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सोना और चांदी के प्राइस रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, जानें अमेरिका से जुड़ी तीन वजहें

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) ने इस साल की शुरुआत से ही हैरान किया है और हर रोज अपने रिकॉर्ड तोड़ते नजर आए. हालांकि, बीते कुछ समय में सोना तेजी से फिसला भी, लेकिन अब साल 2025 खत्म होने से पहले ये फिर से गदर मचा रहा है. सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर Gold Rate खुलते ही करीब 1500 रुपये चढ़कर 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया. अचानक सोने के भाव में फिर से लौटी इस तेजी के पीछे की वजह के बारे में बात करें, तो इसके 3 बड़े कारण सामने आ रहे हैं और इन तीनों का ही कनेक्शन अमेरिका (US Connection Of Gold Price Hike) से है. मंगलवार को सोना रॉकेट की तरह भागा सबसे पहले बात करते हैं मंगलवार को Gold Rate Update के बारे में, तो एमसीएक्स पर लगातार दूसरे कारोबारी दिन सोने के भाव में तूफानी तेजी आई है. कारोबार के दौरान 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले 24 Karat Gold का रेट 1519 रुपये या 1.11% की उछाल के साथ 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार चल रहा था. वहीं घरेलू बाजार में सोने की कीमत को देखें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते कारोबारी दिन सोमवार को 24 कैरेट सोना 1,33,970 रुपये पर क्लोज हुआ था और मंगलवार को खुलने के साथ ही ये 2163 रुपये रुपये महंगा होकर 1,36,133 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.  एशियाई बाजारों में हाजिर सोने का भाव 4,445.69 डॉलर प्रति औंस के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. चांदी तो MCX पर खुलते ही 3000 रुपये से ज्यादा की उछाल के साथ 2,16,596 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. वहीं अंतरराष्ट्री बाजार में Silver Price भी इसी रफ्तार से भागा. इसकी हाजिर कीमत 0.19% की उछाल के साथ 69.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई अचानक क्यों लौटी सोने में तेजी?  दिसंबर महीने की शुरुआत में Gold Price में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन महीने के आखिरी दिनों में ये फिर से रॉकेट बना नजर आने लगा है. 2025 में अब तक इसमें 70% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इस महीने टूटने के बाद फिर खड़ा हुआ सोना लगभग 10% उछल चुका है. बात करें, अचानक गोल्ड रेट में लौटी इस तेजी के पीछे के कारणों के बारे में तो निवेशकों का फिर से सुरक्षित निवेश ठिकानों की ओर रुख करना है और इसका सीधा कनेक्शन अमेरिका से है.  पहला कारण:  भू-राजनीतिक टेंशन Gold Rate के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के पीछे पहला बड़ा कारण फिर से बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है. यह तेजी तब आई है, जब अमेरिका ने वेनेजुएला (US Vs Venezuela) के तेल ले जा रहे टैंकरों को जब्त करने के प्रयास तेज कर दिए. अमेरिका के इस एक्शन के चलते एनर्जी सप्लाई में रुकावट और भू-राजनीतिक हालातों को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसके साथ ही निवेशक फिर से सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले Gold की तरफ भागे हैं.  दूसरा कारण: US को सेंट्रल बैंकों का झटका सोने की बढ़ती कीमतों के पीछे दूसरा बड़ा कारण दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही Gold Buying को भी माना जा रहा है. इससे जहां Gold Rate Rise हो रहा है, तो अमेरिका को बड़ा झटका लगा है. बीते दिनों आई एक रिपोर्ट की मानें, तो 1996 के बाद करीब तीन दशक में पहली बार वैश्विक केंद्रीय बैंक रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी अमेरिकी ट्रेजरी से ज्यादा हुई है. इसमें बताया गया था कि साल 2022 से ही केंद्रीय बैंकों ने हर साल करीब 1000 टन सोने की खरीद की है. ग्लोबल इकोनॉमिक स्थितियां बदली हैं और Trump Tariff नीतियों ने सोने में जोरदार तेजी ला दी है.  तीसरा कारण: FED Rate Cut के संकेत Gold Price Rise के पीछे तीसरा बड़ा कारण भी अमेरिका से ही जुड़ा हुआ है. दरअसल, हाल ही में US FED ने पॉलिसी रेट में कटौती की थी. वहीं बाजार अब अगले साल 2026 में भी अमेरिकी ब्याज दरों में गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं. व्यापारी अगले वर्ष अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दो Rate Cut की संभावना जता रहे हैं. इसके अलावा फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने भी ऐसे संकेत दिए हैं जिसने सोना जैसी गैर-लाभकारी संपत्तियों को समर्थन दिया है.

