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महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा महतारी सदन : श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी सदन के तहत आज 23 सितम्बर 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में एक साथ 55 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 208 महतारी सदनों में से अब तक 55 का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रतनपुर और बरदर में निर्मित महतारी सदनों का भी मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर में आयोजित महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर ऐतिहासिक और गौरवशाली धरोहरों से जुड़ा हुआ है और आज यहां महतारी सदन का लोकार्पण होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महिलाओं को 50% आरक्षण और रजिस्ट्री शुल्क में कमी कर उन्हें सशक्त बनाया, वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना के तहत हर महिला को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता राशि देकर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान के तहत महिलाओं और पुरुषों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक केवल एमसीबी जिले में 27 हजार मकान बन चुके हैं और 67 हजार निर्माणाधीन हैं वो भी बहुत जल्द बन जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और जनमन योजना के तहत जिले में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण या नवीनीकरण हुआ है। किसानों को धान खरीदी के लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिल रहा है।  मंत्री  जायसवाल ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं जिनमें बरदर डेम में नौका विहार की शुरुआत, बरदर शिव मंदिर के लिए पाँच लाख रुपए की स्वीकृति, 19 ग्राम पंचायतों में पीडीएस भवन निर्माण, 9 स्थानों पर अतिरिक्त महतारी सदन और नई सड़कों के निर्माण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह महतारी सदन न केवल महिलाओं के आर्थिक उत्थान का केंद्र बनेगा बल्कि पूरे समाज को आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर आगे बढ़ाएगा।

जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री  साय जीएसटी बचत उत्सव को लेकर व्यापारियों में दिखा भारी उत्साह रायपुर शहर के जयस्तंभ चौक से लेकर गुरुनानक चौक तक मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से हुआ अभूतपूर्व स्वागत नवरात्रि पर्व पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया बाजार भ्रमण – जीएसटी 2.0 से व्यापारियों और उपभोक्ताओं में उत्साह रायपुर नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की। बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने शारदा चौक स्थित  शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की। मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला राम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी सु ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर  मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री  साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया। जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं। मुख्यमंत्री  साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी। मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी। मुख्यमंत्री  साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा।  यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अमित  चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित

रायपुर : जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण रायपुर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत नगरीय निकायों में भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज के लिए मिशन मोड पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर सभी नगरीय निकायों के लिए तीन दिवसीय गहन ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग ने इस साल 20 मई को शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) लांच किया था। प्रशिक्षण के बाद निकायों द्वारा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव ने विगत 22 सितम्बर से शुरू तीन दिनों के प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। वे आज अपने मुंगेली प्रवास के दौरान सभी अधिकारियों और प्रशिक्षण दे रहे विशेषत्रों से वर्चुअली जुड़े और उन्हें संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भू-जल का संरक्षण और रिचार्ज आज की बड़ी चुनौती है। शहरों की बढ़ती आबादी और वहां जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कार्य करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से हमारे नगरीय निकायों के अधिकारियों को भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलेगी। वे एक्वीफर मैपिंग, भूजल पुनर्भरण तकनीक तथा शहरी जल प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत होकर अपने शहर के विकास की कार्ययोजना बनाते समय इनका ध्यान रख सकेंगे। इससे वे भू-जल के संवर्धन के लिए भी प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नगरों के विकास की योजना बनाते समय जल संरक्षण को प्राथमिकता से शामिल करना होगा। जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने को कहा।  साव ने राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ ही प्रशिक्षण दे रहे सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से हम नगरीय निकायों में भू-जल के संरक्षण और रिचार्ज के लिए प्रभावी काम कर सकेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण से ऑनलाइन जुड़े।    ये विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण प्रदेशभर के नगरीय निकायों के वरिष्ठतम अधिकारियों और अभियंताओं को अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन 22 सितम्बर को राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, नवा रायपुर की वैज्ञानिक सु बिजिमोल जोस के साथ ही सीजीडब्ल्यूबी, चेन्नई के वैज्ञानिक डॉ. एम. सेंथिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों के जल भू-विज्ञान के बारे में जानकारी दी। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के प्राध्यापक डॉ. अरुणांग्शु मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भू-जल परिदृश्य के बारे में बताया। प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. दीपांकर साहा ने उथले जलभृतों (Aquifer) में भूजल की गुणवत्ता, सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक  एस.के. मोहिद्दीन ने भारत के मेट्रो शहरों में वर्षा जल संचयन और प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) तथा डेनमार्क के आरहूस विश्वविद्यालय के फैकल्टी डॉ. फिलिप ने डेनमार्क के शहरी जलभृत प्रबंधन के अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के तीसरे दिन 24 सितम्बर को सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक  मधुकर सिंह शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण के सरल और व्यावहारिक तरीकों, बायोम एनवायर्नमेंटल, बेंगलुरु के संस्थापक और निदेशक  एस. विश्वनाथ बेंगलुरु के शहरी जलभृत प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के डॉ. उदय भोंडे शहरी विकास एजेंडा के तहत शहरी जलभृत प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी देंगे।

