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रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार पेश करेंगे श्रीराम की लीला

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में पांच देशों के कलाकारों द्वारा अंतरराष्ट्रीय रामलीला का भव्य मंचन रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार पेश करेंगे श्रीराम की लीला नेपाल और श्रीलंका की पहली बार होगी लक्ष्मण और रावणेश्वरा की प्रस्तुति – दीपोत्सव 2025: लाखों दीपों की रोशनी में सांस्कृतिक महोत्सव का अनोखा अनुभव – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से अयोध्या बना अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र अयोध्या इस वर्ष नौवें संस्करण के दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र भी बनाएगी। इस बार कुल 90 विदेशी कलाकार अयोध्या की पावन भूमि पर अपनी कला और सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से रामकथा को जीवंत रूप में पेश करेंगे। अयोध्या के राम कथा पार्क में इस वर्ष विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा। रूस के कलाकार स्वयंवर की महिमा का अद्भुत मंचन रूस से आए 15 कलाकार रामलीला के दौरान स्वयंवर का दृश्य प्रस्तुत करेंगे। उनके मंचन में रूस की पारंपरिक रंगमंचीय तकनीक और भारतीय कथा का अनूठा मिश्रण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। रूस के कलाकारों ने इस प्रस्तुति के लिए महीनों की तैयारी की है और वे दर्शकों को राम और सीता के दिव्य मिलन की अनुभूति देंगे। थाईलैंड : तीन प्रमुख युद्धों का दृश्य थाईलैंड से आए 10 कलाकार रामलीला में शूर्पणखा और राम-लखन संघर्ष, मारीच से संघर्ष और राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। इन युद्धों के माध्यम से राम और रावण के बीच धर्म और अधर्म की कहानी दर्शकों के सामने प्रस्तुत होगी। थाईलैंड के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैली इस प्रस्तुति को और भी जीवंत बनाएगी। इंडोनेशिया : लंका दहन और अयोध्या वापसी इंडोनेशिया के 10 कलाकार रामलीला में लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्य को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत करेंगे। यह प्रस्तुति दर्शकों को राम के जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ों का अनुभव कराएगी और अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी। नेपाल : लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन की पहली प्रस्तुति नेपाल से आए 33 कलाकार इस बार रामलीला में पहली बार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले नेपाल की रामलीला मुख्य रूप से मां सीता पर केंद्रित होती थी। इस बार की प्रस्तुति अयोध्या में रामलीला के अंतरराष्ट्रीय स्तर को और भी प्रतिष्ठित बनाएगी और दर्शकों को रामकथा का नया दृष्टिकोण दिखाएगी। श्रीलंका : के रावणेश्वरा का अद्भुत दृश्य श्रीलंका से आए 22 कलाकार में से दो कलाकार पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। यह टीम रामेश्वर की भूमि पर रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेगी। श्रीलंका वासी आज भी रावण को ईश्वर की भूमिका में मानते हैं और इस भाव को मंच पर जीवंत रूप से दिखाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की भूमिका अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय रामलीला 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल रामलीला की परंपरा को जीवंत रखना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है। दीपोत्सव और अयोध्या की परंपरा अयोध्या के 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में यह रामलीला देखने वालों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगी। दीपोत्सव के दौरान रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को और भी उजागर करेगा। दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण इस अंतरराष्ट्रीय रामलीला का अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा, लाइटिंग और सेट डिजाइन, सभी दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा। विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति से न केवल भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव की भव्यता और आकर्षण भी दोगुना होगा।

गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम

यूपी में 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाएं तलशेगी योगी सरकार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई पहचान  गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम दीपावली पर गोबर से बने दीपों और मूर्तियों के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा  हर जिले में बनेगी एक आदर्श गोशाला, उन्हें बनाया जाएगा पर्यटन स्थल  गाय आधारित उत्पादों से बढ़ेगा स्वरोजगार, महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सहयोग – मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों को मिली कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी – आत्मनिर्भर गोशालाओं के जरिए “वोकल फॉर लोकल” को मिलेगा बल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। प्रदेश की सभी गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक जनपद में एक आदर्श गोशाला स्थापित की जाएगी, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा, जिससे गोशालाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकें बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आय का साधन उपलब्ध हो सके। सरकार की मंशा है कि गाय से प्राप्त पदार्थों, गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और मूत्रजनित उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देकर राज्य की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर गोबर से बने उत्पादों का उत्पादन और विपणन किया जा सके। इसके तहत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर्व पर गाय के गोबर से बने दीपों, मूर्तियों और अन्य उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और इनके प्रचार-प्रसार के लिए जनमानस में जागरूकता अभियान चलाया जाए।  पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार दीपावली के अवसर पर गोबर से बने दीप, मूर्तियां और सजावटी सामग्री के उपयोग को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की बाजारों में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम नागरिक भी इनका उपयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दे सकें।  प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम के अनुसार अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार की जाएं। उनके अनुसार, गोशालाओं की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में न केवल गोवंश संरक्षण को नई गति मिलेगी, बल्कि गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी।

