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बैंक घोटाले में ED की कार्रवाई तेज, AAP नेता दीपक सिंगला हिरासत में; आतिशी का BJP पर हमला

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी ने सोमवार सुबह सिंगला सहित कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई कथित बैंक लोन फ्रॉड और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई।  सूत्रों के अनुसार, एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध बैंक लोन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है. हालांकि इस मामले में अभी तक ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।  बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम सबूत खंगाले जा रहे हैं. फिलहाल दीपक सिंगला की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  वहीं दीपक सिंगला के ठिकानों पर ED की तलाशी पर AAP नेता और गोवा प्रभारी आतिशी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘गोवा में आप की बढ़ती लोकप्रियता के चलते बीजेपी के गोवा के सह प्रभारी दीपक सिंगला के यहां ED को भेजा है. ये ना सिर्फ वालेंटियर्स को डराने, बल्कि गोवा AAP संगठन के डाटा को हथियाने का प्रयास है।  दीपक सिंगला के आवास पर 2024 में भी हुई थी छापेमारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के ठीक बाद, 27 मार्च 2024 को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में मधु विहार (दिल्ली) स्थित उनके आवास और अन्य ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी। राम सिंह कौन हैं राम सिंह बाबा जी फाइनेंस एक वित्तीय मध्यस्थ बताए जा रहे हैं जिससे लोग बैंकिंग लेनदेन के रूप में अल्पकालिक ऋण लेते थे और एक निश्चित पूर्व-निर्धारित अवधि के बाद उसे बैंकिंग लेनदेन के रूप में ही लौटा देते थे। ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि लोगों से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय गड़बड़ी की जांच की जा रही है। सिंगला आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से विश्वास नगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार रह चुके हैं. वर्ष 2024 में भी एक जांच के सिलसिले में ED ने उनके ठिकानों पर छापा मारा था। इसी बीच ED ने एक अलग मामले में भी छापेमारी की है. यह मामला करीब 180 करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले से जुड़ा है, जिसमें लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के सुभाष नगर स्थित बाबाजी फाइनेंस ग्रुप से जुड़े राम सिंह नामक व्यक्ति के परिसरों पर भी ED ने तलाशी ली. एजेंसी इस मामले में कथित धोखाधड़ी और मनी ट्रेल की जांच कर रही है. सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों से पूछताछ हो सकती है तथा जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। 

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, मेट्रो-बस नेटवर्क पर सरकार का बड़ा प्लान

