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डॉ. रश्मि कुमार की वापसी से 220 बिस्तर अस्पताल में मातृ सेवाओं को मिली नई मजबूती

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले के 220 बिस्तर अस्पताल मनेंद्रगढ़ के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। निजी कारणों से अवकाश पर चल रही वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि कुमार ने पुनः अपना कार्यभार संभाल लिया है। उनकी वापसी से अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नया विस्तार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। डॉ. रश्मि कुमार के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ अब फिर से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को मिलेगा। अपने पूर्व कार्यकाल में उन्होंने जटिल प्रसव और स्त्री रोग से जुड़े मामलों का सफलतापूर्वक उपचार कर मरीजों का भरोसा जीता था, जिससे अस्पताल की सेवाओं पर विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि डॉ. रश्मि कुमार की वापसी से प्रसूति सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा। अब सामान्य प्रसव के साथ-साथ जटिल मामलों का भी बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम पड़ेगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने भी उनकी वापसी पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि मातृ मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। स्थानीय नागरिकों और मरीजों ने भी डॉ. रश्मि कुमार की वापसी का स्वागत किया है। अस्पताल में लगातार सुविधाओं के विस्तार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, और उनकी पुनः तैनाती से इस दिशा में और सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

गौठान से बदली तस्वीर: धोवाताल बना आत्मनिर्भर मॉडल गांव, पलायन पर लगी रोक

गौठान से बदली तस्वीर: धोवाताल बना आत्मनिर्भर मॉडल गांव, पलायन पर लगी रोक मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र का छोटा सा गांव धोवाताल आज आत्मनिर्भरता और सामूहिक प्रयास की मिसाल बनकर उभर रहा है। जहां कई स्थानों पर गौठान योजनाएं निष्क्रिय हैं, वहीं इस गांव की 60 महिलाओं ने गौठान को किराए पर लेकर उसे आजीविका के सशक्त केंद्र में बदल दिया है। लगभग 150 घरों और 510 की आबादी वाले इस गांव में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने आर्थिक बदलाव की नई कहानी लिखी है। पांच समूहों ने संभाली जिम्मेदारी गांव में पांच महिला समूह मिलकर विभिन्न आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। बजरंगबली समूह बकरी पालन, सिद्धबाबा समूह मुर्गी पालन, महिला सशक्तिकरण समूह किराना दुकान, सीता महिला समूह बहुआयामी गतिविधियों (सुअर, बटेर व मछली पालन) तथा दुर्गा महिला समूह किराना व मनिहारी दुकान संचालित कर रहे हैं। इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। सहायता राशि को बनाया निवेश महिलाओं को क्लस्टर स्तर से मिली 60-60 हजार रुपये की सहायता राशि को खर्च करने के बजाय व्यवसाय में निवेश किया गया। आज उनके उत्पाद स्थानीय हाट-बाजारों के साथ-साथ मध्यप्रदेश तक पहुंच रहे हैं, जिससे आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं। पलायन पर लगी रोक इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव गांव में पलायन रुकने के रूप में सामने आया है। जो युवा पहले रोजगार की तलाश में रायपुर, गुजरात और मेरठ जैसे शहरों की ओर जाते थे, अब उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। NRLM से मिली दिशा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से मिले मार्गदर्शन और सहयोग ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई। समूह की महिलाओं का कहना है कि अब पशुपालन और दुकान संचालन से उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। युवाओं को मिला स्थानीय रोजगार गांव के युवाओं ने बताया कि अब उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। गांव में ही काम मिलने से आय के साथ संतोष भी मिल रहा है। प्रशासन ने सराहा पहल ग्राम सरपंच गोकुल प्रसाद परस्ते ने बताया कि गौठान आधारित गतिविधियों से गांव में आर्थिक समृद्धि आई है और पलायन पर प्रभावी रोक लगी है। जनपद भरतपुर के अधिकारियों ने भी धोवाताल मॉडल को प्रेरणादायक बताया है। प्रेरणादायक बना धोवाताल धोवाताल की यह पहल दर्शाती है कि सही दिशा, सामूहिक प्रयास और संसाधनों के बेहतर उपयोग से किसी भी गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।