सेवा, संवेदना और सम्मान के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है सरकार: मुख्यमंत्री

सभी मंडल मुख्यालयों पर स्थापित होंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र: मुख्यमंत्री सेवा, संवेदना और सम्मान के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है सरकार: मुख्यमंत्री प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित होंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से वंचित न रहे। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र विकसित किए जाएं, जहां दिव्यांग व्यक्तियों को चिकित्सकीय, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और व्यावसायिक सहायता एक ही स्थान पर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'सेवा, संवेदना और सम्मान' के भाव से दिव्यांगजनों के समग्र सशक्तिकरण के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में पहले से दिव्यांग पुनर्वास केंद्र संचालित हैं, उनकी सेवाओं को और सशक्त करते हुए मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। वहीं जहां केंद्र नहीं हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जिला या सरकारी अस्पतालों के परिसर में स्थापित किया जाए ताकि चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ इनका सहज समन्वय बन सके। यदि सरकारी अस्पताल में स्थान पर्याप्त नहीं है तो अलग भवन की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, ऑर्थोटिक व प्रॉस्थेटिक सेवाएं, उपकरण वितरण आदि सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। बैठक में यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश के 37 जिलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं, इनमें 11 मंडल मुख्यालयों पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों में तकनीकी संसाधन और विशेषज्ञ मानवबल को सुदृढ़ किया जाए। प्रत्येक केंद्र में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट, प्रॉस्थेटिस्ट, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थैरेपिस्ट और काउंसलर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल पंजीकरण, और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए ताकि सेवाओं की पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे। बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में केंद्र संचालन समिति के स्वरूप पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के पात्र बनकर न रहें, बल्कि आत्मनिर्भर और योगदानकारी नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कुमार कश्यप सहित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

आईआईएलएम लखनऊ में कॉन्सिलियम एक्सआईआईएलएम मॉडल संयुक्त राष्ट्र 2025 का भव्य उद्घाटन समारोह सम्पन्न

लखनऊ  आईआईएलएम अकादमी ऑफ हायर लर्निंग, लखनऊ में कॉन्सिलियम एक्स आईआईएलएम मॉडल संयुक्त राष्ट्र 2025 का भव्य उद्घाटन समारोह 12 अक्तूबर 2025 को बड़े उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। यह सम्मेलन कॉन्सिलियम के सहयोग से आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, नीति-निर्माण और वैश्विक नेतृत्व के व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना है। आईआईएलएम अकादमी ऑफ हायर लर्निंग एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान है, जो प्रबंधन और वाणिज्य के क्षेत्र में स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के माध्यम से भावी प्रबंधकों और उद्यमियों को तैयार कर रहा है। वहीं कॉन्सिलियम युवाओं को संवाद, नीति-विचार और वैश्विक सहयोग की भावना से जोड़ने वाला एक अग्रणी मंच है। उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अमिताभ कुमार, भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आई.आर.टी.एस.) के अधिकारी, लेखक एवं समाजसेवी व मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रशांत कुमार त्रिवेदी, मीडिया योजना और क्रियान्वयन के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ विशेषज्ञ, की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों को सम्मेलन के निदेशक जनरल एवं आईआईएलएम के छात्र श्री हितेश त्रिवेदी द्वारा सादर आमंत्रित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कुमारी मान्या श्रीवास्तव ने किया । कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके पश्चात दोनों अतिथियों ने अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए। तत्पश्चात समितियों की परिचयात्मक प्रस्तुति, कार्यकारी निदेशकों का परिचय तथा निदेशक जनरल का औपचारिक संबोधन हुआ। सम्मेलन का समापन 13 अक्तूबर 2025 को होगा, जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रतिनिधि, विशेष उल्लेख और सम्माननीय उल्लेख जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के साथ ही इस दो दिवसीय सम्मेलन की प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण शुरुआत हुई।

