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रक्षा क्षेत्र में बड़ी सफलता: भारत ने किया एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली का सफल उड़ान परीक्षण

नई दिल्ली भारत ने एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन समेत उद्योग जगत को इसके लिए बधाई दी। जानकारी के मुताबिक, डीआरडीओ ने 23 अगस्त को करीब 12:30 बजे ओडिशा के तट पर एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्ल्यूएस) का पहला उड़ान परीक्षण किया। क्या है एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली या आईएडीडब्ल्यूएस? आईएडीडब्ल्यूएस एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें सभी तुरंत वार या पलटवार करने वाली स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (क्यूआरएसएएम), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) मिसाइलें और एक उच्च शक्ति वाली लेजर-आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) शामिल हैं। 'सफल उड़ान परीक्षण के लिए सभी को बधाई' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ओडिशा के तट पर किए गए IADWS का पहले सफल उड़ान परीक्षण के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'IADWS एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें सभी स्वदेशी त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (QRSAM), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) मिसाइलें और एक उच्च शक्ति लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW) शामिल हैं।' 'क्षेत्रीय रक्षा को मजबूत करेगा IADWS' उन्होंने आगे लिखा, 'मैं IADWS के सफल विकास के लिए DRDO, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई देता हूं। इस अनूठे उड़ान परीक्षण ने हमारे देश की बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता को स्थापित किया है। यह दुश्मन के हवाई खतरों के खिलाफ महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय रक्षा को मजबूत करेगा।'

CJI गवई का बड़ा बयान: आरक्षण पर फैसले से क्यों भड़क गए उनके समुदाय के लोग

पणजी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने शनिवार को कहा कि उन्हें अनुसूचित जातियों के आरक्षण में उपवर्गीकरण पर दिए गए अपने ऐतिहासिक फैसले को लेकर भारी आलोचना झेलनी पड़ी है। यहां तक कि उनकी ही जाति के लोग उनके खिलाफ खड़े हुए। गोवा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए CJI गवई ने कहा, "मेरे समुदाय के लोगों ने भी इस फैसले की आलोचना की। लेकिन मैं मानता हूं कि मुझे अपने निर्णय जनता की अपेक्षाओं के अनुसार नहीं, बल्कि कानून की समझ और अपनी अंतरात्मा के अनुसार लिखने होते हैं।" अगस्त 2024 में सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संवैधानिक पीठ ने 6-1 के बहुमत से फैसला सुनाया था कि अनुसूचित जातियां सामाजिक रूप से एक समान वर्ग नहीं हैं और राज्यों को उनमें उपवर्गीकरण करने का अधिकार है, ताकि सबसे वंचित तबकों को आरक्षण का लाभ मिल सके। क्रीमी लेयर पर भी रखी बात CJI गवई ने कहा कि आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की उनकी राय पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "क्या मुंबई या दिल्ली के बेहतरीन स्कूलों में पढ़ने वाले किसी IAS अधिकारी के बेटे-बेटी की तुलना उस मजदूर या किसान के बच्चे से की जा सकती है जो गांव की जिला परिषद या ग्राम पंचायत स्कूल में पढ़ रहा है?" उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 14 सभी के बीच समानता नहीं, बल्कि असमानों के बीच असमान व्यवहार कर उन्हें समान बनाना सुनिश्चित करता है। बुलडोजर जस्टिस पर क्या बोले? गवई ने सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले का भी जिक्र किया जिसमें अवैध बुलडोजर कार्रवाई रोकने और नियमित प्रक्रिया का पालन करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा, "हमें यह देखकर चिंता हुई कि जिन लोगों पर मुकदमा भी नहीं चला, उनके घर तोड़े जा रहे थे। परिवार के सदस्य, जिनकी कोई गलती नहीं, वे भी सजा भुगत रहे थे। इसलिए हमने यह स्पष्ट किया कि कार्यपालिका खुद ही न्यायाधीश नहीं बन सकती।" अपने 22–23 साल के न्यायिक कार्यकाल पर संतोष व्यक्त करते हुए CJI गवई ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने भारतीय संविधान की यात्रा में सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में थोड़ा योगदान दिया है।  

