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वैश्विक शक्ति रैंकिंग: भारत टॉप-3 में, पाकिस्तान बाहर—जानिए पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने लोवी इंस्टीट्यूट ने अपना सालाना एशिया पावर इंडेक्स 2025 जारी किया है, जो 27 एशियाई देशों के मिलिट्री, इकोनॉमिक, डिप्लोमैटिक और कल्चरल असर का डिटेल्ड असेसमेंट देता है। रिपोर्ट में रीजनल पावर में बड़े बदलावों पर रोशनी डाली गई है, जिसमें चीन एशिया की बड़ी पावर के तौर पर उभरा है। भारत लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि पिछले सालों के मुकाबले यूनाइटेड स्टेट्स का असर कम हुआ है। रिपोर्ट में देशों को आठ एरिया (मिलिट्री कैपेबिलिटी, डिफेंस नेटवर्क, इकोनॉमिक ताकत, डिप्लोमैटिक असर, कल्चरल पहुंच, रेजिलिएंस और फ्यूचर रिसोर्स पोटेंशियल) के आधार पर रैंक किया गया है। पाकिस्तान टॉप 10 से बाहर है, 16वें नंबर पर है। दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश 1. यूनाइटेड स्टेट्स (US) 80.5 सुपर पावर 2. चीन 73.7 सुपर पावर 3. इंडिया 40.0 मेजर पावर 4. जापान 38.8 मिडिल पावर 5. रूस 32.1 मिडिल पावर 6. ऑस्ट्रेलिया 31.8 मिडिल पावर 7. साउथ कोरिया 31.5 मिडिल पावर 8. सिंगापुर 26.8 मिडिल पावर 9. इंडोनेशिया 22.5 मिडिल पावर 10. मलेशिया 20.6 मिडिल पावर इंडिया की उभरती हुई पावर रिपोर्ट एशिया में इंडिया के बढ़ते असर को दिखाती है। उम्मीद है कि इंडिया 2025 में 40.0 स्कोर के साथ 'मेजर पावर' का दर्जा हासिल कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया की बढ़त उसकी मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ और बढ़ती मिलिट्री कैपेबिलिटी की वजह से है। हालांकि इंडिया की मिलिट्री और रिसोर्स ग्रोथ काफी रही है, लेकिन उसका डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक असर अभी तक उसकी कैपेबिलिटी में बढ़ोतरी के बराबर नहीं हुआ है, जो आगे बढ़ने की बहुत ज़्यादा संभावना दिखाता है। सिर्फ़ यूनाइटेड स्टेट्स और चीन ही 'सुपरपावर' कैटेगरी में लिस्टेड हैं। यूनाइटेड स्टेट्स टॉप पर बना हुआ है, लेकिन 2018 में एशिया पावर इंडेक्स लॉन्च होने के बाद से यह अपना सबसे कम इन्फ्लुएंस स्कोर दिखा रहा है। एनालिस्ट इसका कारण ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान लिए गए पॉलिसी डिसीजन को मानते हैं, जिन्हें एशिया में US के इन्फ्लुएंस के लिए नेट नेगेटिव बताया गया है। चीन लगातार यूनाइटेड स्टेट्स के साथ गैप कम कर रहा है, जिससे गैप का अंतर 2020 के बाद से अपने सबसे निचले पॉइंट पर आ गया है। रूस की पोजीशन मज़बूत हुई रूस ने 2019 के बाद पहली बार एशिया में अपनी पोजीशन मज़बूत की है। यूक्रेन वॉर के बाद लगाए गए बैन की वजह से खोए हुए इन्फ्लुएंस को उसने वापस पा लिया है। मॉस्को की बढ़ती रीजनल प्रेजेंस का क्रेडिट काफी हद तक चीन और नॉर्थ कोरिया के साथ उसकी स्ट्रेटेजिक डिफेंस और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को जाता है। रूस 2024 में ऑस्ट्रेलिया से हारे अपने पांचवें स्थान पर वापस आ जाएगा। दूसरी मिडिल पावर्स के मुकाबले जापान का इन्फ्लुएंस बढ़ा है। यह मज़बूत इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव को दिखाता है, जो टोक्यो को एशिया के बदलते पावर डायनामिक्स में एक ज़्यादा काबिल प्लेयर के तौर पर पोज़िशन करता है। साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश मिडिल पावर के तौर पर तेज़ी से ज़रूरी भूमिका निभा रहे हैं।

