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24 महीने बाद घर लौटे इजरायली बंधक, हमास ने छोड़े 7 लोग; रिहाई के बाद क्या बदलेगा हालात का रुख?

तेल अवीव अपने घर, धरती और लोगों के दूर, दुश्मनों के साये में रहना क्या होता है, ये हम और आप सिर्फ सोच ही सकते हैं. इस खौफ को महसूस करके 24 महीनों बाद इजरायल के उन बंधकों की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है, जिनका इंतजार हर पल उनके परिवार ने किया. उनका ये इंतजार आखिरकार रंग लाया और अब तक उन बंधकों की घर वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है, जो दो साल के इस घातक युद्ध के बाद भी हमास की कैद में जिंदा बच गए. गाज़ा में इजरायली बंधकों की रिहाई आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है, जिसमें करीब 20 लोगों को आजाद किया जाना है. हमास ने पहले 7 बंधकों को छोड़ दिया है, जिनमें – एतान मोर, गली और जिव बर्मन, मतान अंगरेस्ट, ओमरी मिरान, गाइ गिलबोआ-दलाल, और अलोन ओहेल शामिल हैं. बंधकों को बंदूकों के साये में लेकर हमास के लड़ाके आए और उत्तर गाजा से अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के हवाले किया है. दूसरा समूह जिसमें 13 बंधक हैं, उनके भी जल्द ही रिहा होने की उम्मीद है. संघर्ष विराम का पहला चरण इजरायल ने पुष्टि की है कि यह रिहाई हमास और इजरायल के बीच अमेरिकी समर्थन वाले युद्धविराम समझौते में एक महत्वपूर्ण कदम है. समझौते के पहले चरण के तहत बंधकों की रिहाई की जानी थी, जिस पर काम शुरू हो चुका है. हमास जहां इजरायल के बचे हुए बंधकों को जिंदा या मृत हालत में वापस करेगा. माना जा रहा है कि हमास की कैद में मौजूद सिर्फ 20 इजरायली बंधक ही जीवित हैं, जिनमें से 7 को उसने अभी वापस भेजा है. इसके बदले इजरायल फिलिस्तीन के 1966 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ने वाला है. इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इजरायल और हमास ने बंधकों को छोड़ने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है. इसका मकसद इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करना और शांति को मजबूत बनाना है. इजरायली सरकार की प्रवक्ता शोश बेड्रोसियन ने बताया कि सोमवार सुबह तीन अलग-अलग समूहों में 20 जिंदा बंधकों को आजाद किया जाएगा. साथ ही 28 मरे हुए बंधकों के शव भी वापस मिलेंगे. बदले में इजरायल 250 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. हमास की कैद से छूटने वाले लोगों में जिव बर्मन, मातन अंगरेस्ट, एलन हेल, ओमरी मिरान, एटान मोर शामिल हैं। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिली है कि रिहा हुए लोगों की क्या स्थिति है। उनकी तबीयत कैसी है या फिर अस्पताल में एडमिट कराने की जरूरत है या नहीं। इन लोगों की हमास की कैद से रिहाई को तेल अवीव पर लोगों ने बड़ी स्क्रीन्स पर देखा और जश्न मनाते नजर आए। इन लोगों को हमास ने रेड क्रॉस सोसायटी को सौंपा। इनके बदले में इजरायल भी सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनके दखल से यह सीजफायर डील हुई है। बता दें कि अब तक वह 8 जंगों को रुकवाने का क्रेडिट ले चुके