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दिवाली-छठ पर बढ़ाई गई 12,000 स्पेशल ट्रेनें, अब हर मार्ग पर सफर होगा तेज़ और सुविधाजनक

नई दिल्ली देश में दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं और साथ ही लोग छठ पूजा पर भी अपने घर जाने के लिए निकलने की के लिए ट्रेन-बस बुकिंग करने में लगे हैं. इन त्योहारों लोग अपने घर आराम से और सुरक्षित पहुंचें इसके लिए भारतीय रेलवे ने भी बड़ी तैयारी की है और इसके तहत पिछले साल के मुकाबले इस साल और ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इससे जुड़ी जानकारी शेयर की है.  पिछले साल से 4500 ट्रेनें ज्यादा छठ और दिवाली के लिए ट्रेन संचालन पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इन पर्वों पर पिछले साल हमने 7,500 स्पेशल ट्रेनें संचालित की थीं और इस बार हम अपनी क्षमता को और भी बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बार छठ और दिवाली पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इंडियन रेलवे का लक्ष्य करीब 12000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का है. गौरतलब है कि दिवाली और छठ पूजा के मौके पर दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में लोग जाते हैं और इस दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ नजर आती है. स्टेशनों पर उमड़ने वाली इस भीड़ को देखते हुए ही रेलवे ने इस साल बीते साल से ज्यादा ट्रेनें चलाने की तैयारी की है.  1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलेंगी ट्रेनें अश्विनी वैष्णव ने आगे इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन रेलवे की ओर से अभी तक 10,000 स्पेशल ट्रेनों की अधिसूचना जारी की जा चुकी है. छठ-दिवाली के लिए चलाई जाने वाली इन स्पेशल ट्रेनों में 150 ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित कैटेगरी की होंगी और ये ट्रेनें अंतिम समय में चलाई जाएंगी. टाइमलाइन के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 अक्टूबर से शुरू होगा और 15 नवंबर तक किया जाएगा. वंदे भारत स्लीपर पर बड़ा अपडेट रेल मंत्री ने देश भर में भारतीय रेलवे के संचालन में तमाम प्रयासों के चलते आए सुधारों के बारे में बात करते हुए बताया कि अब देश के 70 में से 29 डिवीजनों में हमारी समयपालनता 90% से ज्यादा है. इसके साथ ही उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर भी बड़ा अपडेट दिया है और बताया कि इसे लेकर काम कहां तक आगे बढ़ा है.  अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर तैयार है और उसका परीक्षण भी पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि हम एक साथ दो Vande Bharat Sleeper रेक शुरू करेंगे और हम दूसरे रेक का ही इंतजार कर रहे हैं, जो 15 अक्टूबर तक आ जाएगा. इन रूट पर वंदे भारत और अमृत भारत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स अकाउंट पर लखनऊ जंक्शन और सहारनपुर के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर कहा कि ये यात्रा के समय को कम करेगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक होगी. इसके अलावा मदार जंक्शन (अजमेर) और दरभंगा के बीच नई साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि ये निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए सहायक होगी.

सिनेमा प्रेमियों के लिए राहत या झटका? हाई कोर्ट ने कर्नाटक के टिकट दाम नियम पर लगाया ब्रेक