पुलिस/जांच में सनसनी: गर्भनिरोधक गोली ने उजागर किया पति का गैरकानूनी रिश्ता

 गुआंग्डोंग  चीन में एक शख्स ने गर्भनिरोधक गोली खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट की कोशिश की थी. इस दौरान कुछ ऐसा हुआ  कि अनजाने में ही शख्स की पत्नी के हाथ कुछ सबूत लग गया. पत्नी जब मामले की तह तक गई तो उसे पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चला.  साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार,  दक्षिणी चीन में एक चीनी व्यक्ति ने गुप्त रूप से गर्भनिरोधक गोलियां खरीदने का प्रयास किया. जब उसका ई-पेमेंट फेल हो गया, तो फार्मेसी कंपनी के कर्मियों ने भुगतान के लिए अनजाने में ही शख्स की पत्नी से संपर्क किया. इस तरह उस शख्स का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सब के सामने आ गया.   ऑनलाइन पेमेंट हो गया था फेल व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया गया है. उसने एक वीडियो चीनी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह गुआंग्डोंग प्रांत के यांगजियांग में डैशेनलिन फार्मेसी की पिंगगांग शाखा में गया था. अपने मोबाइल भुगतान कोड का उपयोग करके गर्भनिरोधक गोलियों के लिए पेमेंट का प्रयास किया. सिस्टम में समस्या के कारण, 15.8 युआन (2.2 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान नहीं हो सका. इसके बाद स्टाफ ने शुल्क वसूलने के लिए उस व्यक्ति के मेंबरशिप वाले कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर कॉल किया, लेकिन कॉल गलती से उसकी पत्नी को लग गया.  फॉर्मेसी ने पेमेंट के लिए घर में लगा दिया फोन जब उसकी पत्नी ने खरीदारी के बारे में पूछताछ की, तो स्टाफ ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि यह गर्भनिरोधक गोलियों के लिए है. इसके बाद उस व्यक्ति का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर राज नहीं रहा. उसने अपनी प्रेमिका और अपनी पत्नी, दोनों से अपनी शादी और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की बात छुपाई थी.  अब दो परिवार टूटने के कागार पर व्यक्ति ने दावा किया कि इस घटना के कारण दो परिवार टूट गए तथा उसने फार्मेसी से जवाबदेही की मांग की. उसने गुस्से से अपनी पोस्ट में लिखा कि अब मेरी पत्नी को सब पता चल गया है और दो परिवार टूटने की कगार पर हैं. मैं जानना चाहता हूं कि क्या आपकी फार्मेसी की कोई जिम्मेदारी है?  उन्होंने साक्ष्य के तौर पर खरीदी गई दवा की रसीद और स्टोर क्लर्क तथा उनकी पत्नी के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट भी शामिल किया. इसके अतिरिक्त, उन्होंने यांगजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो की गाओक्सिन शाखा के अंतर्गत पिंगगांग पुलिस स्टेशन द्वारा 12 अगस्त को जारी की गई एक पुलिस रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई. फॉर्मेसी पर कानूनी कार्रवाई करना होगा मुश्किल हेनान ज़ेजिन लॉ फर्म के निदेशक फू जियान ने एलिफेंट न्यूज को बताया कि हालांकि व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन ऐसा करना बहुत चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. फू ने कहा कि एक ओर, पुरुष की बेवफाई परिवार के टूटने का मुख्य कारण है और उसे अपने कार्यों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए. दूसरी ओर, अगर फार्मेसी ने उसकी निजता का उल्लंघन किया है, तो उसे भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर, फार्मेसी कर्मचारियों द्वारा किया गया फोन कॉल वैध प्रतीत होता है और जानकारी लीक करने के इरादे से नहीं किया गया था. इससे उस बेवफा व्यक्ति के लिए अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. 