हैं। अहम बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप खुद इजरायल पहुंच चुके हैं। इस दौरान वह कई नेताओं के साथ गाजा शांति प्रस्ताव पर बात करेंगे। इसके अलावा भुखमरी के शिकार गाजा के लिए मानवीय मदद बढ़ाने का भी प्रस्ताव है, जहां लाखों लोग फिलहाल बेघर हैं और खाने-पीने की चीजों की भी किल्लत है। फिलहाल सवाल यह भी है कि बंधकों की रिहाई और सीजफायर लागू होने के बाद हमास का भविष्य क्या होगा। क्यों बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी जरूरी यह सीजफायर दरअसल इजरायल की यह मांग रही है कि हमास को गाजा से बाहर किया जाए, तभी सीजफायर रह पाएगा। दरअसल यह सीजफायर बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी जरूरी है क्योंकि बंधकों की रिहाई को लेकर वे भी घिरे रहे हैं। बंधकों के परिजन सवाल उठाते रहे हैं कि अपने राजनीतिक फायदे की वजह से हमास के साथ किसी समझौते से नेतन्याहू बच रहे हैं। अब सीजफायर पर तो सहमति बन गई है, लेकिन नेतन्याहू चाहेंगे कि यह इजरायल की शर्तों पर ही लागू रहे। यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था जब हमास ने इजरायल पर बड़ा हमला किया था. तब से दोनों तरफ बहुत नुकसान हुआ है. यह शांति समझौता अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्की की मदद से हुआ है.  – डोनाल्ड ट्रंप इजरायल की संसद में गए और वहां उन्होंने गेस्टबुक में अपना संदेश लिखा. उन्होंने इस दिन को 'महान और खूबसूरत' बताया क्योंकि उनकी शांति योजना सफल हो रही है और बंधक रिहा हो रहे हैं. – ओफर जेल वेस्ट बैंक में एक बड़ी इजरायली जेल है जहां फिलिस्तीनी कैदी रखे जाते हैं. आज गाजा शांति समझौते के तहत इजरायल लगभग 2000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ रहा है, बदले में हमास ने 20 इजरायली बंधकों को रिहा किया है. इन कैदियों को लेकर बसें अब जेल से बाहर निकल रही हैं. इनमें से 250 कैदियों को वेस्ट बैंक, जेरूसलम और दूसरे देशों में भेजा जाएगा, जबकि 1,716 कैदियों को गाजा के नासिर अस्पताल में छोड़ा जाएगा. – हमास के पास जो 13 बंधक और बचे थे, उन्हें अब रेड क्रॉस को दे दिया गया है. ये रेड क्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है जो युद्ध में फंसे लोगों की मदद करती है. अब रेड क्रॉस इन 13 लोगों को सुरक्षित तरीके से इजरायली सेना को सौंप देगी. पहले 7 बंधकों को सुबह छोड़ा गया था, और अब बाकी के 13 भी छोड़ दिए गए हैं. इस तरह कुल 20 जिंदा बंधक आज रिहा हो गए. 24 महीने का इंतजार … आपको बता दें कि इजरायल के नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर 7 अक्तूबर, 2023 की सुबह हमास के लड़ाकों ने एक भीषण हमला किया था, जो इजरायल के इतिहास पर एक काला धब्बा बन गया. इस दौरान हजारों यहूदियों के नरसंहार के अलावा हमास अपने साथ 251 लोगों को किडनैप करके भी ले गया था. इसके बदले इजरायल ने गाजा पट्टी पर बम बरसाने शुरू कर दिए थे. शुरू में शांति के जो प्रयास हुए, उसमें इजरायली बंधकों को हमास ने छोड़ा भी था लेकिन उसकी कैद में करीब 50-60 बंधक बाकी रह गए थे. इनमें से बहुत से बंधकों को हमास ने मौत के घाट उतार … Read more