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर दिल्ली सरकार द्वारा घोषित पहला मेट्रो मंडे आज है। सरकार ने जिस तरह से मेट्रो मंडे का प्रचार किया है और आम लोगों ने भी अपना निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन सेवा का उपयोग करने का अनुरोध किया है। इससे मेट्रो में यात्रियों की भीड़ बनने की संभावना है। इसे देखते हुए डीएमआरसी सोमवार को अतिरिक्त छह मेट्रो चलाएगी जो अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। डीटीसी की सभी 6300 बसें सड़कों पर होंगी। वहीं सरकारी 29 सरकारी कॉलोनियों से कर्मचारियों को मेट्रो स्टेशन तक लाने के लिए 58 बसों को लगाया गया है। मकसद यह है कि कर्मचारी और अधिकारी अपनी कॉलोनी से मेट्रो तक आराम से पहुंच सकें और मेट्रो से सफर करें। आम जनता से भी सरकार ने अपील की है कि वे भी अभियान में पूरी तरह से साथ दें। मेट्रो मंडे में अधिकारियों के साथ साथ दिल्ली सरकार के मंत्रियों के भी मेट्रो में सफर करने की संभावना है। सार्वजनिक परिवहन सेवा के रूप में सरकार के पास हैं ये इंतजाम मेट्रो मेट्रो का 416 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है। 303 स्टेशन और 343 ट्रेनों के साथ प्रतिदिन 4,500 से अधिक फेरे संचालित होते हैं। प्रतिदिन दिल्ली सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ सहित क्षेत्रों के 65 लाख से अधिक यात्री मेट्रो का उपयोग कर रहे। दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनें राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ती हैं। बस वर्तमान में दिल्ली में डीटीसी की कुल 6,300 सक्रिय बसों का बेड़ा संचालित हो रहा है, जिनमें 4,538 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इनमें 9 मीटर श्रेणी की 1,593 देवी बसें, 12 मीटर श्रेणी की 2,845 इलेक्ट्रिक बसें तथा 100 फीडर बसें शामिल हैं। एनसीआर क्षेत्र के लिए भी दिल्ली से रोहतक, सोनीपत, पानीपत, धारूहेड़ा और बड़ौत के लिए डीटीसी की ई बसें चल रही हैं। प्रधानमंत्री की अपील और दिल्ली सरकार के घोषित मंडे मेट्रो को देखते हुए डीएमआरसी ने सोमवार को फेरे बढ़ाने सहित कई जनहितकारी फैसले लिए हैं। डीएमआरसी 18 मई से प्रत्येक सोमवार को छह अतिरिक्त ट्रेनों से 24 अतिरिक्त ट्रेन फेरे चलाएगी। अन्य दिनों में भी आवश्यकतानुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे। डीएमआरसी हर सोमवार को अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करेगी। टिकटिंग की सुविधा बढ़ाई जाएगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सर्विस को मजबूत किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा लोगों में सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा देने के मकसद से कई अन्य कदम भी उठाए जाएंगे। भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा स्टाफ तैनात किया जाएगा, अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले जाएंगे, अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर चालू किए जाएंगे।

2034 तक खिंची डेडलाइन, दिल्ली को पानी सप्लाई की बड़ी योजना हुई प्रभावित

नई दिल्ली पानी की किल्लत से जूझ रही दिल्ली के लिए आगे की राह फिर मुश्किल भरी हो सकती है। राजधानी की प्यास बुझाने के लिए जिन तीन प्रमुख बांधों- लखवार, रेणुका और किशाऊ पर उम्मीदें टिकी थीं, उनका निर्माण कार्य पिछड़ने से दिल्ली की जलापूर्ति योजनाओं को झटका लगा है। विशेष रूप से लखवार बांध के 2031 तक पूरा होने की संभावना थी, अब काम 2034 तक खिंच गया है। दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर में पानी की मांग लगभग 1250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) है, जबकि आपूर्ति केवल 1000 एमजीडी के आसपास ही हो पा रही है। इस 250 एमजीडी के अंतर को पाटने के लिए सरकार ने यमुना पर बनने वाले इन तीन बांधों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश किया है। भविष्य का सारा वॉटर इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे नए ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन नेटवर्क, इन्हीं बांधों से मिलने वाले पानी के भरोसे तैयार किया जा रहा है। किस डैम से दिल्ली को कितना मिलेगा पानी डैम     दिल्ली को मिलेगा पानी (MGD में) रेणुका     440 किशाऊ     372 लखवार     135 पानी मिलने की डेडलाइन अब तीन साल आगे बढ़ी योजना के मुताबिक, 2031 से लखवार बांध से दिल्ली को 135 एमजीडी पानी मिलना था, लेकिन इसकी डेडलाइन अब तीन साल आगे बढ़ा दी गई है। इसी तरह, रेणुका बांध से 2030 तक 440 एमजीडी पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके निर्माण को लेकर भी फिलहाल कोई ठोस अपडेट नहीं है। इसके अलावा, किशाऊ बांध से भविष्य में 372 एमजीडी पानी मिलना प्रस्तावित है। कुल मिलाकर इन तीनों परियोजनाओं से दिल्ली को 947 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिलना है, जो शहर की बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर जल बोर्ड के अधिकारियों का साफ कहना है कि बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। इस कमी को केवल ट्यूबवेल के जरिए पूरा करना नामुमकिन है। मानक के अनुसार, एक ट्यूबवेल घंटों चलने के बाद भी महज 0.01 एमजीडी पानी ही दे पाता है।  

