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जानिए गीता जयंती कब है और कैसे करें विशेष पूजा

नई दिल्ली मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी का दिन बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि पर कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन, धर्म, कर्म और मोक्ष का वह दिव्य ज्ञान दिया था, जिसे आज हम श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में जानते हैं। उसी स्मृति में हर वर्ष यह पावन दिन गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है। गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन को सही दृष्टि देने वाला शाश्वत मार्गदर्शन है। इसकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रभावशाली हैं जितनी हजारों वर्ष पहले थीं। इस वर्ष गीता जयंती 1 दिसंबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। गीता जयंती पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। एकादशी तिथि प्रारंभ: 30 नवंबर 2025, रात 9:29 बजे तिथि समाप्त: 1 दिसंबर 2025, शाम 7:01 बजे गीता जयंती 2025 पूजा विधि: एक साफ चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान कृष्ण की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। नई गीता की प्रति को लाल या पीले कपड़े में लपेटकर उनके सामने रखें। फल, पंचामृत, फूल और मिठाई का भोग लगाएं। मंत्र जप करें- “वासुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्। देवकी परमानंदं कृष्णं वन्दे जगत्गुरुम॥” गीता का संपूर्ण पाठ करें या कम से कम अध्याय 11 अवश्य पढ़ें। अंत में गीता की आरती करें और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें। गीता के पाठ का महत्व- गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की हर परिस्थिति में सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। कहा जाता है कि गीता जयंती पर गीता का पाठ करने से मन की उलझनें दूर होती हैं, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और जीवन में शांति, साहस और स्पष्टता आती है। यह दिन मनुष्य को याद दिलाता है कि कर्म ही जीवन का मूल आधार है और बिना अपेक्षा के किए गए कर्म ही सच्ची आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं।

दुनिया के बड़े मंदिरों की सूची में छतरपुर का मां कात्यायनी धाम दर्ज

आद्या कात्यानी शक्ति पीठ मंदिर या छतरपुर मंदिर एक भव्य हिंदू मंदिर है जो मां दुर्गा के कात्यायनी रूप को समर्पित है। छतरपुर मंदिर दिल्ली के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक है। यह मंदिर गुड़गांव-महरौली मार्ग के निकट छतरपुर में स्थित है। छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर का शिलान्यास सन् 1974 में किया गया था। इसकी स्थापना कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने की थी। इनकी 1998 में मृत्यु हो गई थी और उनकी समाधि मंदिर परिसर के भीतर शिव-गौरी नागेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित है। कहते हैं कि इससे पहले मंदिर स्थल पर एक कुटिया हुआ करती थी। फिर धीरे-धीरे मंदिर का क्षेत्रफल 70 एकड़ तक फैल गया। आइये जानते हैं कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर की कुछ खास बातें-   संगमरमर से बना है माता का यह भव्य मंदिर   वास्तुकला की दृष्टि से छतरपुर का मंदिर एक अद्भुत मंदिर है क्योंकि इस मंदिर के पत्थर कवितायें दर्शाते हैं। 2005 में दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर बनने से पहले यह छतरपुर मंदिर भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर हुआ करता था। इस मंदिर को पूरी तरह से संगमरमर से बनाया गया था और मंदिर की सभी जगहों पर जाली से काम करवाया गया था। इस तरह की वास्तुकला को वेसारा वास्तुकला कहा जाता है।   मन्नत की चुनरी बांधें   कात्यायनी मां के भव्य मंदिर में जैसे ही आप प्रवेश करते हैं तो आपको एक बड़ा-सा पेड़ दिखाई देता है, जिसको सभी भक्तजनों ने अपने मन्नत की चुनरी, धागे, चूड़ी आदि से पूरा तरह ढंक दिया है। दरअसल एक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।   70 एकड़ में फैला है मां का मंदिर   यह मंदिर 70 एकड़ में फैला है और 20 से अधिक छोटे और बड़े मंदिरों को तीन अलग-अलग परिसरों में विभाजित किया गया है। मंदिर परिसर में नवदुर्गा का एक शयनकक्ष है जहां एक बिस्तर, दोसारी मेज और नौ कुर्सियों के साथ एक मीटिंग टेबल होती है, जो सभी शुद्ध चांदी से बने हुए हैं। इस मंदिर के परिसर में अन्य मंदिर भी हैं जो भगवान गणेश, भगवान राम, भगवान हनुमान और भगवान शिव को समर्पित है।   माँ कात्यायनी के मंत्र का जाप   माँ कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत ओजमयी है। सिंह पर विराजमान माता शक्ति का स्वरूप हैं। माँ की भक्ति द्वारा मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष फलों की प्राप्ति होती है। माँ कत्यायनी की भक्ति प्राप्त करने के लिए भक्त को इस मंत्र का जाप करना चाहिए-   'या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥   जब ऋषि को मां दुर्गा ने तपस्या से प्रसन्न होकर दिया था दर्शन   पौराणिक कहानी के अनुसार एक बार एक ऋषि ने दुर्गा देवी की कठोर तपस्या की थी। उस ऋषि का नाम कात्यायन ऋषि था। उस ऋषि की कठोर तपस्या को देखकर दुर्गा देवी प्रसन्न हुईं और उस ऋषि के सामने प्रकट हुईं। देवी ने उस ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर कहा कि जो भी वरदान चाहते हो वो अवश्य मांगो। उसके बाद कात्यायन ऋषि ने देवी से कहा कि आप मेरे घर में मेरी पुत्री बनकर जन्म लो। मुझे आपका पिता बनने की इच्छा है। ऋषि के यह शब्द सुनकर देवी प्रसन्न हुईं और उसे इच्छा अनुरूप वरदान दे दिया। देवी ने फिर ऋषि के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया और तभी से देवी के उस अवतार को कात्यायनी देवी अवतार कहा जाता है। इसीलिए दिल्ली के इस मंदिर को कात्यायनी देवी का छतरपुर मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर दिल्ली के दक्षिण पश्चिम के हिस्से में आता है और यह क़ुतुब मीनार से केवल 4 किमी की दूरी पर स्थित है।  

