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Delhi में बसों का नया नियम: अब केवल DTC बसें चलेंगी, ‘नो PUC, नो फ्यूल’ रहेगा सख्त

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इन फैसलों का सीधा असर राजधानी की हवा, ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण पर पड़ने वाला है। सरकार का कहना है कि ये कदम न सिर्फ मौजूदा हालात सुधारेंगे, बल्कि लंबे समय में दिल्ली को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने में मदद करेंगे। बस संचालन पूरी तरह DTC के तहत कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया कि अब दिल्ली में बसों का परिचालन पूरी तरह दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के तहत किया जाएगा। इसके तहत क्लस्टर बसों या DIMTS जैसी निजी व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि 100 प्रतिशत DTC संचालन से बस सेवा में एकरूपता आएगी, निगरानी बेहतर होगी और सार्वजनिक परिवहन ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। इससे लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जो अंततः प्रदूषण घटाने में सहायक होगा। ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम रहेगा जारी प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक और सख्त निर्णय लिया गया है। GRAP-4 प्रतिबंध हटने के बाद भी ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को स्थायी रूप से लागू रखने का फैसला किया गया है। इसके तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नियम से सड़कों पर चलने वाले अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रभावी रोक लगेगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह कदम केवल अस्थायी उपाय नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन फैसलों का सकारात्मक असर दिल्ली के वायु प्रदूषण के स्तर पर साफ दिखाई देगा। जलाशयों और जल स्रोतों का होगा पुनर्जीवन कैबिनेट बैठक में दिल्ली के जलाशयों और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। इसके तहत झीलों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण व पुनरुद्धार पर काम किया जाएगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और शहर को स्वच्छ जल स्रोत उपलब्ध होंगे। सरकार का मानना है कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इस दिशा में ठोस कदम उठाना जरूरी है। होलंबी कलां में बनेगा e-Waste Eco Park इलेक्ट्रॉनिक कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने होलंबी कलां में ‘e-Waste Eco Park’ स्थापित करने का फैसला किया है। यह पार्क ई-कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान के लिए समर्पित होगा। इसके जरिए न सिर्फ पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जाएगा, बल्कि रीसाइक्लिंग और संसाधनों के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदूषण के खिलाफ समग्र रणनीति दिल्ली सरकार के ये फैसले यह संकेत देते हैं कि राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए अब टुकड़ों में नहीं, बल्कि समग्र रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती, जल स्रोतों का संरक्षण और ई-कचरे का सुरक्षित निपटान ये सभी कदम मिलकर दिल्ली को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकते हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी दिल्ली मेट्रो फेज 5A की हरी झंडी, नए साल में 13 नए स्टेशन खुलेंगे

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है. इसमें 13 स्टेशन होंगे. इस दौरान 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. अश्विनी वैष्णव ने कहा, " केंद्रीय मंत्रीमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है, जिसमें 13 स्टेशन होंगे. इस परियोजना के तहत 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किमी को पार कर जाएगा." 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनेंगे फेज V (A) के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) कुल 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनाएगा. इसका मकसद लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और शहर के कुछ सबसे बिजी हिस्सों पर भीड़ कम करना है. इस विस्तार से मौजूदा नेटवर्क में 13 स्टेशन जुड़ जाएंगे, जिससे रेजिडेंशियल हब, कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट और ट्रांजिट इंटरचेंज के बीच लिंक मजबूत होंगे. 'दिल्ली मेट्रो ने बदली लोगों की जिंदगी' कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "दिल्ली मेट्रो के विस्तार के बारे में एक बहुत जरूरी फैसला लिया गया है. हम सभी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली के लोगों और शहर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जिंदगी में कैसे बदलाव लाया है. इस विस्तार के साथ, दिल्ली मेट्रो में एक नया चैप्टर जुड़ेगा." औसतन 65 लाख यात्री करते हैं मेट्रो का इस्तेमाल केंद्रीय मंत्री बताया "औसतन 65 लाख यात्री रोजाना दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. कुछ पीक दिन ऐसे होते हैं जब दिल्ली मेट्रो एक दिन में 80 लाख लोगों को ले जाती है." उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-VA का कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन तीन साल है. कंस्ट्रक्शन ज्यादातर टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल करके अंडरग्राउंड होगा, जिससे ट्रैफिक में कम से कम रुकावट आएगी.