विकास और संस्कृति का संगम बनेगा दीपोत्सव, झांकियों में दिखेगा नया उत्तर प्रदेश

अयोध्या भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस बार नौवां दीपोत्सव न केवल दीपों की जगमगाहट से, बल्कि प्रदेश के विकास और भारतीय संस्कृति की जीवंत झांकियों से भी सजेगा। योगी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए सूचना विभाग द्वारा 15 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जबकि पर्यटन संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीम पर झांकियां प्रस्तुत करेगा। जिसमें 22 झांकियां साकेत महाविद्यालय में तैयार हो रही हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य दीपोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे। जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग की झांकियां योगी सरकार के विकास कार्यों को दर्शाएंगी। इनमें उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। ये झांकियां प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का प्रतीक होंगी। दूसरी ओर, संस्कृति विभाग द्वारा रामायण के सात कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित झांकियां तैयार की जा रही हैं। ये झांकियां भगवान राम के जीवन और रामायण की शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।   झांकियों को आकर्षक व तकनीकी बनाने के लिए दिया जा रह विशेष ध्यान संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग द्वारा नामित की गई कम्पनी ने झांकियों को आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया है। ये झांकियां न केवल दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली होंगी, बल्कि इनमें आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा ताकि दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा। रामपथ, भक्ति पथ और अन्य प्रमुख स्थानों पर लाखों दीप जलाए जाएंगे, जो विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी शामिल होंगे। जानिए, कौन कौन से राज्य की दिखेंगी लोककलाएं इस बार दीपोत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया और पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश की लोक कलाएं अयोध्या के रामपथ पर अपनी छटा बिखेरेंगी। ये प्रस्तुतियां न केवल सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेंगी, बल्कि देश की एकता और विविधता को भी रेखांकित करेंगी। इस भव्य आयोजन में लगभग 500 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। सरकार की उपलब्धियों को ये झांकियां करेंगी प्रस्तुत इवेंट के लिए जिम्मेदार कंपनी विविद इंडिया के एक प्रतिनिधि के अनुसार दीपोत्सव में प्रयागराज महाकुंभ, काशी कॉरिडोर, कृषि पशु पालन, आयुष्मान कैशलेस, डिफेंस कॉरिडोर, उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाना हमारी प्रतिबद्धता, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसितअ भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा कराए गए कार्यों की झलक दिखाई पड़ेगी।  

त्योहारों में घर जाना हुआ आसान: यूपी में दीपावली और छठ के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें

बलरामपुर दीपावली एवं छठ पूजा को लेकर परिवहन निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली, कानपुर व प्रयागराज, समेत 14 मार्गाें पर बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। जिस मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी उस मार्ग पर और बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। दीपावली व छठ पूजा में यात्रियों की सुविधा को लेकर परिवहन निगम ने सभी रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बसों का संचालन करने की बात निगम के अधिकारी कह रहे है।   दिल्ली मार्ग पर 10 से बढ़ाकर 14 बसों का संचालन किया जाएगा। इसी तरह कानपुर मार्ग पर 22 से 30, बहराइच-लखनऊ मार्ग पर आठ से 10, गोंडा, लखनऊ मार्ग पर 10 से 12, अयोध्या मार्ग पर छह से 10, वाराणसी मार्ग पर दो से चार व प्रयागराज मार्ग पर चार बढ़ाकर पांच बसें कर दी गई हैं। वहीं, बस्ती मार्ग पर एक से दो, बलरामपुर,गोंडा-बढ़नी रूट पर पांच, बहराइच मार्ग पर 10 इसी तरह उतरौला मार्ग पर रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। इससे सफर करने वाले यात्रियों को आसानी होगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपीनाथ दीक्षित ने बताया कि वर्तमान में 101 बसाें का बेड़ा हैं। दीपावली व छठ पूजा को देखते हुए सभी मार्गों पर बसों का संचालन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बढ़ाई गई बसों का संचालन किया जाएगा।  

