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जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

लोगों से बोले सीएम, हर समस्या का कराएंगे पारदर्शिता के साथ निस्तारण गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के उपचार में आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं और पारदर्शिता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। जनता दर्शन में एक वृद्ध महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। एक महिला ने बिटिया की शादी के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई तो सीएम ने तुरंत मौके पर मौजूद अधिकारियों को विवाह अनुदान योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया। एक अन्य महिला ने बिजली कनेक्शन में आ रही अड़चन की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए निर्देशित किया। जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें चॉकलेट भी दिया।

गोरखपुर की एकता यात्रा में बोले सीएम योगी: जिन्ना के विचारों को जन्म से पहले ही खत्म करना होगा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।" उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।" 'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…' सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"   मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।  

गोरखपुर से सीएम योगी का बड़ा फैसला — हर स्कूल में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान बड़ा एलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और जरूरी गायन किया जाएगा। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम नागरिकों में भारत माता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे।" सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले तत्वों की पहचान करना हमारा कर्तव्य है। ये नए जिन्ना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में फिर कभी कोई नया जिन्ना न उभरे; विभाजनकारी इरादे को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना होगा। गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एकता यात्रा' और 'वंदे मातरम' सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर को देशभर के हर जिले में 'रन फ़ॉर यूनिटी' के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौरान, भाजपा ने भी महान वल्लभभाई पटेल के जीवन और कार्यों पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया। सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए। चाहे स्वदेशी की बात हो या आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को संबोधित करने वाली पहल को आगे बढ़ाया गया है, साथ ही देश भर में व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं…"  

BJP का यूनिटी मार्च, सीएम योगी की अगुवाई में GBC-5 के लिए बढ़ाई गई तैयारियां

लखनऊ  लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत भाजपा ने सोमवार से यूनिटी मार्च शुरू कर दिया। यह पदयात्राएं 20 नवंबर तक होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक पदयात्राओं का नेतृत्व कर रहे हैं। सीएम योगी गोरखपुर में यूनिटी मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक, इन यात्राओं का आयोजन विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर होगा। पदयात्राओं के दौरान जनमानस को सरदार पटेल के ऐतिहासिक निर्णयों और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान के बारे में बताया जाएगा। उधर, उत्तर प्रदेश में जल्द आयोजित होने वाले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के आयोजन को लेकर सोमवार को कंपनी के चयन पर विचार किया जाएगा। इसके लिए इंवेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय किरण आनंद की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति में इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, वित्त नियंत्रक, महाप्रबंधक (विधि) व महाप्रबंधक (निवेश प्रोत्साहन) को सदस्य तथा महाप्रबंधक (इवेंट) को सदस्य सचिव बनाया गया है। औद्योगिक विकास विभाग ने जीबीसी के लिए विभिन्न विभागों को दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा भी शुरू कर दी है। इन्वेस्ट यूपी की टीमें रोजाना 29 विभागों के साथ संपर्क कर लक्ष्य की प्राप्ति की रिपोर्ट ले रही हैं। अभी तक करीब तीन लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। शेष दो लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी अगले एक सप्ताह में प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् गाना जरूरी, CM योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य करने का ऐलान किया है। सोमवार को उन्होंने गोरखपुर में एकता यात्रा का आरंभ करने से पहले कहा कि हम इसे अनिवार्य करेंगे जिससे हर नागरिक के मन में अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो। नया जिन्ना चुनौती दे इससे पहले उसे दफन करना होगा, एकता यात्रा में गरजे योगी सीएम योगी ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन देश में नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। अब भारत के अंदर फिर से कोई नया जिन्ना पैदा न होने पाए। वो जिन्ना यदि पैदा होने की कोशिश करता है तो इससे पहले कि वो भारत की एकता को चुनौती दे हमें उसे दफ्न कर देना होगा।