7-सीटर किआ कैरेंस की GST कटौती से कीमतों में राहत, बेस मॉडल अब 14.32 लाख रुपए में

मुंबई  किआ की पॉपुलर 7-सीटर कैरेंस की कीमतों में भी नए GST से कटौती हुई है। इसके एंट्री से लेकर टॉप वैरिएंट तक सभी को खरीदना सस्ता हुआ है। यही वजह है कि एक्स-शोरूम कीमतें कम होने का असर आर्मी कैंटीन पर मिलने वाली कारों पर भी पड़ा है। कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट यानी CSD पर जवानों से 18% की जगह सिर्फ 14% GST ही लिया जाता है। Cars24 के मुताबिक, किआ कैरेंस की CSD पर शुरुआती कीमत सिर्फ 14.32 लाख रुपए है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 12.77 लाख रुपए है। वैरिएंट के आधार पर कैरेंस पर करीब 2 लाख रुपए का टैक्स बच रहा है। भारत में इसका सीधा मुकाबला मारुति अर्टिगा, टोयोटा इनोवा जैसे मॉडल से होता है। कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD) पर स्विफ्ट की कीमतों के बारे में जानने से पहले CSD के बारे में समझते हैं। दरअसल, CSD रक्षा मंत्रालय के तहत भारत सरकार का एकमात्र स्वामित्व वाला उद्यम है। भारत में अहमदाबाद, बागडोगरा, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में 34 CSD डिपो हैं। यह भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा संचालित है। भारतीय आबादी के एक चुनिंदा हिस्से को भोजन, चिकित्सा वस्तुओं, घरेलू आवश्यकताओं और यहां तक ​​कि कारों को अफॉर्डेबल कीमतों के साथ बेचते हैं। CSD से कार खरीदने के लिए एलिजेबल ग्राहकों में सर्विंग और रिटायर्ड सशस्त्र बल कर्मी, सैन्य कर्मियों की विधवाएं और भूतपूर्व सैनिक और डिफेंस सिविलियन शामिल हैं। किआ कैरेंस की CSD और एक्स-शोरूम कीमतें वैरिएंट                                                                          CSD प्राइस कैरेंस डी1.5 सीआरडीआई वीजीटी प्रीमियम विकल्प एमटी    ₹10.94 लाख कैरेंस डी1.5 सीआरडीआई वीजीटी प्रेस्टीज आईएमटी            ₹13.11 लाख कैरेंस डी1.5 प्रेस्टीज एमटी 7 सीटर                                    ₹14.32 लाख किआ कैरेंस क्लाविस के फीचर्स, स्पेसिफिकेशंस और सेफ्टी इसमें 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ जोड़े गए 6MT ट्रांसमिशन अलग से मिलेगा। अन्य 6iMT और 7DCT के ट्रांसमिशन ऑप्शन कैरेंस के समान ही हैं। 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160 PS और 253 Nm जनरेट करता है। अन्य इंजन विकल्प, 115 PS, 1.5-लीटर NA पेट्रोल (6MT) और 116 PS, 1.5-लीटर डीजल (6MT / 6AT) कैरेंस के समान ही हैं। बात करें इसके वैरिएंट की तो इसमें 7 ऑप्शन मिलेंगे, जिसमें HTE, HTE(O), HTK, HTK+, HTK+(O), HTX और HTX(O) शामिल हैं। इसमें 6-सीट और 7-सीट लेआउट में खरीद पाएंगे। 7-सीट केवल टॉप-स्पेक HTX(O) वैरिएंट में उपलब्ध होगा। कैरेंस क्लाविस के डीजल वैरिएंट की सबसे अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी होगी, जिसमें 6-स्पीड मैनुअल वर्जन 19.54kpl पर रेंज का सबसे अधिक माइलेज देता है। उसके बाद, 6-स्पीड ऑटोमैटिक 17.50kpl पर दूसरे स्थान पर है। कैरेंस क्लाविस की फ्यूल एफिशिएंसी स्पोर्टियर 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन का है, जो अपने 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक के लिए 16.66kpl का माइलेज देता है। जबकि, इसके 6-स्पीड मैनुअल और iMT ट्रांसमिशन दोनों 15.95kpl पर बराबर हैं। एंट्री-लेवल नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन अपने एकमात्र 6-स्पीड मैनुअल कॉन्फ़िगरेशन के लिए 15.34kpl माइलेज के साथ तीसरे स्थान पर है। हालांकि, इसका माइलेज मारुति अर्टिगा और मारुति XL6 से कम हैं। इसके फ्रंट फेसिया को स्लीक स्टार मैप LED DRLs के साथ इंटीग्रेटेड टर्न सिग्नल के साथ अपडेट किया गया है। साथ ही, आइस-क्यूब MFR LED हेडलैंप दिए हैं। कैरेंस क्लाविस में सैटिन क्रोम फिनिश में मजबूत फ्रंट और रियर स्किड प्लेट भी हैं। R17 क्रिस्टल कट डुअल-टोन एलॉय व्हील्स के साथ रोड प्रेजेंस को और भी बेहतर बनाया गया है। इसकी तुलना में कैरेंस MPV में R16 एलॉय व्हील्स का इस्तेमाल किया गया है। पीछे की तरफ, किआ क्लाविस में स्टार मैप LED कनेक्टेड टेल लैंप्स मिलते हैं। इंटीरियर की बात करें तो किआ क्लाविस में इंफोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट कंसोल के लिए 26.62-इंच का डुअल पैनोरमिक डिस्प्ले पैनल मिलता है। इसकी तुलना में किआ कैरेंस 10.25-इंच टचस्क्रीन और उसी आकार के फुली डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर से लैस है। क्लाविस में एक और एक्स्ट्रा 4-वे पावर्ड ड्राइवर सीट है। किआ कनेक्ट सूट को रिमोट विंडो कंट्रोल, सराउंड व्यू मॉनिटर और मल्टीलिंगुअल VR कमांड के साथ फाइंड माई कार के साथ अपडेट किया गया है। किआ क्लाविस को 7DCT वैरिएंट के साथ 20 ऑटोनॉमस फीचर्स के साथ ADAS लेवल 2 मिलता है। इसमें ब्लाइंड स्पॉट कोलिजन वार्निंग, ब्लाइंड स्पॉट कोलिजन अवॉइडेंस असिस्ट, क्लस्टर में ब्लाइंड व्यू मॉनिटर, 360 डिग्री कैमरा, स्टॉप एंड गो के साथ स्मार्ट क्रूज कंट्रोल और ड्राइवर अटेंशन वॉर्निंग शामिल हैं। इसके अलावा, फ्रंट कोलिजन वार्निंग, फ्रंट कोलिजन अवॉइडेंस असिस्ट, लेन कीपिंग असिस्ट, लेन डिपार्चर वार्निंग, लेन फॉलोइंग असिस्ट, हाई बीम असिस्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक कोलिजन वार्निंग और अवॉइडेंस असिस्ट और सेफ एग्जिट वार्निंग भी शामिल हैं। इसमें 6-एयरबैग, ESC, VSM, BAS, HAC, DBC और ABS, फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, ऑल व्हील डिस्क ब्रेक और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं।

