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दिल्ली में घने कोहरे से 100 ट्रेनें लेट, एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन सामान्य

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भीषण सर्दी से ठिठुर रही है. विजिबिलिटी कम है, एक्यूआई का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है और यातायात भी प्रभावित हो रहा है. घने कोहरे और कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं, वहीं ट्रेन परिचालन भी प्रभावित हो रहा है. कोहरे के कारण करीब सौ ट्रेनें लेट चल रही हैं. कोहरे के कारण ट्रेन परिचालन पर पड़ रहे असर को लेकर रेलवे ने बयान जारी किया है. भारतीय रेलवे की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक  करीब सौ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं. वहीं, कम से कम ट्रेनों के रूट बदले गए हैं. ट्रेनों की लेट-लतीफी के कारण इनमें यात्रा कर रहे यात्री परेशान हैं. हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही सामान्य हो गई है. दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों के टेकऑफ या लैंडिंग में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और फ्लाइट ऑपरेशंस सामान्य हैं. दिल्ली एयरपोर्ट ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि हमारे कर्मचारी यात्रियों की सहायता करने और उन्हें जरूरी सपोर्ट उपलब्ध करा रहे हैं. एयरपोर्ट ने अपनी फ्लाइट की अपडेटेड जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क करने की अपील भी यात्रियों से की है. गौरतलब है कि दिल्ली में घने कोहरे के कारण कई जगह विजिबिलिटी बहुत कम रह गई थी. सुबह-सुबह कई जगह विजिबिलिटी सौ मीटर से भी कम रही. इसकी वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.     मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 दिसंबर तक घना से बहुत घना कोहरे का अलर्ट दिया     पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी 2026 तक घने कोहरे का अलर्ट है     जम्मू और उत्तरी मध्य प्रदेश में 30 दिसंबर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में 5 जनवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा     अरुणाचल प्रदेश में 31 दिसंबर तक और असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर में 3 जनवरी तक घने कोहरे का अलर्ट है.      ओडिशा में 3 जनवरी तक और बंगाल में 31 दिसंबर से 3 जनवरी के दौरान घना कोहरा दिखेगा कोल्ड डे का अलर्ट जारी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 31 दिसंबर तक कोल्ड डे से लेकर गंभीर शीत दिवस के हालात रहेंगे. यानी भयंकर सर्दी पड़ेगी.हिमाचल प्रदेश में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को और उत्तराखंड में 29 और 30 दिसंबर को को शीत लहर का अलर्ट है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिचमी मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी 30-31 दिसंबर तक शीत लहर  के हालात रहने की बहुत अधिक संभावना है. दिल्ली में हवा की गुणवत्ता भी गंभीर और बहुत गंभीर श्रेणी में बनी हुई है. दिल्ली का औसत एक्यूआई 380 के पार है. वहीं, कई एक्यूआई स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता का स्तर 400 के भी पार पहुंच चुका है. दिल्ली से देरी से रवाना होने वाली प्रमुख ट्रेनें ट्रेन का नाम विलंब नई दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस सवा सात घंटे नई दिल्ली-कालका शताब्दी एक्सप्रेस पौने सात घंटे नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 5.50 घंटे नई दिल्ली-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस 5.25 घंटे नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर विशेष पांच घंटे नई दिल्ली-लोहियां खास सरबत दा भला एक्सप्रेस पांच घंटे नई दिल्ली-सोगरिया (कोटा) सुपरफास्ट एक्सप्रेस सवा दो घंटे आनंद विहार टर्मिनल-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस 5.05 घंटे नई दिल्ली-दरभंगा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस एक घंटा पुरानी दिल्ली-जैसलमेर रुनिचा एक्सप्रेस एक घंटा

महिलाओं के लिए दिल्ली की मुफ्त बस सुविधा में बदलाव, नए साल में लागू हो सकता है नया सिस्टम