तेल नहीं, अब चुंबक है नया सोना! भारत के पास मिला खजाना, चीन की दबदबे पर लगाम

नई दिल्ली रेयर अर्थ मिनरल्‍स की वजह से वर्ल्ड वॉर तक हो सकती है. इसके दम पर चीन ने पूरी दुनिया का टेटुआ दबा रखा है. जिससे रिलेशन खराब होता है, उसे रेयर अर्थ मिनरल्‍स नहीं देता है. इससे स्‍मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक कार तक की मैन्‍यूफैक्चरिंग प्रभावित होती है. भारत के साथ संबंध जब पटरी से उतरा तो चीन ने इस अमूल्‍य खजाने के एक्‍सपोर्ट को लिमिटेड कर दिया, जिसका असर साफ तौर पर देखा गया. रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर फिलहाल चीन की मोनोपोली यानी एकाधिकार है. अमेरिका से लेकर भारत तक इसके लिए चीन पर निर्भर हैं. क्‍लाइमेट चेंज को देखते हुए फॉसिल फ्यूल्‍स (जैसे पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स और कोयला आदि) के दिन लदने वाले हैं. इलेक्‍ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स का बोलबाला बढ़ने वाला है, जिसकी तस्‍वीर दिखने भी लगी है. इलेक्ट्रिक कार के बढ़ते बाजार से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके अलावा स्‍मार्टफोन आज लोगों के जीवन का अ‍हम हिस्‍सा बन चुके हैं. रेयर अर्थ मिनरल्‍स के बिना इनकी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग संभव नहीं है और चीन का इसपर एकाधिकार है. लिहाजा, यह पूरी तरह से चीन पर निर्भर है कि किस देश में इस तरह की इंडस्‍ट्री फलेगी-फुलेगी. लेकिन, अब एक शुभ समाचार सामने आया है. रेयर अर्थ मिनरल्‍स के रिजर्व के मामले में भारत का तीसरा स्‍थान है और एक अनुमान के अनुसार देश में 70 लाख टन ऐसे म‍िनरल्‍स हैं अनुमान है कि चीन की जमीन में 4.4 करोड़ टन रेयर अर्थ मिनरल्‍स हैं. दूसरे नंबर पर कौन है? जी हां…दूसरे नंबर पर ब्रिक्‍स का ही एक और मेंबर कंट्री ब्राज़ील है. अनुमान है कि ब्राज़ील की जमीन में 2.1 करोड़ टन रेयर अर्थ दबे हैं यानी इस गेम में ब्राज़ील दुनिया का बड़ा खिलाड़ी बन सकता है, क्योंकि आने वाला टाइम तो इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ही दिख रहा है. पेट्रोल डीजल के जमाने लदने वाले हैं. सऊदी अरब से लेकर कतर वगैरह सब आगे की प्‍लानिंग कर रहे हैं, जब उनके तेल से कमाई के दिन खत्म होने वाले हैं. पहले देखते थे कि किस देश के पास कितना तेल का भंडार है. अब जमाना आएगा रेयर अर्थ के भंडार का. इस मामले में फिलहाल चीन बेताज बादशाह है. ब्राज़ील के पास दूसरा सबसे बड़ा भंडार है. आपको पता है कि इस मामले में तीसरे स्‍थान पर कौन है. अपना भारतवर्ष. देश में करीब 70 लाख टन रेयर अर्थ मिनरल्‍स होने का अनुमान है. भारत के लिए गेम चेंजर भारत में रेयल अर्थ मिनरल्‍स अभी भंडार ही हैं. जमीन में ही हैं. इसको निकालना, साफ़ करना, रिफ़ाइन करना, फिर उसके मैगनेट बनाने के लिए पूरा सिस्टम तैयार करना पड़ेगा. अच्‍छी बात यह है कि भारत अब इस काम में लग गया है. इसमें टाइम तो लगेगा. चीन कई साल से ऐसा कर रहा है और शुरू में तो कोई देश उतना सस्ता और उतनी क्षमता की रिफाइनिंग कर भी ना पाए, लेकिन लगे रहना पड़ेगा. एक सरकारी घोषणा आपने सुनी होगी. भारत नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन शुरू कर रहा है. ये उसी काम का मिशन है. इसमें कुछ साल लगेंगे. तब तक चीन से ही लेना होगा. अब चुंबक का आया जमाना! कैसे धरती में दबी ताकत से पूरी दुनिया का टेंटुआ दबा रहा चीन तेल के खेल से पूरी दुनिया अच्छी तरह वाक़िफ है. 