-2 से यात्रा करने वाले यात्री अपनी फ्लाइट्स के लिए परेशान होकर इधर-उधर भटकते नजर आए। यात्रियों को नया टिकट बुक करना पड़ा दीप्ति मिश्रा ने एयरपोर्ट पर कई यात्रियों से बातचीत की। यात्री संध्या ने बताया कि सर्वर में दिक्कत और फ्लाइट में देरी के कारण उनकी देहरादून से दिल्ली होते हुए विशाखापट्टनम की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई। उन्हें मजबूरी में नया टिकट बुक करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने यह भी दावा किया कि एयर इंडिया के सर्वर में समस्या बुधवार से पहले, यानी कल भी आ रही थी। तकनीकी समस्या के कारण, एयरलाइन को यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए तुरंत मैनुअल चेक-इन की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। तिरुवनंतपुरम और पटना के लिए बोर्डिंग मैनुअल तरीके से की गई। हालांकि, मैनुअल चेक-इन प्रक्रिया काफी धीमी होती है, जिसके कारण कतारें और प्रतीक्षा का समय काफी बढ़ गया। हैरानी की बात यह रही कि सर्वर में लगातार आ रही इस समस्या के बावजूद, एयरलाइन की ओर से यात्रियों को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। यात्रियों का दावा है कि उन्हें न तो कोई मैसेज मिला और न ही कोई ईमेल। अचानक कई विमानों के समय में परिवर्तन किए जाने से यात्रियों को अतिरिक्त समय तक इंतजार करना पड़ा। इंडिगो ने जारी की एडवाइजरी इस बीच, दिल्ली हवाई अड्डे पर हवाई यातायात की भीड़ के कारण अन्य एयरलाइन के संचालन पर भी असर पड़ा। इंडिगो (Indigo) एयरलाइन ने बुधवार को एक एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों को सूचित किया कि दिल्ली से उड़ान संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे देरी हो सकती है। इंडिगो ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और उन्हें वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी फ्लाइट के रियल-टाइम अपडेट की जांच करने का आग्रह किया।

डिफेंस डील ने बदली भू-राजनीति: भारत ने गाज़ा युद्ध में इज़रायल का थामा हाथ

गाजा  जब गाजा युद्ध को लेकर यूरोप और कई लोकतांत्रिक देशों ने इजरायल से दूरी बना ली, तब भारत ने न केवल अपने पुराने दोस्त के साथ खड़ा रहने का फैसला किया, बल्कि उसके साथ एक ऐतिहासिक रक्षा समझौता भी कर डाला। यह डील दोनों देशों की सैन्य साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूत करेगी। भारत और इजरायल के बीच यह समझौता मंगलवार को इजरायली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल (रिटा.) अमीर बराम और भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की वार्षिक बैठक के दौरान हुआ। बैठक में रक्षा, औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। सूत्रों के अनुसार, भारत अपनी थल सेना के लिए इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा विकसित मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (MR-SAM) लगभग 3.75 अरब डॉलर में खरीदेगा। इसके अलावा, IAI भारतीय वायु सेना के लिए 900 मिलियन डॉलर की लागत से छह कॉमर्शियल विमानों को एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर में परिवर्तित करेगा। मेजर जनरल अमीर बराम ने बैठक के बाद कहा- “भारत के साथ यह रणनीतिक संवाद बेहद अहम समय पर हो रहा है। हमारा रक्षा सहयोग आपसी भरोसे और साझा सुरक्षा हितों पर आधारित