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EPFO का पूरा बैलेंस निकालना अब हुआ आसान, मोबाइल से करें सिर्फ कुछ मिनटों में

नई दिल्ली ईपीएफओ ने कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी है। अब पीएफ सदस्य अपने खाते से 100% राशि निकाल सकते हैं। ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है। आगे आप इस प्रोसेस को स्टेप-बाय-स्टेप समझ सकते हैं। हाल ही में EPFO ने एक बड़ा बदलाव करते हुए कर्मचारियों को राहत दी है। अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी कि EPFO के सदस्य अपने पीएफ खाते से 100% राशि निकाल पाएंगे। ऐसे में अगर आप भी एक नौकरी पेशा शख्स हैं, तो आपके लिए भी जान लेना जरूरी है कि किस तरह से पीएस से पैसा निकाला जा सकता है। इससे पहले कि हम मोबाइल से EPFO का सारा पैसा निकालने का तरीका समझें, इस बात पर ध्यान दें कि नौकरी छूटने के बाद पूरी राशि निकालने की समय सीमा अब 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। चलिए अब हम EPFO से पैसे निकालने का तरीका समझ लेते हैं। EPFO से सारा पैसा निकालने के स्टेप्स अपने PF अकाउंट से सारा पैसा निकालने के लिए आपको सबसे पहले आपको EPFO की ऑफीशियल साइट पर जाना होगा और अपने UAN नंबर और पासवर्ड की मदद से अपने अकाउंट में लॉग-इन करना होगा।     लॉग इन करने के बाद डैश बोर्ड पर दिख रहे Online Services के ऑप्शन पर क्लिक करें और Claims ऑप्शन पर क्लिक करें।     इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा। यहां कुछ फील्ड्स पहले से भरी हुई होंगी और कुछ फील्ड्स में आपको अपनी डिटेल्स भरनी होंगी।     इस फॉर्म पर आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर डालना होगा और नियमों और शर्तों को स्वीकार करना होगा।     इसके बाद आपको अपनी आखिरी जॉब की डिटेल्स दिखाई देंगी और साथ ही डेट ऑफ एग्जिट का भी जिक्र उसमें होगा। डेट ऑफ एग्जिट का मतलब आपकी पिछली जॉब के लास्ट वर्किंग डे से होता है। आगे के स्टेप्स     इसके बाद Proceed For Online Claim पर क्लिक करके अगले स्टेप्स पर जाएं।     इसके बाद आपको I want to apply for में Form 19 को चुनना होगा और इसी के साथ आपके सामने एक और फॉर्म खुल जाएगा।     इस ऑप्शन के नीचे आपको Form 15G जमा करने का ऑप्शन मिलेगा। इस फॉर्म को तब भरकर सबमिट किया जाता है जब विड्रॉल की जा रही अमाउंट 50 हजार से ज्यादा हो और आप न चाहते हों कि उस पर आपसे 10% टीडीएस या टैक्स लिया जाए।     इसके बाद आपको अपने आधार कार्ड पर दिया पता भरना होगा और फिर मांगा जाए, तो कैंसिल चेक की फोटो अपलोड करनी होगी।     इसके बाद शर्तों को स्वीकार करके Get Aadhaar OTP पर टैप करें और OTP वेरिफाई करके अपने फॉर्म को सबमिट कर दें।     इसके बाद कुछ ही दिन में आपको अपने अकाउंट में आपका PF का पैसा मिल जाएगा।  

घट गए LPG के दाम, जानिए अब कितने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