70 के दशक में अरब देशों ने दिखा दिया था कि तेल पर कंट्रोल मतलब पूरी दुनिया पर दबाव. लेकिन अब ज़माना बदल गया है. खेल का नया खिलाड़ी है ‘रेयर अर्थ मिनरल‘ और नया सुपरपावर बन बैठा है चीन. रेयर अर्थ मिनरल्स आखिर हैं क्या? ये कोई जादुई चीज़ नहीं, बल्कि 17 धातुओं का एक समूह है. जैसे लोहा या तांबा होता है, वैसे ही ये भी खनिज हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इन्हें जमीन से निकालना और रिफाइन करना बेहद मुश्किल और महंगा काम है. लंबे समय तक इनका कोई बड़ा इस्तेमाल नहीं था. लेकिन जैसे ही इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का जमाना आया, इनकी कीमत आसमान छूने लगी. असली ताकत चुंबक की इन रेयर अर्थ मिनरल्स से बनते हैं सुपर मैगनेट. ये छोटे से पुर्जे दिखने वाले मैगनेट आज पूरी टेक्नोलॉजी की रीढ़ हैं. – स्मार्टफोन में – इलेक्ट्रिक गाड़ियों में – टीवी स्क्रीन में – हवाई जहाज के इंजन में – बिजली के टर्बाइन में खासकर इलेक्ट्रिक कारें इन चुंबकों के बिना असंभव हैं. मतलब इलॉन मस्क की टेस्ला हो या कोई और कंपनी, अगर रेयर अर्थ मैगनेट न मिले तो उनका काम खत्म. चीन कैसे बना राजा? 30-40 साल पहले चीन ने दूरदर्शिता दिखाई. उसने देखा कि इलेक्ट्रॉनिक्स का जमाना आने वाला है. उसने बड़े पैमाने पर खदानें खोलीं, रिफाइनिंग प्लांट लगाए और चुंबक बनाने की फैक्ट्रियां खड़ी कर दीं. नतीजा ये हुआ कि आज दुनिया का 90% रेयर अर्थ रिफाइनिंग चीन में होती है और 60-70% खदानें भी वहीं हैं. इतना ही नहीं, चीन ने म्यांमार, अफ्रीका और पाकिस्तान के बलूचिस्तान तक में खदानों पर कब्जा कर लिया है. यानी सिर्फ अपने देश ही नहीं, दूसरे देशों की जमीन से भी रेयर अर्थ निकालकर अपने कंट्रोल में कर लिया. बाकी दुनिया क्यों फंसी? अमेरिका जैसे देश पहले खुद खनन करते थे. लेकिन चीन ने इतने सस्ते दाम पर चुंबक बेचना शुरू किया कि बाकी देशों ने खदानें बंद कर दीं. 2002 में अमेरिका ने अपना बड़ा प्लांट ही बंद कर दिया. सबको लगा चीन से खरीदना आसान है. लेकिन जब इलेक्ट्रिक कारों का दौर आया तो चीन ने सप्लाई रोककर सबका टेंटुआ दबा दिया. भारत और दुनिया की स्थिति आज चीन के पास अनुमानित 4.4 करोड़ टन रेयर अर्थ मिनरल का भंडार है. दूसरे नंबर पर ब्राज़ील है 2.1 करोड़ टन के साथ. तीसरे नंबर पर आता है भारत, जहां करीब 70 लाख टन का भंडार है. फर्क बस इतना है कि चीन 40 साल से इस धंधे में है और भारत अभी शुरुआत कर रहा है. भारत ने ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ लॉन्च किया है. लक्ष्य साफ है- अपने भंडार को निकालना, रिफाइन करना और खुद मैगनेट बनाना. लेकिन इसमें वक्त लगेगा. तब तक चीन से लेना ही मजबूरी है. आने वाला समय कैसा होगा? जैसे कभी तेल पर कंट्रोल रखने वाले अरब देश पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करते थे, वैसे ही … Read more