उत्तर भारत में भीषण लू का अलर्ट, 22 मई तक गर्मी से नहीं मिलेगी राहत

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 22 मई तक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में लू से लेकर गंभीर लू (सीवियर हीटवेव) की स्थिति बनी रह सकती है। दिल्ली-NCR में 45 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके बाद आसमान साफ रहने से गर्मी और बढ़ेगी और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के समय भी गर्म हवाएं चलने और तापमान अधिक रहने से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। क्या होती है हीटवेव? मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या अधिक ऊपर चला जाए, तो उसे हीटवेव माना जाता है। यदि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाए, तो उसे सीधे लू की स्थिति माना जाता है, चाहे सामान्य तापमान से अंतर कितना भी हो। स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर तेज गर्मी और लू के कारण डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय     दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।     पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।     हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें।     बाहर निकलते समय टोपी, छाता या गमछे का इस्तेमाल करें।     बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। राहत के आसार नहीं मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।  

DMRC का नया प्लान: यात्रियों के लिए बढ़ेंगी मेट्रो सेवाएं, 24 अतिरिक्त फेरे जोड़ने का फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा की बचत और सुविधाजनक यातायात को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीएमआरसी 18 मई 2026 से अपनी सेवाओं के विस्तार की रणनिति बना रही है। डीएमआरसी की ओर से यात्रियों की संख्या और सड़क परिवहन के बढ़ते रुझान को देखते हुए, हर सोमवार को 6 अतिरिक्त ट्रेनों के माध्यम से 24 अतिरिक्त फेरे (ट्रेन यात्राएं) संचालित की जाएंगी। इस विस्तार का उद्देश्य बढ़ती यात्रियों की संख्या के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करना है। डीएमआरसी यात्रियों की संख्या में किसी भी संभावित वृद्धि पर लगातार निगरानी रखेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर मांग के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जा सकें। डीएमआरसी उठा रही ये कदम     अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती     अतिरिक्त टिकट काउंटरों का संचालन     अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) एवं बैगेज स्कैनर सक्रिय करना     फ्रिस्किंग प्वाइंट्स पर प्रतीक्षा समय कम करना     व्यस्त अवधि के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना गंतव्य स्थलों तक आसान संपर्क सुविधा दिल्ली मेट्रो का विस्तृत नेटवर्क रेलवे स्टेशनों, प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों (ISBT), एयरपोर्ट टर्मिनलों, नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के साथ सीधी एवं निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान कर एक महत्वपूर्ण परिवहन जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रहा है।  

राऊज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी केस पर बहस, नागरिकता और वोटर लिस्ट पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल उस रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई टल गई, जिसमें बिना भारतीय नागरिकता हासिल किए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने का आरोप लगाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। पिछली सुनवाई ने दिया था निर्देश पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसी दौरान शिकायतकर्ता के वकील विकास त्रिपाठी ने चुनाव आयोग से प्राप्त कुछ दस्तावेजों को कोर्ट रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। याचिकाकर्ता ने लगाया आरोप सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि फिलहाल उनकी मांग ट्रायल शुरू कराने की नहीं है बल्कि पुलिस जांच करवाने की है। उनका कहना था कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी, लेकिन उनका नाम वर्ष 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में पहले से मौजूद था। याचिकाकर्ता ने उठाया सवाल याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब 1983 में नागरिकता मिली तो फिर 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया था। याचिका में यह भी पूछा गया है कि क्या उस समय वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था। नाम हटाने की पूछी वजह इसके अलावा याचिका में यह भी दावा किया गया है कि वर्ष 1982 में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर नाम हटाने की वजह क्या थी और इसके पीछे कौन से दस्तावेज या प्रक्रिया अपनाई गई थी। अब इस पूरे मामले पर अदालत 4 जुलाई को आगे की सुनवाई करेगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।  