है। हम भारत को प्रथम श्रेणी का रणनीतिक साझेदार मानते हैं और इस सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में जब पश्चिमी देश इजरायल पर दबाव बना रहे हैं, भारत का यह कदम न केवल तेल अवीव के साथ मित्रता निभाने का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नई दिल्ली अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की नीति पर कायम है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की सराहना करते हुए लिखा कि “दो लोकतांत्रिक देशों का यह गठबंधन आने वाले समय में वैश्विक शक्ति संतुलन को बदल सकता है।” पिछले तीन दशकों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध लगातार मजबूत हुए हैं- कारगिल युद्ध में इजरायल की मदद से लेकर अब तक यह साझेदारी भरोसे और प्रौद्योगिकी पर आधारित है। इस नई डील से भारत न केवल अपनी रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करेगा, बल्कि पश्चिम एशिया में एक नए भू-राजनीतिक संतुलन की दिशा भी तय करेगा।   

सफेद चादर में लिपटा बद्रीनाथ: तापमान गिरा, भक्तों की आस्था चरम पर

बद्रीनाथ  उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम में अचानक से मौसम ने करवट बदल ली है। बुधवार सुबह से लगातार तेज बर्फबारी हो रही है और चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। बर्फबारी होने की वजह से तापमान काफी गिर गया है, लेकिन श्रद्धालुओं की भक्ति में कमी नहीं है, बर्फबारी के बीच भी भक्त दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। पर्यटक भी बर्फबारी का मजा ले रहे हैं। उत्तराखंड में बर्फबारी के साथ-साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कई दिनों में बर्फबारी के साथ-साथ बारिश भी हो सकती है और मौसम ज्यादा बिगड़ सकता है। वहीं प्रशासन ने ठंड से बचने के लिए जगह-जगह पर अलाव की व्यवस्था की है, जिससे पर्यटक और भक्त दोनों ही बर्फबारी का मजा ले सकें। 7 से लेकर 10 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। उत्तराखंड के कुछ जिलों में भारी बारिश और घना कोहरा छाया रहेगा। चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़, देहरादून, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में बारिश होने की संभावना है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन पर्यटकों को पर्वतीय क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दे रहा है। बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ की यात्रा चल रही है और भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर के कपाट 4 मई 2025 को खुले थे, जो नवंबर के महीने में बंद होंगे, जिसके बाद बाबा की पूजा-अर्चना के साथ उनकी विग्रह डोली को पांडुकेश्वर स्थित योग बदरी में विराजमान किया जाएगा। इसे बाबा का शीतकालीन दूसरा घर भी कहा जाता है, जहां बाबा मंदिर के कपाट बंद होने तक विराजेंगे। शीतकाल के कुछ महीनों तक बाबा बद्रीनाथ की पूजा यहीं होगी। बद्रीनाथ में मौसम बहुत ठंडा हो चुका है और बीते दिन का अधिकतम तापमान -1° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -12° सेल्सियस तक रहा था। आने वाले कुछ दिनों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।

पड़ोसी देश में रोजगार संकट गहरा: पाकिस्तान की युवा पीढ़ी और महिलाओं के लिए हालात बदतर

