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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण

आदिवासी वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय रायपुर छत्तीसगढ़ की धरती पर 1 नवम्बर को इतिहास रचा जाएगा, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूज़ियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। यह भव्य संग्रहालय उन आदिवासी वीर नायकों को समर्पित है, जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध अपने प्राणों की आहुति दी और छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा की। आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा जहां देशभर के आदिवासियों के प्रेरणापुंज हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में सोनाखान के ज़मींदार वीर नारायण सिंह ने फिरंगियों के विरुद्ध बिगुल फूंका था। उन्होंने अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहीद वीर नारायण सिंह और अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों की स्मृतियों को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में इस अद्वितीय संग्रहालय की स्थापना का निर्णय लिया। 50 करोड़ की लागत से बना अनूठा डिजिटल संग्रहालय नवा रायपुर के सेक्टर-24 में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। इसकी डिज़ाइन, अवधारणा और तकनीकी संरचना आधुनिकतम मानकों पर आधारित है। संग्रहालय में अत्याधुनिक वीएफएक्स टेक्नोलॉजी, प्रोजेक्शन सिस्टम, डिजिटल स्क्रीन, और मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आगंतुक हर कथा को डिजिटल माध्यम से अनुभव कर सकेंगे। आदिवासी विद्रोहों की जीवंत कहानी – 14 सेक्टरों में सजा इतिहास संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी आंदोलनों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—की जीवंत झलक दिखाई जाएगी। इन ऐतिहासिक विद्रोहों को 14 सेक्टरों में विभाजित कर प्रस्तुत किया गया है, ताकि दर्शक हर संघर्ष और उसकी प्रेरक गाथा को समझ सकें। संग्रहालय परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह का भव्य स्मारक भी बनाया गया है। यह स्मारक न केवल श्रद्धांजलि का स्थल होगा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। प्रवेश द्वार पर सरगुजा के कलाकारों द्वारा तैयार की गई सुंदर नक्काशीदार पैनलें लगाई गई हैं। वहीं परिसर में 1400 वर्ष पुराने साल, महुआ और साजा वृक्ष की प्रतिकृतियाँ स्थापित की गई हैं, जिनकी पत्तियों पर 14 विद्रोहों की डिजिटल कहानियाँ उकेरी गई हैं। सुविधाओं से सुसज्जित आधुनिक परिसर संग्रहालय में सेल्फी प्वाइंट, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएँ, ट्राइबल आर्ट से सजा फर्श, और भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गैंदसिंह की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। ये सभी तत्व संग्रहालय को एक जीवंत सांस्कृतिक और भावनात्मक अनुभव का केंद्र बनाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत की थी। उन्होंने आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना प्रारंभ की। इन पहलों के अंतर्गत आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा  शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष के एक ऐसे क्षण के रूप में दर्ज होगा जो इतिहास, परंपरा और आधुनिकता को एक सूत्र में पिरो देगा।

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया गौरव – प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन : परंपरा और आधुनिकता का संगम रायपुर, छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है। ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा। 324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं। हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है। 500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है। तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था  का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

विशेष शिक्षकों का फूटा गुस्सा, BRP संघ ने डिप्टी सीएम साव को सौंपी संविलियन की मांग

