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यूक्रेन ने थामा भारत का हाथ, ज़ेलेंस्की बोले- मोदी दुनिया में शांति ला सकते हैं

यूक्रेन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश के स्वतंत्रता दिवस पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंगलवार को आभार व्यक्त किया और कहा कि कीव को रूस के साथ युद्ध समाप्त कराने संबंधी ‘‘भारत के योगदान'' पर भरोसा है। जेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यूक्रेन ‘‘शांति और संवाद'' के प्रति भारत के समर्पण की सराहना करता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अब, जब पूरी दुनिया इस भयानक युद्ध को गरिमामय तरीके से और स्थायी शांति के साथ समाप्त कराने का प्रयास कर रही है, हमें भारत के योगदान पर भरोसा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘कूटनीति को मजबूत करने वाला प्रत्येक निर्णय न केवल यूरोप में, बल्कि हिंद-प्रशांत और उससे परे भी बेहतर सुरक्षा की ओर ले जाता है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने 16 अगस्त को यूक्रेन के लोगों के लिए शांति और प्रगति से भरे भविष्य की कामना की तथा स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के लिए ज़ेलेंस्की को धन्यवाद दिया था। इससे पहले जेलेंस्की ने 15 अगस्त को भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी थीं और कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों में भारत योगदान देगा। 

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की सख्ती, मतदाता सूची पर मांगे जवाब

नई दिल्ली  बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) को लेकर मचे शोर-शराबे के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को जनता की अदालत का रुख करते हुए देश के हरेक नागरिक से पांच सवाल पूछे हैं और विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग मांगा है। आयोग की तरफ से जारी किए गए इन सवालों का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। आयोग ने लोगों से कहा है कि अगर वे आयोग के सवालों से सहमत हैं तो इस विशेष पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करें। आयोग ने जो पांच अहम सवाल हरेक मतदाता से पूछे हैं, वो इस प्रकार हैं: 1. क्या मतदाता सूची की गहन जाँच होनी चाहिए या नहीं? 2. क्या दिवंगत लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? 3. अगर किसी का नाम मतदाता सूची में दो या अधिक स्थानों पर है, तो क्या उसे केवल एक ही स्थान पर रखा जाना चाहिए या नहीं? 4. क्या उन लोगों के नाम हटाए जाने चाहिए जो दूसरी जगह चले गए हैं? 5. क्या विदेशियों के नाम हटाए जाने चाहिए या नहीं? आयोग का साथ देने का आह्वान आयोग ने कहा है कि अगर आपका उत्तर "हाँ" है, तो मतदाता सूची को शुद्ध करने के इस कठिन कार्य में चुनाव आयोग की सफलता में योगदान दें। इस बीच, चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पिछले छह महीने में सभी दलों के साथ संवाद की नयी व्यवस्था के साथ 28 ठोस कदम उठाए गए हैं जिससे बिहार में सूची की सफाई का काम सहज ढंग से चल रहा है। राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोग ने पिछले छह महीने से राजनीतिक दलों के साथ उप-मंडल, जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ व्यवस्थित बैठक का कार्यक्रम चलाया है। मार्च में सभी राज्यों में उप-मंडल पर मतदाता-पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ) से लेकर राज्य स्तर पर मुख्य चुनाव अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के साथ 4719 बैठकें आयोजित की । इनमें विभिन्न दलों के कुल 28,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 40 बैठकें मुख्य चुनाव अधिकारियों ने, 800 जिला निर्वाचन अधिकारियों और 3879 मतदाता पंजीयन ने ली थी। महज 10 दावे और आपत्तियां ही मिलीं आयोग ने यह भी कहा है कि 25 अगस्त की सुबह तक सभी राजनीतिक दलों से प्रारूप नामावली से जुड़े महज 10 दावे और आपत्तियां ही आयोग को प्राप्त हुई हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि सभी 10 दावे और आपत्ति क्षेत्रीय पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) के बीएलओ के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। आयोग के सूत्रों ने कहा कि आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया जारी है। आयोग ने सकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी है। आयोग ने ये भी कहा है कि बिहार में SIR के तहत मतदाता सूची के संशोधन में लोगों के नाम हटाने और योग्य मतदाताओं के नाम शामिल करने का आवेदन देने के लिए सिर्फ पांच दिन बचे हैं लेकिन राजनीतिक दल आपत्तियां दर्ज कराने में नदारद रहे हैं।  

