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सेफ दिल्ली ऐप: वॉयस कमांड से सेकंडों में मिलेगा SOS अलर्ट, सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे नागरिक

नई दिल्ली  राजधानी में महिलाओं, बुजुर्गों, और छात्रों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही 'सेफ दिल्ली ऐप' लॉन्च करने जा रही है। दावा है कि यह मोबाइल ऐप किसी भी आपात स्थिति में एक सेकंड से भी कम समय में पुलिस कंट्रोल रूम तक अलर्ट भेज सकेगा। इसके जरिए न केवल लोकेशन, बल्कि घटनास्थल का लाइव ऑडियो, विडियो और GPS भी पुलिस को तुरंत उपलब्ध होगा। रेखा सरकार के सेफ दिल्ली ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खतरा महसूस होने पर पीड़ित को फोन चलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल ऐप में पहले से दर्ज किए गए वॉयस कमांड बोलते ही ऐप सक्रिय हो जाएगा और पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा। इसके साथ ही ऐप में आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए पहले से फीड किए गए मोबाइल नंबर पर SMS और वट्सऐप के माध्यम से परिवार या भरोसेमंद लोगों को भी सूचना भेजी। अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप खासतौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगा जो देर रात ऑफिस से घर आती है, वो छात्राएं जो सुनसान रास्तों या कॉलेज कैंपस में अकेली होती है और वरिष्ठ नागरिक जो घर में अकेले रहते हैं। बिना समय गंवाए पुलिस से सीधे जुड़ जाएंगे किसी भी आपात स्थिति में वे बिना समय गंवाए पुलिस से सीधे जुड़ सकेंगे। आपात स्थिति में सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज सकेंगे। सरकार का दावा है कि दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम, महिलाओं के साथ छेड़छाड़, स्टॉकिंग, लूटपाट, चेन स्नैचिंग, सुनसान इलाकों में होने वाली वारदातों और बुजुर्गों के साथ अपराधों पर अंकुश लगाने वाला यह ऐप देश में अपनी तरह का पहला SOS अलर्ट एक सकड से भी कम समय में पुलिस तक पहुंचेगा। अधिकारियों ने क्या कहा अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले में सेफ दिल्ली ऐप का एक सफल पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लाइव विडियो और ऑडियो मिलने से कंट्रोल रूम को घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर तुरंत मिल जाएगी। फुटेज होने से अपराधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने सेफ दिल्ली ऐप को मंजूरी देने के लिए कैबिनेट प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द इसे कैबिनेट से लॉन्च भी कर दिया जाएगा

पार्सल सेवा में क्रांति की तैयारी, रेलवे लाएगा रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम

 नई दिल्ली रेलवे अपनी ऑनलाइन सेवाओं के तहत ग्राहकों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। यह ग्राहकों के लिए पार्सल बुकिंग के अनुभव को बेहतर बना रहा है, जिससे वे अब आसानी से अपनी बुकिंग को ट्रैक कर सकेंगे। रेलवे ने अपने अधिकारियों को इसे लागू करने का काम सौंप दिया है। रेलवे अब पार्सल सेवा को पूरी तरह डिजिटल और ट्रांसपेरेंट बनाने की तैयारी में है। जल्द ही ग्राहक रेलवे से पार्सल बुक करने के बाद उसे रियल-टाइम ट्रैक कर सकेंगे, ठीक उसी तरह जैसे ई-कॉमर्स कंपनियों के पैकेज ट्रैक होते हैं। देशभर में चल रहा अध्ययन रेलवे की अध्ययन टीम ने दिल्ली के प्रमुख पार्सल कार्यालयों जैसे नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार स्टेशन का जायजा लिया और वहां मौजूद समस्याओं को चिह्नित किया। वर्तमान व्यवस्था में मुख्य समस्याएं दिल्ली के स्टेशनों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि पार्सल बुकिंग काउंटर अक्सर शेड और हैंडलिंग एरिया से काफी दूर होते हैं। ग्राहकों को बुकिंग के बाद पार्सल को दूसरी जगह ले जाना पड़ता है। इसके अलावा, पार्सल को कोच में उचित तरीके से नहीं रखा जाता, जिससे नुकसान की आशंका बनी रहती है। ट्रैकिंग और डिजिटल सुविधा की मांग रेलवे अब पार्सल बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पल-पल की जानकारी ग्राहकों को ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इससे पार्सल की पूरी यात्रा घर बैठे ट्रैक की जा सकेगी। सुझाए गए सुधार     पार्सल और यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग रास्तों से किया जाए     पीएमएस ऐप की क्षमता बढ़ाई जाए     पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं     प्लेटफॉर्म तक बैटरी कार्ट या शटल वैन की व्यवस्था     एडवांस्ड वेयरहाउसिंग और मशीनीकृत हैंडलिंग सिस्टम     आरएफआईडी स्कैनिंग अनिवार्य     तापमान नियंत्रित स्टोरेज सुविधा     एक ही ऐप से पार्सल ट्रैकिंग किन समस्याओं पर रेलवे का जोर     गलत डिलीवरी की समस्या: वर्तमान में लेबलिंग और डिजिटल ट्रैकिंग की कमी के कारण कई पार्सल गलत पते पर चले जाते हैं। बुकिंग की जानकारी ग्राहक को SMS, ईमेल या ऐप से नहीं दी जाती।     राजस्व बढ़ाने का अवसर: बेहतर निगरानी और आधुनिक सिस्टम से चोरी और नुकसान के दावों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा, साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ने की उम्मीद है।     रेलवे बोर्ड का निर्देश: रेलवे बोर्ड की निदेशक प्रतिभा पॉल ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर इन सुझावों के आधार पर पार्सल केंद्रों को आधुनिक बनाने की योजना बनाने को कहा है।  