 दिल्ली दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर का तरीका जल्द बदलने जा रहा है। नए साल के शुरुआती दिनों में ही नए सिस्टम को लागू किया जा सकता है। पिंक सहेली कार्ड को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। मुफ्त बस सफर का फायदा लेने के लिए महिलाओं को स्मार्ट कार्ड बनवाना होगा। इसके साथ ही पेपर वाले पिंक टिकट की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अक्टूबर 2019 में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर की शुरुआत की थी। भाजपा सरकार ने मुफ्त सफर की सुविधा को जारी रखते हुए इसके तरीके में बदलाव की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि नए सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी। भाजपा पिंक टिकट सिस्टम में गड़बड़ी का आरोप लगाती रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट (DTC) ने स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए दो प्राइवेट वेडर्स को जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार शहरभर में इसके लिए काउंटर्स खोलेगी। दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड का इस्तेमाल करत हुए महिलाएं पिंक सहेली कार्ड के लिए अप्लाई कर सकेंगी। कहां बनेंगे कार्ड, क्या शर्तें रिपोर्ट के मुताबिक काउंटर डीएम, एसडीएम के दफ्तरों, बस डिपो और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर खोले जाएंगे ताकि लोग आसानी से वहां पहुंच सकें। अधिकारियों के मुताबिक सहेली कार्ड प्राप्त करने के लिए दिल्ली निवासी होना अनिवार्य है। कार्ड के लिए न्यूनतम उम्र 12 साल होनी चाहिए। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड कैसे काम करेगा नया सिस्टम, कार्ड नहीं तो क्या होगा सफर के दौरान महिलाओं को अपने स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) पर टच करना होगा। मौजूदा व्यवस्था में कंडक्टर महिलाओं को पिंक टिकट देते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में वह सफर कर रही महिलाओं से कार्ड लेंगे और ईटीएम पर टच करके वापस कर देंगे। यदि किसी महिला के पास स्मार्ट कार्ड नहीं हुआ तो टिकट खरीदनी होगी। बस पास भी होंगे स्मार्ट पिंक सहेली कार्ड के अलावा दो अन्य श्रेणी के स्मार्ट कार्ड भी बनाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिक, विकलांग, खिलाड़ी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता समेत 12 श्रेणियों के लोगों को पास भी स्मार्ट कार्ड में बदले जाएंगे। इसके अलावा आम लोग भी स्मार्ट कार्ड बनवाकर इसे रिचार्ज करा सकेंगे। यह मेट्रो कार्ड की तर्ज पर काम करेगा।

मौतों का अड्डा बनता वाटर प्लांट! दिल्ली में 4 साल में सबसे ज्यादा शव, एक साल में 35 मामले