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में पहली बार डिजिटल जनगणना हुई और इसी आधार पर पता चल पाया कि यहां बेरोजगारी दर चरम पर है। 7.8 फीसदी युवाओं के पास नौकरी नहीं है यानि 24 करोड़ 15 लाख की आबादी वाले देश के करीब 1 करोड़ 87 लाख युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। पाकिस्तान ऑब्जर्वर नाम के अखबार ने देश की इस दुखती नब्ज को टटोला है। ये रिपोर्ट बेबस पाकिस्तानियों और बेपरवाह हुक्मरानों की पोल खोलती है। सिस्टम को लचर बताते हुए कहती है कि ये बेरोजगारी दर उन पाकिस्तानियों की फिक्र नहीं करती जो नीट (एनईईटी) हैं। नीट से मतलब पढ़ाई (एजुकेशन), रोजगार (एम्पलाईमेंट), और प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) से महरूम करना है। इस आर्टिकल में बताया गया है कि बेरोजगारी का संकट जितना दिखता है उससे कहीं अधिक गहरा है। 15 से 35 साल की उम्र के एक-तिहाई पाकिस्तानी इस समय बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। प्रकाशित रिपोर्ट की माने तो 'वर्किंग एज पापुलेशन' यानी काम करने की उम्र वाली आबादी की संख्या भी कुछ कम नहीं है। 17.17 करोड़ लोग जो काम करने में सक्षम हैं उनमें से 11 फीसदी के पास कोई नौकरी नहीं है। आर्टिकल में कहा गया है कि 'नीट' ग्रुप में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने पूरी तरह से काम ढूंढना बंद कर दिया है, जो बिना वेतन वाले या असंगठित उपक्रमों से जुड़े हैं, या ऐसे फैमिली बिजनेस में फंसे हैं जिसकी उत्पादन क्षमता कुछ खास नहीं है। लेख में पाकिस्तानी महिलाओं की दयनीय स्थिति का भी विवरण है। रिपोर्ट के अनुसार महिला श्रम बल भागीदारी दर भी काफी कम है। 'नीट' की समस्या तो है ही, इसके साथ ही देश की आधी आबादी की कम भागीदारी दर ने परिस्थिति को और भी सोचनीय बना दिया है। ये घटती दरें साफ इशारा करती हैं कि लेबर फोर्स का कौशल अर्थव्यवस्था से कदम ताल नहीं कर पा रहा और इसी वजह से स्ट्रक्चरल बेरोजगारी (संरचनात्मक बेरोजगारी जिसमें नियोक्ता और रोजगार की तलाश कर रहे शख्स का कौशल मेल नहीं खा पाता) बढ़ रही है। इसका जिम्मेदार भी पाकिस्तानी शैक्षिक व्यवस्था को बताया गया है जो पुराने ढर्रे पर चल रहा है। छात्रों को मांग के हिसाब से कुशल नहीं बना पा रहा। व्यावसायिक प्रशिक्षण भी सीमित है, तो दूसरी ओर पढ़े-लिखे युवाओं का झुकाव सरकारी नौकरियों की ओर ज्यादा है। सरकारी नौकरी आबादी के लिहाज से बहुत कम हैं और इसमें कम्पटीशन भी तगड़ा है। कुछ को नौकरी मिलती है तो कइयों के हाथ खाली रह जाते हैं और इस तरह पढ़े-लिखे बेरोजगारों की तादाद में भी इजाफा हो रहा है। 2025 में बेरोजगारी दर बढ़कर करीब 8 प्रतिशत हो गई है, जिसमें कुल लेबर फोर्स 8 करोड़ 51 लाख 80 हजार और बेरोजगारों की संख्या 68 लाख 10 हजार है। रिपोर्ट कहती है कि रोजगार दर लगभग 52.2 प्रतिशत है, जो बताता है कि काम करने की उम्र वाली लगभग आधी आबादी या तो बेरोजगार है या अल्प-रोजगार (योग्यता के मुताबिक नौकरी न मिलना) की समस्या झेल रही है। महंगाई, विदेशी मुद्रा संकट, 2022 और हाल ही में 2025 की बाढ़ के असर ने छोटे बिजनेस और लोकल जॉब मार्केट को तबाह कर दिया है। विश्व बैंक के आपदा-पश्चात आवश्यकता आकलन (पोस्ट-डिजास्टर नीड्स असेस्मेंट) में अरबों डॉलर के नुकसान और लाखों लोगों के दोबारा गरीबी में चले जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट सोच समझ कर नीति बनाने