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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल

रायपुर : युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुआ एमओयू, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच होगी और आसान कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों में होगी एकरूपता, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी अधिक सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन, 16 हजार से अधिक केंद्रों से मिल रही सुविधा नवा रायपुर में स्थापित होगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संस्थान, प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है। नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है। डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा। 16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। … Read more

छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रिया बदली, लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना उम्मीदवारों का होगा चयन

 रायपुर  प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी के लिए अब लिखित परीक्षा के बाद छंटनी शुरू होगी। जिन पदों पर कौशल या शारीरिक परीक्षा जरूरी है, वहां खाली पदों से 15 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण में बुलाया जाएगा। इसके बाद परीक्षा पास करने वालों में से ही अंतिम चयन होगा। राज्य सरकार ने भर्ती की पूरी प्रक्रिया के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के नए नियमों के अनुसार होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के बाद अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को इसकी जानकारी भेज दी है। अब नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में होने वाली तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नई व्यवस्था के अनुसार ही होगी। 11 सितंबर से प्रभावी हुए नए नियम     नए नियम छह अगस्त 2026 को जारी पुराने नियमों की जगह लागू हुए हैं। ये नियम 11 सितंबर से प्रभावी हैं। इसके तहत भर्ती की प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के बाद होने वाली कौशल और शारीरिक परीक्षा को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। नए नियम के तहत जिन पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा होगी, उनमें लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर अगली सूची तैयार होगी।     इसमें खाली पदों की संख्या से 15 गुना अभ्यर्थियों को रखा जाएगा। अभ्यर्थियों की श्रेणी, आरक्षण और उनके द्वारा चुनी गई पद की प्राथमिकता का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद कौशल या शारीरिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची बनेगी। इसमें उतने ही अभ्यर्थी होंगे, जितने पदों पर भर्ती होनी है। अंतिम चयन में लिखित परीक्षा के अंक, पद की प्राथमिकता और आरक्षण को आधार बनाया जाएगा।  

गांवों के विकास की नई प्लानिंग, 2 अक्टूबर से ‘रिफॉर्म उत्सव’; बनेगा ग्राम पंचायत प्लान

2 अक्टूबर से गांव-गांव में ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्राम सभा से बनेगा विकास का रोडमैप रिफॉर्म उत्सव के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) की प्लानिंग शुरू ग्रामीण तय करेंगे अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं रायपुर पूरे छत्तीसगढ़ में 02 अक्टूबर 2026 से ‘रिफॉर्म उत्सव’ के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जन योजना अभियान (पीपीसी) के साथ एकीकृत रूप से आयोजित होने वाले इस अभियान में ग्राम सभाओं को गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय करने और योजनाओं पर सीधे संवाद का प्रमुख मंच बनाया जाएगा। ग्रामीणों से उनकी जरूरतों, विकास की कमियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी कार्यों पर सुझाव लेकर इन्हें ग्राम पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा।        रिफॉर्म उत्सव के दौरान ग्राम सभाओं में वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिन में रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, 375 अनुमेय कार्यों में से गांव की जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण साथ साथ लखपति दीदी योजना , आजीविका गतिविधि जैसे विषयों पर ग्रामीणों से संवाद होगा। पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा से तय होगी विकास की प्राथमिकता       वीजीपीपी के तहत 2 अक्टूबर की ग्राम सभा में ग्रामीणों को योजना तैयार करने की प्रक्रिया, ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़ों, आधार मानचित्र और उपलब्ध अनुमेय कार्यों की जानकारी दी जाएगी। गांव में मौजूद लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं परिसंपत्तियों की पहचान भी की जाएगी। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में बस्ती और वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA), स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के माध्यम से स्थानीय जरूरतों और विकास संबंधी कमियों की पहचान होगी।         दिसंबर में तैयार वीजीपीपी का प्रारूप ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव और विचार-विमर्श के बाद ग्राम सभा योजना को अनुमोदित करेगी। इसके बाद योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी की जाएगी। जल, आजीविका और अधोसंरचना पर फोकस       वीजीपीपी में गांव की जरूरतों के अनुसार जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां तथा प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा। वार्ता के 8 बिंदुओं की क्यूआर कोड से भी मिलेगी जानकारी         रिफॉर्म उत्सव के लिए पंचायत सचिवों को वीबी-जीरामजी से संबंधित 8 प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी ग्रामीण इन जानकारियों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। रिफॉर्म उत्सव और वीजीपीपी की यह संयुक्त पहल ग्राम सभा को केवल योजनाओं की जानकारी देने के मंच से आगे बढ़ाकर गांव की जरूरतों की पहचान, विकास कार्यों के चयन और भविष्य की विकास योजना तैयार करने का सहभागी मंच बनाएगी।

CG SET 2026 की तैयारी पूरी, बस्तर में 49 केंद्रों पर परीक्षा; 9,777 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम

 जगदलपुर  छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन आगामी रविवार, चार अक्टूबर को किया जा रहा है। बस्तर जिले में इस परीक्षा के निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 49 परीक्षा केंद्रों पर 9,777 परीक्षार्थी होंगे सम्मिलित जिलेभर में कुल 49 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां दोनों पालियों में कुल मिलाकर 9,777 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। दो पालियों में संपन्न होगी परीक्षा यह परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में संपन्न होगी, जिसमें प्रथम पाली का समय पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक रहेगा, जबकि द्वितीय पाली का आयोजन अपराह्न 2 बजे से शाम 4.15 बजे तक किया जाएगा। दो घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से न्यूनतम दो घंटे पहले अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है। इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर प्रतिबंध और ड्रेस कोड लागू केंद्र के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से गहन जांच के बाद प्रवेश मिलेगा। अनुशासन बनाए रखने के लिए परीक्षार्थियों को हल्के रंग के कपड़े और चप्पल पहनकर ही आने को कहा गया है। जूते, मोजे, बेल्ट, घड़ी, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। महिला परीक्षार्थियों के लिए भी आभूषण पहनने पर रोक लगाई गई है।  

किसानों के लिए जरूरी खबर, सोयाबीन बेचने के लिए 3 से 17 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

सोयाबीन उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक भोपाल  भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में सोयाबीन फसल के लिए प्रदेश के किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। किसान सोयाबीन के पंजीयन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जायेगा। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

पहले दिन खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज, शारीरिक दक्षता और चिकित्सकीय परीक्षण, 1 अक्टूबर को होगा खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण

रायपुर खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी एवं एथलेटिक्स अकादमी में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल के पहले दिन आज खिलाड़ियों के पंजीयन के साथ दस्तावेज, शारीरिक दक्षता और चिकित्सीय परीक्षण किया गया। चयन ट्रायल के दूसरे दिन कल 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा। चारों गैर-आवासीय अकादमी में चयन के लिए कुल 144 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स के इन खिलाड़ियों का आज पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण तथा चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। खिलाड़ियों के शारीरिक दक्षता परीक्षण के तहत हाइट (ऊंचाई), वेट (वजन), वर्टिकल जम्प, 30 मीटर दौड़, शटल रन, बॉल थ्रो, 800 मीटर दौड़ एवं सीट-अप जैसी विभिन्न शारीरिक गतिविधियों का आंकलन किया गया। चयन ट्रायल के दूसरे दिन कल 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल के परीक्षण के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों का अंतिम चयन किया जाएगा।

कुम्हारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में सजा ‘आंगन मिलन’

​रायपुर   राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नारायणपुर  जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 28 सितंबर से ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर पालिका क्षेत्र स्थित कुम्हारपारा आंगनबाड़ी केंद्र में सामुदायिक सहभागिता और अपनत्व से सराबोर कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। ​सजी रंगोली से दिया पोषण का संदेश इस अवसर पर कुम्हारपारा केंद्र में रंगोली के माध्यम से बच्चों के संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को बेहद रोचक तरीके से प्रदर्शित किया गया। उपस्थित लोगों ने रंगोली के जरिए पोषण के महत्व और बच्चों के खान-पान से जुड़ी आवश्यक जानकारियों को समझा। ​मासूमों से आत्मीय संवाद, जाना हाल-चाल कार्यक्रम में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका परिचय लिया और उनकी रुचियों व गतिविधियों के बारे में जाना। इस संवाद ने केंद्र में अपनत्वपूर्ण माहौल बना दिया। इस पहल के माध्यम से अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पूरक पोषण आहार वितरण का स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं। ​पारंपरिक रीति-रिवाजों से गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। गर्भवती माताओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों, नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार की जानकारी दी गई। शिशुओं को ऊपरी अथवा पूरक आहार देने की शुरुआत के साथ ही बाल पोषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया गया। ​विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित माताओं और अभिभावकों को टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों से आंगनबाड़ी की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। ​सामुदायिक सहभागिता से मजबूत हो रहा जुड़ाव कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य मती हीना नाग, पार्षद रमशिला नाग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण-मुक्त भविष्य के लिए परिवार के साथ-साथ समाज और आंगनबाड़ी केंद्रों का एकजुट प्रयास आवश्यक है।  ​ आगामी दिनों में जिले के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी इसी तरह के ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे जन-सामान्य और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच का रिश्ता और मजबूत हो सके।

छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए बड़ी राहत: राजमोहिनी देवी योजना के तहत 169 परिवारों को ₹2.42 करोड़ जारी

रायपुर प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 169 परिवारों को 2 करोड़ 42 लाख 40 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से अंतरित की गई।  रायगढ़ जिले के चिमटापानी समिति के मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले के नकुलनार समिति के गल्ले वीटी के बैंक खातों में राशि अंतरित कर डिजिटल भुगतान की शुरुआत की गई।योजना के तहत दुर्घटना मृत्यु के 4 प्रकरणों में 4-4 लाख रुपए तथा सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 103 प्रकरणों में 2-2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की गई। इसी तरह 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 4 प्रकरणों में 75-75 हजार रुपए और सामान्य मृत्यु के 58 प्रकरणों में 30-30 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग में परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपए, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर एक लाख रुपए की सहायता का प्रावधान है।  इसी प्रकार 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु पर 30 हजार रुपए, दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 75 हजार रुपए तथा आंशिक विकलांगता पर 37 हजार 500 रुपए की सहायता दी जाती है। योजना के माध्यम से तेन्दूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को मृत्यु अथवा विकलांगता जैसी परिस्थितियों में सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा और प्रबंध संचालक श्रीमती संजीता गुप्ता की उपस्थिति में राशि जारी की गई।

