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मोदी के ट्वीट से पाकिस्तान में हड़कंप, नकवी और आसिफ का रिएक्शन वायरल

नई दिल्ली  पाकिस्तान को एशिया कप में करारी हार का स्वाद चखाने के बाद भारतीय टीम ने प्रतिद्वंद्वी देश की डबल बेइज्जती की है। पहले तो लगातार तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान पर जोरदार जीत हासिल की। इसके बाद जब फाइनल में ट्रॉफी पाकिस्तान के होम मिनिस्टर और एशिया क्रिकेट परिषद के चीफ मोहसिन नकवी के हाथ से लेने की बात आई तो इनकार ही कर दिया। मोहसिन नकवी काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन भारतीय टीम निकलकर ही नहीं आई। अंत में जलील होकर मोहसिन नकवी वहां से निकल ही गए। एशिया कप फाइनल के परिणाम को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया और लिखा कि खेल के मैदान में भी ऑपरेशन सिंदूर जारी है और रिजल्ट वही निकला है- भारत की जीत। पीएम मोदी के इस ट्वीट ने पाकिस्तान के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। उनके इस ट्वीट पर ट्ऱॉफी लेकर खड़े रहे मोहसिन नकवी ने जवाब दिया है और कहा कि नरेंद्र मोदी ने खेल भावना का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह खेल में जंग को घसीटना ठीक नहीं है। भारतीय पीएम ने खेल भावना को कमजोर करने की कोशिश की है। नकवी ने बौखलाहट में बढ़-चढ़कर यह दावा भी कर दिया कि भारत इतिहास में हर बार पाकिस्तान से हारा है। वहीं एक ही तथ्य काफी कुछ कहता है कि 1971 की जंग में पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने भारत के आगे सरेंडर किया था और इसके साक्ष्य आज भी फोटो सहित उपलब्ध हैं। नकवी ने एक्स पर फर्जी दावे करते हुए लिखा, 'यदि जंग ही आपके लिए गर्व का विषय है तो इतिहास में कई जीत पाकिस्तान के नाम हैं। कोई क्रिकेट मैच सत्य नहीं बदल सकता। खेल में जंग को घसीटना दिखता है कि आप किस तरह से अधीर हैं।' वहीं पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ भी बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खेल भावना के खिलाफ जाकर ट्वीट किया है। इससे महाद्वीप में शांति और स्थिरता पर असर होगा।  

