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सुशासन तिहार में गूंजी शिकायत, मुंगेली में पंचायत सचिव की नियुक्ति पर उठे सवाल

मुंगेली. छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार के तहत नगर पंचायत जरहागांव में आयोजित शिविर में कई ऐसे शिकायतें भी सामने आई हैं, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर नगर पंचायत में ग्राम पंचायत सचिव के कथित समायोजन को लेकर जांच की मांग उठी है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के एक आदिवासी हितग्राही ने आवास स्वीकृत होने के बावजूद तीन माह तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने का आरोप लगाया है। वहीं बिजली बिल गड़बड़ी का एक पुराना मामला भी एक बार फिर प्रशासन के सामने पहुंच गया है। सचिव समायोजन पर सवाल, “बैकडोर एंट्री” की चर्चा तेज सुशासन तिहार शिविर में प्रांशु कुमार नामक युवक ने आवेदन देकर ग्राम पंचायत सचिव विकास साव के नगर पंचायत जरहागांव में कर्मचारी के रूप में समायोजन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी होते हैं, जबकि नगर पंचायत नगरीय प्रशासन विभाग के अधीन संचालित होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर किस शासनादेश, नियम अथवा वैधानिक प्रक्रिया के तहत यह समायोजन किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब देशभर में सोशल मीडिया में बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों को लेकर लगातार बहस चल रही है, तब बिना किसी खुली भर्ती प्रक्रिया के किसी पद पर समायोजन की खबर युवाओं के बीच असंतोष पैदा कर रही है। क्षेत्र में इसे कथित पिछले दरवाजे से भर्ती के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है तो यह उन बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय होगा जो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं का इंतजार कर रहे हैं। आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। आवास स्वीकृत लेकिन तीन माह बाद भी कार्य शुरू नही – शिविर में एक और महत्वपूर्ण मामला नगर पंचायत जरहागांव निवासी रामकुमार ध्रुव ने उठाया। रामकुमार ध्रुव अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनका आवास लगभग तीन माह पूर्व स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए आवश्यक कार्य आदेश अथवा भवन अनुज्ञा नहीं दी गई है। रामकुमार ध्रुव का कहना है कि कभी जमीन संबंधी आपत्ति तो कभी अन्य कारण बताकर उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें योजना के वास्तविक लाभ से अब तक वंचित रखा गया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य में आदिवासी वर्ग के उत्थान और कल्याण को लेकर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। धरती आबा और जनमन जैसी योजनाओं का उद्देश्य भी इसी वर्ग को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना है। ऐसे में एक आदिवासी हितग्राही को स्वीकृत आवास का लाभ नहीं मिल पाना कई सवाल खड़े कर रहा है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण हितग्राही की चिंता और बढ़ गई है। एक साल बाद भी नहीं सुलझा बिजली बिल विवाद? सुशासन तिहार शिविर में एक और महत्वपूर्ण शिकायत नगर पंचायत निवासी पूर्णिमा जायसवाल ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2025 में गलत मीटर रीडिंग दर्ज किए जाने के कारण उनके नाम पर करीब 52 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल जारी कर दिया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग और कलेक्टर जनदर्शन में भी कई बार शिकायत की थी। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा त्रुटि स्वीकार किए जाने के बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लगातार बदलते बिल और रीडिंग की गड़बड़ी के कारण वे लंबे समय से परेशान हैं। अब उन्होंने सुशासन तिहार में एक बार फिर निष्पक्ष जांच और वास्तविक खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है। अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें नगर पंचायत जरहागांव में उठे इन मामलों ने स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कथित समायोजन की वैधता, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही को लाभ मिलने में आ रही बाधाएं और बिजली बिल गड़बड़ी का लंबित विवाद अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। मामले में अपर कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने कहा है कि शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।

खाद के लिए नहीं लगानी पड़ रही लाइन, मुड़ैसा की किसान सरिता बोलीं- सरकार की व्यवस्था से खेती हुई आसान

खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान, सोसाइटियों में सुगमता से मिल रहा खाद, मुड़ैसा की महिला किसान सरिता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार रायपुर  छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी का सीजन शुरू होते ही राज्य सरकार द्वारा किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य के अन्नदाताओं को कृषि कार्यों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सरकार की इस किसान-हितैषी नीति और सुगम व्यवस्था का सीधा लाभ अब धरातल पर दिखने लगा है। सोसाइटियों और वितरण केंद्रों में किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद (उर्वरक) उपलब्ध हो रहा है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम मुड़ैसा की रहने वाली महिला किसान श्रीमती सरिता ने खाद की आसान और समयबद्ध उपलब्धता पर राज्य सरकार के प्रति गहरा संतोष और आभार व्यक्त किया है। 10 एकड़ में करती हैं खेती, सुगमता से मिला खाद ग्राम मुड़ैसा निवासी कृषक श्रीमती सरिता ने बताया कि उनके पास लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे खेती-बाड़ी करती हैं। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खेतों की तैयारी का समय आ गया है। अपनी इसी तैयारी के तहत वे खाद लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंची थीं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें खाद मिलने में कोई परेशानी नहीं हुई। विभागीय कर्मचारियों और सुचारू व्यवस्था के चलते उन्हें अपनी जरूरत का खाद आसानी से और बिना किसी दिक्कत के मिल गया। रोपा के समय की संभावित परेशानी से मिली मुक्ति आमतौर पर जब धान की रोपाई का मुख्य समय आता है, तब खाद की मांग अचानक बढ़ जाती है और किसानों को खाद प्राप्त करने में भीड़ का सामना करना पड़ता है। श्रीमती सरिता जैसी जागरूक महिला किसान सरकार की अग्रिम भंडारण नीति का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने बताया, खेती-बाड़ी का दिन अब आ गया है और ऐसे में खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। रोपा लगाने के समय खाद की बहुत आवश्यकता पड़ती है और कई बार उस पीक समय में खाद आसानी से नहीं मिल पाती। लेकिन इस बार व्यवस्था इतनी अच्छी है कि मुझे अभी ही बिना किसी समस्या के खाद मिल गई है। अब मैं निश्चिंत होकर अपनी खेती के काम में लग सकती हूँ।" मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद समय पर और बिना किसी असुविधा के खेती-किसानी की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत पूर्ती होने से श्रीमती सरिता बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने इस सुगम एवं पारदर्शी व्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है। किसान हितैषी शासन का संकल्प मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि विभाग को खाद-बीज के अग्रिम उठाव और सुचारू वितरण के निर्देश दिए गए हैं। शासन का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी किसान खाद-बीज की कमी के कारण खेती में न पिछड़े। समय पर संसाधन उपलब्ध होने से निश्चित ही राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे।

CG की सरकारी कंपनी अब शेयर बाजार में, पावर ट्रांसमिशन कंपनी लाएगी IPO

रायपुर. छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) जल्द अपने आईपीओ (Initial Public Offering) लाने की तैयारी में है, जिसके जरिए कंपनी आम निवेशकों से पूंजी जुटाएगी. आईपीओ सफल होने पर यह राज्य सरकार की पहली ऐसी कंपनी बन जाएगी, जिसके शेयर स्टॉक मार्केट में ट्रेड होंगे. इस पर कंपनी में उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है. इससे पहले छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी भी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो चुकी है, हालांकि उसके शेयरों में कारोबार नहीं होता. कंपनी ने वर्ष 2014-15 और 2015-16 में बॉन्ड जारी कर निवेशकों से पूंजी जुटाई हैं. अब छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी के आईपीओ लाने की तैयारी के साथ कंपनी अपनी हिस्सेदारी का एक भाग आम निवेशकों के लिए उपलब्ध कराएगी. आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर शेयर बाजार में लिस्टेड होंगे और उनकी खरीद-बिक्री की जा सकेगी। कंपनी के व्यावसायिक प्रदर्शन के आधार पर शेयरों की कीमत में उतार-चढ़ाव होगा, जिससे उसका मार्केट कैपिटलाइजेशन भी बढ़ेगा। सूचीबद्ध होने से कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और निवेशकों का व्यापक आधार मिलेगा। इसके साथ ही आम लोग भी कंपनी के हिस्सेदार बन सकेंगे। कंपनी के लाभ में वृद्धि होने पर वह अपने शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में उसका हिस्सा भी वितरित कर सकेगी। पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राजेश कुमार शुक्ला ने जानकारी दी कि देश के कई राज्यों की सरकारी पावर कंपनियां अपना आईपीओ लांच कर आम लोगों से पैसे जुटा रही हैं. केंद्र सरकार की ऊर्जा कंपनियां पहले से स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं. छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी के भी आईपीओ लाने के विषय में उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है. यह शासन स्तर का मामला है.