नारायणपुर में जिला स्तरीय रंगोली प्रतियोगिता संपन्न

​रायपुर       छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में सोमवार को जिला स्तरीय महाविद्यालयीन रंगोली प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन किया गया। "सेवा के रंग-राष्ट्र के संग" थीम पर आधारित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय परंपराओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति जागरूकता व रुचि विकसित करना रहा।         ​ जनभागीदारी अध्यक्ष श्री नरेंद्र मेश्राम तथा प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन के सफल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों ने प्रतियोगिता व प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।            ​प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं, शासकीय योजनाओं, राष्ट्रीय एकता, प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रंगोली के माध्यम से बेहद रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इस दौरान स्थानीय और प्राकृतिक सामग्रियों के विशेष प्रयोग ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कड़े मूल्यांकन मानदंडों—रचनात्मकता, विषयवस्तु, प्रस्तुति, कलात्मकता और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग—के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।         ​ प्रतियोगिता में शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर की बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुनीता नुरेटी एवं उनकी साथी ने प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से रामकृष्ण मिशन विवेकानंद महाविद्यालय, नारायणपुर के कपूरचंद व उनकी टीम तथा शासकीय नवीन महाविद्यालय छोटेडोंगर के प्रमोद कुमार नाग व उनकी टीम को मिला। वहीं तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय की भूमिका सोरी व उनकी टीम तथा वीरांगना रामोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय की वीना मातलाम व उनकी टीम रही।          ​ महाविद्यालय के प्राध्यापकों, अतिथि व्याख्याताओं, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का समापन भारतीय संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्र की "विविधता में एकता" की भावना को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।

पीएम स्वनिधि के लक्ष्य दो साल पहले पूरे करेगा छत्तीसगढ़, निकायों को एक्शन-प्लान बनाने के निर्देश

रायपुर नगरीय निकायों में पीएम स्वनिधि योजना में ऋण वितरण से लेकर डिजिटल लेन-देन के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। राज्य शासन ने भारत सरकार से मिले लक्ष्यों को तय समय-सीमा से दो साल पहले पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी नगरीय निकाय इसके लिए विशेष कार्ययोजना बनाएंगे। बैंकों में लंबित ऋण प्रकरण तेजी से निपटाने के साथ ही पात्र पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़ने शत-प्रतिशत डिजिटल सशक्तीकरण पर फोकस किया जाएगा।  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज पीएम स्वनिधि (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र पथ विक्रेता योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। योजना का मुख्य उद्देश्य पथ विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के सुलभ कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने नगरीय निकायों और बैंक प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय बढ़ाकर ऋण प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के ऋण वितरण की निकायवार और बैंकवार समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) को निर्देशित किया। प्रमुख सचिव  बोरा ने मंत्रालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में सभी नगरीय निकायों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा से दो वर्ष पहले हासिल करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से अमल करने को कहा। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए निकायों और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने ऋण वितरण के साथ ही पथ विक्रेताओं के डिजिटल सशक्तीकरण पर भी फोकस करने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में क्यूआर (QR) कोड वितरण, यूपीआई (UPI) से डिजिटल लेन-देन और इस पर दिए जा रहे कैशबैक प्रोत्साहन की समीक्षा की। उन्होंने पथ विक्रेताओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। पीएम स्वनिधि की निगरानी समिति की बैठक में योजना को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने राज्य और निकाय स्तर पर मानव संसाधन की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई। बैठक में क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति, प्रदेश में स्वच्छ एवं हाइजीनिक स्ट्रीट फूड हब की स्थापना और ऋण अदायगी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। भारत सरकार को भेजे गए प्रस्तावों पर कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई।  बोरा ने नगरीय निकायों में पथ विक्रेताओं के साथ नियमित संवाद कार्यक्रम और जिला स्तर पर बैंकर्स कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके जरिए पथ विक्रेताओं को योजना, ऋण प्रक्रिया और डिजिटल लेन-देन की जानकारी देने के साथ बैंकों से समन्वय कर लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जाएगा। बैठक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों और बैंक शाखाओं को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग के उप सचिव  ए.के. सिंग, राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुनील अग्रहरि, भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक  प्रदीप गोंदुले, सिडबी के उप महाप्रबंधक  संतोष राव मोरे, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के प्रतिनिधि उप महाप्रबंधक  मनोज सिंह, नगर निगमों के आयुक्त  प्रकाश सर्वे,  अरुण वर्मा,  दशरथ सिंह राजपूत, उपायुक्त  नीरज कौशिक, कार्यपालन अभियंता  ए.के. सिंग तथा योजना के निकाय स्तरीय नोडल अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।