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पेंशन पाने के लिए अब कितनी सेवा जरूरी? बदल गए हैं नियम, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) सिर्फ एक बचत योजना नहीं है, बल्कि यह उनकी रिटायरमेंट सुरक्षा का एक अहम साधन भी है। हर महीने आपकी सैलरी का एक छोटा हिस्सा और उतना ही आपका नियोक्ता EPF फंड में जमा करता है। ज्यादातर लोग इसे केवल एकमुश्त राशि के तौर पर देखते हैं, लेकिन इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘कर्मचारी पेंशन योजना’ (EPS) में जाता है, जो भविष्य में हर महीने पेंशन देने का काम करता है। 10 साल की न्यूनतम सेवा जरूरी कई लोग नौकरी छोड़ने के बाद अपने EPS फंड के बारे में आशंकित रहते हैं। EPFO के नियमों के अनुसार, पेंशन पाने के लिए न्यूनतम 10 साल की सेवा आवश्यक है। यदि आपकी कुल नौकरी 10 साल से कम है, तो आप पेंशन के पात्र नहीं होंगे। वहीं, 10 साल या उससे अधिक नौकरी करने वाले कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद पेंशन के हकदार बन जाते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि नौकरी छोड़ते ही पेंशन मिल जाएगी। पेंशन का दावा तभी किया जा सकता है जब आप 58 साल की उम्र पूरी कर लें। इसका मतलब है कि आप चाहे 40 साल की उम्र में नौकरी छोड़ दें, पेंशन का लाभ 58 साल के बाद मिलेगा। EPF और EPS में पैसे का बंटवारा आपकी सैलरी का 12% EPF फंड में जाता है और कंपनी भी उतना ही योगदान देती है। इसमें से 8.33% EPS में जाता है, जो रिटायरमेंट के बाद पेंशन के लिए आरक्षित होता है। बाकी 3.67% EPF खाते में जमा होता है, जिसे घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई, शादी या मेडिकल इमरजेंसी में निकाला जा सकता है। मासिक पेंशन कैसे तय होती है? ➤ EPFO एक फॉर्मूला के आधार पर पेंशन राशि तय करता है: ➤ मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70 ➤ पेंशन योग्य सेवा: EPS खाते में कुल योगदान के साल। ➤ पेंशन योग्य वेतन: आखिरी 60 महीने (5 साल) की औसत सैलरी, जिसकी ऊपरी सीमा ₹15,000 प्रति माह है।

विवाह सीजन 2025: नवंबर और दिसंबर के टॉप शुभ मुहूर्त

जालंधर  हिंदू रीति-रिवाज को मानने वाले लोग शादी, मुंडन, गृह प्रवेश, नया वाहन और मकान लेने तक के लिए शुभ दिन निर्धारित करवाते हैं। मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त को देखकर ही कोई मांगलिक कार्य पूरा किया जाता है तभी शुभ फल की भी प्राप्ति होती है। चातुर्मास आरंभ हो जाने के बाद मांगलिक कार्य बंद हो जाता है लेकिन जैसे ही चातुर्मास खत्म होता है फिर से मांगलिक कार्य की शुरुआत हो जाती है सनातन परंपरा में चातुर्मास खत्म होने के बाद जैसे ही देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह की पूजा सम्पन्न होती है, उसके बाद विवाह के उत्तम मुहूर्त मिलने प्रारंभ हो जाते हैं। इस साल पंचांग अनुसार देवउठनी एकादशी का पावन पर्व 1 नवम्बर को मनाया जाएगा। इस दिन श्री हरि विष्णु भगवान के जागने के बाद विवाह के उत्तम मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। धार्मिक और सामाजिक महत्व देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह धार्मिक दृष्टि के साथ-साथ सामाजिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस दिन से विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुरू होते हैं, जिससे पूरे समाज में उत्सव का माहौल बनता है। हिंदू परिवारों में इसे नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।  इस प्रकार साल 2025 में देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह एक बार फिर शुभ कार्यों के द्वार खोलने जा रहे हैं, जो लोग शादी या अन्य मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, वे इन मुहूर्तों का ध्यान रखकर अपने जीवन के नए सफर की शुरुआत कर सकते हैं। कब होगा तुलसी विवाह वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवम्बर को सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी और 2 नवम्बर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट पर समाप्‍त होगी। लिहाजा देवउठनी एकादशी 1 नवम्बर की होगी।  तुलसी विवाह, देवउठनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी तिथि पर होता है। पंचांग के अनुसार, 2025 में कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि की शुरुआत 2 नवम्बर को सुबह 7 बजकर 31 मिनट से होगी और इसका समापन 3 नवम्बर को सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर होगा, यानी कि तुलसी विवाह 2 नवम्बर, रविवार को किया जाएगा। विधि-विधान से तुलसी विवाह कराने से घर में सुख-समृद्धि आती है, वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, सौभाग्‍य बढ़ता है।