रोज शाम को दीपक जलाने से बढ़ेगी धन और खुशहाली – जानिए सही जगहें

हिंदू धर्म में दीपक जलाना बहुत पवित्र और विशेष माना जाता है. वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में भी दीपक जलाने को बहुत शुभ माना गया है. देवी-देवाताओं की पूजा में दीपक हमेशा जलाया जाता है. मान्यता है कि बिना दीपक जलाए कोई भी पूजा पूरी नहीं होती है. देवी-देवताओं की आरती दीपक जलाकर ही की जाती है. हिंदू धर्म में गोधूलि बेला यानी शाम का समय बहुत पावन माना जाता है. वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इस समय में घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने के लिए कहा गया है. इन स्थानों पर रोज शाम के समय घी या तेल का दीपक जलाना चाहिए. मान्यता है कि शाम के समय घर के इन स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. ऐसै में आइए जान लेते हैं घर के ये कौन से स्थान हैं, जहां शाम के समय दीपक जलाना चाहिए. इन जगहों पर जलाएं दीपक प्रमुख द्वार पर घर के प्रमुख द्वार पर रोजाना शाम के समय तेल का दीपक जलाना चाहिए. इससे विशेष लाभ होता है. वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि रोजाना गोधूलि बेला में घर के प्रमुख द्वार पर दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती और नकारात्मक उर्जा दूर होती है. तुलसी के पास हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत विशेष माना गया है. ऐसे में रोजाना शाम की पूजा में दीपक जलाने के साथ-साथ तुलसी के पास भी घी का दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं. उत्तर-पूर्व दिशा में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में शाम के समय दीपक जलाना चाहिए. ये दिशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार मानी जाती है. इस दिशा में भी दीपक जलाने से बहुत लाभ मिलते हैं. सीढ़ियों के नीचे रोजाना शाम के समय सीढ़ियों के नीचे भी तेल का दीपक जलाना चाहिए. इससे काफी अच्छे परिणाम मिलते हैं. साथ ही घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

आज का राशिफल 29 नवंबर 2025: शुभ योग किसे देगा सफलता?

