samacharsecretary.com

दुर्लभ संयोग: अक्टूबर में दो बार बन रहा शनि प्रदोष व्रत, करें ऐसे पूजन

साल 2025 का अक्टूबर महीना महादेव के भक्तों और शनिदेव की कृपा चाहने वालों के लिए बेहद खास है. प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित होता है और जब यह शनिवार के दिन पड़ता है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं, जिसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. शनिवार का दिन होने के कारण इस व्रत में भगवान शिव के साथ-साथ कर्मफल दाता शनिदेव की पूजा का भी विधान है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से शनि के अशुभ प्रभाव, साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस साल अक्टूबर 2025 में दुर्लभ संयोग बन रहा है, क्योंकि एक ही महीने में दो बार शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा. आइए जानते हैं इनकी तिथि, महत्व और पूजा विधि. शनि प्रदोष व्रत 2025: अक्टूबर की शुभ तिथियां     पंचांग के अनुसार, अक्टूबर 2025 में दो बार त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ रही है, जिससे यह दुर्लभ संयोग बन रहा है.     पहला शनि प्रदोष व्रत 4 अक्टूबर 2025 शनिवार आश्विन, शुक्ल पक्ष     दूसरा शनि प्रदोष व्रत 18 अक्टूबर 2025 शनिवार कार्तिक, कृष्ण पक्ष इस बार दूसरा शनि प्रदोष व्रत धनतेरस के शुभ दिन पर पड़ रहा है, जो इसकी महत्ता को और अधिक बढ़ा रहा है. शनि प्रदोष व्रत की संपूर्ण पूजा विधि व्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. गंगाजल से पूजा स्थल को शुद्ध करें. हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें. पूरे दिन केवल फलाहार या जल ग्रहण करें और सात्विक नियमों का पालन करें. शाम को प्रदोष काल से पहले फिर से स्नान करें. एक चौकी पर शिव-परिवार (शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय) की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें. शिवलिंग का अभिषेक करें. अभिषेक के लिए जल, गाय का दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, गन्ने का रस आदि का प्रयोग करें. शिवलिंग पर बेलपत्र, आक के फूल, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, काले तिल, चंदन और अक्षत (चावल) अर्पित करें. माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं. भगवान शिव को खीर, हलवा या अन्य सात्विक भोग लगाएं. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. शनिदेव की कृपा के लिए इस दिन शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करें. शनि प्रदोष व्रत की कथा सुनें. और फिर आखिर में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें. विशेष संयोग का फल अक्टूबर 2025 में शनि प्रदोष व्रत का दो बार आना भक्तों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान किया गया व्रत अखंड पुण्यफल देने वाला होता है. खासकर जो लोग शनि से पीड़ित हैं, उनके लिए यह अवसर वरदान साबित होगा.

धन-समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु टिप्स, दीवाली पर होगा मां लक्ष्मी का स्वागत

वैदिक पंचांग के अनुसार, दीपावली का पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या पर मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऐसे में आप दीवाली से पहले अपने घर में कुछ बदलाव करके लाभ देख सकते हैं। इससे आपको वास्तु दोष का सामना नहीं करना पड़ता। साथ ही इन उपायों को करने से घर में सकारात्मकता का भी वास बना रहता है। होगा धन लाभ वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को विशेष महत्व दिया गया है। आप इस दिशा में तिजोरी, जेवर या जरूरी कागजात आदि रखते हैं। ऐसा करने से आपके ऊपर कुबेर देव और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। साथ ही आप इस दिशा में कुबेर यंत्र, माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करना भी काफी शुभ माना गया है। ऐसा करने से जातक के लिए धन लाभ के योग बनने लगते हैं। लेकिन घर की उत्तर दिशा में भूलकर भी जूते-चप्पल या कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए। इससे आपको धन संबधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ठीक करें ये गलतियां वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में इसकी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर आपका मुख्य द्वार जर्जर या अव्यवस्थित हालत में है, तो ऐसे में आपको वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। इसी के साथ आपके घर में टपकता हुए नल बिल्कुल नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह आपके लिए धन हानि का कारण बन सकता है। वहीं आप दीवाली से पहले बंद या खराब घड़ी, टूटा शीशा, टूटे बर्तन या टूटे-फूटे व खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी बाहर कर दें। क्योंकि यह सभी चीजें नकारात्मकता को बढ़ावा देती हैं, जिससे धन हानि हो सकती है। इन दिशाओं का भी रखें ध्यान वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर को साफ-सुथरा और हवादार रखना चाहिए। घर के कोनों में रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही सकारात्मक ऊर्जा के लिए आप घर में तुलसी का पौधा भी लगा सकते हैं। इसे हमेशा उत्तर, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या फिर पूर्व दिशा में रखना चाहिए। इसके साथ ही घर की दक्षिण दिशा में भारी सामान जैसे मशीनें, आदि रख सकते हैं। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि यह दिशा जितनी ढकी हो, उतना अच्छा है।  