कफ सिरप कांड में ED का बड़ा एक्शन, श्रीसन फार्मा के कई ठिकानों पर एक साथ रेड

बेंगलुरु  कोड्रिफ सिरप मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। सोमवार को ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने श्रीसन फार्मा से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। खबर है कि मध्य प्रदेश में इस जहरीले कफ सिरप के कारण 20 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। फिलहाल जांच जारी है। सिरप बनाने कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक जी रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। ईडी चेन्नई कोल्ड्रिफ कफ सिरफ मामले में PMLA के तहत तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित श्रीसन फार्मा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। खास बात है कि इनमें तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल ऑफिस के शीर्ष अधिकारियों के ठिकाने भी शामिल हैं। वर्तन निदेशालय (ED) ने फार्मा से जु़ड़े कई परिसरों में सोमवार को छापामारी की है। हालांकि, छापामारी से जुड़ी अधिक डिटेल आनी बाकी है। बता दें कि कोल्ड्रिफ कफ सीरप को श्रीसन फार्मा ही बनाती है। कंपनी के मालिक हो चुके हैं गिरफ्तार बता दें इस फार्मा कंपनी के केस दर्ज किया गया है। फार्मास्युटिकल कंपनी स्रसेन फार्मा के मालिक रंगनाथन को चेन्नई में मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। अब कंपनी से जुड़े परिसरों में ईडी की छापामारी चल रही है। गौरतलब है कि कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से मध्य प्रदेश में 22 बच्चों की जान गई है। वहीं, राजस्थान में भी इस सीरप के सेवन से बच्चों ने अपनी जान खोई है। श्रीसन फार्मा के मालिक जी रंगनाथन की भी हो चुकी गिरफ्तारी कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने की वजह से मध्य प्रदेश राजस्थान में हाल के दिनों में 20 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। मौत होने की वजह किडनी खराब होना रहा। श्रीसन फार्मा कंपनी द्वारा ही कोल्ड्रिफ कफ सिरप का उत्पादन किया जाता है। इस मामले में कंपनी के मालिक 73 वर्षीय जी रंगनाथन को भी 9 अक्तूबर को गिरफ्तार किया जा चुका है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में कंपनी और तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन (टीएनएफडीए), दोनों के द्वारा तय मानकों के उल्लंघन का खुलासा हुआ। जिसमें कंपनी का खराब बुनियादी ढांचा और बार-बार सुरक्षा चूक का पता चला। कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा ने अपने खराब बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय औषधि सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघनों के बावजूद एक दशक से अधिक समय तक बिना किसी रोक-टोक के परिचालन जारी रखा। औषधि नियंत्रकों के खिलाफ हुई कार्रवाई बच्चों की मौत के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने दो औषधि निरीक्षकों और एफडीए के एक उप निदेशक को निलंबित कर दिया। साथ ही राज्य के औषधि नियंत्रक का तबादला भी कर दिया और मौतों की जांच के आदेश दिए, जबकि पुलिस ने लापरवाही के आरोप में छिंदवाड़ा जिले के एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया। तमिलनाडु सरकार ने राज्य के दो वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को भी निलंबित कर दिया है और श्रीसन फार्मास्युटिकल्स को बंद करने का आदेश दिया है। कफ सिरप में पाई गई डाइएथिलीन ग्लइकॉल की घातक मात्रा बच्चों की मौत के बाद कोल्ड्रिफ सिरप की जांच में उसमें डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की घातक मात्रा पाई गई। यह एक ऐसा रसायन है, जिसका इस्तेमाल अक्सर एंटीफ्रीज में किया जाता है, जिसे कई राज्यों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। माना जाता है कि इस सिरप के कारण बच्चों की किडनी खराब हुई। बच्चों को हल्की खांसी और बुखार के लिए यह सिरप दिया गया था।  कई राज्यों में बैन हुई कोल्ड्रिफ सीरप मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से 20 से अधिक बच्चों की जान गई है। इसके बाद राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए इस दवा की बिक्री पर बैन लगा दिया। इसके बाद राजस्थान समेत कई राज्यों में कोल्ड्रिफ कफ सीरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई। इसमें गुजरात, पंजाब, यूपी, तमिलनाडु, बंगाल इत्यादि शामिल है। गंभीर खामियां हुईं उजागर ED अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी तमिलनाडु के वरिष्ठ ड्रग नियंत्रण अधिकारियों के आवासों और जहरीले सिरप की निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा से जुड़े परिसरों पर की गई। बता दें कि जो दवा जीवन बचाती है, उसने बच्चों को मौत दी। इस मामले ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। वहीं, नियामक निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में भी गंभीर खामियों को उजागर किया है। श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक हो चुके हैं गिरफ्तार केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कंपनी और तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन (TNFDA) दोनों द्वारा कई उल्लंघन पाए। खराब बुनियादी ढांचे और बार-बार सुरक्षा उल्लंघनों के बावजूद, श्रीसन 2011 में लाइसेंस प्राप्त करने के बाद से बेरोकटोक काम करती रही।  चिकित्सकों ने दी ये सलाह गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की इस घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया है। इस बीच चिकित्सकों ने कहा कि बिना किसी सलाह के बच्चों को दवा देना खतरनाक साबित हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि सीरप के सेवन से बलगम पतला हो जाता है, जिसको नवजात बाहर नहीं निकाल पाते हैं। बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के छोटे बच्चों को इस प्रकार दवाएं देना हानिकारत साबित हो सकता है।(

