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मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत योगी सरकार ने बुंदेलखंड के 6 कृषि विज्ञान केंद्रों में तैयार कराए मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट

कृषि विज्ञान केंद्रों में बनकर तैयार हुए श्री अन्न आधारित प्रोसेसिंग प्लांट, मिलेट्स प्रसंस्करण के साथ ही पैकेजिंग और विपणन में भी बनेंगे मददगार योगी सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों को प्रोसेसिंग प्लांट शुरू करने के लिए दी है आर्थिक मदद झांसी, ललितपुर, बांदा, महोबा, जालौन और हमीरपुर में बनकर तैयार हुए हैं मिलेटस प्रोसेसिंग प्लांट मशीनों की खरीद के लिए शुरू हुई प्रक्रिया, नए साल में शुरू हो जाएगा सभी प्रोसेसिंग प्लांट पर काम लखनऊ उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत बुन्देलखंड के 6 जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्रों के निर्माण का काम फरवरी पूरा कर लिया गया है।प्रोसेसिंग प्लांट के लिए मशीनों की खरीद और इंस्टालेशन का काम जल्द शुरू होगा। विभागीय अफसरों का कहना है कि अगले वर्ष ये सभी प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो जाएंगे, जिससे किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। झांसी, बांदा, ललितपुर, महोबा, जालौन और हमीरपुर ज़िलों में कृषि विभाग ने प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण के लिए आर्थिक मदद प्रदान की है। योगी सरकार ने प्रत्येक मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्र की स्थापना के लिए 95 लाख रुपये प्रदान किए हैं। इन मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य श्री अन्न की खेती को बढ़ावा देना, प्रोसेसिंग करना और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद करना है। सभी कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रोसेसिंग प्लांट के लिए भवन तैयार कर लिया गए है। अब आने वाले समय में इनमें अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीन को लगाया जाएगा। इनके माध्यम से मोटे अनाज की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग हो सकेगी। बुन्देलखण्ड की जलवायु के अनुकूल मोटे अनाजों को उगाने के लिए किसानों को बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। फसल तैयार हो जाने पर इन केंद्रों पर किसानों के उपज की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की जाएगी। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ एन के बाजपेयी ने बताया कि झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, बांदा और हमीरपुर में श्री अन्न आधारित प्रोसेसिंग प्लांट के लिए भवन निर्माण का काम पूरा हो गया है। अब बहुत जल्द यहां मशीनों की खरीद और इंस्टालेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि अगले वर्ष किसानों को बीज देने और उससे होने वाली उपज को इन केंद्रों में प्रोसेस करने का काम शुरू हो जाएगा।

यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की कई योजनाओं को मिली स्वीकृति