मरीज की मौत के बाद फोर्टिस अस्पताल में अनियमितताओं की जांच, सीसीटीवी फुटेज से खुलासा

नई दिल्ली  मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही और विभिन्न अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों की संयुक्त टीम ने गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें कड़े अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। सीएम ने जन सुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत के बाद जांच का आदेश दिया था। दरअसल मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में सुनवाई के दौरान एक परिवार ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी कि शालीमार बाग क्षेत्र में उनके बेटे को चाकू मारकर घायल कर दिया गया था। उनके बेटे को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने उसका इलाज करने से पहले उनसे पैसे की मांग की। जिसके चलते सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उनके बेटे की मौत हो गई। सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम की निगरानी में जांच के आदेश दिए थे। कई विभागों ने अस्पताल में की जांच सेंट्रल नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीएम एस एस परिहार की निगरानी में स्वास्थ्य, नगर निगम, अग्निशमन व अन्य विभागों ने अस्पताल की जांच की। टीम ने अस्पताल में मरीजों के उपचार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों के आधार पर अस्पताल के विभिन्न विभागों और रिकॉर्ड की पड़ताल की। अस्पताल में नियमों का उल्लंघन प्रारंभिक जांच में कई खामियां और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले सामने आए है। इस दौरान बिल्डिंग बायलॉज का दुरुपयोग, अवैध निर्माण, आग बुझाने के सिस्टम में गड़बड़ी, बेसमेंट का मिसयूज और चिकित्सीय नियमों के लिए बनाई गई एसओपी में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। टीम ने की इमरजेंसी विभाग की जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पाया कि जो युवक चाकू लगने से मारा गया था, वह खुद चलकर इमरजेंसी में पहुंचा था। इससे पता चलता है कि अगर उसका सही समय पर इलाज होता तो उसकी जान बच जाती। टीम ने इमरजेंसी विभाग के रिकॉर्ड की भी जांच की है। डीएम के अनुसार इन अनियमितताओं व मरीजों के इलाज में बरती गई लापरवाही को ध्यान में रखते हुए अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अस्पताल ने क्या कहा? इस बीच अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि फोर्टिस मरीजों की देखभाल के सर्वोच्च मानकों, चिकित्सीय उत्कृष्टता और सभी नियामकीय प्रावधानों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैसे ही मामले का औपचारिक विवरण हमारे साथ साझा किया जाएगा, हम उसकी समीक्षा करेंगे और संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग देंगे। मरीजों की सुरक्षा और उनका स्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, 75 सीएम श्री स्कूलों में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ सरकार ने उसका चेहरा बदलने का भी फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सपेंडिचर एंड फाइनेंस कमिटी (ईएफसी) की बैठक में इसके लिए करीब 264.90 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर सुधार के साथ सीसीटीवी कैमरे आधुनिक सभागार, विज्ञान एवं आईटी पार्क और विशेष कैटिगरी के बच्चों के लिए खास सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के साथ शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी इस बैठक में मौजूद रहे। यह पूरा काम अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा? सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक परिसर मिले। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण और सौंदर्याकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सीएम श्री स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या दूर करना, वॉटरप्रूफिंग, बाहरी पेंटिंग, नया प्लास्टर, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण व मरम्मत, टॉयलेट, पानी की व्यवस्था, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, मल्टीपरपज हॉल विकसित किए जाएंगे। खराब एलईडी लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जाएगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं तेजी से प्रसारित की जा सकें। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल परिसरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जाएगा। आधुनिक डिजाइन वाले सीएम श्री प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। खेल मैदानों में आधुनिक आउटडोर गैलरी विकसित की जाएगी, जिसका उपयोग आउटडोर कक्षाओं, मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियों तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए किया जा सकेगा। बास्केटबॉल कोर्ट में नया टर्फ बिछाया जाएगा। यह सारा कार्य अगल साल के अंत तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।  

