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भारत पर टैरिफ लगाने के ट्रंप फैसले पर पूर्व साथी का हमला, अमेरिका को होंगे गंभीर नुकसान

वॉशिंगटन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व ट्रंप के पूर्व साथी जॉन बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ वॉशिंगटन के लिए सबसे बुरे नतीजे लेकर आएगा। इससे अमेरिका के लिए नई दिल्ली और दूर हो गया है और रूस व चीन से दूर करने के अमेरिका के दशकों के प्रयास नाकाम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम का उलटा असर हुआ है, जिससे भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण हुए हैं, जबकि चीन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा है, और अमेरिका का एक अहम लक्ष्य कमजोर हुआ है। बोल्टन ने रूसी तेल खरीदने के लिए नई दिल्ली पर लगाए गए भारी टैरिफ की ओर इशारा किया और ट्रंप पर भारत की बजाय चीन को तरजीह देने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे एक संभावित 'बड़ी भूल' बताया। ट्रंप ने अप्रैल में चीन के खिलाफ एक संक्षिप्त व्यापार युद्ध छेड़ा था, लेकिन तब से उन्होंने इसे और बढ़ाने से परहेज किया है, क्योंकि एक समझौता लंबित है। उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। 'सीएनएन' से बात करते हुए, बोल्टन ने कहा कि यह विडंबना ही है कि रूस को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया गया टैरिफ, भारत को रूस और चीन के और करीब ला सकता है, और शायद उन्हें अमेरिका के खिलाफ मिलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। उन्होंने कहा, "चीन के प्रति ट्रंप की नरमी और भारत पर भारी टैरिफ, भारत को रूस और चीन से दूर करने के दशकों पुराने अमेरिकी प्रयासों को ख़तरे में डालते हैं।" द हिल के लिए एक संपादकीय में, बोल्टन ने कहा कि बीजिंग के प्रति ट्रंप के नरम रुख को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ समझौते के लिए उत्सुकता में अमेरिकी रणनीतिक हितों की बलि चढ़ाने के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा, "ऐसा लगता है कि व्हाइट हाउस टैरिफ दरों और अन्य मानकों पर बीजिंग के साथ नई दिल्ली की तुलना में ज्यादा नरमी बरतने की ओर अग्रसर है। अगर ऐसा है, तो यह एक बहुत बड़ी भूल होगी।" ट्रंप का अतिरिक्त टैरिफ अब तक भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए राजी करने में नाकाम रहा है। भारत ने साफ किया है कि राष्ट्रहित में जो फैसला होगा, वह हम लेते रहेंगे।  

पुलिस के खिलाफ हमले से ममता को भी सुरक्षा में लेना पड़ा, भाजपा नेता ने जताई कड़ी नाराजगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल में पुलिस ने भाजपा के नाबन्ना अभियान रैली पर लाठी चार्ज कर दिया। इससे भाजपा नेता भड़क उठे हैं। भाजपा नेता अशोक डिंडा ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं है जब पुलिस की भी पिटाई होगी। इन लोगों की बहुत धुलाई होने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें बस एक बार भाजपा से इसके लिए आदेश मिल जाए। हम पुलिसवालों को इतना मारेंगे कि उन्हें ममता बनर्जी के आंचल में जाकर छिपना पड़ेगा। गौरतलब है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बलात्कार-हत्याकांड के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘नबन्ना अभियान’ रैली का आयोजन किया गया है। ममता बनर्जी डर गई हैं नाबन्ना अभियान रैली के दौरान भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी डर गई हैं। इसलिए पुलिस द्वारा जनता पर लाठीचार्ज करवा रही हैं। कोर्ट के आदेश से हम यहां रैली कर रहे हैं। हम सब पर हमला हुआ है जनता इसका जवाब 2026 में देगी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी डर गई हैं…आज अभया को एक साल हो गया है, लेकिन न्याय नहीं मिला है। यह रैली ममता बनर्जी के खिलाफ है। उन्होंने सारे सबूत मिटा दिए। हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। बंगाल से जाने वाली हैं ममता वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल से जाने वाली हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वह (ममता बनर्जी) विनीत कुमार गोयल (कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त) और डॉ. संदीप घोष (आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य) को बचा रही हैं…उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। नहीं तो 8 महीने बाद बंगाल की जनता उनका यहां से सफाया कर देगी। आरजी कर घटना की बरसी पर पश्चिम बंगाल सचिवालय की ओर मार्च करते हुए प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा में पुलिस अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। सचिवालय की ओर मार्च के दौरान घेरे को तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं, पुलिस द्वारा रोके जाने पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी, अग्निमित्रा पॉल धरने पर बैठे गए।  

