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उत्तर प्रदेश गाजियाबाद: सड़कों पर दिखा ‘आई लव योगी जी’ का पोस्टर, लोगों में उत्सुकता

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुधवार को 'आई लव योगी जी' नाम के पोस्टर लगाए गए। इस पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'हिंदू हृदय सम्राट' बताया गया है। पोस्टर में आगे कहा गया है कि पूरे भारत ने 'योगी मॉडल' को बेमिसाल कर रखा है। पोस्टर में सीएम योगी को 'निर्भय' बताते हुए कहा गया है कि उनके अंदर ऐसा जिगर है कि वो किसी से भी डरते नहीं हैं। उन्होंने अपने सख्त फैसलों से विपक्षियों को बेहाल कर रखा है। यह पोस्टर गाजियाबाद के कई फ्लाइओवर पर लगाए गए। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा हिंदू सेना के महामंत्री गगन दीप शर्मा और जिला सह कोषाध्यक्ष अंकुश पंडित की भी तस्वीर लगी हुई है। पूरे इलाके में यह पोस्टर चर्चा में है।  बता दें कि अभी हाल ही में देश के कई राज्यों में 'आई लव मोहम्मद' की शुरुआत की गई है, जिसका किसी ने विरोध किया, तो किसी ने समर्थन। वहीं, 'आई लव मोहम्मद' के जवाब में 'आई लव महाकाल' और 'आई लव योगी जी' जैसे पोस्टर लगाए। 'आई लव मोहम्मद' अभियान की शुरुआत सितंबर में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से हुई। यह ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर हुआ। 4 सितंबर को, रावतपुर क्षेत्र के सैयद नगर में जफर वाली गली के प्रवेश द्वार पर मुस्लिम समुदाय ने सड़क को सजाया। यहां एक लाइटबोर्ड लगाया गया, जिस पर अंग्रेजी में 'आई लव मोहम्मद' लिखा था। यह नारा पैगंबर के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक था, जो समुदाय के लिए सामान्य धार्मिक उत्सव का हिस्सा था। हालांकि, यह नारा जल्द ही विवाद का केंद्र बन गया। 9 सितंबर को, लल्लापुरा पुलिस थाने ने नौ नामित और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप था कि उन्होंने सार्वजनिक सड़क पर बैनर लगाए, जो यातायात बाधित कर रहे थे। कानपुर में पोस्टर्स हटाए जाने की खबर फैलते ही, पूरे देश में अभियान ने जोर पकड़ा। लोग सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो बदलने लगे, स्टिकर्स लगाए और जुलूस निकाले। इत्तेहाद-ए-मिलात काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने भी इसे समर्थन दिया।

मौसम का बदलाव: यूपी में दो दिन भारी बारिश, जानें किन राज्यों में होगी ओलावृष्टि

नई दिल्ली  मॉनसून का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव आने वाला है। चार और पांच अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पांच और छह अक्टूबर को जम्मू, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर के संभावित दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से 2-5 अक्टूबर के दौरान पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पांच से सात अक्टूबर के दौरान एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। जिसका सबसे ज्यादा असर छह अक्टूबर को देखने को मिलेगा। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो एक से छह अक्टूबर तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, एक से चार अक्टूबर तक गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दो से चार अक्टूबर तक झारखंड, एक से तीन अक्टूबर तक ओडिशा, तीन से चार अक्टूबर को पश्चिम मध्य प्रदेश, एक, तीन और चार अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में कई इलाकों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दो और तीन अक्टूबर को गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तीन अक्टूबर को झारखंड, ओडिशा, एक, तीन और चार अक्टूबर को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तीन से पांच अक्टूबर तक बिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों में बहुत भारी बारिश होगी। उत्तर पूर्व भारत की बात करें तो अगले तीन से चार दिनों तक इलाके में कुछ जगह पर भारी बारिश की संभावना है। एक से तीन अक्टूबर तक असम, मेघालय में और एक अक्टूबर को त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो दो से चार अक्टूबर तक तमिलनाडु में कुछ स्थानों से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होगी। एक और दो अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो एक से चार अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में छिटपुट बारिश की संभावना है। उसके बाद पांच से सात अक्टूबर के दौरान गरज और बिजली के साथ व्यापाक से व्यापाक बारिश हो सकती है। तीन से छह अक्टूबर को पूर्वी उत्तर में, छह और सात अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एक, पांच और छह अक्टूबर को राजस्थान में छिपटुट भारी बारिश होगी। चार और पांच को पूर्वी उत्तर प्रदेश, छह को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छह और सात अक्टूबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की संभावना है।  