ब्रांड पुशिंग का असर, दिल्ली में बीयर बिक्री दोगुनी, आबकारी राजस्व में 17% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग द्वारा बियर, शराब की ब्रैंड पुशिंग की नीति का फायदा दिखने लगा है। दिल्ली में शराब की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने में रेवेन्यू में 17% का इजाफा हुआ है। बियर के नेशनवाइड पॉपुलर बियर बैंड की बिक्री भी दोगुनी हो चुकी है। दो महीने में 885 करोड़ आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहले दो महीने ( अप्रैल- मई) में शराब की बिक्री से कुल 885 करोड़ का रेवेन्यू मिला था, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसी दौरान बढ़कर 1038 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में शराब की बिक्री से कुल वास्तविक रेवेन्यू 7148 करोड़ रुपये रखा था, जो इस साल बढ़ाकर 7200 करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार का कहना है कि ब्रेड पुशिंग के चलते शराब व बियर की बिक्री में इजाफा हुआ है। इधर, सस्ती बीयर की डिमांड घटी अधिकारी के मुताबिक गर्मियों के दौरान बियर की बिक्री बढ़ जाती है। इसलिए हमने नेशन वाइज पॉपुलर बियर बैंड की पुशिंग 24% से बढ़ाकर 54% कर दी है। इससे बिक्री पर असर पड़ा है। पिछले साल मई 2025 में पॉपुलर ब्रैंड की बियर की बिक्री 2,47,143 थी, जो इस साल बढ़कर 5,96,351 हो गई है। इससे कम पॉपुलर ब्रेड की बिक्री जो 2025 में कुल बिक्री का 76% था, वह घटकर 46 फीसदी पर आ गई है। ब्रांड पुशिंग को लेकर बनाया दबाव अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में आबकारी विभाग ने सभी चार निगमों को ब्रांड पुशिंग को लेकर लगातार दबाव बनाया। इसके अलावा ब्रांडेड शराब की बिक्री को लेकर निगरानी भी बढ़ाई। उसकी नतीजा है कि दिल्ली के जो लोग अच्छी बियर व शराब के लिए दिल्ली की सीमा से सटे दूसरे राज्यों में जाते थे, उन्होंने दिल्ली में ही खरीदारी की। इससे बियर की बिक्री बढ़ी।  

दिल्ली में नया फ्लाईओवर पूरा, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली की दूरी घटेगी