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण मनरेगा की पारदर्शिता बढ़ाने मनरेगा दर्पण का शुभारंभ : मुख्यमंत्री साय  ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर पिछले तीन वर्षों में हुए मनरेगा के कार्यों का विवरण, व्यय और प्रगति रिपोर्ट देख सकेंगे रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है। इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, विधायक  अजय चन्द्राकर, सचिव मती निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा पखवाड़ा में दिव्यांग और वरिष्ठजनों का सम्मान, मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

सेवा पखवाड़ा में दिव्यांग और वरिष्ठजनों का सम्मान, मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगों व बुजुर्गों का सम्मान रायपुर सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत सूरजपुर जिले में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, सम्मान एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। सभा को संबोधित करते हुए मंत्री मती राजवाड़े ने नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज की भलाई और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंच रहा है। मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजन समाज में समान अधिकार और सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने दिव्यांग विवाह सहायता योजना, स्वरोजगार तथा रोजगारपरक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आह्वान किया कि दिव्यांगजन शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर दिशा दें, सरकार हर कदम पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। मती राजवाड़े ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़ा पूरे देश में सकारात्मक बदलाव का अभियान है। इस दौरान स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता जागरूकता, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई और समाज में स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए गए। साथ ही जरूरतमंदों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने लोगों से “मां के नाम से एक पेड़ लगाने” की अपील भी की। कार्यक्रम में विधायक  भूलन सिंह मरावी जिला पंचायत अध्यक्ष मती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष  रेखलाल रजवाड़े, जिला पंचायत सीईओ  विजेंद्र सिंह पाटले, मुरली मनोहर सोनी, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  बाबूलाल अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

स्वस्थ नारी अभियान के तहत पेण्ड्रा में 203 महिलाओं-बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण

स्वस्थ नारी अभियान के तहत पेण्ड्रा में 203 महिलाओं-बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण ‘सशक्त परिवार’ की ओर कदम: पेण्ड्रा में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन में हुई 203 जांचें रायपुर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार‘ अभियान के अंतर्गत बहुद्देशीय हायर सेकेण्डरी स्कूल, पेण्ड्रा के सभा कक्ष में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर मती लीना कमलेश मण्डावी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। उन्होंने संबोधन में कहा कि जिले के 169 गांवों को आदि कर्मयोगी अभियान में शामिल किया गया है, जिसमें प्रत्येक गांवों से न्यूनतम 20 आदि सहयोगी वालिंटियर के रूप में चयन किया जाना था।  गौरतलब है कि इस अभियान का उद्देश्य 2030 में अपने गांवों को कैसा दिखना चाहिए, इसके लिए ट्रायबल विलेज विजन तैयार करना है, जिसमें गांवों की संस्कृति, ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व और समस्याओं के बारे में भी ट्रायबल विलेज विजन में उल्लेख कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों को आदि सेवा केंद्र के रूप में स्थापित की गई है, जिसमें शिकायत संबंधी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला को स्वस्थ रहना चाहिए, क्योंकि जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। महिला दोहरे कार्यों में शामिल होती हैं, और वे घर के कामों के अलावा अन्य गतिविधियों में भी अपना योगदान देती हैं। ऐसी सभी महिलओं को स्वस्थ रहने की जरूरत है। उन्होंने सभी महिलाओं को स्वस्थ रहने की सुखद कामना की और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, बाल विवाह और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के संबंध में शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा महिलाओं को एनीमिया, सिकल सेल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मानसिक स्वास्थ्य, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, माहवारी स्वच्छता एवं देखभाल की जानकारी दी गई। सम्मेलन में आदि कर्मयोगी महिलाओं को कर्मयोगी किट प्रदान किया गया। सम्मेलन में स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार शिविर में 203 महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया। इस सम्मेलन में 169 ग्रामों की आदि कर्मयोगी महिलाओं और महिला जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य मती बुंद कुंवर मास्को, मती राधा रैदास, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय का बयान – महतारी सदन होंगे राज्य की प्रगति के केंद्र