की सलाह देती है और आगाह करती है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये युवाओं और मुल्क को लंबे समय तक आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। आर्टिकल बेरोजगारी से सिर्फ आर्थिक तौर पर नुकसान की बात नहीं करता बल्कि इससे उभरने वाली बड़ी समस्याओं की ओर भी इशारा करता है। बेरोजगारी की मार और पैसों की कमी के चक्कर में हाशिये पर पड़े युवा जबरन पलायन को मजबूर होते हैं, फिर अपराधी बन जाते हैं या चरमपंथी नेटवर्क का हिस्सा बन देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। निराशा और हताशा के रूप में दिखने वाला मनोवैज्ञानिक असर बहुत गहरा और नुकसानदायक होता है। देश के कुछ पिछड़े इलाकों से युवाओं की तस्करी बंधुआ मजदूरी के लिए की जाती है। इतना ही नहीं, उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है या सेक्स ट्रेड में धकेल दिया जाता है। बलूचिस्तान की कोयला खदानें इस शोषण का भयानक प्रतीक बन गई हैं, जहां बुनियादी सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण मजदूर मर जाते हैं। ये दुखद घटनाएं कभी-कभार ही मीडिया में रिपोर्ट की जाती हैं और ये युवाओं को बचाने में सिस्टम की पूर्ण विफलता को दर्शाती हैं। अंत में ये खबर पाकिस्तान के हुक्मरानों की वजह से फेल होते समाज की बात करती है। कहती है कुछ मदरसे और सोशल मीडिया पर दीन-हीन जीवन जीने को मजबूर युवाओं को इज्जत और रूतबा देने का करार किया जाता है और फिर इनके हाथों में हथियार थमा दिए जाते हैं। हथियार लहराते युवा समाज में खौफ का प्रतीक बनते हैं और यही एक समाज के तौर पर हमें फेल करता है क्योंकि पाकिस्तानी सिस्टम इन्हें वो मकसद नहीं दे पा रहा जो देश की तरक्की के लिए जरूरी है।

हरियाणा चुनाव पर राहुल गांधी का बड़ा आरोप — फर्जी वोटर लिस्ट से 25 लाख वोट गायब!

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने वोट चोरी के अपने आरोप दोहराए और अपने दावे के पक्ष में बातें बताईं। राहुल गांधी ने मतदाताओं के फर्जी फोटो और फर्जी मकान के पतों पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या हुआ, सिलसिलेवार ढंग से जानें   राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में कई राज्यों के एग्जिट पोल दिखाए। उन्होंने इनके जरिए कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में वोट चोरी पकड़ी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत दिखाई गई। और भी कई जगहों पर ऐसे ही नतीजे पेश किए गए। लेकिन हमें बाद में वोट चोरी की शिकायतें मिलीं।     राहुल ने एक महिला की तस्वीर दिखा कर कहा कि हरियाणा में एक महिला ने अलग-अलग नाम से 10 जगह 22 बार वोट डाला। उन्होंने दावा किया कि यह महिला एक ब्राजील की मॉडल है। उसने स्वीटी, विमला, सरस्वती आदि नाम से वोट डाला। उन्होंने कहा कि ये बूथ स्तर पर नहीं हो रहा है। ये सेंट्रलाइज ऑपरेशन है।     राहुल गांधी ने कहा कि 'हमारे पास 'H' फाइल्स हैं और यह इस बारे में है कि कैसे एक पूरा राज्य चुरा लिया गया है। हमें शक है कि यह सिर्फ अलग-अलग सीटों पर नहीं हो रहा है, बल्कि राज्य और नेशनल लेवल पर हो रहा है। हमें हरियाणा में अपने उम्मीदवारों से बहुत सारी शिकायतें मिलीं कि कुछ गड़बड़ है। हमने ऐसा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में भी अनुभव किया था, लेकिन हमने हरियाणा पर फोकस किया कि वहां क्या हुआ था, उसकी पूरी जानकारी लेने का फैसला किया।'     राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में हर आठ में से एक वोटर नकली है। उन्होंने कहा कि नकली फोटो वाले हरियाणा में एक लाख से ज्यादा मतदाता हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुए।     राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कई मतदाताओं के मकान नंबर शून्य होने पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि फर्जी मतदाताओं की कोई पहचान नहीं होती और फर्जी मतदाता वोट डालने के बाद गायब हो जाते हैं और उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जांच में 500 मतदाताओं का एक ही पता पाया गया।       राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई लोगों की वीडियो क्लिप प्रसारित कराई, जिनमें वो लोग कह रहे थे कि उनकी वोट काट दी गई। नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि हरियाणा चुनाव के दौरान 3.5 लाख मतदाताओं के वोट काटे गए।     राहुल गांधी ने एक मतदाता का उदाहरण देते हुए कहा कि डालचंद यूपी में भी वोटर हैं, हरियाणा में भी वोटर है। उनका बेटा भी हरियाणा में भी वोटर है, यूपी में भी वोट करता है। ऐसे हजारों की तादाद में लोग हैं, जिनका भाजपा से जुड़ाव है। मथुरा के सरपंच प्रह्लाद का नाम भी हरियाणा में कई जगह वोटर लिस्ट में है।      इससे पहले राहुल गांधी ने एक सितंबर को भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह जल्द ही वोट चोरी’ से जुड़ा हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे, जबकि महादेवपुरा से जुड़ा खुलासा तो केवल एटम बम था। वोटर अधिकार यात्रा अंतिम दिन एक सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला था और कहा था कि जिन ताकतों ने महात्मा गांधी की हत्या की, वही अब भारत के संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के एजेंडे की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि गांधी अपने पहले के आरोपों को लेकर विस्तार से बात कर सकते हैं।  

कौन है ‘मैथ्यूज फरेरो’? राहुल गांधी की मिस्ट्री गर्ल, जिसने हरियाणा में 22 बार किया मतदान

चंडीगढ़  राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर एक बार फिर हमला बोला है. इस बार उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में धांधली के आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपने पास मौजूद कथित ‘H फाइल्स’ का हवाला देते हुए एक मिस्ट्री गर्ल की तस्वीर दिखाई. राहुल गांधी ने दावा किया कि इस एक महिला ने हरियाणा में अलग-अलग नामों से अलग-अलग बूथों पर कई बार वोट डाला है. राहुल गांधी ने इस मिस्ट्री गर्ल को लेकर दावा कि कि इस महिला ने हरियाणा में 22 बार वोट डाला. उन्होंने बताया कि कुछ बूथों पर इसी महिला की तस्वीर सीमा, सरस्वती, विमला जैसे कई नामों पर दर्ज हैं. राहुल ने कहा कि एक ही तस्वीर के साथ 10 अलग-अलग बूथों पर नाम देखकर उनकी टीम हैरान रह गई. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'H फाइल्स' प्रेजेंटेशन में दावा किया है कि ब्राजील की किसी मॉडल के नाम पर हरियाणा में 22 वोट दर्ज हैं. हरियाणा में मॉडल ने नाम बदल-बदल कर 22 वोट डाले. उसने कभी सीमा, कभी स्वीटी और कभी सरस्वती बनकर वोट किया. कांग्रेस की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस मॉडल का नाम Matheus Ferroro है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर Matheus Ferroro नाम की क्या कहानी है… राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस महिला का जिक्र किया है वे ब्राजील की एक मॉडल बताई जा रही हैं. लेकिन, जब  इसकी जांच पड़ताल की तो पता लगा कि इस महिला का नाम Matheus Ferroro नहीं है.  