पाकिस्तान की सख्त चेतावनी! इस्तांबुल बैठक में अफगानिस्तान से बोला—‘वार्ता फेल हुई तो युद्ध तय समझो’

इस्लामाबाद  पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक संयुक्त निगरानी और निरीक्षण तंत्र स्थापित करने के लिए इस्तांबुल में दूसरे दौर की वार्ता की। इस बीच पाकिस्तान ने चेतावनी दी कि यदि वार्ता आतंकवाद के बारे में उसकी मुख्य चिंता का समाधान करने में विफल रही तो युद्ध अब भी एक विकल्प है। इस महीने के शुरू में झड़पों में दर्जनों सैनिक, नागरिक और आतंकवादी मारे गए थे, जिससे युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। लेकिन 19 अक्टूबर को दोहा में कतर और तुर्किये की मदद से दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद अस्थायी रूप से शांति बहाल हो गयी। दोहा में बनी सहमति के अनुसार, पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच दूसरे दौर की वार्ता शनिवार को तुर्किये के इस्तांबुल में हुई। ‘रेडियो पाकिस्तान' ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि चर्चा सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने तथा व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए एक संयुक्त निगरानी और निरीक्षण तंत्र स्थापित करने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक राजनीतिक समझ तक पहुंचने की संभावना पर भी विचार-विमर्श किया। ‘जियो न्यूज' ने खबर दी है कि पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की वार्ता के दौरान अफगान तालिबान को एक व्यापक आतंकवाद-रोधी योजना सौंपी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने गृह नगर सियालकोट में पत्रकारों के साथ बातचीत में चेतावनी दी कि अगर वार्ता विफल रही तो अफगान तालिबान शासन के साथ ‘पूरी तरह से युद्ध' छिड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्ता का नतीजा आज नहीं, तो कल तक पता चल ही जाएगा।   रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों में सीमा पर कोई झड़प नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दोहा में पहले दौर की वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच जिन 80 प्रतिशत बिंदुओं पर सहमति बनी थी, उन्हें लागू किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक ऐसे समझौते पर सहमत होंगे जो क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करेगा। अपनी अगुवाई में हुई पहली वार्ता को याद करते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि वार्ता के दौरान उन्हें शांति की इच्छा महसूस हुई। उन्होंने हालांकि, इस बात पर खेद व्यक्त किया कि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में आतंकवाद का समर्थन किया, जबकि पाकिस्तान चार दशकों से भी ज़्यादा समय से उनकी मेज़बानी कर रहा है।    