बेंगलुरु  मूवी टिकट के दाम अधिकतम 200 रुपये तक सीमित करने के कर्नाटक सरकार के फैसले पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस रवि वी होसमानी ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए मल्टीप्लेक्स के मालिकों को राहत दी है। मल्टीप्लेक्स असोसिएशन ने एक याचिका फाइल कर कर्नाटक सिनेमा रेग्युलेशन रूसल 2025 को चुनौती दी थी। इस नियम में कहा गया था कि फिल्म के टिकट की कीमत 200 रुपये से ज्यादा नहीं बढ़ाई जा सकती। फिल्म प्रड्यूसर्स, मल्टीप्लेकस एसोसिएशन ऑफ इंडिया औ पीवीआर आईनॉक्स के शेयरहोल्डर्स ने मिलकर हाई कोर्ट में अपील की थी। याचिका में कहा गया था कि सभी थिएटर में इस तरह से टिकट की कीमतों को सीमित कर देने से नुकसान होगा। याचिका में कहा गया कि सिंगल स्क्रीन थिएटर के मुकाबले मल्टीप्लेक्सेज में सुविधाएं ज्यादा होती हैं। ऐसे में वहां फिल्म दिखाने का खर्च भी ज्यादा आता है। याचिका में कहा गया था कि कि ओटीटी प्लैटफॉर्म, सैटलाइट टीवी और मनोरंजन के अन्य साधनों पर कड़े नियम नहीं हैं। वहीं इस तरह के नियम केवल थिएटर पर ही लगाए जा रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा कि सरकार के ये नियम संविधान के आर्टिकल 19 (1) (g) का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मल्टीप्लेक्स में टेक्नॉलजी, इनवेस्टमेंट, फॉर्मेट पर ज्यादा खर्च होता है और इसका बिना ध्यान दिए ही नियम बनाना गलत है। नियम में 75 सीट या उससे कम सीट वाले मल्टी स्क्रीन प्रीमियम सिनेमा को छूट दी गई थी। हालांकि इसको पारिभाषित नहीं किया गया था। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि सभी को मनोरंजन का अधिकार है और ऐसे में जनता के हित में यह फैसला लिया गया है। एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए वकील अदया होला ने कहा कि इस तरह से 200 रुपये का कैप निर्धारित कर देना मनमाना रवैया है। उन्होंने कहा कि ग्राहक ज्यादा पैसे खर्च करके भी लग्जरी सिनेमा देखना चाहता है। ऐसे में एग्जिबिटर्स को भी लग्जरी चीजें उपलब्ध करवाने के लिए कीमत निर्धारित करने की छूट मिलनी चाहिए। कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि इसी तरह का मामला एक अन्य राज्य में भी था। कर्ट में जाने के बाद नियम बदलना पड़ा था। एक अन्य वकील ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार को पड़ना ही नहीं चाहिए। यह मामला ग्राहकों और थिएटर मालिकों के बीच का है।  

भाजपा के नए अध्यक्ष पर सस्पेंस, विपक्ष ने साधा निशाना

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव में देरी पर अब विपक्ष निशाना साध रहा है। विपक्षी गठबंधन INDIA के सदस्य दल शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाए हैं कि देश को चलाने वाली पार्टी अपने खुद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पा रही है। उनका दावा है कि किसी एक नेता के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। फिलहाल, इसे लेकर भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। शिवसेना (यूबीटी) से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, 'एकमत नहीं हो रहा है नाम के ऊपर यह भी सच है। एक पार्टी देश चला रही है, लेकिन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर पा रही है। यह क्या मामला है, क्या मसला है किसी को नहीं पता। आप चुनाव आयोग को बदल सकते हो, आप सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को बदल सकते हो, आप किसी को भी बदल सकते हो।' उन्होंने आगे कहा, 'आप देश के उपराष्ट्रपति को घर भेज सकते हो, लेकिन आपकी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर सकती। यह क्या मामला है, देश को पता होना चाहिए। आप कल राष्ट्रपति को भी घर भेजेंगे, जैसे धनखड़ साहब को भेजा है, लेकिन आप अपनी पार्टी का अध्यक्ष नहीं चुन सकते।' पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था। हाल ही में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्ण ने जीत हासिल की है। भाजपा अध्यक्ष फिलहाल, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भाजपा की कमान संभाल रहे हैं और इससे पहले उन्हें कार्यकाल विस्तार दिया जा चुका है। यह साफ नहीं है कि भाजपा कब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेगी, लेकिन अटकलें लगाई जा रही हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी नया कप्तान चुन सकती है। हालांकि, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। रेस में कौन भाजपा ने अब तक संभावित उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन अटकलें हैं कि इस रेस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान का नाम शामिल है। साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम की भी अटकलें जारी हैं। फिलहाल, पार्टी ने या किसी भी नेता ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।  

सरेआम कत्ल! बस स्टैंड पर पति ने पत्नी की हत्या की, बेटी के सामने दिल दहला देने वाला हादसा