ताजिकिस्तान में ड्रोन हमले से चीन को बड़ा झटका, सीमा के पास खदान में हुई मौतें

खटलोन  अफगानिस्तान की सीमा से सटे ताजिकिस्तान में चाइनीज इंजीनियरों पर ड्रोन से घातक हमला हुआ है. इस हमले में 3 चाइनीज मारे गए हैं. ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमला UAV से किया गया. इस UAV में ग्रेनेड और विस्फोटक लोड थे. इससे एक माइनिंग साइट पर हमला किया गया. ताजिकिस्तान का दावा है कि ये हमले सीमा पार से किए गए थे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक र रात को ताजिकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी खटलोन इलाके में एक कैंप हाउसिंग कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर हमला किया गया.  यह हमला योल बॉर्डर डिटैचमेंट में फर्स्ट बॉर्डर गार्ड पोस्ट "इस्तिकलोल" के पास एलएलसी शोहिन एसएम वर्कर्स कैंप को निशाना बनाकर किया गया था. माइनिंग कंपनी एलएलसी शोहिन ताजिकिस्तान में गोल्ड माइनिंग का काम करती है. ताजिकिस्तान ने कहा, "ताजिकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच बॉर्डर वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने और शांति और स्थिरता का माहौल बनाने की ताजिकिस्तान की लगातार कोशिशों के बावजूद अफ़गानिस्तान के इलाके में मौजूद क्रिमिनल ग्रुप्स की खतरनाक हरकतें अभी भी जारी हैं." मंत्रालय ने "आतंकवादी ग्रुप्स की इन हरकतों" की निंदा की और अफ़गान अधिकारियों से बॉर्डर के अपने हिस्से को स्थिर और सुरक्षित करने की अपील की.ताजिकिस्तान के अनुसार, "यह हमला हथियारों और ग्रेनेड से भरे ड्रोन से किया गया, जिसमें चीनी नागरिक तीन स्टाफ की मौत हो गई." ताजिकिस्तान में क्या कर रहे थे चाइनीज इंजीनियर कई चीनी कंपनियां ताजिकिस्तान में काम करती हैं. ये कंपनियां खासकर माइनिंग और नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्र में काम कर रही हैं. जो अक्सर पहाड़ी बॉर्डर इलाकों में होती हैं. ये पहाड़ी और बॉर्डर इलाका दोनों देशों के बीच लगभग 1,350 किलोमीटर तक फैला हुआ है. ये चाइनीज वर्कर ताजिकिस्तान में माइनिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में शामिल थे. ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के इस बॉर्डर पर समय समय पर दिक्कतें होती रहती है.  ताजिकिस्तान ने कहा कि उसने एक हफ़्ते पहले इस इलाके में अफ़गानिस्तान के दो संदिग्ध ड्रग स्मगलरों को मारने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था. अगस्त में ताजिक गार्ड्स और अफ़गानिस्तान के रूलिंग तालिबान मूवमेंट के लड़ाकों के बीच फायरिंग भी हुई थी.  चीनी वर्करों को मारने वाला ड्रोन हमला गुरुवार को कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन जो एक रीजनल ब्लॉक है की मीटिंग से पहले हुआ.    LLC Shohin SM क्या काम करती है LLC Shohin SM में धातु की माइनिंग होती है. विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में और यहां आमतौर पर तांबा, सोना और अन्य बहुमूल्य धातुओं की खुदाई की जाती है. LLC Shohin SM ताजिकिस्तान के खातलॉन प्रांत के शोहिन जिले में सोने की खदान चलाती है. यह एक चीनी-ताजिक जॉइंट वेंचर है, जिसमें मुख्य निवेश और तकनीक चीन की कंपनी Tibet Huayu Mining Co. Ltd से आता है. यह खदान जिलाउ और आसपास के क्षेत्रों में सोने की खोज और उत्पादन करती है, जो ताजिकिस्तान के सबसे बड़े सोने के भंडारों में से एक है. अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान में नया तनाव यह हमला मध्य एशिया में नए तनाव को जन्म दे रहा है. जहां चीन का करोड़ों डॉलर का निवेश है. इस घटना ने ताजिकिस्तान को चीन और रूस के बीच एक संवेदनशील भूमिका में खींच लिया है, जहां चीन अपने निवेश और सुरक्षा हितों को बढ़ाने के लिए ताजिकिस्तान की सरकार पर दबाव डाल रहा है, जबकि ताजिकिस्तान की सरकार आंतरिक अस्थिरता और चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. ​ हमले ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजनाओं की सुरक्षा को भी चुनौती दी है, जिससे चीन के निवेश और आर्थिक रणनीति पर खतरा उत्पन्न हुआ है. इसके अलावा, चीन अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के साथ भी आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे तालिबान के साथ चीन के रिश्तों में भी नए आयाम उभर रहे हैं. 