सुकमा: प्रार्थना सभा के दौरान भड़का विवाद, दो गुटों की हिंसक झड़प में कई घायल

सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पालेम के ग्राम सदरापाल में एक कथित हिंसक घटना सामने आई है। यह गांव घने जंगलों में बसा आदिवासी क्षेत्र बताया जा रहा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 को लगभग सुबह 11 से 12 बजे के बीच एक कच्चे मिट्टी के घर में कुछ लोग प्रार्थना कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वहां करीब 20 से 30 लोग मौजूद थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों का एक समूह वहां पहुंचा और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि इस समूह ने लाठी-डंडों से प्रार्थना कर रहे लोगों पर हमला कर दिया। घटना में करीब 8 लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनके सिर पर चोट लगने की बात सामने आई है। घायलों की स्थिति को लेकर अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। सूत्रों के अनुसार हमले में शामिल लोगों के रूप में कवासी गंगा, कवासी बुदरा, कवासी महादेव और माड़वी हड़मा के नाम सामने आए हैं, हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। घटना को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके पीछे कुछ उकसाने वाली गतिविधियां या बाहरी प्रभाव हो सकता है, लेकिन इन दावों की किसी भी आधिकारिक जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में भेजे जाने की बात सामने आई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण और परिस्थितियों का पता चल सकेगा। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है, लेकिन फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

कोंडागांव को मिली 152 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात, मुख्यमंत्री ने खोला विकास का पिटारा

कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात बस्तर के सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी विकास की रोशनी, 43 निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन 40–45 डिग्री की गर्मी में उमड़ रहा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने कहा – जनता का यह विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात, कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं सुशासन तिहार के समाधान शिविर में योजनाओं की जमीनी हकीकत से हुए रूबरू रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही। कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी। इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई। उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की। स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में  हमने "मोदी की गारंटी" के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है। किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों … Read more

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है – मुख्यमंत्री साय

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुँचे अबूझमाड़ के गारपा, जन चौपाल में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है – मुख्यमंत्री साय विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है मुख्यमंत्री ने गारपा क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े अनेक विकास कार्यों की दी सौगात नारायणपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल की ग्राम पंचायत गारपा में आयोजित जन चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य वर्षों तक बाधित रहे। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अनेक बार बस्तर का दौरा कर क्षेत्र के विकास एवं शांति स्थापना के प्रयासों की लगातार समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। गारपा सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी।  उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कृषि एवं आजीविका संबंधी विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पशुपालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने ग्रामीणों को रामलला दर्शन योजना, अटल डिजिटल सेवा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बस सेवा, मनरेगा जॉब कार्ड, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा आर्थिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से नक्सलवाद में आई कमी और क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब शासन की पहल से सुविधाएं गांवों के नजदीक पहुंच रही हैं और लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी ली। जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत गारपा के सरपंच ने भूमि सुधार संबंधी त्रुटियों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तुमेराड़ी में दो पुलियों के निर्माण, गारपा में एक किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण, उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण, मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण तथा आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गारपा में पुलिस थाना खोलने की भी घोषणा की।  मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखा गया तथा ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे वनांचल क्षेत्रों में आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।   उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी  उपस्थित थे। जन … Read more

सुशासन का असर: सारंगढ़ जिला अस्पताल में पहली बार हुआ सिजेरियन प्रसव, गूंजी नवजात की किलकारी