आत्मानंद स्कूल में एडमिशन की शुरुआत: सीमित सीटों पर लॉटरी से मिलेगा मौका

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मनेंद्रगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित इस विद्यालय में इच्छुक छात्र-छात्राएं अब निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं। जारी सूचना के अनुसार प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 5 मई 2026 को शाम 5:00 बजे तक जारी रहेगी। अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए अभिभावक CGSchool Portal के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विद्यालय द्वारा जारी सीटों के विवरण के अनुसार कक्षा 1वीं में 50 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं कक्षा 3वीं, 4वीं और 5वीं में 1-1 सीट, कक्षा 7वीं में 2 सीटें तथा कक्षा 8वीं में 6 सीटें रिक्त हैं। इसके अलावा कक्षा 11वीं में कॉमर्स, जीव विज्ञान और गणित संकायों में 5-5 सीटें निर्धारित की गई हैं। सभी कक्षाओं में बालक एवं बालिकाओं के लिए समान रूप से प्रवेश की सुविधा उपलब्ध रहेगी। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कक्षा में उपलब्ध सीटों से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो पात्र अभ्यर्थियों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसकी सूचना अभ्यर्थियों को पूर्व में ही दे दी जाएगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को बढ़ावा देने और क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने की दिशा में यह पहल अहम मानी जा रही है।

विकास के मार्ग पर श्रमिकों का योगदान, श्रमिक सम्मेलन में योजनाओं की सौगात से बढ़ी उम्मीदें

रायपुर : विकास की नींव रखने वाले हाथों का सम्मान, श्रमिक सम्मेलन में योजनाओं की सौगात से खिले श्रमिकों के चेहरे रायपुर  जगदलपुर के स्थानीय वीर सावरकर भवन में  निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विकास की रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिकों का न केवल सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस सम्मेलन में समूचे जिले के सुदूर अंचलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उनकी उत्साहजनक उपस्थिति से सराबोर नजर आया।        कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बस्तर महेश कश्यप और नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्रमिकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रमिक केवल मजदूरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का आधार है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। कश्यप ने शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न 31 योजनाओं की जानकारी और अन्य सुरक्षा योजनाओं के लाभ पर जोर देते हुए कहा कि हर श्रमिक का पंजीकरण होना अनिवार्य है ताकि शासन की मदद उन तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।        मंच से जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों द्वारा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित किए गए, जिसे पाकर श्रमिकों के चेहरों पर संतोष और खुशी के भाव स्पष्ट नजर आए। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता मौके पर ही समाधान की रही, जहाँ श्रम विभाग द्वारा लगाए गए विशेष पंजीकरण शिविरों के माध्यम से नए श्रमिकों का तत्काल पंजीयन किया गया। श्रम पदाधिकारी भूपेंद्र नायक ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बस्तर के उन मेहनतकश लोगों को विभागीय योजनाओं के दायरे में लाना है जो अब तक जागरूकता के अभाव में लाभ से वंचित थे। इस सार्थक प्रयास से बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक भी अब सरकार की कल्याणकारी नीतियों से सीधे जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

आंगनबाड़ी केवल पोषण नहीं, संस्कार निर्माण की पाठशाला बने – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : आंगनबाड़ी केवल पोषण नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की पाठशाला बने : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आंगनबाड़ी केवल पोषण नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की पाठशाला बने रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें ‘संस्कार निर्माण की पाठशाला’ के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 3 से 6 वर्ष की आयु बच्चों के सर्वांगीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, जिसमें दिए गए संस्कार जीवनभर उनकी सोच और व्यवहार को दिशा देते हैं। आंगनबाड़ी केवल पोषण नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की पाठशाला बने : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री श्रीमती राजवाड़े अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में राज्य शैक्षणिक अनुसंधान केंद्र के ईसीसीई के राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन एवं विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर रही थीं। बैठक में प्रदेश के 52,518 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को संस्कारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए ठोस पहल करने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे का पहला विद्यालय उसका घर और आंगनबाड़ी होता है, इसलिए यहां दी जाने वाली शिक्षा में भारतीय जीवन मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। संस्कारपरक शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही बड़ों का सम्मान, सत्य बोलना, स्वच्छता, अनुशासन, प्रकृति प्रेम तथा ‘धन्यवाद’ और ‘क्षमा’ जैसे व्यवहारिक गुणों का विकास करना है। मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में इस प्रकार की शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कई व्यवहारिक सुझाव दिए। उन्होंने दिन की शुरुआत प्रार्थना, योग और प्राणायाम से करने, पंचतंत्र एवं लोककथाओं के माध्यम से नैतिक शिक्षा देने, त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के जरिए सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने, तथा दैनिक व्यवहार में ‘नमस्ते’, स्वच्छता और अनुशासन को शामिल करने पर बल दिया। साथ ही बच्चों में श्रम के प्रति सम्मान और प्रकृति प्रेम विकसित करने के लिए पौधारोपण एवं स्वच्छता जैसे छोटे-छोटे कार्यों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की बात कही। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महीने में ‘संस्कार सभा’ आयोजित कर माता-पिता को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा जाए, ताकि घर और आंगनबाड़ी दोनों स्थानों पर बच्चों को समान वातावरण मिल सके। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इस पहल से बच्चों में आत्मविश्वास, भाषा कौशल और सामाजिक व्यवहार का विकास होगा, साथ ही कुपोषण के साथ ‘चरित्र पोषण’ भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि संस्कारित बच्चे आगे चलकर अनुशासित विद्यार्थी और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं, जिससे समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ‘दूसरी माँ’ की भूमिका निभाते हुए बच्चों को प्रेमपूर्वक संस्कार देने का आह्वान किया। वर्तमान सामाजिक परिवेश में बढ़ती सामाजिक बुराइयों और मानवीय मूल्यों में गिरावट को देखते हुए उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को ‘संस्कार-केन्द्र’ के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