स्वामी नहीं, सुपर प्लेयर निकला चैतन्यानंद! फर्ज़ी पहचान से रच डाली नई दुनिया

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद अब स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती की असलियत की एक-एक परत खुल रही है. छात्राओं से यौन शोषण के गंभीर आरोप झेल रहे इस स्वयंभू बाबा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ऐसी चालें चलीं कि सुनने वाले भी दंग रह जाएं. कभी खुद को अंतरराष्ट्रीय संगठन का प्रतिनिधि बताकर रौब झाड़ा, तो कभी नकली कार्डों के दम पर पीएमओ से जुड़ाव का दावा किया. और तो और, मां-बाप तक को बदल डाला और दो-दो पासपोर्ट बनवा लिए. जांच में साफ हो गया है कि यह बाबा पहचान बदलने का गजब का ‘खिलाड़ी’ भी है. दो महीने की फरारी और गिरफ्तारी की कहानी जुलाई में विदेश जाने के बाद जब 6 अगस्त को दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की छात्राओं ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तो चैतन्यनंद सरस्वती समझ गया कि अब गिरफ्तारी तय है. शिकायत में 17 छात्राओं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे की लड़कियों के यौन शोषण का आरोप था. एफआईआर दर्ज होते ही वह दिल्ली छोड़कर फरार हो गया और लगभग दो महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा. दिल्ली पुलिस ने लुक आउट सर्कुलर जारी किया, कई टीमें बनाई, लेकिन बाबा लगातार ठिकाने बदलता रहा. कभी वृंदावन, कभी मथुरा और कभी आगरा . वह सस्ते होटलों में चेक-इन करता और टैक्सी से सफर कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करता. दो पासपोर्ट, दो जन्मस्थान और बदले हुए मां-बाप जांच की सबसे सनसनीखेज कड़ी तब सामने आई जब पुलिस को उसके पास से दो पासपोर्ट मिले. एक पासपोर्ट पर उसका नाम स्वामी पार्थ सारथी था, जबकि दूसरे पर स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती. केवल नाम ही नहीं, बल्कि जन्मस्थान और माता-पिता के नाम भी दोनों पासपोर्ट में अलग-अलग दर्ज थे. एक पासपोर्ट में जन्मस्थान दार्जिलिंग लिखा था, तो दूसरे में तमिलनाडु. उसके पैन कार्ड पर भी अभिभावकों के नाम अलग-अलग मिले. यानी बाबा ने अपनी पहचान को इतना उलझा दिया कि असली और नकली के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाए. आधी रात का ऑपरेशन, होटल से दबोचा गया बाबा आखिरकार पुलिस को खुफिया इनपुट मिला कि वह आगरा के ताजगंज इलाके के एक होटल में ‘पार्थ सारथी’ नाम से ठहरा है. 27 सितंबर की शाम करीब 4 बजे उसने कमरा नंबर 101 लिया और पूरी रात वहीं रहा. रविवार तड़के 3:30 बजे पुलिस टीम ने अचानक दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया. होटल कर्मचारियों का कहना है कि वह बेहद साधारण ग्राहक की तरह पेश आ रहा था, लेकिन कमरे से बाहर न निकलने की वजह से उन पर भी शक हुआ. गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उसके पास से मोबाइल, आईपैड और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए. छात्राओं पर दबाव डालने की करतूतें एफआईआर में दर्ज है कि चैतन्यनंद संस्थान का पूर्व चेयरमैन रहते हुए छात्राओं को रात में अपने कमरे में बुलाता था. देर रात आपत्तिजनक मैसेज भेजना उसकी आदत बन चुकी थी. उसके तीन महिला सहयोगी छात्राओं को धमकाकर चुप कराते और उनसे वह संदेश डिलीट करवाते थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बाबा अपने मोबाइल के जरिए संस्थान और हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरों तक की लाइव फीड देखता था. इससे वह छात्राओं की हर गतिविधि पर नजर रखता था. अंतरराष्ट्रीय पहचान का झूठा मुखौटा गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से कई नकली विज़िटिंग कार्ड जब्त किए. इनमें उसे संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) का स्थायी राजदूत और ब्रिक्स का भारतीय विशेष दूत दिखाया गया था. यही नहीं, उसने अपने परिचितों और अनुयायियों के बीच यह झूठा प्रचार भी किया कि उसके प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधे संबंध हैं. इस झूठे प्रभाव के सहारे ही वह संस्थान में रुतबा बनाए रखता था और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करता रहा. बैंक खातों और करोड़ों की संपत्ति पुलिस ने उसकी वित्तीय गतिविधियों की जांच की तो नए खुलासे हुए. अलग-अलग नाम और दस्तावेजों के सहारे उसने कई बैंक खाते खोल रखे थे. एफआईआर दर्ज होने के बाद भी वह सक्रिय रहा और करीब 50 लाख रुपये की निकासी की. पुलिस ने उसके करीब आठ करोड़ रुपये की रकम, जो अलग-अलग बैंकों और फिक्स्ड डिपॉजिट में थी, को पहले ही फ्रीज कर दिया है. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह रकम भी छात्राओं और संस्थान से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने में काम आती थी. पुलिस हिरासत और अगली कार्रवाई गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. अब पुलिस उसकी तीन महिला सहायिकाओं से आमने-सामने पूछताछ करेगी. संभावना यह भी है कि उसे संस्थान ले जाकर पीड़िताओं के सामने खड़ा किया जाए. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान न केवल यौन उत्पीड़न से जुड़े तथ्य और पुख्ता होंगे, बल्कि उसके नेटवर्क और पहचान बदलने के तरीकों के भी बड़े खुलासे होंगे. न्याय आधा ही हुआ है गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद छात्राओं और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली. एक पीड़िता की सहेली ने कहा, यात्रा अभी आधी ही पूरी हुई है. हमें पता है कि न्याय सिर्फ गिरफ्तारी से नहीं मिलेगा. जरूरत है कि मामला अंत तक पहुंचे और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले. उसने कहा, अगर ऐसे अपराधियों को उम्रकैद दी जाए तभी और लोग सबक लेंगे और छात्राओं को शिकार बनाने की हिम्मत नहीं करेंगे.  