भारत के तेजस विमान में कोई समस्या नहीं, HAL ने दिया भरोसा

बेंगलुरु  हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने दुबई एयर शो में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के क्रैश होने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से तेजस कार्यक्रम के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एएनआई के नेशनल सिक्योरिटी समिट में रक्षा निर्यात पर बोलते हुए डीके सुनील ने कहा- तेजस में बिल्कुल कोई समस्या नहीं है। मैं इस मंच से ये घोषणा करता हूं। यह एक बहुत शानदार एयरक्राफ्ट है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया में सबसे बेहतरीन है। दुबई में जो हुआ, वह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इसका तेजस के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि यह पहला मौका था जब तेजस विदेशी धरती पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं जब से तेजस बना है तब से केवल दो बार ही क्रैश हुआ है। वहीं 1993 से 2013 तक दुनिया की सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका में 174 एयरशो क्रैश हुए, जिनमें 91 लोग मारे गए। एचएएल चेयरमैन ने कहा- जब कोई देश आगे बढ़ता है और अपनी खुद की टेक्नोलॉजी विकसित करता है तो उसे कई चरणों से गुजरना होता है। आज हमने नई क्षमता के साथ इस 4.5 जेनरेशन के एयरक्राफ्ट को बनाया है। यह एक बहुत बड़ी सफलता है और हम इस पर गर्व करते हैं। लोग तो बातें करेंगे ही और सवाल उठाएंगे लेकिन इससे हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूरी तरह से सुरक्षित एयरक्राफ्ट है। इसके भविष्य को लेकर कोई सवाल ही नहीं है। हमारे पास करीब 180 तेजस हैं और यह संख्या आगे बढ़ेगी। हम पास इस विमान के लिए एक्सपोर्ट मार्कट भी होगी।" HAL के फ्यूचर प्रोजेक्ट HAL के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि हम U-CAV – 'CATS वॉरियर' बना रहे हैं। यह अगले साल तक तैयार हो जाएगा, और हमें उम्मीद है कि यह 2027 तक उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि हम UHM (यूटिलिटी हेलीकॉप्टर मैरीटाइम)- डेक-बेस्ड वर्जन के लिए यूटिलिटी हेलीकॉप्टर पर भी काम कर रहे हैं। यह इस साल उड़ान भरना शुरू कर देगा, और दो साल में डिलीवरी होगी… उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि भारत वैश्विक स्तर पर उभरे और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। डीके सुनील ने कहा- यह सरकार की नीति है कि हम ग्लोबल बनें। निर्यात भारत सरकार और कंपनी के आउटरीच का परिणाम हैं। हम जो क्षमता विकसित कर रहे हैं, उसका यह तार्किक विस्तार है। गौरतलब है कि दुबई एयर शो-2025 के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान प्रदर्शन के समय क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर नमांश स्याल मारे गए। वर्तमान में मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र, फिलीपींस सहित कई देश तेजस में रुचि दिखा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है।