महिलाओं पर अपराध न्यूनतम, सजा दिलाने में अव्वल – यूपी की तारीफ CM योगी ने की

गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी एवं बृहस्पतिवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नारी शक्ति के बगैर संसार की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है तथा दोषसिद्धि एवं सजा में भी यह राज्य अग्रणी है। एक बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं तथा मातृ शक्ति एवं नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व उन्हें नयी प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है तथा उनका सौभाग्य है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है तथा उनकी सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं एवं मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा, जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित होती है, वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं।'' उन्होंने देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में नारी शक्ति का अधिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन कानून बनाये जाने का स्वागत किया।  

योगी सरकार में नवरात्रि का पर्व बना आस्था और विकास की एक अद्भुत मिसाल

जौनपुर का शीतला चौकिया धाम नवरात्रि का प्रमुख केंद्र बना, जहां नौ दिनों में 10 लाख से अधिक भक्त पहुंचे सहारनपुर के शाकम्भरी और त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 20 लाख भक्तों ने किया दर्शन बलरामपुर का देवीपाटन धाम नवरात्रि में आस्था और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना, 9 लाख श्रद्धालुओं ने किया पूजन भदोही के सीता समाहित स्थल, महाराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर और औरैया के देवी मंदिरों में 9 लाख से ज्यादा भक्तों ने जताई आस्था मिशन शक्ति 5.0 ने इस नवरात्रि को बनाया खास, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की झलक हर जगह देखने को मिली लखनऊ, उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का विराट स्वरूप बनकर उभरा है। इस बार पूरे प्रदेश में देवी मंदिरों की तस्वीर देखें, तो यह साफ झलकता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते आठ वर्षों में न केवल प्राचीन धरोहर को संजोया है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं को नया अनुभव भी दिया है। यही कारण है कि पूर्वांचल के विंध्यवासिनी धाम से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाकम्भरी मंदिर तक समस्त देवी मंदिरों में नवरात्रि के नौ दिनों में ही लगभग 2 करोड़ भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इनमें से केवल विंध्यवासिनी धाम में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया। मां विंध्यवासिनी धाम : रोजाना लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी का मंदिर प्रदेश का सबसे प्रमुख सिद्धपीठ माना जाता है। यहां प्रतिदिन औसतन 4 से 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे। आम दिनों की तुलना में यह संख्या कई गुना बढ़ गई। सरकार द्वारा बनाए गए विंध्याचल कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं को नई सहूलियत दी है। नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां रोज़ाना 6 से 7 लाख श्रद्धालु माता की आराधना में शामिल हुए। वाराणसी : विशालाक्षी शक्तिपीठ में दक्षिण भारत से उमड़ी आस्था 51 शक्तिपीठों में गिने जाने वाले मां विशालाक्षी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में नवरात्रि पर भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ गई। सप्तमी से नवमी तक यहां 20 से 30 हजार श्रद्धालु रोज़ाना पहुंचे। वाराणसी के गायत्री शक्ति पीठ चौरा देवी मंदिर में नवमी तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु आए, जबकि दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्मांडा मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 12 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे। यहां अंतिम तीन दिनों में प्रतिदिन करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आए। सहारनपुर : शाकम्भरी व त्रिपुर बाला सुंदरी धाम बने श्रद्धा के केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला भी आस्था से सराबोर रहा। नवरात्रि के नौ दिनों में शाकम्भरी धाम में लगभग 7 लाख और मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। देवीपाटन : मां पाटेश्वरी मंदिर में लाखों भक्त और भव्य मेला बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर में इस नवरात्रि करीब 6.50 लाख श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी से नवमी तक यहां सबसे अधिक भीड़ रही। साथ ही मंदिर प्रबंधन ने 15 दिवसीय मेले का भी आयोजन किया, जिसमें आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।   प्रयागराज : गंगा तट पर आस्था की गूंज प्रयागराज के मां अलोप शंकरी धाम में नवरात्रि के दौरान करीब 12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर प्रतिदिन ढाई लाख तक भक्त मां के दरबार में हाजिरी लगाने आए। मां कल्याणी देवी मंदिर में लगभग 6 लाख और मां ललिता देवी मंदिर में प्रतिदिन 70 से 80 हजार श्रद्धालु पहुंचे। सरकार ने यहां लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यात्री शेड, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए हैं। गोरखपुर : तरकुलहा व बुढ़िया माई धाम में भव्यता का नया रूप गोरखपुर स्थित तरकुलहा देवी मंदिर इस बार नवरात्रि में प्रमुख आस्था केंद्र बन गया। औसतन 50 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचे, जबकि नवमी पर संख्या 1 लाख पार कर गई। अबतक 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां दर्शन कर चुके हैं। वहीं कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माई मंदिर में 5 लाख भक्त पहुंचे। यहां नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में रोज़ाना 1 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरकार ने यहां पर्यटन विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर सुविधाएं बढ़ाई हैं। गाजीपुर : हथियाराम मठ और कामाख्या मंदिर में उमड़ा विश्वास गाजीपुर के हथियाराम मठ में इस बार नवरात्रि पर लगभग 40 हजार लोग पहुंचे। वहीं कामाख्या देवी मंदिर में अबतक 1 लाख से अधिक भक्तों ने माता के चरणों में मत्था टेका। जौनपुर : चौकिया धाम में श्रद्धालुओं का रेला जौनपुर का मां शीतला चौकिया मंदिर नवरात्रि में भक्तों से खचाखच भरा रहा। प्रतिदिन 70 हजार और सप्तमी से नवमी तक करीब 1 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। नैमिषारण्य : महानवमी पर भक्तों का सैलाब नैमिषारण्य की तपोभूमि स्थित ललिता देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। महानवमी पर यहां आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आगरा : चामुंडा देवी मंदिर समेत कई धाम बने आकर्षण आगरा का 300 साल पुराना चामुंडा देवी मंदिर नवरात्रि में विशेष आकर्षण रहा। यहां करीब 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ कैला माता मंदिर में 15 लाख, सती माता मंदिर में 2 लाख, काली माता मंदिर में 1.5 लाख और शीतला माता मंदिर में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे। मथुरा : नरी सेमरी मंदिर में परंपरा का अनोखा स्वरूप मथुरा के छाता स्थित नरी सेमरी माता मंदिर में नवरात्रि पर 3 लाख श्रद्धालु पहुंचे। यहां मूर्ति के खड़े होने की परंपरा और लाठी-डंडे से पूजा की परंपरा श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। झांसी : आल्हा-उदल की गाथा से जुड़े देवी मंदिर झांसी के पंचकुइया, कैमासन, महाकाली और लहर देवी मंदिर में नवरात्रि के नौ दिनों में 1-1 लाख से अधिक भक्त पहुंचे। यहां के मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व और आस्था दोनों ही देखने को मिले। अन्य प्रमुख धाम : प्रदेशभर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ महराजगंज के लेहड़ा देवी मंदिर में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। औरैया के 15 मंदिरों में करीब ढाई लाख लोग दर्शन को आए। हापुड़, सिद्धार्थनगर और अन्य जिलों के मंदिरों में भी लाखों की भीड़ रही। अंततः यह स्पष्ट है कि योगी सरकार ने नवरात्रि पर आस्था और विकास का अद्भुत मेल कर प्रदेश के मंदिरों को … Read more

आजम खान ने खोला राज़: मुलायम मेरे पीछे नंगे पैर दौड़े और मेरी मौत पर भी होगा धूमधाम जनाजा