मेष राशि पार्टनर की बातों को आज ध्यान से सुनने की कोशिश करें। ऑफिस में एक काम पूरा करने के बाद ही दूसरे काम पर ध्यान लगाएं। नहीं तो कन्फ्यूजन होगा और डेडलाइन पर काम खत्म नहीं होने से तनाव बढ़ेगा। पैसों की बचत जरूर करें। कुछ भी खरीददारी करने से पहले सोचें कि ये आपके लिए कितना काम आने वाला है। पैसों के मामले में खुद पर कंट्रोल करें। वृषभ राशि तनाव बढ़ने के पूरे चांस हैं। ऐसे में पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाकर चलिए। धैर्य बनाकर रखें। आज मन शांत रहेगा तो सही चीजों पर फोकस कर पाएंगे। किसी भी तरह की डील पर पूरी तरह से विश्वास ना करें। इन्वेस्टमेंट का फैसला सोच-समझकर ही करना सही होगा। आज होने वाले खर्चों की एक लिस्ट बना लें ताकि फालतू की चीजें ना खरीदें। मिथुन राशि पार्टनर से बात करते वक्त सौम्य रहें। हफ्ते भर का खर्चा कहीं नोट कर लें। जितना हो सकता है, उतना बचत करें। आज सेहत ठीक रहेगी लेकिन अपने रूटीन को जरूर फॉलो करें। ऑफिस में फालतू चीजों पर ध्यान ना देकर सिर्फ अपना काम करें। घरवालों के साथ अच्छा समय बीतेगा। कर्क राशि आज पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। हर एक मूमेंट को खुलकर जीने की कोशिश करें। ऑफिस में फोकस के साथ अपना काम करें। दिन को प्रोडक्टिव बनाएं। आज आपके काम की तारीफ होगी। आज के खर्चों पर नजर बनाए रखें। आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। सिंह राशि पार्टनर संग हो रही खिटपिट को दूर करने की कोशिश करें। आज शांत मन से बैठकर इसे सुलझाएं। ऑफिस में नया टास्क लेने से ना डरें। आपको अपनी क्षमता को दिखाने का मौका मिलेगा। पैसे और हेल्थ के मामले में आज आपका दिन सही जाने वाला है। इन्वेस्टमेंट से पहले सोच-विचार लें। कन्या राशि आज अपने पार्टनर पर जमकर प्यार लुटाएं। उनसे बात करते वक्त शब्दों का ध्यान रखें। ऑफिस में हर एक काम को फोकस के साथ पूरा करें। तयशुदा समय पर अपना काम खत्म करें। पैसों के मामले में सारे फैसले सोच-समझकर लें। आज आपकी सेहत सही रहेगी। तुला राशि आज पार्टनर से खुलकर प्यार जताएं। ऑफिस में आज नई चुनौतियों का सामना पूरे कॉन्फिडेंस के साथ करें। इससे आप सफल होंगे। आपका पॉजिटिव अप्रोच आज काम आने वाला है। पैसे के मामले में आज का दिन सही जाने वाला है। हालांकि अपनी हेल्थ पर अब थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। धनु राशि पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। अगर कोई बहसबाजी हुई है तो उसे आज सुलझा लें। ऑफिस में आज आई चुनौतियों से आप घबराने नहीं वाले हैं। पैसे के मामले में आज दिन सही जाएगा। आप सारे फैसले अपने फेवर में ही लेंगे जो आगे चलकर काम आएगा। सेहत में आज थोड़ी दिक्कत हो सकती है। मकर राशि आज किसी भी हालत में अपने पार्टनर को खुश रखें। उनके साथ अच्छा समय बिताएं। आज ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती है। इसे खुशी-खुशी स्वीकार करें। आज इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा दिन है। अच्छी हेल्थ के लिए सही रूटीन फॉलो करें। कुंभ राशि आज लव लाइफ को सिंपल ही रखिए। पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताइए। आज ऑफिस में नई चुनौतियों का सामना डटकर करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति सही रहने वाली है। वहीं आपकी हेल्थ भी आज सही रहेगी। बस अपने खानपान पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि आज अपनी लव लाइफ में अच्छे मूमेंट्स की तलाश करें। पार्टनर के साथ अच्छा टाइम बिताएं। ऑफिस में आज आपका दिन सही जाने वाला है। आर्थिक स्थिति आज थोड़ी गड़बड़ा सकती है। ऐसे में इन्वेस्टमेंट के वक्त थोड़ा संभलकर रहें। आज आपकी हेल्थ सही रहेगी। मीन राशि आज रिश्ते में ईगो को साइड में ही रखें। इससे चीजें खराब ही होती हैं। ऑफिस में आज नई जिम्मेदारियां आपको अच्छा रिजल्ट देंगी। आर्थिक स्थिति के साथ-साथ आज आपकी हेल्थ सही रहने वाली है। अपने खानपान पर ध्यान दें।