कर्मचारियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आउटसोर्सिंग पर जताई चिंता

नई दिल्ली  सरकार संवैधानिक नियोक्ता है और वह आउटसोर्सिंग पर लोगों को नौकरी पर रखकर शोषण नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय तक एडहॉक पर रखने के बाद कर्मचारियों को नियमित रोजगार न देने और आर्थिक तंगी का हवाला देने पर यह बात कही। बेंच ने ऐतिहासिक निर्णय में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संस्थान वित्तीय तंगी या रिक्तियों की कमी जैसे बहाने बनाकर लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमितीकरण और वेतन में समानता से वंचित नहीं कर सकते। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा दायर अपील पर सुनाया। इन कर्मचारियों का कहना था कि हम सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन हमें नियमित करने से सरकार ने इनकार कर दिया है। इसके अलावा वेतन भी हमें बहुत कम मिल रहा है, जबकि इसी पद के नियमित कर्मचारियों का वेतन कहीं ज्यादा है। बेंच ने कहा कि आउटसोर्सिंग एक ढाल नहीं बन सकती, जिसका इस्तेमाल करते हुए स्थायी कार्यों में लगे कर्मचारियों को उचित वेतन और नौकरी से वंचित रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य (संघ और राज्य सरकारें)कोई प्राइवेट कंपनियों की तरह मार्केट प्लेयर नहीं हैं बल्कि संवैधानिक नियोक्ता हैं। उन्हें फंड की कमी जैसी बात उन लोगों के लिए नहीं करनी चाहिए, जो सरकार के बुनियादी और जरूरी कामों को अंजाम दे रहे हैं। बेंच ने कहा कि यदि कोई काम लगातार चल रहा है तो फिर संस्थान को उसके संबंध में पद भी निकालने चाहिए और लोगों को नियमित भर्ती देनी चाहिए। दरअसल उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने खुद को नियमित किए जाने की अपील कमिशन से की थी। इस अपील को खारिज कर दिया गया और कहा गया कि फंड की कमी है। इसी के खिलाफ वकील श्रीराम पाराक्कट के माध्यम से इन कर्मचारियों ने शीर्ष अदालत का रुख किया। इस पर बेंच ने सरकारी संस्थानों को नसीहत दी है। जस्टिस नाथ ने अपने फैसले में लिखा कि यदि लंबे समय तक चलने वाले नियमित कामों में अस्थायी कर्मचारियों को रखा जाता है तो इससे लोक प्रशासन में भरोसा भी कम होता है। इसके अलावा समानता के अधिकार और उसके संरक्षण के वादे का भी हनन होता है। बेंच ने कहा कि संस्थानों को यह भी बताना चाहिए कि नियमित कामों के लिए भी वे पद मंजूर ना करते हुए क्यों अस्थायी कर्मचारी रख रहे हैं। बेंच ने कहा कि असुरक्षा के दायरे में रहते हुए आखिर कोई कब तक नौकरी कर सकता है। अदालत ने कहा कि एडहॉक व्यवस्था तब चलती है, जब पारदर्शिता की कमी हो जाती है।  

भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू में तबाही, अर्धकुवारी के पास यात्रा ट्रैक बंद