एलन मस्क की Starlink पहुंची भारत! अब गांव-गांव तक मिलेगा तेज इंटरनेट कनेक्शन

वाशिंगटन  एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं जल्द ही शुरू करने की कगार पर है। कंपनी को अधिकांश सरकारी मंजूरियां मिल चुकी हैं, और रिपोर्ट्स के अनुसार, SATCOM अनुमति व स्पेक्ट्रम आवंटन के बाद जनवरी या फरवरी 2026 में लॉन्च हो सकता है। यह कदम ग्रामीण व दूर-दराज इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में क्रांति ला सकता है, हालांकि शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक ब्रॉडबैंड से तुलना में यह महंगा विकल्प साबित हो सकता है। यहां हम स्टारलिंक की संभावित लॉन्च टाइमलाइन, कनेक्शन लिमिट, कीमत, स्पीड और प्लान्स की पूरी जानकारी दे रहे हैं। भारत में कब होगा लॉन्च स्टारलिंक को भारत में संचालन के लिए यूनिफाइड लाइसेंस (UL) और अन्य प्रमुख मंजूरियां मिल चुकी हैं, लेकिन अभी SATCOM गेटवे और स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार है। दूरसंचार विभाग (DoT) के अनुसार, ये प्रक्रियाएं 2025 के अंत तक पूरी हो सकती हैं। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि सेवाएं दिसंबर 2025 के अंत या जनवरी-फरवरी 2026 में शुरू होंगी। कंपनी मुंबई को अपना सेंट्रल हब बनाकर 10 स्थानों पर ग्राउंड स्टेशन स्थापित कर रही है। यह लॉन्च रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसे टेलीकॉम दिग्गजों के साथ साझेदारी में होगा, जो ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। कितने कनेक्शन मिलेंगे? भारत सरकार ने स्टारलिंक पर शुरुआती चरण में अधिकतम 20 लाख कनेक्शन की सीमा लगाई है, ताकि मौजूदा टेलीकॉम इकोसिस्टम पर असर न पड़े। यह लिमिट विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए रखी गई है, जहां पारंपरिक नेटवर्क की कमी है। कंपनी को प्राथमिकता इन इलाकों को दी जाएगी, जिससे लाखों लोग पहली बार हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ उठा सकेंगे। हालांकि, डिमांड अधिक होने पर वेटिंग लिस्ट लंबी हो सकती है। कीमत और इंस्टॉलेशन स्टारलिंक की सेवाएं प्रीमियम कैटेगरी में होंगी। यूजर्स को एक बार का सेटअप चार्ज (डिश एंटीना और राउटर सहित) लगभग ₹30,000 या थोड़ा अधिक देना होगा। मासिक सब्सक्रिप्शन ₹3,300 से शुरू हो सकता है, जो लोकेशन और यूजेज के आधार पर बदल सकता है। यह पारंपरिक ब्रॉडबैंड (₹500-₹1,500) से महंगा है, लेकिन रिमोट एरिया में जहां कोई विकल्प नहीं, यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में इंट्रोडक्टरी ऑफर के तहत ₹840 मासिक प्लान का जिक्र है, लेकिन यह पुष्ट नहीं।   इंटरनेट स्पीड और प्लान्स स्टारलिंक 25 Mbps से 225 Mbps तक की डाउनलोड स्पीड देने का दावा कर रही है। बेसिक प्लान में 25-50 Mbps मिलेगी, जबकि प्रीमियम या हाई-एंड प्लान में 220-225 Mbps तक पहुंच संभव होगी। लेटेंसी 20-40 मिलीसेकंड रहेगी, जो वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन एजुकेशन के लिए उपयुक्त है। यह सर्विस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो मौसम या इलाके से कम प्रभावित होती है। शहरी क्षेत्रों में फाइबर ऑप्टिक (500 Mbps+) से कम, लेकिन ग्रामीण भारत के लिए यह क्रांतिकारी होगा। भविष्य में नेक्स्ट-जनरेशन सैटेलाइट्स से स्पीड 10 गुना बढ़ सकती है।  

चुनाव आयोग ने SIR चुनाव के लिए की तैयारियाँ, पहले चरण की राज्यों की सूची और विवरण

नई दिल्ली चुनाव आयोग कल सोमवार (27 अक्टूबर, 2015) को पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर तारीखों की घोषणा कर सकता है। पहले चरण में 10 राज्यों में इस प्रक्रिया को किया जाएगा, जिसमें जल्द चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्य भी शामिल हैं। इसके अलावा असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी एसआईआर कराया जाएगा। 3 दिन पहले चुनाव आयोग ने की थी अहम बैठक तीन दिन पहले चुनाव आयोग ने दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस मीटिंग में बिहार के अनुभव के आधार पर चर्चा की गई और प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया गया। इस बीच अधिकारियों का कहना है कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया में 24 जून से 30 सितंबर तक करीब चार महीने लगे। हालांकि, कमीशन अब इस टाइम फ्रेम को कम करने की योजना बना रहा है।" आयोग सभी राज्यों को दे चुका है ये निर्देश आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पिछली और मौजूदा वोटर लिस्ट का पहले से मिलान शुरू करने का निर्देश दिया था, ताकि वोटर वेरिफिकेशन प्रोसेस में ज्यादा समय न लगे। एसआईआर पर यह फैसला बिहार में इस प्रोसेस के तरीके को लेकर विपक्ष की भारी आलोचना के बाद आया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया, जिसने आधार को स्वीकार्य पहचान दस्तावेज में से एक के तौर पर शामिल करने का आदेश दिया। जजों ने मतदान निकाय की जालसाजी के बारे में आपत्तियों को खारिज कर दिया था। 