भगवान की मूर्ति आपकी कार में: ये वास्तु टिप्स बदल सकते हैं आपकी किस्मत

जब भी हम कार खरीदते हैं तो सबसे पहले इसका रंग, फीचर आदि देखते हैं और इसके बाद किसी ज्योतिष से पूछते हैं कि कार खरीदना शुभ होगा या नहीं। हर व्यक्ति चाहता है नई कार उसके लिए शुभ हो, इसके लिए वो कार खरीदने के बाद तुरंत मंदिर में भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच जाते हैं और उसकी पूजा भी कराते हैं। वहीं देखा जाता है कि बहुत से लोग कार में भगवान की मूर्ति भी लगाते हैं ताकि भगवान की कृपा बनी रहे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोग अक्सर कार में गणेश जी की मूर्ति, देवों के देव महादेव, मां दुर्गा, लड्डू गोपाल की छोटी मूर्ति लगा लेते हैं ताकि उनके ऊपर आने वाले संकट और विघ्नों से भगवान उनकी रक्षा कर सकें लेकिन वास्तु जानकारों का कहना है कि कार में भगवान की मूर्ति रखते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।  तो वहीं कुछ का तो ये भी मानना है कि गाड़ी में भगवान की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। चलिए जानते हैं कार में भगवान की मूर्ति लगानी चाहिए या नहीं और वास्तु शास्त्र के अनुसार कौन से भगवान की मूर्ति लगा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपकी कार में भगवान की मूर्ति रखी है तो इस बात का ध्यान रखें कि इसकी समय-समय पर सफाई जरूर करें। वास्तु जानकारों की मानें तो अगर आपने कार में भगवान की मूर्ति रखी है तो कार में शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे भगवान का अपमान होता है और वे रुष्ट हो जाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन लोगों ने कार में भगवान की मूर्ति रखी है उन्हें धूम्रपान भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, इस बात का भी खास ख्याल रखें कि जिस कार में भगवान की मूर्ति या फोटो लगी हो ऐसी कार में प्याज, लहसुन और नॉनवेज का सेवन भी नहीं करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ माना गया है। वैसे तो कार में भगवान या किसी भी देवी देवता की मूर्ति न रखें क्योंकि कई बार हमारे गंदे हाथ मूर्ति को लग सकते हैं लेकिन अगर आपने कार में मूर्ति रखी हैं तो साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा ऐसे लोगों को कभी भी भगवान की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए जो लोग कार में शराब, सिगरेट या नॉनवेज खाते हो नहीं तो आपको पाप लग सकता है। गाड़ी में काले रंग का छोटा कछुआ रखना शुभ माना जाता है।  ये गाड़ी में से नकारात्मकता दूर करता है। गाड़ी में नेचुरल स्टोन या क्रिस्टल रखने से पृथ्वी तत्व मजबूत होता है, इससे कार हमेशा सुरक्षित रहती है।

सफलता और धन की चाबी: रात में अपनाएँ ये 5 आदतें

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।  

शक्तिशाली गजकेसरी योग के साथ जनवरी में आएंगे अच्छे दिन, जानें किस्मत चमकाने वाली राशियां