राहत की खबर: आज से सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, देखें आपके शहर में क्या हैं नए दाम घट गए LPG के दाम, जानिए अब कितने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर गैस सिलेंडर हुआ सस्ता! आज से लागू हुए LPG के नए रेट्स, जानिए नए रेट्स नईदिल्ली  देश में एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज से बदलाव हुआ है. तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम घटा दिए हैं. यह कटौती 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में हुई है. यह सिलेंडर 5 रुपये सस्‍ता हुआ है . नई कीमत 1 नवंबर 2025 यानी आज से लागू हो चुकी हैं.  IOCL की वेबसाइट के मुताबिक,  19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की रिवाइज्ड कीमत दिल्‍ली में 1590.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1595.50 रुपये थी. हालांकि रसोई गैस सिलेंडर या 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों पर कोई असर नहीं हुआ है.  आपके शहर में कितनी है कीमत इससे पहले कमर्शिय एलपीज सिलेंडर की कीमत में बदलाव अक्‍टूबर में हुआ था. अक्‍टूबर में 19 केजी वाले सिलेंडर की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. हालांकि अब 5 रुपये कम किए गए हैं. इस कटौती के बाद 1 नवंबर से कमर्शियल LPG की नई कीमत मुंबई में 1542 रुपये, कोलकाता में 1694 रुपये और चेन्नई में 1750 रुपये होगी. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्‍तेमाल होटल, रेस्‍टोरेंट, ढाबा और अन्‍य व्‍यावसायि जगहों पर होता है.  IOCL की वेबसाइट के अनुसार, पटना में अब 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर 1876 रुपये, नोएडा में 1876 रुपये, लखनऊ में 1876 रुपये, भोपाल में 1853.5 रुपये और गुरुगाम में 1607 रुपये में दिया जाएगा.  सोई गैस की कीमतें नहीं बदलीं देश में रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमत में आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को बदलाव हुआ था, तबसे लेकर अभी तक इसमें कोई प‍रिवर्तन नहीं किया गया है. सिर्फ कमर्शियल गैस के दाम में बदलाव हुआ है.  आपके शहर में कितनी है रसोई गैस की कीमत  दिल्ली में रसोई गैस की कीमत अभी 853 रुपये है. कोलकाता में रसोई गैस की कीमत 879 रुपये, मुंबई में इसकी कीमत 852.50 रुपये, चेन्नई में यह प्राइस 868.50 रुपये, लखनऊ में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 890.50 रुपये, अहमदाबाद में इसकी कीमत 860 रुपये, हैदराबाद में यह प्राइस 905 रुपये, वाराणसी में 916.50 रुपये और पटना में 951 रुपये है.  हवाई फ्यूल के दाम भी बदले lpg सिलेंडर के साथ ही एटीएफ के दाम में भी बदलाव हुआ है. आईओसीएल की वेबसाइट के मुताबिक, डोमेस्टिक रन के लिए हवाई फ्यूल दिल्‍ली में 94,543.02 रुपये प्रति किलो है. इसी तरह, इंटरनेशनल रन के लिए हवाई फ्यूल दिल्‍ली में 817.01 डॉलर प्रति किलो है.   

1 नवंबर से बदले 7 बड़े नियम: GST, बैंकिंग और गैस सिलिंडर तक, आपकी जेब पर सीधा असर!

नई दिल्ली  हर महीने की शुरुआत में कई नियम बदल जाते हैं। 1 नवंबर 2025 से भी कई नियमों में बदलाव हो गया है। जिसका असर आप पर पड़ेगा। बता दें, बैंक नॉमिनी से लेकर जीएसटी से जुड़े नियमों में आज से बदलाव हो रहा है। 1. बैंक नॉमिनी नियमों में बदलाव आज यानी एक नवंबर से बैंक ग्राहकों को चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प देगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपने एक अकाउंट, लॉकर आदि के लिए चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इस बदलाव के पीछे बैंक का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में फंड्स का सदुपयोग हो जाए इसलिए यह फैसला किया गया है। बता दें, नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। 2- नए जीएसटी स्लैब आज से प्रभावी भारत सरकार की तरफ से बीते महीने जो जीएसटी स्लैब की घोषणा की गई थी। जोकि आज से लागू हो गया है। सरकार ने पहले के चार जीएसटी स्लैब को हटाकर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो जीएसटी स्लैब ही रखा है। वहीं, लक्जरी आइट्स पर 40 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 3- UPS के लिए बढ़ी डेडलाइन ऐसे कर्मचारी जो एनपीएस की जगह यूपीएस लेना चाहते हैं उनके लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों के पास अब 30 नवंबर तक इसका चयन करने का विकल्प रहेगा। 4- पेंशनर्स को देना होगा जीवित प्रमाण पत्र हर एक रिटायर कर्मचारी को जीवित प्रमाण पत्र नवंबर के अंत में जमा करवाना होगा। पेंशनभोगी यह प्रक्रिया बैंक या फिर जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए करवा सकेंगे। अगर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो पेंशन आने में रुकावट आ सकती है। 5- पीएनबी बदल रहा लॉकर चार्ज इस महीने पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से लॉकर पर लिए जाने वाले शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द हो जाएगा। हालांकि, इसके लागू होने में कम से कम 30 दिन का समय रहेगा। 6- एसबीआई कार्डहोल्डर्स को देनी इन पेमेंट्स पर 1% फीस मोबिक्विक या फिर क्रेड जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से अगर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स एसबीआई कार्ड होल्डर्स करते हैं तो उन्हें 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। इसके अलावा एक हजार रुपये से अधिक पैसा डिजिटल वालेट में जोड़ने पर एसबीआई कार्ड होल्डर्स को 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 7- आधार कार्ड अपडेट चार्ज बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अब कोई पैसा नहीं देना होगा। पहले 125 रुपये की फीस लगती थी। ध्यान रहे कि यह फीस की छूट 1 साल के तक के बच्चों को ही मिलेगी। कोई वयस्क अगर आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस या मोबाइन नंबर अपडेट करता है तो उसे 75 रुपये ही देने होंगे। वहीं, फिंगरप्रिंट या फिर रेटिना से जुड़े अपडेट के लिए 125 रुपये खर्च करने होंगे।  

