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आम उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, प्रदेश में बागवानों को दी जाएगी नई तकनीकों की ट्रेनिंग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आम की गुणवत्ता बढ़ाने और कम लागत में अधिक फल लेने के लिए रणनीति बन रही है। बागवानों को छोटे कद वाले आमों की फसल लगाने को प्रेरित किया जाएगा। पुराने पेड़ों की छंटाई होगी, जिससे आंधी-बारिश में नुकसान कम होगा। जुलाई से प्रशिक्षण अभियान चलेगा। प्रदेश में करीब 3.25 लाख हेक्टेयर में आम के बाग हैं। ज्यादातर बागवान पेड़ों की छंटाई नहीं करते, जिससे वे 20 से 30 फीट ऊंचे हो जाते हैं। ऐसे पेड़ों पर फल की देखरेख और दवा छिड़काव में अधिक खर्च आता है। उद्यान विभाग के सर्वे में सामने आया कि 10 से 15 साल बाद ये पेड़ कम फल देते हैं। आम बागवानी प्रबंधन पर चलेगा प्रशिक्षण अभियान इस वर्ष 50 फीसदी से ज्यादा फसल आंधी-तूफान से प्रभावित हुई है। अब बागवानी विकास मिशन में छोटे कद वाले पेड़ों पर जोर दिया जाएगा। सघन बागवानी से आम के बाग में दूसरी फसलें भी ली जा सकेंगी। प्रशिक्षण अभियान लखनऊ के मलिहाबाद स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र से शुरू होकर सभी 13 आम पट्टियों में चलेगा। बौनी किस्मों की जुटा रहे जानकारी उद्यान विभाग बौनी किस्मों की जानकारी जुटा रहा है। आम्रपाली, पूसा अरुणिमा, मल्लिका, अरुणा, पूसा प्रतिभा और अवध समृद्धि को बौनी किस्में माना जाता है। सघन बागवानी में इन्हीं किस्मों के पौधे बागवानों को दिए जा रहे हैं। विभाग ने केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान सहित अन्य संस्थानों से भी जानकारी मांगी है। नई किस्मों को प्रशिक्षण केंद्रों में लगाकर उनके फायदे देखे जाएंगे। सफल होने पर उनके पौधे किसानों को बांटे जाएंगे। 18 की जगह 30 मीट्रिक टन उत्पादन औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य विशेषज्ञ कृष्ण मोहन चौधरी ने बताया कि फल न देने वाली डालों को काटकर जड़ में वर्मी कंपोस्ट डालते हैं। इससे पुराने बागों का जीर्णोद्धार होता है। कटाई सितंबर से फरवरी तक होती है; जड़ में चूना लगाने से तना छेदक कीड़े नहीं लगते। कटे हुए पेड़ में कल्ले निकलते हैं और पौधे को छतरी का आकार दिया जाता है। शोध में पहले एक हेक्टेयर में 18 मीट्रिक टन पैदावार होती थी, जो कटाई के बाद 25 से 30 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। इस विधि का प्रशिक्षण जुलाई से अगस्त तक दिया जाएगा। मशीनीकरण और निर्यात को बढ़ावा उद्यान विभाग आम के पेड़ों की कटाई-छंटाई के लिए मशीन भी उपलब्ध करा रहा है। कृषि विभाग इस मशीन पर 50 फीसदी अनुदान देगा। यह मशीन किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के जरिये संचालित होगी। इससे बागवान किराये पर कटाई-छंटाई करा सकेंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में 7 मई को आयोजित फ्रूट होराइजन 2026 में निर्यात योग्य फलों पर जोर दिया गया। उद्यान विशेषज्ञों ने छोटे पेड़ों को बढ़ावा देने की सलाह दी, जिससे देखभाल आसान होगी और कम लागत में अधिक मुनाफा मिलेगा।