हवाई क्षेत्र बंद होने से पाकिस्तान को हुआ 4.1 अरब रुपये का नुकसान, भारतीय विमान unaffected

इस्लामाबाद भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के बाद पाकिस्तान को 4.1 अरब रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। यह जानकारी पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने नेशनल असेंबली में दी। पाक सरकार ने बताया कि यह घाटा 24 अप्रैल से 30 जून तक का है। यानी पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण को इससे भी बड़ा नुकसान हुआ है जो अभी भी जारी है क्योंकि पड़ोसी देश ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र अभी भी नहीं खोला है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम भारत द्वारा 23 अप्रैल को सिंधु जल संधि को निलंबित करने के जवाब में उठाया गया था। पाकिस्तान ने भारतीय पंजीकृत विमानों और भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित, स्वामित्व वाले या लीज पर लिए गए विमानों को अपने हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने की अनुमति रद्द कर दी। हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने से प्रतिदिन 100 से 150 भारतीय उड़ानों पर असर पड़ा, जिसके चलते पाकिस्तान के हवाई यातायात में लगभग 20% की कमी आई। पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में कहा कि इस प्रतिबंध से आर्थिक नुकसान हुआ, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, "जब बात संप्रभुता और रक्षा की हो, तो कोई भी कीमत बड़ी नहीं होती।" "अनुमानित 8.5 अरब रुपये के आंकड़े से काफी कम" रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह नुकसान 4.1 अरब रुपये का है, जो पहले अनुमानित 8.5 अरब रुपये के आंकड़े से काफी कम है। इससे पहले, 2019 में भी इसी तरह के तनाव के दौरान हवाई क्षेत्र बंद करने से पाकिस्तान को 7.6 अरब रुपये का नुकसान हुआ था। मंत्रालय ने यह भी कहा किया कि 2019 में औसत दैनिक ओवरफ्लाइट राजस्व 508,000 डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 760,000 डॉलर हो गया। पाकिस्तान ने अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा कि हवाई क्षेत्र को बंद करने का निर्णय नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के माध्यम से लिया गया, जो केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की रक्षा और सैन्य योजना को सक्षम करने के लिए उठाया गया था। भारतीय विमानों से पैसे कैसे कमाता था पाक? पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की कमाई मुख्य रूप से हवाई क्षेत्र के उपयोग से होती है। जब कोई विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से गुजरता है, तो एयरलाइंस को इसके लिए एक शुल्क देना पड़ता है, जिसे ओवरफ्लाइंग चार्ज या नेविगेशन फीस कहते हैं। यह फीस विमान के प्रकार, उड़ान की दूरी और हवाई क्षेत्र के उपयोग के आधार पर तय होता है। PAA इस शुल्क को इकट्ठा करती है, जो उसकी आय का एक बड़ा हिस्सा है। जब पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाया, तो रोजाना 100-150 उड़ानों से मिलने वाला यह शुल्क रुक गया। इससे PAA को 4.1 अरब रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि भारतीय विमानों को लंबे रास्तों से जाना पड़ा और वे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर सके। इसके अलावा, PAA की कमाई हवाई अड्डों पर दी जाने वाली सेवाओं, जैसे लैंडिंग फीस, पार्किंग शुल्क, और अन्य सुविधाओं से भी होती है। लेकिन इस मामले में नुकसान का मुख्य कारण ओवरफ्लाइंग शुल्क की कमी थी। फिलहाल पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय एयरलाइंस के लिए अभी भी बंद बना हुआ है, और यह प्रतिबंध कम से कम अगस्त के अंत तक लागू रहेगा। इसके जवाब में, भारत ने भी पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद रखा है।  