राम माधव ने दिल्ली ब्लास्ट पर जताई चिंता, आतंकवाद को लेकर धारणाओं पर रखा जोर

नईदिल्ली  फरीदाबाद से सामने आया आतंक का डॉक्टर वाला रूप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी मॉड्यूल के तहत दिल्ली के लाल किले के सामने हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने कहा कि इस घटना ने आतंक से जुड़े बहुत सारे मिथकों को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह धारणा बनी हुई है कि शिक्षा का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह गरीबी का परिणाम है। इस घटना ने साबित कर दिया कि आतंकवाद का शिक्षा या गरीबी से कोई लेना देना नहीं है, यह एक धारणा, एक सोच का परिणाम है। एएनआई से बातचीत करते हुए संघ के नेता ने कहा कि किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन एक यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवादी का धर्म होता है। उन्होंने कहा, "दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के मामले का मुख्य आतंकी अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए कुरआन की आयतों का हवाला दे रहा है… हम मानें या न मानें आतंकवादियों की धार्मिक प्रेरणा होती है। इस बात को अब और नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए हमें इस बात को अब नकार देना चाहिए कि पढ़े लिखे लोग आतंकवादी नहीं हो सकते। दुनिया ने देखा है कि ओसामा बिन लादेन इंजीनियर था, अल जवाहिरी डॉक्टर था और आतंकवादी भी था।" उन्होंने कहा, "दूसरी बात हमें इस बात को भी खारिज कर देना चाहिए की आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता… हां, हम किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद के साथ नहीं जोड़ सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि एक आतंकवादी का अपना धर्म होता है। लोग धार्मिक आधार पर आतंक की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। हमें इस मुद्दे को लेकर अब तार्किक तरीके से सोचना होगा।" संघ नेता ने आतंकवादियों को भटका हुआ नौजवान बताकर बचाने वाले लोगों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अगर आप इसे (आतंकवाद को) यूं ही नकारते रहेंगे, तो आप फिर वही पुराना बचाव वाला और माफी मांगने वाला प्रचार कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसे बुद्धिजीवियों की कमी नहीं है। अब समय आ गया है कि हम सभी को इसका खड़े होकर मुकाबला करना चाहिए। हमारे लिबरल बुद्धिजीवी और मुस्लिम बुद्धिजीवियों को भी इन बातों पर खुलकर सामने आना चाहिए।” आपको बता दें, यह पूरी बात फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। इसमें इन आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। लाल किले के पास कार में आत्मघाती हमला करने वाला भी आतंकी उमर भी एक डॉक्टर था। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अभी तक कई गिरफ्तारियाँ भीदिल हो चुकी हैं।

भारतीय महिला ब्लाइंड टीम को प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान—टीम इंडिया की जीत पर जताई खुशी

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम से मुलाकात की, जिन्होंने कोलंबो में फाइनल में नेपाल को सात विकेट से हराकर ब्लाइंड T20 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण जीता था.  छह टीमों वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय महिला ब्लाइंड टीम की जीत कुछ ही दिनों बाद आई है. इससे पहले महिला टीम ने ODI वर्ल्ड कप में अपनी पहली खिताबी जीत दर्ज की थी.  टीम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने हस्ताक्षर वाला बैट भेंट किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी टीम के लिए एक बॉल पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान पीएम मोदी ने टीम के सदस्यों को अपने हाथों से म‍िठाई ख‍िलाई.  विजेता भारतीय टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि पर पीएम मोदी पहले ही उनकी सराहना कर चुके हैं. उन्होंने X पर लिखा था- ब्लाइंड वूमेंस T20 वर्ल्ड कप के उद्घाटन संस्करण में इतिहास रचने के लिए भारतीय ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम को बधाई. इससे भी अधिक सराहनीय यह है कि वे सीरीज में अपराजित रहीं.  उन्होंने आगे लिखा था- यह वास्तव में एक ऐतिहासिक खेल उपलब्धि है, जो कड़ी मेहनत, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण है. प्रत्येक खिलाड़ी एक चैम्प‍ियन है. टीम को भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं. यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.  

