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सीएम योगी ने सहारनपुर में विकास कार्यों की समीक्षा की, मां शाकुंभरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना

सीएम योगी ने सहारनपुर में की विकास कार्यों की समीक्षा, मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ की पूजा-अर्चना मां शाकुंभरी देवी पर्यटन कॉरिडोर निर्माण की प्रगति का लिया जायजा, अक्टूबर माह में शारदीय नवरात्रि तक कार्य पूरा करने का दिया निर्देश निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का रखा जाए ध्यान- सीएम योगी एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य यथाशीघ्र किया जाए पूर्ण- सीएम योगी  सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर जनपद में मां शाकुंभरी देवी सिद्धपीठ मंदिर पहुंचे और निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग की प्रगति को देखा। इसके उपरान्त उन्होंने भूरादेव एवं सिद्धपीठ मां शाकुंभरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।      निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए तथा अक्टूबर माह में पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को शारदीय नवरात्रि तक तय मानकों के साथ पूरा कराएं। भूरा देव मंदिर से शाकुंभरी देवी मंदिर तक निर्माणाधीन एलिवेटिड रोड का कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए।  निरीक्षण के दौरान संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यमंत्री लोक निर्माण ब्रजेश सिंह, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारन देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, पूर्व विधायक नरेश सैनी एवं संबंधित अधिकारियों सहित जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई उपस्थित रहे।

LPG सिलेंडर कालाबाजारी पर कड़ी नजर, 2,554 जगहों पर की गई छापेमारी और निरीक्षण

LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी, 2,554 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी 40 एफआईआर, 8 गिरफ्तार, 37 व्यक्तियों को किया गया अभियोजित आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, सभी जनपदों में स्थापित किए गए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम उपभोक्ताओं को बुकिंग के सापेक्ष 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से सुनिश्चित कराई गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां आवश्यतानुसार एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी/अवैध बिक्री रोकने के लिए लगतार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है। कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा इसी क्रम में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा विगत दो दिनों में कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 5 एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज की गईं। मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 व्यक्तियों को अभियोजित किए जाने की कार्रवाई की गई है। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। सुनिश्चित कराई गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को वितरकों के माध्यम से बुकिंग के सापेक्ष आवश्यकतानुसार एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, फील्ड में सक्रिय प्रशासन आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो लगातार कार्य कर रहे हैं। जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं।

लखनऊ-गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने से इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन और अनुसंधान के जरिए स्टार्टअप को मिलेगा मजबूत प्लेटफॉर्म

लखनऊ योगी सरकार राज्य को नवाचार और स्टार्टअप का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बजट 2026-27 के माध्यम से लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में यू-हब स्थापित करने की घोषणा की गई है। योगी सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ तकनीक आधारित उद्यमों को नई गति प्रदान करने का काम करेगी। इस हब को देश के अग्रणी नवाचार केंद्रों की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। तेलंगाना, ओडिशा, केरल और कर्नाटक में स्थापित नवाचार केंद्र की तरह ही इस यू-हब को विश्वस्तरीय नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यू-हब का उद्देश्य युवाओं के नवाचार और नए विचारों को एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इसके माध्यम से स्टार्टअप और उद्यमियों को अपने आइडिया को व्यवसाय में बदलने के लिए जरूरी संसाधन, मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार की योजना के अनुसार यह हब प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां स्टार्टअप को शुरुआती स्तर से आगे बढ़ने तक हर चरण में सहयोग मिलेगा। यहां इन्क्यूबेशन, एक्सेलेरेशन, अनुसंधान, विकास और सहयोग कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही स्टार्टअप को विशेषज्ञों की मेंटोरशिप, निवेशकों से जुड़ने के अवसर और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  विशेषज्ञों का मानना है कि यू-हब की स्थापना से उत्तर प्रदेश में नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी, फिनटेक, हेल्थटेक और अन्य तकनीक आधारित क्षेत्रों में नए स्टार्टअप स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही युवाओं को पारंपरिक नौकरी की तलाश के बजाय उद्यमिता की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा। बजट में इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी और तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार को गति मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यू-हब के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, नई कंपनियां स्थापित होंगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। आने वाले समय में यू-हब उत्तर प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख स्टार्टअप मामलों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