बीजिंग में भारतीय दूतावास में टैगोर की प्रतिमा स्थापित, चीन में भारत का संदेश

बीजिंग  चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित भारतीय दूतावास में प्रसिद्ध चीनी मूर्तिकार युआन शिकुन की बनाई नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की एक प्रतिमा का अनावरण किया गया। दूतावास की ओर से शनिवार को आयोजित ‘संगमम – भारतीय दार्शनिक परंपराओं का संगम' नामक संगोष्ठी के अवसर पर इस प्रतिमा का अनावरण किया गया। चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप रावत ने प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा, ‘‘एक सदी पहले टैगोर की चीन यात्रा हमारे सभ्यतागत संवाद में एक उपलब्धि थी।'' रावत ने कहा कि सार्वभौमिक मानवतावाद का टैगोर का संदेश और शू झिमो तथा लियांग किचाओ जैसे चीनी विद्वानों के साथ उनकी मित्रता दोनों देशों को प्रेरित करती रही है। प्रख्यात मूर्तिकार युआन ने महात्मा गांधी की एक प्रतिमा भी बनाई थी जिसमें वह एक हाथ में किताब लिए बैठे हैं। यह प्रतिमा 2005 में चाओयांग पार्क में स्थापित की गई थी जहां भारतीय दूतावास हर साल गांधी जयंती मनाता है।  

इस साल आधार कार्ड में हुए बदलाव: नवंबर में आएगा बड़ा अपडेट, आप तैयार हैं?

नई दिल्ली  इस साल यानी 2025 में आधार कार्ड से जुड़े नियमों और सुविधाओं में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर देश के करोड़ों नागरिकों पर पड़ेगा। UIDAI ने अपडेट फीस बढ़ाई, मुफ्त अपडेट खत्म किया और बच्चों के लिए कुछ राहत भी दी। वहीं, 1 नवंबर 2025 से आधार अपडेट में एक बड़ा डिजिटल बदलाव लागू होने वाला है, जिससे ऑनलाइन सुधार करना और भी आसान हो जाएगा। आधार अपडेट अब थोड़ा महंगा 1 अक्टूबर 2025 से आधार अपडेट की फीस बढ़ा दी गई है। अब नाम, पता, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर बदलने के लिए ₹75 देना होगा, जबकि पहले यह ₹50 थी। वहीं बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आईरिस, फोटो) के लिए ₹125 फीस तय की गई है, पहले यह ₹100 थी। यह नई फीस 2028 तक लागू रहेगी। नई दस्तावेज सूची और ऑनलाइन अपडेट UIDAI ने जुलाई 2025 में आधार अपडेट और एनरोलमेंट के लिए नई दस्तावेज सूची जारी की है। अब सभी नागरिक, NRI, OCI कार्डधारक और HUF के लिए स्पष्ट दस्तावेज मानक तय किए गए हैं। UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर व्यक्ति के पास सिर्फ एक आधार नंबर ही होगा। अगर किसी को डुप्लिकेट आधार पाया गया, तो कार्रवाई की जा सकती है। फ्री अपडेट का अंत UIDAI ने पहले आधार धारकों को 14 जून 2025 तक ऑनलाइन मुफ्त अपडेट की सुविधा दी थी। अब यह सुविधा समाप्त हो गई है और सभी अपडेट के लिए तय शुल्क देना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में कुछ समय के लिए फ्री अपडेट फिर से शुरू हो सकता है, इसलिए नागरिकों को UIDAI की घोषणाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए। आधार अपडेट क्यों जरूरी है आधार कार्ड अब हर भारतीय की मुख्य पहचान बन गया है। बैंक खाता खोलने, सरकारी योजनाओं, निवेश, प्रॉपर्टी खरीद या स्कूल एडमिशन जैसी गतिविधियों में आधार आवश्यक है। यदि आपका पता, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर पुराना है, तो e-KYC वेरिफिकेशन में देरी हो सकती है। 1 नवंबर से आएगा बड़ा डिजिटल अपडेट UIDAI 1 नवंबर 2025 से आधार अपडेट में बड़े डिजिटल बदलाव लागू करने वाला है। इसके तहत नागरिक अपना नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग और मोबाइल नंबर पूरी तरह ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे, बिना किसी सेवा केंद्र जाए। नया सिस्टम सरकारी डेटाबेस और डिजिटल वेरिफिकेशन तकनीक के जरिए पहचान स्वतः सत्यापित करेगा। बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आईरिस, फोटो) अभी भी सेवा केंद्र पर जाकर ही होंगे, क्योंकि इसके लिए विशेष उपकरण की जरूरत होती है। आधारधारकों के लिए सुझाव UIDAI की वेबसाइट पर जाकर अपने आधार विवरण की जांच करें। अगर नाम या पता गलत है, तो तुरंत ऑनलाइन सुधार करें। बच्चों की बायोमेट्रिक्स 7 और 15 साल की उम्र में अपडेट करें। PAN-Aadhaar लिंक की स्थिति चेक करें, ताकि बैंकिंग या निवेश में कोई दिक्कत न आए।  