भारत पर शर्तें और सलाहें! अमेरिकी सेक्रेटरी हॉवर्ड ल्यूटनिक का ऊटपटांग बयान

न्यूयॉर्क अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हावर्ड ल्यूटनिक (Howard Lutnick) ने कहा है कि अमेरिका को भारत और ब्राजील जैसे देशों को 'दुरुस्त' करना होगा. उन्होंने यह बात टैरिफ विवाद के बीच अमेरिकी चैनल को दिए एक इंटरव्यू साक्षात्कार में कही है. अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया है, जिसमें नई दिल्ली की रूसी तेल खरीद पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क शामिल है.  ल्यूटनिक ने कहा कि इन देशों को अपने बाजार खोलकर और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई रोककर सही जवाब देना होगा. भारत अपनी ऊर्जा खरीद को राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित बताता रहा है.  ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया है. यह टैरिफ दरों में सबसे ज्यादा है, जो किसी भी देश पर लगाया गया है. इस टैरिफ में रूसी तेल की खरीद पर लगाया गया 25 फीसदी का शुल्क भी शामिल है. भारत, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंध लगाने पर रियायती रूसी तेल खरीद रहा है. भारत का मानना है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता पर आधारित है. 'अमेरिका के साथ सहयोग करना होगा…' ल्यूटनिक ने कहा, "भारत, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, और ताइवान जैसे कई देशों को 'दुरुस्त करने' की जरूरत है, क्योंकि इनके साथ अमेरिका के व्यापारिक मुद्दे अनसुलझे हैं."  उन्होंने आगे कहा कि इन देशों को यह समझना होगा कि अगर वे अमेरिकी उपभोक्ताओं को कुछ बेचना चाहते हैं, तो उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ सहयोग करना होगा. वक्त के साथ इन व्यापार मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा. व्यापार समझौते पर गतिरोध… अमेरिका लगातार चौथे साल (2024-25) भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना रहा है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 131.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है. अमेरिका भारत के कुल वस्तु निर्यात में करीब 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 फीसदी और कुल व्यापार में 10.73 फीसदी का योगदान देता है. दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $191 बिलियन से $500 बिलियन तक दोगुना करने की उम्मीद कर रहे हैं. समझौते की तारीख पर संशय केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक डेलिगेशन पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में अमेरिकी पक्ष के साथ बैठकें कर रहा था. दोनों देशों को उम्मीद थी कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते की पहली किस्त अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरी हो जाएगी. अमेरिकी अधिकारियों की एक टीम ने भी समझौते पर चर्चा के लिए 16 सितंबर को भारत का दौरा किया था और कोशिशों को तेज करने का फैसला किया था.  

दशहरा पर बरसेंगे मेघ: यूपी-बिहार में बारिश के आसार, अन्य राज्यों में भी बदलेगा मौसम

नई दिल्ली मॉनसून की वापसी के साथ ही राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। भारत मौसम विभाग के अनुसार, एक सुस्पष्ट कम दबाव क्षेत्र पश्चिम विदर्भ और उससे सटे उत्तर मध्य महाराष्ट्र के ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, और गुजरात राज्य में कुछ स्थानों पर 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। IMD ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है। मॉनसून की वापसी रेखा अभी भी गुजरात के वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी और शाहजहांपुर से गुजर रही है। वहीं 28 से 30 सितंबर तक पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून फिर से सक्रिय हो सकता है। जानते हैं आपके शहर में कल कैसा मौसम रहेगा… दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? भारत मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, दिल्ली में 28 व 29 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर और एक अक्टूबर को हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री तक रह सकता है। यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम? उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। पूर्वी यूपी के जिलों में अगले दो-तीन दिनों में हल्की बारिश हो सकती है। दिन का तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दशहरा के मौके पर बारिश होने की संभावना है। लेकिन हल्की-फुल्की ही बारिश होगी। कहीं पर भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम? बिहार में पिछले एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी ने लोगों को खूब परेशान किया है। हालांकि अगले दो दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक से 4 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि 3–4 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना। उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम? उत्तराखंड ने इस साल बारिश बादल फटने के कारण भीषण तबाही का सामना किया है। इस लोगों की प्राकृतिक आपदा से मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोगों का घर तबाह हो गया। उत्तराखंड में कल ज्यादातर इलाकों में साफ या आंशिक बादल रहेंगे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बौछार पड़ सकती है। तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा। छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम? राज्य में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक लगातार बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी निकासी की तैयारी रखने की जरूरत है। महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने कोकण, मुंबई, पालघर, ठाणे, पुणे, नाशिक, विदर्भ व मराठवाड़ा में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 28–29 सितंबर को मुंबई सहित उत्तर कोकण व उत्तर मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी वर्षा संभव है।