स्वास्थ्य आपातकाल में भी महंगा टैक्स! एयर प्यूरिफायर पर 18% GST पर HC की कड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली  दिल्ली में प्रदूषण संकट के बीच हाई कोर्ट ने एयर प्यूरिफायर पर टैक्स कटौती के पक्ष में रुख जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि क्यों एयर इमरजेंसी के दौरान भी 18 पर्सेंट टैक्स लग रहा है? अदालत ने केंद्र सरकार को यह भी बताने को कहा है कि क्यों तुरंत टैक्स में कटौती नहीं की जा सकती है। हाई कोर्ट ने प्रदूषण की वजह से आम लोगों को ही रही समस्याओं की ओर ध्यान खींचते हुए कहा, ‘हम एक दिन में 21 हजार बार सांस लेते हैं। नुकसान की गणना कीजिए।’ चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें एयर प्यूरिफायर को मेडिकल डिवाइस की श्रेणी में रखने की मांग की गई है जिससे यह 5 फीसदी जीएसटी स्लैब के दायरे में आ जाएगा। इस पर जवाब के लिए केंद्र सरकार से और समय की मांग किए जाने पर बेंच ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘यह उचित समय क्या होता है? जब हजारों लोग मर जाएंगे? इस शहर के हर व्यक्ति को साफ हवा की आवश्यकता है और आप यह भी नहीं दे सकते हैं। कम से कम आप इतना कर सकते हैं कि एयर प्यूरिफायर तक उनकी पहुंच हो।’ अदालत ने कहा- तुरंत सरकार से पूछकर बताएं प्रस्ताव जजों ने तात्कालिक राहत की संभावनाओं पर भी सवाल किए। अदालत ने कहा, 'इस आपातकालीन स्थिति में आप राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अस्थायी कदम के तौर पर इसमें छूट क्यों नहीं दे सकते हैं।' बेंच ने सरकारी वकील से इस पर निर्देश लेने और प्रस्ताव को अदात में 2.30 के बाद रखने को कहा। पीआईएल को अधिवक्ता कपिल मदान ने दायर की और अदालत से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार को एयर प्यूरिफायर को मेडिकल डिवाइस का दर्जा देने का निर्देश दिया जाए। एयर प्यूरिफायर पर मौजूदा समय में 18 पर्सेंट जीएसटी लगाया जाता है।  

क्या बदलने वाला है दिल्ली का मुख्यमंत्री? LG के पत्र पर AAP ने खेली चौंकाने वाली चाल

नई दिल्ली  पलूशन के मुद्दे पर दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस जंग में एलजी विनय सक्सेना की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर किए गए हमले से भड़की 'आप' ने दिल्ली की सियासत में नया शिगूफा छेड़ दिया है। एलजी के लेटर को उनकी नई लॉन्चिंग बताते हुए आप के दिल्ली प्रमुख और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को अब नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। इन दिनों अपने व्यंगात्मक शैली में भाजपा सरकार के खिलाफ वीडियोज को लेकर चर्चा में रहने वाले सौरभ भारद्वाज ने एलजी के लेटर पर नई गुगली फेंकते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता को हटाने के लिए एलजी को दोबारा सक्रिय किया गया है और जब तक नया सीएम नहीं मिल जाता है एलजी दिल्ली को चलाएंगे। भारद्वाज ने एक दम आगे बढ़ते हुए यह तक दावा कर दिया कि नए सीएम के लिए गृहमंत्री के घर बैठक हुई है। सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो में कहा, 'पिछले 10 महीने से एलजी साहब को इतना बेइज्जत करके साइडलाइन किया गया। मगर अब एकदम केंद्र सरकार ने एलजी साहब को एक्टिव क्यों किया। केंद्र सरकार का मानना है कि रेखा गुप्ता जी की वजह से भारतीय जनता पार्टी का ग्राफ नीचे आ रहा है। पूरे देश में इसका असर पड़ रहा है। कल गृह मंत्री के यहां इसके लिए मीटिंग भी हुई है। हमारा मानना है कि दिल्ली के अंदर नया मुख्यमंत्री बनाया जाने वाला है।' भारद्वाज ने आगे कहा कि जब तक नया मुख्यमंत्री नहीं आता तब तक एलजी साहब को कहा गया है कि आप दिल्ली चलाइए। आप देखेंगे कि आने वाले समय में इनको ऐक्टिव किया जाएगा। कुछ दिनों में नया मुख्यमंत्री आएगा। इसकी शुरुआत कल उस पत्र से कराई गई है। एलजी ने केजरीवाल को लिखे लेटर में क्या कहा है? दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेटर लिखकर राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। सक्सेना ने दावा किया कि वायु प्रदूषण पर केजरीवाल के साथ हुई बातचीत के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को कमतर आंका और कहा कि यह एक वार्षिक घटना है और पर्यावरण कार्यकर्ता और अदालतें इसे मुद्दा बनाते हैं और फिर भूल जाते हैं। सक्सेना ने 15 पन्नों के लेटर में 'आप' प्रमुख पर आरोप लगाया कि उन्होंने ‘तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए 10 महीने की भाजपा सरकार के सामने अनावश्यक रूप से जटिलताएं पैदा कर दी हैं, जो उनके द्वारा की गई गलतियों को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।’ उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में करारी हार के बावजूद, केजरीवाल और उनकी पार्टी ने नतीजों से सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ‘दिल्ली की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तुच्छ राजनीति करने और झूठ फैलाने में लगी हुई है।’  