कटरा  जम्मू में लगातार तीसरे दिन बारिश से हालात बद्तर होते जा रहे हैं. डोडा में बादल फटने की घटना से भी भारी तबाही हुई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण 10 से ज्यादा मकान तबाह हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल है. इसी के चलते वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित बता दें कि डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने से भारी तबाही हुई. गनीमत ये है कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. वहीं, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित कर दिया गया. जम्मू की लगभग सभी नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं. रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पहाड़ियों से पत्थर गिरने के बाद आज सुबह एहतियात के तौर पर 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया. बारहमासी राजमार्ग पर रोकी गई आवाजाही देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एकमात्र बारहमासी राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही जम्मू के उधमपुर और कश्मीर के काजीगुंड में रोक दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि मोधोपुर बैराज का जलस्तर एक लाख क्यूसेक के स्तर को पार कर गया है और लगातार बढ़ रहा है, जिससे कठुआ जिले में रावी नदी के किनारे कई निचले इलाकों में भारी बाढ़ आ गई है. कठुआ में तराना नदी, उज्ह नदी, मग्गर खाद, सहार खाद, रावी नदी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर एक साथ बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है. तवी नदी उधमपुर जिले में 20 फुट खतरे के निशान को पार कर गई है, जबकि जम्मू में यह फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही है. चेनाब नदी भी जम्मू में चेतावनी स्तर के करीब बह रही है. 27 अगस्त तक के लिए अलर्ट मौसम पूर्वानुमान में 27 अगस्त तक जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की संभावना जताई गई है. हाईवे बहा, इमारतें-दुकानें ढहीं, फुट ब्रिज भी नदी में समाया… कुल्लू-मनाली में बारिश का रौद्र रूप हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं. व्यास नदी में आए उफान ने यहां के कई इलाकों को प्रभावित किया है. कुल्लू-मनाली एनएच3 का लगभग 3 किलोमीटर बड़ा हिस्सा बह गया है. नदी का रुख अब एनएच की तरफ मुड़ गया है, जिससे सड़क के साथ बने एक निजी होटल को भी खतरा पैदा हो गया है. मनाली के बाहंग क्षेत्र में एक और दो मंजिला इमारत पानी की भेंट चढ़ गई. लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थिति और बिगड़ती जा रही है. इससे पहले सुबह यहां 2 रेस्टोरेंट और 2 दुकानें भी गिर चुकी थीं. अब व्यास नदी के जलस्तर बढ़ने से एक और दो मंजिला इमारत धराशायी हो गई. दवाड़ा के पास ब्यास नदी पर बना फुट ब्रिज भी नदी की तेज लहरों में समा गया. यह पुल लारजी पावर हाउस के नदी के दूसरे छोर पर बने भवन तक जाने का साधन था. जल स्तर बढ़ने के कारण पानी पुल तक पहुंच गया और कुछ ही देर में पूरा फुट ब्रिज धराशायी हो गया. ब्यास नदी का पानी अब हाईवे तक आ पहुंचा है. दवाड़ा के पास नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया है. प्रशासन का कहना है कि नदी के जल स्तर में यह बढ़ोतरी लारजी पावर हाउस के लिए भी खतरा पैदा कर रही है. वर्ष 2023 में भी यहां कुछ ऐसे ही हालात बने थे, जब पावर हाउस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस बार भी खतरा बना हुआ है. पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) ने पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोल दिए हैं. डैम से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक होने के कारण बग्गी टनल के लिए जाने वाली सप्लाई को रोकना पड़ा है, जिससे विद्युत उत्पादन भी बंद हो गया है. बीबीएमबी ने बताया कि ब्यास नदी में जो भी पानी आ रहा है, उसे सीधे नदी में ही छोड़ा जा रहा है. पानी के फ्लो को देखते हुए डैम की फ्लशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्यास नदी और अन्य नदी-नालों के पास न जाएं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से 27 अगस्त सुबह तक पंडोह डैम की फ्लशिंग जारी रहेगी. इस दौरान लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है. लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और नदी के उफान से कुल्लू-मनाली क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन ब्यास नदी के तेज बहाव ने खतरा और बढ़ा दिया है.