रायपुर : छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार  रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा और सांसद मती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक  अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की। कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री  अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना से सपन मंडावी बने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर, बिजली बिल हुआ शून्य

रायपुर के सपन मंडावी की सफलता कहानी, सोलर पैनल से बने आत्मनिर्भर, अब बिजली बिल नहीं आता पीएम सूर्यघर योजना से बिजली बिल हुआ जीरो रायपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवारों को महंगे बिजली के बिल से निजात दिलाया जा रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना  से ग्रीन एनर्जी मिशन को बढावा देकर पर्यावरण को संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना का लाभ आज जिले के दूरस्थ वनांचल तक भी पहुंच रही है। यह योजना अब जिले के सुदूर ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के ग्राम शामपुर निवासी सपन राम मंडावी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर को न सिर्फ रोशन किया, बल्कि बिजली मामले में आत्मनिर्भर हो गया है।   बिजली बिल से मिली मुक्ति            सपन मंडावी ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी सबसे पहले अखबार के माध्यम से मिली। जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्थानीय बिजली विभाग से संपर्क किया और अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। इस पहल के बाद अब उनके घर की सभी बिजली की आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं और अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो रहा है। श्री मंडावी ने बताया कि पूर्व में हर महीने 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल आता था, लेकिन अब उनका पूरा बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, उनके द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त ऊर्जा सीधे विद्युत ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में उन्हें अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा।           सपन ने इस योजना को शासन की अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे घरेलू बिजली उपभोक्ता न केवल ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो सकते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकते हैं।  मंडावी को इस योजना के अंतर्गत कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता शामिल है। इस मदद से सौर संयंत्र लगाने की कुल लागत में बहुत राहत मिली है। दूर दराज के क्षेत्र व ऐसे क्षेत्र जहां बिजली बहुत ज्;ादा आ रहा है, ऐसे लोगों को इस योजना का भरपूर फायदा मिल रहा है। शासन से मिल रहा है डबल अनुदान      इस योजना के तहत विभिन्न क्षमता वाले संयंत्रों के लिए सब्सिडी की राशि तय की गई है। 1 किलोवाट के संयंत्र, जिसकी लागत लगभग 65 हजार रुपये होती है, जिस पर केंद्र सरकार 30 हजार और राज्य सरकार 15 हजार रुपये की सब्सिडी देती है। इसी प्रकार 2 किलोवाट क्षमता वाले संयंत्र पर 60 हजार रुपये की सहायता एवं 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलती है। इसके साथ ही किसानों और ग्रामीणों के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे और अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।            जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने कई हितग्राही आगे आ रहे हैं और पंजीयन करा रहे हैं। इच्छुक उपभोक्ता इस योजना का लाभ विद्युत विभाग की मदद से या फिर वेब पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in और मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण कर आसानी से उठा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत  और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्री रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा और सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक श्री अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की। कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण: शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, इससे अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है। इसी कड़ी में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत एकल शिक्षकीय स्कूल प्राथमिक शाला फुलवारी संकुल केन्द्र पदमपुर को दो अतिरिक्त शिक्षक मिल गए हैं, इससे विद्यार्थियों को शिक्षा की नई रोशनी मिली है।      प्राथमिक शाला फुलवारी की शिक्षिका मती चेतना साहू ने बताया कि पहले यहां कुल 95 बच्चों के लिए एक ही शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद तीन शिक्षक हो जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सार्थक कदम है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नवाचारों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। विद्यार्थियों के पालकों ने बताया कि पहले के मुकाबले बच्चे ज्यादा रूचि के साथ विद्यालय जा रहे हैं और पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो रही है। पालकों ने युक्तियुक्तरण योजना से स्कूलों में हुए शैक्षणिक बदलाव एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।