प्रदेश में सड़क परिवहन होगा और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस, सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए पुख्ता होगी सुरक्षा इंटरसेप्टर वाहनों की होगी खरीद, यातायात जागरूकता पर रहेगा विशेष जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा, आधुनिक परिवहन ढांचे और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को गति देने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की कई महत्त्वपूर्ण पूंजीगत एवं राजस्व योजनाओं के प्रस्ताव को मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिली है। इन योजनाओं के तहत अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइसेस, सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार, बीटीटीई इकाइयों के लिए उपकरण, के-इन-मोशन सेंसर, इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद और यातायात जागरूकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है। लखनऊ और मुरादाबाद में चौराहों पर सीसीटीवी इंस्टालेशन के लिए राशि स्वीकृत यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की ओर से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के लिए मुख्य सचिव की बैठक में जरूरी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत राजधानी, लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए 4.96 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दी गई है। साथ ही मुरादाबाद और बलिया जनपद में प्रमुख चौराहों पर इंटीग्रेटेड सीसीटीवी इंस्टालेशन के लिए लगभग 3.10 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही बीटीटीई ईकाइयों के लिए ट्रक सिमुलेटर और अन्य तकनीकी उपकरणों की खरीद के लिए 1.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसके अलावा बीटीटीई हांसी इकाई के लिए वाहन खरीद को भी मंजूरी मिली है। हाई-रिस्क वाले 20 जिलों में लगेंगी इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सड़क दुर्घटना में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य के 25 हाई-रिस्क वाले जिलों में डीआरएससी  के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस लगाने की योजना तेजगति से आगे बढ़ाई जा रही है। परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय की ओर से हाई-रिस्क वाले जिलों में 1करोड़ प्रति जनपद की दर से 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही शेष जनपदों के लिए 50 लाख रुपये प्रति जिले की दर से अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये की राशि को भी मंजूरी दी गई है। समीक्षा बैठक में परिवहन विभाग के संबंधित अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में इंटरसेप्टर वाहनों एवं अन्य उपकरणों के लिए 19.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से लगभग 17.15 करोड़ रुपये से 70 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने बताया कि 18 के-इन-मोशन सेंसरों के लिए 14.05 करोड़ रुपये स्वीकृत किये जा चुके हैं। विभाग ने सेंसरों को अधिक प्रभावी बनाने हेतु प्लेटफार्म और अतिरिक्त संरचना निर्माण के लिए भी नए प्रस्ताव भेजे हैं। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के लिए कई योजनाएं स्वीकृत प्रदेश में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार, ई-चालान प्रणाली, साइनेज बोर्ड, इंटरनेट सेवाएं, उपकरणों की मरम्मत, मोबाइल रिचार्ज और अभियानों के संचालन के लिए 2.10 करोड़ से अधिक की राजस्व योजनओं को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही यातायात निदेशालय द्वारा 25 करोड़ रुपये की लागत से 4,500 आयरन बैरियर, 4,525 फोल्डिंग बैरियर, 7,200 सेफ्टी हेलमेट, 8,000 फ्लोरोसेन्ट जैकेट, 270 ब्रेथ एनालाइजर, 85 स्पीड लेजर गन, 15 चार-पहिया एवं 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद भी की जाएगी। इसमें सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाले अन्य जरूरी आधुनिक उपकरणों की खरीद भी शामिल हैं। यूपी परिवहन विभाग और यातायात निदेशालय प्रदेश में सड़क सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का उपयोग और यातायात प्रबंधन को अत्याधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जो प्रदेश में सड़क दुर्घटना के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाने के साथ, लोगों को सुरक्षित परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाएगा।

जनसुरक्षा के लिए अवैध शराब माफियाओं पर योगी आदित्यनाथ सरकार की कड़ी कार्रवाई

विशेष अभियानों द्वारा उत्तर प्रदेश में अंतर्राज्यीय गिरोह ध्वस्त रामपुर, बरेली, लखीमपुर खीरी में अवैध शराब की सबसे ज्यादा बरामदगी, प्रदेश में 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अवैध शराब और मादक द्रव्यों के खिलाफ अपना अब तक का सबसे सबसे व्यापक और असरदार अभियान चलाकर शराब माफियाओं को सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध शराब माफिया के लिए प्रदेश में न तो जगह है और न ही कोई ढिलाई। सख्त नीति, संयुक्त प्रवर्तन तंत्र और लगातार निगरानी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करते हुए जनसुरक्षा को केंद्र में रखा है। सख्त कार्रवाई से गिरा अवैध शराब का ग्राफ आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में अक्टूबर 2025 तक शराब तस्करों के खिलाफ कुल 70,017 मामले दर्ज किए और 18.5 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की। अवैध शराब की बिक्री से जुड़े 13,243 लोगों को पकड़ा गया और 2,464 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग का अभियान इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार इस पूरे नेटवर्क को उखाड़ फेंकने की दिशा में कड़ाई बरत रही है। नवंबर 2025 में भी अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध सरकार का अभियान जारी रहा और सिर्फ एक माह में 10,002 अभियोग दर्ज करने के साथ 2.35 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई। त्योहार और विशेष अवसर पर विशेष अभियान   त्योहारों और विशेष अवसरों पर अवैध शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2025–26 में अक्टूबर तक 5 विशेष छापेमारी अभियान चलाए। अभियान का छठा चरण 17 नवंबर से आरंभ हुआ है जो 16 दिसंबर तक जारी रहेगा। इन अभियानों के दौरान 20,590 मामले दर्ज किए गए और 5.2 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गईं। अभियान के दौरान 3,976 गिरफ्तारियां और 657 आरोपियों को जेल भेजा गया। आबकारी विभाग की टीम ने 23 तस्करी वाहन भी जब्त किए। अवैध शराब कारोबार के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की संगठित, रणनीतिक और सख्त कार्रवाई एक मिसाल बन गई है। अंतरराज्यीय गिरोहों पर प्रहार, बड़े स्तर पर बरामदगी आबकारी विभाग द्वारा अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच अंतरराज्यीय तस्करी के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियानों में प्रदेश ने बड़ी सफलताएं अर्जित की है। इस अवधि में सोनभद्र में 18,491 लीटर, मथुरा में 9,913 लीटर, लखनऊ में 7,247 लीटर, बलिया में 6,152 लीटर, और आजमगढ़ में 4,958 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। बरामदगी की मात्रा और अभियोगों की गंभीरता साफ दर्शाती है कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय गिरोहों पर इस बार की कार्रवाई सबसे प्रभावी रही। सबसे अधिक अवैध शराब बरामदगी वाले जिले   आबकारी विभाग द्वारा कई जिलों में एक ही अभियान में बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने से यह भी स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ सरकार की आक्रामक रणनीति से सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी की गतिविधियों पर लगाम लगा है। अक्टूबर 2025 तक चले छापेमारी अभियानों में सबसे अधिक शराब की बरामदगी रामपुर जिले से हुई है। यहां से कुल 62,950 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। वहीं बरेली में 59,451 लीटर, लखीमपुर खीरी से 55,697 लीटर, झांसी में 45,080 लीटर और हरदोई में 45,053 लीटर शराब जब्त हुई। जो इन जिलों में चलाए गए सघन अभियानों की सफलता को रेखांकित करती है। इन जिलों में दर्ज अभियोगों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। लखीमपुर खीरी में 2,480, रामपुर में 1,677, बरेली में 1,646 अभियोग दर्ज किए गए। इन अभियानों में तस्करी में उपयोग हुए वाहनों की भी बड़ी संख्या में जब्ती हुई जिससे अवैध शराब कारोबार की कमर टूट गई।