IndiGo को बड़ा झटका: तुर्की से लीज पर लिए 5 विमानों की उड़ान पर DGCA ने एक्सटेंशन से किया इनकार

नई दिल्ली इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से बीते दिनों पूरे देश में हड़कंप का माहौल बना रहा था. अब इंडिगो का परिचालन कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ है, लेकिन विमानन नियामक की पैनी नजर उस पर बनी हुई है. सोमवार को इंडिगो द्वारा तुर्की से लिए गए एयरक्राफ्ट (Turkey Planes) के लीज ड्यूरेशन के बारे में एक सफाई दी गई, जिस पर DGCA ने एयरलाइन को इन प्लेन का इस्तेमाल करने के लिए मार्च 2026 तक का समय दिया है, लेकिन इसके साथ ही दो-टूक कह दिया है कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा.  5 विमानों को मार्च तक उड़ाने की इजाजत पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एविएशन रेगुलेटर DGCA ने IndiGo को तुर्की से लीज पर लिए गए 5 नैरो बॉडी प्लेन B737 सिर्फ मार्च 2026 तक संचालित करने की इजाजत दी है. नियामक ने साफ किया है कि इन एयरक्राफ्ट का आखिरी एक्सटेंशन मार्च 2026 तक ही वैलिड है और एक सनसेट क्लॉज भी है कि इसे लेकर कोई भी एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा. एविएशन रेगुलेटर के अनुसार, तुर्की की कोरेंडन एयरलाइंस से लिए गए 5 बोइंग 737 प्लेन की लीज 31 मार्च 2026 को खत्म हो रही है. DGCA के एक सीनियर ऑफिशियल ने जानकारी देते हुए बताया है कि यह इस मामले में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा दिए गए अंडरटेकिंग पर आधारित है, जिसमें उन्होंने आखिरी बार एक्सटेंशन मांगा था. इसके पीछे वजह ये थी कि उनके लॉन्ग रेंज एयरक्राफ्ट (A321-XLR) फरवरी 2026 तक डिलीवर होने वाले हैं. 15 विदेशी एयरक्राफ्ट, तुर्की के 7 IndiGo Airlines फिलहाल वेट/डैम्प लीज के आधार पर 15 विदेशी एयरक्राफ्ट संचालित करती है, जिनमें से 7 तुर्की के एयरक्राफ्ट शामिल हैं. इस साल अगस्त 2025 में DGCA ने इंडिगो को कुछ शर्तों के साथ टर्किश एयरलाइंस से लीज पर लिए गए दो बोइंग 777 एयरक्राफ्ट चलाने के लिए फरवरी 2026 तक छह महीने का एक्सटेंशन दिया था. यह कदम DGCA द्वारा मई में दिए गए तीन महीने से भी कम समय के बाद आया था. इंडिगो को टर्किश एयरलाइंस के एयरक्राफ्ट चलाने के लिए 31 अगस्त तक तीन महीने का एक बार का आखिरी एक्सटेंशन दिया गया था और कैरियर से आगे कोई एक्सटेंशन न मांगने के लिए भी कहा गया था. सबसे खास बात ये है कि यह फैसला तब आया जब तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया था और मई में पड़ोसी देश में आतंकी कैंपों पर भारत के हमलों की निंदा की थी. 'वेट लीजिंग एक आम बात…' न सिर्फ इंडिगो, बल्कि SpiceJet जैसी एयरलाइंस के 17 विदेशी प्लेन ऑपरेशन में हैं, जिन्हें वेट/डैम्प लीज पर लिया गया है. DGCA के अधिकारी की मानें, तो ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री में एयरक्राफ्ट की वेट लीजिंग एक आम बात है. उन्होंने कहा कि इंजन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से एयरक्राफ्ट के ग्राउंडिंग और OEMs से ऑर्डर के हिसाब से एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी की वजह से कई भारतीय कैरियर यात्रियों को सर्विस देने के लिए एक स्टॉप गैप अरेंजमेंट के तौर पर विदेशी कंपनियों से वेट लीज का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह लीजिंग दूसरे देशों के साथ बाइलेटरल सर्विस एग्रीमेंट के तहत भारतीय कैरियर को दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए की जाती है.  