जमीन घोटाला मामले में Robert Vadra को राहत, अदालत ने मंजूर की बेल

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत मिल गई है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।  रॉबर्ट वाड्रा बुधवार को खुद अदालत में पेश हुए थे. अदालत में पेशी के बाद उन्हें नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत दे दी गई. कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में पेश होकर जमानत लेना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है।  ‘मैं निडर हूं, ईडी को झेलना है’ कोर्ट से मिली जमानत के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, ‘मैं निडर हूं. मैं डरता नहीं हूं. अब तक ईडी को झेलना है, क्योंकि वह तो सरकार के इशारे पर चलती है।  क्या है पूरा मामला? यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है. ईडी ने 17 जुलाई 2025 को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।  इससे पहले पिछली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने वाड्रा को कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी और उन्हें निचली अदालत में पेश होने के लिए कहा था. मामले की सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता. वाड्रा के वकील ने अदालत से यह भी कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जाना चाहिए. हालांकि अदालत ने 2 अगस्त 2025 को वाड्रा सहित 10 अन्य आरोपियों को प्री-समन जारी किए थे।  ईडी का आरोप है कि शिकोहपुर भूमि सौदे में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और इसी से जुड़े लेन-देन की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की जा रही है. मामले में आगे की सुनवाई अब राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी। 

भक्तों की मेहनत से मिली शनिदेव की मूर्ति, अंगूरी बाग से पुलिस ने की बरामदगी

नई दिल्ली  चांदनी चौक इलाके में अंग्रेजों के जमाने के मंदिर से चोरी हुई शनिदेव की अष्टधातु की मूर्ति मिल गई है। चोर ने मूर्ति को लाल के किले के पास स्थित अंगूरी बाग इलाके में महज चार हजार रुपये में बेच दिया था। मामले का खुलासा मंदिर के ही एक भक्त की वजह से हो सका। वह खुद आरोपी की तलाश कर रहे थे। संदेह होने पर पुलिस को बुलाया गया और कल देर रात मूर्ति को बरामद कर लिया गया। अब कल यानी शनि जयंती के अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक नवगृह परिक्रमा हर ‌वर्ष की तरह धूम धाम से निकल सकेगी। परिक्रमा में मूर्ति को भी ले जाया जाता है। यही डर मंदिर के पुजारी को सता रहा था कि परिक्रमा तक मूर्ति मिलेगी या नहीं। अब मूर्ति मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली है। भक्त ने ढूंढे भगवान चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 5 के पास स्थित श्री शिव नवगृह के मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने बताया, हमें शुरू से शक था कि यह मूर्ति बिकने के लिए अंगूरी बाग इलाके में ही जाएगी। इस कारण मंदिर में आने वाले एक भक्त वहां चोर की फोटो लेकर घूम रहे थे और आरोपी के बारे में पता कर रहे थे। कल कुछ सूचना के आधार पर संदेह हुआ कि मूर्ति वहां दुकान चलाने वाली महिला की दुकान में है। इसके बारे में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दुकान की तलाशी ली, जिसमें मूर्ति बरामद हो गई। महिला ने चार हजार रुपये में मूर्ति खरीदने का खुलासा किया है। फिलहाल मूर्ति को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कोर्ट के जरिए वापस लेंगे मूर्ति पुजारी ने बताया कि वह आज कोर्ट जाकर कानूनी प्रक्रिया के तहत मूर्ति को वापस अपने कब्जे में लेंगे। इसके बाद मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। कल सुबह अभिषेक होगा, महालड्डू भोग लगेगा, फिर प्रसाद बंटेगा और शाम चार बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी। जो आस-पास के कई स्थानों से निकलेगी।  

स्वच्छ परिवहन की ओर बड़ा कदम, दिल्ली में चलेंगी हाइड्रोजन से चलने वाली बसें

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पहली बार, हाइड्रोजन गैस से चलने वाली बसों का संचालन शुरू हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो को दो ऐसी अत्याधुनिक बसें सौंपी हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन 15 मई यानी आज से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में एक एकीकृत हाइड्रोजन चालित शटल बस सेवा शुरू की। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है। यह सेवा अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने में सहायक होगी। इन बसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और सीसीटीवी प्रणाली लगी होगी। यह वास्तविक समय की निगरानी, सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी। यह शटल सेवा सभी कार्य दिवसों (सोमवार से शुक्रवार, राजपत्रित अवकाशों को छोड़कर) में चलेगी। सेवा का समय सुबह 8:30 बजे से 12:30 बजे तक और दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक रहेगा। कनेक्टिविटी और मार्ग यह सेवा सेंट्रल सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसका लक्ष्य सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी कार्यालयों को भी जोड़ना है। यह सरकारी अधिकारियों और आम जनता को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। यह सेवा कार्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर सड़क और बड़ौदा हाउस जैसे प्रमुख स्थलों को कवर करेगी। नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स और इंडिया गेट भी इस मार्ग में शामिल होंगे। डीएमआरसी बस संचालन, कंडक्टर, टिकटिंग और यात्री सहायता की जिम्मेदारी संभालेगा। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ड्राइवरों की व्यवस्था करेगा। साथ ही वह हाइड्रोजन ईंधन सहायता भी उपलब्ध कराएगा। सेवा की फ्रीक्वेंसी हर 30 मिनट पर एक बस होगी। एक बस दक्षिणावर्त और दूसरी वामावर्त दिशा में चलेगी। किराया नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, यूपीआई और नकद भुगतान के माध्यम से लिया जाएगा। इसमें 10 रुपये और 15 रुपये की किफायती स्टेज आधारित टिकट दरें निर्धारित हैं।  

‘अपमान’ मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का सख्त रुख, ऐक्शन लेने का किया ऐलान

 नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में बड़ा ऐक्शन लिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना का ऐक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने उनके खिलाफ अत्यंत मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पोस्ट की और वह इस पर चुप नहीं रह सकती हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का प्रतिनिधित्व करने के लिए न्याय मित्रों के नामों का ऐलान करना था। उन्होंने कहा, 'इस बीच मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ प्रतिवादी मेरे और इस अदालत के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और बेहद निंदनीय सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह शाम 5 बजे इस पर विस्तृत आदेश सुनाएंगी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने और क्या कहा? जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, 'आज मैं एमिकस क्यूरी के नामों का ऐलान करने वाली थी। मैंने प्रयास किया और कुछ वरिष्ठ अधिकवक्ताओं ने सहमति भी व्यक्त की। लेकिन इस बीच यह मेरे संज्ञान में आया कि मेरे और इस अदालत के खिलाफ बहुत अपमानजनक और निंदनीय सामग्री पोस्ट की जा रही है। मैं चुप नहीं रह सकती। इसलिए मैंने कुछ प्रतिवादियों और अन्य अवमानना ​​करने वालों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। मेरा आदेश तैयार है, मैं इसे करीब 5 बजे सुनाऊंगी और इसके बाद ही तय करूंगी कि इस केस का मैं क्या करुंगी।' क्या है पूरा विवाद गौरतलब है कि कथित शराब घोटाले केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने बहिष्कार किया है, जिनमें अरविंद केजरीवाल सबसे प्रमुख और पहले हैं। फरवरी के अंत में ट्रायल कोर्ट से 12 आरोपियों को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। केजरीवाल चाहते थे कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से लेकर इस केस को किसी और बेंच को दिया जाए। केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जज पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। कहा है कि उनसे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आरएसएस से जुड़े वकीलों के संगठन के कार्यक्रम में जाने और हितों के टकराव जैसे आरोप लगाकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें शंका है कि जस्टिस स्वर्ण कांता उन्हें न्याय नहीं दे सकती हैं। उन्होंने ओपन लेटर भी लिखा था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ इस दौरान सोशल मीडिया पर काफी कुछ लिखा गया है और आरोप मढ़े गए हैं।