मनाली में बाढ़ का कहर, कुल्लू-मनाली-लेह NH-3 यातायात के लिए बंद

मनाली.  हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर चलातार जारी है. मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट के बाद मनाली में बीती रात को भारी बारिश हुई और अब भी जारी है. ऐसे में ब्यास नदी चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर बहने लगी थी. बीती रात को लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ब्यास नदी का पानी आलू ग्राउंड तक सड़क पर आ गया और आलू ग्राउंड, वॉल्वो बस स्टैंड, ग्रीन टैक्स बैरियर डूब गए. मनाली में प्रशासन ने मंगलवार के लिए स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है. उधर, बाहंग क्षेत्र के किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है. उधर, मनाली के बाहंग में कुछ दुकानें, और शेरे-ए-पंजाब होटल और घर नदी में बह गया है. बीती रात को ब्यास नदी के ऊफान में कैफे का केवल गेट ही बचा, बाकी सामान सहित सब कुछ बह गया. इसके साथ में शेड्स भी नदी में बह गए हैं. जानकारी के अनुसार, रात को आलू ग्राउंड में सब्ज़ी मंडी किसान भवन (एपीएमसी बिल्डिंग) में एपीएमसी का एक कर्मचारी दीप चंद (36, निवासी कटराई, कुल्लू भवन में फंस गया था. ब्यास नदी का पानी भवन के दोनों ओर भर गया, जिससे वह बाहर नहीं निकल पाया और बाद में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. फिर हाइड्रा क्रेन और स्थानीय कर्मचारियों की मदद से दीप चंद को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसी बीच मनाली-केलांग-लेह मार्ग पर समाहन के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है. भूस्खलन और कटाव से कई जगहों पर यातायात बाधित हुआ है. प्रशासन ने कहा कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है. मनाली में ब्यास नदी की तबाही से लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी किनारे न जाएं और सावधानी बरतें. मनाली में होटल में फंसे ओम ठाकुर ने बताया कि वह टूअर लेकर स्पीति गए थे और फिर लौटते हुए तीन दिन से मनाली में फंसे हुए हैं. बीती रात से ही मनाली में बारिश हो रही है और ब्यास नदी पूरे ऊफान पर है. उधर, मनाली में ब्यास नदी के उफान और लगातार भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. मनाली–कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) ढँकार के पास क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. वहीं मनाली से कुल्लू तक राइट बैंक मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही रुक गई है. प्रशासन ने वाहनों को रायसन से लेफ्ट बैंक मार्ग होकर मनाली की ओर भेजना शुरू किया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मनाली के कई इलाक़ों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएँ सामने आई हैं. कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पूर्व मंत्री और विधायक गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते मनाली लेह सड़क समाहण के पास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. वहीं, ओल्ड मनाली से बुरुआ सड़क संपर्क मार्ग भी टूट चुका है. अभी मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ स्थिति का जायजा लिया।व्यास नदी और मनालसु नाले का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ हुआ है. मेरी सभी लोगों से अपील है कि नदी-नालों के पास न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें. माता हिडिंबा सबकी रक्षा करें. पानी की सप्लाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित मनाली में पानी की सप्लाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. नगर का मेन डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण मनाली शहर में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी. प्रशासन ने जानकारी दी है कि बहाल करने का काम तभी शुरू किया जाएगा जब मनालसु नाले का जलस्तर कम होगा. पुरानी मनाली पंपिंग स्टेशन पर हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है. जल विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पानी का इस्तेमाल बेहद सावधानी और संयम के साथ करें, ताकि इस आपात स्थिति से निपटा जा सके. 2023 की याद दिलाने लगी ब्यास गौरतलब है कि 2023 में भी मनाली में भंयकर बारिश हुई थी और इस वजह से ब्यास नदी हाईवे पर आ गई थी. इस दौरान कुल्लू से मनाली तक ब्यास ने हाईवे को क्षति पहुंचाई थी.

गिरफ्तारी के डर से कानून अवैध नहीं, PM-CM हटाने वाले बिल में सरकार के पक्ष में रोहतगी