79 कंटेस्टेंट्स को पछाड़कर कैटालिना ड्यूक बनीं मिस इंटरनेशनल 2025; रूश सिंधू का शानदार प्रदर्शन

 नई दिल्ली  जापान के टोक्यो में 27 नवंबर को मिस इंटरनेशनल 2025 का ग्रैंड फिनाले हुआ. जहां कोलंबिया की कैटालिना ड्यूक ने मिस इंटरनेशनल 2025 का खिताब अपने नाम किया. इस बार दुनिया भर से 80 सुंदरियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. इन 80 ब्यूटी क्वीन्स में भारत की बेटी रूश सिंधू ने भी हिस्सा लिया था और उन्होंने 12 साल बाद इस प्रतियोगिता में इतिहास रचा दिया.  इस साल के 2023 की मिस इंटरनेशनल वेंज़ुएला की अंद्रेआ रुबियो, 2019 की मिस इंटरनेशनल जापान मोमी ओकाडा और मैक्स पॉवर्स ने होस्टिंग की. प्रतियोगिता में टॉप 20 सुंदरियों ने स्विमसूट और इवनिंग गाउन राउंड में हिस्सा लिया. इसके बाद टॉप 10 ने पब्लिक स्पीकिंग राउंड में अपने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स और सोसाइटी के लिए किए जाने वाले काम के बारे में बताया. भारत की बेटी ने रचा इतिहास भले ही रूश सिंधू मिस इंटरनेशनल 2025 का ताज नहीं जीत पाईं, लेकिन 12 साल के लंबे इंतजार के बाद, रूश ने टॉप 20 में जगह बनाकर भारत का नाम रोशन कर दिया है. हर तरफ उनकी खूबसूरती, आत्मविश्वास और स्टाइल के चर्चे हो रहे हैं.  रूश सिंधू को भारतीय फैन्स भी सोशल मीडिया पर भरपूर प्यार और सपोर्ट दे रहे थे, रूश की इस उपलब्धि यह साबित दिया है कि मेहनत और धैर्य से बड़ी से बड़ी प्रतियोगिता में भी नाम रोशन किया जा सकता है. कोलंबिया की चौथी जीत साल 2024 में वियतनाम की हुन्ह थी थान थोई ने यह ताज अपने नाम किया था, जोकोलंबिया देश की पहली विनर थीं. अब नई मिस इंटरनेशनल 2025  की 23 साल की कैटालिना ड्यूक बन गई हैं. सबसे खास बात यह है कि वो यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल करने वाली देश की चौथी महिला बन गईं.  टॉप 4 में कौन-कौन ?     जिम्बाब्वे की योलांडा चिम्बारामी फर्स्ट रनर-अप रहीं     बोलीविया की पाओला गुजमान सांचेज को सेकंड रनर-अप रहीं.     इंडोनेशिया की मेलिजा जेवियरा यूलियन थर्ड रनर-अप बनीं.     फिलीपींस की मर्ना एस्गुएरा चौथे स्थान पर रही.  