बेंगलुरु  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक सनसनीखेज कांड सामने आया है, जिसमें एक शख्स ने बस स्टैंड पर ही पत्नी को मार डाला। लोहिताश्व नाम के शख्स ने पत्नी को बस स्टैंड पर ही सरेआम एक दर्जन पर चाकू से मारा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी मौके पर थी। पुलिस का कहना है कि लोहिताश्व और रेखा ने तीन महीने पहले ही शादी की थी और वे काफी समय से साथ हैं। रेखा की यह दूसरी शादी है और पहले विवाह से उसकी दो बेटियां है। रेखा की एक बेटी उसके मां-बाप के पास यानी अपने ननिहाल में रहती है। वहीं 12 साल की बड़ी बेटी उसके साथ थी। पुलिस का कहना है कि रेखा ने अपने पहले पति से अलग होकर शादी की थी। इसके अलावा लोहिताश्व भी तलाकशुदा था। दोनों शादी के बाद किराये के एक घर में ही रहते थे। कर्नाटक के सिरा कस्बे से ये लोग बेंगलुरु आकर रहने लगे थे। इस दौरान रेखा एक कॉल सेंटर में नौकरी कर रही थी। लोहिताश्व बेरोजगार था तो उसने उसकी भी नौकरी लगवाने में मदद की। उसे ड्राइवर की नौकरी दिला दी थी। लेकिन लोहिताश्व को उसका घर से बाहर जाना अच्छा नहीं लगता था। उसे शक होने लगा था कि रेखा के किसी और से संबंध हैं। इसी को लेकर दोनों के बीच तकरार होने लगी थी। लोहित अकसर आरोप लगाता था कि रेखा का किसी और पुरुष से संबंध है। इसी टकराव के बीच उसने सोमवार को सुबह बस का इंतजार कर रही रेखा पर स्टैंड पर ही हमला बोल दिया। लोहित ने लगातार एक दर्जन बार चाकू से वार किया और लहूलुहान कर दिया। रेखा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी बड़ी बेटी भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से रेखा को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो गई। एक निजी अस्पताल में रेखा को मृत घोषित किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने अब लोहित को अरेस्ट कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।  

बारिश ने रोकी रफ्तार: हावड़ा स्टेशन पानी में डूबा, मेट्रो पर भी असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें करंट भी उतरने की बात सामने आई है. बिजली का करंट लगने की वजह से अब तक कुल 5 लोगों की मौत हुई है. पिछले 6 घंटों में शहर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है. इलाकों से पंप के जरिए निकाला जा रहा पानी रात भर हुई भारी बारिश के कारण, महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच जलभराव हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं. दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं कम संख्या में चलाई जा रही हैं. पानी को पंप से बाहर निकाला जा रहा है. मेट्रो रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं. अचानक मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा है और कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है. मेट्रो और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बारिश हुई है. रात भर हुई बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों में पानी भर गया. कई घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया है.  कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुताबिक, गरिया कामदाहरी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्शिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई. कोलकाता में पांच घंटे के अंदर रिकॉर्ड बारिश     कामदहारी-332 मिमी     जोधपुर पार्क- 285 मिमी     कालीघाट- 280.2 मिमी     टैप्सिया- 275 मिमी     बालीगंज- 264 मिमी     चेतला- 262 मिमी     मोमिनपुर- 234 मिमी     चिंगरीहाटा- 237 मिमी     पामर बाज़ार- 217 मिमी     धापा- 212 मिमी     सीपीटी नहर- 209.4 मिमी     उल्टाडांगा- 207 मिमी     कुदघाट- 203.4 मिमी     पागलडांगा (टंगरा)- 201 मिमी     कुलिया (टंगरा)-  196 मिमी     थन्थानिया- 195 मिमी हावड़ा और सियालदह यार्ड और कार-शेड में जलभराव  रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद, हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड, चितपुर उत्तर केबिन, विभिन्न कार-शेड और सियालदह यार्ड के विभिन्न स्थानों पर जलभराव देखा गया. हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है. जमा हुए पानी को निकालने के लिए कई जगहों पर पानी के पंप लगाए गए हैं, लेकिन आस-पास के सिविल क्षेत्र से भी पानी भर जाने के कारण, पानी वापस रेलवे यार्ड में बह रहा है, जिससे और भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं. आज यानी मंगलवार सुबह कुछ उपनगरीय ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया गया और बीच में ही शुरू कर दिया गया.  रेलवे सेवाएं प्रभावित…     सियालदह उत्तर और मुख्य: उपनगरीय खंड में प्लेटफार्म नंबर-7 से आंशिक सेवाएं शुरू हुईं.     13113 यूपी हज़ारद्वारी एक्सप्रेस को कोलकाता से रद्द कर दिया गया है.     13177 सियालदह जंगीपुर एक्सप्रेस को सियालदह से रद्द कर दिया गया है.     सियालदह दक्षिण खंड में जलभराव के कारण ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया गया है.     ट्रैक और चितपुर यार्ड में जलभराव के कारण सर्कुलर रेलवे लाइन पर ट्रेनों का ऑपरेशन स्थगित कर दिया गया है. मौसम विभाग की चेतावनी… भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बुधवार तक पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के आस-पास एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है.

जरूरी सामान की खरीददारी को लेकर हड़कंप, हांगकांग एयरपोर्ट हुआ आज से सील

हांगकांग एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र हांगकांग में आने वाले सुपर टाइफून साओला के कारण हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 36 घंटे के लिए सभी यात्री उड़ानों के लिए बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने यह जानकारी दी।हवाई अड्डा 23 सितंबर शाम 8 बजे (1200 GMT) से  25 सितंबर सुबह 8 बजे  तक बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने प्रभावित यात्रियों से संपर्क करने का भी वादा किया है।  सुपर टाइफून साओला तेज बारिश, मजबूत हवाएँ और खतरनाक परिस्थितियाँ लेकर आने की उम्मीद है। हांगकांग वेधशाला ने बताया कि मौसम में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। मंगलवार को दोपहर में  न्यूनतम स्तर का टाइफून सिग्नल जारी किया गया, जिसे शाम 8 से 10 बजे के बीच दूसरे उच्चतम स्तर तक बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से तेज हवाएँ और तूफानी हालत शहर में पहुंच सकती हैं। समुद्र से आने वाली हवाएँ उच्च इलाकों में हरिकेन जैसी ताकत तक पहुँच सकती हैं। लोग आवश्यक सामान का स्टॉक कर रहे हैं; सुपरमार्केट में लंबी कतारें लग रही हैं, दूध जैसे जरूरी सामान तेजी से बिक रहे हैं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को अपने एयरलाइन से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। उड़ानों की निलंबन केवल सुरक्षा के लिए है ताकि यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ सुरक्षित रहें।  अन्य तैयारियां     आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं।     तूफान के दौरान स्कूल और व्यवसाय बंद रहने की संभावना है।     तूफान के गुजरने के बाद ही हवाई अड्डा सामान्य संचालन फिर से शुरू करेगा।     यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे  अधिकारिक चैनलों और एयरलाइन अपडेट्स  से नियमित जानकारी लेते रहें।  

पाक सेना ने अपने ही नागरिकों पर बरसाए बम, 30 की मौत! भारत-पाक में फर्क नहीं समझ पाई मुनीर की फौज