सोलर बूम : योगी आदित्यनाथ सरकार ने रचा इतिहास तीन लाख इंस्टॉलेशन का रिकॉर्ड

1038.27 मेगावॉट क्षमता ने बढ़ाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत गांवों से शहरों तक सोलर रूफटॉप ने बदली उपभोक्ताओं की आर्थिक तस्वीर लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और स्पष्ट नीति निर्देशन का ही परिणाम है कि राज्य में सौर ऊर्जा के तीन लाख इंस्टॉलेशन (3,00654) का लक्ष्य पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है वह  ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सौर राज्यों में शामिल करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस मामले में गुजरात और महाराष्ट्र ही उत्तर प्रदेश से आगे हैं । आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 983915 आवेदनों में से 300654 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। राज्य में सौर ऊर्जा की कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 1038.27 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार अब तक 2074.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी कर चुकी है जिसने उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले 8 वर्षों में योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप की पहुंच बढ़ाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध इंस्टॉलेशन पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम सूर्यघर योजना और राज्य की नई सौर नीति के जरिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना तैयार की गई जिसने ऊर्जा क्षेत्र में विश्वास और सरलता का नया माहौल बनाया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की यह तेज प्रगति आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। मौजूदा 1038.27 मेगावॉट क्षमता न सिर्फ बिजली की मांग को संतुलित कर रही है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। इसका लाभ उद्योगों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक गति और तेज हो रही है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सोलर इंस्टॉलेशन से गांवों में बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। कई परिवार अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को बेचकर सालाना आय भी बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सौर ऊर्जा के लिए आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में तेजी से उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि योगी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गति और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन लाख इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार करना केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि यह उस नए ऊर्जा ढांचे का प्रतीक है जिसकी ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के तीनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह आने वाले वर्षों में देश के नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वीर सैनिकों के सम्मान में सीएम योगी ने झंडा दिवस पर किया फ्लैग पिन और स्मारिका लॉन्च