लुधियाना में ₹1 करोड़ लॉटरी का ढोल-ढमाका, विजेता को 1 महीने में करना होगा दावा

लुधियाना पंजाब के लुधियाना में 1 करोड़ की लॉटरी विजेता की तलाश हो रही है। इसके लिए लॉटरी बेचने वाली दुकान पर बाकायदा ढोल बजवाया जा रहा है। लॉटरी नंबर के साथ आवाज लगाई जा रही है कि जिसका भी ले नंबर है, उसका बंपर इनाम निकला है, वह आए और अपनी रकम क्लेम कर लें। लॉटरी की दुकान पर करीब एक माह से ये रूटीन चल रहा है। दुकानदार का कहना है कि जिस आदमी ने ये टिकट खरीदा था, उसने अपना नाम गुप्त रखवाया था। ऐसे में उस आदमी तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की जा रही है कि वह आए और अपनी रकम को क्लेम करें। क्योंकि एक माह बाद इसका क्लेम नहीं कर पाएगा। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला….     नगालैंड सरकार की लॉटरी बेची गई थी : लुधियाना में घंटाघर स्थित लॉटरी की दुकान चलाने वाले एक-ओंकार एजेंसी मनजीत सिंह के मालिक ने बताया उनकी दुकान से नगालैंड सरकार की ओर से चलाई जा रही लॉटरी बेची गई थी। किसी व्यक्ति ने 2 हजार रुपए में लॉटरी खरीदी थी। उस व्यक्ति ने अपना नंबर गुप्त रखवाया था। कहा था कि लॉटरी खरीद रहा हूं, लेकिन मेरा नाम गुप्त ही रखना।     टिकट नंबर 7565 पर निकली 1 करोड़ की लॉटरी : मनजीत सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले ड्रा निकला। इसमें से टिकट नंबर 7565 पर 1 करोड़ रुपए निकला है। इसका पता चलते ही कि लॉटरी उनकी दुकान से बिकी है, वे खुश हाे गए। मगर, अभी तक ग्राहक का कुछ पता नहीं है। ग्राहक की तलाश में लगातार लॉटरी विक्रेता ढोल बजवा रहे हैं।     2 हजार रुपए थी टिकट की कीमत : मनजीत सिंह ने बताया कि इस टिकट की कीमत 2 हजार रुपए थी। इस टिकट की वेलिडिटी 1 महीने की है। 1 महीने के दरमियान ये टिकट क्लेम हो जाएगी। यदि 1 महीने के बाद कोई व्यक्ति टिकट लेकर आता है तो टिकट क्लेम नहीं हो पाएगी। उन्होंने ग्राहक को संदेश दिया है कि अपनी टिकट क्लेम कर ले।     पहले भी दो बार बड़े इनाम निकल चुके-मनप्रीत सिंह : दुकान के कर्मचारी मनप्रीत सिंह ने कहा कि इस बार हमारी हैट्रिक हुई है। पहले 20 लाख की पुरस्कार हमारी दुकान से किसी ग्राहक का निकला था। फिर 50 लाख का पुरस्कार निकला और अब 1 करोड़ का पुरस्कार किसी ने जीता है। हमारी दुकान से करीब 80 टिकट बेची है, उसी में से इनाम निकला है। 30 दिन में करना होता है इनामी रकम के लिए दावा सभी इनाम जीतने वाले टिकट को पंजाब स्टेट लॉटरीज के निदेशक कार्यालय, योजना भवन, प्लॉट नंबर 2B, सेक्टर-33A, चंडीगढ़ में परिणाम प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर जमा कराने होंगे। यह आवेदन निर्धारित फॉर्म पर या तो खुद जाकर या पोस्ट के जरिए भेजा जा सकता है। अगर विजेता का दावा 30 दिनों के अंदर निदेशालय तक नहीं पहुंचता है तो पंजाब स्टेट लॉटरी नियम 2015 के तहत उसका इनाम पाने का अधिकार खत्म हो जाएगा  इनाम की राशि जारी करते समय उस पर लागू टैक्स (TDS) पहले से काट लिया जाएगा। पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह से बैन पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह से बैन है। पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग न तो ऑनलाइन टिकट बेचता है और न ही चलाता है, हमेशा असली टिकट ही खरीदें और वो भी सिर्फ अधिकृत विक्रेताओं से। फोटो या ऑनलाइन कॉपी वाला टिकट मान्य नहीं होता। विभाग कभी भी विजेताओं से ऑनलाइन पेमेंट या टैक्स के नाम पर पैसे नहीं मांगता। अगर, आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिले या ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

धोखाधड़ी केस में राहत: जावेद हबीब पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर रोक

