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‘हर शिकायत पर होगी कार्रवाई’— जनता दर्शन में फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं, सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम योगी ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

प्रतियोगी छात्रों का आक्रोश फूटा: UPPSC के बाहर प्रदर्शन, पुलिस से टकराव

लखनऊ  उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को प्रयागराज में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं लोकसेवा आयोग के गेट नंबर दो के बाहर एकत्र हुए और हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में जवाबदेही की कमी है और आयोग उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांग है कि आयोग सभी भर्ती परीक्षाओं की संशोधित उत्तरकुंजी सार्वजनिक करे, ताकि अभ्यर्थियों को अपने अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की सही जानकारी मिल सके। इसके साथ ही छात्रों ने श्रेणीवार कटऑफ अंक जारी करने की भी मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि जब तक उत्तरकुंजी और कटऑफ स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक चयन प्रक्रिया पर संदेह बना रहेगा। मिला कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन इस आंदोलन को हुंकार मंच समेत कई प्रतियोगी छात्र संगठनों का समर्थन मिला। अलग-अलग जिलों से आए छात्र सुबह से ही आयोग परिसर के बाहर जुटने लगे थे। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर धरना दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन महाआंदोलन का रूप लेने लगा। पुलिस प्रशासन अलर्ट स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में नजर आया। लोकसेवा आयोग के आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई। कई थानों की पुलिस फोर्स और एसीपी स्तर के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। पुलिस के साथ झड़प धरना प्रदर्शन के दौरान जब छात्रों ने सड़क पर बैठकर आंदोलन तेज करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए कुछ छात्रों को मौके से हटाया और दो छात्रों को हिरासत में लिया गया। हालांकि कुछ देर बाद हिरासत में लिए गए छात्रों को छोड़ दिया गया, जिसके बाद छात्र फिर से धरने पर बैठ गए। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी करती रही। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

यूपी में अभूतपूर्व घोटाला! कफ सिरप रैकेट में 700+ फर्जी कंपनियां, अरबों के लेन-देन का ईडी ने किया खुलासा

लखनऊ  ईडी की तीन प्रदेशों में 40 घंटे से अधिक की छापेमारी में कफ सिरप की काली कमाई का पूरा खेल सामने आ गया। अब तब मिले साक्ष्यों के मुताबिक 220 संचालकों के नाम से 700 से अधिक फर्में बनाई गईं। इनसे अरबों रुपये की कमाई की गई। सबसे दिलचस्प यह रहा कि इसमें अधिकतर फर्में सिर्फ कागजों पर ही रहीं। फर्मों में अधिकृत कई और लोग भी सिर्फ दस्तावेजों में ही पाए गए। ईडी सूत्रों का दावा है कि अभी कई और फर्मों को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे है। ईडी सामने आए साक्ष्यों के आधार पर जल्दी ही सम्पत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू करेगी। यूपी, गुजरात और झारखंड में 25 से अधिक ठिकानों पर हुई जांच में जिस तरह से फर्जीवाड़ा सामने आए, उससे ईडी के अफसर भी हैरत में पड़ गए है। ईडी अपनी जांच में यूपी के अंदर ऐसा फर्जीवाड़ा पहली बार मिलने की बात कह रही है। एक अधिकारी के मुताबिक जिस तरह से कदम-कदम पर फर्जीवाड़ा किया गया, उसने पूरे सिस्टम की भी पोल खोल दी है। फेंसेडिल सिरप बनाने वाली एक कम्पनी के कई अफसरों को इस बारे में पता था लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी। एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह ने अपनी जांच में कहा था कि एक दवा कंपनी के कई अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।   ईडी की जांच से ही शुभम, आलोक, अमित पर शिकंजा कसा एसटीएफ की पिछले साल जांच पूरी होने के बाद भी मास्टर माइंड शुभम जायसवाल, पूर्व सांसद के करीबी आलोक सिंह, अमित टाटा ने खुद को बचाने के लिए कई हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए थे। एसटीएफ ने जब अमित व आलोक को गिरफ्तार किया तो भी इन लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई। कोर्ट में ये आरोपी निश्चिंत दिखे थे लेकिन जैसे ही ईडी ने आलोक, अमित और शुभम के ठिकानों पर छापा मारकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए, इनके खेमे में खलबली मच गई। खातों से भी मिल रहे संदिग्ध लेन-देन, कई और नाम सामने आएंगे ईडी सूत्रों का दावा है कि दुबई में छिपे मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, आलोक सिंह, अमित टाटा के अलावा शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल के बैंक खातों में कई बड़े लेन-देन मिले हैं। इनमें से कुछ लेन-देन का पूरा ब्योरा नहीं मिल पाया है। फर्मों के नाम से खुले खातों में भी कुछ लेन-देन ऐसे हैं जिनका आगे का ब्योरा नहीं मिल रहा है। रांची और धनबाद में भी कुछ फर्मों से रकम का आदान-प्रदान हुआ है। इन सबको लेकर अभी ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसी आधार पर कहा जा रहा है कि अभी कई और नाम के साथ ही कुछ और फर्जी फर्में सामने आएंगी। जीएसटी विभाग से भी इन फर्मो को लेकर सूची मिलने वाली है। इससे भी ईडी जांच का दायरा आगे और बढ़ाएगी।  

भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देश के प्रति सरदार पटेल की सेवाएं व योगदान बना चिरस्मरणीय अध्यायः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहाः सीएम योगी  वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देशः सीएम   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा देश  सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा।  सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप भारत का हिस्सा बनीं जूनागढ़ व हैदराबाद रियासत  सीएम योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रिसायतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणाम स्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा। पं. नेहरू ने कश्मीर को विवादित करने का कार्य किया, जिससे वह भारत को डसता रहा सीएम योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। पं. नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने किए अनेक उल्लेखनीय कार्य  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है।  इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, अवनीश सिंह, पवन सिंह चौहान, लालजी प्रसाद निर्मल, उमेश द्विवेदी, विधायक ओपी श्रीवास्तव, आशीष सिंह ‘आशु’, भाजपा के महानगर अध्यक्ष  आनंद द्विवेदी, सरदार पटेल स्मृति समारोह समिति के अध्यक्ष राजेश्वरी देवी पटेल, महासचिव शशांक वर्मा आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन : प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्यः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’ प्रत्येक फरियादी से मिले मुख्यमंत्री, बोले- हर समस्या का कराएंगे उचित निस्तारण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं। सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  अन्नदाता किसान की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही सरकार ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री जी ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं।  प्रदेशवासियों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से शुरू हुआ रामलला पार्क निर्माण

-अमृत 2.0 योजना के तहत 17.22 करोड़ की लागत से नगर विकास विभाग करा रहा रामलला पार्क का निर्माण -पार्क में ओपन एयर थियेटर, फाउंटेन, स्टैच्यू, किड्स प्ले एरिया और ओपन जिम की सुविधा -प्रवेश द्वार से लेकर पार्किंग तक आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा रामलला पार्क अयोध्या रामनगरी अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक अनोखा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से प्रेरित रामलला पार्क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह पार्क भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा। अमृत 2.0 योजना के तहत 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर साकेत सदन के पीछे स्थित लगभग 5 एकड़ भूमि पर फैले इस पार्क का निर्माण नगर विकास विभाग द्वारा कराया जा रहा है। कुल 17.22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पार्क से अयोध्या को एक नया आकर्षण मिलेगा, जो धार्मिक पर्यटकों के लिए विशेष महत्व रखेगा। रामलला पार्क न केवल एक मनोरंजन स्थल होगा, बल्कि यह श्रीराम की जीवन गाथा को चार जोनों में विभाजित कर दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगा।  हर वर्ग को आकर्षित करेगा रामलला पार्क कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के अनुसार, पार्क में प्रवेश द्वार से लेकर पार्किंग तक सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें वाच टावर, टिकट काउंटर, स्क्रीन वॉल और शौचालय जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। पार्क को चार मुख्य जोनों में बांटा गया है। जोन प्रथम में भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य, जोन द्वितीय में उनकी बाल अवस्था के दृश्य, जोन तृतीय में गुरुकुल जीवन और जोन चतुर्थ में ताड़का वध की कथा को मूर्त रूप दिया जाएगा। इन दृश्यों को स्टैच्यू और अन्य कलात्मक तरीकों से सजाया जाएगा, जो आगंतुकों को रामायण की इन महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराएंगे। पार्क की अन्य सुविधाओं की बात करें तो यहां ओपन एयर थियेटर, म्यूजिकल फाउंटेन, भव्य स्टैच्यू, बच्चों के लिए प्ले एरिया और ओपन जिम की व्यवस्था होगी। इसके अलावा रोड, वाटर बॉडी और हरित क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। ये सभी विशेषताएं पार्क को परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षक बनाएंगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य चल रहा हैं। रोजाना एक लाख के करीब श्रद्धालु कर रहे दर्शन रामलला के भव्य मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। रोजाना करीब एक लाख दर्शनार्थी रामलला के दर्शन कर रहे हैं। ऐसे में रामलला पार्क जैसे नए केंद्र अयोध्या को विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जल्द ही पर्यटकों के लिए खुलेगा यह पार्क : नगर आयुक्त राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ शहर में नए पार्क, संग्रहालय और अन्य परियोजनाएं चल रही हैं। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि रामलला पार्क भी इसी क्रम की एक कड़ी है, जो राम भक्तों को श्रीराम के जीवन से जुड़ी यादें ताजा कराएगा। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही यह पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पार्क न केवल धार्मिक भावनाओं को मजबूत करेगा, बल्कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।रामनगरी अब विश्व पटल पर एक आदर्श तीर्थ स्थल के रूप में उभर रही है।