शांति के बीच टूटे सन्नाटा, गाजा में भारी झड़प, 27 नागरिक और 8 आतंकी मरे

गाजा  इजरायल और हमास के बीच शांति हो गई है. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को उम्मीद है कि सोमवार को उनके कैदियों की वापसी होने लगेगी. लेकिन इस सबके बीच गाजा से एक चिंता वाली खबर आई है. गाजा में एक बार फिर भीषण हिंसा भड़क उठी है लेकिन इस बार दुश्मन इजराइल नहीं, बल्कि हमास के अपने ही लोग हैं. शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक चली हमास सुरक्षा बलों और दुघमुश (Dughmush) कबीले के लड़ाकों के बीच हुई मुठभेड़ में कम से कम 27 लोग मारे गए, जिनमें 19 कबीले के सदस्य और 8 हमास फाइटर शामिल हैं. यह गाजा में इज़राइल के बड़े हमलों के खत्म होने के बाद से अब तक का सबसे भीषण आंतरिक संघर्ष है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, गाजा सिटी के तेल अल-हावा इलाके में जॉर्डनियन अस्पताल के पास भारी गोलीबारी हुई. मास्क पहने हमास गनमैनों ने दुघमुश कबीले के लड़ाकों पर हमला किया. कहा जा रहा है कि यह झड़प तब शुरू हुई जब हमास के 300 से ज्यादा फाइटर एक बिल्डिंग में घुसे जहां दुघमुश कबीले के लोग छिपे थे. स्थानीय लोगों ने बताया कि ‘इस बार लोग इजरायली हमले से नहीं, बल्कि अपने ही लोगों से भाग रहे थे.’ कई परिवारों को फिर से विस्थापन झेलना पड़ा, जो पहले से युद्ध की मार झेल चुके हैं. क्यों हुई लड़ाई? रिपोर्ट के अनुसार, झगड़े की शुरुआत तब हुई जब दुघमुश कबीले के लड़ाकों ने हमास के दो एलीट फाइटर्स को गोली मार दी, जिनमें से एक हमास के वरिष्ठ सैन्य खुफिया प्रमुख इमाद आकेल का बेटा था. गुस्से में हमास ने ‘सुरक्षा ऑपरेशन’ चलाते हुए इलाके को घेर लिया. हमास के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि यह ‘गैरकानूनी मिलिशिया की कार्रवाई’ थी, जिसे ‘कठोरता से दबाया जाएगा.’ दूसरी ओर, दुघमुश कबीले ने आरोप लगाया कि हमास उनकी बिल्डिंग पर कब्जा करना चाहता था, जो पहले जॉर्डन अस्पताल रही थी और जहां कबीले के लोग शरण लिए हुए थे. रिपोर्ट के मुताबिक दुघमुश कबीले के 19 और हमास के 8 लड़ाके मारे गए. गाजा के सबसे प्रमुख कबीलों में से एक, दुघमुश परिवार का हमास के साथ लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहा है. पहले भी हमास के साथ इसके टकराव हुए हैं. दोनों पक्ष झड़प के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. दुघमुश का कहना है कि उनके लोगों ने जहां शरण ले रखी थी हमास उस जगह को कब्जा करने के लिए पहुंचा और अपना बेस बना लिया, जिससे बवाल बढ़ा. हमास ने 7,000 लड़ाकों को बुलाया गाजा से मिली रिपोर्टों के अनुसार, हमास ने हाल ही में 7,000 सुरक्षा कर्मियों को दोबारा बुलाया है ताकि इज़राइल की वापसी के बाद छोड़े गए इलाकों पर फिर से नियंत्रण पाया जा सके. इनमें कई पूर्व सैन्य कमांडर शामिल हैं जिन्हें गवर्नर नियुक्त किया गया है. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि हमास ‘गाज़ा को अपराधियों और इज़राइल समर्थक तत्वों से मुक्त’ करने की तैयारी में है.  