चौंकाने वाला आंकड़ा: पाकिस्तान में फैक्ट्रियों से अधिक मस्जिद-मदरसे दर्ज

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की इकॉनॉमिक सेंसस रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक देश में मस्जिदों और मदरसों की संख्या फैक्ट्रियों से कहीं ज्यादा है. पाकिस्तान में 6 लाख से ज्यादा मस्जिदें और 36 हजार से अधिक मदरसे मौजूद हैं, जबकि फैक्ट्रियों की संख्या केवल 23 हजार है. यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है जब नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज की दूसरी समीक्षा पर बातचीत कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कुल 40 मिलियन स्थायी इकाइयों में से 7.2 मिलियन रोजगार संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जहां 2023 तक 25.4 मिलियन लोग काम कर रहे थे. इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा सर्विस सेक्टर का है, जिसमें 45% यानी 11.3 मिलियन लोग काम करते हैं. इसके बाद 30% यानी 7.6 मिलियन लोग सोशल सेक्टर में और सिर्फ 22% लोग प्रोडक्शन सेक्टर में कार्यरत हैं. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह आंकड़े इस मिथक को तोड़ते हैं कि इंडस्ट्री ही देश का मुख्य जॉब-क्रिएटिंग सेक्टर है, जबकि असल में सर्विस सेक्टर दुगुना रोजगार देता है. 6.04 लाख मस्जिदें और 36,331 मदरसे रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में कुल 7.2 मिलियन दर्ज प्रतिष्ठानों में 2.7 मिलियन रिटेल शॉप्स, 1.88 लाख होलसेल शॉप्स, 2.56 लाख होटल और 1.19 लाख हॉस्पिटल शामिल हैं. एजुकेशन सेक्टर में 2.42 लाख स्कूल, 11,568 कॉलेज, 214 यूनिवर्सिटी, 6.04 लाख मस्जिदें और 36,331 मदरसे दर्ज किए गए. इनमें से ज्यादातर स्कूल सरकारी हैं, जबकि कॉलेजों में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी थोड़ी ज्यादा है. राज्यवार आंकड़े पंजाब में सबसे ज्यादा 58% प्रतिष्ठान हैं. इसके बाद सिंध (20%), खैबर पख्तूनख्वा (15%) और बलूचिस्तान (6%) का स्थान है. इस्लामाबाद कैपिटल रीजन की हिस्सेदारी सबसे कम यानी 1% है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के ज्यादातर बिज़नेस छोटे स्तर के हैं. लगभग 7.1 मिलियन इकॉनॉमिक स्ट्रक्चर्स 1 से 50 लोगों को रोजगार देते हैं. 51 से 250 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान केवल 35,351 हैं और 250 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाले यूनिट्स सिर्फ 7,086 हैं. रिपोर्ट पेश करते हुए योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि "विश्वसनीय डेटा टिकाऊ विकास की रीढ़ है, क्योंकि यह एविडेंस-बेस्ड प्लानिंग और बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है."

दाचीगाम नेशनल पार्क में ऑपरेशन सफल, आतंकी ठिकाने को सुरक्षा बलों ने किया तबाह

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित दाचीगाम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सेना के जवानों ने एक आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया है। आतंकी ठिकाने नष्ट होने की तस्वीर भी सामने आई है। जिसमें दिख रहा है कि दाचीगाम नेशनल पार्क में बने मत्सय पालन विभाग के फार्म के ऊपरी हिस्से में जंगल में आतंकी ठिकाना बना हुआ था। इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