बताया जा रहा है कि ब्राजील की इस मॉडल का नाम Matheus Ferroro है. लेकिन इस मॉडल का नाम Matheus Ferroro नहीं है जबकि जिस मॉडल की फोटो राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई है, वो Matheus Ferroro नाम के एक फेमस फोटोग्राफर ने क्लिक की हैं. ऐसे में ये फोटो Matheus Ferroro की ओर से क्लिक की गई हैं, जिसे Unsplash, Pexels पर बनी फोटोग्राफर की प्रोफाइल में देखा जा सकता है. राहुल गांधी ने बताया कि इस ‘मिस्ट्री गर्ल’ की तस्वीर उन्होंने टीम को दिखाई, तो वे भी हैरान रह गए. उन्होंने पता किया तो पता चला कि यह एक ब्राज़ीलियन मॉडल की स्टॉक फ़ोटो है. राहुल गांधी ने कहा कि यह एक बाहरी/स्टॉक इमेज थी, न कि असली स्थानीय मतदाता की. राहुल गांधी ने कहा कि असल में ये ब्राज़ील की मॉडल है और इसकी तस्वीर पर अलग-अलग फ़र्ज़ी आईडी बनी थी, जिसके आधार पर हरियाणा में बाइस जगह वोट दिए गए थे. राहुल के मुताबिक हरियाणा में इसी तरीके से 25 लाख लोगों ने फ़र्ज़ी वोट दिया था. राहुल गांधी ने कहा कि असल में ये ब्राज़ील की मॉडल है और इसकी तस्वीर पर अलग-अलग फ़र्ज़ी आईडी बनी थी, जिसके आधार पर हरियाणा में बाइस जगह वोट दिए गए थे. राहुल के मुताबिक हरियाणा में इसी तरीके से 25 लाख लोगों ने फ़र्ज़ी वोट दिया था. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पुख्ता सबूत है कि हरियाणा में 25 लाख वोट फेंक थे. इसका मतलब ये है हर आठ में से एक वोट फ़र्ज़ी है. बावजूद इसके कांग्रेस पार्टी इस चुनाव में सिर्फ 25000 वोट से हार गई.’ अब ये फोटो कई रॉयल्टी फ्री इमेज एजेंसी पर मौजूद है. जिसे कई यूट्यूब वीडियो, ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर प्रोडक्ट के साथ इस्तेमाल किया गया है.  कांग्रेस ने मॉडल का नाम बताया Matheus Ferroro कांग्रेस केरल ने अपनी पोस्ट में बताया कि ये महिला ब्राज़ील के नागरिक मैथियस फेरोरो ने हरियाणा में स्वीटी से लेकर सरस्वती तक, 22 नामों से वोट डाला. कमाल है @ECISVEEP. क्या आपको और सबूत चाहिए कि हरियाणा चुनाव में पूरी तरह से धांधली हुई थी? बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा था — “हाइड्रोजन बम लोडिंग”, यानी कुछ बड़ा खुलासा होने वाला है.  कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में “H फाइल्स” नाम की एक प्रेजेंटेशन दिखाई, जिसमें उन्होंने वोट चोरी का बड़ा मुद्दा उठाया हैं.  राहुल ने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से चुनावों में गड़बड़ी की कई शिकायतें आई हैं. राहुल ने यह भी बताया कि जिस फोटो का इस्तेमाल वोट डालने में हुआ, वो असल में ब्राजील की एक मॉडल की तस्वीर थी. राहुल गांधी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ECI फर्जी मतदाताओं को क्यों नहीं हटा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं, तो चुनाव निष्पक्ष होगा, लेकिन EC निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि यह एकदम स्पष्ट प्रमाण है कि बीजेपी क्या कर रही है. 