अमेरिका छोड़कर चीन की ओर: ट्रंप से जिनपिंग की अहम मुलाकात, कारोबार की सियासत गरम

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  शटडॉउन से आर्थिक गर्त में डूब रहे अपने देश को छोड़ कर अपने इस कार्यकाल में पहली बार  एशिया की यात्रा पर निकल गए हैं। इस यात्रा के दौरान ट्रंप के निवेश समझौतों और शांति प्रयासों पर चर्चा करने की उम्मीद है। ट्रंप अपनी एशिया यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आमने-सामने की मुलाकात करेंगे और व्यापार संबंधी जटिलताओं को कम करने की कोशिश करेंगे। ट्रंप ने ‘एयर फोर्स वन' (अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष विमान) में अपने साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमारे पास एक बेहतर समझौता करने की अच्छी संभावना है।''   उन्होंने कहा कि वह शी जिनपिंग के साथ फेंटेनाइल की तस्करी और चीन द्वारा अमेरिका से सोयाबीन की कम खरीद पर चर्चा करने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि हमारे किसानों का ध्यान रखा जाए। और वह भी यही चाहते हैं।'' मलेशिया की अपनी लंबी उड़ान के तहत कतर में ईंधन भरवाने के दौरान ट्रंप ने अपने विमान में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से भी मुलाकात की। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने गाजा में सुरक्षा समझौतों की प्रगति पर चर्चा की। 

कनाडा के लिए ट्रंप का बड़ा वार: टैरिफ बम गिरा, चेतावनी के साथ कहा- परिणाम भुगतोगे

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक व्यापार रुख से हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी दी है कि यदि ओंटारियो प्रांत में चल रहा अमेरिका-विरोधी शुल्क विज्ञापन तुरंत नहीं हटाया गया, तो वह कनाडाई आयात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा देंगे। ट्रंप ने शनिवार को ‘एयर फोर्स वन’ से मलेशिया रवाना होते समय अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा “उनका विज्ञापन झूठ पर आधारित है। उन्हें इसे तुरंत हटाना था, लेकिन उन्होंने वर्ल्ड सीरीज के दौरान इसे प्रसारित कर दिया। इसलिए मैं कनाडा पर इस समय लग रहे शुल्क में 10% की वृद्धि कर रहा हूं।” ये विज्ञापन बना  विवाद का कारण कनाडा के ओंटारियो प्रांत में प्रसारित इस विज्ञापन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शब्दों का इस्तेमाल कर अमेरिकी शुल्क नीति की आलोचना की गई थी।ट्रंप को यह कदम “अमेरिका-विरोधी और शत्रुतापूर्ण व्यवहार” लगा। उन्होंने कहा कि कनाडा के साथ व्यापार वार्ता अब समाप्त कर दी जाएगी। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने बयान जारी कर कहा कि यह विज्ञापन सप्ताहांत के बाद हटा दिया जाएगा, लेकिन वर्ल्ड सीरीज के पहले मैच के दौरान इसे दिखाए जाने से मामला बिगड़ गया।   कनाडा-अमेरिका व्यापार पर संभावित असर कनाडा के तीन-चौथाई से अधिक निर्यात अमेरिका को जाते हैं।हर दिन करीब 3.6 अरब कनाडाई डॉलर मूल्य के माल और सेवाएं सीमा पार करती हैं। ट्रंप के नए शुल्क से कनाडा की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लग सकता है। व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क कब लागू होगा और किन वस्तुओं पर इसका असर पड़ेगा। रीगन को लेकर विवादित दावा ट्रंप ने यह भी कहा कि विज्ञापन में रीगन के रुख को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।उन्होंने कहा -“रीगन अमेरिका के हितों की रक्षा के पक्षधर थे, लेकिन इस विज्ञापन में उन्हें शुल्क विरोधी दिखाया गया है, जो पूरी तरह झूठ है।”  