शरद पूर्णिमा 2025: 16 कलाओं वाले चंद्रमा की अमृत वर्षा और पूजा नियम

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का त्योहार विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि साल में यह एकमात्र ऐसी रात होती है जब चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करता है. यही कारण है कि इस रात को आसमान के नीचे खीर बनाकर रखने और अगले दिन प्रसाद रूप में ग्रहण करने की परंपरा है, जिससे आरोग्यता और सुख-समृद्धि मिलती है. इस साल शरद पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के मन में संशय है कि यह 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी या 7 अक्टूबर को. आइए जानते हैं सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस त्योहार से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें. शरद पूर्णिमा 2025 तिथि? पंचांग के अनुसार, इस दिन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगी, वहीं पूर्णिमा तिथि का समापन 7 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर होगा. चूंकि पूर्णिमा तिथि का आरंभ 6 अक्टूबर को हो रहा है और इस दिन चंद्रोदय भी हो रहा है, इसलिए शरद पूर्णिमा का व्रत और पूजन 06 अक्टूबर 2025, सोमवार को ही किया जाएगा. सोलह कलाओं वाला चंद्रमा और अमृत वर्षा का महत्व शरद पूर्णिमा को सबसे महत्वपूर्ण पूर्णिमा माना जाता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है.ये 16 कलाएं मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे – मानसिक शांति, सौंदर्य, बल, ज्ञान, और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ी होती हैं. पौराणिक मान्यता: माना जाता है कि इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था.साथ ही, यह भी मान्यता है कि इस रात धन की देवी मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और देखती हैं कि कौन जाग रहा है.इसीलिए इसे ‘कोजागरी’ पूर्णिमा भी कहते हैं. वैज्ञानिक और स्वास्थ्य महत्व: ज्योतिष और आयुर्वेद के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अत्यधिक शक्तिशाली होती हैं और उनमें विशेष औषधीय गुण आ जाते हैं. इस चांदनी में रखे गए दूध या चावल की खीर को ‘अमृत’ के समान माना जाता है. इस खीर को खाने से शरीर निरोगी रहता है, रोगों से मुक्ति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. शरद पूर्णिमा की पूजा विधि शरद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.घर और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें. घर के मंदिर या पूजा स्थान पर एक चौकी स्थापित करें. इस पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. धूप, दीप जलाएं और भगवान को पुष्प, फल, अक्षत, रोली और नैवेद्य अर्पित करें. मां लक्ष्मी को कमल का फूल, सफेद मिठाई और एकाक्षी नारियल अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है. रात के समय चावल की खीर बनाकर उसे एक मिट्टी या चांदी के पात्र में भरकर खुले आसमान के नीचे (छत या आंगन में) चंद्रमा की रोशनी में रखें. रात में जागकर मां लक्ष्मी और चंद्रदेव के मंत्रों का जाप करें. इस दिन ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. फिर अगली सुबह, स्नान आदि के बाद भगवान को उस खीर का भोग लगाएं और इसे प्रसाद स्वरूप पूरे परिवार के साथ ग्रहण करें. इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है.

