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टीबी उन्मूलन अभियान: 42 स्वास्थ्य शिविरों में 5,890 डिजिटल एक्स-रे और 538 बलगम जांच

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। इसी क्रम में 1 मई से 10 जून 2026 तक सरगुजा जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर टीबी की समय पर पहचान, उपचार और जनजागरूकता पर व्यापक अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित 42 विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 5,890 लोगों की डिजिटल एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 30 व्यक्तियों में टीबी की पुष्टि हुई। वहीं 538 बलगम (स्पुटम) जांच में 23 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए। अभियान के दौरान कुल 53 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका तत्काल उपचार प्रारंभ कराया गया, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सफलता मिली। अभियान के दौरान संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलोअप की प्रभावी मॉनिटरिंग की गई। साथ ही निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत उपचाररत मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। जिले की 40 ग्राम पंचायतों के सचिवों ने निक्षय मित्र के रूप में सहभागिता निभाते हुए उपचाररत 38 टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए, जिससे उपचार अवधि में उन्हें आवश्यक पोषण सहयोग मिल सके। टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच एवं सचिवों को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल से अन्य ग्राम पंचायतों को भी टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या टीबी के अन्य लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच, नियमित उपचार और जनसहभागिता से टीबी मुक्त सरगुजा तथा टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र साकार किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल डेका का बड़ा संदेश, कहा- रोबोटिक्स और AI बनें मानव सेवा का माध्यम

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैबोरेट्री की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेछानुदान मद से राशि प्रदान की गई है । इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स जैसे तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाते है। लेकिन आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग मानव जीवन के कल्याण और समाज के विकास के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान केवल  उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों से होती है जो ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दें।  प्रणवानंद अकादमी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देती है यह प्रसन्नता का विषय है। राज्यपाल ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकें विश्व को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करना चाहिए। कोई भी नया आविष्कार या नवाचार मानवता के हित में होना चाहिए। मानव पर खुद का नियंत्रण होना चाहिए न कि कोई तकनीक उसे नियंत्रित करे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में संतोष का विशेष महत्व है। हमें जो प्राप्त है, उसमें प्रसन्न रहना सीखना चाहिए तथा कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन गिरने के बाद फिर से उठना और आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने कहा कि समाज ने हमें क्या दिया, यह सोचने के बजाय हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं। समाज के प्रति सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और पड़ोसियों के प्रति आत्मीयता की भावना हमारे जीवन में आनंद लाता है। कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्राचार्य नीति यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में कॉफी मिशन की तैयारी, अधिकारियों को ओडिशा भेजा जाएगा ट्रेनिंग के लिए

दुर्ग. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग एवं जिला रोजगार स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र जिला-दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 10 जुलाई को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग नया भवन परिसर पोटिया में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। रोजगार मेला हेतु कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम डिप्लोमा पैरामेडिकल एवं अन्य योग्यताधारी आवेदकों के कुल 14 नियोजकों से 1317 तकनीकी एवं गैर तकनीकी रिक्तियां प्राप्त हो चुकी हैं जो 8 जुलाई तक बढ़ सकती है एवं जिसकी जानकारी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर उपलब्ध है, इच्छुक आवेदक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक रोजगार विभाग के वेबसाईट एवं छग रोजगार एप के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

‘स्वस्थ छत्तीसगढ़ से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार’, मुख्यमंत्री साय का बड़ा संदेश

स्वस्थ छत्तीसगढ़ करेगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण- मुख्यमंत्री साय 103 करोड़ रुपये से अधिक के स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों का भूमिपूजन 200 सीटर छात्रावास, कैंसर भवन विस्तार और आवासीय परिसर का होगा निर्माण रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 103 करोड़ रुपये से अधिक लागत के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा। प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह परियोजनाएं प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी तथा मरीजों, विद्यार्थियों और चिकित्सकों सभी को इसका लाभ मिलेगा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार तथा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछली बार मेडिकल कॉलेज आने पर विद्यार्थियों ने छात्रावास निर्माण की मांग रखी थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए आज उसके निर्माण की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है और "मोदी की गारंटी" को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए स्वस्थ छत्तीसगढ़ आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति से लेकर अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं तक केंद्र सरकार ने हर मांग पर सकारात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छत्तीसगढ़ को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) की भी सौगात मिलेगी, जिससे राज्य की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों एवं आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब  नक्सलवाद से मुक्त होकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया है। उन्होंने मेडिकल विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सरगुजा से लेकर बस्तर तक प्रदेश के हर क्षेत्र में सेवाएं देने का संकल्प लें और केवल शहरों तक सीमित रहने की मानसिकता न रखें। उन्होंने कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना, छात्रावास एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास, कैंसर संस्थान विस्तार एवं अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से पहले एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हो रहा है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति, नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 एकड़ क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में लंबित कोरबा, कांकेर एवं महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य प्रारंभ कराए हैं। बिलासपुर स्थित सिम्स का भी व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि डीएम कार्डियक कोर्स प्रारंभ हो चुका है तथा जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रथम परियोजना के तहत 200 सीटर आधुनिक छात्र-छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। दूसरी परियोजना के तहत कैंसर भवन का द्वितीय से छठे तल तक विस्तार किया जाएगा। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में आधुनिक लैब, 64-64 बिस्तरों वाले वार्ड, सिंगल रूम, आईसीयू तथा अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर विकसित किए जाएंगे, जिससे कैंसर रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी। तीसरी परियोजना के अंतर्गत छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, लाइब्रेरी, रिक्रिएशन हॉल तथा सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बड़ा कदम, दुर्ग में वारिसों ने खुद सौंपा मकान