नोटिस का खेल? I Love योगी-मोदी क्यों बोलने लगे मुस्लिम परिवार? बरेली में एक नोटिस से मचा सियासी तूफान

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली शहर की फिजा अब बदल चुकी है, जहां पहले आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर तनाव फैला हुआ था. वहीं अब कुछ परिवार आई लव योगी और आई लव मोदी कह रहे हैं. बीते 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से शासन-प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है, जिसका असर शहर में देखने को मिल रहा है. दरअसल,  बरेली में 27 अवैध कब्जेदारों को नोटिस दी गई है. नोटिस में नगर निगम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर 15 दिन में अवैध कब्जा नहीं हटाया तो मकान-दुकान पर बुलडोजर चलेगा. अब इस नोटिस के मिलने के बाद से मुस्लिम परिवार सीएम योगी से न्याय की गुहार लगा रहा है. नगर निगम की नोटिस से बदला हाल बता दें कि बरेली में अवैध कब्जेदारों पर पुलिस और प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब मुस्लिम परिवारों ने आई लव योगी और आई लव मोदी कहकर रहम की गुहार लगाई है. मुस्लिम परिवारों का कहना है कि उनके बच्चों ने जो गलती की है उन्हें माफ कर दिया जाए और उनके घरों को ना तोड़ा जाए. तो वहीं नगर निगम के एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि यह जमीन नगर निगम की संपत्ति है. 8 अक्टूबर को की गई स्थलीय और अभिलेखीय जांच में यह अतिक्रमण पुख्ता पाया गया. पुलिस पर पेट्रोल बम मारने वाला पकड़ा गया उन्होंने कहा कि कब्जेदारों को नोटिस देकर 15 दिन की मोहलत दी गई है. तय समय में कब्जा नहीं हटाने पर निगम खुद कार्रवाई करेगा. खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. बरेली पुलिस ने 26 सितंबर को शाहमत गंज में हिंसा के दौरान पुलिस टीम पर पेट्रोल बम से हमला करने के मुख्य आरोपी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. मौलाना तौकीर के कहने पर फैली थी हिंसा पुलिस के अनुसार इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान की अपील पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी. पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरिफ ने हिंसा में अहम भूमिका निभाई और उसके खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं. विवाद ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टरों को लेकर शुरू हुआ था, जिसका कथित तौर पर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए इस्तेमाल किया गया था. बाद में दंगाइयों ने पथराव किया, गोलीबारी की, दुकानों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर पेट्रोल से भरी बोतलें फेंकी, जिससे अफरा-तफरी मच गई.  

सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत शुरू हुआ संवाद महिलाओं और बेटियों को आ रहा काफी पसंद

लखनऊ, योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत देवीपाटन मंडल में “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” की पहल महिलाओं और बेटियों को काफी पसंद आ रही है। यही वजह है कि देवीपाटन मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को बेटियों और महिलाओं के समग्र विकास के लिए होने वाले “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच से अपनी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं-बेटियां पहुंच रहीं हैं। मिशन शक्ति के तहत आयोजित “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में सोमवार को 21 महिलाओं ने विस्तार से मंडलायुक्त को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मंडलायुक्त ने सभी को जल्द से जल्द शिकायत के निस्तारण का आवश्वासन दिया। बता दें कि पिछले सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी, जिसमें 45 महिलाओं ने समस्याएं बताईं थीं। इनमें से एक हफ्ते के अंदर 40 महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण किया गया। इनमें से 36 महिलाओं ने शिकायत के निस्तारण पर संतोषजनक फीडबैक भी दिया। यही वजह है कि कार्यक्रम मंडल की महिलाओं को काफी पसंद आ रहा है।    शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का रखा जाए विशेष ध्यान देवीपाटन के मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि सोमवार को मंडल मुख्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए “मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंडल के चारों जिलों से 21 महिलाअों ने भाग लिया। संवाद कार्यक्रम में मंडलायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। शिकायतकर्ता की शिकायत का निस्तारण मेरिट के आधार किया जाये। समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी। प्रत्येक शिकायत का समाधान निश्चित समयावधि में किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत मिल सके। समस्या के निस्तारण में मिली लापरवाही तो होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि निस्तारण की प्रक्रिया केवल औपचारिक न हो, यह गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी भी होनी चाहिए, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट हों। सभी शिकायतों की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाए। किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई न हो। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संवाद कार्यक्रम में रंजना पाण्डेय, श्यामकली, शबनम, रिचा, मंजू, रूचि तिवारी, अनारकली, मीना, अनीता, रामवती, कांति देवी सहित 21 महिलाओं ने अपनी समस्याएं बताईं। आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर सभी मामलों का समाधान कराया जाएगा। 45 में से 40 शिकायतों का हुआ निस्तारण अपर आयुक्त (प्रशासन) कमलेश चंद्र ने बताया कि पिछले सोमवार को महिला जनसुनवाई के दौरान आये 45 में से 40 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। इसमें से 36 महिलाओं ने निस्तारण के लिए संतोषजनक फीडबैक भी दिया है, जबकि चार शिकायतों में रिमाइंडर भेज कर संतोषजनक कार्रवाई करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए हैं। इस दौरान महिला अधिकारी के रूप में अपर आयुक्त (न्यायिक) देवीपाटन मीनू राणा तथा उपायुक्त (खाद्य) विजय प्रभा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। इस विशेष जनसुनवाई ने महिलाओं में यह भरोसा जगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बात रखने के लिए सशक्त मंच मिल गया है।

मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 में विजेता प्रतिभागियों को सम्मान

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं से भरा प्रदेश भी है, जो खेल, संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है और इस दिशा में ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान को अपार जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 और यूथ पार्लियामेंट-2025 के विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विधायक व सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया साथ ही युवा संवर्धन केंद्रों की शुरुआत की और 16,000 युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को खेल सामग्री (स्पोर्ट्स किट) प्रदान की। मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों को भी सम्मानित किया। युवाओं के लिए दीपावली से पहले मिला खेलों का उपहार- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपावली से पहले खेल सामग्री का वितरण युवाओं के लिए सरकार का एक विशेष उपहार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1.05 लाख से अधिक युवक और महिला मंगल दल सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और अब तक 80 हजार से अधिक मंगल दलों को खेल किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में खेलकूद की प्रतियोगिताएं शुरू होंगी, ग्राम स्तर से लेकर न्याय पंचायत, ब्लॉक, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर तक यही प्रतियोगिताएँ आगे चलकर विधायक और सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का रूप लेंगी। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को स्वस्थ रखने का माध्यम है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ही विकास की प्रेरणा है। लोक संस्कृति और खेल दोनों बनेगा प्रदेश के विकास का आधार- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल खेलकूद तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में लोक गायन, लोक कथा, नाटक मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने सोनभद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बुजुर्गों के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता कराकर समाज में उत्साह का वातावरण बना दिया गया। सीएम योगी गांवों में आयोजित होने वाले रामलीला के मंचन का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां गांव के लोग खुद चंदा इकट्ठा कर रामलीला का आयोजन करते हैं और खुद अलग-अलग किरदार अदा कर मंचन भी करते हैं। हमारे युवाओं को इसमें भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक गायन और लोक कथाएँ हमारे इतिहास और पूर्वजों की गाथाएं हैं। इन्हें जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मिशन शक्ति कार्यक्रम से जुड़े महिला मंगल दल- सीएम सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर ‘मिशन शक्ति’ का पंचम चरण चल रहा है। इस पंचम चरण के पीछे का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता और महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर क्या-क्या कार्यक्रम हुए हैं, इन कार्यक्रमों के बारे में महिलाओं को जागरूक करना और उनको बताना है। महिला मंगल दल का दायित्व बनता है कि अपने-अपने ग्राम पंचायत के साथ उन कार्यक्रमों से जुड़ें और उसे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ बना जनांदोलन- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान को लेकर प्रदेश में 28 घंटे की विधानसभा चर्चा के बाद व्यापक जनसंवाद चलाया गया। इसमें 300 से अधिक बुद्धिजीवियों को 1,000 अकादमिक संस्थानों में भेजा गया और 57,600 ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, जिला पंचायतों और ब्लॉक समितियों से सुझाव प्राप्त किए गए। उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के अलग- अलग तबकों से अबतक 40 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी तो क्षेत्र पंचायतें और जनपद भी विकसित होंगे। जनपद विकसित होंगे तो प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा और यही विकसित भारत के ‘विजन 2047’ की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गाँव से विकास की शुरुआत होगी तो देश को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता। खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुका है- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 500 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। इनमें डिप्टी एसपी, नायब तहसीलदार और खेल अधिकारियों के पद शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि नेशनल और इंटरनेशनल पुलिस गेम्स में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सर्वाधिक मेडल जीते हैं, जो इस नीति की सफलता का प्रमाण है। हर गाँव में खेल मैदान और ओपन जिम का हो रहा निर्माण- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान हो, ताकि बच्चे और युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और सरकार इस पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जनपद स्तर पर मुख्य स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ओपन जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्रों को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है। 50 विकासखंडों में युवा केंद्रों की स्थापना शुरू की गई है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ‘युवा साथी पोर्टल’ नामक एआई-इनेबल्ड इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर अब तक 12.64 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया है। इसके माध्यम से युवाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, 50 विकासखंडों में 2 करोड़ रुपये की लागत से युवा केंद्रों की स्थापना शुरू की गई है।   ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा उत्तर प्रदेश- सीएम योगी सीएम योगी ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 1.5 लाख युवाओं ने रील प्रतियोगिता, यूनिटी मार्च और पॉडकास्ट जैसे आयोजनों में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि यह एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने का अद्भुत उदाहरण है। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही 2047 के विकसित भारत के निर्माता हैं। 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब उसकी आधारशिला आज के युवा रखेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवक मंगल दल और महिला मंगल दल इस परिवर्तन के अग्रदूत बनें। उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा … Read more