रूस की ‘तूफानी पक्षी’ क्रूज मिसाइल: यूक्रेन युद्ध में बढ़ा खतरा, दुनिया हैरान!

यूक्रेन रूस और यूक्रेन के बीच यु्द्ध जारी है। संघर्ष के बीच रूस ने अपनी सबसे नई परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज मिसाइल 'बुरेवेस्टनिक' का सफल परीक्षण पूरा कर लिया। रूस के उच्च स्तरीय सैन्य अधिकारी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस सफलता की जानकारी दी। यह मिसाइल परमाणु ऊर्जा पर निर्भर होने के चलते असीमित दूरी तय कर सकती है और इसमें परमाणु हथियार लादने की सुविधा भी है। रूसी सेना के महानिदेशालय प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने पुतिन को बताया कि मिसाइल ने 14000 किलोमीटर (करीब 8,700 मील) का सफर तय किया और हवाई क्षेत्र में लगभग 15 घंटे तक क्रियाशील रही। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अनुसार, 9एम730 बुरेवेस्टनिक (स्टॉर्म पेट्रेल), जिसे नाटो ने एसएससी-एक्स-9 स्काईफॉल नाम दिया है, वर्तमान और भविष्य की मिसाइल रक्षा प्रणालियों के खिलाफ 'अजेय' है। इसकी सीमा लगभग अनंत है और उड़ान पथ अप्रत्याशित। रविवार के अपने भाषण में व्लादिमीर पुतिन ने गेरासिमोव को आदेश दिया कि बुरेवेस्टनिक के मुख्य परीक्षण अब समाप्त हो चुके हैं, इसलिए मिसाइलों की तैनाती से पहले अंतिम तैयारी के चरण पर तत्काल काम शुरू कर दिया जाए। क्या है बुरेवेस्तनिक? बुरेवेस्तनिक एक उच्च कोटी की क्रूज मिसाइल है, जो पारंपरिक मिसाइलों से पूरी तरह अलग है। इसकी खासियत एक छोटा परमाणु रिएक्टर है, जो इसे असीमित दूरी तय करने की क्षमता प्रदान करता है। सामान्य मिसाइलें ईंधन समाप्त होने पर रुक जाती हैं, लेकिन यह परमाणु ऊर्जा से संचालित होती है, जिससे यह हफ्तों या महीनों तक लगातार उड़ान भर सकती है। रूसी भाषा में इसका नाम स्टॉर्म पेट्रेल (तूफानी पक्षी) है, जो तूफान की पूर्वसूचना की तरह खतरे का प्रतीक है। यह मात्र 50-100 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिसके कारण रडार इसे आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते। इसमें परमाणु वारहेड (परमाणु विस्फोटक) फिट किया जा सकता है, जो विनाशकारी विस्फोट पैदा कर सकता है। यह इतिहास की पहली ऐसी हथियार प्रणाली है जो परमाणु प्रणोदन (न्यूक्लियर प्रोपल्शन) पर आधारित है। रूस का दावा है कि यह अमेरिका या नाटो के किसी भी मिसाइल रक्षा तंत्र को धोखा दे सकती है। कैसे काम करता है बुरेवेस्तनिक? अब सवाल उठता है कि बुरेवेस्तनिक कैसे काम करता है। सामान्य क्रूज मिसाइलें जेट इंजन पर निर्भर होती हैं, लेकिन बुरेवेस्तनिक में एक कॉम्पैक्ट परमाणु रिएक्टर स्थापित होता है। यह रिएक्टर हवा को अत्यधिक गर्म करता है, जो फैलते हुए मिसाइल को आगे की ओर धकेलता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि ईंधन की कोई कमी नहीं होती, इसलिए यह पृथ्वी की परिक्रमा कई बार कर सकती है।