नई दिल्ली  अगले महीने से एम्स, साउथ एक्स या आईएनए से मयूर विहार फेज-2 और आसपास के इलाकों में आने-जाने वालों का सफर सुहाना होने वाला है। साउथ दिल्ली को पूर्वी दिल्ली से कनेक्ट करने के लिए 3.5 किमी लंबा बनाए जा रहे बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का अंतिम स्लैब पियर सोमवार को रखा गया। फ्लाईओवर के कुल 79 पियर हैं, जिस पर 80 स्लैब रखे गए हैं। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इसका निरीक्षण किया। पहले 30 जून तक फ्लाईओवर से ट्रैफिक संचालन का प्लान था, लेकिन मौके पर जैसे हालात हैं, उसे देखने के बाद उद्घाटन अगले महीने तक ही संभव है। होगी समय की बचत मंत्री के अनुसार, इस फ्लाईओवर से ट्रैफिक संचालन शुरू होने के बाद एम्स और आईएनए से मयूर विहार फेज-2 और आसपास के इलाकों में आने जाने में महज 10 मिनट का वक्त लगेगा। वर्तमान में नई दिल्ली एरिया के आईएनए, एम्स या सफदरजंग से पूर्वी दिल्ली जाने में कम से कम 50 मिनट से एक घंटे का वक्त लगता है। फेज-3 फ्लाईओवर का काम साल 2015 में शुरू हुआ था और साल 2017 में इसे पूरा करना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद, अलग अलग विभागों से मंजूरी में देरी और तकनीकी जटिलताओं और प्रशासनिक कारणों से यह प्रोजेक्ट बरसों तक लंबित रहा। देरी की वजह से ही प्रोजेक्ट कॉस्ट में काफी बढ़ोतरी हुई। यमुना के दोनों छोर पर स्थित फ्लड प्लेन एरिया में स्लैब का काम कंप्लीट हो चुका है। यमुना के बीचो-बीच एक स्लैब पियर्स पर रखना था, यह काम भी आज पूरा हो गया है।

अब लाइसेंस और NOC के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर दिल्ली में

नई दिल्ली अब लाइसेंस, होटल रजिस्ट्रेशन, NOC, सीवर कनेक्शन जैसे कामों के लिए दिल्ली की जनता और कारोबारियों को महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दिल्ली सरकार ने 23 सेवाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराने के दायरे में कर दिया है। यानी अब आवेदन करने वालों को पहले से पता होगा कि उनका काम कितने दिनों में होगा और देरी होने पर जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।     दिल्ली सरकार ने 23 नई सेवाओं को दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलिवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट, 2011 के तहत शामिल किया है।     इसका मतलब है कि अब कई जरूरी सरकारी सेवाएं तय समय सीमा में देनी होंगी।     सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों के साथ, कारोबारियों, होटल, पर्यटन, निर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।     मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का मकसद नागरिकों और कारोबारियों को सरकारी सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराना है।     अब विभिन्न विभागों से मिलने वाली महत्वपूर्ण अनुमतियां, लाइसेंस, पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किए जाएंगे।     अनावश्यक देरी कम होगी और बार-बार दफ्तरों के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। किस काम के लिए कितना समय लगेगा?     दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा     पावर डिपार्टमेंट बिजली मीटर से संबंधित आवेदन और कनेक्शन समझौते की प्रक्रिया 60 दिनों में।     खाद्य व्यवसाय के लिए राज्य लाइसेंस के लिए स्थानीय निकाय का एनओसी 60 दिनों में मिलेगी।     होटल पंजीकरण या संचालन अनुमति 60 दिनों में और बूचड़खाना लाइसेंस 60 दिनों में जारी किया जाएगा।     मोबाइल टावर स्थापना की अनुमति 30 दिनों में

राजधानी की सड़कों पर स्मार्ट रोशनी का नया दौर, कंट्रोल सेंटर से होगी स्ट्रीटलाइटों की निगरानी

नई दिल्ली  दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही स्मार्ट तकनीक आधारित स्ट्रीटलाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने करीब 93 हजार स्ट्रीटलाइटों को आधुनिक बनाने की योजना शुरू की है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को एकमुश्त भुगतान नहीं किया जाएगा, बल्कि उनकी EMI कार्यक्षमता के आधार पर दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से सड़कों पर बेहतर रोशनी मिलेगी, रखरखाव में सुधार होगा और सरकारी खर्च का बोझ भी कम होगा। इसके साथ ही दिल्ली में लगे लगभग 1.4 लाख चीनी मूल के सीसीटीवी कैमरों को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। पहले चरण में 50 हजार कैमरे बदले जाने की योजना है। स्मार्ट एलईडी लाइटों से होगा बदलाव PWD की सड़कों पर लगी पुरानी सोडियम वेपर और पुराने एलईडी लाइटों को हटाकर नई स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा लगभग 5,000 नए पोल भी लगाए जाएंगे, ताकि अंधेरे वाले हिस्सों में पर्याप्त रोशनी पहुंच सके। प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा भुगतान नई व्यवस्था में ठेकेदारों को तभी भुगतान मिलेगा जब स्ट्रीटलाइटें सही तरीके से काम करेंगी। यदि लाइटें खराब रहती हैं या समय पर मरम्मत नहीं होती है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है। इससे ठेकेदारों की जवाबदेही बढ़ेगी और रखरखाव बेहतर होगा। कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी PWD मुख्यालय में एक केंद्रीय कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। यहां से हर स्ट्रीटलाइट की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। स्मार्ट लाइटों की रोशनी मौसम और जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा भी की जा सकेगी। बिजली बचत पर सरकार का जोर वित्त विभाग के आकलन के अनुसार स्मार्ट एलईडी प्रणाली से बिजली की खपत में बड़ी कमी आएगी। सरकार को उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में लगभग 300 करोड़ रुपये की बचत होगी। अधिकारियों का मानना है कि यह योजना दिल्ली की सड़कों को अधिक सुरक्षित, ऊर्जा-कुशल और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने में मदद करेगी।