नवंबर की शुरुआत के साथ लागू हुए नए नियम: टैक्स, बैंक और सर्विस चार्ज में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  हर महीने की शुरुआत में कई नियम बदल जाते हैं। 1 नवंबर 2025 से भी कई नियमों में बदलाव हो गया है। जिसका असर आप पर पड़ेगा। बता दें, बैंक नॉमिनी से लेकर जीएसटी से जुड़े नियमों में आज से बदलाव हो रहा है। 1. बैंक नॉमिनी नियमों में बदलाव आज यानी एक नवंबर से बैंक ग्राहकों को चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प देगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपने एक अकाउंट, लॉकर आदि के लिए चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इस बदलाव के पीछे बैंक का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में फंड्स का सदुपयोग हो जाए इसलिए यह फैसला किया गया है। बता दें, नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। 2- नए जीएसटी स्लैब आज से प्रभावी भारत सरकार की तरफ से बीते महीने जो जीएसटी स्लैब की घोषणा की गई थी। जोकि आज से लागू हो गया है। सरकार ने पहले के चार जीएसटी स्लैब को हटाकर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो जीएसटी स्लैब ही रखा है। वहीं, लक्जरी आइट्स पर 40 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 3- UPS के लिए बढ़ी डेडलाइन ऐसे कर्मचारी जो एनपीएस की जगह यूपीएस लेना चाहते हैं उनके लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों के पास अब 30 नवंबर तक इसका चयन करने का विकल्प रहेगा। 4- पेंशनर्स को देना होगा जीवित प्रमाण पत्र हर एक रिटायर कर्मचारी को जीवित प्रमाण पत्र नवंबर के अंत में जमा करवाना होगा। पेंशनभोगी यह प्रक्रिया बैंक या फिर जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए करवा सकेंगे। अगर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो पेंशन आने में रुकावट आ सकती है। 5- पीएनबी बदल रहा लॉकर चार्ज इस महीने पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से लॉकर पर लिए जाने वाले शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द हो जाएगा। हालांकि, इसके लागू होने में कम से कम 30 दिन का समय रहेगा। 6- एसबीआई कार्डहोल्डर्स को देनी इन पेमेंट्स पर 1% फीस मोबिक्विक या फिर क्रेड जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से अगर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स एसबीआई कार्ड होल्डर्स करते हैं तो उन्हें 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। इसके अलावा एक हजार रुपये से अधिक पैसा डिजिटल वालेट में जोड़ने पर एसबीआई कार्ड होल्डर्स को 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 7- आधार कार्ड अपडेट चार्ज बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अब कोई पैसा नहीं देना होगा। पहले 125 रुपये की फीस लगती थी। ध्यान रहे कि यह फीस की छूट 1 साल के तक के बच्चों को ही मिलेगी। कोई वयस्क अगर आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस या मोबाइन नंबर अपडेट करता है तो उसे 75 रुपये ही देने होंगे। वहीं, फिंगरप्रिंट या फिर रेटिना से जुड़े अपडेट के लिए 125 रुपये खर्च करने होंगे।  

