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हिमाचलवासियों के लिए अलर्ट: 21 जिलों में तेज बारिश, सुरक्षित रहें भूस्खलन और बिजली गिरने से

नई दिल्ली मानसून की विदाई का वक्त भले ही करीब हो, लेकिन उत्तर भारत का मौसम एक बार फिर असरदार करवट लेता नजर आ रहा है। दिल्ली समेत कई मैदानी राज्यों में बारिश थमने के बाद जहां उमस और गर्मी बढ़ती जा रही है, वहीं यूपी और बिहार में एक बार फिर बादल सक्रिय हो चुके हैं। दूसरी ओर, हिमाचल और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है। दिल्ली में बारिश का इंतजार, उमस से बेहाल राजधानी राजधानी दिल्ली में बारिश का सिलसिला अब थमता दिख रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिन तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33°C तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम का हाल: गर्मी के साथ उमस लोगों को परेशान कर सकती है। बादलों की हल्की आवाजाही रहेगी, लेकिन कोई बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हुआ मानसून, 21 जिलों में अलर्ट उत्तर प्रदेश में गुरुवार से मौसम ने अचानक करवट ली है और मानसून फिर से सक्रीय हो गया है। आज शुक्रवार को पश्चिमी यूपी में तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, जिन 21 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ये प्रमुख हैं: बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, सहारनपुर मुजफ्फरनगर, मेरठ, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संत कबीरनगर, देवरिया चेतावनी: बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में मूसलधार बारिश का रेड अलर्ट बिहार में भी एक बार फिर भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, आज कई जिलों में मूसलधार बारिश हो सकती है।   प्रभावित जिले: पश्चिम चंपारण, बांका, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और सारण इन जिलों में बिजली गिरने की आशंका को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल और उत्तराखंड में पहाड़ों पर बरस रहा कहर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही। हिमाचल प्रदेश: 12 से 14 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आज के लिए ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट है। बिजली गिरने और भूस्खलन की भी संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़कें बंद हो चुकी हैं और यातायात बाधित है। उत्तराखंड: देहरादून समेत 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज आंधी, बिजली गिरने और मूसलधार बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। पंजाब में अब भी बाढ़ जैसे हालात हालांकि पंजाब में बारिश की तीव्रता कुछ कम हुई है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। बांधों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी कई निचले इलाकों में तबाही ला रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांव अभी भी जलमग्न हैं। फसलें और घर प्रभावित हुए हैं, और राहत कार्य जारी है। क्यों बदला मौसम अचानक? विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर के इस समय में मानसून की विदाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण दोबारा सक्रियता देखने को मिल रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में असामान्य बदलाव हो रहे हैं। इसकी वजह से देर से होने वाली भारी बारिश का खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर पहाड़ी और निचले इलाकों में।  

अब नहीं होगी झंझट! एक ही प्लेटफॉर्म से बुक करें नोएडा और दिल्ली मेट्रो टिकट

नई दिल्ली दिल्ली-नोएडा में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. अब वे एक ही एप से दोनों मेट्रो के टिकट खरीद सकेंगे. पहले अलग-अलग एप डाउनलोड करनी पड़ती थीं, लेकिन अब नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने नोएडा और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में सिगल क्यूआर टिकटिंग सुविधा की शुरुआत की है, इससे यात्रियों को एक ही एप के जरिए टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी. सारथी एप से खरीद सकेंगे टिकट एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक लोकेश एम ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा- यात्रियों को इस कदम से बड़ी सुविधा मिलेगी. अब नोएडा मेट्रो-दिल्ली मेट्रो के QR कोड एक ही App पर मौजूद होंगे. दिल्ली मेट्रो के टिकट NMRC के एप और नोएडा मेट्रो के QR टिकट DMRC के सारथी एप से भी खरीदे जा सकेंगे. दोनों मेट्रो के टिकट अब एक ही एप से खरीद सकते हैं. यात्री नोएडा-दिल्ली मेट्रो में एक ही क्यूआर कोड से यात्रा कर सकेंगे. टिकट नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए खरीदे जा सकेंगे.” क्या है ये बदलाव दरअसल, पहले पेटीएम या अन्य एप पर नोएडा से नोएडा के किसी स्टेशन के लिए मेट्रो टिकट उपलब्ध नहीं होते थे, यात्रियों को डीएमआरसी और एनएमआरसी की एप्स पर जाकर ही टिकट खरीदने पड़ते थे. अब दोनों टिकट एक ही एप के जरिए ले सकेंगे. लोकेश ने कहा कि बोडाकी से मेट्रो डिपो मेट्रो रूट (2.6 किमी) जल्द ही शुरू होगा. इसे 416 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. इसी के साथ 2,200 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन रूट को मंजूरी मिल चुकी है. इसे 11.56 किमी का बनाया जाएगा. फिलहाल सरकारी मंजूरी का इंतजार है. एक क्लिक से मिलेगी टिकट खरीदने की सुविधा इसी के साथ दिल्ली मेट्रो ने एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) के साथ साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो सारथी एप के अंदर ‘डीएमआरसी पे पावर्ड बाई भीम’ लॉन्च किया है. इससे यात्रियों को एक क्लिक से तेज और सुरक्षित टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी. इससे बाहरी पेमेंट गेटवे की जरूरत नहीं होगी. भीम वेगा के साथ डीएमआरसी के एकीकरण से यात्रियों को पेमेंट के लिए बड़ी सुविधा मिलेगी. 

डाॅग स्क्वाड यूनिट के लिए नई पहचान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया के-9 का प्रतीक चिह्न

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वाड (के-9 यूनिट) क्राइम ब्रांच के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक यूनिट है। इस यूनिट के उच्च प्रशिक्षित श्वानों को राजधानी में अपराध का पता लगाने, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जाता है। इस दस्ते का अब तक कोई प्रतीक चिह्न नहीं था। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वाड के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह नया प्रतीक चिह्न डाॅग स्क्वाड की विशिष्ट स्थिति और समर्पित सेवा को दर्शाता है। आगे चलकर इसे श्वान दस्ता के कर्मियों की वर्दी, जैकेट और गियर पर प्रदर्शित किया जाएगा।  

PAK में पकड़ा गया बड़ा नेटवर्क, ऑपरेशन सिंदूर में मिले 11 भारतीय सिम कार्ड

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में नेपाल के नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है. चौरसिया पर आरोप है कि वह भारतीय सिम कार्ड्स नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेज रहा था, जिन्हें जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर और लाहौर में व्हाट्सऐप पर एक्टिव किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त 2025 को टीम को पुख्ता इनपुट मिला कि ISI से जुड़ा व्यक्ति लक्ष्मी नगर में मौजूद है. तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कुल 16 सिम कार्ड खरीदे थे, जिनमें से 11 पाकिस्तान में एक्टिव पाए गए. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाकिस्तान से बैठे एजेंट्स भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां निकालने के लिए कर रहे थे. बरामदगी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड्स के खाली पैकेट मिले हैं. पूछताछ में पता चला कि प्रभात का संपर्क 2024 में ISI एजेंट्स से एक नेपाली माध्यम के जरिए हुआ. उसे अमेरिका का वीजा दिलाने का लालच दिया गया और बदले में कहा गया कि वह भारत से सिम कार्ड्स उपलब्ध कराए और रक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाए. पाकिस्तान में इस्तेमाल किए जा रहे थे भारतीय नंबर आरोपी ने लातूर में बने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बिहार और महाराष्ट्र से सिम खरीदे और नेपाल के रास्ते इन्हें ISI एजेंट्स तक पहुंचाया. पाकिस्तान में बैठे एजेंट्स इन्हीं भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप बनाकर भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियां चला रहे थे. आईएसआई के संपर्क में था आरोपी आरोपी प्रभात का जन्म 1982 में नेपाल में हुआ और उसने शुरुआती पढ़ाई नेपाल व बिहार के मोतिहारी से की. बाद में फार्मा सेक्टर में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और एरिया मैनेजर की नौकरी की. 2017 में उसने काठमांडू में लॉजिस्टिक्स कंपनी शुरू की, लेकिन घाटे में डूबने के बाद विदेश जाने की चाहत में ISI के संपर्क में आ गया. स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)/152 के तहत मामला दर्ज किया है और अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

जैन दंपति का अनोखा कदम: AIIMS में भ्रूण दान, मेडिकल रिसर्च को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में एक ऐतिहासिक पहल हुई है. एम्स (AIIMS) को पहली बार भ्रूण दान मिला है. ये कदम एक परिवार के दर्द को समाज और विज्ञान की ताकत में बदलने का उदाहरण है. 32 वर्षीय वंदना जैन का पांचवें महीने में गर्भपात हो गया था. इस मुश्किल घड़ी में परिवार ने भ्रूण को शोध और शिक्षा के लिए एम्स को दान करने का निर्णय लिया. सुबह से शाम तक संघर्ष और फिर रचा इतिहास वंदना जैन के परिवार का सुबह 8 बजे दधीचि देहदान समिति से संपर्क हुआ. समिति के उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता और समन्वयक जी.पी. तायल ने त्वरित पहल करते हुए एम्स के एनाटॉमी विभाग के प्रमुख डॉ. एस.बी. राय और उनकी टीम से बातचीत की. टीम के सहयोग से दिनभर दस्तावेज आद‍ि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शाम 7 बजे एम्स ने अपना पहला भ्रूण दान प्राप्त किया. क्या होगा भ्रूण दान का फायदा भ्रूण दान सिर्फ एक मेडिकल प्रोसेस नहीं, बल्कि आने वाले समय की रिसर्च और शिक्षा का बड़ा आधार है. AIIMS में एनाटॉमी विभााग के प्रोफेसर डॉ. सुब्रत बासु ने aajtak.in को बताया कि कि मानव शरीर के विकास को समझने के लिए भ्रूण अध्ययन बेहद अहम है. रिसर्च और टीचिंग में हमें यह देखने का मौका मिलता है कि किस तरह शरीर के अलग-अलग अंग अलग-अलग समय पर विकसित होते हैं. जैसे बच्चा जब जन्म लेता है तो उसका नर्वस सिस्टम पूरी तरह डेवेलप नहीं होता. वह धीरे-धीरे दो साल बाद विकसित होता है. ऐसे मामलों का अध्ययन मेडिकल छात्रों और वैज्ञानिकों को गहराई से समझने का मौका देता है. डॉ. बासु आगे कहते हैं कि यह शोध एजिंग की प्रक्रिया को समझने में भी मदद करेगा. भ्रूण में टिश्यू लगातार ग्रो करते हैं, वहीं बुढ़ापे में टिश्यू डैमेज होने लगते हैं. अगर हम यह समझ पाएं कि कौन से फैक्टर टिश्यू को ग्रो कराते हैं और कौन से उन्हें डैमेज करते हैं, तो भविष्य में उम्र से जुड़ी कई बीमारियों का हल निकालने में मदद मिलेगी. वह एक और अहम पहलू बताते हैं कि बच्चों में एनेस्थीसिया का इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती है. छोटे बच्चे बोल नहीं पाते, उन्हें कितना डोज देना है, यह सटीक पता होना ज़रूरी है. भ्रूण अध्ययन से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि किस स्टेज पर बच्चे का कौन-सा ऑर्गन कितना विकसित है और उसे किस तरह सुरक्षित तरीके से उसे ट्रीट किया जा सकता है. जैन परिवार की मिसाल इस पहल ने जैन परिवार को समाज में एक अनूठी मिसाल बना दिया. उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुख को मानवता और विज्ञान के लिए अमूल्य योगदान में बदल दिया. दधीचि देहदान समिति पहले से ही अंगदान, नेत्रदान और देहदान के क्षेत्र में देशभर में जागरूकता फैलाती रही है. भ्रूण दान का यह पहला मामला समिति की मुहिम को और ऐतिहासिक बना गया है. ये कहानी सिर्फ भ्रूण दान की नहीं है, बल्कि संवेदना, साहस और समर्पण की है. वंदना जैन और उनका परिवार आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन गए हैं. एम्स और दधीचि देहदान समिति की ये पहल भविष्य की पीढ़ियों को चिकित्सा की नई राह दिखाएगाा. 

क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता: लाल किला से चोरी कलश हापुड़ में मिला, आरोपी पकड़ा गया

नई दिल्ली दिल्ली के लाल किला परिसर से चोरी हुए 1 करोड़ के कलश मामले में क्राइम ब्रांच ने कलश समेत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. CCTV फुटेज के आधार पर उत्तर प्रदेश के हापुड़ से चोर को गिरफ्तार किया गया है. एक नहीं तीन कलश की हुई थी चोरी आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया की एक नहीं 3 कलश चोरी हुए थे जिसमें अभी एक बरामद हुआ है. अन्य आरोपियों और 2 कलश की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है. दरअसल बीते दिनों दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर के 15 अगस्त पार्क में जैन समाज का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. इसी दौरान सोने का एक कीमती कलश चोरी हो गया, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये थी.  धोती पहने शख्स ने की थी चोरी जब जांच शुरू की गई तो सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि धोती पहना एक शख्स बड़ी चतुराई से पूजा स्थल तक पहुंचा और मौके का फायदा उठाकर कलश को अपने झोले में डालकर वहां से फरार हो गया था. हीरे और रत्नों से जड़ा हुआ था कलश यह कलश केवल सोने और रत्नों से जड़ा आभूषण नहीं था, बल्कि जैन समाज के धार्मिक आयोजनों में प्रतिदिन होने वाले पूजन का अहम हिस्सा था. इसमें लगभग 760 ग्राम सोना और करीब 150 ग्राम बहुमूल्य रत्न जैसे हीरा, पन्ना और माणिक्य जड़े हुए थे. आयोजन समिति के सदस्य पुनीत जैन ने इस चोरी को लेकर बताया था कि यह कलश लंबे समय से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किया जा रहा था और हर दिन पूजा-पाठ के दौरान विशेष मंच पर स्थापित किया जाता था. मंच पर केवल परंपरागत परिधान पहने अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है.

तिहाड़ जेल में बवाल! सांसद इंजीनियर रशीद को किन्नरों ने बनाया निशाना

नई दिल्ली टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद पर तिहाड़ में हमले का आरोप लगाया गया है। इंजीनियर रशीद का दावा है कि जेल में किन्नरों के एक गुट ने उन पर घातक हमला कर दिया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सांसद को मामूली चोटें आईं। बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। इंजीनियर रशीद की पार्टी आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने सांसद पर हमले को लेकर चिंता और आक्रोश जाहिर किया है। पार्टी का कहना है कि इंजीनियर रशीद ने अपने वकील जावेद हूब्बी से मुलाकात के दौरान उन पर हुए हमले की बात कही है। वकील के मुताबिक रशीद ने बताया कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने कश्मीरी कैदियों को प्रताड़ित करने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। जानबूझकर किन्नरों को उनके साथ बंद कर दिया गया है। उन्हें हमले के लिए उकसाया जाता है। वकील ने रशीद के हवाले से आरोप लगाया कि पुरुष किन्नरों के एक हमले में रशीद बाल-बाल बच गए। दावा किया गया कि रशीद को किन्नरों के एक समूह ने धक्का दिया और एक गेट उनके ऊपर फेंका। यह एक चमत्कारिक बचाव था। अगर यह सीधा लगता तो जानलेवा हो सकता था। इंजीनियर रशीद का आरोप है कि उनसे पहले कश्मीरी कैदियों अयूब पठान, बिलाल मीर और अमीर गोजरी पर भी किन्नर हमला कर चुके हैं। रशीद का कहना है कि ये किन्नर एचआईवी पॉजिटिव घोषित हैं और जानबूझकर उन्हें कश्मीरी कैदियों के साथ रखा गया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इंजीनियर रशीद ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सज्जाद गनी लोन को बारामूला सीट पर हराया। 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने वाले सांसद को हाल ही में मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के कस्टडी पेरोल पर भेजा गया था। इंजीनियर रशीद पर आरोप है कि उन्होंने आतंकियों और अलगाववादियों के लिए धन जुटाया।

लाल किला बना चोरों का निशाना, हीरे से जड़ा सोने का कलश गायब, जैन समाज के धार्मिक कार्यक्रम में लगाई सेंध

नई दिल्ली दिल्ली स्थित लाल किले के परिसर से बीते मंगलवार को करीब एक करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया. बताया जाता है कि लाल किले के परिसर में एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. लोग अनुष्ठान में व्यस्त थे, तभी चोरों ने 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे, माणिक्य, पन्ना जड़ा कलश चोरी कर लिया. फिलहाल पूरे मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई है. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश कर रही है. जानकारी के अनुसार लाल किले के परिसर में जैन धर्म का अनुष्ठान चल रहा था. इसी दौरान चोरों ने मौका देखकर करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत का कलश चुरा लिया.  तकरीबन 1 करोड़ रुपये कीमत दिल्ली के लाल किले परिसर में जैन धर्म के एक धार्मिक कार्यक्रम से लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत का सोने और कीमती पत्थरों से जड़ा कलश चोरी हुआ है. 760 ग्राम सोने के इस कलश में 150 ग्राम हीरा, माणिक और पन्ने जड़े थे. यह कलश मंगलवार को हुए कार्यक्रम के दौरान भीड़-भाड़ के समय गायब हो गया. इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल हुए थे. CCTV कैमरे में कैद हुआ संदिग्‍ध दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन धर्म के अनुयायियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. इसी में लाखों रुपये के कलश को भी रखा गया था. कारोबारी सुधीर जैन रोजाना पूजा के लिए कलश लेकर आते थे. बीते मंगलवार को कार्यक्रम में कई गणमान्य राजनेता भी पहुंचे थे. स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब हो गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां कैद हुई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है. लाल किले परिसर में जैन समुदाय का यह अनुष्ठान 15 अगस्त पार्क में चल रहा है और 9 सितंबर तक जारी रहेगा. पुलिस ने शुरू की जांच दिल्ली पुलिस ने बताया कि एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लाल किले के परिसर से एक करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया. चोरी हुए कलश में 760 ग्राम सोना, हीरे, माणिक और पन्ना जड़ा था. संदिग्ध की गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी.   मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, 303(2) के तहत FIR दर्ज की गई है.  

आई-बैंक की जानकारी अब हाथ में: एम्स का नया मोबाइल ऐप कार्निया ट्रांसप्लांट मरीजों के लिए

नई दिल्ली नेत्रदान को लेकर जागरूकता का स्तर बढ़ा है। दान में मिले कार्निया नेत्र बैंकों में जमा हो रहे हैं। यहीं से प्रत्यारोपण के लिए उपलब्ध होते हैं। मरीजों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती और वे दूसरे राज्यों का चक्कर लगाते रहते हैं। इसमें समय, श्रम और धन तीनों अनावश्यक बर्बाद होते हैं। देश में 100 से अधिक नेत्र बैंक हैं। सभी जगह कार्निया के उपयोग की दर भी अलग है। कहीं कार्निया का उपयोग नहीं हो पाता तो कहीं उसकी कमी से प्रत्यारोपण नहीं हो पाते। इन समस्याओं के समाधान के लिए एम्स के डाॅ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र स्थित राष्ट्रीय नेत्र बैंक (एनईबी) आगे आया है। आई बैंक एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से एप विकसित कर रहा है। इसकी मदद से न केवल अपने राज्य के नेत्र बैंकों में कार्निया की उपलब्धता का पता चलेगा, बल्कि वाॅट्सएप के जरिए लोकेशन भी प्राप्त होगी। वहीं, सभी नेत्र बैंक एक साझा प्रणाली से भी जुड़ेंगे। कम उपयोग होने पर कार्निया ज्यादा उपयोग वाले नेत्र बैंकों को भेजे जा सकेंगे। राष्ट्रीय नेत्र बैंक 40वां नेत्रदान पखवाड़ा मना रहा है, जो आठ सितंबर तक चलेगा। आरपी सेंटर की प्रमुख प्रो. राधिका टंडन के मुताबिक एप पर तेजी से काम चल रहा है। अगले दो से तीन महीने में इसे लांच कर दिया जाएगा। नेत्र बैंकों का सारा डाटा इस पर उपलब्ध होगा। हर शहर में वाॅट्सएप के जरिए लोकेशन भी आ जाएगी। एआई चैटबाट भी लाॅन्च किया जाएगा, जिस पर मरीज या तीमारदार टाइप करके या वाइस नोट के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं के जवाब पा सकेंगे। इसके अलावा देश के अन्य नेत्र बैंकों के कामकाज में भी लगातार मदद की जा रही है। इसके लिए कार्नियल संरक्षण भंडारण माध्यमों (एमके मीडिया और एक्सस्टोरसोल मीडिया) का निर्माण और वितरण किया जा रहा है, जो भारत सरकार के एनपीसीबी से वित्तपोषित है। यह एम्स के नेत्र औषध विज्ञान विभाग में ही निर्मित किया जाता है। वर्ष 2024 में 24 राज्यों के 114 नेत्र बैंकों में एक्सस्टोरसोल मीडिया की 2824 से अधिक वायल वितरित की गईं। डोनर कार्निया के विकल्प के तौर पर बायो इंजीनियर्ड कार्निया आईआईटी-दिल्ली के सहयोग से तैयार किया है। खरगोश में इसका प्रत्यारोपण सफल रहा। अब क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी है। राष्ट्रीय नेत्र बैंक एक नजर में     36,000 कार्निया एकत्र की पिछले 60 वर्षों में।     26,000 से अधिक कार्निया प्रत्यारोपण पिछले छह दशक में।     500 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों को एंडोथेलियल केराटोप्लास्टी तकनीक की ट्रेनिंग।     1,931 कार्निया मिले देशभर से वर्ष 2024 में।     1,611 कार्निया अस्पताल कार्निया प्राप्ति कार्यक्रम (एचसीआरपी) से मिले।     1,636 कार्निया प्रत्यारोपण वर्ष 2024 में     50 प्रतिशत है कार्निया उपयोग की राष्ट्रीय दर।     85 प्रतिशत है आरपी सेंटर के एनईबी में कार्निया उपयोगी की दर। संक्रमण और चोट बन रही कार्निया डैमेज की वजह प्रो. टंडन के मुताबिक संक्रमण और चोट के चलते कार्निया डैमेज के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। आंख में कुछ चले जाने पर आमतौर पर लोग रगड़ने लगते हैं। इसका कार्निया पर असर पड़ता है। वहीं, चोट लगने की स्थिति में भी लोग खुद से स्टेरायड डाल लेते हैं। ये आंख में संक्रमण की वजह बनता है। कई बच्चों को जन्मजात भी कार्निया की बीमारी होती है। ऐसी स्थिति में भी कार्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ती है। देश में हर वर्ष लगभग एक लाख लोगों को कार्निया प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। जबकि केवल 25 से 30 हजार को ही इसके लिए कार्निया उपलब्ध हो पाता है।  