नई दिल्ली करीब दो साल बाद जेल से बाहर निकले आजम खान एक बार फिर से अपने पुराने तेवरों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे 5 साल तक जेल में रखा गया। तनहाई जेल थी और दुनिया से मेरा संपर्क ही कट गया। आजम खान ने कहा कि गर्मी में भीषण गर्मी और सर्दियों के मौसम में बहुत ठंड झेलनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन मुझे कोई मलाल नहीं है बल्कि शर्म आती है। आजम खान ने कहा कि मैं हमेशा मजबूती से डटा रहा हूं और डटा रहूंगा। सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने कहा कि हथौड़ा तो फौलाद पर ही चलता है। आग में भी उसे ही जलाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुझे फिर से जेल भेजा गया तो जाऊंगा और तैयार हूं। जिंदगी रही तो लौटकर आऊंगा और मर गए तो हमारा जनाजा और धूम से जाएगा। आजम खान ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह से कुछ और नहीं मांगा बस एक यूनिवर्सिटी मांगी। उस आदमी ने कुछ रोका नहीं। उस जैसे इंसान अब पैदा नहीं हो सकेंगे। सैकड़ों सालों में भी कोई मुलायम सिंह यादव पैदा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोग जानते ही नहीं हैं कि मुलायम सिंह क्या थे और क्या खूबियां थीं। वह अलग ही मिट्टी के बने इंसान थे और अब तो ऐसे लोग पैदा ही नहीं होते। 'कोई मेरे खिलाफ एक लफ्ज मुलायम के आगे नहीं बोल सकता था' आजम खान ने कहा कि किसी की हिम्मत नहीं थी कि मुलायम सिंह यादव से मेरे खिलाफ कोई एक लफ्ज कह दे। यदि मैं दौरे पर हूं और 4 घंटे लेट आता था तो कैबिनेट की मीटिंग तभी होती थी। उन्होंने कहा कि यदि मैं नहीं जाता था तो कैबिनेट की मीटिंग नहीं होती थी। मेरे लिए कोई ऐसा करेगा क्या। मैंने शुगर मिल के लिए प्रस्ताव रखा तो सब कहने लगे कि हमारी बात भी सुनी जाए। हमारे इलाके में क्यों नहीं मिल चलेगी। इस पर मैंने कहा कि पहले मेरा बनेगा और यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्मदाह कर लूंगा। आजम खान बोले- मेरे आशिक थे मुलायम सिंह यादव रामपुर के सीनियर नेता ने कहा, 'मैं निकल पड़ा तो मुलायम सिंह यादव नंगे पैर मेरे पीछे आए। एक तमाशा था और मैंने कहा कि जाकर रिजाइन करूंगा। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। यही लोग पास करेंगे। मुझे सबसे बात तो करने दो। आखिर कौन ऐसा करेगा।' आजम खान ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो मेरे आशिक और माशूक थे, जो चले गए। मैंने एक दिन कहा कि कितना अच्छा होता यदि आप मुसलमान होते। इस पर उन्होंने कहा कि अरे मैं मुसलमान ही तो हूं। कोई जानता है कि उनका कितना वक्त पूजा में गुजरता था। उन्होंने कहा कि क्या इसलिए आप कह रहे हैं कि मैं मुसलमान होता तो कैसा होता। इस पर मैंने कहा नहीं कि नहीं आप एक अच्छे हिंदू हैं और इससे बेहतर हमारे लिए कुछ भी नहीं है।  

दानिश अली की बरेली यात्रा रोकी, हाउस अरेस्ट में; विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

अमरोहा उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पूर्व कांग्रेस सांसद कुंवर दानिश अली को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। दानिश अली बरेली जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से निकलने से रोक दिया। उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग कर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर दानिश अली और कांग्रेस समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया है। पुलिस के अनुसार, दानिश अली का बरेली दौरा कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता था, इसलिए एहतियातन उन्हें नजरबंद किया गया। यह मामला अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के बाईपास का है। वहीं, दानिश अली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हमारा बरेली जाने का हमारा कार्यक्रम था। बरेली में सुनियोजित तरीके से लोगों का दमन किया जा रहा है। हम वहां पर पुलिस प्रशासन को यह कहने के लिए जा रहे थे कि वो लोगों का दमन नहीं करें। वहां पर बेगुनाह लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं। यह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। लोकतंत्र में इस तरह की व्यवस्था को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हम वहां पर लोगों से शांति की अपील कर रहे हैं और वहां पर लोगों से यह भी कह रहे हैं कि वो किसी के भड़कावे में न आएं। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि आप यह दमनकारी नीति को छोड़िए। नाइंसाफी और दमन ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकता है। बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान सभी को समानता का अधिकार देता है। आज की तारीख में यह सरकार दमनकारी नीति के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे शर्म आती है कि वह मेरे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मैं अपने लोगों के बीच में उनका दुख बांटने जाना चाहता हूं। वहां पर लोगों के दुकान और घरों को तोड़ा जा रहा है और दुख की बात है कि वे हमारी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि ये लोग ज्यादा दिनों तक हमारी आवाज को नहीं दबा सकते हैं। इन लोगों ने हमें रोक लिया। हम सात-आठ लोग जाना चाहते थे। पुलिस प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर यह कहां का न्याय है? उन्होंने कहा कि ये लोग ऐसा करके उत्तर प्रदेश में आमजन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। ये सरकार पूरी तरह से अमानवीय है। यह सरकार दमनकारी सरकार है, क्योंकि इन लोगों को अब पता चल चुका है कि इनकी सरकार अब जा चुकी है। हमारे नेता राहुल गांधी ने जिस तरह से वोट चोरी का मुद्दा उठाया है, उससे लोगों के बीच में एक संदेश गया है कि यह वोट चोरी करने वाली सरकार है। पुलिस ने बताया कि बरेली में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि, दानिश अली ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा, “मुझे बिना किसी ठोस कारण के घर में कैद किया गया है। यह जनप्रतिनिधि के अधिकारों पर हमला है।”  