दुर्ग. सरकारी भूमि पर वर्षों से बने कब्जों को हटाने के लिए अक्सर प्रशासन और संबंधित विभागों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने की घटनाएं विरले ही देखने को मिलती हैं। ऐसे समय दल्लीराजहरा मूल निवासी एवं वर्तमान में चंदखुरी निवासी एक परिवार ने ईमानदारी, नैतिकता और कानून के प्रति सम्मान का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है। दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 26 स्थित न्यू बस स्टैंड के समीप चंदैनी भाठा क्षेत्र में रेलवे बोर्ड की अधिग्रहित भूमि पर लगभग 50 वर्षों से निर्मित एक मकान को उसके वारिसों ने स्वेच्छा से रेलवे प्रशासन को वापस सौंपने का निर्णय लिया है। परिवार के मुखिया स्वर्गीय बलदेव प्रसाद यादव के निधन के बाद उनके पुत्र गोपाल कुमार यादव ने परिवार की सहमति से रेलवे प्रशासन को आवेदन प्रस्तुत कर उक्त संपत्ति को रेलवे की मूल संपत्ति के रूप में पुनः अपने अधिपत्य में लेने का अनुरोध किया है। वर्तमान में दुर्ग जनपद पंचायत के सभापति गोपाल कुमार यादव ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित भूमि रेलवे बोर्ड की स्थायी संपत्ति है तथा उस पर निर्मित मकान का कोई शासकीय पट्टा, स्वामित्व दस्तावेज अथवा वसीयत उपलब्ध नहीं है। इसलिए परिवार ने नैतिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मकान की चाबी रेलवे प्रशासन को सौंपने तथा भविष्य में किसी प्रकार का स्वामित्व दावा नहीं करने का निर्णय लिया है। गोपाल यादव ने बताया कि उनके पिता बलदेव प्रसाद यादव का 13 जनवरी 2026 को निधन हो गया था। उनके निधन के पश्चात वैधानिक वारिस के रूप में उनकी माता द्रौपती बाई यादव, स्वयं गोपाल यादव, छोटे भाई गोविन्दा यादव तथा बहन सती यदु ने आपसी सहमति से उक्त मकान को बंद कर दिया है, और वर्तमान में सभी परिवारजन दुर्ग जिले के चंदखुरी क्षेत्र में निवासरत हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में उन्होंने सीनियर डीएम साहब, डीआरएम आफिस रायपुर को स्वेच्छा से कब्जा छोड़ने संबंधी आवेदन सौंपा तो उनका कहना था पहली बार कोई ऐसा कर रहा है।

ढैंचा की खेती से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता, घट रही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता

हरी खाद से संवर रही खेतों की सेहत, प्राकृतिक खेती की मिसाल बने किसान नरेंद्र सिंह ढैंचा की खेती से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता, घट रही रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कृषि विभाग किसानों को टिकाऊ एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए कर रहा प्रोत्साहित रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केशगंवा में देखने को मिला है, जहां प्रगतिशील किसान श्री नरेंद्र सिंह ने लगभग चार एकड़ भूमि में ढैंचा की फसल उगाकर उसे खेत में पलट दिया है। अब वे इसी खेत में धान की खेती करेंगे। किसान श्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से ढैंचा की खेती अपनाई। उन्होंने बताया कि फूल आने से पहले ढैंचा को खेत में पलट देने पर यह कुछ ही दिनों में सड़कर प्राकृतिक जैविक खाद में परिवर्तित हो जाती है। इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से उपलब्ध हो जाते हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा जैसी दलहनी हरी खाद वाली फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी को प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाती हैं। इसके साथ ही फास्फोरस, जिंक एवं आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ती है, जिससे आगामी फसल का विकास बेहतर होता है। हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की संरचना में उल्लेखनीय सुधार होता है। ढैंचा के अपघटन से बनने वाला ह्यूमस मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, जिससे उसमें हवा और पानी का बेहतर संचार होता है। इससे जड़ों का विकास मजबूत होता है और फसल अधिक स्वस्थ एवं उत्पादक बनती है। साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और सिंचाई की आवश्यकता कम होती है। ढैंचा की सघन बढ़वार खरपतवारों की वृद्धि को भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में सहायक होती है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले ढैंचा, सनई अथवा अन्य हरी खाद वाली फसलों का उपयोग करें। इससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होगा, मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनी रहेगी और टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल तथा लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र