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बीती रात जो मंजर देखने को मिला, उसने पूरे मुल्क को दहला दिया। तिराह घाटी के मात्रे दारा गांव में आधी रात को जब लोग गहरी नींद में थे, तब आसमान से मौत बरसी। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपने ही नागरिकों पर बम बरसाए – और सुबह जब धुआं छंटा, तो ज़मीन पर सिर्फ लाशें थीं। चारों तरफ चीख-पुकार, जले हुए मकान, और मलबे के नीचे दबे मासूम बच्चों के शव… गांव का हर कोना मानो किसी कब्रिस्तान में तब्दील हो चुका था। 30 से ज़्यादा निर्दोष लोगों की जान चली गई – जिनमें महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। और सबसे चौंकाने वाली बात ये कि यह हमला पाकिस्तान की सेना ने खुद किया – उस "ऑपरेशन" के तहत, जिसे आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया गया, लेकिन निशाना बने सिर्फ आम लोग। एएमयू टीवी की रिपोर्ट – घर बने कब्रगाह एएमयू टीवी ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि खैबर जिले के तिराह इलाके में नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर पाकिस्तानी आर्मी ने हमला किया. धमाकों के बाद कई घर ढह गए. सोते हुए लोग मलबे के नीचे दब गए. हमले के करीब 10 घंटे बाद भी स्थानीय लोग और बचाव दल शवों की तलाश में मलबे को खंगाल रहे थे. सोमवार दोपहर तक राहत और रेस्क्यू का काम जारी था. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.  ‘सेना ने नरसंहार किया’ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा के लोगों ने इस बमबारी को “पाकिस्तानी सेना का क्रूर नरसंहार” करार दिया है. सबसे ज्यादा तबाही मत्रे दारा गांव में हुई. वहां के लोग अब भी सदमे में हैं. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, ये दोनों प्रांत पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. यहां के लोग लंबे समय से सरकार और सेना से नाराज हैं. वजह है अधिकार और संसाधनों पर ज्यादा हक की मांग. इन इलाकों में कई सशस्त्र गुट सक्रिय हैं. वे खुद को आंदोलनकारी कहते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार और सेना उन्हें आतंकवादी बताती है. रात 2 बजे गिराए गए बम घटना तिराह घाटी के पास बसे मात्रे दारा गांव की है। रात करीब दो बजे, जब लोग नींद में थे, तभी पाकिस्तान की वायुसेना ने चीन में बने JF-17 थंडर फाइटर जेट से कम से कम 8 LS-6 बम बरसाए। पूरा इलाका धमाकों से दहल उठा और कई घर मलबे में तब्दील हो गए। मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सेना की दोहरी नीति यह घटना पाकिस्तान की दोहरी नीति को उजागर करती है. एक ओर पाकिस्तानी सरकार और सेना खैबर पख्तूनख्वा में जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में रैली और भर्ती अभियान चलाने देती है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष नागरिकों के घरों पर बम बरसाती है. पिछले हफ्ते ही खबर सामने आई थी कि पाकिस्तान पुलिस की निगरानी में जैश-ए-मोहम्मद का एक बड़ा मजमा आयोजित किया गया था. आतंकवादियों को पनाह पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को पनाह देती है, उन्हें पालती-पोसती है, और निर्दोष नागरिकों के खून से अपने गुनाहों को ढकने की कोशिश करती है. अब यह हकीकत छिपी नहीं है कि इस्लामाबाद के हुक्मरान और रावलपिंडी की फौज आतंकवाद की जननी और इंसानियत की दुश्मन है. मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी सबसे चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान में लगातार हो रहे इन हवाई हमलों और आम नागरिकों की हत्याओं पर न तो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (Human rights violation in Pakistan) कोई प्रतिक्रिया दे रहे हैं और न ही संयुक्त राष्ट्र इस विषय पर कोई संज्ञान ले रहा है. यह एक खतरनाक संकेत है कि जब एक परमाणु शक्ति संपन्न देश अपने ही नागरिकों के खिलाफ हवाई हमले करता है और दुनिया चुप रहती है. सबसे क्रूर उदाहरण यह घटना पाकिस्तान और उसके नेतृत्व की दोहरी मानसिकता का सबसे क्रूर (Pakistan Army atrocities) उदाहरण है. एक तरफ जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठन पुलिस की सुरक्षा में रैली करते हैं, और दूसरी तरफ वही सेना अपने ही नागरिकों पर चीनी फाइटर जेट से बम बरसाती है. मुनीर और शहबाज शरीफ का यह कदम न केवल अमानवीय है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकवाद को पालने और उसे अपनी जमीन पर फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. यह पाकिस्तान की बर्बादी की एक और कहानी है, जहां आंतरिक संघर्ष ने उसे खुद ही तबाह कर दिया है. आतंक के नाम पर आम जनता निशाने पर पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि यह एयर स्ट्राइक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का हिस्सा थी। लेकिन स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं कि हमले का शिकार आतंकियों के ठिकाने नहीं, बल्कि आम नागरिकों के घर बने। इस हमले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है? स्थानीय नेताओं ने की निंदा इस बर्बर कार्रवाई पर स्थानीय विधायक इकबाल अफरीदी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "तिराह अकाखेल घाटी में मासूम बच्चों और महिलाओं की शहादत इंसानियत पर सबसे बड़ा धब्बा है। यह क्रूरता बर्दाश्त के बाहर है।" दोहरी नीति की खुली पोल पाकिस्तान की नीति अब किसी से छिपी नहीं है। एक ओर वही सरकार खैबर पख्तूनख्वाह में जैश-ए-मोहम्मद जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में भर्ती अभियान चलाने देती है, तो दूसरी ओर अपने ही निर्दोष नागरिकों पर बम गिराकर खून की होली खेलती है।