हाई बीपी बना किडनी रोग का बड़ा कारण, युवाओं में तेजी से बढ़ रहा खतरा

 लखनऊ गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे करीब 80 फीसदी रोगी उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। राजधानी लखनऊ स्थित पीजीआई के गुर्दा रोग विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है। डेढ़ माह के दौरान ओपीडी में आए छह हजार मरीजों में से 4800 में उच्च रक्तचाप पाया गया। इनमें से अधिकांश को अपने बढ़े हुए रक्तचाप की जानकारी नहीं थी। नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. नारायण प्रसाद ने उच्च रक्तचाप को साइलेंट किलर बताया है। शुरुआत में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते, जिससे रोगी अनजान रहते हैं। बढ़ा हुआ रक्तचाप दिल को खून पहुंचाने वाली धमनियों को नुकसान पहुंचाता है। इससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। रोजाना लगभग 350 गुर्दा रोगी इलाज के लिए आते हैं लंबे समय तक अनियंत्रित रक्तचाप गुर्दा रोग, दिल का दौरा और मस्तिष्क आघात का खतरा बढ़ाता है। गुर्दे की बीमारी, थायराइड विकार और कुछ हार्मोन की अधिकता भी रक्तचाप बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। संस्थान के बाह्य रोगी विभाग में रोजाना लगभग 350 गुर्दा रोगी इलाज के लिए आते हैं। डॉ. नारायण प्रसाद ने बताया कि उच्च रक्तचाप के शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाती है। इससे गुर्दे की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और जानलेवा बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। तनाव खराब कर रहा युवाओं की किडनी मड़ियांव निवासी एक 40 वर्षीय युवक की दोनों गुर्दे लंबे समय तक अनियंत्रित रक्तचाप के कारण खराब हो गए। वह अब हफ्ते में एक या दो बार डायलिसिस करवा रहा है। इसी तरह, अस्पतालों में 30 से 45 वर्ष तक के युवाओं में उच्च रक्तचाप के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इस आयु वर्ग में कई लोगों में गुर्दे संबंधी बीमारियां भी बढ़ रही हैं। ये हैं कारण गुर्दा रोग, हार्मोनल और थायराइड विकार, मोटापा, गर्भावस्था तथा बिना डॉक्टर की सलाह दवाओं का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। बचाव के उपाय     रोजाना पांच ग्राम से ज्यादा नमक न खाएं और नियमित कसरत करें।     रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे को काबू में रखें।     धूम्रपान व शराब से दूरी बनानी चाहिए। ओपीडी में आ रहे 40 फीसदी युवा केजीएमयू नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विश्वजीत ने बताया कि पिछले पांच से दस वर्षों में युवाओं में हाइपरटेंशन के मामलों में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि देखी गई है। ओपीडी में रोज 150 मरीज आते हैं। इसमें से करीब 50 फीसदी से अधिक हाइपरटेंशन के मरीज होते हैं। इसमें 30 से 40 प्रतिशत मरीज 25 से 40 वर्ष के बीच में होते हैं। बड़ी संख्या में लोगों को यह पता ही नहीं चलता कि उन्हें हाई बीपी है। धिक स्क्रीन टाइम से भी बढ़ रही बीपी डॉ. विश्वजीत ने बताया लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल और एड्रेनालिन ज्यादा रिलीज होते हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। कम नींद और शारीरिक गतिविधि की कमी भी जोखिम बढ़ा रही है। इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज लगातार सिर दर्द, चक्कर आना, सांस फूलना, धुंधला दिखाई देना, थकान, बेचैनी और सीने में दर्द।

लखनऊ: एलडीए की एकमुश्त समाधान योजना में आवंटियों को मिली छूट, 11 लोग सम्मानित

लखनऊ राजधानी लखनऊ में एलडीए की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) आवंटियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। शनिवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ओटीएस के सफल आवेदकों को पारिजात सभागार में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस योजना का एक बड़ा लाभ सीतापुर रोड के आवंटी शिव प्रताप सिंह को मिला। समय पर भुगतान न होने के कारण चक्र वृद्धि और दंड ब्याज मिलाकर उनका बकाया 2.36 करोड़ रुपये हो गया था। ओटीएस में आवेदन करने पर उन्हें ब्याज माफी के साथ 37 लाख रुपये की सीधी छूट मिली। इसी तरह गोमती नगर की मंजू सोनी को 67 हजार रुपये और बसंत कुंज योजना की चेतना को 58 हजार रुपये की राहत मिली। सकारात्मक सहभागिता के लिए ऐसे 11 आवंटियों को सम्मानित किया गया। यह योजना 18 अप्रैल से शुरू हुई थी और 17 जुलाई तक चलेगी। अब तक 573 आवंटियों ने आवेदन किया है। इसके सापेक्ष 31.18 करोड़ रुपये की डिमांड जनरेट की गई है। वित्त नियंत्रक दीपक सिंह के अनुसार, प्राधिकरण भवन के कमेटी हॉल में विशेष हेल्प डेस्क बनाई गई है।  