PM मोदी बिहार दौरे पर, BJP कार्यकर्ताओं को देंगे चुनाव सफलता के टिप्स

नई दिल्ली/पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान के तहत बिहार के बूथ स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बात करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनके सुझाव सुनेंगे। 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान एक लंबे समय से चलने वाला, इंटरैक्टिव आउटरीच अभियान है जिसका उद्देश्य स्थानीय या बूथ स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ पार्टी के संबंधों को मजबूत करना है। एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा कि हमारे समर्पित कार्यकर्ता बिहार में भाजपा-एनडीए की जीत के लिए पूरी ऊर्जा के साथ जुट गए हैं। ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने से हमेशा नई प्रेरणा मिलती है। 15 अक्टूबर को मुझे ऐसे कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि आप सभी 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' अभियान से जुड़ें और आज ही अपने सुझाव साझा करें। मैं कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं से उनके सुझावों पर सीधे चर्चा भी करूंगा। बिहार की 243 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 6 और 11 नवंबर को चुनाव होंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं, का सीधा मुकाबला राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से है, जिसमें कांग्रेस, वामपंथी दल और छोटे संगठन शामिल हैं। रविवार तक भाजपा प्रत्याशियों की पहली लिस्ट भी घोषित कर सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और उम्मीदवारों के चयन के लिए नई दिल्ली में व्यापक बैठकें की हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वामपंथी दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) सहित महागठबंधन में भी अभी तक सीट बंटवारे पर आम सहमति नहीं बना पाया है। महागठबंधन के सहयोगी दल सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने और अपने उम्मीदवारों के चयन के लिए काम कर रहे हैं।  

सरकारी बैंक ने किया बड़ा ऐलान, अब महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी

नई दिल्ली भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अगले पांच सालों में अपनी महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 30% करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक में कुल 2.4 लाख से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं, जिसमें वर्तमान में महिला कर्मचारियों की संख्या कुल कर्मचारियों का लगभग 27% है। फ्रंटलाइन स्टाफ में महिलाएं करीब 33% हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह आंकड़ा कम है। बैंक अब इस अंतर को कम करने के लिए विशेष पहल कर रहा है। महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्यस्थल SBI का उद्देश्य एक ऐसा कार्यस्थल तैयार करना है जहां सभी स्तरों पर महिलाएं आगे बढ़ सकें। इसके लिए बैंक ने कई प्रोग्राम शुरू किए हैं, जिनमें लीडरशिप विकास, वर्क-लाइफ बैलेंस और मातृत्व सहायता शामिल हैं। कामकाजी माताओं को क्रेच भत्ता दिया जाता है, ‘फैमिली कनेक्ट प्रोग्राम’ के तहत सलाह और मार्गदर्शन उपलब्ध है, और मैटरनिटी या लंबी बीमारी की छुट्टी के बाद लौटने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग सेशन भी उपलब्ध कराए जाते हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पहल बैंक की ‘एम्पावर हर’ पहल महिलाओं को लीडरशिप रोल के लिए तैयार करने और पहचानने पर केंद्रित है। इसमें लीडरशिप लैब और कोचिंग सेशन शामिल हैं, जिससे भविष्य के लिए उच्च स्तरीय महिला अधिकारियों की मजबूत टीम तैयार की जा सके। SBI के पास देशभर में 340 से ज्यादा ऐसी शाखाएं हैं, जहां सिर्फ महिला कर्मचारी ही कार्यरत हैं, और भविष्य में यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता और सुरक्षा पर जोर SBI सभी स्तरों पर महिलाओं को शामिल करने के अपने दृष्टिकोण को लेकर प्रतिबद्ध है। बैंक के IT विशेषज्ञ कार्य समूह की मदद से बैंकिंग कार्यों की सुरक्षा, कार्यकुशलता और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। संपत्ति के मामले में SBI दुनिया के शीर्ष 50 बैंकों में शामिल है और इसे कई संस्थाओं द्वारा सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता के रूप में मान्यता दी जा चुकी है।  

IMD अलर्ट: इस राज्य में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा, तैयारी जरूरी