PoK के भारत में शामिल होने का ऐतिहासिक मौका, ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पर राजनाथ की चेतावनी

नई दिल्ली भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर का दूसरा या तीसरा चरण कभी भी शुरू हो सकता है। यदि पाकिस्तान ने आतंकी हमले कराने या फिर घुसपैठिये भेजने की हिमाकत की तो भारत दोबारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने से हिचकेगा नहीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK को लेकर भी बड़ी बात कही। राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर एक दिन भारत का हिस्सा बनेगा और इसके लिए जंग की भी जरूरत नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि पाकिस्तानी आतंकियों ने फिर कोई हमला किया तो हम ऑपरेशन सिंदूर तत्काल शुरू करेंगे। राजनाथ सिंह ने यह बताने से इनकार कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर में कितने पाकिस्तानी आतंकी ढेर किए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि हमने आंकड़ा बताया तो लोग खुशी से नाचने लगेंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन पीओके भारत का हिस्सा होगा और उसके लिए जंग की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी का स्तर यह है कि पहलगाम आतंकी हमले के अगले ही दिन एक मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, रक्षा सचिव, तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मौजूद थे। इस दौरान मैंने पूछा कि क्या अभी जंग छिड़ जाए तो हम उसके लिए तैयार हैं। इस पर सभी सेना प्रमुखों ने कहा कि हम एकदम तैयार हैं। किसी भी वक्त जंग शुरू की जा सकती है। डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि इसके बाद मैं अगले दिन पीएम नरेंद्र मोदी से मिला। उन्होंने मीटिंग के दौरान तीन सेनाओं को अधिकृत किया कि वे जैसा चाहें ऐक्शन ले सकते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इसके बाद क्या हुआ, यह हम जानते ही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इसके अलावा जैश-ए-मोहम्मद के ही एक आतंकी सरगना ने माना कि इन हमलों में मसूद अजहर का परिवार ही मारा गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अंतर यह है कि वे धर्म देखकर हमले करते हैं, लेकिन हमारी तरफ से ऐसा नहीं किया जाता। हम आतंकियों को टारगेट करते हैं।