लखनऊ में बनकर तैयार हुआ ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’, भाजपा के तीन दिग्गज नेताओं को समर्पित ₹232 करोड़ की परियोजना

 लखनऊ  लखनऊ में भाजपा के तीन दिग्गज नेताओं को समर्पित 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. बसंतकुंज क्षेत्र में 65 एकड़ में विकसित यह विशाल परिसर अपनी भव्यता, आधुनिक सुविधाओं और विशेष डिजाइन के कारण चर्चा में है. परिसर को कमल के फूल की आकृति में तैयार किया गया है, जो भारतीय संस्कृति और भाजपा के प्रतीक चिन्ह दोनों का प्रतिनिधित्व करता है.  यहां एक साथ करीब एक लाख लोगों के जुटने की क्षमता है, जबकि पूरे परिसर में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं. तीन हेलीपैड, बड़े मंच, चौड़े पाथवे और कई सुविधाओं से युक्त यह स्थल प्रधानमंत्री के किसी भी बड़े आयोजन के लिए पूरी तरह उपयुक्त माना जा रहा है. गोमती नदी के किनारे बने इस राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण लगभग 232 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. लंबे समय से प्रतीक्षित यह स्थल अब उद्घाटन के लिए तैयार है और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर इसका लोकार्पण करेंगे. पीएम मोदी के कार्यक्रम को मद्दे नजर रखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण तेज कर दिया है. परिसर में वीवीआईपी, वीआईपी और आम जनता की एंट्री के लिए अलग-अलग गेट बनाए गए हैं. साथ ही, ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से पहुंचने की विशेष व्यवस्था भी की गई है. पूरे क्षेत्र में पार्किंग की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है. अंदर और बाहर 1000-1000 वाहनों की क्षमता वाली दो बड़ी पार्किंग तैयार की गई हैं. इसके अलावा, चहारदीवारी के बाहर भी एक हजार वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई है ताकि बड़े आयोजनों के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो.  परिसर में आठ बड़े ब्लॉक, म्यूजियम ब्लॉक, कैफेटेरिया, मेडिटेशन सेंटर, एमपी थिएटर और पांच टॉयलेट ब्लॉक निर्मित किए गए हैं. यहां विभिन्न रैलियों, जनसभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बिना यातायात की समस्या के आयोजित किया जा सकेगा, क्योंकि यह क्षेत्र शहर की भीड़भाड़ से दूर है. प्रेरणा स्थल की सबसे बड़ी आकर्षण भाजपा के तीन प्रमुख नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 63 फीट ऊंची प्रतिमाएं हैं. यह देश में इन नेताओं की सबसे बड़ी मूर्तियां हैं. संरचना, डिजाइन और भव्यता के कारण यह स्थल लखनऊ का नया पहचान बिंदु बनने जा रहा है.  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कार्यदायी संस्था को 20 दिसंबर तक इस स्थल को हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं. उसके बाद इसे पीएम मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम के अनुरूप सजाया-संवारा जाएगा. पीएम को निमंत्रण भेजा जा चुका है और पूरा प्रशासनिक तंत्र उद्घाटन की तैयारियों में जुट गया है.