नई दिल्ली देश की राधानी दिल्ली में एक ऐसा वाटर प्लांट है जो लाशें उगलता है। पढ़ने में आपको अजीब लगे लेकिन यह सच है। इस साल कुल 35 शव इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकाले जा चुके हैं। हाल ही में एक 18 साल के युवक की हत्या कर शव फेंके जाने के मामले में दो किशोरों की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। हैदरपुर जल शोधन संयंत्र (WTP) में शवों की बरामदगीकई सवाल खड़े कर रही है। चार सालों में सबसे अधिक संख्या दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक इस प्लांट से कुल 35 शव बरामद किए जा चुके हैं। यह पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। पुलिस ने बताया कि हर महीने औसतन दो से तीन शव यहां से मिलते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शव अक्सर मुनक नहर के जरिए हैदरपुर पहुंचते हैं। यह नहर हरियाणा से दिल्ली में कच्चा पानी लाती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पहुंचने से पहले इस नहर के ज्यादातर हिस्सों में कोई जाली नहीं लगी है। इस कारण हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों से बहकर आने वाले शव अक्सर हैदरपुर प्लांट में आकर फिल्टर सिस्टम में फंस जाते हैं। शवों की पहचान और सुरक्षा के उपाय मुनक नहर 102 किलोमीटर लंबी एक जलवाहिनी है। यह हरियाणा के करनाल से यमुना का पानी लेकर चलती है, खुबरू और मंडोरा बैराज से होते हुए दक्षिण की ओर बढ़ती है और अंत में हैदरपुर प्लांट (WTP) पर जाकर खत्म होती है। : पुलिस ने बताया कि हरियाणा से शवों को बहकर हैदरपुर पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं। इस कारण लगभग सभी शव इतनी बुरी तरह सड़ जाते हैं कि उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी वजह से ज्यादातर शव लावारिस ही रह जाते हैं। हमारे सहयोगी हिन्दुस्तान टाइम्स (HT) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मिले 35 शवों में से 20 की पहचान हो पाई है, जबकि 15 की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा कि इन मौतों के पीछे प्राकृतिक कारण, डूबना, आत्महत्या और हत्या जैसे अलग-अलग मामले शामिल हैं। सुरक्षा के लिए नए कदम पुलिस ने रविवार को बताया कि उन्होंने हैदरपुर प्लांट के अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने और अतिरिक्त गार्ड तैनात करने को कहा है। पुलिस का कहना है कि उनका काफी समय और कर्मचारी नियमित रूप से शवों को बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और मौत के कारणों की जांच करने में ही लगे रहते हैं। हाल के कुछ मामले दोस्ती में हत्या: सबसे हालिया मामला पिछले बुधवार को सामने आया, जब दो युवकों को अपने ही एक किशोर दोस्त की हत्या के आरोप में पकड़ा गया। हत्या का कारण यह था कि वह दोस्त आरोपियों में से एक की चचेरी बहन से बात करता था। 22 नवंबर को पुलिस को हैदरपुर प्लांट के पास मुनक नहर में एक लाश तैरती हुई मिली। जब शव को बाहर निकाला गया, तो मृतक के हाथ-पैर जूतों के फीतों से बंधे थे, गले में रूमाल लिपटा हुआ था और सिर पर किसी नुकीले हथियार के तीन गहरे घाव थे। पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय आशीष और 23 वर्षीय विशाल को इस सप्ताह गिरफ्तार कर लिया है। दिसंबर के पहले हफ्ते में पुलिस को एक और शव मिला था। जांच में पता चला कि मृतक एक बेघर व्यक्ति था जिसकी मौत किसी बीमारी के कारण हुई थी। हालांकि, पुलिस अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित है कि वह मुनक नहर तक कैसे पहुंचा। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, साल 2022 से 2024 के बीच जल शोधन संयंत्र (WTP) के पास कम से कम 79 मानव शव मिले हैं। इलाके के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि के.एन. काटजू मार्ग पुलिस स्टेशन के कर्मियों के लिए तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं: ➤यह पता लगाना कि किन परिस्थितियों में शव प्लांट तक पहुंचे। ➤शवों की पहचान करना। ➤लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजीव रंजन ने बताया कि शवों को समय पर बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और संबंधित मामले दर्ज करने के लिए विशेष स्टाफ तैनात किया गया है। उन्होंने पुष्टि की, "हमारे पास अब तक 35 शवों का डेटा है।" पुलिस ने हरियाणा के अधिकारियों को पत्र लिखकर नहर में जालियां (nets) या फिल्ट्रेशन यूनिट लगाने का अनुरोध किया है ताकि वहां से बहकर आने वाले शव हैदरपुर तक न पहुँचें। वर्तमान में, हैदरपुर प्लांट में तीन परतों वाली जालियां (filtration nets) लगी हैं ताकि कच्चे पानी के मशीनों तक पहुँचने से पहले ही इन सभी चीजों को बाहर निकाला जा सके।  

घर खरीदने का सुनहरा मौका: दिल्ली की प्रमुख लोकेशन पर DDA फ्लैट्स, जानिए रेट और लेआउट