सरकार की कमाल की फिस्कल मैनेजमेंट: आधे साल में घाटा सिर्फ 36.5% तक सीमित

नई दिल्ली  भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर अवधि) में 5.73 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पूरे वर्ष के लिए बजट में निर्धारित लक्ष्य का 36.5 प्रतिशत है। यह जानकारी शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, राजकोषीय घाटा फिलहाल नियंत्रण में है और इससे अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर वृद्धि का रास्ता तैयार होता है। अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल प्राप्तियां 17.30 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जबकि कुल व्यय 23.03 लाख करोड़ रुपए रहा। यह 2025-26 के बजट में निर्धारित लक्ष्य का क्रमशः 49.5 प्रतिशत और 45.5 प्रतिशत था। राजस्व प्राप्तियां 16.95 लाख करोड़ रुपए रही हैं, जिनमें से कर राजस्व 12.29 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.66 लाख करोड़ रुपए रहा। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपए का लाभांश स्वीकृत किए जाने से गैर-कर राजस्व में वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष के ट्रांसफर 2.11 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। इससे केंद्र सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को और कम करने में मदद मिलेगी। कुल सरकारी खर्च अप्रैल-सितंबर अवधि में 23 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 21.1 लाख करोड़ रुपए था। यह राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे क्षेत्रों में बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार के बढ़ते खर्च को दर्शाता है, जो भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी टैरिफ उथल-पुथल से उत्पन्न बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश में आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025 के बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.9 प्रतिशत रखा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 5.6 प्रतिशत था। घटता राजकोषीय घाटा अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे सरकार की उधारी में कमी आती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट और उपभोक्ताओं को ऋण देने के लिए अधिक धनराशि बचती है, जिससे आर्थिक विकास में तेजी आती है।

SBI क्रेडिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज अब महंगा, 1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम

मुंबई  एसबीआई कार्ड अपनी फीस स्ट्रक्चर और दूसरे चार्जेस में बदलाव करने वाला है. ये नए नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हो जाएंगे. एसबीआई कार्ड के स्टेटमेंट में साफ कहा गया है कि खासकर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स और वॉलेट लोड जैसे ट्रांजेक्शंस पर ज्यादा फीस लगेगी. ये बदलाव आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. राहत की बात ये है कि अगर आप डायरेक्ट इंस्टीट्यूशन को पेमेंट करेंगे, जैसे उनके ऑफिशियल वेबसाइट से या कैंपस पर लगे पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल्स से, तो कोई फीस नहीं लगेगी. एजुकेशन पेमेंट्स पर चार्ज 1 नवंबर से अगर आप थर्ड-पार्टी ऐप्स जैसे एग्रीगेटर्स या पेमेंट ऐप्स से स्कूल, कॉलेज या किसी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को फीस भरेंगे तो ट्रांजेक्शन अमाउंट का 1 प्रतिशत फीस लगेगी. एसबीआई कार्ड की नोटिफिकेशन में साफ है कि ये फीस एजुकेशनल पेमेंट्स पर लागू होगी. वहीं, डायरेक्ट इंस्टीट्यूशन को पेमेंट करेंगे तो ये फीस नहीं लगेगी. यानी कार्ड यूजर्स अगर स्कूल या कॉलेज की ऑफिशियल पेमेंट चैनल्स चुनेंगे तो 1 प्रतिशत से बच जाएंगे. एसबीआई कार्ड की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2025 से थर्ड-पार्टी ऐप्स से एजुकेशन पेमेंट्स पर 1 प्रतिशत फीस लगेगी, लेकिन डायरेक्ट कॉलेज या स्कूल की वेबसाइट या पीओएस मशीन से पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. वॉलेट लोड ट्रांजेक्शंस 1000 रुपये से ज्यादा के वॉलेट लोड पर भी 1 प्रतिशत चार्ज लगेगा. यानी हर बार जब आप डिजिटल वॉलेट में 1000 से ऊपर का बैलेंस ऐड करेंगे, तो लोडेड अमाउंट का 1 प्रतिशत कट जाएगा. मिसाल के तौर पर, 2000 रुपये लोड करने पर 20 रुपये की फीस कटेगी. एसबीआई कार्ड वेबसाइट कहती है कि 1 नवंबर 2025 से हर वॉलेट लोड ट्रांजेक्शन जो 1000 रुपये से ज्यादा हो, पर 1 प्रतिशत फीस अमाउंट का लागू होगा. ये छोटा सा चार्ज लग सकता है लेकिन महीने भर में जुड़ जाए तो बोझ बन जाता है. बैंक खातों में अब जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी 1 नवंबर से बैंक खाताधारकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। अब एक खाते में 4 तक नॉमिनी जोड़ सकते हैं। अब तक सिर्फ एक ही नॉमिनी जोड़ने की सुविधा मिलती थी लेकिन अब चार लोग जोड़ सकते हैं। नए नियमों के अनुसार ग्राहक चाहें तो सभी नॉमिनियों को एक साथ या क्रमवार तरीके से जोड़ सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि किसी अनहोनी की स्थिति में दावों का प्रोसेस आसान हो जाएगा। हालांकि, बैंक लॉकर के लिए क्रमवार नॉमिनेशन की ही अनुमति होगी। यानी यदि पहला नॉमिनी उपलब्ध नहीं है, तो दूसरा नॉमिनी उसका स्थान लेगा। इससे किसी भी विवाद या देरी की संभावना कम हो जाएगी। एसबीआई के अन्य चार्जेस एसबीआई कैश पेमेंट फीस 250 रुपये है. अगर आपका पेमेंट डिसऑनर हो गया तो डिसऑनर फीस पेमेंट अमाउंट का 2 प्रतिशत लगेगी, न्यूनतम 500 रुपये. इसके अलावा चेक पेमेंट पर 200 रुपये फीस है. कैश एडवांस फीस एसबीआई एटीएम और दूसरे डोमेस्टिक एटीएम पर ट्रांजेक्शन अमाउंट का 2.5 प्रतिशत, न्यूनतम 500 रुपये है. इंटरनेशनल एटीएम पर भी वही 2.5 प्रतिशत, न्यूनतम 500 रुपये है. कार्ड रिप्लेसमेंट फीस 100 से 250 रुपये तक है, लेकिन ऑरम कार्ड्स के लिए 1500 रुपये है. अगर विदेश में इमरजेंसी रिप्लेसमेंट है तो एक्टुअल कॉस्ट, न्यूनतम वीजा के लिए 175 डॉलर और मास्टरकार्ड के लिए 148 डॉलर है. लेट पेमेंट चार्जेस भी स्लैब के हिसाब से हैं. अगर मिनिमम अमाउंट ड्यू (एमएडी) पेमेंट ड्यू डेट तक न चुकाया. 0 से 500 रुपये पर निल चार्ज, 500 से 1000 पर 400 रुपये चार्ज है. वहीं, 1000 से 10000 पर 750 रुपये चार्ज, 10000 से 25000 पर 950 रुपये चार्ज, 25000 से 50000 पर 1100 रुपये, और 50000 से ऊपर पर 1300 रुपये चार्ज है. तो अगर आप भी एसबीआई कार्ड यूज करते हैं तो इन नए चार्ज का ध्यान रखें ताकि आपको परेशानी न हो. यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल होने की आखिरी तारीख को 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया है। पहले यह लिमिट 30 सितंबर थी।  पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) हर साल की तरह, केंद्रीय और राज्य सरकार के पेंशनर्स को 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 के बीच जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) जमा करना होगा। यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन (डिजिटल) या बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर जमा किया जा सकता है। इसे समय पर जमा करने से पेंशन का पेमेंट बिना रुकावट जारी रहता है। 80 साल या उससे अधिक उम्र वाले पेंशनर्स को यह सुविधा पहले ही 1 अक्टूबर से दी गई है।