वैदिक ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2026 की शुरुआत कई राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाली है. जनवरी महीने में गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा की शुभ युति से कर्क राशि में बनने वाला गजकेसरी राजयोग एक अत्यंत शक्तिशाली और दुर्लभ योग माना गया है. ज्योतिष के अनुसार, जब भी यह राजयोग बनता है तो यह जातकों को अप्रत्याशित सफलता, पद-प्रतिष्ठा, आर्थिक वृद्धि, मानसिक शांति और सम्मान में इजाफा करता है. यह राजयोग व्यक्ति की कुंडली के शुभ भावों में सक्रिय होकर करियर, नौकरी, प्रमोशन, व्यापार और धन लाभ के रास्ते खोल देता है. जानते हैं 2026 में किन राशियों को इस योग से सबसे ज्यादा फायदा होगा. कर्क राशि –  कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा, क्योंकि गजकेसरी राजयोग उनके लग्न भाव में बन रहा है. यह प्रभाव आपके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लाएगा. मान-सम्मान और समाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी. करियर में नए अवसर और प्रमोशन मिलेंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, धन प्रवाह बढ़ेगा. लंबे समय से रुके कार्य तेजी से पूरे होंगे. आत्मविश्वास बढ़ेगा. निर्णय क्षमता में सुधार होगा.  तुला राशि – तुला राशि के जातकों के लिए यह राजयोग उनके 10वें भाव में प्रभाव डालेगा, जिसे करियर और कर्मक्षेत्र का भाव कहा जाता है. इससे आपको नौकरी में उन्नति, प्रमोशन या नई पोस्टिंग मिल सकती है. व्यवसाय में तेजी, मुनाफा और नए अवसर मिलेंगे. बड़े कॉन्ट्रैक्ट या प्रोजेक्ट मिलने के योग बनेंगे. साझेदारी में लाभ और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात हो सकती है. लंबे समय से नौकरी बदलने का इंतजार खत्म हो सकता है.  मिथुन राशि – मिथुन राशि के लिए गजकेसरी राजयोग उनके धन, परिवार और वाणी से जुड़े भावों में शुभ फल देगा.  इस अवधि में आपको अचानक धन लाभ, बोनस या इनकम बढ़ने की संभावना है. बचत बढ़ेगी. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पारिवारिक माहौल सुखद और सौहार्दपूर्ण रहेगा. निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है. आपकी वाणी में मधुरता आएगी, जिससे सम्मान और अवसर बढ़ेंगे.व्यापारिक वार्ताएं सफल होंगी. नए संबंध बनेंगे.