अयोध्या में दिखेगी योगी सरकार के विकास की झांकियां

दीपोत्सव 2025: दीपोत्सव पर दिखेगा विकास और संस्कृति का अनूठा संगम अयोध्या में दिखेगी योगी सरकार के विकास की झांकियां दीपोत्सव पर योगी सरकार की उपलब्धियों पर साकेत से निकाली जाएंगी 22 झांकियां पर्यटन व संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांड पर निकालेगा झांकियां  झांकियों के साथ दिखेगी राज्यों की लोक कलाएं – हरियाणा का फाग और केरल का कथककली लोक नृत्य होंगे आकर्षण का केंद्र  पांच सौ से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति अयोध्या भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस बार नौवां दीपोत्सव न केवल दीपों की जगमगाहट से, बल्कि प्रदेश के विकास और भारतीय संस्कृति की जीवंत झांकियों से भी सजेगा। योगी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए सूचना विभाग द्वारा 15 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जबकि पर्यटन संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीम पर झांकियां प्रस्तुत करेगा। जिसमें 22 झांकियां साकेत महाविद्यालय में तैयार हो रही हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य दीपोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।  जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग की झांकियां योगी सरकार के विकास कार्यों को दर्शाएंगी। इनमें उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। ये झांकियां प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का प्रतीक होंगी। दूसरी ओर, संस्कृति विभाग द्वारा रामायण के सात कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित झांकियां तैयार की जा रही हैं। ये झांकियां भगवान राम के जीवन और रामायण की शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। झांकियों को आकर्षक व तकनीकी बनाने के लिए दिया जा रह विशेष ध्यान संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग द्वारा नामित की गई कम्पनी ने झांकियों को आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया है। ये झांकियां न केवल दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली होंगी, बल्कि इनमें आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा ताकि दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा। रामपथ, भक्ति पथ और अन्य प्रमुख स्थानों पर लाखों दीप जलाए जाएंगे, जो विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी शामिल होंगे। जानिए, कौन कौन से राज्य की दिखेंगी लोककलाएं  इस बार दीपोत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया और पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश की लोक कलाएं अयोध्या के रामपथ पर अपनी छटा बिखेरेंगी। ये प्रस्तुतियां न केवल सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेंगी, बल्कि देश की एकता और विविधता को भी रेखांकित करेंगी। इस भव्य आयोजन में लगभग 500 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। सरकार की उपलब्धियों को ये झांकियां करेंगी प्रस्तुत इवेंट के लिए जिम्मेदार कंपनी विविद इंडिया के एक प्रतिनिधि के अनुसार दीपोत्सव में प्रयागराज महाकुंभ, काशी कॉरिडोर, कृषि पशु पालन, आयुष्मान कैशलेस, डिफेंस कॉरिडोर, उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाना हमारी प्रतिबद्धता, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसितअ भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा,  प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा कराए गए कार्यों की झलक दिखाई पड़ेगी।