मई-जून में संभावित स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज

रायपुर : आगामी मई -जून माह में संभावित स्थानीय निकायो के आम/उप चुनाव के दृष्टिगत मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियां तेज त्रुटिरहित एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें प्रेक्षक : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई जून-2026 की तैयारियों को गति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में आज निर्वाचक नामावली प्रेक्षकों की ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की।राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए तथा सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने पुनरीक्षण कार्य की सघन निगरानी और प्रभावी सुपरविजन पर विशेष बल दिया। बैठक में आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए 01 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले तथा भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा मतदाता सूची में शामिल नागरिक ही स्थानीय चुनाव में मतदाता बनने के पात्र होंगे। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इसके पश्चात 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 27 अप्रैल 2026 तक उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा बताया गया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।  बैठक में रिक्त पदों की जानकारी भी साझा की गई। नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4पद एवं 60 पार्षद के पदों पर आम निर्वाचन तथा अध्यक्ष के 4 पद एवं 17 पार्षद पदों पर उप निर्वाचन प्रस्तावित है। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करें तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

रायपुर : महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल

रायपुर : महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल रायपुर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी तेजी से अग्रसर हो रही हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। अब तक 26 किश्तों का 16 हजार 240 करोड़ रूपए का भुगतान पात्र हितग्राही महिलाओं को किया जा चुका है। इस योजना की नियमित किस्त मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह आर्थिक रूप से सक्षम हुई है।  कोरबा शहर के पोड़ीबहार निवासी श्रीमती श्यामा प्रजापति इसकी एक उदाहरण हैं। श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है। पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि नियमित सहायता से उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी मिला है। यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए सहारा बनी है। श्रीमती प्रजापति ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने महिलाओं को समाज में सशक्त पहचान दिलाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।

डॉ धर्मजीत सिंह के नेतृत्व में मनाया गया जिला उपाध्यक्ष निलेश ठाकुर का जन्मदिवस, छत्तीसगढ़ में धूम

छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट विधायक डॉ धर्मजीत सिंह के नेतृत्व में मनाया गया जिला उपाध्यक्ष निलेश ठाकुर का जन्मदिवस  बिलासपुर  बिलासपुर में संगठनात्मक एकता और जनसेवा की भावना का शानदार उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब जिला उपाध्यक्ष निलेश ठाकुर का जन्मदिवस अत्यंत भव्य, गरिमामय और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस आयोजन का नेतृत्व क्षेत्र के लोकप्रिय एवं उत्कृष्ट विधायक डॉ धर्मजीत सिंह ने किया, जबकि जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता का विशेष सहयोग कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण रहा। जन्मदिवस समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत केक काटने और पुष्पगुच्छ भेंट कर की गई, जिसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने निलेश ठाकुर को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डॉ धर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि निलेश ठाकुर एक ऊर्जावान, समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने संगठन को मजबूत करने और जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा नेतृत्व ही पार्टी की असली ताकत हैं और इनके प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हो पाता है। जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन और सक्रिय सहयोग से आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि निलेश ठाकुर का कार्यशैली, अनुशासन और जनता के प्रति समर्पण अन्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए निलेश ठाकुर के व्यक्तित्व और उनके संगठनात्मक योगदान की सराहना की। सभी ने एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। अंत में निलेश ठाकुर ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं विशेष रूप से डॉ धर्मजीत सिंह और वैभव गुप्ता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो स्नेह और समर्थन मिला है, वह उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ जनता की सेवा करते रहेंगे। यह जन्मदिवस समारोह केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकता, सेवा भावना और जनहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।