कनाडा फायरिंग केस: संदिग्ध हमलावर दिल्ली में गिरफ्तार, भारत लौटने की जानकारी मिली

नई दिल्ली कनाडा में कपिल शर्मा के KAP's कैफे पर फायरिंग करने के मुख्य षड्यंत्र में शामिल शूटर बंधु मान सिंह सेखों को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. बंधु मान सिंह सेखों गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़ा हुआ है. फायरिंग की घटना के बाद यह गैंगस्टर भारत आया था. सेखों लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन के भी संपर्क में था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. गिरफ्तार किया गया आरोपी बंधु मान सिंह सेखों कनाडा में हुई गोलीबारी की घटना का मुख्य शूटर बताया जा रहा है. कैप्स कैफे में फायरिंग के मुख्य षड्यंत्र को समझने के लिए उसकी गिरफ्तारी अहम है. सेखों के गोल्डी बराड़ से जुड़े होने की वजह से दिल्ली पुलिस आगे की जांच कर रही है. कनाडा में फायरिंग के बाद भारत भागा गिरफ्तार शूटर बंधु मान सिंह सेखों ने कनाडा में कपिल शर्मा के 'कैप्स कैफे' पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. फायरिंग करने के बाद यह गैंगस्टर तुरंत भारत भाग आया था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उसे दिल्ली में गिरफ्तार किया है. गोल्डी बराड़ और ढिल्लन से संबंध जांच में पता चला है कि बंधु मान सिंह सेखों गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का सहयोगी है. इसके अलावा, वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन के भी संपर्क में था. पुलिस अब इन गैंगस्टर कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है.

दुनियाभर में 100+ उम्र के बुजुर्ग: जापान नंबर-1, भारत की क्या स्थिति? जानें टॉप 5 देश

नई दिल्ली वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के नए डेटा से पता चला है कि दुनिया भर में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या बढ़ रही है। सौ साल से ज़्यादा जीने वालों की ग्लोबल लिस्ट में जापान अभी भी टॉप पर है, जहां 123,330 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र एक शतक को पूरा कर चुकी है। इस लिस्ट में जापान के बाद अमेरिका का नंबर आता है, जहां ऐसे बुजुर्गों की संख्या 73,629 है। तीसरे नंबर चीन और चौथे पर भारत का स्थान है। आंकड़े बताते हैं कि चीन में 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 48,566 है, जबकि भारत में ये संख्या 37,988 है। टॉप पांच देशों की लिस्ट में पांचवे पायदान पर फ्रांस है, जहां 33,220 बुजुर्ग सौ साल से ऊपर के हैं। ये आंकड़े बदलते लाइफस्टाइल, बेहतर हेल्थकेयर और अत्याधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं की मौजूदगी दिखाते हैं जो लोगों को पिछली पीढ़ियों की तुलना में लंबी उम्र तक जीने में मदद कर रही हैं। टॉप 5 देशों के अलावा कहां-कहां ऐसे बुजुर्ग? एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 100 साल से ज्यादा बुजुर्गों वाले देशों के सूची में इन पांच देशों के अलावा और भी कई देश हैं, जहां 100 साल से ऊपर लोगों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे देशों में इटली, रूस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, थाईलैंड, कनाडा और दक्षिण कोरिया शामिल है। इन देशों में औसतन ऐसे बुजुर्गों की तादाद 11,000 से 23,000 के बीच है। पिछले 15 सालों में दोगुने हुए 100 से ऊपर के बुजुर्ग वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया में अब पहले से कहीं ज़्यादा सौ साल से ज़्यादा जीने वाले लोग हैं। पिछले 15 सालों में दुनिया भर में इनकी संख्या करीब दोगुनी हो गई है। 2009 में ऐसे लोगों की संख्या 455,000 थी जो 2024 में बढ़कर लगभग 935,000 हो गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह ट्रेंड पब्लिक हेल्थ, वैक्सीन, बीमारी कंट्रोल और फिटनेस और न्यूट्रिशन के बारे में आम जागरूकता में सुधार दिखाता है। और जहाँ बढ़ती आबादी हेल्थकेयर और पेंशन सिस्टम पर दबाव जैसी चुनौतियाँ लाती है, वहीं वे बेहतर सर्वाइवल रेट और ज़्यादा सेहतमंद बुज़ुर्गों का भी संकेत देती हैं। अनुशासित जीवनशैली और स्वास्थ्य सुविधाएं अहम कई देश जहां हर व्यक्ति की उम्र ज़्यादा होती है, वे अनुशासित जीवनशैली और बुज़ुर्गों के लिए मज़बूत और सुलभ सहायता तंत्र के लिए भी जाने जाते हैं। उदाहरण के लिए, जापानी समाज प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और शुरुआती स्क्रीनिंग पर ध्यान देता है। रिसर्चर उन कल्चरल तरीकों की ओर भी इशारा करते हैं जो पैदल चलने, सोशल गैदरिंग और हेल्दी खाने को बढ़ावा देते हैं। ये वजहें, मेडिकल केयर के साथ मिलकर, ज़िंदगी की उम्मीद बढ़ाने और सौ साल जीने वालों की संख्या बढ़ाने में मदद करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सौ साल जीने वालों की संख्या में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि दुनिया कितनी तेज़ी से बदल रही है। अब ज़्यादा लोग लंबी और हेल्दी ज़िंदगी जी रहे हैं, और देश बढ़ती उम्र वाली आबादी के हिसाब से ढलना सीख रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दशक में 100 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है।  