ट्रंप-पुतिन वार्ता से पहले जेलेंस्की ने दी स्पष्ट हिदायत, शांति के लिए यूक्रेन जरूरी

यूक्रेन  यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच प्रस्तावित शिखर बैठक को खारिज करते हुए शनिवार को चेताया कि अगर कोई शांति समझौता कीव को शामिल किए बिना किया गया तो यह समाधान बेमानी होगा। अलास्का में शुक्रवार को होने वाली बैठक को लेकर संभावना जताई जा रही है कि इसमें कुछ सकारात्मक निष्कर्ष निकल सकता है। टेलीग्राम पर एक बयान में जेलेंस्की ने कहा कि संविधान में निहित यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं हो सकता । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थायी शांति के लिए वार्ता में यूक्रेन को भी शामिल किया जाना चाहिए। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ‘‘रूस को उसकी करतूतों के लिए कोई इनाम थोड़े ही देगा'' और ‘‘यूक्रेनवासी अपने जमीन को जबरन कब्जे करने वाले को नहीं देंगे।'' यूक्रेन की यह चिंता है कि पुतिन और ट्रंप की सीधी बैठक से कीव और यूरोपीय हितों को नजरअंदाज किया जा सकता है। इस पर जेलेंस्की ने कहा, ‘‘यूक्रेन को शामिल किए बिना जो भी हल निकाले जाएंगे, वे शांति के खिलाफ होंगे। ऐसे फैसलों से कुछ नहीं मिलेगा। ये बेमानी समाधान हैं, जो कभी काम नहीं करेंगे।''  

बाबा बैद्यनाथ धाम केस में MP निशिकांत ने कहा- मैं भगोड़ा नहीं, यहां का सांसद होकर आया हूं आत्मसमर्पण के लिए