दिल्ली की दमघोंटू हवा पर LG की CM केजरीवाल को चिट्ठी, बोले– हालात भयावह, जिम्मेदारी आपकी

नई दिल्ली  दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। उपराज्यपाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति सिर्फ नकारात्मकता और तथ्यहीन प्रोपेगेंडा पर आधारित है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल लिखे पत्र में 56 बिंदुओं को रखा। इसमें उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे को केजरीवाल की बड़ी बेपरवाही बताया। उपराज्यपाल ने अरविंद केजरीवाल के साथ अपनी बातचीत का खुलासा किया। उन्होंने पत्र में लिखा, "मैं मेरे और आपके (अरविंद केजरीवाल) बीच नवंबर-दिसंबर 2022 में हुई चर्चा की तरफ आकर्षित करना चाहूंगा। गंभीर वायु प्रदूषण के बीच मैंने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। पंजाब के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र की प्रति आपको भी भेजी थी। जब मैंने आपसे इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए इसके समाधान के लिए निर्णायक कदम उठाने को कहा, तो आपने मुझसे कहा था, 'सर, यह हर साल होता है, 15-20 दिन मीडिया इसको उठाती है। एक्टिविस्ट और अदालतें इसका मुद्दा बनाते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। आप भी इस पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए।' अब इससे अधिक दोहरा रवैया क्या होगा ?" पत्र में उपराज्यपाल ने लिखा, "यह लगभग 11 साल की आपकी सरकार की अकर्मण्यता ही थी, जिसके कारण दिल्ली आज इस भयानक आपदा से गुजर रही है। आपने बहुत आसानी से और बहुत ही कम खर्च में, कम से कम दिल्ली की धूल भरी सड़कों की मरम्मत ही करवा दी होती। फुटपाथ और किनारों को कवर करवा दिया होता, तो धूल से उत्पन्न प्रदूषण से दिल्ली को निजात मिल जाती, लेकिन आपने ऐसा जान बूझकर नहीं किया।" वीके सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पड़ोसी राज्यों और भारत सरकार के साथ टकराव के बजाय अगर आपने समन्वय से काम किया होता, तो दिल्ली आज वायु प्रदूषण की इस आपदा से नहीं गुजर रही होती। अफसोस है कि आपने दिल्ली के लिए कुछ नहीं किया। उपराज्यपाल ने लिखा, "मुझे आप (केजरीवाल) और आपके सहयोगी निरंतर अपशब्द कहते रहे हैं, क्योंकि मैं दिल्ली के लोगों के हित में काम करता हूं। मेरे काम करने से अगर आपकी अकर्मण्यता उभरकर लोगों के सामने आई है, तो इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। अगर काम करने के एवज में किसी को गालियां दी जाने लगें, तो आप स्वयं विचार करें कि काम न करने वाले लोग क्या डिजर्व करते हैं।"