फर्जी वोटरों के खिलाफ निर्णायक जंग: सीएम योगी बोले– बूथ बनेगा रणभूमि

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आने वाला चुनाव बूथ स्तर पर लड़ा जाएगा और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ही उसकी सबसे बड़ी धुरी है। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा गया कि विरोधियों के पास ताकत नहीं है, लेकिन उनके छद्म और छल का जवाब देने के लिए कार्यकर्ताओं में उतना ही शौर्य और साहस होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को संगठन पर्व के अंतर्गत प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य निर्वाचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि काशी कॉरिडोर का निर्माण, नैमिषारण्य सहित अन्य तीर्थ स्थलों का कायाकल्प और अयोध्या में भव्य राम मंदिर, यह सब बदले हुए उत्तर प्रदेश की पहचान है। पहले प्रदेश में बिजली इसलिए नहीं आती थी क्योंकि डकैती अंधेरे में ही डाली जा सकती थी, लेकिन अब रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति हो रही है। एसआईआर को बेहद अहम बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की क्षमता पर कोई शक नहीं है, लेकिन कई बार उदारता के कारण लापरवाही हो जाती है। एसआईआर के दौरान अगर पूछा जाए तो अक्सर जवाब मिलता है कि हमारे यहां काम हो गया जबकि हकीकत यह नहीं होती। एक जिले में तो विरोधियों ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम तक मतदाता सूची में दर्ज करवा दिए हैं, जहां बेटे की उम्र 20 साल, पिता 30 साल और दादा 40 साल दिखाए गए हैं, जबकि मतदाता असम के रहने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराई जाए और जो वास्तविक मतदाता सूची से छूट गए हैं, उनके नाम हर हाल में जुड़वाए जाएं। बताया गया कि यूपी की आबादी करीब 25 करोड़ है, इस हिसाब से लगभग 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन एसआईआर के बाद सूची में केवल 12 करोड़ नाम सामने आए हैं। यानी चार करोड़ मतदाताओं का गैप है, जिनमें 85 से 90 प्रतिशत भाजपा के संभावित मतदाता हैं। कार्यकर्ताओं के पास केवल 12 दिन हैं और याद रखें—चुनावी लड़ाई बूथ पर ही जीती जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तीन-चौथाई मेहनत अभी करनी है। अगर यह मेहनत कर ली गई तो चुनाव में एक-चौथाई प्रयास से ही तीन-चौथाई सीटें जीती जा सकती हैं। हर बूथ पर फॉर्म नंबर-6 भरवाने में कोई कोताही न बरती जाए, क्योंकि बूथ की मेहनत ही परिणाम लाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत करते हुए चुनाव प्रक्रिया को निर्विवाद रूप से संपन्न कराने के लिए डॉ. महेंद्रनाथ पांडे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिलने से सरकार और संगठन मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का नजरिया भारत और भारतवासियों के प्रति बदला है। जो देश कभी भारत को नजरअंदाज करते थे, अब वही भारत को वैश्विक नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार और एक-एक कार्यकर्ता की ताकत का परिणाम है। आज यूपी दंगा, माफिया और अपराध मुक्त होकर पर्यटन और निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पौने नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 11 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।