बिहार चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने किया मजबूत इंतजाम, 320 IAS समेत 470 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात

नई दिल्ली चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (सामान्य, पुलिस और व्यय) तैनात करने का फैसला लिया है। आयोग ने विभिन्न राज्यों में सेवाएं दे रहे कुल 470 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 320 अधिकारी, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 60 अधिकारी और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 90 अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, आईआरएएस, आईसीएएस जैसी सेवाओं से अधिकारी इसमें शामिल हैं। आयोग के मुताबिक, ये सभी अधिकारी बिहार में होने वाले विधानसभा आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, झारखंड, तेलंगाना, पंजाब, मिजोरम और ओडिशा में होने वाले उपचुनावों के लिए नियुक्त किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने एक प्रेस नोट में बताया, बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों (सामान्य, पुलिस और व्यय) की तैनाती होगी। आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। पर्यवेक्षक नियुक्ति से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आयोग की देखरेख, नियंत्रण और अनुशासन में कार्य करते हैं। 'आयोग की आंख और कान होते हैं पर्यवेक्षक' 'पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण और गंभीर जिम्मेदारी निभाते हैं कि चुनाव निष्पक्ष, तटस्थ और विश्वसनीय हों, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। वे आयोग की आंख और कान होते हैं और समय-समय पर रिपोर्ट देते रहते हैं। पर्यवेक्षक आयोग को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने में मदद करते हैं और साथ ही मतदाताओं की जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में योगदान देते हैं।' पर्यवेक्षकों का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान कर ठोस सुझाव देना है जिनमें सुधार की जरूरत है। अपनी वरिष्ठता और प्रशासनिक सेवाओं के अनुभव के आधार पर सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक चुनाव के निष्पक्ष संचालन में आयोग की सहायता करते हैं और क्षेत्र स्तर पर चुनाव प्रक्रिया के प्रभावी प्रबंधन की निगरानी करते हैं। व्यय पर्यवेक्षक उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की निगरानी करते हैं। इन राज्यों में चुनाव के लिए तैनात होंगे पर्यवेक्षक जारी प्रेस नोट में आगे कहा गया, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और जम्मू-कश्मीर (बडगाम एवं नगरोटा), राजस्थान (अन्ता), झारखंड (घाटसिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स), पंजाब (तारण-तारन), मिजोरम (डम्पा) और ओडिशा (नुआपाड़ा) में होने वाले उपचुनावों के लिए विभिन्न राज्यों में तैनात 470 अधिकारियों (320 आईएएस, 60 आईपीएस और 90 आईआरएस/आईआरएएस/आईसीएएस आदि) को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है।