एक्शन मोड में दिल्ली सरकार: नियम तोड़ने वाली 800 फैक्ट्रियों पर ताला, बिना PUCC ईंधन नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। बसों के संचालन में बदलाव पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिल्ली में पहले 50% बसें DIMTS (Delhi Integrated Multi-Modal Transit System) द्वारा संचालित होती थीं, जबकि बाकी 50% DTC (Delhi Transport Corporation) के नियंत्रण में थीं। अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह से DTC के पास आ गई है। इसका उद्देश्य 'रूट रेशनलाइजेशन' यानी बसों के रूटों का बेहतर प्रबंधन करना और संचालन में सुधार लाना है। होलंबी कलां में हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए होलंबी कलां में एक विशाल ई-वेस्ट प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। यह प्लांट 11.5 एकड़ में फैलेगा और 0% पानी की बर्बादी के सिद्धांत पर काम करेगा। इस पहल से राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट का बेहतर और पर्यावरण-मित्र तरीके से प्रबंधन संभव होगा। जल निकायों का कायाकल्प दिल्ली में मौजूद 1,000 से अधिक जल निकायों में से 160 जल निकाय सीधे दिल्ली सरकार के अधीन हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि इन जल निकायों के रिजुवेनेशन के लिए सरकार ने ₹100 करोड़ का बजट मंजूर किया है। सरकार ने यह आश्वासन भी दिया कि जल निकायों को नया जीवन देने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।   PUCC अनिवार्य, फैक्ट्रियों पर सख्ती GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) हटने के बाद भी अब दिल्ली में बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) सर्टिफिकेट के पेट्रोल नहीं मिलेगा। 12 PUCC सेंटरों में जांच के दौरान धांधली पाई गई, जिन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वाली 800 से अधिक इंडस्ट्रीज को बंद करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 411 इंडस्ट्रीज को क्लोजर नोटिस जारी किया है, जबकि नगर निगम (MCD) ने 400 को सील कर दिया है। यह कदम दिल्ली में वायु और जल प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बैठक के फैसलों से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, जल निकायों की सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का प्रबंधन और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती सुनिश्चित होगी। सरकार ने यह संदेश भी स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण और नागरिकों की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  

ठंड, घना कोहरा और जहरीली हवा ने बढ़ाई दिल्लीवासियों की परेशानी, येलो अलर्ट लागू

नई दिल्ली दिल्ली और आसपास के सटे इलाकों में कड़ाके की सर्दी बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, वहीं घने कोहरे ने आम लोगों की आवाजाही और जीवन को मुश्किल बना दिया है। दिल्ली–NCR क्षेत्र के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, ठंडी हवाओं की गति बढ़ने के बावजूद वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुँच चुकी है, जिससे स्वास्थ्य और यातायात दोनों पर असर पड़ रहा है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता अब भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है और प्रदूषण में कमी का नाम नहीं लिया जा रहा है। दिन-ब-दिन हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। हालांकि, सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। राजधानी में GRAP-4 की पाबंदियां लागू की गई हैं, लेकिन इनका असर फिलहाल सीमित नजर आ रहा है और हवा जहरीली बनी हुई है। आज भी दिल्ली के अधिकांश इलाके रेड जोन में हैं। दिल्ली-NCR में बढ़ती ठंड और हवाओं की रफ्तार बीते दो दिनों से दिल्ली–एनसीआर में ठंड लगातार बढ़ रही है और सुबह से शाम तक धूप नदारद है। पूरे क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और ठिठुरन का एहसास बढ़ गया है। ठंडी हवाएं पहले 8 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं, लेकिन आज से इनकी गति बढ़कर लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इन तेज हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट महसूस की जा रही है, जिससे आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ गई हैं। ठंड का कोल्ड अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, फिलहाल शीतलहर की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा कई इलाकों में बना रहता है। ठंडी हवाओं के कारण शरीर में ठिठुरन बढ़ेगी, और बुजुर्गों व बच्चों के लिए जोखिम अधिक रहेगा। IMD ने लोगों से सलाह दी है कि वे सावधानी बरतें, सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें और हाईवे पर अनावश्यक यात्रा न करें, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम से कम हो। कुछ शहरों का तापमान, AQI और आगे का मौसम दिल्ली में अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 334 रहा। नोएडा में तापमान 22 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच और AQI 328 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में हालात सबसे गंभीर रहे, जहां AQI 444 से 484 तक पहुंच गया और तापमान 21 से 11 डिग्री सेल्सियस रहा। गुड़गांव में AQI 323 और ग्रेटर नोएडा में 432 रिकॉर्ड किया गया। IMD के अनुसार, 27 दिसंबर तक पूरे सप्ताह ठंड का असर बना रहेगा, और अधिकतम तापमान 19 तथा न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इस दौरान घना कोहरा और ठंडी हवाएं लगातार बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी येलो या अन्य अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। दिल्ली पर प्रदूषण की घनी चादर छा जाने से राजधानी की रफ्तार धीमी हो गई है। धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है, जिसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। दूर से दिखाई देने वाली इमारतें और स्मारक अब मुश्किल से दिखाई दे रहे हैं। राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। इसके तहत BS-6 मानक से नीचे की गाड़ियों के दिल्ली में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही, निर्माण कार्यों पर रोक, औद्योगिक गतिविधियों पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। दिल्ली में सर्दी लगातार बढ़ रही है और राजधानी में दो दिन से येलो अलर्ट जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