योगी सरकार का डेयरी मास्टर प्लान : 2 से 25 गाय तक लाखों का अनुदान, किसानों को सीधा फायदा

साहीवाल, गिर, गंगातीरी, सिंधी नस्लों के संरक्षण पर फोकस, डेयरी सेक्टर में बड़ा विस्तार उच्च गुणवत्ता एवं उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गाय पालने के लिए मिल रहा प्रोत्साहन 15 फीसदी निवेश, 35 फीसदी ऋण और 50% मिल रही सब्सिडी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में स्वदेशी गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा डेयरी मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में चार बड़ी योजनाओं को लागू किया गया है, जिनके जरिए स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है। योगी सरकार की इस रणनीति को ‘ऑपरेशन-4’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसके केंद्र में चार प्रमुख योजनाएं हैं। इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए 2 गाय से लेकर 25 गाय तक की डेयरी इकाइयों पर लाखों रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। 50 फीसदी तक सब्सिडी, किसानों को बड़ा सहारा पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है। नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में डेयरी स्थापना और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 50 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है। योजनाओं का वित्तीय मॉडल भी खास है। इसमें 15 फीसदी लाभार्थी निवेश, 35 फीसदी बैंक ऋण और 50 फीसदी सरकारी सब्सिडी तक का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय शुरू करना आसान हो रहा है। 2 गाय पर 80 हजार तक अनुदान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत दो गायों की इकाई पर अधिकतम 80 हजार रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे प्रदेश में बड़े स्तर पर आधुनिक डेयरी नेटवर्क विकसित होगा। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च गुणवत्ता एवं अधिक दूध देने वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने वाले पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे बेहतर नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। गिर, साहीवाल और गंगातीरी नस्ल पर विशेष फोकस योगी सरकार का फोकस गिर, साहीवाल और गंगातीरी जैसी उन्नत स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर है। इन योजनाओं से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार, गांव-गांव बढ़ रहा डेयरी नेटवर्क पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार की स्वदेशी गो आधारित योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के तहत डेढ़ हजार से अधिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जबकि प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में सवा सात हजार से ज्यादा पुरस्कार वितरित किए गए हैं। वहीं नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में 72 और मिनी नन्दिनी योजना में 245 डेयरी इकाइयों की स्थापना कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा रही है।

योगी सरकार के एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पार्क बदल रहे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर

वेयरहाउसिंग, एग्री-लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस से निवेशकों का बढ़ा भरोसा लीड्स 2025 में “एग्जम्पलर” सम्मान के साथ यूपी ने बनाई राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान लखनऊ,  पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तेजी से विकसित हो रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क अब प्रदेश की नई आर्थिक ताकत बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, एयरपोर्ट और वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ऐसा व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसने उत्तर प्रदेश को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि प्रतिष्ठित लीड्स 2025 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को “एग्जम्पलर” श्रेणी में स्थान मिला है। अन्य लैंडलॉक राज्यों से बेहतर रहा प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सेवाओं, रेगुलेटरी वातावरण और डिजिटल सिस्टम जैसे प्रमुख मानकों पर उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत और अन्य लैंडलॉक राज्यों से बेहतर रहा है। सड़क, रेल, एयरपोर्ट, टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर और फर्स्ट एवं लास्ट माइल कनेक्टिविटी में हुए सुधारों ने प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना दिया है। योगी सरकार द्वारा विकसित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और प्रमुख औद्योगिक शहरों से जोड़ रहे हैं। इससे माल परिवहन तेज हुआ है और उद्योगों को सप्लाई चेन में बड़ी सहूलियत मिल रही है। मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मिल रही मजबूती प्रदेश की रणनीतिक स्थिति को ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने और मजबूत किया है। ग्रेटर नोएडा के दादरी में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत से विकसित हो रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब उत्तर भारत में कार्गो, कंटेनर मूवमेंट और वेयरहाउसिंग का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। वहीं बोराकी रेलवे स्टेशन पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तथा कानपुर, गोरखपुर और टप्पल-बजना में नए लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जा रहे हैं। यही नहीं, गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स विकसित करने की योजना है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। एग्री-लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर का भी तेजी से विस्तार प्रदेश में एग्री-लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। मल्टी-कमोडिटी कूलिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं कृषि उत्पादों की स्टोरेज और वितरण व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। ई-कॉमर्स, रिटेल, फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट आधारित उद्योगों के लिए समर्पित वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर भी उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन और कार्गो गेटवे के रूप में उभर रहा है। एयरपोर्ट की एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर से सीधी कनेक्टिविटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम तैयार कर रही है। इसके साथ ही वाराणसी मल्टीमॉडल टर्मिनल और इनलैंड वाटरवे नेटवर्क के जरिए नदी आधारित लॉजिस्टिक्स को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे कम लागत वाले कार्गो परिवहन और मल्टीमॉडल फ्रेट इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल सिस्टम और निवेश सुधारों से बढ़ा भरोसा प्रदेश सरकार ने लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो सिस्टम और जीआईएस आधारित डिजिटल प्लानिंग टूल्स के जरिए अनुमोदन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। राज्य में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में हजारों करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं। लीड्स 2025 में मिली यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब केवल एक लैंडलॉक राज्य नहीं, बल्कि भारत की भविष्य की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में बोले सीएम योगी

संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर देश की एकता-अखंडता के लिए कार्य करता है भाजपा कार्यकर्ता गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी, डीएमके या ऐसे ही भ्रष्टाचार में डूबे अन्य दलों के आचरण को सम्मान नहीं देता है। भाजपा कार्यकर्ता को समाज में सम्मान इसलिए मिलता है कि इस पार्टी के कार्यकर्ता में राष्ट्रवाद और भारतीयता का आचरण मिलता। भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए शुचिता और पारदर्शिता से आचरण और तदनुरूप कार्य करता है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र स्थित तेनुआ टोल प्लाजा के समीप एक रिजॉर्ट में भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की जिला इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संस्कृति, सुशासन और समृद्धि को जोड़ने का काम करने वाली भाजपा एकलौती पार्टी है। केंद्र और भाजपा की राज्य सरकारों ने इसी को अपने कार्यक्रमों का आधार बनाया है। भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय ‘भाजपा का इतिहास और विकास’ विषय पर केंद्रित जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थापना के 50 वर्ष से भी कम समय में भाजपा ने दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में केंद्र और देश के 22 राज्यों में राष्ट्रवाद की विचारधारा को लागू करने के अभियान को आगे बढ़ाया है। भाजपा देश ही नहीं दुनिया का एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने हमेशा और मजबूती से यह घोषणा की है कि राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय और व्यक्ति का हित अंतिम होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव से पार्टी के संस्थापकों ने जो मूल्य, आदर्श और संस्कार दिए हैं, उन्हीं का अनुसरण करते हुए कार्यकर्ता जब राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो देश ही नहीं दुनिया के भारतवंशियों के सामने पार्टी के रूप में सिर्फ भाजपा का ही चेहरा और कमल का फूल चुनाव निशान सामने होता है। संविधान ठीक से लागू भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने शुरू कर दिया तुष्टिकरण का खेल सीएम योगी ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान निर्मित हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अंगीकार किया। देश में संसदीय प्रणाली लागू हुई। पर, अभी पहला आम चुनाव भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण के जिन कारणों से देश का विभाजन हुआ था, उसे ही फिर से भारत की राजनीति का हिस्सा बनाना प्रारंभ कर दिया। अभी संविधान ठीक ढंग से लागू होना प्रारंभ ही नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण का खेल प्रारंभ किया। सीएम योगी ने कहा कि तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लगा कि एक ऐसा दल गठित करना चाहिए जो भारत की राष्ट्रीयता और बेहतर भविष्य के लिए कार्ययोजना बनाने में योगदान दे सके। तब भारत सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के लिए लड़ने वाले, वीर बलिदानी, महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में यह जिम्मेदारी दी गई। डॉ. मुखर्जी ने कांग्रेस के संविधान विरोधी कृत्य के खिलाफ उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के न चाहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने देश से विश्वासघात करते हुए कश्मीर में धारा 370 और परमिट सिस्टम लागू कर दिया। इसके खिलाफ सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज उठाई। उस समय उन्होंने कहा था कि एक देश मे दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नही चलेंगे। जब सरकार नहीं मानी तो वे इस अनैतिक, भारत विरोधी, संविधान विरोधी कृत्य का विरोध करने कश्मीर गए। कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विश्वासघात कर जेल में उनकी हत्या करवा दी गई। दीनदयाल उपाध्याय ने की अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की वकालत मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानों की यह परंपरा आगे बढ़ती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का गुरुतर दायित्व दिया गया। पंडित उपाध्याय एक ऐसे विचारक थे जिन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए भी शासन की योजनाओं का लाभ देने की बात कही, उसकी वकालत की। पंडित उपाध्याय ने कहा था कि समृद्धि का आधार ऊंचे पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं हो सकता। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के चेहरे पर खुशहाली ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार होना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ भी विश्वासघात हुआ और उनकी असमय मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 में जब पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ तो उसका श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। सीएम ने कहा कि जनसंघ का प्रवेश जब अटल-आडवाणी युग में होता है तो देश में लोकतंत्र बचाने के लिए इसका विलय जनता पार्टी में कर दिया जाता है। जनता पार्टी सरकार का प्रयोग पूरी तरह सफल नहीं हो पाया तो उसके अनेक कारण थे। पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए पार्टी संस्थापकों के विचार मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में होता है। गठन के उपरांत 1985 के संसदीय चुनाव में भाजपा के मात्र दो सांसद जीते थे। आज देश ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का उदय दुनिया के अंदर कहीं और नहीं देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों ने स्थापना काल में जो कुछ सोचा था, पिछले 11 वर्ष के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह सब कुछ साकार हुआ है। अध्यक्ष, सीएम और पीएम तक बन सकता है भाजपा कार्यकर्ता सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र मजबूत होना चाहिए। परिवारवाद, क्षेत्रवाद, मत और मजहब से ऊपर उठकर हमें देश के बारे में सोचना चाहिए। भाजपा यही करती है। उन्होंने कहा कि अकेले भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसमें एक बूथ का अध्यक्ष भी एक समय पार्टी का प्रदेश और देश का … Read more

गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- बूथ जीता तो चुनाव जीता

गोरखपुर  उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हैं। इस बीच रविवार को गोरखपुर में भाजपा की जिला इकाई द्वारा आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंच गए। सीएम योगी ने इस मौके पर कार्यकर्ताओं को उत्साह से भरते हुए जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा में हो सकता है कि कोई बूथ अध्यक्ष पार्टी का प्रदेश या राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाए। वह मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री तक बन सकता है। कारण, यहां पर परिवार नहीं बल्कि पार्टी और कार्यकर्ता मायने रखता है। सीएम ने कहा कि समाज कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी, डीएमके या ऐसे ही भ्रष्टाचार में डूबे अन्य दलों के आचरण को सम्मान नहीं देता है। भाजपा कार्यकर्ता को समाज में सम्मान इसलिए मिलता है कि इस पार्टी के कार्यकर्ता के आचरण में राष्ट्रवाद और भारतीयता का भाव है। भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए शुचिता और पारदर्शिता से आचरण और तदनुरूप कार्य करता है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र स्थित तेनुआ टोल प्लाजा के समीप एक रिजॉर्ट में भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की जिला इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संस्कृति, सुशासन और समृद्धि को जोड़ने का काम करने वाली भाजपा एकलौती पार्टी है। केंद्र और भाजपा की राज्य सरकारों ने इसी को अपने कार्यक्रमों का आधार बनाया है। भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय ‘भाजपा का इतिहास और विकास’ विषय पर केंद्रित जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थापना के 50 वर्ष से भी कम समय में भाजपा ने दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में केंद्र और देश के 22 राज्यों में राष्ट्रवाद की विचारधारा को लागू करने के अभियान को आगे बढ़ाया है। भाजपा देश ही नहीं दुनिया का एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने हमेशा और मजबूती से यह घोषणा की है कि राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय और व्यक्ति का हित अंतिम होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव से पार्टी के संस्थापकों ने जो मूल्य, आदर्श और संस्कार दिए हैं, उन्हीं का अनुसरण करते हुए कार्यकर्ता जब राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो देश ही नहीं दुनिया के भारतवंशियों के सामने पार्टी के रूप में सिर्फ भाजपा का ही चेहरा और कमल का फूल चुनाव निशान सामने होता है। संविधान ठीक से लागू भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने शुरू कर दिया तुष्टिकरण का खेल सीएम योगी ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान निर्मित हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अंगीकार किया। देश मे संसदीय प्रणाली लागू हुई। पर, अभी पहला आम चुनाव भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण के जिन कारणों से देश का विभाजन हुआ था, उसे ही फिर से भारत की राजनीति का हिस्सा बनाना प्रारंभ कर दिया। अभी संविधान ठीक ढंग से लागू होना प्रारंभ ही नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण का खेल प्रारंभ किया। सीएम योगी ने कहा कि तब राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ को लगा कि एक ऐसा दल गठित करना चाहिए जो भारत की राष्ट्रीयता और बेहतर भविष्य के लिए कार्ययोजना बनाने में योगदान दे सके। तब भारत सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के लिए लड़ने वाले, वीर बलिदानी, महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में यह जिम्मेदारी दी गई। डॉ. मुखर्जी ने कांग्रेस के संविधान विरोधी कृत्य के खिलाफ उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के न चाहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने देश से विश्वासघात करते हुए कश्मीर में धारा 370 और परमिट सिस्टम लागू कर दिया। इसके खिलाफ सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज उठाई। उस समय उन्होंने कहा था कि एक देश मे दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नही चलेंगे। जब सरकार नहीं मानी तो वे इस अनैतिक, भारत विरोधी, संविधान विरोधी कृत्य का विरोध करने कश्मीर गए। कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विश्वासघात कर जेल में उनकी हत्या करवा दी गई। दीनदयाल उपाध्याय ने की अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की वकालत मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानों की यह परंपरा आगे बढ़ती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का गुरुत्तर दायित्व दिया गया। पंडित उपाध्याय एक ऐसे विचारक थे जिन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए भी शासन की योजनाओं का लाभ देने की बात कही, उसकी वकालत की। पंडित उपाध्याय ने कहा था कि समृद्धि का आधार ऊंचे पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं हो सकता। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के चेहरे पर खुशहाली ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार होना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ भी विश्वासघात हुआ और उनकी असमय मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1967 में जब पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ तो उसका श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। सीएम ने कहा कि जनसंघ का प्रवेश जब अटल-आडवाणी युग में होता है तो देश में लोकतंत्र बचाने के लिए इसका विलय जनता पार्टी में कर दिया जाता है। जनता पार्टी सरकार का प्रयोग पूरी तरह सफल नहीं हो पाया तो उसके अनेक कारण थे। पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए पार्टी संस्थापकों के विचार मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में होता है। गठत के उपरांत 1985 के संसदीय चुनाव में भाजपा के मात्र दो सांसद जीते थे। और, आज देश ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का उदय दुनिया के अंदर कहीं नहीं देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों ने स्थापना … Read more