 प्रयागराज सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को इलाहाबाद से बड़ी राहत मिली है। धोखाधड़ी के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है। दोनों के खिलाफ संभल के रायसत्ती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जावेद हबीब और उनके बेटे पर संभल के राय सत्ती पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। बाप-बेटे ने मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक अंतरिम रोक लगा दी है। गिरफ्तारी के लिए दी जा रही थी दबिश जावेद हबीब, अनोश हबीब के अलावा सैफुल नाम के शख्स के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। आरोप है कि 100 से अधिक लोग पीड़ित हैं, जिन्होंने मुनाफे के लालच में पैसा लगाया था. पुलिस ने जावेद हबीब और उनके पूरे परिवार के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया है, ताकि कोई भी देश छोड़कर न भाग सकें पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जावेद हबीब के दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर नोटिस भी चस्पा किया है। सभी मुकदमों की पुलिस विवेचना कर रही है। जावेद हबीब और उनके बेटे की तरफ से पेश वकील शिखर नीलकंठ, मोहित सिंह, अमित तिवारी ने पक्ष रखा। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डबल बेंच ने याचिका पर सुनवाई की गई। करोड़ों की धोखाधड़ी का है मामला जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में संभल के रायसत्ती थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इस धोखाधड़ी मामले में अब तक कुल 32 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। आरोप है कि संभल के रॉयल पैलेस में सितंबर 2023 में जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब ने सेमिनार आयोजित किया था। इस सेमिनार में लोगों को दो से 20 लाख  रुपये तक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया था। दो साल बीतने के बाद न तो निवेशकों को कोई मुनाफा मिला और न ही निवेश की गई रकम अब तक लौटाई गई। धोखाधड़ी और ठगी के इस मामले की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एफएलसी कंपनी में पैसा निवेश करने पर निवेशकों को 50 से 70% मुनाफे का लालच देकर ठगा है। निवेशकों ने ठगी के बारे में जानकारी होने के बाद रायसत्ती थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. 23 सितंबर को रायसत्ती थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। फिर उसके बाद लगातार मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी है।  

लड़की ने चलती कार में किया शर्मनाक प्रदर्शन, सड़क पर बिना कपड़ों के सफर का वीडियो वायरल

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर चलती कार के गेट से लटककर एक लड़की के कपड़े उतारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। रफ्तार और रोमांच की सनक के साथ सड़क पर ऐसा नजारा देख लोग हैरान हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार कार से निकलकर अश्लील स्टंट करने वाली लड़की कौन है और उसने ऐसा क्यों किया इसका अभी तक पता नहीं चला है। वीडियो में दिख रहा है कि शहीद पथ पर एक कार तेज रफ्तार से फर्राटा भर रही है। कार के गेट का शीशा खोलकर लड़की उससे लटक गई और चलती कार में अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। लड़की की इस हरकत से पुलिस भी हैरान है। पुलिस अब इस मामले में ऐक्शन के लिए ऐक्टिव हो गई है। लड़की और कार में मौजूद रहे अन्य लोगों के बारे में पता लगा रही है। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेंद्र सिंह ने बताया कि कार का नंबर गाजियाबाद का है। नंबर के आधार पर कार और उसमें सवार लोगों की तलाश की जा रही है। रील बनाने के लिए कुछ भी करने का जुनून पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और इसमें सम्बधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई जरूर की जाएगी। वैसे, राजधानी के शहीद पथ पर इसके पहले भी रील बनाने के लिए अजीबो गरीब हरकतों के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई भी करती है लेकिन रील बनाने का जुनून ऐसा है कि आए दिन कोई न कोई यहां शूटिंग करता दिख जाता है। ऐसे वीडियो देखकर लोग अपने-अपने ढंग से इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। ज्यादा से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स के लिए रील बनाने वालों का जुनून कई बार सनक में बदल जाता है और ऐसे दृश्य सामने आ जाते हैं।

राजेश मिश्रा के परिवार की कुंडली में खुला राज: घर में मिले ढेरों नोट, पुलिस थक गई गिनते-गिनते