सोने और चांदी के दामों में तेजी, 22-24 कैरेट गोल्ड की नई कीमतें

इंदौर  अक्टूबर महीने के अंतिम दिन शुक्रवार, 31 अक्टूबर को सोना-चांदी की कीमतों में उछाल आया है. आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, गुरुवार 30 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम 109571 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 अक्टूबर को 110667 रुपये तक पहुंच गया है. Gold-Silver Price Today 31 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                     शुद्धता        गुरुवार शाम का रेट                शुक्रवार सुबह का रेट        कितना महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     119619                                120815                          1196 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     119140                                  120331                       1191 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     109571                                  110667                       1096 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     89714                                   90611                           897 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     69977                                   70677                         700 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                   146783                                 149142                         2359 रुपये महंगी IBJA रेट (गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025) कल गुरुवार, 30 अक्टूबर को भी सुबह के मुकाबले शाम को सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी हुई थी. सोने का भाव(999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹119253  प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹119619 प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹145600 प्रति किलो शाम का रेट: ₹146783 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.  

यूजर्स के लिए नई सुविधा: Galaxy AI और अन्य अपडेट से स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब आसान और सुरक्षित

मुंबई  Samsung यूजर्स के लिए दो बड़े और शानदार अपडेट आए हैं, जो उनके स्मार्टफोन के इस्तेमाल को और भी आसान और सुरक्षित बना देंगे. पहला अपडेट Galaxy AI के लिए है, इसमें गुजराती भाषा को जोड़ा गया है. दूसरा Samsung Wallet में भी नअ बदलाव किए गए है जिसने डिजिटल पेमेंट के तरीके को बदल दिया है. Galaxy AI अब आपकी लोकल भाषा को समझेगा Samsung ने Galaxy AI में दो नई भाषाओं गुजराती और फिलिपीनो का सपोर्ट जोड़ा है, जिससे अब यह कुल 22 भाषाओं को सपोर्ट करेगा. यह अपडेरोल आउट हो रहा है. इस कदम से भारत में गुजराती बोलने वाले लाखों यूजर्स अब अपनी लोकल भाषा में सैमसंग की एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का फायदा उठा पाएंगे. आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स ऐप से इन भाषाओं को डाउनलोड करके Galaxy AI के Live Translate फीचर में इस्तेमाल कर सकते हैं. गुजराती और फिलिपीनो भाषा मॉडल को सैमसंग ने भारत और इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर्स के साथ मिलकर तैयार किया है. सैमसंग इंडिया के सीनियर डायरेक्टर के अनुसार, लोकल भाषा को जोड़ना उनके मिशन का हिस्सा है. इससे अलग-अलग भाषा बोलने वाले भारतीय यूजर्स मोबाइल AI का पूरा फायदा आसानी से उठा सकें. Samsung Wallet में एडवांस फीचर्स  Samsung Wallet ऐप में आए नए फीचर्स ने डिजिटल पेमेंट को पहले से भी ज्यादा तेज और सुरक्षित बना दिया है. अब कोई भी यूजर अपना नया गैलेक्सी स्मार्टफोन सेटअप करते ही सैमसंग वॉलेट के जरिए UPI रजिस्ट्रेशन करके तुरंत पेमेंट कर पाएगा. सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब यूपीआई पेमेंट्स के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होगी. इस फीचर को हाल ही में NPCI की मंजूरी मिली थी. अब यह फीचर सैमसंग वॉलेट ऐप में उपलब्ध होगा. सुरक्षित पेमेंट  आप सिर्फ अपने फिंगरप्रिंट या फेस रेकग्निशन के जरिए सुरक्षित तरीके से भुगतान कर पाएंगे. इसके साथ ही यह ऐप अब आपकी सभी डिजिटल चाबियों, पेमेंट्स, ID और कार्ड्स को एक ही जगह सुरक्षित रखने की सुविधा भी देती है. जिससे आपका स्मार्टफोन एक्सपीरियंस और भी स्मार्ट और स्मूथ हो जाता है. 