नगरीय प्रशासन विभाग ने बल्क वेस्ट जनरेटर्स के पंजीयन के लिए निकायों को जारी किया परिपत्र सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश रायपुर.   नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी निकायों में बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से इस संबंध में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।   नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र जारी कर निकायों को जानकारी दी है कि केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल तैयार किया गया है। बल्क वेस्ट जनरेटर के पंजीयन के लिए केन्द्रीकृत पोर्टल https://swm.cpcb.gov.in 1 जून 2026 से प्रभावशील है। भारत सरकार द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन केन्द्रीकृत पोर्टल पर किया जाना है। विभाग ने सभी निकायों को परिपत्र जारी कर केन्द्रीकृत पोर्टल पर चिन्हांकित सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीयन कराना सुनिश्चित करने को कहा है।

बारिश पर भी सियासत! डिप्टी CM साव बोले- किसानों को मिली राहत, कांग्रेस को नहीं हो रही बर्दाश्त

रायपुर. प्रदेश में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पर कांग्रेस के आरोप पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि किसानों को राहत मिली है, लेकिन कांग्रेस उसे भी नहीं पचा पा रही. बारिश होगी तो कुछ स्थानों पर जलभराव भी होगा. प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, और जलभराव की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चिंतन शिविर को लेकर मीडिया से चर्चा में कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, भारत सरकार के अधिकारियों, नीति आयोग के प्रतिनिधियों और समाज के कई महत्वपूर्ण लोगों का मार्गदर्शन मिला, इससे सरकार के नीति निर्धारण में बड़ा लाभ होगा. शासन प्रणाली कैसी होनी चाहिए, योजनाएं कैसे बनाई जाएं और प्रशासन को किस दिशा में काम करना चाहिए. इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पर दो दिनों तक मंथन हुआ. इससे कम लागत में बेहतर खेती और रासायनिक खेती के नुकसान को समझने का अवसर मिला, पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य की अर्थव्यवस्था में उसके योगदान पर भी चर्चा हुई मंत्रियों ने भी अपनी जिज्ञासाएं रखीं, इसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा. वहीं, चिंतन शिविर को लेकर कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट पर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति यही है कि सत्ता में रहते समय वह भ्रष्टाचार में व्यस्त रहती है, और सत्ता से बाहर होने पर दूसरी बातें याद आती हैं. हमारी सरकार जनहित और राष्ट्रहित में काम कर रही है. ऐसे कार्य कांग्रेस की सोच से बहुत दूर हैं, इसलिए वह केवल आलोचना करती है. जल जीवन के ठेकेदारों को किया जा रहा भुगतान जल जीवन मिशन का भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों के एक दिवसीय हड़ताल पर जाने पर उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य मद से भी राशि देकर ठेकेदारों का भुगतान किया है. भारत सरकार की नई व्यवस्था के तहत भी भुगतान की प्रक्रिया जारी है. सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. बड़े पैमाने पर भुगतान हो चुका है, और जिन ठेकेदारों के काम पूरे हो चुके हैं, उन्हें भुगतान करने की प्रक्रिया और तेज कर दी गई है. कांग्रेस के समय क्यों नहीं बना मेडिकल कॉलेज नए मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल उठाए जाने पर अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल को पहले यह बताना चाहिए कि अपने पांच साल के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं बन पाए? उन्होंने केवल श्रेय लेने का काम किया, यदि 2021 में शिलान्यास हुआ था तो निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ? वीबी जीरामजी योजना पर कांग्रेस से पूछा सवाल वहीं वीबी जीरामजी योजना को लेकर कांग्रेस के सवाल पर डीसीएम ने कहा कि कांग्रेस पहले यह तय करे कि वह इस योजना के पक्ष में है या विरोध में. यह मजदूरों के हित, रोजगार सृजन और पंचायतों को मजबूत बनाने की महत्वपूर्ण योजना है. कांग्रेस ने पहले इसका विरोध किया था. मानसून सत्र के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार जनहित में पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है. विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें किया नमन रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मां भारती के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हुए संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के दिखाए पथ पर अग्रसर होते हुए हम विकसित और सशक्त भारत का निर्माण करेंगे।  इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

वन मंत्री कश्यप ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर याद किया योगदान

रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजधानी के शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कश्यप ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरणास्रोत है। उनके विचार आज भी समाज और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा, रमेश सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।