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ, जब किसी तस्करी के मामले में इतनी बड़ी रकम बरामद हुई कि नोट गिनने वालों के हाथ थक गए. पुलिसवालों को 22 घंटे लगातार बैठ कर पैसे गिनना पड़ा.  सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुन्दीपुर गांव में अचानक पुलिस की एक साथ कई गाड़ियां पहुंची. थाना प्रभारी के साथ भारी पुलिस बल एक पुराने पक्के मकान की ओर बढ़ा. सूचना थी कि यहीं से जेल में बंद राजेश मिश्रा अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है. राजेश मिश्रा वही नाम, जो कभी शराब, फिर जमीन और अब नशे के कारोबार से प्रदेश भर में कुख्यात हो चुका है. राजेश इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि उसका गिरोह वहीं से चालू था. जेल के भीतर से  डील फाइनल होती, और बाहर से उसका परिवार डिलीवरी और कैश की वसूली संभालता. 22 घंटे तक चली गिनती जब पुलिस ने राजेश मिश्रा के घर पर दबिश दी, तो सबसे पहले अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया. घर में रीना मिश्रा (राजेश की पत्नी), बेटा विनायक, बेटी कोमल, रिश्तेदार यश और अजीत मिश्रा मौजूद थे. जब दरवाजा खुलवाया गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने हर किसी को चौंका दिया.  कमरे में चारों तरफ काले पन्नियों में लिपटे नोटों के बंडल, गत्तों में पैक गांजा, और लोहे के ट्रंक में रखी स्मैक. एक कोने में इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन थी, जिससे साफ था कि गिरोह सिर्फ तस्करी ही नहीं, कमाई की गिनती का पूरा इंतजाम भी रखता था. पुलिस ने जब गिनती शुरू की तो 2,01,55,345 रुपये की नकदी बरामद हुई. इसके अलावा 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) मिली. जिसकी अनुमानित कुल कीमत  3 करोड़ रुपये से अधिक है. कहने को बस तीन घंटे का ऑपरेशन था, लेकिन नोटों की गिनती पूरी करने में 22 घंटे लग गए. फर्जी जमानत से लेकर करोड़ों की कुर्की तक छानबीन में सामने आया कि रीना मिश्रा और उसका बेटा विनायक मिश्रा, राजेश की जेल से रिहाई के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में जमानत करवा चुके थे. इस खुलासे के बाद उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि पहले भी इस परिवार की ₹3,06,26,895.50 रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. यह कुर्की भी राजेश और रीना के नाम पर दर्ज की गई थी. बावजूद इसके, गिरोह ने जेल से नेटवर्क चलाना जारी रखा. रीना मिश्र: घर बैठी माफिया क्वीन स्थानीय पुलिस के अनुसार, रीना मिश्रा सिर्फ नाम की गृहिणी नहीं थी. राजेश मिश्रा के जेल जाने के बाद उसने ही पूरा सिंडिकेट संभाला. गांव में उसका खौफ इस कदर था कि कोई भी उसके घर की ओर नजर उठाकर नहीं देखता था. लोगों का कहना है कि मकान में कभी-कभी ट्रक रुकते थे, फिर कुछ लोग आते-जाते दिखते थे. सबको मालूम था, मगर कोई बोलता नहीं था. रीना का रोल सिर्फ घर की देखरेख का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की बुक-कीपिंग का था. वह तय करती थी किस इलाके में कितना माल जाएगा और कितनी रकम वापस आएगी. जेल में बैठे राजेश से वह रोज़ बात करती, और उसी के कहने पर डील फाइनल करती थी. जेल की दीवारों के भीतर से चलने वाला नेटवर्क पुलिस के अनुसार, राजेश मिश्रा पहले से ही कई गंभीर मामलों में अभियुक्त है. जेल से बाहर उसकी कमान उसकी पत्नी और बच्चों के पास थी. वह फोन और मुलाकातों के ज़रिए गिरोह को निर्देश देता था कि कहाँ से माल मंगाना है, कहाँ सप्लाई करनी है, और कौन पुलिसकर्मी कब ड्यूटी पर होता है. पुलिस का कहना है कि गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था. बिहार और मध्य प्रदेश तक इसके तार फैले हुए हैं. प्रतापगढ़, प्रयागराज और कौशांबी के कई गांव इस नेटवर्क के रूट बने हुए थे. एसपी दीपक भूकर बोले- यह तो बस शुरुआत है पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ हमारी लंबी रणनीति का हिस्सा है. इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं, लेकिन अब इनके नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा. जो भी इसमें शामिल है, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त गिरोहों की फाइलें अब डिजिटल रूप से ट्रैक की जा रही हैं. कई बैंक खातों और संपत्तियों की जांच भी चल रही है. एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले गिरफ्तार अभियुक्तों पर एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है. फर्जी जमानत के मामले में भी पुलिस ने अलग एफआईआर की है.  गिरफ्तार अभियुक्तों की लिस्ट: – रीना मिश्रा, पत्नी राजेश मिश्रा (40 वर्ष) – विनायक मिश्रा, पुत्र राजेश मिश्रा (19 वर्ष) – कोमल मिश्रा, पुत्री राजेश मिश्रा (20 वर्ष) – यश मिश्रा, पुत्र अजीत कुमार मिश्रा (19 वर्ष) – अजीत कुमार मिश्रा, पुत्र पवन कुमार मिश्रा (32 वर्ष) सभी को मानिकपुर थाना पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया. सवा तीन करोड़ की बरामदगी  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. बरामद नकदी और ड्रग्स की कुल कीमत करीब ₹3 करोड़ 17 लाख है. इतनी भारी मात्रा में कैश की बरामदगी ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि राजेश मिश्रा का नेटवर्क सिर्फ नशे तक सीमित नहीं है. कई जगहों पर उसकी अंडरग्राउंड इन्वेस्टमेंट की जानकारी मिली है. कुछ को जमीन खरीद के नाम पर और कुछ को लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में छिपाया गया था. जांच टीमें अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाल रही हैं. 