दिल्ली में टूटा ठंड का रिकॉर्ड, पहाड़ों पर होगी भारी बर्फबारी; UP-बिहार सहित 10 राज्यों में मौसम का अलर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली में सर्दी ने सितम ढाना शुरू कर दिया है. सुबह और शाम के वक्त घना कोहरा छा रहा है. दिल्ली के तापमान में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार को दिल्ली में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, सुबह से दिल्ली में कोहरा छाया हुआ है. ऐसे में आज Cold Day condition रिकॉर्ड की गई है. आज का अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक गिरने की संभावना है. ऐसा ही मौसम रविवार को रहने की संभावना जताई गई है. आज, 20 दिसंबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग की ओर से आज दिल्ली के लिए ठंड का येलो अलर्ट है. अगले दो दिन राजधानी में और ज्यादा ठंड बढ़ने का अनुमान है. दिल्ली में रविवार यानी 21 दिसंबर और 22 दिसंबर को भी दिल्ली में घना कोहरा छाए रहने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि, इसके बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.   हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना हिमालयी क्षेत्रों में अगले चार दिनों तक छिटपुट बारिश और बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 21 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद के कुछ इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है. पूर्वी भारत में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है. गुजरात क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद अगले छह दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. महाराष्ट्र, मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं हैं. घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी पंजाब और जम्मू संभाग में 20 दिसंबर की सुबह तक कई स्थानों पर रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और बिहार में 21 दिसंबर की सुबह तक कोहरे का असर बना रह सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा रहने की संभावना है. इसके अलावा 24 और 25 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी घने कोहरे की स्थिति बन सकती है. वहीं हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक और उत्तर ओडिशा में 21 दिसंबर की सुबह तक घना कोहरा छाने की संभावना है. 20 और 21 दिसंबर को तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है. 20 दिसंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी ठंडी हवाओं का असर रह सकता है. पंजाब और हरियाणा में कैसा है मौसम? पंजाब और हरियाणा में भी सर्दी का प्रकोप बना हुआ है. शनिवार को दोनों राज्यों के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अमृतसर में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा है. लुधियाना और पटियाला में न्यूनतम तापमान 9.6 और 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से तीन डिग्री ज्यादा है. पठानकोट में भी तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बठिंडा में 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. वहीं चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा है. हरियाणा की बात करें तो जींद में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अंबाला में तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा है, जबकि हिसार में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से एक डिग्री सेल्सियस कम है.