समुद्री सुरक्षा पर जोर: एडमिरल दिनेश त्रिपाठी श्रीलंका की 4 दिन की यात्रा पर

नई दिल्ली नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी श्रीलंका की 4 दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। ये यात्रा 22 सितंबर से 25 सितंबर 2025 तक चलेगी। यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है, जिसका मुख्य उद्देश्य नौसेना सहयोग को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोगात्मक पहलों को बढ़ावा देना है। इस यात्रा के दौरान दिनेश के त्रिपाठी श्रीलंका के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे और 12वें गॉल संवाद 2025 में भी भाग लेंगे। श्रीलंका के प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात इस यात्रा के दौरान नौसेना प्रमुख श्रीलंका के प्रधानमंत्री डॉ हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात करेंगे और रक्षा सहयोग के व्यापक मामलों पर तीनों सेना प्रमुखों और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे, जिसमें समुद्री सुरक्षा, क्षमता संवर्धन, प्रशिक्षण और सहयोग को मजबूत करने के अवसरों की पहचान पर जोर दिया जाएगा। वह कोलंबो में ‘बदलती गतिशीलता के तहत हिंद महासागर का समुद्री परिदृश्य’ विषय पर आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सम्मेलन गॉल संवाद 2025 के 12वें संस्करण में भी भाग लेंगे। दोनों देशों के बीच मजबूत होंगे रिश्ते एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की ये यात्रा दोनों देशों के बीच के संबंधों को मजबूत करेगी और समुद्री हितों के प्रमुख क्षेत्रों में बेहतर समझ का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारतीय नौसेना रक्षा वार्ता, स्टाफ वार्ता और अन्य परिचालनात्मक वार्ताओं के माध्यम से श्रीलंकाई नौसेना के साथ नियमित रूप से बातचीत करती है। इसमें श्रीलंका-भारत नौसेना अभ्यास, जलमार्ग अभ्यास, प्रशिक्षण और हाइड्रोग्राफी आदान-प्रदान शामिल है। कितनी मजबूत है भारतीय नौसेना? भारतीय नौसेना विश्व की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में से एक है और हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है। इसकी ताकत को विभिन्न पहलुओं जैसे जहाजों की संख्या, तकनीकी क्षमता, प्रशिक्षण, और रणनीतिक स्थिति के आधार पर मापा जा सकता है। INS अरिहंत के साथ, भारत ने समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता हासिल की है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (जमीन, समुद्र, और हवा से प्रक्षेपित) और अन्य मिसाइलें जैसे बराक-8 (हवाई रक्षा) नौसेना की मारक क्षमता को बढ़ाती हैं। इसके अलावा भारत ने स्वदेशी जहाज निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति की है। INS विक्रांत, कोलकाता-क्लास विध्वंसक, और कलवरी-क्लास पनडुब्बियां इसका उदाहरण हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का स्वदेशी मंत्र: अब पैसों से नहीं, पसीने से होगी असली पहचान!