रायपुर उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन कराने छत्तीसगढ़ प्रदेश स्पेशल एजुकेटर संघ ने डिप्टी सीएम अरुण साव एवं शिक्षा सचिव से मुलाकात की। शासन के रवैये से नाराज होकर BRP विशेष शिक्षक संघ ने संविलियन करने की मांग की है। साथ ही तत्काल भर्ती प्रकिया पर रोक लगाते हुए 20 वर्षों से कार्यरत संविदा विशेष शिक्षकों के पक्ष में निर्णय लेने की बात कही। संघ के सदस्य सुदीप जांगड़े ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ में BRP को संविलियन का लाभ नहीं मिला। ना ही इनके लिए कोई विचार किया गया है। इस सबंध में अपनी मांग रखा है। इस दौरान प्रमुख रुप से संदीप जांगडे (संरक्षक), श्याम नारायण पाण्डेय, पूर्णिमा खोब्रागडे, कमलेश खोब्रागडे, प्रवीण चौधरी, प्रिया यादव आदि सदस्य उपस्थित रहे। संघ ने कहा, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एक कानूनी अधिकार है। जो भारत सरकार के संविधान और विभिन्न कानूनों द्वारा संरक्षित है। शिक्षा को अनुच्छेद 21ए के तहत मौलिक अधिकार (शिक्षा का अधिकार (RTE) एवं अधिनियम 2009 के तहत भी सभी विकलांग बच्चे जो 6 से 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने प्रावधानित किया गया है। इसे पूरे देश में पालन कराने भारत सरकार ने समावेशी शिक्षा नीतियां तैयार कर सभी राज्यों में भारतीय पुनर्वास परिषद एक्ट 1992 द्वारा पंजीकृत विशेष शिक्षकों की भर्ती की गई है। संघ ने बताया, छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसी नीति का पालन करते हुए शासकीय विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा पहली से 12वीं तक के लगभग 78410 दिव्यांग बच्चों के शिक्षण प्रशिक्षण एवं बाधारहित वातावरण प्रदान करने 162 विशेष शिक्षक पद नाम (BRP) की संविदा नियुक्ति कर विगत 20 वर्षों से छत्तीसगढ़ शसन सेवा ले रही है। संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों के विनियमितिकरण / समान्य शिक्षकों के सामान वेतनमान अनुमनय कराये जाने के संबंध में रजनीश कुमार पाण्डेय व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व अन्य उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका को उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि प्रदेश में कार्यरत संविदा विशेष शिक्षकों की स्क्रीनिंग कमेटी बनाकर पद समायोजन करे एवं नए पदों की भर्ती समय सीमा में करते हुए उक्त कार्यवाही का हलफनामा प्रस्तुत करे। इसका पालन महाराष्ट्र, मणिपुर, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार आन्ध्र प्रदेश ने किया, परंतु छत्तीसगढ़ सरकार ने उक्त आदेश का पालन न करते हुए उच्च्तम न्यायालय को श्रृटिपूर्ण हलफनाम देकर प्रदेश में विशेष शिक्षकों का संविलियन नहीं किया एवं विशेष शिक्षकों की 848 पद सृजित कर 100 पदों की भर्ती विज्ञापन जारी किया है।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव: पांच दिनों तक झूमेगा संस्कृति का रंगारंग संगम

  रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत महोत्सव में देश एवं प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। एक नवम्बर से 5 नवम्बर तक मुख्यमंच के अलावा शिल्पग्राम मंच पर भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। राज्योत्सव में इस बार छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कलाकारों के साथ ही देश के जाने-माने कलाकार, श्री हंशराज रघुवंशी, श्री आदित्य नारायण, श्री अंकित तिवारी, श्री कैलाश खेर, सुश्री भूमि त्रिवेदी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर नवा रायपुर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वाणिज्य एवं व्यापार परिसर में बनाये गए मुख्यमंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत सुबह 11 बजे सुश्री ऐश्वर्या पंडित के गायन से होगी। इसके बाद श्री पीसी लाल यादव, सुश्री आरू साहू, श्री दुष्यंत हरमुख, श्रीमती निर्मला ठाकुर तथा शाम 8 बजे राष्ट्रीय कलाकार श्री हंशराज रघुवंशी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 2 नवम्बर को सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री आदित्य नारायण प्रमुख आकर्षण के केन्द्र होंगे। उनके द्वारा गीतों की प्रस्तुति रात्रि 9 बजे से दी जाएगी। इस दिन सांस्कृति कार्यक्रमों की शुरूआत शाम 6.30 बजे से होगी। सबसे पहले श्री सुनील तिवारी, सुश्री जयश्री नायर चिन्हारी द गर्ल बैंड, पद्मश्री डोमार सिंह कंवर नाचा दल का कार्यक्रम होगा। इसी प्रकार 3 नवम्बर को पार्श्व गायिका सुश्री भूमि त्रिवेदी रात्रि 9 बजे से प्रस्तुति देंगी। इस दिन सांस्कृति संध्या में शाम 6 बजे से पद्मश्री उषा बारले पण्डवानी, श्री राकेश शर्मा सूफी-भजन गायन, श्री कुलेश्वर ताम्रकार लोकमंच की प्रस्तुति होगी तथा 4 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री अंकित तिवारी प्रस्तुति देंगे। इस दिन शाम 6 बजे कला केन्द्र रायपुर बैण्ड, श्रीमती रेखा देवार की लोकगीत, श्री प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार 5 नवम्बर को रात्रि 9 बजे पार्श्व गायक श्री कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक संध्या में शाम 6 बजे से श्रीमती पूनम विराट तिवारी, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ का कार्यक्रम होगा। शिल्पग्राम मंच की प्रस्तुतियां- शिल्पग्राम मंच में 1 नवम्बर को श्री मोहम्मद अनस पियानो वादन, श्रीमती बासंती वैष्णव द्वारा कत्थक, सुश्री रमादत्त जोशी और श्रीमती सोनाली सेन का गायन, सुश्री स्वीटी पगारिया कत्थक, श्री मंगलूराम यादव की बांसगीत, सुश्री चारूलता देशमुख भारत नाट्य, श्री दुष्यंत द्विवेदी की पण्डवानी, श्री लोकेश साहू की भजन, श्रीमती बॉबी मंडल की लोक संगीत तथा श्री चन्द्रभूषण वर्मा लोकमंच की प्रस्तुति होगी। 2 नवम्बर को श्रीमती रेखा जलक्षत्रीय की भरथरी, श्री ईकबाल ओबेराय की म्यूजिक ग्रुप, श्री बसंतबीर उपाध्याय मानस बैंड, संश्री दीपाली पाण्डेय की कत्थक, श्री लिलेश्वर सिंहा की लोक संगीत, सुश्री अंविता विश्वकर्मा भारतनाट्यम, सुश्री आशिका सिंघल कत्थक, श्री प्रांजल राजपूत भरथरी, सुश्री प्रसिद्धि सिंहा कत्थक, श्री जीवनदास मानिकपुरी लोकमंच एवं श्री जितेन्द्र कुमार साहू सोनहा बादर की प्रस्तुति होगी। 3 नवम्बर को श्री सुरेश ठाकुर भजन, डॉ. आरती सिंह कत्थक, श्रीमती राखी राय भरतनाट्यम, श्री पुसउराम बंजारे पण्डवानी, सुश्री इशिका गिरी कत्थक, श्री गिरवर सिंह ध्रुव भंुजिया नृत्य, सुश्री राधिका शर्मा कत्थक, श्रीमती शांतिबाई चेलक पण्डवानी, श्री दुष्यंतकुमार दुबे सुआ नृत्य, श्रीमती गंगाबाई मानिकपुरी पण्डवानी, सुश्री संगीता कापसे शास्त्रीय नृत्य, श्री महेन्द्र चौहान की चौहान एव बैंड तथा श्री घनश्याम महानंद फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति होगी। 4 नवम्बर को सुश्री भुमिसूता मिश्रा ओडिसी, श्री चैतुराम तारक नाचा दल, सुश्री आशना दिल्लीवार कत्थक, सुश्री पुष्पा साहू लोक संगीत, श्री महेन्द्र चौहान पण्डवानी, सुश्री प्रिति गोस्वामी कत्थक, सुश्री पृथा मिश्रा शास्त्रीय गायन, श्री महेश साहू लोकमंच, श्री विजय चंद्राकर लोक संगीत तथा श्री तिलक राजा साहू लोकधारा की प्रस्तुति होगी। 5 नवम्बर को सुश्री दुर्गा साहू पण्डवानी, सुश्री डाली थरवानी कत्थक, श्री संजय नारंग लोकसंगती, सुश्री सारिका शर्मा कत्थक, सुश्री महेश्वरी सिंहा लोकमंच, श्री चंद्रशेखर चकोर की लोक नाट्य, श्री नीतिन अग्रवाल लोकसंगीत, श्री द्वारिकाप्रसाद साहू की डंडा नृत्य, सुश्री महुआ मजुमदार की लोकसंगीत तथा श्री नरेन्द्र जलक्षत्रीय लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे।