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की दिशा में कदम, एफटीए की प्रक्रिया में तेजी, पीयूष गोयल बोले

नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) फाइनल होते ही भारत अब फुल फॉर्म में दिख रहा है. भारत ने अगला बड़ा दांव अमेरिका की ओर बढ़ा दिया है. वॉशिंगटन के साथ ट्रेड डील को लेकर चर्चाएं तेज हैं और संकेत साफ हैं कि मामला सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहा.  केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब कागजों से निकलकर हकीकत की तरफ बढ़ रही है. सवाल बस इतना है कि क्या अगला बड़ा FTA अमेरिका के नाम होगा? गोयल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत एडवांस स्टेज में है और दोनों देशों के रिश्तों में तेजी से मजबूती आ रही है. नई दिल्ली में मीडिया को ब्रीफ करते हुए गोयल ने बताया कि भारत अब खुद को ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इससे पहले वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी कह चुके हैं कि भारत और अमेरिका के बीच शुरुआती फ्रेमवर्क डील लगभग तय होने के करीब है. हो चुकी है 6 दौर की बातचीत अग्रवाल के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अब तक 6 दौर की बातचीत हो चुकी है. इसमें बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) और ऊंचे टैरिफ को कम करने के लिए अंतरिम समझौते पर चर्चा हुई है. उम्मीद है कि इससे ज्यादातर भारतीय निर्यात पर लगने वाले भारी टैरिफ घटाए जा सकेंगे. रीजनल ट्रेड को मिलेगी नई रफ्तार इस बीच भारत इंडो-पैसिफिक रीजन में भी अपनी आर्थिक मौजूदगी मजबूत कर रहा है. गोयल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से रीजनल ट्रेड को नई रफ्तार मिलेगी. यह फाइव आइज देशों के साथ भारत का तीसरा FTA है, इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ समझौता हो चुका है. भारत को मिलेगा 100% मार्केट एक्सेस न्यूजीलैंड FTA के तहत भारत को 100% मार्केट एक्सेस मिलेगा. आईटी, टूरिज्म, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन और ऑडियो-विजुअल जैसे 118 सर्विस सेक्टर्स खुलेंगे. दोनों देशों को उम्मीद है कि अगले 5 साल में बाइलेटरल ट्रेड दोगुना हो सकता है. फार्मा कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि दवाओं के लिए फास्ट-ट्रैक अप्रूवल और मैन्युफैक्चरिंग स्टैंडर्ड्स की आपसी मान्यता पर सहमति बनी है.