नई दिल्ली ‘मेरी स्वदेशी की व्याख्या बहुत सिंपल है. पैसा किसका लगता है, उससे लेना-देना नहीं है.  डॉलर है, पाउंड है… वह करेंसी काली है या गोरी है, मुझे लेना-देना नहीं है. लेकिन जो प्रोडक्शन है उसमें पसीना मेरे देशवासियों का होगा. जो प्रोडक्शन होगा, उसमें महक मेरे देश की मिट्टी की होगी.’ मोदी ने पिछले दिनों गुजरात में मारुति सुजुकी ई-विटारा इलेक्ट्रिक एसयूवी और हाइब्रिड बैटरी यूनिट का उद्घाटन करते हुए जब स्वदेशी की इस तरह व्याख्या की तो कई बातें स्पष्ट हो गईं. पीएम के बयान से यह साफ हो गया कि सरकार के स्वदेशी का दायरा इसके परंपरागत परिभाषा से कहीं व्यापक और वृहद है. रविवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में PM  नरेंद्र मोदी ने फिर से स्वदेशी मंत्र का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता को जैसे स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली, वैसे ही देश की समृद्धि को भी स्वदेशी के मंत्र से ही शक्ति मिलेगी.  हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा किआज जाने-अनजाने हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी विदेशी चीजें जुड़ गई हैं, हमें पता तक नहीं है. हमारे जेब में कंघी विदेशी है कि देसी है, पता ही नहीं है. हमें इनसे भी मुक्ति पानी होगी.   उन्होंने 'मेक इन इंडिया' पर जोर देते हुए कहा कि हम वो सामान खरीदें, जो मेड इन इंडिया हो, जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी हो, हमारे देश के बेटे बेटियों का पसीना हो. उन्होंने कहा कि ये हर भारतीय का मिजाज़ बनना चाहिए. स्वदेशी का विचार सहज भाषा में कहें तो स्वदेशी का अर्थ है "अपने देश का" या अपने देश में निर्मित वस्तुएं, सेवाएं और देश में पैदा हुए और फले-फूले विचार. स्वदेशी का कॉन्सेप्ट भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था. इसका उद्देश्य विदेशी (विशेषकर ब्रिटिश) वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना था. तब महात्मा गांधी स्वदेशी के ब्रैंड एम्बेसडर थे.    आधुनिक संदर्भ में स्वदेशी का मतलब स्थानीय उत्पादों, प्रौद्योगिकी और संसाधनों को प्राथमिकता देना है ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और विदेशी निर्भरता कम हो.    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और स्वदेशी जागरण मंच जैसे संगठन परंपरागत रूप से स्वदेशी को राष्ट्रीय गौरव और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक मानते हैं. इनका तर्क है कि स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार बढ़ेगा.    कुछ साल पहले तक तो संघ और स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी को विदेशी कंपनियों की "आर्थिक गुलामी" से बचने का उत्तर मानते थे. ये संगठन  विदेशी निर्भरता कम करने और संरक्षणवादी नीतियों को अपनाने की वकालत करते हैं.    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 की कोरोना संकट के दौरान स्वदेशी के पुश पर जोर दिया था.    PM मोदी ने 12 मई को "आत्मनिर्भर भारत अभियान" की घोषणा की थी. जिसमें स्वदेशी को आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बताया गया था.    इसका फोकस स्थानीय विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और विदेशी आयात से निर्भरता कम करना था. इसी दौरान पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल का नारा दिया. इसका मतलब था कि भारतीयों को स्थानीय उत्पाद, लोकल सामान के बारे में खुलकर बात करना चाहिए और इसका प्रचार करना चाहिए.   यह पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता था.    इसी दौरान पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने MSME, कृषि, और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन शुरू किए. रक्षा में 101 आयात वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया. स्वदेशी को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ा   आगे के वर्षों में पीएम मोदी ने स्वदेशी को केवल स्थानीय उत्पादों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भूमिका से जोड़ा. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जो नारा दिया गया उसी का नाम है, "मेक इन इंडिया, और मेक फॉर द वर्ल्ड" का नारा.    पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया का नारा दिया तो निश्चित रूप से ये विदेशी पूंजी के स्वागत का न्योता था. दरअसल मेक इन इंडिया स्वदेशी और वैश्वीकरण का मिश्रण है, जो विदेशी पूंजी को आकर्षित कर भारत को मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार का हब बनाता है. यह भारत की आर्थिक और रणनीतिक शक्ति को मजबूत करने की घोषणा है. पैसा किसका लगता है, कौन सा देश लगाता है, बड़ी बात नहीं    यही वजह है कि पीएम मोदी ने अहमदाबाद में साफ कह दिया है कि स्वदेशी प्रोडक्शन में पैसा किसका लगता है, कौन सा देश लगाता है, ये बड़ी बात नहीं है. जो बड़ी बात है वो यह है कि प्रोडक्शन भारत भूमि में हो और इसका लेबर भी भारत से आए.    लेकिन सवाल है कि स्वदेशी को लेकर उस संगठन का क्या कहना है जो भारत में इसके पक्ष में सबसे बड़ा आंदोलन चलाता है. स्वदेशी जागरण मंच भारत में स्वदेशी आंदोलन की बड़ी ताकत है.    स्वदेशी को समझाते हुए स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन कहते हैं कि इस टर्म को बहुत हद तक बदनाम किया गया और स्वदेशी की जो परिभाषा को जिस तरह से महात्मा गांधी ने समझाया उसके अनुसार स्वदेशी का अर्थ है अपने आस-पास के परिवेश के साजो-सामान का इस्तेमाल करना. उससे सामान बनाना और श्रेष्ठता लाना और अगर उसमें कुछ कमी हो तो उसको ठीक करना.    स्वदेशी आंदोलन में विदेशी सहयोग को स्वीकार करने की बात करते हुए अश्विनी महाजन ने आजतक डॉट इन से कहा, "स्वदेशी का मतलब कोई विदेशों से कटना नहीं है. विदेशों से संबंध नहीं रखना इसका मतलब स्वदेशी नहीं है. विदेशों से सामान नहीं खरीदना-बेचना स्वदेशी नहीं है, ये तो ऑटर्की (Autarky) है. स्वदेशी एक सकारात्मक विचार है." आजादी के समय स्वदेशी में बहिष्कार के कॉन्सेपट को समझाते हुए उन्होंने कहा कि ये उस काल की एक खासियत थी.    आधुनिक अर्थ में स्वदेशी को समझाते हुए उन्होंने कहा कि, "पीएम मोदी ने पहले मेक इन इंडिया कहा, फिर आत्मनिर्भर भारत कहा, फिर अब स्वदेशी की बात की. ये सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और परिस्थितियों के हिसाब से हम स्वदेशी को चुनते हैं." स्वदेशी को बदनाम किया गया   स्वदेशी जागरण मंच … Read more