देश में लागू होने वाले 5 बड़े नियम, 1 अक्टूबर से सीधे प्रभावित होगी आपकी जेब

नई दिल्ली  हर महीने की पहली तारीख की तरह, आने वाली 1 अक्टूबर 2025 से आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने वाले हैं। रेलवे टिकट बुकिंग, UPI से लेनदेन, पेंशन और गैस सिलेंडर की कीमतों तक इन 5 बड़े बदलावों का सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की उम्मीद त्योहारी सीजन शुरू होने के कारण, उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत की उम्मीद है। पिछले महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी। इस बार 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम कम होने की संभावना है, जिससे आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। रेलवे टिकट बुकिंग के नए नियम रेलवे ने टिकट धांधली और कालाबाजारी को रोकने के लिए टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे: तत्काल टिकट पर असर: टिकट काउंटर खुलने के शुरुआती 15 मिनट तक, केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार कार्ड IRCTC अकाउंट से लिंक होगा। यह नियम फिलहाल तत्काल टिकट बुकिंग पर लागू होगा। UPI लेनदेन में बड़ा बदलाव (P2P ट्रांजैक्शन) ऑनलाइन धोखाधड़ी (ऑनलाइन फ्रॉड) को रोकने और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने UPI से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी हो सकते हैं: P2P फीचर हटने की संभावना: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) से P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) ट्रांजैक्शन फीचर हटाया जा सकता है। इसका मतलब है कि 1 अक्टूबर से आप UPI ऐप्स पर सीधे एक-दूसरे को पैसे भेजने का विकल्प इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बदलाव नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में भी 1 अक्टूबर 2025 से गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं: इक्विटी में ज्यादा निवेश: अब गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स अपनी पूरी पेंशन राशि का 100% तक इक्विटी (शेयर मार्केट से जुड़ी स्कीम) में निवेश कर सकेंगे। पहले यह सीमा केवल 75% थी। PRAN खोलने पर चार्ज: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को अब PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) खोलने और मेंटेनेंस पर चार्ज देना होगा: फिजिकल PRAN कार्ड: ₹40 ई-PRAN किट: ₹18 एनुअल मेंटेनेंस चार्ज: ₹100 प्रति अकाउंट अटल पेंशन योजना (APY) शुल्क में राहत अटल पेंशन योजना (APY) और NPS लाइट सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है कि उनके लिए PRAN खोलने और मेंटेनेंस का चार्ज केवल ₹15 रहेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इन योजनाओं में ट्रांजैक्शन पर कोई फीस नहीं लगेगी।  

युद्ध का नया मोड़: रूस ने यूक्रेन पर किया जबरदस्त ड्रोन हमला

रूस  रूस ने एक बार फिर यू्क्रेन पर बड़ा हमला किया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रातभर ड्रोन और मिसाइलें बरसाई हैं। बताया जा रहा है कि रात में रूस ने यूक्रेन में 500 से ज्यादा ड्रोन और 48 मिसाइलें दागे हैं। हमले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन की वायुसेना ने रविवार को हुए हमले के बारे में बताया कि रूस ने 550 से ज्यादा विस्फोटक ड्रोन, 48 मिसाइलें और कई हथियार कीव पर दागे हैं। यूक्रेन ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने रूस के 566 ड्रोन और 45 मिसाइलों को मार गिराया या फिर हवा में ही जाम कर दिया था। इसके अलावा कई ड्रोन और मिसाइलें जमीन पर गिरीं और इससे जानमाल का काफी नुकसान हुआ। शनिवार-रविवार रात को हुआ हमला पिछले महीने के बाद रूस का दूसरा सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। सबसे बड़े हमले में पिछले महीने रूस ने कीव में स्थित नगर प्रशासन को निशाना बनाया था। इन इलाकों को बनाया निशाना हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी घटना की जानकारी शेयर की। उन्होंने कहा कि देर रात को रूस ने यूक्रेन के कीव के अलावा जापोरिज्जिया, खमेलनित्सकी, सूमी, मायकोलाइव, चेर्निहिव और ओडेसा पर हमला किया। जेलेंस्की ने लिखा कि यह घिनौना हमला संयुक्त राष्ट्र महासभा सप्ताह के दौरान हुआ है। कहा कि रूस अपनी असली स्थिति इसी तरह जताता है। जेलेंस्की ने रूस पर निशाना साधते हुए कहा कि मॉस्को अपनी लड़ाई जारी रखना चाहता है। नाटो और यूक्रेन की वकालत करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया को रूस पर दबाव बनाना चाहिए। 12 साल की बच्ची की भी हुई मौत रूसी हमले में यूक्रेन को भारी नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है। कीव के महापौर विटाली क्लिट्स्को के अनुसार, रात को शुरू से सुबह तक हुए हमलों में कई आवासीय इमारतों, हॉस्पिटल, किंडर गार्डन को भी काफी नुकसान हुआ। हमले में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसमें एक 12 साल की बच्ची भी शामिल है। अभी तक रूसी अधिकारियों ने हमले पर कोई कमेंट जारी नहीं किया है।