पिछले पांच बरसों में प्रयागराज में तेजी से बढ़ा पर्यटकों का फुटफॉल

महाकुंभ 2025 की वजह से माघ मेला 2026 में विदेशी पर्यटकों में 20–25% की और घरेलू पर्यटकों में 15–18% की वृद्धि का प्रशासन का अनुमान प्रयागराज पर्यटन के वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश को प्रमुख स्थान पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार सतत प्रयास कर रही है।  योगी सरकार के प्रयास से ही यूपी में पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिली है। यूनेस्को ने प्रयागराज महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थान दिया है । पर्यटकों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी को भी इसी के परिणाम के तौर पर देखा जा  रहा है। इसका असर संगम के तट पर 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के  जन समागम माघ मेला 2026 में भी परिलक्षित होगा।  ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की तरफ प्रयागराज महाकुंभ 2025 में मिली अभूतपूर्व सफलता और रिकॉर्ड संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभवों को आधार बनाकर प्रशासन प्रशासन प्रयागराज को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के विस्तृत रोडमैप पर कार्य कर रहा है । कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दिव्य, भव्य और स्वच्छ आयोजन के बाद वैश्विक पटल पर कुंभ नगरी प्रयागराज को विशेष पहचान मिली है। साल 2022 में प्रयागराज में पर्यटकों का जो फुटफॉल 2.66 करोड़ था वह इस साल जनवरी से सितंबर तक बढ़कर 68.21 करोड़ पहुंच गया । इसे सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इस बार का माघ मेला अब केवल एक परंपरागत धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि भारत की आध्यात्मिक,सांस्कृतिक पहचान और सुगठित प्रशासनिक क्षमता का समृद्ध प्रदर्शन का साक्षी बनेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं इस बात का संज्ञान लेते हुए इस बार के माघ मेले में 12 से 15 करोड़ के बीच पर्यटकों या श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया है। यह अब तक आयोजित सभी माघ मेलो के तीन गुना से अधिक है। आयोजन को ग्लोबल रीच देने के लिए मेला प्राधिकरण कई कदम उठा रहा है।  विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी का अनुमान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की गई ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और महाकुंभ की वैश्विक पहुँच को देखते हुए प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या ने कीर्तिमान बना दिया । पर्यटन विभाग द्वारा महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों की संख्या जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक 68 करोड़ 21 लाख 50 हजार 860 रही। महाकुंभ की उसी रणनीति पर चलते हुए माघ मेले की ब्रांडिंग भी उसी का हिस्सा है जिसमें 44 दिन चलने वाले माघ मेले 12 से 15 करोड़ लोग  में आने का अनुमान है।  महाकुंभ के बाद अब माघ मेले की ब्रांडिंग प्राथमिकता पर महाकुंभ की ब्रांडिंग के बाद सरकार माघ मेले की ग्लोबल ब्रांडिंग भी कर रही है। महाकुंभ 2026 के आयोजन की ब्रांडिंग के असर के चलते इस बार माघ मेले में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए इस बार का माघ मेले का बजट भी 95 करोड़ कर दिया गया है जो पिछले 2024 के माघ मेले में 79.8 करोड़ था। इसके लिए मेले की बसावट और सजावट पर प्रशासन का फोकस है। कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से मेला की ब्रांडिंग की योजना है जो इसकी बसावट और सजावट में नजर आएगी।  माघ मेला 2026 के पूरे क्षेत्र की बसावट इस बार विशेष 7 की थीम पर होगी। प्रशासन ने तय किया है कि टेंट सिटी, घाटों की सजावट, LED लाइटिंग व्यवस्था, सांस्कृतिक मंच, थीमेटिक पार्क, स्वागत द्वार, आर्ट इंस्टॉलेशन और सार्वजनिक सुविधाओं तक में आध्यात्मिकता की अनुगूँज स्पष्ट दिखाई देगी।