लगातार चार घंटे की बारिश ने थराली में मचाई तबाही, शव बरामद

थराली/नारायणबगड़ शुक्रवार जनपद चमोली के थराली और नारायणबगड़ विकासखंड में अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने के बाद भारी नुकसान हुआ है। थराली के सगवाड़, टुंडरी और नारायणबगड़ के जूडा गांव में बादल फटने के बाद गदेरों में आया बरसाती मलबा घरों और आवासीय दुकानों में जा घुसा। जिससे पूरी रात क्षेत्रवासियों ने दहशत में गुजारी। यही नहीं बरसाती गदेरे का रूख ब्लाक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, राडीबगड़ तहसील और एसडीएम आवास होने से मलबा आबादी क्षेत्र में कहर बन कर आया। चार घंटे बरसे बादल और फ‍िर… दरअसल थराली और नारायणबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम 6 बजे से बादल बरसने शुरू हुए जो चार घंटे तक जमकर बरसे, लेकिन एकाएक रात 11 बजे जैसे ही आसमानी बिजली चमकना शुरू हुई तो क्षेत्रवासी सहम गए और एक दूसरे को मोबाइल के माध्यम से सचेत और सुध लेते रहे। स्थानीय निवासी रमेश चंद्र कहते हैं एकाएक आसमानी बिजली की तेज आवाज गुंजी तो सगवाड़ और टुूंडरी गदेरे मेंं पानी का उफान बढ़ा, जिससे चारों ओर लोगों के चिल्लाने की आवाजें आने लगी। इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने नुकसान और बादल फटने की जानकारी साझा की। देखते-देखते अलग-अलग स्थानों पर बरसाती बदेरे के साथ मलबा कहर बन कर पहुंच गया और अंधेरे में लोग मदद के लिए चीखते रहे। थराली के ब्लाक मुख्यालय, टुंडरी गदेरे चेपडो, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिवाई गदेरे राडीबगड़ के तीन किमी क्षेत्र में रात 11 बजे से दो बजे के बीच भारी बारिश के बाद थराली से चेपडो के क्षेत्र में पूरा भूगोल ही बदल गया। जगह-जगह लगे मलबे के ढेर और दुकानों और आवासीय भवनों  में घुसे मलबे के बीच लोगों के दबने की खबरें आने लगी। मदद के लिए लोगों ने प्रशासन और पुलिस को फोन किया। अतिवृष्टि के चलते मलबा तहसील सहित एसडीएम आवास में घुस गया था। बावजूद इसके एसडीएम थराली पंकज भट्ट ने आपदा में फंसे लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन और एसडीआरएफ, पुलिस को तत्काल मदद की सूचना भेजी और स्वयं भी मौके पर पहुंचे। थराली थराली के राडीबगड़- थराली डूंगरी मोटर मार्ग पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास, चेपड़ो बाजार में कई मकान दुकान वाहन मलबे की चपेट में आए। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। चेपड़ो में एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। सगबाड़ा में प्रधान नरेंद्र सिंह के घर में भी भारी मलबा आने उनकी 20 वर्षीय पुत्री कविता दब गई और उसकी मौत हो गई। चेपड़ो के गंगा दत्त जोशी भी मलबे की चपेट में आने से लापता हो गए हैं। चेपड़ो में लक्ष्मी जोशी, महावीर शाह , महिपाल सिंह , दर्शन सिंह शाह, गंगा सिंह शाह, प्रदीप बुटोला, महिपाल शाह, विकास जोशी , हर्षवर्धन बुटोला , देवेंद्र सिंह शाह वस्वानन्द जोशी , हरेंद्र सिंह शाह , नरेंद्र सिंह शाह, जोशी टी स्टाल, आदि दुकानें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गयी है। बारिश बाद आए मलबे से चेपडों-से विजयपुर को जोड़ने वाला पिंडर नदी पर बना पुल भी मलबे से भर गया, जिससे आवाजाही प्रभावित रही। जबकि पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने ने नदी तट से लगे भवनों को पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना पहले ही दे दी थी। नारायणबगड़ नारायणबगड़ विकासखंड के जूड़ा गांव में ग्रामीणों की शुक्रवार रात दहशत में गुजरी। यहां हुई भारी बारिश और बादल फटने की घटना ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। अचानक हुई इस आपदा में तीन आवासीय मकानों को गंभीर क्षति पहुंची, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। वहीं, संपर्क मार्ग, पेयजल लाइन और विद्युत लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण शिशुपाल सिंह, नवीन चंद्र डिमरी और गुड़ु गौड़ ने बताया कि शुक्रवार देर रात बादल फटने से नरेश डयूंडी के मकान का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही भारी मलबा रविदत्त मलेठा और हंसराम डुंयूडी के मकानों से टकराते हुए त्रिलोक सिंह के मकान के ऊपर जा पहुंचा। सौभाग्य से इन मकानों में उस समय कोई नहीं रह रहा था, अन्यथा यह हादसा बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना से पूरा गांव दहशत में रहा और लोग पूरी रात घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे और रात खुलने का इंतजार करते रहे। थराली ओर नारायणबगड़ में बादल फटने के बाद बिजली सप्लाई गुल होने से समस्या विकट बनी रही विद्युत लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से गांव में अंधेरा छा गया। थराली में सुबह बिजली आपूर्ति कुछ क्षेत्रों में बहाल हो ग,ई लेकिन पेयजल योजनाओं के टूट जाने से जलसंकट गहरा गया है।  