अमरेली में डरावना मंजर: रनवे से फिसला विमान, लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

अहमदाबाद अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद विमान दुर्घटना के नाम मात्र से लोगों की रुह कांप जाती है। रविवार को उसी गुजरात में एक बड़ा हादसा टलते बच गया। गुजरात के अमरेली पर एयरपोर्ट लैंडिंग के दौरान एक विमान फिसल गया। विमान रनवे से फिसलकर किनारे पर पहुंच गया। हालांकि विमान की रफ्तार कम हो गई थी। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गुजरात के अमरेली एयरपोर्ट पर यह हादसा पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इसी एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश होने की घटना हो चुकी है। इससे एयरपोर्ट अथॉरिटी की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार को फिर हादसा होने से अमरेली एयरपोर्ट भी चर्चा में आ गया है।    क्या बोले कलेक्टर? अमरेली कलेक्टर विकल्प भारद्वाज ने बताया कि एयरक्राफ्ट को नुकसान हुआ है लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है। रनवे पर लैंडिंग के समय साइड में स्लिप होने से तिरछे हुए एयरक्राफ्ट का वीडियो सामने आया है। कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्लेन में हुए नुकसान की जांच के बाद ही पता चल पाएगा। क्या था अहमदाबाद हादसा? गत 12 जून को दोपहर में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी। रनवे के कुछ दूर जाते ही प्लेन क्रैश हो गया और एयरपोर्ट के पास बीजे मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग पर गिर पड़ा। इससे विमान में भयंकर आग लग गई। विमान में सवार 242 लोगों 1 को छोड़कर सभी की मौत हो गई। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर विमान गिरने से कई ट्रैनिंग डॉक्टरों की भी मौत हो गई थी।  

अमित शाह ने किया ऐलान: देश 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से होगा पूरी तरह सुरक्षित

नई दिल्ली  31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। नक्सलवाद का वैचारिक पोषण किसने किया, जब तक उनको हम समझ नहीं पाते तब तक नक्सल खत्म नहीं होगा। शाह ने कहा कि कई लोग मानते हैं कि सशस्त्र गतिविधियों के समाप्त होने से नक्सली समस्या समाप्त हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं है। इस देश में नक्सली समस्या क्यों उत्पन्न हुई, बढ़ी और विकसित हुई? इसे वैचारिक समर्थन किसने प्रदान किया? कहा कि जब तक भारतीय समाज इस सिद्धांत, नक्सलवाद के इस विचार और समाज में वैचारिक समर्थन, कानूनी समर्थन और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले लोगों को नहीं समझेगा, तब तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई समाप्त नहीं होगी। ‘2014 में 3 नक्सल हॉटस्पॉट थे’ सत्र को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब 2014 में मोदी सरकार सत्ता में आई तब नॉर्थ ईस्ट कॉरिडोर, जम्मू कश्मीर और नक्सल 3 हॉटस्पॉट थे। नॉर्थ ईस्ट में 70 फीसदी की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में 85 फीसदी कमी आई है। वहीं 10,500 युवाओं ने आत्मसमर्ण किया। अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद पर चर्चा करने के पहले 60 के दशक से अबतक जितने लोग नक्सल में मारे गए है मै उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।   गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया कि हम किसी को मारना नहीं चाहते, लेकिन अगर कोई किसी निर्दोष को मरेगा तो उनको बचाना हमारा काम है। जो आत्म समर्पण करना चाहते है उनके लिए हमारी सरकार में रेड कार्पेट है। लेकिन जो हथियार उठाएगा उसको जबाव मिलेगा। अगर कोई बंदूक उठाएगा तो गोली का जवाब सरकार गोली से देगी। डाटा शेयर करते हुए बताया कि साल 2024 में नक्सल के खिलाफ अभियान में 290 नक्सली मारे गए, जो हथियार के साथ थे। इसके अलावा 1090 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 881 नक्सलियों ने खुद का आत्मसर्पण कर दिया। जम्मू कश्मीर पर की चर्चा शाह ने बताया कि जम्मू कश्मीर में मोदी के नेतृत्व में धारा 370 समाप्त हो गया। वहां सुनियोजित तरीके से विकास हुआ। सुरक्षा कर्मियों की मृत्यु में 65 फीसदी और नागरिकों की मृत्य में 75 फीसदी की कमी आई। पशुपति से तिरुपति तक रेड कॉरिडोर का नारा अब खत्म हो गया। देश के भूभाग में 17 फीसदी हिस्सा नक्सल प्रभावित था। जब तक वामपंथी दल सत्ता में नहीं आए तब तक नक्सलवाद पनपता रहा। जैसे ही वो सत्ता में आए नक्सल में वहां गिरावट आई। कहा कि पहले की सरकार का नक्सल पर कोई स्थाई योजना नहीं था। जो ऑपरेशन चलते थे, स्टीयरिंग नक्सल के पास होती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है।