SC में सुधारों का पहला चरण 1 दिसंबर से शुरू, केस मेंशनिंग प्रक्रिया में भी बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली  देश के नए मुख्य न्यायाधीश (New CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि एक दिसंबर से कुछ नया होने वाला है। उन्होंने केस मेंशन करने आए एक वकील की दलील सुनने के बाद कहा कि एक दिसंबर तक रुकिए। उन्होंने कहा, "1 दिसंबर तक इंतजार करें, हम कुछ प्लान कर रहे हैं, हम आपके मुद्दे जानते हैं, आपको ज़िक्र करने की ज़रूरत नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुधारों का पहला सेट 1 दिसंबर से लागू होगा। जस्टिस कांत की यह टिप्पणी केस मेंशनिंग सिसटम में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने इसी संकेत को डिकोड करते हुए कहा, "मैं 1 दिसंबर से कुछ कर रहा हूँ। सुधार के पहले फेज़ में हम मेंशनिंग के लिए कुछ करेंगे। हम बार की चिंता समझते हैं और हम उस पर ध्यान देंगे। हम यह पक्का करेंगे कि आप यहाँ तक न आएँ और मेंशनिंग के लिए अपना कीमती समय बर्बाद न करें। पद संभालते ही जताई थी नाराजगी बता दें कि CJI का पदभार ग्रहण करने के दिन ही उन्होंने केस मेंशनिंग के तौर-तरीकों पर घोर ऐतराज जताया था और सख्त टिप्पणी की थी कि ये तरीका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वकील के केस मेंशन करने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि कुछ लोग मामलों को उसी दिन मेंशन करते हैं और उसे लिस्ट करने का अनुरोध करते हैं, जिसकी इजाजत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने तब कहा था, “किसी केस को मेंशन करने और उसी दिन उसे लिस्ट करने का यह तरीका हमेशा के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैंने पहले ही कहा है कि मौत की सजा या अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े जरूरी मामलों को छोड़कर.. आपको मेंशनिंग के लिए सर्कुलेट करना होगा और प्रोसेस को फॉलो करना होगा।” बहुत खास हालात में ही अर्जेंट मेंशनिंग माना जा रहा है कि जस्टिस कांत की आज की टिप्पणी कि एक दिसंबर तक इंतजार करें, इसी समस्या को हल करने की दिशा में उठाया गया कदम है। जस्टिस कांत पहले ही साफ कर चुके हैं कि 'बहुत खास' हालात को छोड़कर, अर्जेंट लिस्टिंग के लिए रिक्वेस्ट मेंशनिंग स्लिप के ज़रिए लिखकर की जानी चाहिए, न कि बोलकर। उन्होंने कहा है कि रजिस्ट्री पहले स्लिप और अर्जेंट होने के कारणों का पता लगाएगी, और उसके बाद ही मामला लिस्ट किया जाएगा। संभवत: इसे वह अमली जामा पहना सकते हैं। बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है।