आपबीती: पाक ने 14 हिंदू परिवारों के साथ की बदसलूकी, मंदिर दर्शन की राह हुई बाधित

अटारी  आज गुरु नानक जयंती है. इसे प्रकाश गुरुपर्व भी कहा जाता है. श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान गया. श्रद्धालुओं में सिख और हिंदू दोनों शामिल थे. मगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. उसने धर्म-कर्म के मामले में भी अपनी नीच हरकत दिखाई. पाकिस्तान ने ननकाना साहिब गुरुद्वारा गए सिख श्रद्धालुओं का तो फूलों से स्वागत किया, मगर हिंदू श्रद्धालुओं को सीमा पार करने की इजाजत नहीं दी. सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में गए हिंदू श्रद्धालुओं को अपमानित करके पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस लौटा दिया. ऐसे 14 परिवार हैं, जिनके साथ पाकिस्तान ने बदसलूकी की है. कहां के हिंदू परिवारों को लौटाया? दरअसल, पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व मनाने के लिए भारत से सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान गए हिंदू परिवारों के सदस्यों को पाकिस्तान इमीग्रेशन ने वापस लौटा दिया. पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लौटाए गए ये हिंदू परिवार दिल्ली, लखनऊ और नवां शहर के हैं. पाकिस्तान से लौटाए जाने पर उन्होंने अपनी आपबीती बताई है. उन्होंने बताया है कि कैसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने उनका अपमान किया. उनके साथ बदसलूकी की. पाकिस्तान ने किया अपमानित पाकिस्तान से भारत लौटने पर अटारी बॉर्डर पर बातचीत करते हुए हिंदू श्रद्धालुओं के सदस्य श्री गंगा राम और श्री अमर चंद ने बताया कि उन्होंने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से पाकिस्तान गुरुधामों की यात्रा के लिए वीजा लगवाया था और वे भारत से सिख जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान गए थे. लेकिन पाकिस्तान वाघा पर स्थित पाकिस्तानी इमीग्रेशन और पाकिस्तानी रेंजरों के अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बदसलूकी की. उन्हें सिर्फ इस वजह से वापस लौटा दिया क्योंकि वे हिंदू थे. पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा, ‘आप हिंदू हैं और सिख जत्थे में शामिल होकर क्यों जा रहे हैं.’ ‘अपने मंदिरों में जाओ’ उनका कहना था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें अपमानित करते हुए यह तक कहा कि ‘आप अपने मंदिरों में जाओ, सिखों के गुरुद्वारों में क्या लेने जा रहे हो.’ हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों से उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी को सिर्फ सिख ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा हिंदू श्रद्धालु भी पूजा करते हैं और उनके बताये मार्ग पर चलते हैं. मगर वे बात नहीं माने और उन्होंने वापस लौटा दिया. सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में गए हिंदू श्रद्धालुओं को अपमानित करके पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस लौटाया दुखी मन से रोतो हुए वापस लौटे श्रद्धालु कुल 14 परिवारों के इन सदस्यों ने बताया कि उन्हें बहुत दुखी मन के साथ पाकिस्तान से रोते हुए वापस भारत लौटना पड़ा, जिससे उनका मन बेहद उदास है. उन्होंने बताया कि उनका और परिवार के कई सदस्यों का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन वे लंबे समय से भारत में स्थायी नागरिक बनकर पासपोर्ट के साथ रह रहे हैं. वे दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में बस चुके हैं. परिवार की इच्छा थी कि वे श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व उनके जन्मस्थान ननकाणा साहिब (पाकिस्तान) जाकर मनाए, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें इसकी इजाज़त नहीं दी. भारत ने लिया है संज्ञान भारत लौटाए गए हिंदू श्रद्धालुओं में दिल्ली, लखनऊ और नवां शहर (पंजाब) के परिवार शामिल थे. बहरहाल, सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय श्रद्धालुओं को वापस लौटाने का मामला भारत के संज्ञान में है. पाकिस्तान के साथ भारत इस मुद्दे को उठाएगा. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर से बौखला गया है. वह हिंदू और सिखों के बीच खाई पैदा करना चाहता है. यही कारण है कि पाकिस्तान के इस कदम को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हिन्दुओं और सिखों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