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ उत्तर प्रदेश पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फ्लैग पिन’ और ‘स्मारिका’ (स्मृति चिन्ह) का विमोचन किया। उन्होंने कहा, “यह दिवस देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों को नमन करने और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति पूरे राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें अपने सैनिकों और उनके आश्रितों के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए और उनके सहयोग के लिए योगदान देना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देश के सशस्त्र बलों के वीर जवानों एवं उनके परिजनों को ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की एकता, अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों के सभी सैनिकों को नमन। जय हिंद!" उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मां भारती की रक्षा हेतु सतत समर्पित भारतीय सेना के वीर जवानों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे सशस्त्र बलों के वीर जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण वंदनीय है। मैं प्रत्येक सैनिक को उनके पराक्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए हृदय से नमन करता हूं।" उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मातृभूमि की सुरक्षा में सतत समर्पित हमारे सशस्त्र बलों के जांबाज जवानों और उनके परिजनों को "सशस्त्र सेना झंडा दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं व उनके वीरता, साहस, शौर्य व बलिदान को कोटि कोटि नमन। जय हिंद!" भारत 1949 से 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मना रहा है ताकि उन शहीदों और सैनिकों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने देश के सम्मान की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी और लड़ रहे हैं। यह दिन राष्ट्रीय एकजुटता व्यक्त करने और दान के माध्यम से युद्ध में विकलांग सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए धन जुटाने के लिए मनाया जाता है।

सौर ऊर्जा पॉलिसी का असर: यूपी में बिजली उत्पादन और रोजगार दोनों में वृद्धि

पीएम सूर्य घर योजना से आगरा मंडल में रिकॉर्ड 82 हजार से अधिक लोगों ने किया आवेदन ब्रज क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा ग्रीन एनर्जी की ओर, लोगों के घर और प्रतिष्ठान हो रहे सौर ऊर्जा से रोशन सूर्य मित्र मुफ्त प्रशिक्षण पाकर सोलर सेक्टर में युवाओं को मिल रहे करियर बनाने के अवसर वेंडरों और कंपनियों के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर मिल रहा रोजगार आगरा  योगी सरकार की हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की नीति उत्तर प्रदेश को विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भर बना रही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। केंद्र की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' को आगरा मंडल में जबरदस्त सफलता मिली है। यहां 82 हजार से अधिक लोगों ने सौर ऊर्जा से अपने घर और प्रतिष्ठान रोशन करने के लिए आवेदन किया है, जिससे ब्रज क्षेत्र ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यूपी नेडा परियोजना अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) खगेंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन नीतियों और पीएम सूर्य घर योजना के कारण सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है। आगरा मंडल में अब तक 82759 लोगों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन किया है। जिसमें आगरा जनपद से 30502 आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली प्रदान कर रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देते हुए पर्यावरण और रोजगार दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस योजना से आगरा मंडल में अब तक 3200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। 'सूर्य मित्र' से युवाओं को मिल रहा स्थायी करियर इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'सूर्य मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम है। यूपी नेडा द्वारा युवाओं को सोलर पैनल लगाने और रखरखाव का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को सोलर सेक्टर में करियर बनाने और रोजगार पाने का अवसर मिल रहा है। हजारों वेंडरों, कंपनियों और प्रशिक्षित तकनीशियनों के माध्यम से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। सोलर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के तकनीकी सहायक पंकज यादव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी नेडा से प्रशिक्षण लेने के बाद मुझे सोलर कंपनी में तुरंत काम मिल गया। पहले मैं बेरोजगार था, लेकिन अब मैं एक स्थायी करियर बना रहा हूँ। योगी सरकार का यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रहा है। उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली और बचत पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ता भी बेहद उत्साहित हैं। आगरा की विजय नगर निवासी और उपभोक्ता रोमा ने बताया कि बिजली बिलों से बहुत परेशानी होती थी, लेकिन पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने के बाद अब हमारा घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा हैं। इससे बिजली के बिल में बड़ी बचत हो रही है। यह सरकार की बहुत बड़ी राहत है।

मधुमक्खीवाला फर्म के प्राकृतिक शहद का होगा वैश्विक बाजार में निर्यात, न्यूज़ीलैंड के प्रतिनिधि दल ने दिया आश्वासन

  लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में युवा उद्यमियों और स्वरोजगार को जिस तरह से बढ़ावा दिया जा रहा है, इसकी बानगी हमें बाराबंकी जिले के निमित सिंह द्वारा चलाए जा रहे मधुमक्खीवाला स्टार्ट-अप के तौर पर देखने को मिल रही है। इसी क्रम में आज न्यूज़ीलैंड के प्राइमरी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री के प्रतिनिधि ईशन जयवर्धने तथा एपीईडीए के रीजनल हेड संदीप साहा ने बाराबंकी जिले में चलाए जा रहे 'मधुमक्खीवाला' स्टार्ट-अप की फार्म का दौरा किया। प्रतिनिधि दल ने स्टार्ट-अप की मधुमक्खी पालन की पद्धति और शहद उत्पादन के तकनीकी की सराहना की और उनके उत्पाद की ग्लोबल ब्रांडिंग और बिक्री में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।    न्यूज़ीलैंड की प्राइमरी इंडस्ट्री और कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) की ओर से आए प्रतिनिधि दल ने मधुमक्खीवाला की फार्म का गहन निरीक्षण किया एवं उनके द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक पद्धतियों, जैसे- बिना गर्मी, मिलावट और रसायन प्रयोग के बिना प्राकृतिक शहद के उत्पादन की खुलकर सराहना की। जयवर्धने ने कहा कि यह फार्म न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि पर्यावरण-संरक्षण और सामुदायिक विकास का जीवंत उदाहरण है। दल ने विविध प्राकृतिक स्रोतों सरसों, मल्टीफ्लोर, यूकेलिप्टस, अजवाइन, नीम और जामुन से तैयार उच्च गुणवत्ता वाले शहद को न्यूजीलैंड के जीआई टैग वाले मनुका हनी की तरह ग्लोबल स्तर पर ब्रांडिंग करने का आश्वासन भी प्रदान किया। इस अवसर पर यूपी उद्यान विभाग के उप निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने मधुमक्खीवाला के साथ जुड़े हुए सामुदायिक शहद उत्पादकों और जिले के अन्य बी-कीपर्स को भी अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता बढ़ाने और उसकी निर्यात संभावनाओं का विस्तार करने के सुझाव भी प्रदान किये।   'मधुमक्खीवाला' के संस्थापक निमित सिंह ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के राजौली से निकलकर मधुमक्खी पालन को एक स्थायी आजीविका के साथ सामुदायिक विकास का माध्यम बना दिया है। निमित सिंह ने बातचीत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में मधुमक्खीवाला स्टार्ट-अप की शुरुआत की थी। वर्ष 2017 से यूपी में स्टार्ट-अप के लिए बने सकारात्मक वातावरण और प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई सीएम स्वरोजगार योजना और सीएम युवा उद्यमी योजना के साथ प्रदेश उद्यान विभाग और पीएमईएमई योजना से मिले सहयोग ने उनके उत्पाद को ग्लोबल पहचान दिलवाई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उनके प्रयास को राजभवन में गवर्नर अवॉर्ड और प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम में शामिल कर सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एपीईडीए और न्यूज़ीलैंड के साथ प्रस्तावित एफटीए के तहत निरीक्षण के लिए उनकी फर्म का चयन करना प्रदेश में शहद और स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर ब्रांडिंग और बिक्री में सहयोग  प्रदान करेगा। यह निरीक्षण कार्यक्रम भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच कृषि एवं शहद उत्पादन में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

प्रदेश में विजन 2047 को साकार करने के लिए 98 लाख सुझावों पर आधारित 12 सेक्टरों वाला विजन डॉक्यूमेंट हो रहा तैयारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहाः 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब राज्य समान गति व संकल्प से बढ़ेगा आगे नई दिल्ली,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के विजन 2047 को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे अहम है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक निजी समाचार पत्र के कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को वर्ष 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा हो सकता है जब देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य समान गति और संकल्प के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक विमर्श और जनभागीदारी के आधार पर राज्य का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है जिसमें जनप्रतिनिधियों तथा जनता दोनों के सुझाव शामिल किए गए हैं। जनता की भागीदारी का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी। इसके लिए विधानसभा में 27 घंटे तक लगातार चर्चा कराई गई, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनता से भी व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे गए और अब तक 98 लाख विचार प्राप्त हुए। इन सुझावों को आधार बनाकर राज्य के 12 प्रमुख सेक्टरों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और राज्य की वर्तमान प्रगति इस दिशा में उत्साहजनक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश 'विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश' और 'आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को पूरा करेगा। उत्तर प्रदेश ने नकारात्मक धारणा को पीछे छोड़ा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक दौर में कई उद्यमी उत्तर प्रदेश लौटने से हिचकिचाते थे और राज्य के प्रति नकारात्मक धारणा रखते थे। योगी ने कहा कि उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि नया उत्तर प्रदेश उन्हें अवश्य दिखाई देगा। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप रोड शो में ढाई लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए और पहले इन्वेस्टर समिट में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 के तीसरे इन्वेस्टर समिट में उत्तर प्रदेश को कुल 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को अब तक कुल 45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं जिनमें से 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और उनमें उत्पादन शुरू हो चुका है। अगली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी किया जिक्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के अगले संस्करण का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी ग्राउंड ब्रेकिंग के अगले संस्करण के आयोजन की तिथि तय की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश के क्षेत्र में यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मील का पत्थर है और डबल इंजन सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है जो अब सभी को प्रत्यक्ष दिख रहा है।