देवघर वैद्यनाथ धाम मंदिर मामले में निकास द्वार से प्रवेश करने के मामले में गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे व सांसद मनोज तिवारी व अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में खुद की गिरफ्तारी देने के लिए डॉ. निशिकांत दुबे शनिवार को बाबा मंदिर थाना पहुंचे। देवघर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वे सीधे बाबा मंदिर थाना के लिए निकले। सीता होटल चौक पर गाड़ी से उतरने के बाद वे पैदल बाबा मंदिर थाना तक पहुंचे। वहां उन्होंने थाना प्रभारी से कहा कि वे गिरफ्तारी देने आए हैं। हालांकि, तकनीकी कारणों से उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बारे में सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। संभावना बनने पर होगी गिरफ्तारी पुलिस का कहना है कि एफआईआर को एमपी एमएलए कोर्ट में भेजा है। वहां उसे स्वीकार किया जाएगा, उसके बाद सेक्शन 41 के तहत तीन बार नोटिस दिया जाएगा। उसके बाद अगर गिरफ्तारी की संभावना बनेगी तो गिरफ्तारी होगी। उन्होंने कहा कि वे भगोड़ा नहीं हैं बल्कि यहां के सांसद है। यहां की जनता ने चार बार उन्हें चुनाव जिताया है। जनता ने चुनाव इसलिए जिताया है कि मैं उनके लिए संघर्ष कर सकूं। ये संघर्ष तभी कर पाउंगा तब कानून का पालन करूंगा। जो केस दर्ज हुआ है उससे दुखी हो गया हूं उन्होंने कहा कि उनके व परिवार वालों को मिलकर ये 51 वां केस दर्ज किया गया है। इस बार जो केस हुआ है उससे दुखी हो गया हूं। जितनी बार प्रशासन केस करेगा उतनी बात गिरफ्तारी देने आउंगा। कानून में अगर कोई प्रावधान है तो पुलिस मुझे गिरफ्तार करे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सभी को पता है कि किस तरह से गिरफ्तारी के डर से यहां के मुखिया भागे थे। उन्होंने कहा कि सांसद होने के नाते उन्हें भी कुछ सुरक्षा दी गई है। संविधान की धारा 105 के तहत उन्हें विशेषाधिकार का जो अधिकार प्राप्त है उनके तहत यहां के मुख्य सचिव, यहां के डीजीपी, डीएसी, एसपी सह डीआईजी के उपर विशेषाधिकारी किया है। किस आधार पर दर्ज हुआ मामला उन्होंने कहा कि इस पर सोमवार को संसद में सुनवाई होगी। उसके बाद इन लोगों से दिल्ली में ही पूछा जाएगा कि किस आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। गौ तस्कर को पकड़ने पर मामला दर्ज हो जाता है। वे सड़क सुरक्षा कमेटी में शामिल हैं। आरएसएस के विभाग प्रचारक पकड़ाते हैं और उनके ऊपर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि वे मंदिर के ट्रस्टी हैं। उन्होंने अगर किसी पुलिस वाले को धक्का दिया तो पुलिस वाला एफआईआर नहीं करता है, दंडाधिकारी एफआईआर नहीं करता है। एक अवैध आदमी तो अंदर घुसा हुआ है, उसके आधार पर उनके उपर एफआईआर कर देता है। वह अगर तीर्थ पुरोहित है तो वे भी पुरोहित हैं। वह ब्राह्मण है तो मैं भी हूं। गंवाली पूजा में तीन वर्ष जो चंदा दे देगा वह पंडा धर्मरक्षिणी के चुनाव में वोट दे सकता है। अगली बार जब चुनाव होगा तो वे भी वोट देने के अधिकारी होंगे। किस आधार पर मेरे व एफआईआर करने वाले में अंतर करते हैं। ये किस तरह की व्यवस्था है यहां इरफान अंसारी पूजा करने, इसाई एसपी पूजा करें को कोई परेशानी नहीं है। वह धार्मिक भावना नहीं भड़काएगा। लेकिन मनोज तिवारी अगर कांवड़ यात्रा लेकर आता है तो वह धार्मिक भावना भड़का देगा। ये किस तरह की व्यवस्था है। किस तरह का एफआईआर है। जब भी उन्हें थाना बुलाया जाएगा वे आएंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा भोले के सामने कह रहे हैं कि इस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है उसे पूरा किया जाएगा।  

PM मोदी ने कहा- संस्कृत भाषा को आमजन तक पहुंचाने के लिए सरकार सक्रिय

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विश्व संस्कृत दिवस पर अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक दशक में इस प्राचीन भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक शाश्वत स्रोत है तथा इसका प्रभाव हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। मोदी ने कहा कि यह इस भाषा को सीखने और इसे लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर है। यह दिवस प्रतिवर्ष ‘श्रावण पूर्णिमा' के अवसर पर मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सामने रखते हुए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, संस्कृत शिक्षण केंद्रों की स्थापना, इस भाषा के विद्वानों को अनुदान देने और प्राचीन संस्कृत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए एक मिशन की शुरुआत जैसे विभिन्न उपायों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इससे अनगिनत विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को लाभ हुआ है। हिंदू महाकाव्यों समेत कई प्रभावशाली प्राचीन पुस्तकें संस्कृत में लिखी गई हैं। लेकिन संस्कृत अब ऐसी भाषा बनकर रह गई है जो बड़े पैमाने पर धार्मिक कार्यों में ही सीमित हो गई है।   

ब्रिटेन कर रहा खालिस्तानी आतंकवाद का समर्थन, गुरुद्वारे के ‘खालिस्तान’ बोर्ड को दी हरी झंडी