नई दिल्ली सीनियर वकील और भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने गिरफ्तार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को उनके पद से हटाने से जुड़े बिल पर सरकार का बचाव किया है. उन्होंने कहा है कि दुरुपयोग की आशंका किसी कानून को अवैध नहीं बनाती है. विशेष साक्षात्कार में उन्होंने इन विधेयकों को देश की राजनीति और राजनेताओं को शुद्धिकरण का प्रयास बताया और कहा कि इस कानून का विरोध करना “राई का पहाड़ बनाने” के समान है.  रोहतगी ने कहा, "दुरुपयोग की आशंका कानून को अमान्य नहीं बनाती. इसे कानून द्वारा स्थापित किया जा चुका है, अब अगर यह पाया जाता है कि कुछ मामलों में सत्तारूढ़ सरकार विपक्षी मंत्रियों को जेल वगैरह में डालने की कोशिश कर रही है, तो फिर आपके पास अदालतें तो हैं न? आप अदालत जा सकते हैं और अदालत आपको जमानत दे देती है." जब उनसे विपक्ष के इस तर्क के बारे में पूछा गया कि यह विधेयक कुचलने वाला है, तो उन्होंने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पद से हटाया जाना अस्थायी है और व्यक्ति जमानत पर रिहा होने पर फिर से पदभार ग्रहण कर सकता है. उन्होंने कहा, "मेरी पहली राय यह है कि यह कानून इस देश की राजनीति में शुचिता बहाल करने और भ्रष्ट राजनेताओं को दूर करने का प्रयास है. उन्होंने आगे कहा, "अब यह स्पष्ट है कि यह अकल्पनीय है कि कोई सरकार जेल से चलाई जा सकती है, वह भी एक महत्वपूर्ण मंत्री द्वारा. इसलिए, यह कानून स्वागत योग्य है." उन्होंने कहा, "इसमें बहुत ज्यादा हल्ला-गुल्ला है और मुझे नहीं लगता कि यह कोई क्रूर विधेयक है. मेरा मतलब है कि यह राई का पहाड़ बनाने जैसा है." रोहतगी ने बताया कि नया कानून वास्तव में किसी आरोपी को कानूनी लड़ाई में सशक्त बना सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि 30-दिन का नियम "उनके हाथ में एक हथियार होगा जिससे वे अदालत से जल्द से जल्द मामले पर विचार करने का अनुरोध कर सकेंगे" और जमानत प्रक्रिया में तेजी ला सकेंगे बजाय इसके कि जमानत प्रक्रिया में कई महीने लगें. उन्होंने आगे कहा, "एक बार यह 30-दिन का नियम लागू हो जाने के बाद संबंधित अदालत से संपर्क करना और मामले का जल्द से जल्द निपटारा करने का अनुरोध करना उचित होगा ताकि 30-दिन की समय सीमा पार न हो. वास्तव में इससे अदालत तक पहुंचने में तेजी आएगी, बजाय इसके कि जमानत प्रक्रिया महीनों यहां तक कि छह से आठ महीनों तक खिंच जाए." मुकुल रोहतगी ने इस तर्क का भी जवाब दिया कि यह बिल 'दोषी सिद्ध होने तक निर्दोष' के सिद्धांत का खंडन करता है, उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में ये एक बुनियादी खामी तो है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सजा होने में 10 से 20 साल तक लग सकता है और इस दौरान एक व्यक्ति राजनीति में सक्रिय रह सकता है.  उन्होंने कहा, "हमारे देश में समस्या यह है कि दोषसिद्धि में 10 साल लग जाते हैं और चुनाव लड़ने की अयोग्यता भी दोषी साबित होने पर ही आधारित होती है. इसलिए 10 से 20 साल तक आप सक्रिय राजनीति में बने रह सकते हैं." वरिष्ठ वकील रोहतगी ने कहा कि मौजूदा बहस आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन पर केंद्रित होनी चाहिए.

ट्रंप ने कोरियाई राष्ट्रपति के सामने जताई ताकत, कहा- चीन को बर्बाद करने की क्षमता है