PWD की नई पहल: QR कोड स्कैन कर लोग सीधे दर्ज करा सकेंगे सड़क की शिकायत

नई दिल्ली  दिल्ली में अब सड़क पर गड्ढा, टूटी सड़क या किसी अन्य समस्या की शिकायत करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (PWD) जल्द ही अपनी सड़कों पर QR कोड आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके तहत लोग सड़क किनारे लगे बोर्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह पहल 'नो योर रोड' (Know Your Road) प्रोजेक्ट के तहत शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को सड़कों से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराना और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह सुविधा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में उपलब्ध होगी। क्या होगी नई व्यवस्था?     दिल्ली की सभी PWD सड़कों को एक यूनिक QR कोड दिया जाएगा।     सड़क किनारे लगे बोर्ड पर यह QR कोड दिखाई देगा।     कोड स्कैन करते ही नागरिक एक ऑनलाइन पोर्टल पर पहुंच जाएंगे। मिलेगी सड़क की पूरी जानकारी     सड़क कब बनी थी और आखिरी बार कब मरम्मत हुई, इसकी जानकारी मिलेगी।     सड़क की देखरेख करने वाले इंजीनियर और ठेकेदार का विवरण भी उपलब्ध होगा।     नागरिक सीधे उसी सड़क से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 60 दिनों में पूरा होगा काम     प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।     शुरुआत में पांच सड़कों पर इसका परीक्षण होगा।     इसके बाद 100 सड़कों पर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा।     सफल परीक्षण के बाद पूरे शहर में इसे लागू किया जाएगा। 2500 से ज्यादा QR कोड लगाए जाएंगे     चौथे से आठवें सप्ताह के बीच दिल्ली भर में करीब 2500 QR कोड लगाए जाएंगे।     सड़कों के दोनों ओर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।     खराब या क्षतिग्रस्त QR कोड को तुरंत बदला जाएगा।     जवाबदेही और निगरानी होगी मजबूत इस प्रोजेक्ट से सड़कों की निगरानी आसान होगी और शिकायतों के निस्तारण पर नजर रखी जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकेंगी।

तेज गर्मी और चिपचिपी उमस से बेहाल दिल्ली, अगले 7 दिन मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में लोगों को इन दिनों तेज गर्मी के साथ भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को तापमान सामान्य के आसपास रहने के बावजूद हवा में नमी अधिक होने से लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस हुई। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने वालों को चिपचिपी गर्मी ने काफी परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि रविवार रात और सोमवार को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। महसूस हुआ 43.4 डिग्री तापमान     रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     दोपहर 2:30 बजे वास्तविक तापमान 37.2 डिग्री था, लेकिन उमस के कारण यह 43.4 डिग्री जैसा महसूस हुआ।     इसे हीट इंडेक्स या "फील लाइक" तापमान कहा जाता है। अगले कुछ दिनों का मौसम     सोमवार को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।     26 जून तक तापमान फिर से 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है।     रविवार का न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था।     मौसम विभाग ने फिलहाल कोई रंग-आधारित चेतावनी जारी नहीं की है। बारिश अभी भी सामान्य से कम     जून महीने में अब तक सफदरजंग मौसम केंद्र पर 31.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है     पूरे जून महीने की सामान्य वर्षा 74.1 मिमी मानी जाती है।     इससे साफ है कि इस महीने अब तक बारिश सामान्य से काफी कम रही है। हवा की गुणवत्ता रही मध्यम     दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रविवार को 127 दर्ज किया गया।     यह "मध्यम" श्रेणी में आता है।     जून में अब तक 18 दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम और 3 दिन संतोषजनक श्रेणी में रही है।