आज का राशिफल – 3 अक्टूबर: मेष से मीन राशि वाले पढ़ें पूरी जानकारी

मेष: आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। निवेश के लिए अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। लव लाइफ अच्छी रहेगी। कार्यस्थल पर आपके सामने नई समस्याएं सामने आएंगी। आज आपको लोगों के साथ गपशप करने से बचना चाहिए। धन की स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ: आज आपकी किसी पुरानी दोस्त से मुलाकात हो सकती है। निवेश के अवसर मिलेंगे और किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। धैर्य रखने की जरूरत है। अचानक रोमांटिक मुलाकात होने की संभावना है। पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धन संबंधी मामले सुलझाने में सफल रहेंगे। मिथुन: आज आपको मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सकती है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। किसी प्रभावशाली लोगों से मुलाकात हो सकती है। नौकरी पेशा करने वालों को प्रमोशन के साथ आय में वृद्धि मिल सकती है। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। कर्क: आज आपको पार्टनर का साथ मिलेगा, जिससे सुखद वैवाहिक जीवन का अनुभव होगा। आर्थिक लाभ के संकेत हैं। अपने बॉस और सीनियर्स को प्रभावित करने के लिए दिन अच्छा है। आपका परिवार आज आपसे कई परेशानियां साझा करेगा, जिन्हें आप हल करने की कोशिश करेंगे। यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक बन सकता है। सिंह: आज आपको धन व सेहत से जुड़े अच्छे परिणाम मिलेंगे। ऑफिस में किसी कलीग का सहयोग मिलने से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। राजनीतिक लाभ होगा। धन संबंधी मामले निपटाने के लिए दिन अनुकूल है। कारोबार के संबंध में यात्रा करनी पड़ सकती है, जिससे लाभ के संकेत हैं। कन्या: आज आपको किसी रिश्तेदार से आर्थिक मदद मिल सकती है, जिससे धन संबंधी परेशानियां सुलझ सकती हैं। परिवार में किसी सदस्य के व्यवहार से आप परेशान रह सकते हैं। क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए बढ़िया दिन है। आज आपको काफी खाली समय मिलने की संभावना है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। तुला: आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। आपकी लव लाइफ आज एक खूबसूरत मोड़ लेगी। ऑफिस में कोई सरप्राइज मिल सकता है, जिससे दिन खूबसूरत बन सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। करियर से जुड़े अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। धन आपके पक्ष में रहेंगे। वृश्चिक: आज आपको अपनी सेहत का ख्याल रखना होगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे आपके मन में तनाव रहेगा। किसी प्रिय व्यक्ति के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आज खाली समय में आप ऐसे काम करेंगे जिनका आप प्लान बनाते थे और उन्हें लागू करने के बारे में सोचते थे लेकिन नहीं कर पा रहे थे। जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। धनु: आज आपका आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कला और संगीत से जुड़े लोगों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। आय के साधन भी बन सकते हैं। करियर में उन्नति मिल सकती है। संतान का साथ मिलेगा। प्रेम में सुधार होगा। मकर: आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में वृद्धि रहेगी। लाभ के अवसर भी मिलेंगे, लेकिन भागदौड़ ज्यादा रहेगी। धन से जुड़े मामले सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। जिन लोगों ने किसी से पैसा उधार लिया है उन्हें किसी भी परिस्थिति में उधार चुकाना पड़ सकता है। कुंभ: आज का दिन आपकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर सकता है। अपनी समस्याओं को अपने परिवार के सदस्यों के साथ शेयर करके आप हल्का महसूस करते हैं। करियर से जुड़े दिक्कतें सामने आ सकती हैं। लव लाइफ अच्छी रहेगी। व्यापार करने वालों को पार्टनरशिप के अच्छे अवसर मिलेंगे। मीन: आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। बच्चों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आज किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आप कार्यस्थल पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जिससे उच्चाधिकारी प्रसन्न होंगे।

जानें पापांकुशा एकादशी के नियम और इसे करने से मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ

सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. हर महीने में दो एकादशी आती हैं, और इनमें से प्रत्येक अपने नाम के अनुरूप फल देती है. आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने वाले व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, उसे सुख-समृद्धि मिलती है और आखिर में मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस साल, पापांकुशा एकादशी का पावन पर्व 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पापांकुशा एकादशी: शुभ मुहूर्त (2025)     एकादशी तिथि का प्रारंभ: 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार, शाम 07:10 बजे से.     एकादशी तिथि का समापन: 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार, शाम 06:32 बजे तक     पापांकुशा एकादशी का व्रत 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा. (उदया तिथि के अनुसार)     व्रत पारण का समय 4 अक्टूबर 2025, शनिवार, सुबह 06:16 बजे से 08:37 बजे तक पापांकुशा एकादशी की पूजा विधि सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें. घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. पीले फूल, तुलसी दल, चंदन और धूप-दीप से भगवान विष्णु की पूजा करें. पीली वस्तुओं जैसे केले, मिठाई, हल्दी, और पीले वस्त्र का प्रयोग शुभ माना जाता है. दिनभर व्रत रखें और केवल फलाहार करें. संध्या समय विष्णु सहस्त्रनाम या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें. अगले दिन द्वादशी तिथि को व्रत का पारण करें. पापांकुशा एकादशी व्रत के नियम व्रत के दिन क्रोध, आलस्य और असत्य भाषण से बचना चाहिए. इस दिन मांसाहार, मदिरा और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूरी बनाए रखना जरूरी है. व्रतधारी को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने का विशेष महत्व है. पापांकुशा एकादशी के लाभ व्रतधारी के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है. घर-परिवार में समृद्धि आती है. व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग मिलता है. इस व्रत का पुण्य जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी साथ रहता है. पापांकुशा एकादशी का महत्व ‘पापांकुशा’ नाम का अर्थ है ‘पापों पर अंकुश लगाने वाली’. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और उसे यमलोक के कष्टों को सहना नहीं पड़ता. पद्म पुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं युधिष्ठिर को इस व्रत का महत्व बताते हुए कहा है कि यह एकादशी व्रत सभी पापों का नाश करता है. जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और गरीबों को दान देते हैं, उन्हें हजारों अश्वमेध यज्ञ और सौ सूर्य यज्ञ करने के समान फल प्राप्त होता है. यह व्रत जीवन में सुख-शांति लाता है और आखिर में व्यक्ति को भगवान विष्णु के परमधाम बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है.