लोकतंत्र पर साजिश? ‘फर्जी वोट’ को लेकर सीएम योगी की चिंता, जनप्रतिनिधियों को दिए कड़े निर्देश

अलीगढ़  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ पहुंच चुके हैं। वह आगरा से एएमयू स्थित हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह कार द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के सभागार में पहुंचते ही जय श्रीराम के नारे लगे। जनप्रतिनिधियों ने पहले पुष्प गुच्छ देकर सीएम योगी का स्वागत किया। यहां अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज के जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक में सरकारी योजनाओं की समीक्षा, एसआईआर की प्रगति, जिला पंचायत चुनाव के संबंध में चर्चा के साथ अधिकारियों की कार्यशैली पर जनप्रतिनिधियों से फीडबैक ली। बैठक में किसी भी सरकारी अधिकारी को शामिल होने की इजाजत नहीं थी।  जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद सीएम योगी पुनः एएमयू हेलीपैड पहुंचे। वहां हेलीकॉप्टर से छेरत स्थित प्रिंस पैलेस में बरौली विधायक ठाकुर जयवीर सिंह के कार्यक्रम में पहुंच गए। वहां जयवीर सिंह के पुत्र का तिलक समारोह है।  अलीगढ़-मुजफ्फरनगर में 'फर्जी वोट' को लेकर सीएम योगी ने जताई चिंता यूपी योगी आदित्यनाथ ने 7 दिसंबर को अलीगढ़ में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में मतदाता सूची की सटीकता और तैयारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की और जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक फर्जी वोट अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जिलों में हैं। उन्होंने इन दोनों जिलों में मतदाता सूची तैयार करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।  विपक्षी दलों की तैयारी पर सतर्कता का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची के निरीक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने विपक्षी पार्टियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे लोग 100 फीसदी क्षमता के साथ बेहद खामोशी से मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगे हुए हैं। इसको देखते हुए आप लोगों को बेहद गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है। शादी हो तब भी काम में लगे रहें। छात्रनेता को पुलिस ने किया नजरबंद विद्यार्थियों से जुड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने से पहले 6 नवंबर रात में छात्रनेता मोहम्मद मोहसिन मेवाती को पुलिस ने नजरबंद कर लिया। मोहसिन ने मुख्यमंत्री को लेकर ज्ञापन देने का ऐलान किया था। मोहसिन ने कहा कि यह तानाशाह सरकार छात्र विरोधी है।  

शिक्षा विभाग में सुनहरा अवसर: UPPSC करेगा 7,466 सहायक अध्यापकों की भर्ती, युवाओं में खुशी की लहर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार पूरा कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दिसंबर और जनवरी माह में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से 15 विषयों में कुल 7,466 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यह भर्ती न केवल युवाओं के सपनों को नई ऊंचाई देगी, बल्कि प्रदेश के शैक्षणिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत, परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने की व्यापक तैयारी की गई है। परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम परीक्षा केन्द्रों की निगरानी संबंधित जिलाधिकारी स्वयं व्यक्तिगत रूप से करेंगे। परीक्षा के लिए एंट्री के समय बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ाई से फ्रिस्किंग की जाएगी। इसके अलावा सभी केंद्रों पर पूर्णतः क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस दौरान एलआईयू (LIU) और एसटीएफ (STF) की टीमें सक्रिय रूप से निगरानी करेंगी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता के लिए कलर एवं कोड आधारित एसएमएस प्रणाली लागू की गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा गोपनीय सामग्री की ट्रेजरी से निकासी और केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।   भर्ती में नया कीर्तिमान योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले साढ़े आठ सालों में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां प्रदान करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार की पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-आधारित भर्ती व्यवस्था युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, राज्य में बढ़ते निवेश के कारण निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।