केरल केरल में आने वाले दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बन गया है, जो राज्य में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 से 15 अक्टूबर के बीच केरल में हल्की से लेकर भारी बारिश हो सकती है और कई जगह तेज हवाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पत्तनमतिट्टा, इडुक्की, पालक्काड, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में 12 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। IMD ने आगे बताया कि 12 से 17 अक्टूबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हर 24 घंटे में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है। लक्षद्वीप और समुद्री क्षेत्रों में अलर्ट IMD ने कहा कि लक्षद्वीप में 11 और 12 अक्टूबर को भी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम खराब रहेगा। वहां गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ हवाओं की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लक्षद्वीप, केरल और कर्नाटक के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है। इसका उद्देश्य मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि समुद्र की स्थिति अस्थिर है। पूर्वोत्तर मानसून का प्रभाव केरल में इस महीने के अंत तक पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत होने की संभावना है। सामान्यतः यह मानसून अक्टूबर के मध्य में आता है और भारी बारिश लेकर आता है। हालांकि इस बार यह कुछ देर से शुरू हो सकता है, लेकिन आने के बाद राज्य में बारिश और तेज हो सकती है।

वैश्विक तनाव बढ़ा! चीन ने दुर्लभ खनिज निर्यात रोकने का किया औचित्यपूर्ण दावा

बीजिंग  चीन ने दुर्लभ खनिज और ऐसी अन्य वस्तुओं के निर्यात पर अंकुश से जुड़े फैसले का बचाव करते हुए इसे वैश्विक शांति की रक्षा के लिए एक वैध कदम बताया और अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी निर्यात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की अपनी धमकी पर कायम रहते हैं, तो वह "ठोस कदम" उठाएगा। चीन ने बृहस्पतिवार को दुर्लभ खनिज, लिथियम बैटरी और दुर्लभ खनिज-आधारित सामग्रियों के खनन व प्रसंस्करण से संबंधित तकनीकों और उपकरणों के निर्यात पर नयी पाबंदियों की घोषणा की थी। तत्काल प्रभावी हुईं ये पाबंदियां उत्पादन तकनीकों के विदेशी हस्तांतरण पर भी लागू हैं। बीजिंग ने कहा कि यह निर्णय इस चिंता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है कि कुछ विदेशी कंपनियां सैन्य उद्देश्यों के लिए चीन से प्राप्त सामग्रियों का उपयोग कर रही हैं। चीन के इस कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक नवंबर से चीनी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है, जिसके बाद दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध फिर से शुरू हो गया। ट्रंप की धमकी से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया।   बयान में कहा गया है, "जानबूझकर उच्च शुल्क लगाने की धमकी देना चीन के साथ तालमेल बिठाने का सही तरीका नहीं है। व्यापार युद्ध पर चीन का रुख पहले जैसा है: हम व्यापार युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हम इससे डरते भी नहीं।" बयान में कहा गया है, "अगर अमेरिका गलत रास्ते पर जाने पर अड़ा रहता है, तो चीन निश्चित रूप से अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा।"    

खुशियों का मंजर अचानक मातम में बदल गया, कतर के 3 राजनयिकों की मिस्र में मौत ने हिला दिया पूरा देश

मिस्र  मिस्र के लाल सागर स्थित शर्म अल शेख में रिसॉर्ट जाते समय शनिवार को एक कार दुर्घटना में कतर के तीन राजनयिकों की मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शर्म अल-शेख से लगभग 50 किलोमीटर (31 मील) दूर एक वाहन के पलट जाने से दो अन्य राजनयिक घायल हो गए। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कतर की प्रोटोकॉल टीम के ये राजनयिक हमास और इजराइल के बीच युद्ध विराम समझौता होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन से पहले शहर जा रहे थे। कतर ने मिस्र और अमेरिका के साथ मिलकर युद्धविराम समझौते की मध्यस्थता की थी। तुर्किये भी इस महीने की शुरुआत में शर्म अल-शेख में हुई वार्ता में शामिल हुआ। इजराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौता लागू होने के बाद बंधकों और सैकड़ों फिलास्तीनी कैदियों को रिहा किया गया। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, शर्म अल-शेख शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और इसकी सह-अध्यक्षता मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी एवं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। बयान में बताया गया है कि इस शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस सहित दुनिया के दो दर्जन से अधिक नेता शामिल होंगे।  

