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चिकित्सा- कानूनी प्रकरणों की जांच में आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम, मुख्यमंत्री विष्णु साय का नेतृत्व

रायपुर : विष्णु के सुशासन में चिकित्सा- कानूनी प्रकरण(मेडिको लीगल केस) की जाँच के आधुनिकीकरण की ओर बढ़ते कदम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अम्बेडकर अस्पताल के क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट एवं चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का किया उद्घाटन मध्यभारत का पहला संस्थान जहां क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी यूनिट की हुई शुरुआत अभी तक भारत देश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों में ही इसकी सुविधा  ऐसा संस्थान जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जा सकेगा सुरक्षित रायपुर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वसुलभ, सरलीकरण तथा अत्याधुनिकीकरण हेतु निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में चिकित्सालय में आने वाले मेडिको लीगल (एमएलसी) केस में व्यक्ति या पीड़ित के जांच एवं उपचार के लिए क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी यूनिट की स्थापना डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपात चिकित्सा विभाग में हुई है। आज इस यूनिट का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के कर कमलों से संपन्न हुआ। इस यूनिट के साथ ही साथ स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया।  इस अवसर पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा जैन, फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र सोनवानी, डॉ. शिवनारायण मांझी, डॉ. महेंद्र साहू (टॉक्सिकोलॉजिस्ट) (Toxicologist), फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कमल साहू समेत विभाग के अन्य फैकल्टी मेंबर भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस नवीन जांच सुविधा के उद्घाटन के अवसर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि क्लिनिकल फॉरेंसिक मेडिसिन एण्ड टॉक्सीकोलॉजी (CFMT) यूनिट मध्यभारत का पहला एवं पूरे देश का बारहवाँ यूनिट है । जहां पर चोट के मामले जो किसी अपराध का संकेत देते हैं ,उनकी जाँच, शराब के सेवन की ब्रीथ एनालाइज़र द्वारा जाँच, नशा का सेवन करने वालों की उनके यूरिन के माध्यम से पुष्टि तथा पोक्सो कानून के अंतर्गत आने वाले अपराधिक मामलों में उम्र बताने की जाँच करने वाला पहला संस्थान होगा।   उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोगों को न्याय देती है, आज के समय में अपराध की प्रकृति बदलती जा रही है, इसलिए आने वाले दिनों में यह देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक होगा। यह अपराध के जांच और कार्रवाई में सटीक सूचना देने में अहम भूमिका निभाएगी।  उन्होंने कहा कि यह राज्य का ऐसा संस्थान है जहाँ पर एफ.टी.ए. पेपर के द्वारा खून का नमूना डी.एन.ए. जाँच के लिए रखा जायेगा। मेडिको लीगल केस के अंतर्गत किए जाने वाले इन सभी जांचों का सीधा फायदा पुलिस विभाग को एवं माननीय न्यायालय को अपराधिक मामलों के खात्मा करने में होगा।  शराब के अलावा इन मादक पदार्थों के सेवन की भी हो सकेगी जाँच:- 1. एम्फ़ैटेमिन 2. बार्बिटुरेट्स 3. बेंजोडायजेपिन 4. कोकीन 5. मारिजुआना 6. मेथैम्फेटामाइन 7. ओपियोड (हेरोइन) 8. फेनसाइक्लिडीन (पीसीपी) 9. मॉर्फिन 10. मेथोडोन 11. एक्सटेसी 12. ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट

विधानसभा समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की अहम बैठक, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने लिया हिस्सा

रायपुर  विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री की परीक्षा पे चर्चा: विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावकों को परीक्षा के तनाव से मिलेगी मुक्ति

रायपुर परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम पीएम मोदी का एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा से जुड़े तनाव, अनुभव और सकारात्मक तैयारी पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन  MyGov पोर्टल (innovateindia1.mygov.in) पर शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थीए शिक्षक और अभिभावक ऑनलाइन डब्फ आधारित प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं। तनाव को कम करने का प्रयास  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो इस श्रंखला का 9 वाँ संस्करण होगा। इस मंच के माध्यम से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे। सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी माता-पिता और शिक्षकों के साथ बातचीत भी करते हैं, ताकि वे छात्रों के सभी सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें और अपने बच्चों और छात्रों को एग्जाम के तनाव को दूर करने में मदद कर सकें।  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में केवल कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र एवं कक्षा 6 से 12 छात्रों के पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करके वे अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीपीसी 2025 के 8 वें संस्करण ने भारत और विदेशों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से पंजीकरण के मामले में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। कार्यक्रम की अपार लोकप्रियता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने और परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में इसकी सफलता को उजागर करती है। प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक अपलोड कर सकते हैं इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 वीं के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने प्रश्न अधिकतम 500 शब्दों में तैयार कर सकते हैं। प्रश्न अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार के पोर्टल   http://innovateindia1.mygov.in  पर उपलब्ध है।  परीक्षा पे चर्चा विकल्प में प्रतिभागी पुरस्कारों से जुडी तिथियों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी देख सकते हैं। कार्यक्रम के लिए प्रश्न अपलोड करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक जमा (अपलोड)कर सकते हैं।

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई मजबूती – CM साय

रायपुर : पीएम सूर्यघर योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर) के अवसर पर  प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण सतत विकास, पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य है। ऊर्जा का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और कुशल उपयोग न केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने का भी प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे बिजली व्यय में कमी के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं, ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग करें और छोटे-छोटे सामूहिक प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को हरित, स्वच्छ और विकसित राज्य बनाने में सक्रिय योगदान दें।

रायपुर: बस्तर में नक्सलवाद के ख़ात्मे के बाद मूलभूत सुविधाओं का विकास तेज़ी से हो रहा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुलता उसेंडी, विधायक सर्वविक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा- अमित शाह अगले 5 साल में बस्तर संभाग देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा-अमित शाह 2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति … Read more

छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, गरियाबंद में दो कुख्यात माओवादी इनामी समेत आत्मसमर्पण

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 10 लाख के दो इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा पुलिस की सतत अपील से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे शामिल हैं। दोनों पर कुल 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। संतोष उर्फ लालपवन मूलतः बीजापुर जिले का निवासी है, जो वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय था। वह विभिन्न दलम, प्लाटून और एरिया कमेटियों में कार्य करते हुए लंबे समय तक सीसी स्तर के नेताओं की सुरक्षा टीम में भी शामिल रहा। गरियाबंद और ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह कई गंभीर नक्सली घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों में शामिल रहा, जिनमें पुलिस बल को नुकसान पहुंचा। इसके बाद में वह एसडीके और उदंती एरिया कमेटी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा था। वहीं, मंजू उर्फ नंदे सुकमा जिले की रहने वाली है और वर्ष 2002 से संगठन से जुड़ी थी। बाल संगठन से लेकर एलओएस, सीएनएम और एरिया कमेटी तक का सफर तय करते हुए वह सीनापाली एरिया कमेटी की सदस्य बनी। गरियाबंद-नुआपाडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए वह भी कई मुठभेड़ों में शामिल रही, जिनमें अनेक माओवादी मारे गए। आत्मसमर्पण के दौरान दोनों माओवादियों ने बताया कि संगठन की विचारधारा खोखली हो चुकी है। जंगलों में कठिन जीवन, लगातार हिंसा, बीमारी और असुरक्षा के बीच भविष्य अंधकारमय हो गया था। दूसरी ओर शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, आवास, स्वास्थ्य और रोजगार सुविधाओं तथा पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के बेहतर जीवन से वे प्रभावित हुए। गरियाबंद पुलिस द्वारा गांव-गांव में चलाए गए प्रचार और अपील ने भी उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। गरियाबंद पुलिस ने दोनों के आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर नजदीकी थाना, चौकी या कैंप में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें, जिससे आने वाले दिनों में उनको काफी फायदा होने वाला है।

नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नक्सलवाद के उन्मूलन के साथ-साथ बस्तर में मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है और बस्तर अब विकास की दिशा में सशक्त गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक 2025 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य है, किंतु माओवाद की समस्या प्रारंभ से ही राज्य के विकास में एक बड़ी बाधा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण अब माओवाद के अंत की स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। नियद नेल्ला नार योजना के दायरे को 5 किलोमीटर से बढ़ाकर 10 किलोमीटर तक विस्तारित किया गया है, जिसके माध्यम से 403 गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि माओवाद के कारण बंद पड़े स्कूल अब पुनः खुल रहे हैं। सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित कर अंदरूनी इलाकों को आवागमन की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। माओवाद से मुक्त गांवों में जनहितकारी योजनाओं का पूर्ण सेचुरेशन किया जा रहा है। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विकास के प्रति आमजन का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलम्पिक में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी तथा आगामी वर्ष और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बस्तर देश में एक नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त होगा और बस्तर पुनः खुशहाल बनेगा। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा ने भी संबोधित किया और बस्तर ओलम्पिक के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों को बधाई दी। विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के अंत में सांसद श्री महेश कश्यप ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक सर्वश्री विक्रम उसेंडी, श्री नीलकंठ टेकाम, विनायक गोयल, श्री आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ का बदला चेहरा: सीएम विष्णु देव साय का बड़ा संदेश, दो वर्षों में विकास की रफ्तार तेज

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे होने पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय केवल शासन का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का रहा। उन्होंने बताया कि इन दो वर्षों में सरकार ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक विकास की किरण पहुँचाने का प्रयास किया है। आज जब मैं सेवायात्रा के दो वर्ष पूरे कर रहा हूँ, तो मन अपार भावनाओं से भर गया है। यह दो वर्ष मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष रहे , क्योंकि यह समय केवल शासन का नहीं, सेवा और समर्पण का था। आपके साथ चलने का, आपकी मुस्कान में अपने दायित्व का प्रतिबिंब देखने का अवसर मिला। इन दो वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के हर कोने में विकास का दीप जलाने की कोशिश की है। हमने किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए सुविधाएँ बढ़ाईं, जिससे उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिल सके। युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई भर्तियों, प्रशिक्षण और औद्योगिक अवसरों के द्वार खोले गए। आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया जिससे विकास की रोशनी उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ पहले उम्मीदें धुंधली थीं। हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और सम्मान की दिशा में नए कदम उठाए गए ताकि हर घर में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का वातावरण बने। इन सभी प्रयासों के बीच सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ कि शासन अब जनता के द्वार पर है। प्रशासन और लोगों के बीच जो दूरी कभी रही, वह अब सहभागिता में बदल रही है। मुझे गर्व है कि छत्तीसगढ़ आज विश्वास और स्थिरता के एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। भविष्य के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भी सशक्त है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, रोजगार, कृषि और ग्रामीण विकास पर और तीव्र गति से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य है ऐसा छत्तीसगढ़, जो आत्मनिर्भर हो, जहाँ हर युवा को अवसर मिले, किसान को गर्व हो और हर नागरिक को यह विश्वास हो कि उसका शासन उसके साथ खड़ा है। प्रिय जनों, यह यात्रा अभी लंबी है और मंज़िल बड़ी। मैं आप सबसे यही अपेक्षा करता हूँ कि इस विकास यात्रा में अपने सुझावों, अपने परिश्रम और अपने विश्वास से हमारा मार्ग रोशन करते रहें। आपकी आस्था ही हमारी शक्ति है, और आपका सहयोग ही छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य की गारंटी। विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन    

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा

2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है। श्री अमित शाह ने कहा कि हाल … Read more