बरेली, जौनपुर और आगरा में विशेष अभियान के दौरान सबसे अधिक बनाए गए कार्ड

लखनऊ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत छूटे पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने के लिए योगी सरकार प्रदेश भर में विशेष अभियान चला जा रही है। अभियान की शुरुआत बीते साल 25 नवंबर को हुई। यह 25 दिसंबर, 2025 तक चला। इस दौरान 5 लाख 52 हजार से अधिक कार्ड बनाए गए। अभियान की सफलता को देखते हुए इस साल 15 जनवरी से दोबारा विशेष अभियान शुरू किया गया, जो वर्तमान में चल रहा है। विशेष अभियान की अवधि में अब तक 17 लाख 94 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभियान के दौरान विशेष रूप से आशा कार्यकताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ उनके परिवार के कार्ड बनाए जा रहे हैं। अभियान के दौरान सबसे अधिक बरेली में कार्ड बनाए गए। इससे बरेली कार्ड बनाने में पूरे प्रदेश में पहले, जौनपुर दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर हैं।   70 वर्ष या अधिक आयु के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के कार्ड बनाए गए   साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है। योजना के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे करोड़ों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।  उन्होंने बताया कि योगी सरकार वंचित पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए प्रदेश भर में विशेष अभियान चला जा रही है। यह अभियान पहले 25 नवंबर से 25 दिसंबर, 2025 तक संचालित किया गया। अभियान की सफलता को देखते हुए इसे इस साल 15 जनवरी से 15 अप्रैल तक विस्तारित किया गया है। अभियान के तहत 12 मार्च तक 17 लाख 94 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभियान को स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर स्वयंसेवकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र परिवारों तक पहुंच बनाकर उनका सत्यापन किया गया और मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाए गए। अभियान के दौरान सबसे अधिक बरेली ने 1,12,855 कार्ड बनाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह जौनपुर 83,042 कार्ड बनाकर दूसरे, आगरा 76,702 कार्ड बनाकर तीसरे स्थान पर है जबकि प्रयागराज 74,252 कार्ड बनाकर चौथे और आजमगढ़ 70,266 कार्ड बनाकर पांचवे स्थान पर है।  1.51 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवार के बनाए गए कार्ड साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आंगनबाड़ी सहायिकाओं तथा उनके परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्य योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 12 मार्च तक करीब 3.24 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। अभी लगभग 1.03 लाख लोगों के कार्ड बनना शेष है। इस दौरान सबसे अधिक कुशीनगर में 6,620 कार्ड बनाए गए। इसी प्रकार लगभग 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों में से 1.53 लाख के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। इस दौरान सबसे अधिक अंबेडकरनगर में 3,176 कार्ड बनाए गए। वहीं 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवारों में से लगभग 1.51 लाख लोगों के कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि करीब 81 हजार लोगों के कार्ड बनना अभी शेष है। इस दौरान सबसे अधिक अंबेडकरनगर में 3,077 कार्ड बनाए गए। वहीं जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवार के सदस्यों का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। इसमें सबसे अधिक वाराणसी में कार्ड बनाए गए। इसके बाद हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में कार्ड बनाए गए।

ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

कैथल/लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता जिन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है, जिन्होंने जनता का विश्वास खो दिया, वे मुकाबला नहीं कर पाने की स्थिति में अफवाह-अराजकता के जरिए अव्यवस्था फैला रहे हैं। ऐसे में हमें मिलकर कार्य करना है और अव्यवस्था व अराजकता को नहीं फैलने देना है। हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में मजबूती से कार्य करना है, क्योंकि देश सुरक्षित तो सनातन सुरक्षित और सुनातन सुरक्षित तो देश सुरक्षित होगा। दोनों को अलग करके नहीं रखा जा सकता। मुख्यमंत्री ने दुनिया के वर्तमान हालात का जिक्र करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। इससे दुनिया में आर्थिक अराजकता होगी, लेकिन भारत किसानों के पुरुषार्थ और देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्गदर्शन में सीना तानकर विकास की यात्रा को बढ़ा रहा है। 145 करोड़ देशवासी एकजुट होकर नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं और कह रहे हैं कि देश के नेतृत्व का जो भी आदेश होगा, हम सब उसका पालन करेंगे। दुनिया जब अराजकता-अव्यवस्था से त्रस्त है, तब भारत मजबूती के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को बाबा मुकुट नाथ मठ, सौंगल गांव में ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल व शंखाढाल कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पूजन-अर्चन किया और ब्रह्मलीन संतों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने सफल आयोजन के लिए सौंगल के पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में शेरनाथ जी को पीर की पदवी दी गई।  पहले की सरकारों को वोटबैंक व तुष्टिकरण से नहीं थी फुर्सत सीएम योगी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि जो लोग देशहित में कार्य कर रहे हैं, उन्हें समर्थन-सहयोग करें और जो लोग देशविरोधी-धर्मविरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें नकारना, दुत्कारना और बाहर का रास्ता दिखाना है। भारत का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, क्योंकि राम सनातन के प्रतीक और भारत के आधार स्तंभ हैं। 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांता ने रामजन्मभूमि पर मंदिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन-वर्ष बीतते गए, हिंदू संघर्ष करता गया, लेकिन कोई बात सुनने वाला नहीं था। जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की पहल को नई ऊंचाइयां प्राप्त हुई। आज अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्यतम मंदिर बनकर तैयार हो गया। आजादी के बाद अनेक सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने आस्था के बारे में नहीं सोचा, क्योंकि उन्हें वोटबैंक और तुष्टिकरण से फुर्सत नहीं थीं। केंद्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार बनी तो राम मंदिर का निर्माण हो गया। यूपी और देशवासियों को सुरक्षा की गारंटी मिली।  सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी सीएम ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल में महालोक, उत्तराखंड में केदारपुरी और बद्रीनाथ पुरी में भव्य धाम का निर्माण, यह तब हुआ जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें हैं। सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी। आजादी के बाद कश्मीर व नक्सलवाद की समस्या उन्हीं लोगों ने दी, जिन्होंने तुष्टिकरण के नाम पर देश को बांटा। जब देश में जनचेतना जागरूक हुई तो जिन लोगों ने सनातन व देश के प्रति अन्याय किया था, देशवासियों ने उन्हें अविश्वास का प्रतीक बना दिया और भारतीय जनता पार्टी व मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास जताया। जनता जिस रूप में देश को लेकर चलना चाहती थी, मोदी जी के नेतृत्व में वैसा ही काम हो रहा है।  जिन लोगों ने विश्वास खो दिया, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे  विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं। कभी लोकसभा स्पीकर तो कभी न्यायपालिका या भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताते हैं। वे जीतते हैं तो उनकी उपलब्धि और हार गए तो संवैधानिक संस्थाओं पर अंगुली उठाते हैं। कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप नहीं चलेगा। जो लोग सनातन विरोधी आचरण करते हुए भारत को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं, जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। भारत की आन, बान, शान से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं मिलेगी। भारत में नशे को बढ़ाने की साजिश कर रहा पाकिस्तान  सीएम ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी ध्यान देना चाहिए। दुश्मन हमेशा हमारी कमजोरी देखने की फिराक में रहता है। पाकिस्तान भारत में शरारत के तहत नशे को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। सीएम ने धर्मसभा में आह्वान किया कि युवा पीढ़ी और समाज को जागरूक करें, नशे के खिलाफ अभियान चलाएं, नशा नाश का कारण है, इसलिए नशे के खिलाफ किया गया कार्य देश की सेवा है। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं, वे देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं, इन्हें पनपने नहीं देना चाहिए। भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा से परिपूर्ण है। जब भी उसे अवसर मिला, उसने देश-दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नशे के सौदागरों को युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। धर्मसभाओं के माध्यम से आमजन को जागरूक करना चाहिए।  संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी सनातन की ध्वज पताका सीएम योगी ने कहा कि शेरनाथ जी महाराज ने सभी के सहयोग से गुरु महंत गणेश नाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस आयोजन का साहसिक निर्णय लिया। कई दशकों के बाद सौंगल में संतों-योगेश्वरों व भक्तों का इतना बड़ा जमावड़ा हुआ। इस भूमि ने हर युग में अपना प्रभाव दिखाया है। यहां की उपस्थिति बताती है कि सनातन की ध्वज पताका संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी, उसे कोई ताकत झुका नहीं सकती। सनातनी जीते जी सम्मान देते हैं और जो भौतिक रूप से नहीं हैं तो भी उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए ऐसे आयोजन करते हैं। उनकी अच्छाइयों से प्रेरणा प्राप्त करते हैं। सीएम योगी ने सिकंदर के अहंकार के पतन और सिद्ध योगी के व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सिद्ध संतों व संन्यासियों की परंपरा ने सदैव सदाचार, कर्तव्य व राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी। समाज व राष्ट्र … Read more

योगी सरकार की पहल से प्रथम और द्वितीय चरणों में 1.56 लाख से अधिक बच्चों को मिला प्रवेश

लखनऊ योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है। प्रदेश में आरटीई के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय चरण में मिलाकर 1.56 लाख से अधिक छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 1.09 लाख सीटों का आवंटन किया जा चुका है  जबकि द्वितीय लॉटरी में 47 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है। इस प्रकार बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन सत्यापित किए गए। आरटीई के तहत सर्वाधिक प्रवेश लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जनपदों में हुए हैं, जहां हजारों बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिला है। इसी प्रकार अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, फीरोजाबाद और बरेली जैसे जिलों में भी हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला है। आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। योगी सरकार ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है ताकि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग के बच्चों तक पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया के आगामी चरण भी जल्द पूरे किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके। सर्वाधिक प्रवेश वाले जनपद लखनऊ   L1: 12,097 L2: 3,489 कुल: 15,586 सीटें     वाराणसी   L1: 7,140 L2: 989 कुल: 8,129 सीटें   कानपुर नगर   L1: 7,128 L2: 1,822 कुल: 8,950 सीटें   आगरा   L1: 4,989 L2: 1,771 कुल: 6,760 सीटें   मुरादाबाद   L1: 4,080 L2: 1,890 कुल: 5,970 सीटें   मुरादाबाद   L1: 4,080 L2: 1,890 कुल: 5,970 सीटें     अलीगढ़   L1: 4172 L2: 1189 कुल: 5,361 सीटें     अलीगढ़   L1: 4172 L2: 1189 कुल: 5,361 सीटें   बुलंदशहर   L1: 3,761 L2: 1,584 कुल: 5,345 सीटें   गाजियाबाद   L1: 3,540 L2: 1,350 कुल: 4,890 सीटें   मेरठ   L1: 3,691 L2: 1,235 कुल: 4,926 सीटें                  

डिजिटल प्लेटफॉर्म से देशभर तक पहुंचा कारोबार

लखनऊ अलीगढ़ के हरदुआगंज क्षेत्र के बड़ा गांव उखलाना की रहने वाली सुजाता राघव ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी नए अवसरों की राह खोल सकतीं हैं। कोरोना काल में जब उनके पति की नौकरी छूटने के बाद परिवार के सामने आय का संकट खड़ा हो गया, तब सुजाता ने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के बारे में जानकारी मिली। इस योजना से प्रेरित होकर उन्होंने गांव की महिलाओं के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूह बनाया। उनका कहना है कि योगी सरकार की नीतियों से उनको आत्मनिर्भर बनने में काफी मदद मिली। एनआरएलएम से जुड़ने के बाद सुजाता राघव को अपने व्यवसाय की शुरुआत करने के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस योजना के माध्यम से उन्हें स्वयं सहायता समूह के जरिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्होंने पूजा सामग्री के निर्माण का कार्य शुरू किया।  एनआरएलएम से मिली वित्तीय सहायता ने न केवल उनके व्यवसाय की नींव मजबूत की, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी दिया। इस सहयोग से उन्होंने धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया, नए उत्पाद जोड़े और अन्य महिलाओं को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किए। समूह की ताकत से बनाया ‘श्री शुभांग’ नाम से ब्रांड सुजाता ने वर्ष 2022 में अन्य महिलाओं के साथ मिलकर “श्री राघव ग्रामीण महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह” का गठन किया। शुरुआत मिट्टी के दीये के लिए सूती बातियों से की। धीरे-धीरे मांग बढ़ने लगी और उत्पादों की विविधता भी बढ़ती गई। इसके बाद समूह ने धूपबत्ती, 6 तरह की धूप स्टिक, 8 तरीके की धूप कोन, हवन सामग्री, सत्यनारायण पूजा किट और जन्माष्टमी पूजा किट जैसे अन्य पूजा से जुड़ी किट्स भी बनाने शुरू किए। अपने उत्पादों को अलग पहचान देने के लिए उन्होंने “श्री शुभांग” नाम से एक ब्रांड बनाया और उसका ट्रेडमार्क भी पंजीकृत कराया। उन्होंने अपने उत्पाद अमेज़न, फ्लिपकार्ट, जियो मार्ट पर भी रजिस्टर किये हैं। इससे उन्हें सालाना 2 से 2.50 लाख तक की बिक्री हो जाती है। आज यह ब्रांड केवल अलीगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी खुशबू देश के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी है। मंदिरों, बड़े किराना स्टोर्स और सरकारी कैंटीनों तक इन उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है।  डिजिटल प्लेटफॉर्म से देशभर में पहुंचा कारोबार सुजाता राघव की सफलता में डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी बड़ा योगदान रहा है । उन्होंने अपने उत्पादों को ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया, जिससे उनका कारोबार जिला स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया। अब ग्राहक 'श्री शुभांग' से देश के किसी भी हिस्से से ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं। सुजाता के लिए डिजिटल तकनीक की जानकारी शुरू में बहुत चुनौतीपूर्ण जरूर थी, लेकिन ओएनडीसी टीम, एनआरएलएम और परिवार के सहयोग से उन्होंने इसे सीख लिया। आज मोबाइल पर आसानी से ऑर्डर आ जाते हैं, इन्वेंटरी मैनेज होती है। ऑनलाइन कैटलॉग के जरिए ग्राहक उनके उत्पाद आसानी से देख सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार ऑर्डर कर लेते हैं।  रोजगार पाकर महिलाओं को मिली नई पहचान सुजाता राघव की पहल आज कई महिलाओं के जीवन में बदलाव की वजह बन चुकी है। उनके समूह से 10 महिलाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है, और अन्य 10 महिलाओं को भी पैकिंग और आपूर्ति जैसे कार्यों से कई अन्य लोग भी अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ गए हैं। समूह से जुड़ी हर महिला लगभग 7 से 8 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही है और समूह की कुल मासिक आय सवा से डेढ़ लाख रुपये से ऊपर तक पहुंच चुकी है। सुजाता का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनतीं हैं, तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। उनकी यह यात्रा बताती है कि अगर संकल्प मजबूत हो और सामूहिक प्रयास किया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। सुजाता राघव की यह कहानी केवल एक व्यवसाय ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, महिला सशक्तीकरण और सामूहिक प्रयास को दर्शाती है, जिसने कई घरों में रोजगार और उम्मीद की नई खुशबू पहुंचाई है।

पीएम यूनिटी मॉल से 75 जिलों के उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच

लखनऊ  स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और विपणन करने के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है। इससे कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के ओडीओपी और जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।  परंपरागत उद्योगों को मिलेगी संजीवनी ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ रहे परंपरागत उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार की ओर से बढ़ाया गया यह कदम न सिर्फ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत कर रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को “स्वदेशी की नई ताकत” के रूप में स्थापित भी कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पीएम यूनिटी मॉल राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है। आगरा में 128 करोड़ से बन रहा यूनिटी मॉल आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग वाल की आरसीसी का कार्य 100% तक पूर्ण हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।  वाराणसी में काशी की विरासत को मिलेगा नया मंच  वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ क्षेत्र में यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। डी-वाल का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा।  लखनऊ में अवध शिल्पग्राम में बनेगा मॉल लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना जून 2026 तक पूरी होने की संभावना है। अभी यहां दुकानों में फिनिशिंग एवं एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।  कारीगरों और स्थानीय उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।