लखनऊ कचहरी में बवाल: बुलडोजर कार्रवाई के बीच वकीलों पर पुलिस का लाठीचार्ज

लखनऊ राजधानी लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर रविवार को बुलडोजर चला। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई। नगर निगम, पुलिस व जिला प्रशासन की टीमों ने सुबह से ही इन्हें तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस-प्रशासन से उनकी बहस भी हुई। इस दौरान हंगामा कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं दूसरी तरफ एक वकील ने खुद को चैंबर में बंद कर लिया। उसने कहा कि हमे कोई नोटिस नहीं मिली है। सिर्फ चैंबर तोड़े जा रहे हैं। उसने चैंबर के अंदर फांसी लगाने की कोशिश की।   एक महिला वकील ने कहा कि कुछ कुछ लोगों की मिलीभगत से यह सब गलत हो रहा है। जिस जगह पर हमारे वकील बैठते थे, उस जगह को हटाया जा रहा है। अगर वे सभी चैंबर्स को गिराने से पहले बैठने के लिए कोई दूसरी जगह दे देते, तो यह ज़्यादा सही होता। उन लोगों के चैंबर्स भी गिरा दिए, जिन्हें गिराने के लिए निशान भी नहीं लगाए गए थे। 72 चैंबर्स की पहचान की गई थी। उन्हें गिराने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था। लेकिन, उन्होंने उन खास चैंबर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय, आम लोगों के चैंबर्स हटा दिए।   बताते चलें कि हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन व कचहरी के आसपास बने वकीलों के 240 अवैध चैंबर तोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस चस्पा किए थे। वकीलों को खुद अवैध चैंबर हटाने के लिए वक्त भी दिया था। इसकी मियाद पूरी होने के बावजूद इन चैंबरों को नहीं हटाया गया। इस पर बुलडोजर चलाया गया। वकीलों के हंगामे के आसार के मद्देनजर पीएसी बल भी तैनात की गई है।   इससे पहले नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे की सड़क पर, सदर तहसील व निबंधन कार्यालय, रेजिडेंसी से सीएमओ, स्वास्थ्य भवन से जिला सत्र न्यायालय की ओर सड़क पर अवैध चैंबर बनाए गए हैं। इन पर कार्रवाई होगी। हालांकि, इससे पहले ही कुछ वकीलों ने कब्जा छोड़ दिया है। जिन लोगों ने सड़क, फुटपाथ, नाले-नालियों पर कब्जा कर चैंबर व फोटो कॉपी की दुकानें बनाई हैं, उनमें अधिकतर प्रभावी लोग हैं। गत वर्ष अक्तूबर में भी नगर निगम व पुलिस ने यहां 20 अवैध चैंबर तोड़े थे, लेकिन बाद में इन्हें फिर बना लिया गया।

गोमती नगर एक्सटेंशन केस में बड़ी कार्रवाई, होटल-सैलून और संपत्ति पहले ही सीज

गोमती नगर लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह सुसाइड केस में प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बिजनेसमैन शरद सिंह के अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाया। अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। इससे पहले प्रशासन शरद सिंह के होटल, सैलून और तीन कारों को भी सीज कर चुका है। मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सुसाइड से पहले रोते हुए वीडियो बनाया था गोरखपुर निवासी रत्ना सिंह ने 12 मई को गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार विस्टा अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो बनाया था, जिसमें बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी सिंह, मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। रत्ना ने वीडियो में कहा था कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसकी वजह से वह यह कदम उठाने को मजबूर हो रही है। पुलिस अभी तक एक आरोपी को दबोचा रत्ना के पिता सुधीर सिंह की शिकायत पर गोमतीनगर विस्तार थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने सिर्फ एक आरोपी मंगलनाथ यादव को गिरफ्तार किया, जो शरद सिंह के होटल में काम करता था। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। सीएम योगी से मिले थे पीड़िता के पिता 15 मई को रत्ना के पिता ने सीएम योगीसे मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद 16 मई को उन्होंने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई से बच रहा है और पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और उनकी गिरफ्तारी के लिए छह टीमें गठित की गईं। लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

‘जूते साफ कराऊंगा’ बयान पर कोर्ट का फैसला, आजम खान को सजा सुनाई गई

उत्तर प्रदेश  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अदालत ने दो साल की सजा सुनाई है। यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। आजम खां को दोषी करार दिया एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए आजम खां को दोषी करार दिया। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में यह एक और सजा है। अब तक 16 मामलों में फैसला आ चुका है, जिनमें से आठ में उन्हें सजा मिली है, जबकि आठ मामलों में वह बरी हो चुके हैं।