टाटा सिएरा ईवी जल्द होगी लॉन्च, टेस्टिंग में आई पहली बार नजर

नई दिल्ली टाटा मोटर्स ने हाल ही में भारत में बहुप्रतीक्षित सिएरा एसयूवी लॉन्च की है, जिसकी कीमत 11.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. इसी रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए कंपनी अब इसके इलेक्ट्रिक वर्जन, टाटा सिएरा ईवी की लॉन्चिंग की तैयारी कर रही है. सिएरा ईवी का टेस्ट म्यूल भारतीय सड़कों पर देखा जा चुका है, जिससे ग्राहकों को इसकी झलक मिल गई है. स्पाई शॉट्स में कई मैकेनिकल अपग्रेड्स और डिजाइन में बदलाव नजर आ रहे हैं, जो इसे इसके पेट्रोल-डीजल वेरिएंट से अलग बनाते हैं. यह टाटा के सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में अगला बड़ा कदम है. टाटा सिएरा ईवी टाटा सिएरा ईवी में बैटरी पैक के विकल्प हैरियर ईवी से लिए जा सकते हैं, जिसमें 65kWh और 75kWh की कॉन्फिगरेशन मिल सकती है. इसमें टू-व्हील-ड्राइव और ऑल-व्हील-ड्राइव दोनों वेरिएंट्स आने की संभावना है, जैसा कि हैरियर ईवी में देखने को मिलता है. हालांकि, टाटा सिएरा ईवी की पावर फिगर्स को इसके बड़े भाई से थोड़ा कम रख सकता है, ताकि दोनों प्रोडक्ट्स में फर्क साफ रहे. इससे एफिशिएंसी भी बेहतर होगी और ड्राइविंग रेंज को प्राथमिकता दी जाएगी. इन बदलावों से टाटा की रणनीति साफ नजर आती है, जिसमें क्षमता, प्रैक्टिकलिटी और पोर्टफोलियो में सही जगह का संतुलन रखा गया है. स्पाई शॉट्स आए सामने टाटा सिएरा ईवी की हालिया स्पाई शॉट्स इसकी इलेक्ट्रिक पहचान को पुख्ता करती हैं, जिसमें एग्जॉस्ट पाइप की गैरमौजूदगी पावरट्रेन में बदलाव को साफ दिखाती है. सबसे अहम बात यह है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिएरा ईवी में इंडिपेंडेंट रियर सस्पेंशन सेटअप मिलेगा, जो इस सेगमेंट में आमतौर पर मिलने वाले बीम एक्सल अरेंजमेंट से काफी बेहतर है. यह एडवांस्ड सस्पेंशन न सिर्फ महंगा है, बल्कि कई फायदे भी देता है. इससे कार्नरिंग के दौरान बॉडी रोल कम होता है और उबड़-खाबड़ रास्तों पर व्हील आर्टिकुलेशन बेहतर होती है, जिससे स्टेबिलिटी, कम्फर्ट और कैपेबिलिटी बढ़ती है. इससे सिएरा ईवी एक ज्यादा एडवांस और वर्सेटाइल एसयूवी बन जाती है. इंडिपेंडेंट रियर सस्पेंशन टाटा मोटर्स का सिएरा ईवी में इंडिपेंडेंट रियर सस्पेंशन देना मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट के किफायती मानकों से अलग सोच को दर्शाता है. जहां ज्यादातर प्रतिद्वंद्वी सिंपल और सस्ते सेटअप पर निर्भर करते हैं, वहीं यह एडवांस डिजाइन ड्राइविंग डायनामिक्स और कम्फर्ट को बेहतर बनाता है. इससे सिएरा ईवी को एक प्रीमियम प्रोडक्ट के तौर पर पेश किया जा सकता है, जिससे इसकी कीमत टाटा के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में ज्यादा हो सकती है. इंटीरियर स्पेसिफिकेशन्स हालांकि टाटा मोटर्स ने सिएरा ईवी के इंटीरियर स्पेसिफिकेशन्स की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि एसयूवी में ब्रांड के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो के मुताबिक कई कॉस्मेटिक और फंक्शनल अपग्रेड्स मिलेंगे. इसमें Arcade.ev ऐप सूट के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी, एयरोडायनामिक्स के लिए क्लोज्ड-ऑफ ग्रिल, खास .ev बैजिंग और ड्रैग कम करने के लिए एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा, टाटा सिएरा ईवी में डिजिटल इंटीरियर रियर-व्यू मिरर भी दिया जा सकता है, जैसा कि हैरियर ईवी में मिलता है, जिसमें रियर-माउंटेड कैमरा से क्लियर और बिना रुकावट वाला व्यू मिलता है.

नए साल में क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बड़ा झटका, प्राइवेट बैंक ने लागू किए नए नियम