कालाबाजारी में 24 एफआईआर दर्ज, 6 गिरफ्तार, 19 लोगों पर अभियोजन

एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, 1483 स्थानों पर निरीक्षण व छापे कालाबाजारी में 24 एफआईआर दर्ज, 6 गिरफ्तार, 19 लोगों पर अभियोजन प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सुनिश्चित की गई रिफिल डिलीवरी वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध लखनऊ  प्रदेश में आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए। इसी क्रम में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई यूपी पहला राज्य है, जहां कालाबाजारी के खिलाफ सबसे पहले और ताबड़तोड़ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा शुक्रवार को कुल 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 4 एफआईआर दर्ज की गई, जबकि एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 19 व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई की गई है। उपभोक्ताओं को सुनिश्चित की गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के सापेक्ष एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है। वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों का 20 प्रतिशत आवंटन भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो। 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। वहीं प्रदेश के सभी जनपदों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार कार्यरत हैं। फील्ड में सक्रिय प्रशासन उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लखनऊ मुख्यालय में अग्नि नियंत्रण सेल हुआ सक्रिय

लखनऊ  मौसम में परिवर्तन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन विभाग ने आग से बचाव की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के आलाधिकारियों से कहा है कि गर्मी में जंगलों में आग की घटनाएं न हों,  इसके लिए अभी से तैयार रहें। वन विभाग ने ऐसी घटनाओं पर निगरानी और रोकथाम के लिए मुख्यालय से लेकर प्रभागीय स्तर, जोनल-मंडलीय मुख्य वन संरक्षक स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाया है। प्रदेश मुख्यालय पर बनाए गए अग्नि नियंत्रण सेल कार्य कर रहे हैं।  मुख्यालय व प्रभागीय स्तर पर बनाए गए अग्नि नियंत्रण सेल  प्रत्येक प्रभाग, वृत्त, जोन तथा मुख्यालय स्तर पर प्रदेश में कुल 116 अग्नि नियंत्रण सेल स्थापित किए जा चुके हैं। यह सेल 24 घंटे कार्य करेंगे। सेल में तीन शिफ्ट (सुबह छह से दोपहर दो बजे तक, दोपहर दो बजे से रात्रि 10 बजे तक व रात्रि 10 से सुबह छह बजे तक) में कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। हीलाहवाली न हो, इसके लिए विभिन्न रेंजों में समस्त सूचनाएं रजिस्टर में पंजीकृत कर तत्काल उसके निदान पर कार्य भी किया जाएगा।  हेल्पलाइन नंबर पर दी जा सकेगी जानकारी आग से जुड़ी घटनाओं के संबंध में आम नागरिक भी सूचना दे सकेंगे। जनपद से मिली इन सूचनाओं को जनपदीय अधिकारी तत्काल मुख्यालय के नियंत्रण सेल को प्रेषित करेंगे। आमजन की सुविधा के लिए लखनऊ में भी हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। 0522-2977310, 0522-2204676, 9651368060, 7017112077 पर इससे जुड़ी सूचनाएं दी जा सकती हैं। अन्य सभी जनपदों में भी आमजन व अन्य विभागों के अधिकारियों को स्थानीय हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया जाएगा। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की वेबसाइट-fsi.nic.in पर वन अग्नि अलर्ट सूचना के लिए प्रदेश के 3792 अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन ने पंजीकरण भी कराया है।  अतिसंवेदनशील व मध्य संवेदनशील प्रभागों में भी कर ली गई तैयारी  प्रदेश में वन अग्निकाल 15 जून तक माना गया है। पहले के वर्षों में हुई अग्नि घटनाओं के आधार पर अतिसंवेदनशील व मध्य संवेदनशील (चित्रकूट, सोनभद्र, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग, बहराइच, महराजगंज, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, उत्तर खीरी-दक्षिण खीरी, बलरामपुर, सहारनपुर, बिजनौर, गोंडा, गोरखपुर, मीरजापुर, चंदौली, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, वाराणसी व कैमूर वन्य जीव प्रभाग घोषित किए गए हैं। इनमें फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है। संवेदनशील जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के क्रम में वन अग्नि नियंत्रण के लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रभागीय स्तर पर आग लगने की किसी भी सूचना से तत्काल मुख्यालय स्तर को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। आमजन की सुविधा के लिए मुख्यालय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। वन्य जीवों को वन क्षेत्र के अंदर पीने के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए पक्का होल निर्माण व पुराने वाटर होल की मरम्मत कर उसमें नियमित जल भी भरा जा रहा है। वन क्षेत्र के अंदर वाच टावर का निर्माण व पुराने वाच टावर का रखररखाव भी किया जा रहा है।