लंदन  अमेरिका और कनाडा के बाद अब ब्रिटेन में भी खालिस्तानी गतिविधियों को खुलकर बढ़ावा मिल रहा है। ब्रिटेन में परमार्थ मामलों की निगरानी करने वाली संस्था ‘चैरिटी कमीशन’ ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के बर्कशायर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, स्लाऊ में लगाए गए ‘खालिस्तान’ के बोर्ड देश में परमार्थ संस्थाओं के लिए जारी राजनीतिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं करते। कुछ वर्ष पहले गुरुद्वारे के संचालन को लेकर चिंता जताए जाने के बाद चैरिटी कमीशन ने एक नियामक अनुपालन जांच  शुरू की थी। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रक्रिया में ‘खालिस्तान’ बोर्ड से जुड़ा मामला सामने आया, जो धार्मिक और कुछ लोगों के लिए राजनीतिक महत्व रखता है। आधिकारिक नियमों के अनुसार, ब्रिटेन और वेल्स में पंजीकृत परमार्थ संस्थाएं राजनीतिक गतिविधियां केवल अपने परमार्थ संबंधी उद्देश्यों की पूर्ति के संदर्भ में ही कर सकती हैं। चूंकि गुरुद्वारे में प्रदर्शित बैनरों में किसी पृथक देश की सीधी मांग नहीं की गई थी, इसलिए इसे धार्मिक उद्देश्यों के दायरे में माना गया। इस विषय पर प्रतिक्रिया के लिए प्रतिनिधि सभा की रक्षा मामलों की समिति के अध्यक्ष और लेबर पार्टी के सांसद से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच, कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरी में ‘खालिस्तान गणराज्य का दूतावास’ स्थापित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीबीसी टोरंटो (रेडियो और टीवी) के प्रमुख जोगिंदर बस्सी ने एक बयान में बताया कि यह इमारत पहले गुरु नानक सिख गुरुद्वारा परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के सामुदायिक केंद्र के रूप में इस्तेमाल होती थी। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री और धर्मार्थ निदेशालय को पत्र लिखकर मामले की जांच और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।

पांच साल में बांग्लादेश में 3582 हमलों की रिपोर्ट, 2024 में 2.06 लाख भारतीयों का नागरिकता त्याग

नई दिल्ली  संसद में शुक्रवार को पेश हुई सरकारी रिपोर्ट ने एक साथ कई अहम मुद्दों  नागरिकता त्याग, विदेशों में हिंदू समुदाय और भारतीयों पर हमले, चीन के साथ सीमा विवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं में अनियमितताएं और प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम से हुई कमाई पर विस्तृत जानकारी दी। 2.06 लाख भारतीयों ने 2024 में छोड़ी नागरिकता  विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लोकसभा में बताया कि वर्ष 2024 में  2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी जबकि 2023 में यह संख्या 2,16,219  थी। पिछले पांच वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर  8.96 लाख तक पहुंच गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकता छोड़ने या विदेशी नागरिकता अपनाने के कारण पूरी तरह व्यक्तिगत होते हैं और सरकार इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखती कि लोग किन वजहों से देश छोड़ रहे हैं।   विदेशों में हिंदुओं पर हमले और मंदिरों में तोड़फोड़      राज्यसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में 2021 से अब तक हिंदुओं पर 3,582 हमले  दर्ज किए गए हैं।      हमले विशेष रूप से रंगपुर और चटगांव जैसे इलाकों में अधिक हुए हैं।      पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हिंसा के  334 मामलों को भारत ने आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद के समक्ष उठाया है।      अमेरिका में 2024 में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ के  5 मामले सामने आए, जबकि कनाडा में 4 और ब्रिटेन में भी हमलों के मामले दर्ज हुए। चीन के कब्जे में  भारतीय जमीन  सरकार ने पुष्टि की कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के अंत में चीन ने 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया था और यह स्थिति अब तक बनी हुई है।भारत ने सीमा विवाद सुलझाने के लिए कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य वार्ताएं की हैं, लेकिन समाधान अभी भी दूर है। लालमोनिरहाट एयरबेस पर भारत की नजर  बांग्लादेश के लालमोनिरहाट एयरबेस को लेकर मिली रिपोर्टों का भारत ने संज्ञान लिया है। विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर सतर्क और सक्रिय है।संसद में सवाल पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश ने इस एयरबेस से चीन को सैन्य गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी है इस पर मंत्री ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