सदमे में यूपी: बच्चों की हत्या के बाद परिवार ने आग लगाई, 6 की मौत ने हिला दिया प्रदेश

बहराइच  उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक दिलदहला देने वाली घटना सामनने आई है। एक ग्रामीण ने गड़ासे से दो किशोरों की हत्या कर दी और फिर परिवार सहित खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। घटना में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, मवेशी भी जिंदा जल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। कुल मिलाकर इस हृदय विदारक घटना में छह लोगों और चार मवेशियों की जान चली गई। निंदुनपुरवा टेपरहा गांव में बुधवार सुबह खेत में लहसुन की बोवाई के लिए विजय ने गांव निवासी सूरज यादव (14) पुत्र लच्छी राम और सनी वर्मा (13) पुत्र ओमप्रकाश को घर बुलवाया। दोनों ने नवरात्र का अंतिम दिन होने के चलते घर पर काम अधिक होने की बात कह कर खेत में काम करने से इनकार कर दिया। इसी बात से गुस्साए विजय ने अपने घर के आंगन में गड़ासे से वारदात कर डाली। इसके बाद खुद को परिवार सहित कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में दंपती व दो बेटियों समेत चार लोग जिंदा जल गए। कुल छह मौतों की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। उधर, पुलिस पूरे मामले की मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि गांव निवासी विजय कुमार खेती बाड़ी और पशुपालन का काम करता था।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई

महिलाओं के प्रति अपराध में न्यूनतम, सजा दिलाने में नम्बर वन है यूपी : मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दी शारदीय नवरात्र की महानवमी व विजयदशमी पर्व की बधाई नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही सरकार : सीएम योगी मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का पर्व है नवरात्र : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समस्त प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की पावन महानवमी एवं गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जीवन के किसी भी पक्ष में नारी शक्ति के बगैर सृष्टि की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी शक्ति के प्रति सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए इसी भाव के साथ अनेक कार्यक्रम चला रही है। इन कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप सुखद तथ्य यह है कि आबादी के दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध न्यूनतम है। जबकि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध के मामले में सजा दिलाने में यह प्रदेश देश में नम्बर वन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि में कन्या पूजन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्मावलंबी वर्ष में दो बार शारदीय और वासंतिक नवरात्र में जगतजननी मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन व अनुष्ठान के कार्यक्रम से श्रद्धा और उल्लास से जुड़ते हैं। सनातन परंपरा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का यह पर्व नई प्रेरणा प्रदान करता है। नवरात्र का यह पर्व अवगत कराता है कि चराचर जगत की आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही रूप हैं। उन्होंने कहा कि आज शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री के स्वरूप के पूजन के साथ कन्या पूजन का अनुष्ठान हो रहा है। वह सौभाग्यशाली है कि गोरक्षपीठ की पवित्र परंपरा के अनुसार उन्हें भी कन्या पूजन का अनुष्ठान करने का अवसर प्राप्त हुआ है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित है सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सनातन आस्था में नारी शक्ति को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सनातन आस्था की नैतिक जिम्मेदारी के भाव से सरकार नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शारदीय नवरात्र की पहली तिथि, 22 सितंबर से मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया गया है। इसमें महिलाओं की सुरक्षा के साथ ही उनके स्वावलंबन जागरूकता के लिए पंचायत स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। मिशन शक्ति सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदैव नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है। हरेक कालखंड में इसके दर्शन होते हैं। आज भी प्रत्येक क्षेत्र में भारत की नारी शक्ति ने अपनी ताकत और सामर्थ्य का एहसास कराकर दुनिया को अचंभित किया है।  बेटी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां बेटी सुरक्षित और सम्मानित है तो वहां का समाज भी सुरक्षित और सम्मानित माना जाता है। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए हैं। इसी क्रम में देश की सर्वोच्च पंचायतों में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी लाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ महिलाओं को किसी न किसी रूप में 12000 रुपये सालाना पेंशन दिया जा रहा है। 26 लाख बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25000 रुपये के पैकेज वाले कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना में धनराशि बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये करके गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह में धन की चिंता से मुक्त कर दिया गया है।   विजयदशमी, सनातन विजय का प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को गुरुवार को मनाए जाने वाले विजयदशमी पर्व की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजयदशमी, भारत के सनातन विजय का प्रतीक है। यह अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर धर्म, न्याय और सदाचार के विजय का पर्व है। विजयदशमी पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे और भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