नई दिल्ली अफोर्डेबल हाऊसिंग प्रोजेक्ट के तहत DDA आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 'जनता आवास योजना' लेकर आया है। इसके अंतर्गत वह EWS श्रेणी के रेडी टू मूव इन फ्रीहोल्ड 144 फ्लैट्स बेचने जा रहा है। इनमें से 82 EWS फ्लैट्स दिल्ली की प्राइम लोकेशन द्वारका मोड़ पर उपलब्ध हैं और मेट्रो स्टेशन से केवल 100 मीटर की दूरी पर हैं। इन फ्लैट्स का साइज 29.246 SQM से 30.688 स्क्वेयर मीटर तक है, वहीं 62 अन्य फ्लैट्स गांव चंदनहौला छतरपुर मेन रोड पर स्थित हैं और इनका साइज 45.575 SQM से 48.249 स्क्वेयर मीटर के बीच है।   डीडीए की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार द्वारका मोड़ पर उपलब्ध फ्लैट्स की कीमत 12.63 लाख रुपए (टाइप ए) और 13.24 लाख रुपए (टाइप बी) है। वहीं गांव चंदनहौला, SSN मार्ग, छतरपुर मेन रोड पर उपलब्ध फ्लैट्स की कीमत 23.05 लाख रुपए से 24.37 लाख रुपए तक है। इन दोनों योजनाओं के तहत उपलब्ध फ्लैट्स के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए स्कीम ब्रॉशर (योजना पुस्तिका) 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे, वहीं इनके लिए रजिस्ट्रेशन 7 जनवरी 2026 से शुरू होगा। इन फ्लैट्स की बुकिंग 7 फरवरी 2026 तक की जा सकेगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण का कहना है कि इन फ्लैट्स की बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और फ्लैट्स पाने वाले भाग्यशाली लोगों का ड्रॉ 13 फरवरी 2026 को निकाला जाएगा। फ्लैट्स खरीदने के इच्छुक लोगों के देखने के लिए सैम्पल फ्लैट्स भी उपलब्ध हैं। ये फ्लैट्स अस्पताल, स्कूल और बाजारों के निकट हैं। और यहां पर कवर्ड व अनकवर्ड दोनों ही तरह की पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इन फ्लैट्स के बारे में 1800-110332 पर कॉल करके या फिर डीडीए की वेबसाइट http://dda.gov.in पर विजिट करके भी ज्यादा जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन के लिए जरूरी आर्थिक शर्त इन EWS फ्लैट के लिए अप्लाई करने वाले आवेदक और संयुक्त/सह-आवेदक की पारिवारिक आय, अगर दोनों परिवारों को अलग-अलग माना जाए, तो 10 लाख रुपए सालाना से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। इस क्लॉज़ के लिए फैमिली इनकम में एप्लीकेंट और उसके पति/उसकी पत्नी(अगर शादीशुदा हैं) की इनकम शामिल है। जॉइंट एप्लीकेंट/को-एप्लीकेंट परिवार का ही होना चाहिए। फैमिली का मतलब है कोई व्यक्ति या उसकी पत्नी या उसका पति या उसके/उस पर निर्भर कोई भी रिश्तेदार, जिसमें अविवाहित बच्चे भी शामिल हैं। एप्लीकेंट (और/या को-एप्लीकेंट) को इस बारे में काबिल अथॉरिटी (संबंधित SDM/तहसीलदार/जारी करने वाली अथॉरिटी के ऑफिस से) से जारी किया गया सालाना फैमिली इनकम सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इस बारे में जारी एक प्रेस नोट में डीडीए ने बताया, 'अपने घर का सपना अब होगा सच! डीडीए जनता आवास योजना 2025 के तहत द्वारका मोड़ और गांव चंदनहौला छतरपुर मेन रोड में मात्र 12.63 लाख रुपए से शुरू शानदार EWS रेडी-टू-मूव-इन फ्रीहोल्ड फ्लैट्स उपलब्ध। इस योजना के तहत उपलब्ध फ्लैट्स के स्कीम ब्रॉशर (योजना पुस्तिका) 31 दिसंबर 2025 से उपलब्ध होंगे, वहीं इनके लिए रजिस्ट्रेशन 7 जनवरी 2026 से शुरू होगा।'  

एयर प्यूरीफायर पर टैक्स कम करने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से तलब किया विस्तृत जवाब