विशेष आर्टिकल- उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास क्रांति: UP-AGREES प्रोजेक्ट से नई संभावनाएँ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 जनवरी 2025 को विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा की उपस्थिति में लॉन्च किया। यह 6 वर्षीय (2025-2031) प्रोजेक्ट ₹4,000 करोड़ के बजट से संचालित है, जिसमें विश्व बैंक से ₹2,737 करोड़ ऋण (35 वर्ष चुकौती, 7 वर्ष मोरेटोरियम, 1.23% ब्याज) और राज्य सरकार से ₹1,166 करोड़ का योगदान है। प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 21 जिलों (जैसे वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (जैसे झांसी, बांदा, चित्रकूट) में लागू होगा, जो जलवायु परिवर्तन से सबसे प्रभावित 28 जिलों को कवर करता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादकता 30-35% सुधारना (10 क्विंटल से 14-15 क्विंटल/एकड़), डिजिटल तकनीक अपनाना और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। 10 लाख किसान (30% महिलाएं), मछली पालक और कृषि-आधारित MSME सीधे लाभान्वित होंगे। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 विजन को साकार करेगा, जहां UP 23% राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन करता है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य: कृषि से आत्मनिर्भरता तक UP-AGREES कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत, वित्तीय पहुंच सुधार और मूल्य वर्धन अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। प्रमुख लक्ष्य: •    उत्पादकता वृद्धि: जलवायु-स्मार्ट कृषि (CSA) से फसल उत्पादन 30-35% बढ़ाना। •    डिजिटल क्रांति: UP AGRIVERSE – AI, IoT, GIS, ड्रोन, बिग डेटा से Agriculture 3.0। •    ग्रामीण उद्यमिता: एग्रो क्लस्टर स्थापित, मछली पालन में क्षमता वृद्धि। •    समावेशी विकास: महिलाओं, SC/ST/OBC को प्राथमिकता; 10,000 महिला उत्पादक समूह लिंकेज। •    परिणाम: किसान क्रेडिट कार्ड (eKCC) को समयबद्ध, किफायती बनाना; 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। प्रोजेक्ट की संरचना: 4 प्रमुख घटक प्रोजेक्ट 4 घटकों में विभाजित है, जो राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़े हैं: घटक    विवरण    प्रभाव (2025-31) 1. कृषि उत्पादकता वृद्धि    जलवायु-स्मार्ट इनपुट (बीज, उर्वरक), मशीनरी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन।    10 लाख किसानों को CSA अपनाने में सहायता; उत्पादन 30%+। 2. एग्रो क्लस्टर स्थापना    प्रतिस्पर्धी वस्तुओं (फल-सब्जी, अनाज) पर क्लस्टर; मछली पालन में ICAR सहयोग।    मछली उत्पादकता दोगुनी; बाजार पहुंच सुधार। 3. डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी मजबूती    UP AGRIVERSE – AI/IoT/GIS से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग; डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल।    डिजिटल कृषि इकोसिस्टम; eKCC से वित्तीय समावेश। 4. प्रोजेक्ट प्रबंधन, ज्ञान और सीख    क्षमता निर्माण, मॉनिटरिंग, 500 किसानों का विदेश प्रशिक्षण।    10,000 महिला समूह लिंक; ज्ञान साझा। कार्यान्वयन: दो चरणों में – पहला चरण 28 जिलों में (2024-25 से शुरू), दूसरा विस्तार। बजट आवंटन: घटक-वार, ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर। प्रेरक उदाहरण: प्रोजेक्ट से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड लाभार्थी):  o    सहायता: CSA इनपुट + ड्रोन मॉनिटरिंग। o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "UP-AGREES ने सूखे को अवसर बनाया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG (पूर्वांचल):  o    सहायता: एग्रो क्लस्टर + डिजिटल मार्केटिंग। o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, सब्जी निर्यात। 3.    गोरखपुर मछली पालक (ICAR सहयोग):  o    सहायता: जलाशय क्षमता वृद्धि। o    अब: उत्पादकता दोगुनी, 100+ परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: प्रोजेक्ट पर दृष्टि CM योगी ने UP-AGREES को 'कृषि क्रांति का मील का पत्थर' बताया: •    लॉन्च समारोह (28 जनवरी 2025):  "UP-AGREES पूर्वांचल-बुंदेलखंड को कृषि हब बनाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार। विश्व बैंक का सहयोग सराहनीय।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "प्रोजेक्ट से किसानों की आय दोगुनी, जलवायु चुनौतियां अवसर बनेंगी। डिजिटल AGRIVERSE से Agriculture 3.0!" •    X पर योगी जी:  #UPAGREES – "कृषि से आत्मनिर्भर UP – AGREES हर किसान का साथी!" निष्कर्ष: UP-AGREES – UP कृषि का नया क्षितिज UP-AGREES ₹4,000 करोड़ से 28 जिलों में डिजिटल-जलवायु स्मार्ट कृषि लाएगा, जहां 10 लाख किसान सशक्त होंगे। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, जुड़ें – नया UP आपका इंतजार कर रहा है! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल :ODOP के साथ PMMY की शक्ति: उत्तर प्रदेश के छोटे व्यवसायियों की आर्थिक उड़ान