आरजी कर मामले में पुलिस की बदसलूकी, रेप पीड़िता की मां ने उठाए गंभीर सवाल

कोलकाता महानगर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म व हत्या की पीड़िता डॉक्टर की मां ने शनिवार को आरोप लगाया कि जब वह अपनी बेटी के दुष्कर्म और हत्या की बरसी पर नवान्न (राज्य सचिवालय) की ओर एक मार्च में शामिल होने जा रही थीं, तो महिला पुलिसकर्मियों ने बिना उकसावे के उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान शंख से बनी पारंपरिक चूड़ियां टूट गईं और उनके सिर पर चोट भी लगी। पीड़िता की मां ने क्या कहा? पीड़िता की मां ने कहा कि हमें इस तरह क्यों रोका जा रहा है? हम बस नवान्न पहुंचकर अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना चाहते हैं। रैली में शामिल लोगों ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की कि वह महिलाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही हैं। वहीं, पीड़िता के पिता ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार को डोरिना क्रॉसिंग तक पहुंचने से रोका, जहां से उन्हें मार्च में शामिल होना था। जबकि, कोर्ट ने शांतिपूर्ण रैली की अनुमति दी थी। धरना के दौरान पीड़िता की मां हुई बीमार पीड़िता की मां रेसकोर्स के बगल वाले बैरिकेड के निकट धरना देने के दौरान बीमार हो गईं। कथित तौर पर, जब उन्होंने पुलिस से पानी मांगा तो उन्होंने नहीं दिया। बाद में, वहां मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने पानी लाया। लेकिन पानी देने और चेहरे पर पानी डालने के बाद भी पीड़िता की मां की तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पार्क स्ट्रीट बैरिकेड के निकट धरना पर बैठे नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने शिकायत की कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया। विपक्षी नेता ने कहा कि मैं पीड़िता की मां को देखने अस्पताल जाऊंगा। पीड़िता के पिता का आरोप इससे पहले पीड़िता के पिता बैरिकेड से नीचे उतरे और बैरिकेड में एक गैप से पुलिस से बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट ने हमें इजाजत दी है, आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? हम शांतिपूर्वक जा रहे हैं। मुझे जाने दीजिए।" पुलिस से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पीड़िता के माता-पिता कई प्रदर्शनकारियों के साथ वहीं पर बैठ गए थे।  

NSA डोभाल की रूस में मुलाकात, साल के अंत में पुतिन करेंगे भारत का दौरा

नई दिल्ली  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ द्विपक्षीय सैन्य-तकनीकी संबंधों और रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा की। डोभाल द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों पर महत्वपूर्ण वार्ता करने और इस वर्ष के अंत में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की तैयारी के लिए रूस में हैं। भारत स्थित रूसी दूतावास के अनुसार, डोभाल और मंतुरोव की मुलाकात शुक्रवार को हुई। दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस बैठक के दौरान भारत-रूस के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही असैन्य विमान निर्माण, धातु उद्योग और रासायनिक उद्योग जैसे अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को लागू करने पर भी बातचीत हुई।'' डोभाल ने बृहस्पतिवार को क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान, उन्होंने बाहरी दबाव के बावजूद रूस के साथ सभी मोर्चों पर सहयोग जारी रखने की नयी दिल्ली की प्रतिबद्धता दोहराई।   डोभाल की यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी करके रूस से तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इसके बाद कुल शुल्क 50 फीसदी हो गया है। सूत्रों के अनुसार, डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति पुतिन को इस वर्ष के अंत में भारत आने का निमंत्रण दिया। पुतिन ने आभार के साथ निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।