नई दिल्ली  एयर प्यूरीफायर पर लगाए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को कम करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 दिनों में केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम करने या खत्म करने पर फैसला लेने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की कोई भी बैठक सिर्फ आमने-सामने हो सकती है, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक नहीं कर सकते। जस्टिस विकास महाजन और जस्टिस विनोद कुमार की वेकेशन बेंच ने केंद्र सरकार को अपना काउंटर-एफिडेविट दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एन. वेंकटरमन ने एयर प्यूरीफायर को मेडिकल डिवाइस घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। जस्टिस महाजन की बेंच ने अपने आदेश में कहा, "केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एन. वेंकटरमन ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक अगर होनी है तो वह सिर्फ आमने-सामने ही संभव है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक नहीं हो सकती।" उन्होंने आगे कहा कि एक विस्तृत काउंटर एफिडेविट दाखिल करने की जरूरत है और याचिकाकर्ता को इसके बाद जवाब दाखिल करने की इजाजत दी। सुनवाई के दौरान वेंकटरमन ने वकील कपिल मदान द्वारा दायर जनहित याचिका की वैधता पर गंभीर आपत्ति जताई। यह तर्क देते हुए कि याचिका पक्षपातपूर्ण थी और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति को प्रभावित करने वाले निर्देशों की मांग करने के बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पक्षकार बनाए बिना दायर की गई थी। केंद्र सरकार के कानून अधिकारी ने कहा, "कल हमारी एक आपातकाल बैठक हुई थी। हमें इस पीआईएल से चिंता है। हमें नहीं पता कि इस याचिका के पीछे कौन है। यह पीआईएल नहीं है। स्वास्थ्य विभाग तो पार्टी भी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, "सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सहमत होना होगा। वित्त मंत्री सदस्य हैं। अगर किसी चीज पर वोटिंग होनी है तो वह सिर्फ आमने-सामने ही हो सकती है।" एन. वेंकटरमन ने आगे कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना जीएसटी में कमी का निर्देश देना "पैंडोरा बॉक्स" खोल सकता है। केंद्र सरकार के कानून अधिकारी ने कहा, "संसदीय समिति ने कुछ सिफारिश की है। एक प्रक्रिया है। हम अभी कुछ नहीं कह रहे हैं। या तो हम कम करेंगे या नहीं। संवैधानिक मुद्दा शामिल है," यह सुझाव देते हुए कि जनहित याचिका को जीएसटी काउंसिल के सामने एक प्रतिनिधित्व के रूप में माना जा सकता है। दूसरी ओर याचिकाकर्ता ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन पर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का हवाला देते हुए केंद्र की आपत्तियों का जवाब दिया और तर्क दिया कि एयर प्यूरीफायर पर गलत जीएसटी स्लैब के तहत टैक्स लगाया जा रहा है। वकील मदन ने कहा, नोटिफिकेशन को पढ़ने से यह साफ है कि वे एक अलग शेड्यूल के तहत आते हैं और उन पर गलत तरीके से टैक्स लगाया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देरी से राष्ट्रीय राजधानी में रहने वालों की परेशानी और बढ़ेगी, हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि काउंटर एफिडेविट मंगवाए बिना वह इस मामले में अंतिम निर्देश जारी नहीं कर सकता। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।

प्रदूषण संकट में भी दिल्ली सरकार निष्क्रिय, केजरीवाल ने नहीं दिखाई गंभीरता : वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली  दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एलजी की ओर से लिखे पत्र का जिक्र करके पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीरेंद्र सचदेवा ने शुक्रवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एलजी के पत्र से यह साफ खुलासा हो रहा है कि किस तरह से अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उदासीनता बरती। पिछले 12 सालों तक अरविंद केजरीवाल दिल्ली के सीएम के पद पर काबिज रहे। इसके बावजूद भी उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। इसी का नतीजा है कि दिल्ली के लोगों को दमघोंटू हवा में सांस लेना पड़ रहा है। अगर अरविंद केजरीवाल ने उस समय में वायु प्रदूषण पर कोई ठोस कदम उठाया होता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि एलजी बाकायदा तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से वायु प्रदूषण के समाधान पर ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे थे। लेकिन, अफसोस अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि छोड़िए, कुछ दिनों तक यह मुद्दा हावी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता इसे उठाते हुए कोर्ट का रुख करेंगे। लेकिन, बाद में सब भूल जाएंगे। अरविंद केजरीवाल की बातों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वह दिल्ली के प्रदूषण के मामले को लेकर कितने गंभीर थे। उनकी कोताही की वजह से आज दिल्ली के लोगों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया कि आज की तारीख में दिल्ली की भाजपा शासित सरकार राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोगों को एक साफ वातावरण मिले। लेकिन, एलजी के पत्र से जिस तरह तत्कालीन मुख्यमंत्री की कार्यशैली उजागर हुई है, उससे आम आदमी पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि आज हमारी सरकार दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में पूरी तरह से काम कर रही है। किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं कर रही है। हमारी सरकार दिल्ली को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। लेकिन, हम तत्कालीन सरकार के पाप को ढो रहे हैं।