सुशासन का प्रभाव- सारंगढ़ जिला अस्पताल में पहली बार गूंजी सिजेरियन किलकारी, बड़े शहरों की निर्भरता खत्म ​इतिहास में दर्ज हुआ 1 जून 2026 का दिन, एनेस्थीसिया डॉक्टर की पोस्टिंग के पहले ही दिन हुआ सफल ऑपरेशन ​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप संवर रही हैं जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं ​निजी और बड़े अस्पतालों के महंगे खर्च से गरीब परिवारों को मिली बड़ी राहत ​रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में विकास और सुशासन की नई इबारत लिखी जा रही है। इसी कड़ी में 1 जून 2026 का दिन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के इतिहास में स्वास्थ्य क्रांति का एक नया अध्याय बनकर दर्ज हो गया है। वर्षों से जिस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा की आस यहां की जनता को थी, वह सपना अब साकार हो चुका है। जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में पहली बार एक गर्भवती महिला का सफल सिजेरियन प्रसव कराया गया है। ऑपरेशन के बाद जैसे ही अस्पताल के लेबर रूम में नवजात की किलकारी गूंजी, पूरा मेडिकल स्टाफ खुशी से झूम उठा। वर्तमान में मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। ​आदेश निकलते ही एक्शन-पहले ही दिन मिली सफलता        ​सारंगढ़ जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन की राह में लंबे समय से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ (निश्चेतक) की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के लगातार प्रयासों के बाद, संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा डॉ. कुन्ती नायक (एनेस्थीसिया विशेषज्ञ) की सेवाएं जिला चिकित्सालय सारंगढ़ के लिए जारी की गईं। ​प्रशासन की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डॉ. कुन्ती नायक के कार्यभार संभालते ही, अस्पताल प्रबंधन ने बिना एक पल गंवाए सोमवार को ही इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी। कलेक्टर के कुशल निर्देशन, सीएमएचओ  और सिविल सर्जन के सतत प्रयासों से यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। ​महिला डॉक्टरों की टीम ने संभाली कमान       ​  इस बेहद संवेदनशील और पहले ऑपरेशन की मुख्य कमान जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर ने संभाली। डॉ. मनहर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुन्ती नायक और उनकी पूरी तरह प्रशिक्षित व मुस्तैद मेडिकल टीम ने अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए इस पहले ऑपरेशन को शत-प्रतिशत सुरक्षित और सफल बनाया। यह सुविधा क्षेत्र की गर्भवती माताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं है, बल्कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। अब क्षेत्र की गरीब और मध्यमवर्गीय माताओं को जटिल प्रसव के लिए रायगढ़, बिलासपुर या महंगे प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें घर के पास ही यह महंगी सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलेगी। ​गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिली बड़ी राहत        ​अब तक इस अंचल के लोगों को किसी भी आपातकालीन या जटिल प्रसव की स्थिति में बड़े शहरों या महंगे निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती थी, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन शुरू होने से अब अंचल के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें विश्वस्तरीय मानकों के साथ यह खर्चीला इलाज पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा। ​जिला अस्पताल की इस बड़ी कामयाबी से पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंचल में भारी उत्साह है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अस्पताल में इलाज कराने आए नागरिकों ने इस सुलभ व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री, कलेक्टर और डॉक्टरों की पूरी टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल अब सही मायनों में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रहा है और धीरे-धीरे सभी आधुनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ के गारपा में बच्चों और महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अबूझमाड़ के गारपा में बच्चों और महिलाओं से किया आत्मीय संवाद बच्चों के सपनों को मिलेगा सरकार का संबल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री साय नारायणपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने अबूझमाड़ प्रवास के दौरान ओरछा विकासखंड के ग्राम गारपा पहुंचकर ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने गांव में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।  मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने गांव के बच्चों से सहज एवं आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान दो बच्चों ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की लगन और आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।  उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास रखते हैं। यह शिक्षा, संचार और विकास की बढ़ती पहुंच का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता के उपयोग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें मिलने वाली राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं घरेलू खर्चों में कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग बचत एवं भविष्य की जरूरतों के लिए भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से योजना की राशि का उपयोग परिवार के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के ग्राम गारपा आगमन से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों ने शासन की विभिन्न योजनाओं से प्राप्त लाभों की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ सहित प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, विशेष सचिव  एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने तुरंगा में विकास कार्यों का किया लोकार्पण, क्षेत्रवासियों को मिली राहत

तुरंगा को मिली विकास कार्यों की सौगात, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया लोकार्पण मिनी स्टेडियम, सांस्कृतिक शेड और सीसी रोड क्षेत्रवासियों को किए समर्पित रायपुर  वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत तुरंगा में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें क्षेत्रवासियों को समर्पित किया। उन्होंने मिनी स्टेडियम, सांस्कृतिक शेड एवं सीसी रोड के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।           इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि खेल, संस्कृति और बुनियादी अधोसंरचना किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के महत्वपूर्ण आधार होते हैं। मिनी स्टेडियम से क्षेत्र के युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा, वहीं सांस्कृतिक शेड सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयोगी साबित होगा। सीसी रोड के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और गांव की आधारभूत संरचना मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।          चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार लोगों को बेहतर और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा जनआकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, पंचायत पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका पहुंचे बाल रोग शिविर, लोकभवन में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का किया अवलोकन

लोकभवन में बाल रोग शिविर आयोजित  राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया अवलोकन  रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका के निर्देशन में आज लोकभवन में 1 से 17 वर्ष आयु तक के बच्चों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण आयोजित किया गया। शिविर में सामान्य बीमारियों के साथ-साथ हृदय रोग, स्त्री रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, नाक-कान-गला रोग, बी.पी. शुगर सहित बच्चों से संबंधित अन्य बीमारियों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। बच्चों में विशेष रूप से हृदय रोग से संबंधित जांच के लिए स्क्रीनिंग भी की गई।          लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में जिला प्रशासन रायपुर के ‘प्रोजेक्ट छांव’ के अंतर्गत आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में लगभग 250 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में खून जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी। शिविर में विभिन्न शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर की टीम द्वारा लैब जांच, बीपी और शुगर जांच की गई। वहीं सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल द्वारा हदय रोग परामर्श, ईसीजी एवं ईको जांच की सुविधा दी गई। इसके अलावा बालाजी डेंटल कॉलेज, बर्नियों हॉस्पिटल, रूप जीवन हॉस्पिटल, गणेश विनायक नेत्रालय सहित विभिन्न संस्थानों द्वारा जांच और परामर्श प्रदान किया गया।         राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और चिकित्सकों से चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन दिया।