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग बैठे थे. दक्षिण कोरिया और चीन तगड़े प्रतिद्वंद्वी हैं. इस दरम्यान डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं अगर वे चाहें तो चीन को बर्बाद कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे. ट्रंप ने कहा कि उनके पास ऐसे-ऐसे कार्ड्स जो चीन को तबाह कर सकता है.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका चीन के साथ "बेहतरीन संबंध" बनाए रखेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह ऐसे कदम नहीं उठाएंगे जो इस देश को तबाह कर दें. ट्रंप ने कहा, "चीन के साथ हमारे अच्छे संबंध होंगे… उनके पास कुछ कार्ड हैं. हमारे पास तुरुप के कई पत्ते हैं, लेकिन मैं उन कार्डों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता. अगर मैं उन कार्ड्स का इस्तेमाल करता हूं, तो इससे चीन बर्बाद हो जाएगा. मैं उन कार्ड्स का इस्तेमाल नहीं करने वाला." कभी पुचकराना, कभी दुत्कारना ट्रंप की कूटनीति कभी पुचकराने तो कभी दुत्कारने की रही है. समय-समय पर वे इसका इस्तेमाल करते रहते हैं. ट्रंप ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि चीन को अपना मैग्नेट अमेरिका को देना ही पड़ेगा. अगर चीन ऐसा नहीं करता है कि उसे 200 फीसदी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.  यहां मैग्नेट का अर्थ 'रेयर अर्थ मैग्नेट' या 'रेयर अर्थ एलिमेंट'से है.  ये मैग्नेट उच्च-तकनीकी और औद्योगिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण घटक हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन मोटर, पवन टर्बाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मिसाइल मार्गदर्शन प्रणाली जैसी रक्षा प्रणालियां शामिल हैं. चीन दुर्लभ 'रेयर अर्थ एलिमेंट' वैश्विक आपूर्ति में अग्रणी है, और दुनिया के लगभग 90% दुर्लभ रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन करता है. गौरतलब है कि जब से अमेरिका चीन पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहा है तब चीन ने भी रेयर अर्थ एलिमेंट के निर्यात को कंट्रोल कर दिया है. चीन ने इसे एक्सपोर्ट कंट्रोल की सूची में डाल दिया है इससे अमेरिका को इसका निर्यात बंद हो गया है और अमेरिका उद्योग प्रभावित हुए है.  उनके पास रेयर अर्थ है, हमारे पास टैरिफ राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर इस महत्वपूर्ण मैटेरियल की सप्लाई के लिए दबाव डालते हए कहा, "लेकिन हमारे पास टैरिफ जैसी बहुत शक्तिशाली चीज है. अगर हम 100% या 200% टैरिफ लगाना चाहें, तो हम चीन के साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे. और अगर ऐसा करना पड़ा तो भी ठीक होगा. लेकिन जहां तक मैग्नेट की बात है हमारे पास उनके लिए बहुत शक्ति है, और उनके पास भी हमारे खिलाफ कुछ शक्ति है." राष्ट्रपति ट्रंप ने मैग्नेट को लेकर आगे का प्लान बताते हुए कहा कि हमारे पास बहुत सारे मैग्नेट होंगे. वास्तव में इतने ज्यादा होंगे कि हमें समझ नहीं आएगा कि उनके साथ क्या करना है. मैग्नेट की कहानी बहुत दिलचस्प है. यह इसलिए हुआ क्योंकि हमारे राष्ट्रपति बिजनेसमैन नहीं थे, इसलिए उन्होंने ऐसा होने दिया, जो नहीं होना चाहिए था.  उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास बहुत बेहतर और बड़े विकल्प हैं. फिर भी मेरा मानना है कि हमारा चीन के साथ अच्छा रिश्ता है. मैंने हाल ही में राष्ट्रपति शी से बात की थी, और इस साल या उसके बाद, हम शायद चीन जाएंगे और वहां कुछ शानदार देखेंगे. यह एक महान देश है." बता दें कि अभी अमेरिका चीन से आने वाले अधिकांश वस्त्रों पर औसतन 145% टैरिफ वसूल रहा है, जबकि चीन अमेरिका से आयात होने वाली अधिकांश वस्तुओं पर 125% टैरिफ लगा रहा है.  अमेरिका ने अपने सुरक्षा, ड्रग तस्करी (फेंटेनल) और तकनीकी हितों के चलते टैरिफ बढ़ाए हैं, जिससे व्यापक तौर पर चीनी सामान पर 145% तक का टैरिफ लागू है. चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी सामानों पर टैरिफ 125% तक बढ़ा दिए हैं, खासकर एग्रीकल्चर, ऑटो पार्ट्स और हाई-टेक प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाए हैं. 