लेटर ने बढ़ाई सियासी तपिश: AAP ने LG को बताया ‘गजनी’, BJP ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली   दिल्ली में हवा चलने की वजह से एक्यूआई में भले ही कुछ सुधार हो गया है, लेकिन इस बीच राजनीति 'गंभीर श्रेणी' में पहुंच गई है। दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी 'आप' के बीच टकराव और आरोप-प्रत्यारोप चरम पर पहुंच गया है। एलजी विनय सक्सेना की ओर से अरविंद केजरीवाल को लिखे गए लेटर के बाद 'आप' भड़की हुई है। अब फिल्मी पलटवार करते हुए केजरीवाल की पार्टी ने एलजी को 'गजनी' बताते हुए उनका पोस्टर जारी किया है। वहीं, भाजपा ने जवाब देते हुए कहा कि भूले तो दिल्ली को केजरीवाल हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। दरअसल पिछले दिनों एलजी वीके सक्सेना ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के नाम 15 पन्नों का लेटर लिखते हुए उन पर कई आरोप लगाए। एलजी ने कहा कि जब केजरीवाल सीएम थे तो उनके सामने प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर करने पर आप प्रमुख ने इसे नजरअंदाज करने को कहा था। एलजी के मुताबिक केजरीवाल ने कहा था, 'सर यह हर साल होता है। मीडिया इसे 15-20 दिन उठाती है। एक्टिविस्ट और कोर्ट मुद्दा बनाते हैं और फिर हर कोई भूल जाता है। आपको भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।' एलजी की ओर से किए गए इन दावों को पहले तो 'आप' ने खारिज किया और फिर फिल्मी पोस्टर के जरिए पलटवार किया है। 'आप' ने आमिर खान की फिल्म 'गजनी' के पोस्टर में फेरबदल करते हुए एलजी पर निशाना साधा। आप दिल्ली के एक्स हैंडल पर इस पोस्टर को साझा करते हुए LG का मतलब बताया गया- लो क्वालिटी गजनी। पोस्टर पर लिखा गया है, 'दिल्ली में भारी प्रदूषण से गई एलजी की याददास्त, केजरीवाल को लिखा पत्र।' फिल्म के पोस्टर को एडिट करके एलजी का चेहरा लगा दिया गया है। शरीर पर- केजरीवाल इज रिस्पॉन्सिबल, बीजेपी, पलूशन, दिल्ली इन 2025 जैसे शब्द लिखे हैं। 'आप' का कहना है कि सक्सेना भूल गए हैं कि अब दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और प्रदूषण से निपटने की जिम्मेदारी उसकी है। वीरेंद्र सचदेवा ने 'आप' पर पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल दिल्ली को भूले हैं, इसलिए तस्वीर उनकी ही लगानी चाहिए थी। उन्होंने मौजूदा हालात के लिए पूर्व की आप सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा, 'जिम्मेदारी हमारी है लेकिन किन चीजों की? उन पापों की जो आपने 12 साल में किए। आज प्रदूषण की जो हालत है उसके लिए जिम्मेदार कौन हैं। एलजी ने जो कहा वह मेरे लिए भी हैरान करने वाला है। उस समय के मुख्यमंत्री, जब एलजी प्रदूषण पर बात करते हैं, तो कहते हैं कि 15-20 दिन का मुद्दा है, मीडिया उठाएगी, कुछ लोग कोर्ट जाएंगे और फिर बात खत्म हो जाएगी। इस पर बात करने की जरूरत नहीं है। आज की हालत के लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं।जहां तक पोस्टर की बात है, गजनी को भूलने की बीमारी थी। दिल्ली में करारी हार के बाद कोई भूला है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। आप के विदूषकों ने तस्वीर गलत लगाई है, अरविंद केजरीवाल की लगानी चाहिए थी जो दिल्ली को भूलकर भाग गए।'  