इन 5 रात्रीकर्मों से बनें धन और कामयाबी के मालिक

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।  

दशहरे की लकड़ी से चमत्कारी उपाय: नकारात्मक ऊर्जा को करें दूर

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, दशहरा का पर्व बहुत खास माना जाता है। इस दिन रावण दहन किया जाता है, जिसके पीछे मान्यता है कि रावण के साथ सभी नकारात्मकता, अहंकार और बुराइयां भी जलकर राख हो जाती हैं। मान्यताओं और ज्योतिषीय उपायों के अनुसार, रावण दहन की राख और जली हुई लकड़ी में एक विशेष शक्ति आ जाती है, जो घर से बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने में सहायक होती है। बुरी नजर और नकारात्मकता दूर करने के खास उपाय रावण दहन के तुरंत बाद, जब आग शांत हो जाए, तो वहां से बची हुई थोड़ी-सी राख या एक छोटा जला हुआ लकड़ी का टुकड़ा उठाकर घर लाएं। इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। बुरी नजर से सुरक्षा का कवच रावण दहन से लाया गया जली हुई लकड़ी का छोटा टुकड़ा या थोड़ी-सी राख को एक लाल कपड़े की पोटली में बांध लें।  इस पोटली को अपने घर के मुख्य द्वार के अंदर की तरफ या दहलीज के पास टांग दें अथवा किसी सुरक्षित स्थान पर रख दें।  यह उपाय आपके घर के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। मान्यता है कि यह घर में नकारात्मक शक्तियों के प्रवेश को रोकता है, जिससे परिवार के सदस्यों को बुरी नजर नहीं लगती और घर में शांति बनी रहती है। माथे पर तिलक लगाकर विजय प्राप्त करना रावण दहन की राख को उठाकर लाएं और उसे शुद्ध कर लें। अगले दिन, स्नान के बाद इस राख का तिलक अपने माथे पर लगाएं।  ऐसा माना जाता है कि यह तिलक व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय दिलाने में सहायक होता है। यह नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा करता है और व्यापार तथा करियर में उन्नति के रास्ते खोलता है। धन-समृद्धि और स्थिरता के लिए विशेष उपाय रावण दहन से बचा हुआ एक छोटा-सा जला हुआ लकड़ी का टुकड़ा लें। इसे शुद्ध करके अपनी तिजोरी, कैश बॉक्स या जहां आप अपना धन और कीमती सामान रखते हैं, उस स्थान पर रख दें।  यह उपाय घर में धन के आगमन के नए रास्ते खोलता है और धन को घर में स्थिरता प्रदान करता है। इससे धीरे-धीरे आर्थिक तंगी और लगातार आ रही मुश्किलें दूर होने लगती हैं। भय और वास्तु दोष मुक्ति जली हुई लकड़ी या राख की पोटली को घर के आंगन या बालकनी में दक्षिण दिशा की ओर सुरक्षित रख दें।   ऐसा माना जाता है कि यह उपाय पारिवारिक सदस्यों को अनजाना भय और डर से मुक्ति दिलाता है। साथ ही, यह घर के वास्तु दोषों को भी कम करने में मदद करता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।