जान की परवाह किए बिना ड्यूटी निभाई, हिमाचल की नर्स ने दिखाई बहादुरी

शिमला  हिमाचल प्रदेश में बरसात कहर बरपा रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में पुल और सड़कें बह चुकी हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी बीच मंडी जिला की चौहारघाटी से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सबको हैरान कर दिया। वीडियो में स्टाफ नर्स कमला उफनते नाले को पत्थरों पर छलांग लगाकर पार करती नजर आ रही हैं। ड्यूटी पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डाली मंडी जिला की चौहारघाटी की सुधार पंचायत में तैनात स्टाफ नर्स कमला टिक्कर गांव की रहने वाली हैं। कमला ने बताया कि उन्हें रोजाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुधार में ड्यूटी देनी होती है। लेकिन भारी बारिश से क्षेत्र के छह फुट ब्रिज बह चुके हैं, जिससे रोजाना ड्यूटी पर पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में कमला ने जान की परवाह किए बिना उफनते गढ़ नाले को छलांग लगाकर पार किया और समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गईं। उन्हें ड्यूटी के लिए रोजाना करीब चार किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है। लेकिन जान की परवाह किए बगैर उन्होंने उफनते नाले को कूदकर पार किया। तब जाकर वह समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ड्यूटी के लिए पहुंच पाई। हाल ही में भारी बारिश से चौहारघाटी की सिल्हबुधानी और तरस्वाण पंचायतों में भारी नुकसान हुआ है। यहां कई सड़कें और पुल बह गए हैं। मजबूरी में लोगों को नाले और खड्ड पैदल ही पार करने पड़ रहे हैं। यही कारण है कि नौकरीपेशा लोग भी रोजाना खतरों का सामना करने को मजबूर हैं। बारिश से मंडी में भारी तबाही इस मानसून सीजन में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बीते 30 जून की रात को ही करीब 12 जगह बादल फटने की घटनाएं हुई थीं। हाल ही में सराज क्षेत्र में भी एक महिला और पुरुष नाले को पार करते समय बह गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। प्रदेशभर में बंद पड़ी 338 सड़कें राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में 338 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं। इनमें मंडी जिला में 162, कुल्लू में 105 और कांगड़ा में 21 सड़कें शामिल हैं। कुल्लू जिले का नेशनल हाईवे 305 भी कई जगह बंद पड़ा है। इसके अलावा 172 बिजली ट्रांसफार्मर और 133 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। मानसून सीजन में अब तक 295 मौतें प्रदेश में 20 जून से शुरू हुए मानसून सीजन ने गहरे जख्म दिए हैं। अब तक 295 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें मंडी में 48, कांगड़ा में 47, चंबा में 35 और शिमला में 27 लोग शामिल हैं। इसके अलावा 37 लोग अभी भी लापता हैं और 350 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 2,976 मकान क्षतिग्रस्त, 391 दुकानें गिरीं आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक 2,976 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें 658 पूरी तरह ढह गए हैं। 391 दुकानें और 2,685 पशुशालाएं भी नष्ट हो चुकी हैं। 1,821 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षी मारे गए हैं। प्रदेश को अब तक 2,326 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 1,306 करोड़ और जलशक्ति विभाग को 753 करोड़ का नुकसान हुआ है। 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 24 से 26 अगस्त तक भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट रहेगा। बीते 24 घंटों में सोलन के नालागढ़ और हमीरपुर के नादौन में 60-60 मिमी, जोगिंद्रनगर में 50 मिमी और जतौन बेरेज में 40 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