प्रदूषण पर व्यंग्य बना कानूनी मुसीबत, सांता क्लॉज वीडियो को लेकर AAP नेताओं पर केस दर्ज

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज, संजय झा और आदिल अहमद खान के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR सांता क्लॉज़ से जुड़ा एक वीडियो बनाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज की गई है। इस मामले में प्राप्त शिकायत के अनुसार 17 और 18 दिसंबर 2025 को इन नेताओं ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से एक वीडियो पोस्ट किया था। यह वीडियो कनॉट प्लेस में किए गए एक राजनीतिक स्किट (प्रदर्शन) से जुड़ा है। वीडियो में सांता क्लॉज, जो कि ईसाई समुदाय के लिए एक पवित्र और सम्मानित धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक हैं, को मजाकिया और अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है। वीडियो में सांता क्लॉज को सड़क पर बेहोश होकर गिरते हुए दिखाया गया और उन्हें राजनीतिक संदेश देने के लिए एक प्रॉप (साधन) की तरह इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, वीडियो में नकली CPR करते हुए सांता क्लॉज का मजाक भी उड़ाया गया, जिससे सेंट निकोलस और क्रिसमस पर्व की पवित्रता को ठेस पहुंची। शिकायत में कहा गया है कि यह सब जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया, ताकि ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सके। एडवेंट के अंतिम दिनों में धार्मिक प्रतीक का इस तरह राजनीतिक इस्तेमाल करना ईसाई धर्म का अपमान माना गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक रूप से किसी धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाना BNS की धारा 302 का उल्लंघन है। दिल्ली पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। यह मामला अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आम आदमी पार्टी ने उन्हें भाजपा कार्यकर्ता बताया है। साथ ही भाजपा नेताओं के साथ उनके कुछ फोटोज भी शेयर किए हैं। ‘तब भाजपा के किसी ईसाई कार्यकर्ता की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई’ उधर इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सांता क्लॉज की स्किट पर FIR हो गई है। सोशल मीडिया और आप लोगों की ताक़त से आज भाजपा बहुत परेशान हैं। ये सोशल मीडिया की ताक़त है कि भाजपा सरकार को प्रदूषण पर जवाब देना पड़ रहा है, AQI पर चर्चा हो रही है। सांता क्लॉज की स्किट से हमने प्रदूषण के मुद्दे को जन जन तक पहुँचाया, जिससे दिल्ली और केंद्र की सरकार को काफ़ी परेशानी है। ये सोशल मीडिया की ताक़त है कि अरावली पर्वतमाला पर सरकार बैकफुट पर आई है। कुलदीप सिंह सेंगर वाला मामला और उत्तराखंड की अंकिता भंडारी वाला मामला भी उल्टा पड़ रहा है।' इसके आगे उन्होंने लिखा, 'अब डराने, धमकाने के लिए ED, CBI, दिल्ली पुलिस की FIR का दौर चल रहा है। संघियों का प्रॉपगेंडा अब एक्सपोज़ हो रहा है तो डर रहे हैं। अभी इनको और Expose करना है और भी डराना है। भाजपा के ही कार्यकर्ता अब ईसाई का मुखौटा लगाकर कह रहे है , उनकी धार्मिक भावना आहत हो गई, और पुलिस FIR दर्ज कर रही है। जब दिल्ली के लाजपत नगर में सांता क्लॉज की टोपियाँ खींची गई, धमकाया गया, गाली देकर भगाया गया, तब किसी भाजपा के ईसाई कार्यकर्ता की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई। जिसकी धार्मिक भावना आहत हुई है उनकी भाजपा के नेताओं के साथ तस्वीर ही तस्वीर है, इनको मुफ्त की पब्लिसिटी नहीं देना।'  