आज का राशिफल 28 नवंबर 2025: भाग्यशाली राशि कौन-सी, किसे बरतनी होगी सतर्कता

मेष राशि आपको अपनी सेहत का खास ध्यान रखना है। ऑफिस में इस बात का ध्यान रखें कि अपने काम पर फोकस करें और एक साथ कई काम करने के स्किल का ध्यान रखें। इस समय सेविंग पर खास ध्यान दें, आर्थिक लाइफ में कुछ परेशानी आपके सामने आ सकतीहैं। आज लाइफ पार्टनर के साथ विचारों में मतभेद उभर सकते हैं। वृषभ राशि पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में आपको बैलेंस बनाकर चलने की जरूरत है। घर में शांति रहेगी। आज आपकी लाइफ में मंगल कार्य होंगे। निवेश करने से पहले आपको खास ध्यान देना है। आंखे बंद करके किसी पर भरोसा मत करें। फाइनेंस के मैनेजमेंट के होने वाले से बचने के लिए बजट बनाएं। मिथुन राशि बैंकिंग अपडेट से छोटे-मोटे बदलाव आ सकते हैं, आपको खर्च पर खास नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा अपने खातों पर कड़ी नजर रखें। स्वास्थ्य लाभ स्थिर रहेंगे।आज ऑफिस में आपकी तारीफ होगी। पारिवारिक रिश्ते स्थिर रहेंगे। इस समय गुस्सा कम से कम करें। कर्क राशि करियर में आगे बढ़ने के मौके आपके सामने आ रहे हैं, बस आफको पहचानना है। कार्यस्थल पर आपको आज एक सम्मानित पद मिल सकता है। हेल्थ में ओरल हेल्थ इश्यू आपको हो सकते हैं। पैसों से जुड़े फैसलों को आवेग के बजाय लॉजिक से मैनेज करने से आप गलतियों से बच सकते हैं। सिंह राशि आज आप कुछ बड़े फैसले लेंगे। आज एनर्जेटिक महसूस करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। घर का माहौल सामान्य रहेगा।आपकी मेहनत रंग लाएगी और समाज में आपको सम्मान दिया जाएगा। संपत्ति के लेन-देन सुचारू रूप से रहेगा। कन्या राशि निवेश से पहले आपको थोड़ा रुककर सोचना चाहिए। जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। आज शांति से काम लेने की सलाह दी जाती है। संपत्ति निवेश में स्थिर वृद्धि के साथ बेहतरीन संभावनाएं दिखाई देती हैं। लवलाइफ में आज उतार-चढ़ाव के साथ ही स्थिरता बनी रहेगी तुला राशि आपका कोई भी कदम आगे चलकर आपको अच्छा रिटर्न दिलाएगा। इस समय रिसर्च करें और फ्यूचर प्लानिंग करें। अगर मेंटली आपको तनाव हो रहा है, तो आपको थोड़ा रिलेक्स करना चाहिए। स्टूडेंट्स आज एगजाम में सफल रहेंगे। नौकरी के भी चांस हैं। वृश्चिक लंबे समय की पार्टनरशिप आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इस समय आप पर नेगेटिव एनर्जी हावी हो रही है। स्वास्थ्य आज ठीक रहेगा। लवलाइफ भी ठीक रहेगी। बिजनेस भी ठीक रहेगा, कोईखास फर्क नहीं होगा। धनु अभी आपको आर्थिक लाइफ में बचकर चलना है। नया बिजनेस या बिजनेस बढ़ाने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल थोड़ा इंतजार करें। सेहत का ध्यान रखें, छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। मकर राशि आज ओरल हेल्थ से जुड़ी दिक्कते आपको हो सकती हैं। इस समय किसी को भी उधार देने से बचें। अगर लवलाइफ में दिक्कतें आ रही हैं। व्यापार भी ठीक रहेगा। संतान से जुड़ी चिताएं आज से कम होंगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं कुंभ राशि आज कुंभ राशि वालों का मन प्रसन्न नहीं होगा। आपदो मानसिक तौर पर बैचेनी हो सकती है। प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। आपको अपने पार्टनर के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा। मीन राशि आज मीन राशि के लोगों को लड़ाई झगड़े से दूर रहना है। अपनी वाणी पर कंट्रोल रखें। आपकी प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ सकता है। पार्टनरशिप में आज खास ध्यान दें। कुछ आर्थिक मामलों में डिप्लोमेटिक होना जरूरी है।

पैसे की आवक बढ़ाने के सरल वास्तु टिप्स: इस दिशा में रखें ये जरूरी चीजें

भारत में वास्तुशास्त्र को सदियों से समृद्धि और सौभाग्य का विज्ञान माना गया है। घर में वस्तुओं की सही दिशा और सही स्थान न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा लाता है, बल्कि धन के प्रवाह को भी बढ़ाता है। यदि घर में बार-बार आर्थिक बाधाएं आएं या प्रयास का फल न मिले, तो इसका कारण वास्तुदोष भी हो सकता है। ऐसे में कुछ विशेष वस्तुओं का सही दिशा में स्थान परिवार में मां लक्ष्मी का वास बनाए रखता है। स्वस्तिक – सौभाग्य और धन का शक्तिशाली प्रतीक स्वस्तिक को वैदिक ग्रंथों में शुभता, उन्नति और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक कहा गया है। घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थान या आंगन में स्वस्तिक बनाने से सकारात्मक तरंगें सक्रिय होती हैं। सही दिशा: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) उत्तर दिशा: इन दिशाओं में स्वस्तिक लगाने से घर में सौभाग्य और धन का प्रवाह बढ़ता है। पीतल या तांबे की घंटी – नकारात्मकता दूर करती है हिंदू पूजा की परंपरा में घंटी बजाना अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसकी ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में दिव्य कंपन फैलती है। सही दिशा: पूजा कक्ष के उत्तर-पूर्व या उत्तर भाग में घंटी टांगें। यह दिशा समृद्धि और शुद्धता का केंद्र मानी गई है। शंख – धन और सौभाग्य का प्रतीक शंख भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रतीक है। घर में शंख रखने से धन वृद्धि, सफलता और शांति आती है। सही स्थान: पूजा घर के ईशान कोण में विष्णु या लक्ष्मी जी की मूर्ति के दाहिने तरफ यह स्थान धनलाभ और सौभाग्य के योग को प्रबल करता है। पानी से भरा कलश – समृद्धि का स्रोत कलश को घर में स्थापित करना शुभता और स्थिरता लाता है। जल तत्व संतुलित रहने से मानसिक स्पष्टता और आर्थिक उन्नति होती है। सही दिशा: उत्तर उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): यह दिशा जल तत्व को सक्रिय कर धन से जुड़ी बाधाएं कम करती हैं। तुलसी का पौधा – परिवार में सुख और लक्ष्मी का वास तुलसी को देवी स्वरूप माना गया है। इसके घर में होने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और स्वास्थ्य व धन दोनों में वृद्धि होती है। उत्तम दिशा: उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व