लखनऊ  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY), जिसे 8 अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था, आज भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की रीढ़ है। उत्तर प्रदेश में यह योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और मिशन शक्ति के साथ मिलकर लाखों कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बिना गारंटी ऋण प्रदान कर रही है। अब तक उत्तर प्रदेश में 12 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक है। योजना ने 40 लाख+ रोजगार सृजित किए हैं, और 60% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। आइए, जानें कैसे PMMY उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने में योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: तीन श्रेणियां, अनगिनत सपने PMMY के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे/सूक्ष्म उद्यम (उद्योग, सेवा, व्यापार) को बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं, और ब्याज दर बैंक के अनुसार (आमतौर पर 8-12%)। तीन श्रेणियां हैं: श्रेणी    ऋण राशि    उद्देश्य    उत्तर प्रदेश में वितरण (2025 तक) शिशु (Shishu)    ₹50,000 तक    नई इकाई शुरू करना    8.5 करोड़+ ऋण, कुल ₹45,000 करोड़ किशोर (Kishor)    ₹50,001 – ₹5 लाख    मौजूदा इकाई विस्तार    2.8 करोड़+ ऋण, कुल ₹65,000 करोड़ तरुण (Tarun)    ₹5,00,001 – ₹10 लाख    बड़े विस्तार, मशीनरी    1.2 करोड़+ ऋण, कुल ₹40,000 करोड़ •    पात्रता: 18 वर्ष से अधिक उम्र, आधार कार्ड, बैंक खाता। SC/ST/OBC/महिलाओं को प्राथमिकता। •    आवेदन: बैंक शाखा, ऑनलाइन (mudra.org.in), या UDYAM पोर्टल। •    विशेष: महिलाओं के लिए 0.25% ब्याज छूट, मुद्रा कार्ड से कार्यशील पूंजी। उत्तर प्रदेश में ODOP उत्पादों (जैसे चिकनकारी, पीतल, गुड़) के लिए मुद्रा ऋण प्राथमिकता पर दिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में PMMY का प्रभाव: आंकड़े और कहानियां •    कुल ऋण: 12.5 करोड़+ (राष्ट्रीय कुल का 20%)। •    महिला लाभार्थी: 7.5 करोड़+ (60% से अधिक)। •    ODOP से जुड़ाव: 3 लाख+ ODOP उद्यमियों को मुद्रा ऋण। •    रोजगार: 40 लाख+ नई नौकरियां, पलायन में 70% कमी। •    डिजिटल वितरण: 98% आवेदन 7 दिन में स्वीकृत (PSB59 पोर्टल)। प्रेरक कहानी: लखनऊ की रुखसार बानो – चिकनकारी से 'लाखपति दीदी' लखनऊ की रुखसार बानो (32 वर्ष) एक गृहिणी थीं, जिनके पति की दुकान बंद हो गई। मुद्रा योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी: चरण    लाभ शिशु ऋण (2020)    ₹50,000 – सिलाई मशीन, कच्चा माल किशोर ऋण (2022)    ₹3 लाख – 5 महिलाओं को प्रशिक्षण, दुकान तरुण ऋण (2024)    ₹8 लाख – ऑनलाइन स्टोर, निर्यात वर्तमान आय    मासिक ₹1.2 लाख, 25 