कब तक सहेंगे यह धुआँ?: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता चौथे दिन खराब

नई दिल्ली राजधानी में स्थानीय कारकों के चलते प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हवा की गति धीमी होने के चलते लगातार चौथे दिन भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की घनी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। ऐसे में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 374 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें गुरुवार की तुलना में एक सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, दिल्ली एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 410 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 322, गाजियाबाद में 358 और गुरुग्राम में 322 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 251 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.91 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 7.95, आवासीय इलाकों से 3.86 और निर्माण गतिविधियों से 2.16 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 292.4 और पीएम2.5 की मात्रा 183.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। हालांकि, रविवार से सोमवार के बीच हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, शुक्रवार को कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।

ईंधन से पहले PUC जरूरी: ‘नो PUC, नो फ्यूल’ से एक ही दिन में 61,000 प्रमाणपत्र बने

नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘नो PUC, नो फ्यूल’ अभियान को पूरी सख्ती के साथ लागू कर दिया है। इस अभियान का असर पहले ही दिन दिखाई दिया। पिछले 24 घंटों के भीतर राजधानी में 61,000 से अधिक वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) जारी किए गए। सरकार का कहना है कि यह अभियान इसी तरह तेजी से और लगातार जारी रहेगा, ताकि वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर काबू पाया जा सके और राजधानी की हवा को स्वच्छ बनाया जा सके। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम से लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन सभी वाहनों का प्रदूषण जांच कराना और उनका प्रमाणन सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस नियम के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं है, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र के बिना किसी भी वाहन को दिल्ली में ईंधन भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर की बिगड़ती हवा को सुधारने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। सीएम ने कहा, “लोगों को असुविधा हो रही है, लेकिन दिल्ली में चलने वाले हर वाहन को प्रदूषण फैलाए बिना चलाना चाहिए। यह हमारी सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपने वाहनों को PUC प्रमाणित कराएं।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। परिवहन व्यवस्था में सुधार वायु गुणवत्ता में सुधार की कुंजी है।” उन्होंने समझाया कि कार-पूलिंग का मतलब है कि एक ही स्थान पर जाने वाले दो या दो से अधिक लोग एक ही वाहन में यात्रा करें। सीएम ने यह भी बताया कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण परीक्षण के बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहले पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करने वाले केंद्रों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब नंद नगरी, बुराड़ी और तेहखंड में स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। नहीं दिया जा रहा पेट्रोल-डीजल दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण से लड़ने के लिए चार बड़े मोर्चों पर काम कर रही है: वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल, उद्योगों से होने वाला प्रदूषण और कचरा प्रबंधन। सिरसा ने बताया कि ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, बीएस-6 मानकों से नीचे के गैर-जरूरी बाहरी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी सख्ती लागू की गई है। ‘चालान काटने के लिए नहीं है यह अभियान’- मनजिंदर सिरसा दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर और जनपथ सहित कई पेट्रोल पंपों का अचानक दौरा कर अभियान का जायजा लिया। उन्होंने पेट्रोल पंप कर्मियों को निर्देश दिए कि नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए, लेकिन वाहन मालिकों से शालीनता और शांति के साथ पेश आएं। मंत्री ने कहा कि यह अभियान चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत बचाने के लिए है। आंकड़ों के मुताबिक, 17 दिसंबर को 29,938 और 18 दिसंबर की शाम तक 31,974 PUC सर्टिफिकेट जारी किए गए। यानी करीब एक दिन में 61,000 से अधिक वाहनों के लिए PUC बनवाया या नवीनीकरण कराया गया। इसी दौरान 3,746 वाहनों का चालान उन वाहनों के लिए काटा गया जिनके पास वैध PUC नहीं था। दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए किए गए ये काम सीमावर्ती इलाकों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने करीब 5,000 वाहनों की जांच की। इनमें से 568 गैर-अनुपालक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि 217 गैर-जरूरी ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया गया। सड़कों की धूल कम करने के लिए राजधानी में 2,300 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मशीन से सफाई की गई। इसके अलावा, मोबाइल एंटी-स्मॉग गन के जरिए 5,524 किलोमीटर क्षेत्र में पानी का छिड़काव किया गया। प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों में 132 अवैध कचरा डंपिंग स्थलों को बंद कराना और करीब 38,000 मीट्रिक टन पुराने कचरे का निपटान शामिल है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से अपील की कि वे GRAP नियमों का पालन करें, समय पर PUC बनवाएं और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई सरकार अकेले नहीं जीत सकती। मंत्री ने जोर देकर कहा कि आम जनता के सहयोग के बिना दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना संभव नहीं है।