लिंकिंग नहीं की तो बढ़ेगी दिक्कत: DL/RC को आधार–फोन से जोड़ने के आसान कदम

नई दिल्ली क्या इन दिनों आपको भी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से कोई एसएमएस प्राप्त हुआ है, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने के लिए कहा गया हो? दरअसल केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इस तरह की अपील लोगों से की जा रही है कि वह अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करें। ऐसा करने के लिए parivahan.gov.in की मदद लेने के लिए कहा गया है। लोगों से ऐसा करने को इसलिए कहा जा रहा है ताकि वह परिवहन से जुड़ी सर्विस का लाभ बिना रुकावट के लेते रहें। चलिए डिटेल में समझते हैं कि आखिर इस मैसेज के क्या मायने हैं और आप किस तरह से घर बैठे अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक कर सकते हैं? क्या कहा गया है मैसेज में? दरअसल जिन भी लोगों के पास गाड़ी या ड्राइविंग लाइसेंस हैं उन्हें केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एक मैसेज भेजा जा रहा है कि वह अपने रजिस्टर्ड वाहन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन प्रोसेस के जरिए मोबाइल नंबर को लिंक करें। इस एडवाइजरी के मुताबिक रजिस्टर्ड वाहनों को मोबाइल नंबर से लिंक करना और आधार नंबप से ऑथेंटिकेट करना जरूरी होगा। मैसेज में इस काम के लिए parivahan.gov.in की मदद लेने के लिए कहा गया है। बता दें कि इस सरकारी पोर्टल पर वाहन और सारथी नाम से दो QR कोड दिए गए हैं, जिनके जरिए यह काम किया जा सकता है। बता दें कि अब परिवहन या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी किसी भी सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन करवाना जरूरी कर दिया गया है। वाहन के लिए मोबाइल नंबर ऐसे करें अपडेट अपना मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए आपको parivahan.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद:     ​Update Mobile Number via Aadhaar के ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद आप से वाहन या ड्राइविंग लाइसेंस की डिटेल्स मांगी जाएंगी। इसमें रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्म की तारीख और चेसिस नंबर जैसी जानकारी शामिल होगी।     इसके बाद आप अपने आधार नंबर के जरिए OTP वेरिफिकेशन करवा कर अपना फोन नंबर अपडेट कर सकते हैं।     इस तरह आपके वाहन के साथ आपका आधार और फोन नंबर अपडेट हो जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मोबाइल नंबर ऐसे करें अपडेट     इसके लिए भी आपको सरकारी पोर्टल parivahan.gov.in पर जाना होगा और सारथी QR कोड स्कैन करना होगा।     इसके बाद आपसे ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी डिटेल्स मांगी जाएंगी। इस जानकारी को ध्यान से और सही-सही उपलब्ध कराना जरूरी है। इसमें आप से डेट ऑफ बर्थ, आपके राज्य का नाम और कैप्चा कोड भरने को कहा जाएगा।     सारी डिटेल भरने के बाद नीचे दिखाई दे रहे सबमिट बटन पर क्लिक करके आप अपने डीएल के लिए मोबाइल नंबर को अपडेट कर पाएंगे।     इस तरह आपके डीएल के साथ आपका फोन नंबर और आधार अपडेट हो जाएगा। क्या है मकसद? सरकार की ओर से यह कदम उन लोगों को पकड़ने के लिए उठाया जा रहा है जो चालान या जुर्माने से बचने के लिए अपना पता और नंबर बदलते रहते हैं। अगर आपने अभी तक इस प्रोसेस को पूरा नहीं किया है, तो इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें। बता दें कि अगर आपका नंबर अपडेट नहीं होगा, तो जरूरी नोटिस या जानकारी आप तक नहीं पहुंच पाएगी। इससे चालान, रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल या अन्य सेवाओं में देरी हो सकती है।