US नागरिकों से 130 करोड़ की ठगी, भारत में फर्जी कॉल सेंटर पर ED की छापेमारी

नई दिल्ली भारत में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से विदेशी, खासतौर से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में हर साल इंटरनेट से जुड़ी ठगियों के कारण कई हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत आधारित कॉल सेंटरों से जुड़ा है। इसी को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस टीम ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इससे पहले पुणे में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसी ने बुधवार को गुरुग्राम और नई दिल्ली में सात स्थानों पर छापेमारी की और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत अपने कब्जे में लिए। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ युवाओं ने मिलकर अमेरिकी नागरिकों से 2-3 वर्षों में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (130 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी की। ईडी की जांच में सामने आया है कि तीन युवक- अर्जुन गुलाटी, दिव्यांश गोयल और अभिनव कालरा नोएडा और गुरुग्राम में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। ये कॉल सेंटर तकनीकी सहायता के नाम पर मुख्यतः अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाकर पैसे विदेशी खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में जटिल लेनदेन के जरिए उन रकम को भारत में वापस लाते थे। 130 करोड़ रुपये की ठगी ईडी के मुताबिक, नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 के बीच इस गिरोह ने लगभग 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपये) की ठगी की। जांच में अब तक 200 से अधिक बैंक खातों की जानकारी सामने आई है जिनका इस्तेमाल धन शोधन के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई अहम डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए, आठ लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त की गईं। ईडी का कहना है कि आरोपी आलीशान मकानों में रहते थे और अवैध कमाई से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुके थे। यह जांच सीबीआई, आईओडी दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में अज्ञात आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। आरोप था कि दिल्ली और आसपास अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को टेक सपोर्ट स्कैम के जरिए धोखा दिया जा रहा था। ईडी ने बताया कि आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है। पुणे में भी ऐसी ही कार्रवाई हाल ही में पुणे पुलिस ने भी एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था, जिसके जरिए हजारों अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर पुणे के एक व्यावसायिक क्षेत्र में संचालित हो रहा था और इसमें शामिल लोग खुद को तकनीकी सहायता कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। पुणे पुलिस की साइबर क्राइम शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। इसके बाद, पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान, कॉल सेंटर से कंप्यूटर, सर्वर, फर्जी दस्तावेज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया। मई में एक गुप्त सूचना के आधार पर, एसीपी गणेश इंगले और वरिष्ठ निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे, शब्बीर सैय्यद और अजय वाघमारे के नेतृत्व में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक टीम ने रात करीब 10 बजे खराडी स्थित आलीशान प्राइड आइकॉन प्रोजेक्ट की नौवीं मंजिल पर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा। पुलिस ने पाया कि "मैग्नेटल बीपीएस एंड कंसल्टेंट्स एलएलपी" के नाम से कथित अवैध कॉल सेंटर में जुलाई 2024 से 12 महिलाओं और 111 पुरुषों सहित 123 कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बीच, लगभग दस घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 64 लैपटॉप, 41 मोबाइल फोन, चार राउटर जब्त किए, जिनकी कीमत 13.74 लाख रुपये है। पुलिस को जब्त लैपटॉप में संदिग्ध ऑनलाइन एप्लिकेशन, वीपीएन सॉफ्टवेयर और लाखों अमेरिकी नागरिकों का डेटा मिला।  

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: 62 लाख लोगों के खाते में आएंगे 3200-3200 रुपये

केरल  ओणम से पहले केरल के पेंशनर्स को राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। जुलाई महीने में रोकी गई सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर फंड पेंशन अब अगस्त में एक साथ दो महीने के भुगतान के रूप में दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लाखों लाभार्थी त्योहार के मौके पर किसी आर्थिक सहायता की उम्मीद कर रहे थे। दो महीने की पेंशन एक साथ राज्य के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने घोषणा की है कि अगस्त के महीने में 62 लाख पेंशन धारकों को एक साथ दो महीनों की पेंशन दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने कुल ₹1679 करोड़ की राशि मंजूर की है। प्रत्येक पात्र लाभार्थी को ₹3200 की पेंशन मिलेगी, जिसमें एक महीने की नियमित किश्त और एक महीने का लंबित भुगतान शामिल है। बैंक खातों में सीधी जमा राशि 23 अगस्त को, लगभग 26.62 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि सीधा ट्रांसफर कर दी जाएगी। शेष लाभार्थियों को यह राशि सहकारी बैंकों के माध्यम से उनके घर-द्वार पर पहुंचाई जाएगी। केंद्र सरकार की भागीदारी भी शामिल राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी इस योजना में सहयोग कर रही है। -राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत 8.46 लाख लाभार्थियों को केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में मदद मिलेगी। -इसके लिए केंद्र सरकार की पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए ₹48.42 करोड़ की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है।  क्या है सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर पेंशन स्कीम? यह योजना समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित लोग शामिल होते हैं: -वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर) -विधवाएं -दिव्यांगजन -अति निर्धन परिवार   इस स्कीम का संचालन मुख्य रूप से राज्य सरकारें करती हैं, हालांकि कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार भी आर्थिक सहयोग करती है। इसका लक्ष्य है कि ऐसे नागरिक, जिनके पास कोई नियमित आय का स्रोत नहीं है, उन्हें मासिक पेंशन के रूप में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता मिलती रहे।