नजाकत अहमद शाह को छत्तीसगढ़ में ग्रैंड वेलकम, आतिशबाजी और गुलदस्ते से स्वागत

रायपुर 6 महीने पहले 22 अप्रैल 2025, पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की जान ली थी। आतंकी जब पर्यटकों पर गोलियां बरसा रहे थे, तब वहां छत्तीसगढ़ के बीजेपी कार्यकर्ता अरविंद अग्रवाल और उनके दोस्त भी अपनी-अपनी फैमिली के साथ मौजूद थे। वे सभी खूबसूरत वादियों में रील बना रहे थे। लोकल गाइड नजाकत अहमद शाह ने जब गोलियों की आवाज सुनी तो उसने सभी को नीचे बैठने को कहा। उसने अरविंद अग्रवाल के कुनबे के दो बच्चों को गले लगाकर सुरक्षित बचा लिया। बाद में वह पूरी टोली को खूनी मैदान से बाहर ले जाने में कामयाब हो गए। नजाकत शाह का ग्रैंड वेलकम पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में गुस्से की लहर दौड़ गई। फिर भारतीय सेना ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को ऑपरेशन सिंदूर से सबक सिखाया। पहलगाम हमले के पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शी आज भी उस घटना को याद कर सिहर उठते हैं। इस बुरे वक्त में दोस्ती के रिश्ते भी बने। सर्दियों में कंबल का कारोबार करने वाले नजाकत अहमद शाह हर साल की तरह गुरुवार को चिरमिरी पहुंचे। इस बार नजाकत अहमद के लिए यह यात्रा यादगार बन गई। चिरमिरी पहुंचते ही अरविंद अग्रवाल समेत इलाके लोग 50 लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे। सभी ने नजाकत को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने अग्रवाल परिवार के साथ लंच पर वक्त बिताया और अपनी यादें साझा कीं। अरविंद अग्रवाल की बचाई थी जान अरविंद अग्रवाल ने पहलगाम हमले को याद करते हुए बताया कि जब आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की, तब नजाकत अहमद शाह ने उन्हें बचा लिया। उस समय उनकी पत्नी और चार साल की बेटी थोड़ी दूर थीं। नजाकत ने सबको नीचे बैठने को कहा, फिर मेरी बेटी और मेरे दोस्त के बेटे को गले लगा लिया, जिससे उनकी जान बच गई। नजाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए और वापस मेरी पत्नी को बचाने के लिए दौड़े। हम कभी नजाकत के एहसान को नहीं भूल सकते हैं। नजाकत अहमद शाह ने बताया कि उनका परिवार सालों से छत्तीसगढ़ में कपड़े बेचने आता रहा है। मुझे बहुत खुशी हुई कि पहलगाम से लौटने के बाद भी अग्रवाल परिवार उनसे फोन पर संपर्क में रहा। अब उनसे मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ हमारे लिए घर जैसा है और हम हर साल तीन महीने व्यापार के लिए यहां आते हैं। आतिशबाजी से स्वागत नजाकत अहमद शाह जब अरविंद अग्रवाल के घर पहुंचे तो उनका ग्रैंड वेलकम हुआ। अरविंद अग्रवाल के घर पहुंचते ही बीजेपी नेता ने पहले गुलदस्ता देकर स्वागत किया। फिर आतिशबाजी की गई। इस स्वागत से नजाकत अहमद शाह भी गदगद थे।

छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित : डिप्टी सीएम अरुण साव

लौह पुरुष सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में डिप्टी सीएम अरुण साव की बड़ी घोषणा छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जन्म जयंती पर आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की उपस्थिति में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के पांचों संभाग मुख्यालय में स्थित नगर पालिक निगमों में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा स्थापना एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी और डिप्टी सीएम अरुण साव जी आज रन फॉर यूनिटी दौड़ में शामिल हुए और इसी दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बड़ी घोषणा करते हुए सभी संभागों में सरदार पटेल की मूर्ति स्थापित करने की घोषणा करते हुए लौह पुरुष को साय सरकार की सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस घोषणा के बाद विभाग ने तत्काल पांच शहरों रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर के लिए 50-50 लाख रुपए जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, 5 संभाग के 5 नगर निगमों के लिए अधोसंरचना मद से नगर पालिक निगमों को 2 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। साव ने रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कहा कि, लौह पुरुष सरदार पटेल जी ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर मां भारती को स्वतंत्र कराया और आजादी के बाद खंड खंड में बंटे देश के 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को अखंड बनाया है, एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाया है। उनके इस योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। साव ने कहा कि, माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की मार्गदर्शन में नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी संभागीय मुख्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा का लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50-50 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

NOC नियमों में बदलाव और स्वास्थ्य केंद्रों में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की मूर्ति लगाने की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित से जुड़ी दो प्रमुख मांगें रखी गईं, जिस पर मंत्री ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन में CGDF ने मांग की है कि चिकित्सकों के लिए, उच्च शिक्षा अध्यन के लिए संपत्ति गिरवी रखने वाले नियम को शिथिल किया जाए एवं नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) की वर्तमान अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। एक नवंबर को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमाओं की स्थापना की जाए। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी का स्मरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक सकारात्मक, सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने CGDF के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को गंभीरता से सुना और दोनों मांगों पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। CGDF के प्रवक्ता डॉ. गंधर्व पांडे ने कहा, “हम मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्यवाही होगी, जिससे राज्य के चिकित्सकों को लाभ मिलेगा।”

राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान

सभी संभागीय मुख्यालयों में स्थापित की जाएगी सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘रन फॉर यूनिटी’ सहित विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन रायपुर,  देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक राजेश मूणत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया। उप मुख्यमंत्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राष्ट्रनायकों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े हमारी भावी पीढ़ी – मुख्यमंत्री साय

  राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि वे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने अपने अदम्य साहस और दृढ़ निष्ठा से देश की रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक से शारदा चौक तक आयोजित ‘एकता दौड़’ में शामिल होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल को उनकी दूरदृष्टि और अद्भुत नेतृत्व क्षमता के कारण ही ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है। राष्ट्र को एकजुट करने के उनके प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर आज पूरे देश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत विविधताओं से परिपूर्ण देश है, और  'विविधता में एकता' की भावना हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों के उत्साह और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह जोश सरदार पटेल के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने सभी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने का प्रण लेने का आह्वान किया और सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायककिरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी,  जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आंवला नवमी पर आंवला वृक्ष की पूजा कर दी समृद्धि की शुभकामनाएं

रायपुर, आंवला नवमी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आंवला नवमी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों  से युक्त माना गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्राकृतिक एवं औषधीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी संस्कृति का आधार है, और वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। वृक्षों की पूजा करने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखना भी हमारा सामूहिक दायित्व है।