नई दिल्ली क्या आप भी आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड (ICICI Bank Credit Card) इस्तेमाल करते हैं, तो फिर नए साल की शुरुआत आपको झटका देने वाली साबित हो सकती है. दरअसल, बैंक की ओर से क्रेडिट कार्ज यूजर्स के लिए 1 जनवरी 2026 से कई बड़े बदलाव (Credit Card Rule Change) लागू किए जाने वाले हैं और ये चेंज आपकी जेब का बोझ बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं. इसके तहत कुछ ट्रांजैक्शंस के लिए अब चार्ज बढ़ाया जा रहा है, तो वहीं क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड बेनेफिट्स भी बदलने वाले हैं.  ऑनलाइन गेमिंग पड़ेगी महंगी ICICI Bank ने अपनी क्रेडिट कार्ड सर्विसेज और शुल्कों में नए बदलावों की घोषणा की है. कई तरह के लेन-देन पर पहले से लागू शुल्क बढ़ाए गए हैं, जबकि कई पॉपुलर कार्डों पर मिलने वाले Rewards और अन्य Benefits में भी संशोधन किया गया है. बैंक की ओर से जारी बयान में बताया गया कि ये New Rule जनवरी और फरवरी 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे और ये रिटेल क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर लागू होंगे.  Credit Card Rule Change में सबसे अहम बदलाव ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर किए गए लेन-देन पर लगने वाला चार्ज होगा, जो कुल ट्रांजैक्शन का अब 2% होगा. Dream11, Rummy Culture, Junglee Games और MPL जैसे प्लेटफॉर्म पर पेमेंट के लिए ये लागू होगा, तो इसके साथ ही भविष्य में पेश किए जाने वाले इसी तरह के मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) पर भी यही लागू किए जाएंगे.  दो महीने बदलाव ही बदलाव ICICI बैंक की ओर से हाल सालों में अपने क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो में सबसे व्यापक बदलावों में से एक को लागू करने का ऐलान किया गया है. इसमें लगभग सभी कार्डों के शुल्क, रिवॉर्ड स्ट्रक्चर और लाभों में संशोधन किया गया है. इनमें से ज्यादातर चेंज 15 जनवरी से प्रभावी होंगे, तो कुछ रिवॉर्ड लिमिट में बदलाव या फिर इन्हें खत्म करने से जुड़ा चेंज 1 फरवरी 2026 से लागू होगा.  सबसे बड़ा झटका यहां लगेगा Credit Card Rule Change के तहत सबसे तगड़ा झटका ICICI सुपर-प्रीमियम एमराल्ड कार्डहोल्डर्स को लगेगा. एमराल्ड मेटल, एमराल्ड प्राइवेट और एमराल्ड (PVC) पर डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) चार्ज बढ़ाकर 2% कर दिया गया है. इसके साथ ही एमराल्ड मेटल कार्डहोल्डर को सरकारी सेवाओं, फ्यूल, रेंट, Tax Payment के साथ ही थर्ड-पार्टी वॉलेट लेन-देन पर अब रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे. एमराल्ड मेटल पर नए ऐड-ऑन कार्ड के लिए अब 3,500 रुपये का एकमुश्त शुल्क भी देना होगा. नई साल (New Year) से लागू होने वाले अन्य बदलावों के बारे में बात करें, तो अब कई क्रेडिट कार्डों पर ट्रांसपोर्टेशन खर्च पर रिवॉर्ड की लिमिट तय कर दी गई है. एमराल्ड, एमराल्ड प्राइवेट, सैफिरो और रुबिक्स कार्डों पर मंथली परिवहन खर्च के 20,000 रुपये तक ही रिवॉर्ड मिलेंगे. वहीं कोरल, प्लैटिनम, मैनचेस्टर यूनाइटेड, सीएसके, एक्सप्रेशंस और अन्य मीडियन कैटेगरी के कार्ड्स पर यह लिमिट 10,000 रुपये प्रति माह होगी. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर यूजर्स के द्वारा की जाने वाली रेल और बस बुकिंग (Train-Bus Booking) पर पड़ेगा. थर्ड पार्टी वॉलेट को लेकर ये चेंज नए बदलावों के तहत अब आईसीआईसीआई क्रेडिट कार्ड यूजर्स को Amazon Pay, Paytm, MobiKwik, Freecharge और OlaMoney जैसे थर्ड-पार्टी वॉलेट में 5,000 रुपये या उससे अधिक की राशि लोड करने से अब 1% शुल्क वसूला जाएगा. इसके अलावा मनोरंजन (Entertainment) संबंधी सुविधाओं में सख्ती बरती जा रही है. Book My Show का पॉपुलर 'Buy One Get One' ऑफर अब बिना शर्त नहीं मिलेगा. कार्डधारकों को चालू तिमाही में इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिछली तिमाही में 25,000 रुपये खर्च करने जरूरी होंगे. वहीं फरवरी 2026 से इंस्टेंट प्लैटिनम कार्डधारकों के लिए यह सुविधा पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी.

KTM 390 Adventure R 2026 में होगी लॉन्च, ऑफ-रोडिंग के शौकिनों के लिए क्या है नया?

मुंबई   प्रीमियम और स्पोर्ट्स बाइक निर्माता कंपनी KTM जनवरी 2026 में अपनी पॉपुलर एडवेंचर मोटरसाइकिल, KTM 390 Adventure R का ज़्यादा ऑफ-रोड फोकस वाला वर्जन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. KTM 390 Adventure R ज़्यादा ऑफ-रोड फोकस वाली मोटरसाइकिल है, जिसमें स्टैंडर्ड 390 Adventure के मुकाबले 230 mm का ज़्यादा सस्पेंशन ट्रैवल और ज़्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है. Bikewale की रिपोर्ट की मानें तो, बाइक लवर्स के बीच ज़्यादा ऑफ-रोड कैपेबिलिटी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए, KTM ने ज़्यादा फोकस वाली KTM 390 Adventure R को पेश करने का फैसला किया है और इंडिया बाइक वीक में एक पब्लिकेशन को 390 Adventure R लॉन्च करने के प्लान की पुष्टि की है. KTM 390 Adventure R के हार्डवेयर 390 Adventure R के हार्डवेयर की बात करें इसमें 21-इंच का फ्रंट व्हील और 18-इंच का रियर व्हील मिलता है, जबकि स्टैंडर्ड 390 एडवेंचर में 21-इंच का फ्रंट और 17-इंच का रियर व्हील साइज़ होता है. इसके अलावा, लंबा ट्रैवल सस्पेंशन मिलता है, जो स्टैंडर्ड वर्जन के 200 mm के मुकाबले 230 mm है, जिसे ग्राउंड क्लीयरेंस भी ज़्यादा मिलता है, जो स्टैंडर्ड वर्जन के 232 mm के मुकाबले 272 mm है. मोटरसाइकिल में ज़्यादा सस्पेंशन ट्रैवल के साथ, सीट हाइट भी ज्यादा रखी गयी है, जो 870 mm है, जबकि स्टैंडर्ड मॉडल की सीट की ऊंचाई 830 mm है. तो, KTM 390 Adventure R उन राइडर्स के लिए होगी जो इसके ऊंचे स्टांस के बावजूद एक्स्ट्रा किट और कैपेबिलिटी को पसंद करेंगे. इंटरनेशनल स्पेसिफिकेशन वाली KTM 390 Adventure R की बात करें तो इसमें हेवी-ड्यूटी स्पोक वाले व्हील्स में Mitas Enduro Trail E07+ टायर इस्तेमाल किए गए हैं, लेकिन इस बात की जानकारी नहीं है कि इंडिया-स्पेसिफिकेशन वाली 390 Adventure R में कौन से टायर लगेंगे. 390 Adventure R के फ्रंट सस्पेंशन में 43 mm WP Apex ओपन कार्ट्रिज फोर्क मिलते हैं, जिसमें कम्प्रेशन और रिबाउंड डैम्पिंग एडजस्टेबिलिटी दी गई है, जबकि पीछे WP Apex स्प्लिट पिस्टन शॉक मिलता है, जिसमें प्रीलोड और रिबाउंड डैम्पिंग एडजस्टेबिलिटी दी गई है. KTM 390 Adventure R का इंजन मोटरसाइकिल में मिलने वाले इंजन की बात करें तो इसमें 399cc, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 8,500 rpm पर 45.3 bhp की पावर और 6,500 rpm पर 39 Nm का अधिकतम टॉर्क प्रदान करता है. बाइक की फ्यूल टैंक कैपेसिटी 14 लीटर की है, और 390 Adventure R का कर्ब वेट 176 kg है, जिसमें पूरा फ्यूल भरा होता है, जो स्टैंडर्ड KTM 390 एडवेंचर से 6 kg हल्का है. KTM 390 Adventure R की कीमत इसकी कीमत के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि KTM 390 Adventure R की कीमत लगभग 4.15 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) होगी. लॉन्च होने के बाद, KTM India के पास मिड-साइज़ एडवेंचर बाइक्स की पूरी रेंज होगी, जिसमें KTM 390 Adventure रेंज में X, स्टैंडर्ड वेरिएंट और ज़्यादा कुशल और अनुभवी राइडर्स के लिए R वेरिएंट मिलेगा.

Silver Price Today: चांदी थमने का नाम नहीं ले रही, एक झटके में ₹6000 महंगी—जानें नए गोल्ड रेट्स

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) साल 2025 के आखिरी महीने में धमाल मचा रही हैं. हर रोज ये दोनों कीमती धातुओं नए शिखर पर पहुंचते हुए पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तो Silver Price एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही 6000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और चांदी 2,14,471 रुपये के नए हाई पर जा पहुंची. सोना भी कुछ कम नजर नहीं आया और चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखा. MCX Gold Rate देखें, तो खुलने के साथ ही ये 1384 रुपये की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा. ऐसे में रिच डैड पुअर डैड (Rich Dad Poor Dad) के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी सच होते नजर आ रही है. वे अक्सर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में चांदी को अमीर बनने का जरिया बताते हैं.  रुकने का नाम नहीं ले रही चांदी इस साल हालांकि, Gold-Silver दोनों धातुओं ने धमाल मचाया है, लेकिन चांदी की रफ्तार ने चौंकाने का काम किया है और साल के खत्म होते-होते इसकी कीमतों में तेजी बढ़ती जा रही है. सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी खुलने के साथ ही 6032 रुपये प्रति किलो चढ़ गई और 2.14 लाख रुपये के पार निकल गई. बीते सप्ताह ही इसने इतिहास में पहली बार 2 लाख रुपये का आंकड़ा पार किया था और तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद इस स्तर पर टिकी हुई है.  Gold Rate में तेज उछाल  न सिर्फ चांदी की कीमत में सप्ताह के पहले दिन तेजी आई है, सोना भी छलांग लगा रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला सोना, अपने पिछले बंद की तुलना में 1000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की बढ़त लेकर खुला. इसके कुछ ही मिनटों में Gold Price 1384 रुपये या 1.03% की उछाल के साथ 1,35,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा, जो इसका अब तक का सबसे हाई लेवल है.  रॉबर्ट कियोसाकी की भविष्यवाणी हो रही सच Silver Rate में लगातार आ रहे उछाल को देखते हुए मशहूर किताब 'Rich Dad Poor Dad' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) की भविष्यवाणी सच होती नजर आ रही है, जिसमें वो कहते नजर आते हैं कि चांदी अमीर बना सकती है. हाल ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट के जरिए चांदी में निवेश की सलाह दी थी और 2026 के लिए इसे नया टारगेट (Silver Target) दिया था. गौरतलब है कि कियोसाकी अक्सर सोना-चांदी में निवेश की सलाह देते नजर आते हैं.  'चांद पर पहुंचती जा रही है चांदी…' अपनी नई पोस्ट में रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चांदी की बढ़ती कीमतों की ओर फोकस करते हुए लिखा कि चांदी चांद पर जा रही है, शायद 2026 में इसका भाव 200 डॉलर प्रति औंस (Silver Price) पर पहुंच जाएगा. बीते साल 2024 में ये सिर्फ 20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. उन्होंने बताया कि जैसे ही पिछले हफ्ते US FED एक और रेट कट का ऐलान किया था, मैंने और असली चांदी खरीद ली.

Japan से Korea तक रैली, भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त शुरुआत—सेंसेक्स-निफ्टी मजबूत

मुंबई  अमेरिका से लेकर जापान, कोरिया और हांगकांग तक के बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने भी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 450 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने ओपनिंग के साथ ही 150  अंकों से अधिक की छलांग लगा दी. शुरुआती कारोबार के दौरान जहां लार्जकैप कंपनियों में Infosys, Tech Mahindra के शेयर सबसे तेज दौड़ लगाते हुए नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत  शेयर मार्केट (Stock Market) में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 84,929.36 की तुलना में उछाल के साथ 85,000 के पार खुला और फिर अचानक तेज रफ्तार पकड़ते हुए 450 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 85,406 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया और फिर कुछ मिनटों में ही ये 500 अंक से ज्यादा चढ़ गया. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स से कदम से कदम मिलाकर कारोबार की शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,966 की तुलना में उछलकर 26000 के पार ओपन हुआ. इसके बाद इसमें भी तूफानी तेजी आई और ये इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा की बढ़त लेकर 26,125 के लेवल पर जा पहुंचा.  खुलते ही रॉकेट बने ये 10 शेयर  शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के बीच कुछ बड़ी कंपनियों के शेयर ओपनिंग के साथ ही रॉकेट बने नजर आए. BSE लार्जकैप में शामिल Infosys Share (2.20%), Tata Steel Share (1.50%) और Tech Mahindra Share (1.20%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल GVTD Share (10%), KEI Share (5%), SAIL Share (3.50%), National Ashok Leyland Share (2%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप में देखें, तो यहां पर Spectrum Share (12%), QuadFuture Share (11.25%) और JWL Share (10%) की तेजी में था.  विदेशों से मिले थे Good Signal भारतीय शेयर बाजार में तेजी के लिए विदेशों से पहले ही पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे थे. जहां बीते सप्ताह अमेरिकी शेयर मार्केट (US Stock Market) हरियाली देखने को मिली थी, तो वहीं सोमवार को लगभग सभी एशियाई बाजार तेज रफ्तार के साथ ओपन हुए. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) 1.90% से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 80 अंक चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा South Korea Kospi इंडेक्स 1.80% की बढ़त में था. बात Gift Nifty की करें, तो ये भी अपनी ओपनिंग के साथ ही ग्रीन जोन में बना हुआ था. 

रसोई बजट होगा हल्का: गैस सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी, जानिए कौन उठा सकेगा फायदा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की कई योजनाएं हैं जिससे एक बड़ा वर्ग लाभान्वित हो रहा है। ऐसी ही एक योजना- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सामान्य ग्राहक के मुकाबले 300 रुपये कम कीमत पर भरे हुए एलपीजी सिलेंडर मिलते हैं। उदाहरण के लिए देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत सामान्य ग्राहकों के लिए 853 रुपये है तो लाभार्थियों के लिए 553 रुपये है। कहने का मतलब है कि ग्राहकों को 300 रुपये सस्ती कीमत पर सिलेंडर मिल जाएगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मई 2016 में इस योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहने वाले उन परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देना था,। योजना के तहत मार्च 2020 तक 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे सितंबर 2019 में पूरा कर लिया गया। इसके बाद सरकार ने उज्ज्वला 2.0 की शुरुआत की, जिसके तहत विशेष रूप से प्रवासी परिवारों को ध्यान में रखते हुए 1.6 करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन देने का प्रावधान किया गया। यह लक्ष्य दिसंबर 2022 में पूरा हुआ, जिससे योजना के तहत कुल कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 9.6 करोड़ हो गई। आगे चलकर उज्ज्वला 2.0 के तहत वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 75 लाख और कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया, जिसे जुलाई 2024 में ही पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही कुल एलपीजी कनेक्शन की संख्या 10.35 करोड़ तक पहुंच गई। अब सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का कुल लक्ष्य बढ़कर 10.6 करोड़ कनेक्शन हो गया है। फिलहाल इन नए कनेक्शनों को जारी करने की प्रक्रिया जारी है। 3.13 करोड़ टन हो गई एलपीजी खपत क्रिसिल इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में एलपीजी खपत बढ़कर लगभग 3.13 करोड़ टन हो गई, जो वित्त वर्ष 2016-17 के 2.16 करोड़ टन से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 3.3 से 3.4 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया कि घरेलू खपत में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं का औसत वार्षिक रिफिल 2016-17 के 3.9 सिलेंडर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 4.5 सिलेंडर हो गया है। गैर-उज्ज्वला योजना परिवारों ने पिछले पांच वर्षों में प्रति वर्ष 6-7 सिलेंडर के स्थिर रीफिल स्तर को बनाए रखा है।