छात्राओं को सजा देने पर मचा बवाल: नवरात्र उपवास के कारण देर से आईं थीं स्कूल

हाथरस  यूपी के हाथरस में सासनी ब्लाक के संविलियन विद्यालय समामई में छात्राओं ने नवरात्र व्रत व पूजा करने में देरी से स्कूल पहुंचने पर शिक्षक द्वारा मुर्गा बनाए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्कूल में हंगामा काटा और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बच्चों का वीडियो वायरल होने पर कोतवाली सासनी पुलिस भी स्कूल पहुंच गई। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। वहीं, बीएसए ने प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी सासनी को सौंपी है। सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव समामई स्थित कंपोजिट विद्यालय की कुछ छात्राओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार ने छात्राओं को क्लास रूम में मुर्गा बना दिया। वायरल वीडियो में छात्राओं का कहना था कि देरी से आने पर उनको मुर्गा बनाने के साथ डंडे भी लगाए गए। वीडियो में छात्रा का कहना है कि उन्होंने शिक्षक को व्रत के बारे में जानकारी नहीं दी। वहीं, घटना की जानकारी पर स्कूल पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। विद्यालय परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए। विद्यालय में मौजूद अध्यापक से पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हो गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। इधर, हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। बजरंग दल का कहना है कि बुधवार को बीएसए से मिलकर शिकायत की जाएगी। मौके पर तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई थी। दूसरी ओर शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि जो बच्चे आरोप लगा रहे हैं वो नियमित स्कूल नहीं आते और स्कूल का काम भी पूरा नहीं करते। जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को समय समय पर सम्मानित किया जाता है। मुर्गा बनाने व पूजा न करने के जो आरोप लगाए गए हैं वो पूरी तरह निराधार हैं। हाथरस बीएसए स्वाती भारती ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय समामई का प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच किए जाने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी सासनी को दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया किसूचना मिलने पर पुलिस स्कूल पहुंची थी। फिलहाल किसी बच्चे के परिजनों ने कोई शिकायत नही की है। इंस्पेक्टर खुद वहाँ पहुँचे थे। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बजरंग दल विभाग संयोजक हर्षित गौड़ ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सूचना दी थी कि स्कूल में व्रत रखने पर बच्चियों को मुर्गा बनाया गया है। इसलिए पदाधिकारियो के साथ विद्यालय पहुंचा था। वहां बच्चियों ने मुर्गा बनाने के बारे में बताया है। शिक्षक अभद्र टिप्पणी करता है।  

यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल

योगी सरकार की सख्ती से यूपी में सांप्रदायिक हिंसा पूरी तरह खत्म  यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल  NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम – 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का बन चुका है गढ़  – विभिन्न अपराध श्रेणियों में भी यूपी में दर्ज की गई उल्लेखनीय कमी  – अपराध में कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम  लखनऊ राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की है। NCRB के आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का गढ़ बन चुका है।   सांप्रदायिक दंगों पर जीरो टॉलरेंस की नीति बनी कारगर एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई, जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है।  सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम  सीएम योगी की सख्त नीतियों की वजह से राज्य में अपराध पर लगाम लगा है एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।