30 लोगों ने दिन-रात मेहनत कर 6 दिन में बनाया ब्रिज, पहले 5 घंटे अब 30 मिनट में पहुंचा जा सकेगा

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आदि कैलाश क्षेत्र में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की 65 आरसीसी ग्रेफ ने 14,500 फीट की ऊंचाई पर 100 फीट का वैली ब्रिज सिर्फ 6 दिनों में तैयार कर दिया। यह ब्रिज पार्वती कुंड से निकलने वाले विंचिती नाले पर बनाया गया है। 40 टन क्षमता वाले इस बैली ब्रिज को 30 मजदूरों ने लगातार काम करके पूरा किया। ऊंचाई, मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद इतनी कम समय-सीमा में निर्माण पूरा होना बीआरओ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ब्रिज बनने से अब आदि कैलाश क्षेत्र में स्थानीय लोगों, सीमा पर तैनात जवानों और पर्यटन से जुड़े वाहनों की आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम हो गई है। कर्नल ने बताया क्यों जरूरी था यह ब्रिज 765 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह ने कहा कि विंचिती नाले में बारिश के मौसम में पानी बढ़ने और मिट्टी धंसने से आवाजाही रुक जाती थी। जवानों की मूवमेंट, लॉजिस्टिक सप्लाई और स्थानीय लोगों की यात्रा में बार-बार दिक्कतें आती थीं। उन्होंने बताया कि 1.2 करोड़ की लागत से बना यह ब्रिज अब पूरे रूट को स्थायी और सुरक्षित कनेक्टिविटी देता है, जिससे वाहनों का संचालन निर्बाध हो गया है। ज्योलिंगकांग तक सड़क पूरी तरह पक्की, 36 किमी सफर अब 1 घंटे से कम वहीं, ज्योलिंगकांग आदि कैलाश तक भी अब पक्की सड़क बन चुकी है। गुंजी से कुटी होते हुए ज्योलिंगकांग तक 36 किलोमीटर की दूरी तय करने में पहले ढाई घंटे का समय लगता था। डामरीकरण होने के बाद अब यह सफर एक घंटे से भी कम समय में तय हो रहा है। आदि कैलाश आने वाले पर्यटकों, सीमा सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ ही स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम हुआ है। कुटी के ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि जब तक सड़क नहीं थी उन्हें कुटी से आदि कैलाश जाने में पांच घंटे लगते थे। अब केवल 30 मिनट में पहुंच रहे हैं। शिव का पुराना धाम है आदि कैलाश आदि कैलाश को भगवान शिव का प्राचीन धाम माना जाता है। इसे ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसका स्वरूप कैलाश पर्वत से मिलता-जुलता है। शिव–पार्वती मंदिर, पार्वती कुंड, गौरी कुंड और भीम की खेती यहां के प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। रुंग समुदाय इसे अपनी विरासत और आस्था का केंद्र मानता है। 5 नवंबर को हो चुके कपाट बंद भगवान शिव-पार्वती मंदिर के कपाट इस साल 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विधि-विधान से बंद किए गए। पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परंपरा निभाई। कपाट बंद होने से पहले 500 से अधिक श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर दर्शन किए। हल्की बर्फबारी के बीच कपाट बंदी की प्रक्रिया पूरी की गई। मंदिर के कपाट अब अगले साल मई में खोले जाएंगे। पुजारी भी बर्फबारी बढ़ने से पहले कुटी गांव लौट गए हैं। मौसम सामान्य होने और मार्ग साफ होने के बाद ही प्रशासन यात्रा की औपचारिक शुरुआत करता है। 35 हजार से ज्यादा भक्त पहुंचे इस साल 30 मई से शुरू हुई यात्रा में इस वर्ष 35 हजार से अधिक श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश पर्वत, ओम पर्वत, गौरी कुंड, पार्वती कुंड और भीम की खेती के दर्शन किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद सड़क सुधार और सुरक्षा प्रबंधन बेहतर हुआ है, जिससे पर्यटकों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।