अटल कैंटीन का कमाल: दिल्ली में ₹5 में थाली, जानें क्या-क्या मिलेगा

 नई दिल्ली दिल्ली की भाजपा सरकार अपने एक और चुनावी वादे को पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर राजधानी में अटल कैंटीन की शुरुआत कर रही है। गुरुवार से 100 अटल कैंटीन में लोग महज 5 रुपये में पौष्टिक खाना खा सकते हैं। चावल, रोटी, दाल, सब्जी और अचार वाली यह थाली भले ही आपको 5 रुपये में मिलेगी लेकिन इसकी लागत 30 रुपये है। प्रति थाली करीब 25 रुपये का खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। हर कैंटीन में दोपहर और शाम 500 लोगों को भोजन, 'पहले आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर दिया जाएगा। अटल कैंटीन मुख्यतौर पर झुग्गी झोपड़ियों के पास बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग रहते हैं। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 5 रुपये की थाली में 100 ग्राम चावल या मिलेट, 300 ग्राम चपाती, 100 ग्राम सब्जी, 100 ग्राम दाल और अचार परोसी जाएगी। खाना इन कैंटीन में नहीं बनाया जाएगा क्योंकि अधिकतर छोटे ढांचे में बनाए गए हैं। खाना कुछ बड़े किचन में बनाकर कैंटीन में भेजा जाएगा। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इसका उद्देश्य जरूरमंद लोगों की मदद करना है और सरकार चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। 50 कैंटीन तैयार हैं, लेकिन खाना सभी 100 स्थानों पर खिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 कैंटीन ग्रैप-4 के प्रतिबंधों की वजह से तैयार नहीं हो पाए हैं। जल्द इनका निर्माण पूरा हो जाएगा। अटल कैंटीनों का संचालन दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की ओर से किया जाएगा। सरकार की यह एजेंसी शहरी गरीबों की बेहतरी के लिए काम करती है। एक थाली भोजन की अनुमानित लागत करीब 30 रुपये बताई गई है, जबकि दिल्ली सरकार सब्सिडी देकर इसे 5 रुपये में उपलब्ध कराएगी। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में 100 अटल कैंटीन शुरू करने का वादा किया था।

दिल्ली के 13 प्रमुख रेलवे स्टेशन होंगे स्मार्ट और हाईटेक, अमृत भारत योजना से बदलेगा सफर का अनुभव

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत न्यू दिल्ली, आनंद विहार समेत दिल्ली के 13 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, पहुंच और आराम को बढ़ाना है, ताकि रेलवे स्टेशनों का अनुभव और अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सके। ये स्टेशन हो रहे हैं अपग्रेड रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख 13 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। ये स्टेशन हैं न्यू दिल्ली, आनंद विहार, बिजवासन, दिल्ली कैंट, आदर्श नगर, सराय रोहिल्ला, शाहदरा, हजरत निजामुद्दीन, नरेला, सब्जी मंडी, सफदरजंग, तिलक ब्रिज रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि देशभर में इस योजना के तहत कुल 1,337 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें दिल्ली के ये 13 स्टेशन भी शामिल हैं। इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लोकसभा में उठाया था। तेजी से न्यू दिल्ली स्टेशन पर हो रहा काम न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अजमेरी गेट साइड का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब यहाँ यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं हैं. अधिक टिकट काउंटर, बेहतर वेटिंग एरिया, आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, व्यापक सीसीटीवी कवरेज, बेहतर लाइटिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरओ पानी की सुविधा, पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक सीटें वहीं, पहाड़गंज साइड पर भी काम शुरू हो गया है। पुरानी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, बेसमेंट बनाया जा रहा है और विभिन्न सुविधाओं को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।