शनि की मार्गी स्थिति 28 नवंबर से शुरू, 2026 तक सकारात्मक प्रभाव जारी

इस समय शनि मीन राशि में वक्री हैं और 28 नवंबर 2025 को शनि मार्गी होने जा रहे हैं. शनि की सीधी चाल सभी 12 राशि वालों पर असर डालेगी. इनमें से कुछ राशियों के लिए यह बेहद शुभ रहेगी. शनि जुलाई 2026 तक मीन राशि में मार्गी रहेंगे और इन जातकों को बहुत लाभ देंगे. जानिए 24 घंटे बाद यानी कि 28 नवंबर से किन राशि वाले लोगों की जिंदगी में सकारात्‍मक बदलाव आने वाले हैं. नवग्रहों में शनि ग्रह 28 नवंबर की मध्यरात्रि से मार्गी हो रहे हैं। यह स्थिति 26 जुलाई 2026 तक बनी रहेगी। शनि के मार्गी होते ही विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। ग्रहों का वक्री और मार्गी होना देता है अलग परिणाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार भारतीय ज्योतिष में ग्रहों का वक्री या मार्गी होना अलग-अलग प्रभाव देता है। ग्रह किस राशि में यह परिवर्तन कर रहा है, यह भी परिणामों को प्रभावित करता है।उन्होंने कहा कि सौम्य और पाप ग्रहों का वक्रत्व काल और मार्गी स्थिति दोनों ही प्रकृति और जनमानस पर भिन्न प्रभाव डालते हैं। शनि वर्तमान में मार्गी हो रहे हैं और जुलाई 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे, जिसके बाद उनका वक्री काल पुनः शुरू होगा। मीन राशि में शनि- टेक्नोलॉजी और संचार में बड़े बदलाव शनि का मीन राशि में संचरण तकनीकी और संचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा।     नई तकनीकों का विकास तेज होगा     तकनीकी संचार में त्रुटियों में कमी आएगी     सूचना के नए सेगमेंट तक पहुंच आसान होगी ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भारतीय वायु सेना, रॉकेट तकनीक, इसरो और इनसेट से जुड़े सिस्टम थ्योरी में भी बड़े बदलाव होने की संभावना है। ये परिवर्तन आने वाले समय में भारत की अंतरिक्ष और सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करेंगे। धर्म और आध्यात्म की ओर बढ़ेगी रुचि शनि का मीन राशि में मार्गी होना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अनुकूल माना जाता है।मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, और बृहस्पति और शनि के बीच नैसर्गिक दृष्टि संबंध होने से जनमानस में धर्म और आध्यात्म की ओर विशेष आकर्षण बढ़ेगा।लोग आंतरिक शांति के लिए प्रकृति, योग, ध्यान और देवालयों की ओर अधिक झुकाव महसूस करेंगे। शनि के लोहे का पाया कैसे निर्धारित होता है? ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि के तांबे का पाया गोचर के समय चंद्रमा की स्थिति के आधार पर पाया तय होता है. शनि के राशि परिवर्तन के समय आपकी चंद्र राशि से शनि के 4, 8 और 12वें भाव में होने पर लोहे का पाया बनता है. ज्योतिष में शनि के लोहे के पाए को एक अशुभ स्थिति माना जाता है.