दशहरे पर करें ये दिव्य मंत्रों का जाप, हर बाधा होगी समाप्त

दशहरा भारत के सबसे पवित्र और विजय उत्सवों में से एक है। यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक माना जाता है। यही वह दिन है जब भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की थी और मां दुर्गा ने महिषासुर जैसे राक्षस का संहार किया था। इस दिन को शक्ति, विजय, साहस और सकारात्मक ऊर्जा के रूप में मनाया जाता है। दशहरे के दिन यदि सही मंत्रों का जाप किया जाए, तो न सिर्फ आध्यात्मिक उन्नति मिलती है बल्कि जीवन में चल रही बाधाएं भी दूर होती हैं। आइए जानते हैं दशहरे पर किए जाने वाले महत्त्वपूर्ण मंत्रों, उनके लाभ और जाप की विधि के बारे में। इन मंत्रों का करें जाप ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नमः दशहरे के दिन ही श्री राम ने रावण का वध कर देश में शांति और सच्चाई का राज्य स्थापित किया। ऐसे में यदि आप इस मंत्र का जाप करते हो तो आपको मनचाही सफलता मिलेगी। ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।। यह शक्ति, साहस और रक्षा प्रदान करता है। दशहरे के दिन इस मंत्र के जाप से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की हर बुराई का अंत होता है। ॐ हनुमते नमः श्रीराम भक्त हनुमान दशहरा के अवसर पर विशेष पूजनीय होते हैं। यह मंत्र जीवन से डर, भय, और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो कर्ज, कोर्ट-कचहरी, या शत्रु बाधा से पीड़ित हैं। ॐ अपराजितायै नमः  इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है। यदि कोई भी शुभ कार्य करने जा रहे हो तो इस मंत्र का जाप कर के घर से बाहर निकलें। ऐसा करने के बाद आपको कभी भी निराशा का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। मंत्र जाप की सही विधि दशहरा के दिन विजय मुहूर्त जो दोपहर के समय आता है और अपराह्न काल मंत्र जाप के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं। स्नान के बाद, स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर बैठें। यदि संभव हो तो लाल या पीले रंग के आसन का प्रयोग करें। जाप शुरू करने से पहले हाथ में जल, फूल और चावल लेकर अपने उद्देश्य  का संकल्प लें। मंत्र जाप के लिए रुद्राक्ष या तुलसी की माला का प्रयोग करें। जाप करते समय अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।

धनतेरस कब है? 18 या 19 अक्टूबर 2025 – पूरी जानकारी यहाँ

धनतेरस का त्योहार दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है. इस साल, धनतेरस की सही तारीख को लेकर लोग अक्सर असमंजस में हैं कि यह 18 अक्टूबर को है या 19 अक्टूबर को. इस लेख में, हम आपकी सभी शंकाओं को दूर करेंगे और धनतेरस के महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से बताएंगे. 18 या 19 अक्टूबर, कब है धनतेरस? द्रिक पंचांग के अनुसार, धनतेरस त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. इस बार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर, शनिवार को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि को विशेष महत्व दिया जाता है, यानी वह तिथि जो सूर्योदय के समय मौजूद हो. इस साल, 18 अक्टूबर को सूर्योदय के समय त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी. इसलिए, धनतेरस का पर्व शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को ही मनाया जाएगा. धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त धनतेरस पर पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है. पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. इस साल, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 16 मिनट से रात 8 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. पूजा की कुल अवधि 1 घंटा 4 मिनट है. इस दौरान आप धन की देवी लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और स्वास्थ्य के देवता धन्वंतरि की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. क्यों मनाते हैं धनतेरस? महत्व और मान्यताएं धनतेरस को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था, जिन्हें आयुर्वेद का जनक और देवताओं का वैद्य माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान धन्वंतरि देव अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. यही कारण है कि इस दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. धनतेरस के दिन सोने, चांदी, और नए बर्तनों की खरीदारी करना एक परंपरा है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी से धन में 13 गुना वृद्धि होती है. यह त्योहार समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य का प्रतीक है. धनतेरस की पूजा विधि पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें. पूजा के लिए एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. चौकी पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. पूजा से पहले धन्वंतरि देव के लिए एक दीपक जलाएं. यह दीपक स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है. पूजा करते समय ‘ॐ धन्वंतराय नमः’ और ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः’ जैसे मंत्रों का जाप करें.भगवान को फल, फूल, मिठाई, और धनिया के बीज (जिसे धन का प्रतीक माना जाता है) अर्पित करें. पूजा के बाद धनतेरस की कथा अवश्य सुनें. शाम के समय घर के बाहर यम देवता के लिए एक बड़ा दीपक जलाएं. इसे यम दीप कहा जाता है, जो अकाल मृत्यु से बचाता है.