गोल्ड 1 लाख से नीचे जा सकता है! चांदी पर भी संकट, जानें कौन से 4 कारण बनेंगे वजह

मुंबई  सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है. जब दुनिया में तनाव या युद्ध का माहौल होता है, तब निवेशक सोने की ओर भागते हैं, क्योंकि बाकी बाजारों में अनिश्चितता बढ़ जाती है. लेकिन जब दुनिया में शांति का माहौल होता है, तो सोने की कीमतें गिरने लगती हैं. इस समय कई ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं, जिससे संभावना है कि आने वाले महीनों में सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे लुढ़क सकता है. आइए जानते हैं वे चार बड़े कारण, जो इस गिरावट की वजह बन सकते हैं. खास बात ये है कि इन चारों के लिए सूत्रधार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही हैं. दरअसल, पिछले कुछ महीनों में मंदी, युद्ध की आहट और टैरिफ टेंशन की वजह से सोने-चांदी की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं. लेकिन अब दुनिया में सबकुछ ठीक होने लगे हैं, जिसके संकेत मिल रहे हैं, देशों के बीच रिश्ते सुधरने लगे हैं. जिससे निवेशकों का शेयर बाजार पर भरोसा लौटने लगा है, यही कारण है कि सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ सकती है.  जानकारों का कहना है कि अगर कुछ बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में सकारात्मक मोड़ आते हैं, तो सोने की कीमतें 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे लुढ़क सकती हैं.  आइए जानते हैं वो चार कारण, जिन वजहों से टूट सकती हैं सोने-चांदी की कीमतें…. 1. अमेरिका और चीन में ट्रेड डील  अमेरिका और चीन, दुनिया के दो ताकतवर देश हैं, इन दोनों के बीच कुछ सालों से ट्रेड वॉर, टैरिफ और सप्लाई चेन की खींचतान ने ग्लोबल बाजारों को अस्थिर कर रखा था. लेकिन खबर है कि दोनों ट्रेड डील के करीब हैं. दुनिया राहत की सांस लेने वाली है, खुद चीन अमेरिका से मुकाबले के लिए सोने का भंडार बढ़ा रहा था. जिससे कीमतें बढ़ने लगी थीं.  लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. दोनों देशों के बीच लगातार सकारात्मक बातचीत चल रही है, और एक बड़ा व्यापार समझौता जल्द होने वाला है. अगर ऐसा होता है, तो निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार और उद्योगों में लौटेगा. अमेरिका-चीन ट्रेड डील सोने के लिए एक बड़ा नकारात्मक ट्रिगर साबित हो सकती है, और भाव टूट सकता है. 2. भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता  भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है. ऐसे में अगर भारत और अमेरिका के बीच मजबूत व्यापारिक रिश्ते बनते हैं, तो इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा. एक नए ट्रेड पैक्ट से भारत को विदेशी निवेश मिलेगा, रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होगा, और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. जब रुपया मजबूत होता है, तो भारत में सोना खरीदना सस्ता पड़ता है, क्योंकि हमें कम रुपये में ही समान मात्रा का सोना मिल जाता है. इसका असर यह होगा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें गिर सकती हैं, भले ही अंतरराष्ट्रीय दरें स्थिर रहें, यानी जो निवेशक सोने में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, उन्हें आने वाले महीनों में राहत मिल सकती है. यह दूसरा बड़ा कारण होगा जो सोने को 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे धकेल सकता है. 3. इजरायल-हमास संघर्ष विराम  मध्य पूर्व की धरती हमेशा से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डालती आई है. इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष ने न केवल मानवीय संकट बढ़ाया, बल्कि ग्लोबल बाजार में भी डर का माहौल बनाया. तेल महंगा हुआ, सप्लाई चेन पर असर पड़ा, और निवेशकों ने सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सोना खरीदा है. लेकिन अब खबर है कि दोनों पक्षों में संघर्ष विराम की बातचीत आगे बढ़ रही है. खुद ट्रंप इसकी अगुवाई कर रहे हैं. अगर यह सच्चाई में बदलता है, तो बाजारों में स्थिरता आएगी. इस वजह से भी सोने की चमक भी मंद पड़ जाती है. निवेशक अपना पैसा शेयर, बॉन्ड और रियल एस्टेट जैसे प्रॉफिट वाले सेक्टरों में लगाने लगते हैं. इससे सोने की कीमतें स्वाभाविक रूप से गिरने लगती हैं. 4. पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सीजफायर दक्षिण एशिया में अस्थिरता की वजह से अंतरराष्ट्रीय निवेशक अक्सर सतर्क रहते हैं. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अगर स्थायी सीजफायर हो जाता है, तो इस क्षेत्र में भी आर्थिक स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा. हालांकि इन दोनों देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कोई बड़ा योगदान नहीं है. लेकिन शांति का माहौल व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास के लिए दरवाजे खोल देगा.  निवेशक ऐसे माहौल में जोखिम लेने को तैयार होते हैं और जब निवेशक शेयर बाजारों की ओर लौटते हैं, तो सोने की मांग घट जाती है. यानी दक्षिण एशिया में अगर बंदूकें खामोश होती हैं, तो सोने की कीमतें भी शांत हो जाएंगी.  हालांकि इन चार घटनाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की भूमिका है, ऐसे में अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन चारों पहलुओं को अपने हिसाब से डील कराने में सक्षम रहते हैं, तो सोने का ग्राफ नीचे आना तय है. 