PAK के हमले का जवाब: तालिबान ने दिया खतरनाक सबक, सीमा पर बढ़ा तनाव

इस्लामाबाद   पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अफगान सुरक्षा बलों द्वारा किए गए ‘‘अकारण’’ हमलों के जवाब में 19 अफगान चौकियों और कथित आतंकवादी ठिकानों पर कब्जा कर लिया। वहीं, अफगान अधिकारियों का दावा है कि उनकी जवाबी कार्रवाई में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 30 घायल हुए। तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने रविवार तड़के हमलों की पुष्टि की और कहा कि यदि कोई पक्ष अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता है, तो उनके सशस्त्र बल पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं। अफगान सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा में अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दीर और चित्राल के साथ-साथ बलूचिस्तान के बारामचा में पाक चौकियों को निशाना बनाया।   खबर के अनुसार, तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि शनिवार रात एक अभियान के दौरान अफगान बलों ने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और कम से कम 30 को घायल किया। इस दौरान 20 पाक चौकियों को नष्ट कर दिया गया और बड़ी संख्या में हथियार और सैन्य उपकरण जब्त किए गए। अफगान सैनिकों की हताहत संख्या 9 है और 16 घायल हुए। कतर और सऊदी अरब की मध्यस्थता पर मध्यरात्रि को अभियान रोक दिया गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अफगान हमलों को ‘‘अकारण’’ करार दिया और उन पर आम नागरिकों पर गोलीबारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तेजी और प्रभावी तरीके से जवाब दिया। हमारी सेनाएं सतर्क हैं और किसी भी उकसावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’   सीमा पर तनाव तब बढ़ा जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कथित तौर पर अफगान धरती का इस्तेमाल कर लगातार पाकिस्तान में आतंकवादी हमले कर रहा था। इसी क्रम में खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई जिले में एक हमला हुआ, जिसमें 11 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक मेजर भी शामिल थे। अफगान सुरक्षा बलों ने शनिवार रात पाकिस्तान को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तोप, टैंक, हल्के और भारी हथियारों के साथ-साथ हवाई संसाधनों और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, अब तक 19 अफगान चौकियों पर पाकिस्तान का कब्जा हो चुका है। इस पूरी स्थिति ने डूरंड लाइन पर दोनों देशों के बीच तनाव को और भड़काया है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है।  

PAK में तनाव बढ़ा: तालिबान ने सैनिकों के बाद दी धमकी

नई दिल्ली  भारत दौरे पर पहली बार आए तालिबान शासित अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ अपने संघर्ष का अफगानिस्तान शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि लेकिन यदि कोशिशें सफल नहीं होती हैं, तो हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं। अफगान दूतावास में प्रेस वार्ता के दौरान मुत्तकी की यह टिप्पणी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई। पाकिस्तान ने गुरुवार को काबुल में हवाई हमले किए थे और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान तालिबान ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के 58 सैनिकों को मार गिराया है। मुत्तकी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थिति का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, लेकिन यदि शांति प्रयास सफल नहीं होते हैं, तो हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लोगों और सरकार के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं, लेकिन उस देश में कुछ तत्व समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ वहीं, सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अफगान बलों द्वारा किए गए 'हमलों' के जवाब में 19 अफगान सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया। काबुल ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 30 अन्य घायल हुए। तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के रक्षा मंत्रालय ने रविवार तड़के हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि उसके बलों ने जवाबी और सफल अभियान चलाए। मंत्रालय ने कहा, "अगर विरोधी पक्ष फिर से अफ़ग़ानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता है, तो हमारे सशस्त्र बल देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और कड़ा जवाब देंगे।" अफगान बलों ने खैबर पख्तूनख्वा में अंगूर अड्डा, बाजौर, कुर्रम, दीर और चित्राल और बलूचिस्तान में बारामचा स्थित पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया। टोलो न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि शनिवार रात के अभियानों के दौरान 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और लगभग 30 अन्य घायल हुए। मुजाहिद ने आगे कहा कि डूरंड रेखा के पार जवाबी कार्रवाई के दौरान, 20 पाकिस्तानी सुरक्षा चौकियां नष्ट कर दी गईं और कई हथियार और सैन्य उपकरण जब्त कर लिए गए।