लावरोव की चेतावनी: रूस पर हमला पड़ा तो मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

संयुक्त राष्ट्र रूस और यूक्रेन में साल 2022 से युद्ध जारी है। इस बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस को संबोधित करते हुए रूस के खिलाफ साजिश करने वाले देशों को चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने यूक्रेन पर हमले रोकने के लिए शर्तें रख दीं। खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस के खिलाफ बल प्रयोग की धमकियां लगातार दे रहे हैं और मास्को पर नाटो और यूरोपीय संघ के देशों पर हमला करने की योजना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बार-बार इस तरह के उकसावे को खारिज किया है। लावरोव ने कहा कि रूस का ऐसा कोई इरादा न तो कभी था और न ही है। रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर लावरोव ने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ने बार-बार कहा है कि रूस शुरू से ही संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करने के लिए बातचीत के लिए तैयार रहा है और रहेगा।" लावरोव ने कहा कि रूस की सुरक्षा और महत्वपूर्ण हितों की विश्वसनीय गारंटी होनी चाहिए। यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में रूसियों और रूसी भाषी लोगों के अधिकारों को बहाल किया जाना चाहिए और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। इस आधार पर हम यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर बात करने के लिए तैयार हैं। रूस-अमेरिका संबंधों पर लावरोव ने कहा कि रूस को दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, खासकर अगस्त में अमेरिकी राज्य अलास्का में हुई शिखर वार्ता के बाद। लावरोव ने कहा कि रूस अमेरिका की ओर से न केवल यूक्रेन संकट के समाधान के लिए यथार्थवादी तरीके खोजने में योगदान देने की चाह रखता है, बल्कि बिना किसी वैचारिक रुख अपनाए व्यावहारिक सहयोग विकसित करने की इच्छा भी रखता है। उन्होंने कहा कि रूस और अमेरिका विश्व की स्थिति और मानवता को एक नए युद्ध में धकेलने वाले जोखिमों से बचाने के लिए विशेष जिम्मेदारी लेते हैं। लावरोव ने पुतिन द्वारा प्रस्तावित एक नई पहल को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मास्को फरवरी 2026 में नई सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि (न्यू स्टार्ट) की समाप्ति के बाद एक वर्ष तक परमाणु हथियारों की सीमा का पालन करने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका भी यही कदम उठाए और ऐसी कार्रवाइयों से परहेज करे जो निवारक क्षमताओं के मौजूदा संतुलन को बिगाड़ सकती हैं। रूस और अमेरिका द्वारा 2010 में हस्ताक्षरित न्यू स्टार्ट संधि तैनात किए गए परमाणु हथियारों और सामरिक वितरण प्रणालियों की संख्या पर सीमा लगाती है। यह संधि 5 फरवरी, 2011 को लागू हुई थी और 5 फरवरी, 2021 को समाप्त होनी थी। मॉस्को और वाशिंगटन ने आधिकारिक तौर पर इस संधि को पांच साल के लिए बढ़ाकर फरवरी 2026 कर दिया है।