Car Loan में छूट: ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और LTV अनुपात में बढ़ोतरी

नई दिल्ली  क्या आप अपनी ड्रीम कार खरीदने का सपना देख रही हैं? तो आपके लिए बड़ी खबर है! भारतीय बैंक अब महिला कार खरीदारों को खास तवज्जो दे रहे हैं, जिसका सीधा फायदा आपको लोन डील्स में मिल सकता है. एक समय था जब हर किसी के लिए लोन की शर्तें लगभग एक जैसी होती थीं, लेकिन अब जेंडर इक्वालिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने के लिए बैंकों ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, वह भी खास छूट के साथ. महिलाओं को क्या खास फायदा मिल रहा है? महिला कार लोन आवेदकों को मानक दरों की तुलना में लगभग 5-10 आधार अंक तक कम ब्याज दर की पेशकश की जा रही है. इसका मतलब है कि आपको कम ईएमआई भरनी पड़ेगी, जिससे आपकी जेब पर बोझ कम होगा. लेकिन फायदा सिर्फ ब्याज दर तक सीमित नहीं है. बैंक प्रोसेसिंग फीस में भी कटौती कर रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण—लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात बढ़ा रहे हैं. कैनरा बैंक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 0.50% तक कम दरें और सड़क पर कीमत (ऑन-रोड प्राइस) का 90% तक फंडिंग दे रहे हैं! कुछ मामलों में तो यह फंडिंग ऑन-रोड कीमत तक भी बढ़ सकती है, जिससे आपकी डाउन पेमेंट की चिंता काफी कम हो जाती है. इन लाभों का फायदा कैसे उठाएं? अगर आप इन विशेष लाभों का फायदा उठाना चाहती हैं, तो कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी: प्राथमिक आवेदक: लोन के लिए महिला को ही प्राथमिक आवेदक होना चाहिए. रजिस्ट्रेशन: वाहन का रजिस्ट्रेशन भी महिला के नाम पर होना चाहिए. एलिजिबिलिटी: एलिजिबिलिटी मानदंड लगभग सामान्य ही हैं. उम्र: 21 से 65 वर्ष. दस्तावेज: वैध केवाईसी (KYC) और आय का प्रमाण. क्रेडिट स्कोर: 750 से ऊपर का अच्छा क्रेडिट स्कोर होना बेहतर है. ये शर्तें यह सुनिश्चित करती हैं कि वित्तीय लाभ और स्वामित्व दोनों ही महिला उधारकर्ता के पास रहें. इसके अलावा, आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है, जिसमें कम दस्तावेज़ और तेज़ अनुमोदन शामिल हैं. बैंक क्यों दे रहे हैं ये आकर्षक स्कीम? अमित सेठिया बताते हैं कि इन विशेष योजनाओं को शुरू करने के पीछे बैंकों का मुख्य उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है. बैंक महिलाओं की विश्वसनीयता को जिम्मेदार उधारकर्ता के रूप में पहचानते हैं. इन पहलों से महिलाओं को संपत्ति मालिक (Asset Owners) के रूप में सशक्तिकरण मिलता है और उनकी वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) में वृद्धि होती है. आरबीआई की रेपो दर स्थिर होने के बावजूद, बैंक इन लिंग-विशिष्ट ऑफर्स और त्योहारी छूट का उपयोग करके क्रेडिट पहुंच बढ़ा रहे हैं, जो सीधे तौर पर महिलाओं की आर्थिक गतिशीलता को समर्थन देता है.