पंकज चौधरी बोलेः लखनऊ को माना जाता है भारत की राजनीति का केंद्र बिंदु

यह भाजपा में ही संभव है कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिले: पंकज चौधरी लखनऊ ‘संगठन मेरे लिए सर्वोपरि है और संगठन का हर आदेश मेरे लिए सर्वमान्य होगा।’ इस सूत्रवाक्य के साथ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा भी की गई। इस अवसर पर नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश भर के देवतुल्य कार्यकर्ताओं से प्राप्त अपूर्व स्नेह से वे गदगद और अभिभूत हैं। गोमती नदी के तट पर स्थित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी के स्नेह, उत्साह और आत्मीय स्वागत से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ को भारत की राजनीति का केंद्र बिंदु भी माना जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का दायित्व संभालते समय वे रोमांचित, उत्साहित और गौरवान्वित हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के इस महासंगम के अवसर पर वे प्रेमपूर्ण भावना से स्वयं को जोड़ रहे हैं। यह भाव तब और प्रबल हुआ जब केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा संघ परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह महान दायित्व उन्हें सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जैसी लोकतांत्रिक पार्टी में ही यह संभव है कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए। पार्टी में नहीं चलता कोई भी वाद पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा में परिवारवाद और जातिवाद नहीं चलता। पार्टी का नेतृत्व न किसी विशेष परिवार को मिलता है और न ही किसी खास जाति को। यहां कोई भी सक्रिय कार्यकर्ता बड़े से बड़ा दायित्व निभा सकता है। इसी कारण हम सभी को अपनी पार्टी पर गर्व है। सुनियोजित नहीं था राजनीतिक जीवन का आरंभ नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का आरंभ सुनियोजित नहीं था। गलत के सामने हार न मानने की जिद ने उन्हें राजनीति में प्रवेश कराया। उन्होंने बताया कि सभासद बनने के बाद डिप्टी मेयर के चुनाव में कुछ अनुचित कानूनी बाधाएं डाली गईं। इसके विरोध में समर्थकों के साथ सिविल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया और सात महीने में न्याय मिला, जिसके बाद वे गोरखपुर के डिप्टी मेयर बने। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में पहला ऐसा मामला था, जिसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर स्टे लगा और सात महीने में निर्णय भी आया। वर्ष 1991 में भाजपा ने 26 वर्ष की आयु में उन्हें महाराजगंज से लोकसभा चुनाव लड़ाने का निर्देश दिया। वर्ष 1991 से 2024 तक उन्होंने महाराजगंज और भाजपा का साथ कभी नहीं छोड़ा। एक ही पार्टी और एक ही संसदीय क्षेत्र से सात बार उम्मीदवार बनने का अवसर भाजपा और महाराजगंज की जनता के आशीर्वाद से मिला। सीखने और मार्गदर्शन का अवसर होगा प्राप्त पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर अटूट विश्वास जताते हुए केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी, जिसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में यह उनकी अब तक की सबसे गंभीर और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं का स्नेह और समर्पण इस दायित्व के निर्वहन में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 से अब तक कुल 15 प्रदेश अध्यक्ष संगठन का नेतृत्व कर चुके हैं। इन सभी के अनुभव संगठन की अमूल्य धरोहर हैं, जिनसे उन्हें सीखने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। किसी भी राजनीतिक दल के चार महत्वपूर्ण स्तंभ पंकज चौधरी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के चार प्रमुख स्तंभ होते हैं। कार्यकर्ता, कार्यालय, कार्यक्रम और कोष। कार्यालय हम सभी के लिए तीर्थ समान है। कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी के विचार जनता तक पहुंचते हैं और इन सबके लिए कोष की आवश्यकता होती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ कार्यकर्ता है। यदि समर्पित कार्यकर्ता न हों, तो अन्य सभी व्यवस्थाएं निरर्थक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही उनकी वास्तविक पूंजी और शक्ति हैं। उन्होंने अपने सभी चुनाव इन्हीं के बल पर जीते हैं। मंच से उन्होंने प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं से कहा कि आप मेरे लिए सर्वोपरि हैं। आपके लिए मैं संघर्ष करूंगा, आपकी बात सुनूंगा और समस्याओं के समाधान का यथासंभव प्रयास करूंगा। निरंतर संवाद से मिलेगा अनुभव का लाभ पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद उनके 35 वर्षों के राजनीतिक जीवन का अभिन्न अंग रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व केवल आदेश देना नहीं होता, बल्कि बड़प्पन के साथ सबकी बात सुनना और समाधान का प्रयास करना ही सच्चा नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि उन्हें रूल नहीं करना, बल्कि रोल निभाना है। एक समन्वयक, समाधानकर्ता और पूरे परिवार को साथ लेकर चलने वाले मुखिया की भूमिका। संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय होगा मूलमंत्र पंकज चौधरी ने कहा कि उनके नेतृत्व का मूलमंत्र संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय रहेगा। संपर्क और संवाद के माध्यम से संगठन को सशक्त बनाना और पार्टी के विचारों को जनमानस तक निरंतर पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। कार्यकर्ताओं की समस्याएं सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है, जबकि सरकार के जनहितकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाना पार्टी और कार्यकर्ताओं का दायित्व है।