अमेरिकी चुनाव में भारतीय प्रतिभाओं का प्रभाव, ममदानी के साथ अन्य विजेताओं ने किया कमाल

 न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में भारतीय मूल के मुस्लिम डेमोक्रेट ज़ोहरान ममदानी (34) ने ऐतिहासिक फतह हासिल की है. उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन कर्टिस स्लीवा को पटखनी देते हुए अमेरिका के सबसे अमीर शहर में इतिहास रच दिया है. इसके साथ ही वे अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर पद पर बैठने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम शख्स बन गए हैं. जोहरान ममदानी को इस चुनाव में 948,202 वोट (50.6 प्रतिशत) मिले, जिसमें से 83 प्रतिशत वोट पड़े थे. वह कई महीनों से NYC मेयर चुनाव में सबसे आगे चल रहे थे. एंड्रयू कुओमो एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे और चुनाव के एक दिन पहले ट्रंप का सपोर्ट मिला था. इसके बाद भी बेहद आसानी से ममदानी की जीत हो गई.  कुओमो को 776,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले, जबकि स्लीवा को 137,030 वोट मिले. न्यूयॉर्क सिटी चुनाव बोर्ड ने बताया कि 1969 के बाद पहली बार दो मिलियन वोट डाले गए, जिनमें मैनहट्टन में 444,439 वोट पड़े, उसके बाद ब्रोंक्स (187,399), ब्रुकलिन (571,857), क्वींस (421,176) और स्टेटन आइलैंड (123,827) का स्थान रहा. ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में कुओमो को हराया था और इस साल जून में उन्हें विजेता घोषित किया गया था. ज़ोहरान ममदानी कौन हैं? युगांडा के कंपाला में जन्मे ज़ोहरान ममदानी सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क शहर चले गए और बाद में अमेरिकी नागरिक बन गए. उनकी मां मीरा नायर एक मशहूर भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता हैं और उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. ममदानी की शादी सीरियाई-अमेरिकी कलाकार रमा दुवाजी से हुई है. इस जोड़े की सगाई अक्टूबर 2024 में हुई और इसी साल फरवरी में लोअर मैनहट्टन स्थित सिटी क्लर्क के कार्यालय में दोनों कोर्टहाउस में शादी के बंधन में बंध गए. बता दें कि ज़ोहरान ममदानी के अलावा और भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने अलग-अलग चुनावों में जीत हासिल की है. भारतीय मूल की ग़ज़ाला हाशमी की जीत भारतीय मूल की डेमोक्रेट ग़ज़ाला हाशमी ने रिपब्लिकन जॉन रीड को हराकर वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर का चुनाव जीत लिया है. हाशमी वर्जीनिया सीनेट में सेवा देने वाली पहली मुस्लिम और पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी हैं, जो 15वें सीनेटरियल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करती हैं. हाशमी की इस जीत का मतलब है कि उनकी सीनेट सीट के लिए एक विशेष चुनाव होगा. ग़ज़ाला हाशमी ने 2019 में सियासत में एंट्री ली और एक चौंकाने वाली जीत के साथ, रिपब्लिकन के कब्जे वाली स्टेट सीनेट सीट को जीत लिया और वर्जीनिया जनरल असेंबली के लिए चुनी गईं. पांच साल बाद, साल 2024 में उन्हें सीनेट शिक्षा और स्वास्थ्य समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो दो महत्वपूर्ण डेमोक्रेटिक प्राथमिकताओं, प्रजनन स्वतंत्रता और सार्वजनिक शिक्षा, के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व पद है. जेजे सिंह ने लहराया परचम भारतीय मूल के जेजे सिंह ने वर्जीनिया के Virginia House of Delegates District 26 से चुनाव लड़ा था और यहां पर जीत हासिल की है. यह जिला मुख्य रूप से उत्तरी वर्जीनिया में स्थित है.  जेजे सिंह का जन्म उत्तरी वर्जीनिया में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था और वे फेयरफैक्स स्टेशन में पले-बढ़े. उनके माता-पिता 1970 में भारत से इस इलाके में आकर बस गए थे. उनके पिता अमर जीत सिंह का जन्म ब्रिटिश भारत (मौजूदा पाकिस्तान) के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में हुआ था और भारत के बंटवारे के बाद वे भारत के हरियाणा आ गए.