राशिफल 2 अक्टूबर: किस राशि के लिए रहेगा शुभ दिन, किसे रखना होगा सावधान?

मेष राशि- आज आपको ऑफिस में सीनियर्स का दबाव और घर में कलह को झेलना पड़ सकता है। जिसके कारण आपकी मानसिक शांति भंग हो सकती है। कोई रिश्तेदार आपसे आर्थिक मदद मांग सकता है लेकिन आपको लेनदेन में सतर्कता बरतनी चाहिए। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वृषभ राशि– आज आपको अपने काम से कुछ समय निकाल कर आराम करने की जरूरत है। धन का आगमन होगा और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी। परिवार में किसी जश्न के लिए योगदान करना पड़ सकता है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। मिथुन राशि– आज आपको सामाजिक कार्यों के लिए तारीफ मिल सकती है। आप बिना किसी मदद या मदद के पैसा कमाने में सफल रहेंगे। गुस्से पर काबू रखें और वाद-विवाद से दूर रहें। कामकाज के कारण व्यस्तता हो सकती है। परिवार के साथ अचानक किसी ट्रिप पर जाने का प्लान बन सकता है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। कर्क राशि- आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए और साहसिक गतिविधियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। आज आप उन रिश्तेदारों को अपना पैसा उधार देने से बचें जिन्होंने अभी तक पिछली रकम नहीं लौटाई है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आज आपके वैवाहिक जीवन में चीजें आपके कंट्रोल से बाहर हो सकती हैं। सिंह राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। लिखने-पढ़ने से जुड़े कार्यों के लिए दिन अच्छा है। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं, लेकिन विदेश जाने के अवसर भी मिल सकते हैं। आर्थिक रूप से स्थिति बेहतर होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। कन्या राशि- आज आपको धैर्य से काम लेना चाहिए। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। कोई पुराना संपर्क आपके लिए कुछ परेशानियां खड़ी कर सकता है। आज अपने लवर की फीलिंग्स को समझें। जीवनसाथी आपकी तारीफ कर सकता है। व्यापार को आगे बढ़ाने के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। तुला राशि- आज आप दूसरों के साथ खुशियों के पल को शेयर करेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है क्योंकि पहले दिया गया कोई पैसा तुरंत वापस आ जाएगा। किसी दोस्त की मदद से व्यक्तिगत परेशानी दूर हो सकती है। काम का तनाव अभी भी आपके दिमाग पर छाया हुआ है और परिवार के लिए समय नहीं निकल पा रहा है। वृश्चिक राशि- आज आपकी सेहत पहले से अच्छी होगी। कार्यस्थल पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। यात्रा का योग है। चीजों को कंट्रोल में रखने के लिए हर किसी की परेशानी पर ध्यान दें। व्यापार करने वालों को नई पार्टनरशिप मिल सकती है। धन की स्थिति अच्छी होगी। धनु राशि– आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा, लेकिन धैर्यशीलता बनाए रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। संतान का साथ मिलेगा। माता-पिता की मदद से धन लाभ के संकेत हैं। बिजनेस करने वालों को व्यापारिक यात्रा करनी पड़ सकती है। मकर राशि- आज नौकरी से जुड़े अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। जिन लोगों का इंटरव्यू शेड्यूल है, उन्हें पॉजिटिव रिजल्ट मिल सकता है। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। धन संबंधी मामले आपके मन को परेशान कर सकते हैं। कुंभ राशि– आज अपने खान-पान में सावधानी बरतें। आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में कटु वचनों को कहने से बचें। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात हो सकती है। आपके सहकर्मी किसी खास काम में आपकी मदद कर सकते हैं। आपके परिवार का कोई सदस्य आज आपके साथ कुछ समय बिताने की जिद कर सकता है। मीन राशि– आज दिन की शुरुआत योग या ध्यान से करें। भाई-बहनों की मदद से आज आपको धन लाभ होगा। अपने भाई-बहनों से सलाह लें। परिवार की स्थिति सामान्य नहीं रहेगी। अपना हुनर ​​दिखाने के मौके आज आपके पास रहेंगे। आपको एहसास होगा कि आपकी शादी इतनी खूबसूरत पहले कभी नहीं थी।