अक्षय तृतीया से पहले बाल विवाह पर सख्ती, डॉ. वर्णिका शर्मा के सख्त निर्देश

रायपुर.  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा दिनांक 10-04-2026 को आगामी 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया पर्व के परिप्रेक्ष्य में ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं जिलों में बाल विवाह की रोकथाम संबंधी सक्रियता बढ़ाये जाने के आशय से आयोग कार्यालय में अपरान्ह 02ः00 से 05ः00 बजे तक एक वीडियो काॅन्फ्रेसिंग का आयोजन किया गया । वीडियो काॅफे्रेसिंग में आयोग की माननीय अध्यक्ष महोदया डाॅ. वर्णिका शर्मा, श्रीमती संगीता बिन्द सहायक संचालक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सर्व जिला कार्यक्रम अधिकारी, सर्व जिला बाल संरक्षण अधिकारियों ने प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में बाल विवाह की रोकथाम पर जिलेवार जानकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा प्राप्त हुई । डाॅ. वर्णिका शर्मा द्वारा समस्त जिलों से मुख्य बिन्दुओं यथा बाल विवाह के संबंध में मुनादी, संबंधितों को आवश्यक निर्देश पत्र जारी किये जाने, कार्यवाही हेतु टीम का गठन कर उसे सक्रिय किये जाने, बाल विवाह की रोकथाम हेतु पूर्व जागरूकता संबंधी कार्यवाही यथा बैठक, प्रचार-प्रसार की रणनीति एवं नवाचारों पर प्रतिभागियों से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में संवाद किया गया ।   वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में विभिन्न जिलों के अधिकारियों द्वारा बाल विवाह संबंधी रोकथाम हेतु टीम का गठन किये जाने तथा मार्च एवं अप्रैल माह के शुरूआत में ग्राम पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों में बैठक का आयोजन किये जाने, प्रचार प्रसार हेतु दीवालों पर लेखन, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह को रोके जाने पर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से किये गये कार्यों से अवगत कराया गया।   संबंधित वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में नवाचारों पर कांकेर जिले से ’’मेरी आवाज सुनो’’ जिसमें 17-18 वर्ष की आयु की बालिकाओं द्वारा अपने मन की बात खुलकर रखने एवं अपनी समस्याओं को व्यक्त करने के सशक्त मंच प्रदान करने संबंधी नवाचारी कैम्पेन के माध्यम से सराहनीय कार्य हो रहा है। इस नवाचार के जरिए बालिकाओं में जागरूकता एवं आत्मविश्वास बढ़ेगा जिससे वे बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरूद्ध आवाज उठा सकेंगी। बीजापुर जिले से ’’बीजा दूतिन’’ के माध्यम से स्वयं सेवी किशोर किशोरियों द्वारा बाल विवाह की स्थिति में संबंधित बालिका को क्या करना चाहिए ? इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। सुकमा जिले से स्थानीय गोंडी भाषा व जशपुर जिले से स्थानीय सादरी व कुरूख भाषा में बाल विवाह रोकने संबंधी प्रचार प्रसार की पहल को डाॅ. वर्णिका शर्मा ने काफी सराहा एवं अन्य जिलों से भी आवश्यकतानुसार बाल विवाह रोकथाम के प्रचार प्रसार में स्थानीयता का पुट डाले जाने का वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से आग्रह किया। बाल विवाह बाहुल्य जिला सूरजपुर से वर्षवार बाल विवाह के प्रकरणांे में क्रमिक रूप से कमी आना एवं गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले अंतर्गत आने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की बालिका द्वारा स्वयं अपने बाल विवाह रोकने के लिए पूर्व सूचना दिये जाने जैसे नवाचारों पर वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से हर्ष व्यक्त किया।  अध्यक्ष महोदया द्वारा वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से जिलों के अधिकारियों को 14 अप्रैल को आयोजित होने वाली आगामी विशेष ग्राम सभा में अनिवार्यतः बाल विवाह के रोकथाम के संबंध में पंचायत स्तरीय अमले में पुनः सक्रियता लाने के आशय से जानकारी दिये जाने हेतु निर्देश दिये । साथ ही कतिपय जिलों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध 2006 की धारा 16 की उपधारा 3 अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के कर्तव्यों को सरल भाषा में प्रसारित कराये जाने के अनुरोध को डाॅ. वर्णिका शर्मा द्वारा संज्ञान में लिया गया। अंत में प्रचार प्रसार में स्थानीय भाषा के अधिक से अधिक उपयोग, की गई कार्यवाहियों का लगातार अनुवर्तन, स्वयंसेवी युवाओं का सहयोग लिये जाने, चाइल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098, बाल विवाह की रोकथाम में प्रयोग किये जाने वाले प्रचार प्रसार माध्यमों को जन जन तक पहुँचा कर समाज में बाल विवाह की कुरीति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाये जाने का परामर्श दिया गया।

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने टूर्नामेंट आवश्यक : अरुण साव

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव आज रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उप मुख्यमंत्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है। साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए।  इन विजेता खिलाड़ियों को प्रदान की ट्रॉफी महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया। वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता और आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे। 24-26 अप्रैल तक खेल मंत्रियों का चिंतन शिविर साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा।