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भीषण गर्मी से तप रही दिल्ली, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी ने बुधवार को 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगभग 14 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात रही। आईएमडी ने बताया कि इससे अधिक न्यूनतम तापमान आखिरी बार 26 मई, 2012 को था, जब न्यूनतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, गर्म रात तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहता है। मौसम केंद्रों में, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के सामान्य तापमान से 5.2 डिग्री अधिक है, इसके बाद रिज में 30.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 4.4 डिग्री अधिक है। पालम में तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था, लोदी रोड पर 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री अधिक था, और आयानगर में 27.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक था। दिल्ली में अगले 3 दिन मौसम कैसा रहेगा शहर में 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है और मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में लू चलने का पूर्वानुमान लगाया है। फिलहाल इस सप्ताह बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। दिल्ली में बारिश कब होगी? दिल्ली में 25 मई तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। 25 मई के बाद हल्की बारिश और आंधी के आसार हैं। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। फिलहाल दिल्ली में तापमान में बढ़ोतरी ही देखने को मिलेगी। दिल्ली में मानसून कब तक आएगा     दिल्ली में पिछले वर्षों के ट्रेंड देखें तो मानसून की शुरुआत 27 जून से 30 जून के बीच ही होती है।     उत्तर भारत और राजधानी दिल्ली में बारिश का मुख्य दौर जून के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होने की संभावना है।     वहीं,आईएमडी के अनुसार मानसून केरल में जल्दी दस्तक दे सकता है। दिल्ली में प्रदूषण का हाल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 153 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में था। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'अत्यंत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' माना जाता है।  

CM रेखा गुप्ता समेत मंत्री घर से कर रहे काम, सचिवालय में पसरा सन्नाटा

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को वर्क फ्रॉम होम पर रहे। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारी ही दिल्ली सचिवालय में नजर आए। सचिवालय में सन्नाटा पसरा हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता बुधवार को खुद वर्क फ्रॉम होम पर रहीं। सिविल लाइंस स्थित जनसेवा सदन के अपने आवास से ही उन्होंने हाइब्रिड मॉडल में बैठकें की। ईंधन बचाने के मकसद से दिल्ली सरकार ने सप्ताह में दो दिन बुधवार व शनिवार को वर्क फ्रॉम होम रखा है। हालांकि इससे जरूरी सेवा से जुड़े कर्मचारियों को बाहर रखा गया है '2 दिन WFH रखें उद्योगपति' सीआईआई दिल्ली स्टेट काउंसिल की बैठक में दिल्ली के पर्यटन, स्किल डिवेलपमेंट, इवेट इंडस्ट्री और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न नीति विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी चिंताओं और सुझावों को रखा। इस दौरान दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन और आयोजन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए। कपिल मिश्रा ने करते हुए उद्योग जगत से सप्ताह में दो या तीन दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की अपील की। सिविल लाइंस स्थित आवास से CM ने हाइब्रिड मॉडल में बैठकें की दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि बुधवार को वर्क फ्रॉम होने के कारण सीएम और मंत्री ने घर से ही काम किया। सीएम ने व्यय-वित्त समिति की बैठक की, जिसमें ज्यादातर अधिकारी घर से ऑनलाइन शामिल हुए। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को अपने घर से ऑनलाइन बैठकें कीं। सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार के अलावा निजी कंपनियों से भी सप्ताह में एक से दो दिन वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की है।  

दिल्ली CM रेखा गुप्ता के बयान के निकाले जा रहे बड़े मायने, BJP की नई रणनीति पर चर्चा तेज

नईदिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता ने कहा कि अगर घरों में रखी भगवान की मूर्तियां खंडित हो जाएं तो उन्हें कूड़े में मत फेंकिए, सरकार को दीजिए. दिल्ली सरकार इसके लिए कलेक्शन सेंटर बनाएगी. सुनने में यह छोटा फैसला लगता है. लेकिन राजनीति में कई बार सबसे बड़ा खेल वहीं शुरू होता है, जहां लोग कहते हैं- अरे इसमें क्या है? बीजेपी ठीक वहीं खेलती है. क्‍या ऐसा नहीं लगता क‍ि इस बार बीजेपी ने सीधे हिंदूओं के ड्रॉइंग रूम, पूजा घर और भावनाओं के सबसे निजी कोने में एंट्री मार दी है? राजनीत‍ि के जानकारों की मानें तो मैसेज क्‍ल‍ियर है. बीजेपी अब सिर्फ मंदिर बनाने वाली पार्टी नहीं रहना चाहती, वह घर के मंदिर तक पहुंचना चाहती है. हर हिंदू घर में एक छोटा मंदिर होता है. वहां रखी मूर्ति टूट जाए तो लोग असहज हो जाते हैं. फेंकें तो पाप लगेगा, रखें तो कैसे रखें? बीजेपी ने इसी भावनात्मक खाली जगह को पकड़ लिया. अब सरकार कह रही है- भगवान की चिंता मत करो, सरकार है ना! राजनीति में इसे कहते हैं दिल के रास्ते वोट तक पहुंचना।      यह वही बीजेपी है जिसने वर्षों तक मंदिर वहीं बनाएंगे की राजनीति की. लेकिन अब पार्टी उससे दो कदम आगे निकल चुकी है. पहले आंदोलन सड़क पर था, फिर अयोध्या तक पहुंचा, अब सीधा घर के पूजा घर में घुस गया है. यह सिर्फ धार्मिक पहल नहीं, लोगों के द‍िल तक उतरने की बात है. बीजेपी चाहती है कि हिंदू परिवार को हर दिन महसूस हो कि यह सरकार सिर्फ सड़क और बिजली वाली सरकार नहीं है, बल्कि उसके भगवान की भी संरक्षक है. वह अपनापन जताना चाहती है।  आपके घर की आस्था अब सरकार की जिम्मेदारी दिल्ली की राजनीति में यह दांव और भी बड़ा है. क्योंकि बीजेपी जानती है कि राजधानी में सिर्फ हिंदुत्व का शोर काफी नहीं होता. यहां पढ़ा-लिखा मध्यवर्ग है, सरकारी कर्मचारी हैं, अपार्टमेंट कल्चर है, न्यूक्लियर फैमिली है. यहां खुले धार्मिक उन्माद से ज्यादा असर संस्कृति की चिंता वाली राजनीति करती है. इसलिए यह पूरा मॉडल बेहद सॉफ्ट दिखता है. कोई भड़काऊ बयान नहीं. कोई विरोधी धर्म पर हमला नहीं. बस इतना कहना- खंडित मूर्तियां हमें दे दीजिए. लेकिन असली संदेश इससे कहीं बड़ा है. यह मैसेज है क‍ि आपके घर की आस्था अब सरकार की जिम्मेदारी है।  भावनात्मक रिश्ते की भाषा में चुनाव बीजेपी की राजनीति को अगर एक लाइन में समझना हो तो वह यह है- जहां भावनाएं हैं, वहां संगठन पहुंचाओ. पहले पार्टी गांव के मंदिर तक गई. फिर तीर्थ कॉरिडोर बनाए. फिर सनातन को राष्ट्रीय बहस बनाया. अब घर के मंदिर तक पहुंच गई. यह माइक्रो-हिंदुत्व है. ऐसा हिंदुत्व जो टीवी डिबेट में नहीं, घर की अलमारी, पूजा की घंटी और टूटी मूर्ति के जरिए काम करता है. और सच कहें तो विपक्ष अभी भी इसे समझ नहीं पा रहा. विपक्ष अभी भी बेरोजगारी, महंगाई और संविधान की भाषा में लड़ रहा है, जबकि बीजेपी भावनात्मक रिश्ते की भाषा में चुनाव लड़ रही है।  सिर्फ प्रशासन नहीं, कल्‍चरल मैनेजमेंट यानी धर्म सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं. यह सिविक सर्विस हो गया. जैसे नगर निगम कूड़ा उठाता है, वैसे ही सरकार अब खंडित मूर्तियां भी उठाएगी. यानी राज्य और धार्मिक जीवन के बीच की दूरी लगातार कम हो रही है. यह वही मॉडल है जिसमें सरकार मंदिर कॉरिडोर भी बनाती है, पूजा स्थलों का सौंदर्यीकरण भी करती है, त्योहारों में मंच भी सजाती है और अब घर की टूटी मूर्तियों का भी सम्मान करेगी. यह सिर्फ प्रशासन नहीं, कल्‍चरल मैनेजमेंट है।  यह आने वाले समय की राजनीति का ट्रेलर और यही वजह है कि रेखा गुप्ता का बयान हल्का नहीं है. यह आने वाले समय की राजनीति का ट्रेलर है. बीजेपी अब सिर्फ वोटर नहीं चाहती, वह भावनात्मक अनुयायी चाहती है. वह चाहती है कि हिंदू परिवार को हर छोटे-बड़े धार्मिक क्षण में सरकार याद आए. मूर्ति टूटे-सरकार याद आए. त्योहार आए- सरकार याद आए. मंदिर बने-सरकार याद आए. यानी राजनीति अब सिर्फ चुनाव के दिन नहीं, रोजमर्रा की जिंदगी में घुस रही है. और अगर विपक्ष अभी भी इसे सिर्फ मूर्ति कलेक्शन समझ रहा है, तो शायद वह बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत को अब भी समझ नहीं पाया है। 

बढ़ते पेट्रोल-डीजल दामों के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे टैक्सी चालक, दिल्ली में 3 दिन चक्का जाम की चेतावनी

 नई दिल्ली ईंधन बढ़ते दामों के बीच दिल्ली के टैक्सी और ऑटो चालकों ने फेयर (किराया) बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है. दिल्ली के कमर्शियल वाहन चालकों की विभिन्न यूनियनों ने 21 से 23 मई तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखी हैं।  समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा, 'सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मिडिल क्लास के चालक अपने परिवारों का भरण-पोषण करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसलिए दिल्ली के अन्य संगठनों के समन्वय से 'चालक शक्ति यूनियन' ने 21, 22 और 23 मई को चक्का जाम (हड़ताल) का आह्वान किया है और लोगों से इन दिनों वाहन न चलाने की अपील की है।  ड्राइवरों की प्रमुख मांग दिल्ली में टैक्सी, ऑटो और अन्य कमर्शियल वाहनों के चालक लंबे वक्त से फेयर हाइक (किराया बढ़ोतरी) की मांग कर रहे थे. ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद यह मांग और तेज हो गई है. यूनियनों का कहना है कि टैक्सी-ऑटो किराया बढ़ाया जाए, बढ़ते ईंधन दामों को देखते हुए किराए के रेट लिस्ट की समीक्षा की जाए. साथ ही चालकों की आय में वृद्धि हो।  इस तीन दिवसीय चक्का जाम को सफल बनाने के लिए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने प्रशासनिक स्तर पर अपनी मांगें पहुंचा दी हैं. उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र भेजकर चालकों की समस्याओं से अवगत कराया गया है. यूनियनों ने दिल्ली के सभी चालकों से अपील की है कि वे 21, 22 और 23 मई को अपने वाहन सड़क पर न उतारें। 

बढ़ती CNG-पेट्रोल कीमतों के खिलाफ ड्राइवरों का विरोध, तीन दिन चक्का जाम का ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली-NCR में टैक्सी, ऑटो और अन्य कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों ने 21 मई से 23 मई तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। ANI ने प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ड्राइवर यूनियनों का कहना है कि पिछले 15 सालों से दिल्ली-NCR में टैक्सी और ऑटो के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से ड्राइवर अब आर्थिक दबाव में हैं और सरकार से तुरंत किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ANI के मुताबिक यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। इसका सीधा असर दिल्ली-NCR में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ सकता है। तीन दिन की इस हड़ताल के दौरान टैक्सी, ऑटो और कुछ अन्य कमर्शियल वाहन सड़कों से गायब रह सकते हैं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों, एयरपोर्ट यात्रियों और लोकल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किराया बढ़ाने की मांग क्यों बढ़ी? ड्राइवर संगठनों का कहना है कि दिल्ली में टैक्सी और ऑटो का किराया लंबे समय से नहीं बढ़ाया गया, जबकि वाहन चलाने की लागत लगातार बढ़ती गई। यूनियनों के मुताबिक CNG, पेट्रोल, डीजल, वाहन मेंटेनेंस, इंश्योरेंस और परमिट फीस के बढ़ते खर्च ने ड्राइवरों की कमाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। ड्राइवरों का आरोप है कि मौजूदा किराए में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है और कई ड्राइवर कर्ज में डूब रहे हैं। इसी कारण ‘चालक शक्ति यूनियन’ समेत कई संगठनों ने संयुक्त रूप से चक्का जाम का फैसला लिया है। सरकार और ऐप कंपनियों पर भी उठाए सवाल यूनियनों ने सरकार के साथ-साथ ऐप आधारित कैब कंपनियों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि Ola और Uber जैसी कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय करती हैं, जबकि ड्राइवरों को उसका उचित हिस्सा नहीं मिलता। संगठनों ने दावा किया कि पिछले साल इस मुद्दे को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया था, जहां ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान और किराया संशोधन को लेकर निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। यूनियनों ने साफ कहा है कि अगर एक-दो सप्ताह के भीतर किराया बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा तथा 23 मई को दिल्ली सचिवालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन भी किया जा सकता है।

दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों में बढ़ेंगी सुविधाएं, पर्यटकों को मिलेगा डिजिटल सपोर्ट

नई दिल्ली  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) अब पर्यटकों की सुविधाआें पर अधिक ध्यान दे रहा है । इसके तहत जहां स्मारकों में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं, वही आने वाले समय में स्मारकों में वाई-फाई की सुविधा भी शुरू किए जाने की योजना है। छायादार वृक्षों के नीचे व छाया वाले अन्य स्थानों पर बेंच लगाए जा रहे हैं। स्मारकों में पर्याप्त पीने के ठंडे पानी के साथ-साथ बेहतर शौचालय की व्यवस्था पर भी काम किया गया है और इन्हें अपग्रेड भी किया जा रहा है। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा इससे पर्यटकों के सामने मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर समस्या नहीं होगी। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा 11 टिकट वाले 11 स्मारकों में की जा रही है। इन्हें स्मारक के प्रवेश द्वार के पास लगाया गया है। जिन में एक बार में एक से अधिक लोग अपना मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। इनमें लाल किले में सबसे ज्यादा 8 चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। इन्हें चारों संग्रहालयों के प्रवेश और बाहर निकलने वाले गेट के पास लगाया गया है। कुतुब मीनार, पुराना किला और हुमायूं के मकबरे में तीन-तीन चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। फिरोजशाह कोटला, सफदरजंग मकबरा और हाैज खास में दो-दो प्वाइंट लगाए गए हैं। इन जगहों पर मिलेंगी सुविधाएं हौज खास चिल्ड्रन म्यूजियम, दिल्ली मंडल कार्यालय और तिलक मार्ग पर धरोहर भवन में एक-एक चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा दी गई है। खान ए खाना, सुल्तान गारी, तुगलकाबाद किला में भी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह लाल किला, कुतुब मीनार हुमायूं का मकबरा में वाई -फाई की सुविधा शुरू करने की भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की योजना है। हालांकि लाल किले में पूर्व में वाई-फाई की सुविधा शुरू की जा चुकी है। मगर वह सफल नहीं रह सकी थी। इसलिए अब व्यवस्थित तरीके से इसे शुरू किया जाने की योजना पर काम हो रहा है। सभी स्मारकों में पीने के पर्याप्त ठंडे पानी के उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। एएसअइ की तरफ से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी समय-समय पर पेयजल स्थित का निरीक्षण करते रहेंगे, ताकि पानी खत्म ना हो पाए। जिससे इस भीषण गर्मी में पर्यटकों को परेशानी से बचाया जा सके।  

‘नशे पर लगाम, देश को सलाम’ अभियान के तहत दो अंतर-राज्यीय शराब सप्लायर गिरफ्तार

नई दिल्ली  द्वारका जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों और अवैध शराब पर सख्ती करते हुए नया अभियान 'नशे पर लगाम, देश को सलाम' शुरू किया है। अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ और एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर दो अंतर-राज्यीय अवैध शराब सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 3850 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की है और दो कारें भी जब्त कर ली हैं। 8 मई को द्वारका जिला पुलिस की टीमों ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। नजफगढ़ थाना क्षेत्र में यूईआर दीचाऊं डिपो के पास कार से धर्मेंद्र (25 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। उसकी कार से 2500 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई। दूसरी कार्रवाई साईं बाबा मंदिर के पास हुई, जहां अमन (22 वर्ष, निवासी झिलमिल, शाहदरा) को एक कार के साथ 1350 क्वार्टर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। दोनों मामलों में नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/38/58 (डी) के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। नशे पर वार द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की सप्लाई को पूरी तरह रोकना है। डीसीपी ने अपनी टीमों को सख्त निर्देश दिए हैं कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। पूछताछ में हुआ खुलासा कार्रवाई इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में हेड कांस्टेबल प्रदीप, सुधीर, जयराम, जितेंद्र यादव, जयभगवान, विकास, गोपाल यादव और अन्य जवान शामिल थे। पूरे ऑपरेशन की देखरेख एसीपी (ऑपरेशंस) सुभाष मलिक ने की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अवैध शराब को दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्लाई करने की बात स्वीकार की। अमन ने बताया कि माता-पिता के देहांत के बाद आसानी से पैसे कमाने के लिए वह इस धंधे में शामिल हो गया था। नशे पर सख्ती द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार चलेगा और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।  

मेट्रो और डीटीसी बस में सफर कर सीएम का संदेश, Delhi Metro से ईंधन बचाने की अपील

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के ‘मेट्रो मंडे’ अभियान के तहत सोमवार को अपने दफ्तर जाने के लिए मेट्रो और डीटीसी बस में सफर किया। साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया। दिल्ली सरकार ने कब की थी इसकी घोषणा दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए पिछले हफ्ते 90 दिवसीय ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान की घोषणा की थी और कहा था कि हर सोमवार को मंत्री व अधिकारी ‘मेट्रो मंडे’ मनाएंगे और दफ्तर आने-जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे। इसी अभियान के तहत सोमवार को कई मंत्रियों और अधिकारियों ने दफ्तर पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। सीएम ने आईटीओ तक मेट्रो में किया सफर एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता राज निवास मार्ग पर स्थित अपने सरकारी आवास ‘जन सेवा सदन’ से लोक निवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के लिए पैदल पहुंचीं और इसके बाद मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक कार के माध्यम से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की और वहां से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग किया। सीएम ने मेट्रो के बाद बस में किया सफर आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय जाने के लिए डीटीसी की फीडर बस सेवा का उपयोग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री प्रवेश सिंह और रविन्द्र इंद्राज भी मौजूद थे। सीएम ने दिल्ली के लोगों से किया आग्रह सीएम रेखा गुप्ता ने आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर पत्रकारों से कहा, “मैं दिल्ली के सभी निवासियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह करती हूं जिससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण और यातायात जाम से निपटने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और अंतिम छोर तक ‘कनेक्टिविटी’ की समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रही है।” मेट्रो मंडे पहल पर बोलीं सीएम रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेट्रो मंडे’ के अंतर्गत जो आह्वान किया गया था, उसके तहत मैं, मेरे सभी साथी मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने प्रयास किया है कि आज मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इसी क्रम में आज हम भी मेट्रो से यहां पहुंचे हैं। यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि दिल्ली के बहुत सारे लोगों ने भी आज मेट्रो के माध्यम से यात्रा करने का निर्णय लिया है।” मंत्रियों ने मेट्रो में किया सफर उनके अलावा मंत्री आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और पंकज सिंह ने भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने 'मेट्रो मंडे' के तहत दिल्ली मेट्रो से रामकृष्ण आश्रम मार्ग स्टेशन तक यात्रा की।  

पेट्रोल-डीजल खपत घटाने की मुहिम, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए नए निर्देश

 नई दिल्ली  पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से पेट्रोल-डीजल की कम खपत के लिए आदेश जारी किया गया है। जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में ईरान युद्ध के चलते मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और प्रधानमंत्री की ओर से ईंधन बचत की अपील का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस की सभी यूनिट्स और कार्यालय की ओर से तुरंत ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे सरकारी वाहनों के अनावश्यक इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। आदेश में कहा गया है कि केवल जरूरी कार्यों में ही वाहन का इस्तेमाल करें। बाइक और सरकारी वाहनों की पूलिंग पर जोर दिल्ली पुलिस ने बाइक पूलिंग का निर्देश दिया है। इनका उपयोग भी केवल आवश्यक कार्यों तक सीमित रहे। इसके अलावा, एक ही कोर्ट, कार्यालय या गंतव्य तक जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से कारपूलिंग अपनाने के लिए कहा गया है। वर्चुअल मीटिंग और मेट्रो के इस्तेमाल को बढ़ावा आदेश में कहा गया है कि नियमित बैठकों, समन्वय बैठकों और समीक्षा कार्यक्रमों को अधिक से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया जाए। जिन कार्यालयों के पास मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध है, वहां तैनात कर्मचारियों सार्वजनिक परिवहन का ही इस्तेमाल करें और ईंधन की बचत करें। VIP मूवमेंट और ईंधन खपत की निगरानी दिल्ली पुलिस ने VIP/VVIP काफिलों में वाहनों की संख्या कम से कम रखने को कहा है, ताकि सुरक्षा से समझौता किए बिना ईंधन की बचत हो सके। साथ ही सभी जिला DCP और यूनिट हेड्स को ईंधन खपत, वाहन लॉगबुक और उपयोग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। असामान्य ईंधन खपत पाए जाने पर तुरंत जांच के लिए कहा गया है। वाहन मेंटेनेंस और खर्चों में कटौती पर फोकस आदेश में वाहनों की समय पर सर्विसिंग, टायर प्रेशर की जांच और ईंधन दक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा घरेलू यात्रा खर्चों में कटौती, अनधिकृत या फालतू यात्राओं पर रोक और अलग-अलग कार्यों को एक ही दौरे में पूरा करने की सलाह दी गई है। मेड इन इंडिया और बिजली बचत पर भी निर्देश दिल्ली पुलिस ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी खरीद और निजी उपयोग में मेड इन इंडिया उत्पादों को प्राथमिकता देने को कहा है। वहीं बिजली बचत के तहत अतिरिक्त लाइट, पंखे और अन्य उपकरण बंद रखने तथा एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं यह आदेश डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) आलाप पटेल ने जारी किया गया है। सभी स्पेशल CP, जिला DCP और यूनिट प्रमुखों को निर्देशों का तात्काल पालन करने का आदेश दिया गया है।

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर संयुक्त मॉक ड्रिल, CISF-NSG समेत कई एजेंसियां रहीं शामिल

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सोमवार को संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें कई खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। इस तरह के अभ्यास के आयोजन का मुख्य मकसद यह था कि किसी भी संकट की स्थिति का सामना कैसे किया जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा होती है, तो उससे प्रभावी तरीके से निपटकर यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल कैसे सुनिश्चित किया जाए। इन्हीं सभी परिस्थितियों की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से एयरपोर्ट पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डीआईजी, सीएसओ और एएसजी की देखरेख में किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस अभ्यास में दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ, एनएसजी, बीडीडीएस, डीएफएस, डीआईएलएल, बीसीएएस और एएआई जैसी खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो। सफल मॉक ड्रिल, तैयारियों का हुआ परीक्षण अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई। पूरा अभ्यास निर्धारित रूपरेखा के अनुरूप संपन्न हुआ। अभ्यास समाप्त होने के बाद इसे सफल बताया गया। इस अभ्यास का मकसद यह भी था कि यह आकलन किया जा सके कि मौजूदा समय में ये एजेंसियां कितनी कारगर हैं और क्या वे किसी भी संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन्हीं पहलुओं का परीक्षण करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। परखी गई क्षमता बता दें कि दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं। इनका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन करना होता है, ताकि भविष्य में किसी भी संकट की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस तरह के अभ्यासों से वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की कार्यकुशलता का भी आकलन हो जाता है। साथ ही यह भी पता चलता है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।