मॉनसून का कहर जारी: अगले 7 दिन कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मॉनसून की बारिश लगातार जारी है। दिल्ली-NCR से लेकर केरल तक और उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश तक भारी बारिश हो रही है। कुछ राज्यों में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति बन गई है। एहतियातन सरकार ने 13 जिलों में आज स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश के अलर्ट के चलते प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले 7 दिन तक भारी बारिश की संभावना है। साथ ही 26 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। दिल्ली-NCR का मौसम दिल्ली-NCR में सुबह से ही कई इलाकों में बारिश हो रही है, जिससे उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने आज हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया है। तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम रह सकता है। यूपी का मौसम पिछले दो दिनों से यूपी में लगातार बारिश हो रही है और मौसम सुहाना बना हुआ है। आज भी प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में बारिश रुकने के बाद दोबारा उमस भरी गर्मी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने बताया है कि 29 और 30 अगस्त को राज्य में फिर से तेज बारिश हो सकती है। बिहार का मौसम बिहार में भी मॉनसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने आज करीब 20 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। पटना, गया, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, जहानाबाद, अरवल, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर और खगड़िया सहित कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद राज्य में मॉनसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। उत्तराखंड और हिमाचल में तबाही उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण कई रास्ते बंद हो गए, जिन्हें प्रशासन ने खोला। मौसम विभाग ने बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, टेहरी और उत्तरकाशी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी दी है।

दूल्हा-दुल्हन को मिले गिफ्ट्स पर लगेगा टैक्स! कितना और कब देना होगा?

नई दिल्ली भारत में शादी-ब्याह और त्योहारों के मौके पर लाखों रुपये के तोहफे और उपहार आम बात है. लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि किसी को शादी में 20 लाख रुपये कैश मिले तो क्या उस पर टैक्स देना होगा. आइए विस्तार से समझते हैं. शादी के तोहफे पर टैक्स: क्या कहता है कानून आयकर अधिनियम 1961 की धारा 56 के अनुसार:     दूल्हा और दुल्हन को शादी के मौके पर रिश्तेदारों और मित्रों से जो भी तोहफा मिलता है, वह टैक्स फ्री होता है.     चाहे वह कैश हो या कोई वस्तु, उस पर टैक्स नहीं लगेगा.     निष्कर्ष: यदि आपको शादी में 20 लाख रुपये कैश मिले हैं, तो इसे आयकर योग्य नहीं माना जाएगा. ध्यान देने योग्य बातें     छूट केवल दूल्हा और दुल्हन के लिए: अगर उनके परिवार को तोहफा मिलता है और उसकी वैल्यू ₹50,000 से ज्यादा है, तो उस पर टैक्स लगेगा.     रिश्तेदारों से उपहार: रिश्तेदारों से मिले तोहफे पर टैक्स नहीं लगता.     गैर-रिश्तेदारों से: 1 साल में ₹50,000 तक का तोहफा भी टैक्स फ्री है.     वसीयत या उत्तराधिकार: इनसे प्राप्त संपत्ति पर भी तुरंत टैक्स नहीं लगता. केवल संपत्ति बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा. ITR में कैसे दिखाएं शादी के उपहार     बड़े तोहफे या कैश लेनदेन को Income from Other Sources में दिखाना चाहिए.     भले ही टैक्स नहीं देना पड़े, लेकिन डिक्लेरेशन देना आवश्यक है.     इससे आयकर विभाग की कार्रवाई से बचा जा सकता है. कैश ट्रांजैक्शन पर विशेष नियम     कैश लेनदेन की सीमा: ₹2,00,000 तक.     ₹2,00,000 से ऊपर कैश ट्रांजैक्शन पर जुर्माना या पेनल्टी लग सकती है.     बेहतर है कि लाखों रुपये का तोहफा बैंक ट्रांसफर या ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त या भेजा जाए. सलाह और टिप्स     शादी में मिले सभी बड़े उपहार बैंक अकाउंट में जमा करें.     कैश लेनदेन का रिकॉर्ड रखें.     ITR फाइल करते समय इसे डिक्लेयर करें, भले ही टैक्स फ्री हो.     यह कदम आपको कानूनी सुरक्षा और भविष्य में विवाद से बचाव प्रदान करेगा.