महिलाओं को रोजगार रुखसार कहती हैं: “मुद्रा ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, सम्मान दिया। आज मेरी चिकनकारी दुबई तक पहुंच रही है। ODOP ने ब्रांड बनाया, मुद्रा ने पूंजी दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: मुद्रा को ODOP का सहयात्री योगी जी ने मुद्रा योजना को ODOP और मिशन शक्ति के साथ जोड़कर उत्तर प्रदेश मॉडल बनाया। उनके प्रमुख बयान: •    20 सितंबर 2025 (मिशन शक्ति 5.0 लॉन्च):  “मुद्रा योजना ने 12 करोड़ उत्तर प्रदेशियों को ऋण दिया। ODOP के साथ मिलकर यह लाखपति दीदी बना रही है।” •    24 जनवरी 2025 (उत्तर प्रदेश दिवस):  “2017 से पहले बैंक गरीबों के दरवाजे बंद थे। मुद्रा ने बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ दिए – यह भाजपा का गरीब कल्याण है।” •    8 फरवरी 2024 (ODOP CFC उद्घाटन):  “मुद्रा + ODOP = आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश। हमारा लक्ष्य 20 लाख मुद्रा उद्यमी 2027 तक।” योगी जी का डिजिटल और पारदर्शी शासन मुद्रा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाता है। भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: मुद्रा – आत्मनिर्भर भारत का इंजन भाजपा सरकार ने मुद्रा योजना को राष्ट्रीय क्रांति बनाया: •    राष्ट्रीय कुल: 45 करोड़+ ऋण, ₹28 लाख करोड़। •    उत्तर प्रदेश में: 20% हिस्सा, 60% महिला लाभार्थी। •    ODOP एकीकरण: 3 लाख+ ODOP इकाइयां मुद्रा से वित्तपोषित। •    महिला सशक्तिकरण: मिशन शक्ति के तहत लाखपति दीदी लक्ष्य। •    डिजिटल क्रांति: PSB Loans in 59 Minutes – 7 दिन में ऋण। यह कदम 'गरीब से उद्यमी' की यात्रा है – भाजपा की समावेशी विकास नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: मुद्रा योजना – उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्वतंत्रता का आधार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उत्तर प्रदेश को उद्यमिता का हब बनाया। रुखसार बानो जैसी लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भर हैं। योगी सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: •    2017 से पहले बैंक दरवाजे बंद – आज 12 करोड़ ऋण। •    बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ – भ्रष्टाचार मुक्त। •    60% महिला लाभार्थी – नारी शक्ति का सशक्तिकरण। •    ODOP + मुद्रा = निर्यात क्रांति – $1 ट्रिलियन लक्ष्य की ओर। •    डिजिटल, पारदर्शी, समावेशी – विश्व मॉडल। योगी सरकार ने साबित कर दिया – जब अवसर मिले, तो गरीब भी उद्यमी बनता है। मुद्रा कोई ऋण नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों का ईंधन है। आवेदन करें: mudra.org.in | निकटतम बैंक शाखा 📞 हेल्पलाइन: 1800-180-1111 🎯 #PradhanMantriMudraYojana #ODOP #YogiHaiToRojgarHai