राहत शिविर का दौरा करने पहुंचे केजरीवाल, लोगों ने जताई असंतोष की भावना

नई दिल्ली  दिल्ली में बाढ़ और जलभराव ने एक बार फिर राजधानी की तैयारियों की पोल खोल दी है। जिन इलाकों में पहले राहत शिविरों में समय पर टेंट लगते थे, मच्छरदानी, खाना, पीने का पानी और डॉक्टरों की व्यवस्था रहती थी, आज उन्हीं शिविरों में बदइंतज़ामी और लापरवाही साफ देखी जा सकती है। बढ़ते संकट के बीच लोग खुद यह कहते नजर आ रहे हैं कि जब अरविंद केजरीवाल की सरकार थी, तो राहत का इंतज़ाम तेज़ और मानवीय होता था। कहीं पानी भरने से पहले पंप लगाए जाते थे, नाले समय से साफ होते थे, और राहत शिविरों में व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाता था। अब जबकि दिल्ली की सत्ता में आम आदमी पार्टी नहीं है, और MCD व केंद्र दोनों जगह बीजेपी की सरकार है, ऐसे में हालात काबू से बाहर होते दिख रहे हैं। टेंट समय पर नहीं लगे, लोगों को खाना नहीं मिला, पीने का साफ पानी नहीं है और मच्छरों से परेशान लोग खुद दवाइयां खरीदने को मजबूर हैं। लोगों की नाराज़गी इस बात से भी है कि जिन समस्याओं को पहले खुद मुख्यमंत्री और मंत्री मौके पर पहुंचकर हल करते थे, अब उन पर ध्यान देने वाला कोई नहीं दिखता। न तो कोई ज़िम्मेदार मंत्री हालात का जायज़ा लेने आया, न कोई ठोस कार्रवाई की गई। हर ओर एक किस्म की ‘प्रशासनिक चुप्पी’ पसरी हुई है।   केजरीवाल ने राहत शिविरों में जाकर जो हालात देखे, वो बताने के लिए काफी हैं कि आज की सरकारें सिर्फ बयानबाज़ी में व्यस्त हैं, ज़मीन पर कुछ नहीं कर पा रहीं। उन्होंने सरकारों से अपील की कि राहत व्यवस्था को राजनीति से ऊपर रखकर देखें, क्योंकि यह मानवीय संकट है, और इसमें देरी का मतलब है जनता को और तकलीफ़ देना। दिल्ली के लोगों को अब वो दिन याद आ रहे हैं जब अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में हर संकट को तुरंत जवाब मिलता था। अब जबकि सत्ता में वे नहीं हैं, तो लोग कह रहे हैं, "आज के हालात देखकर समझ आता है कि पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार वाकई हमारे लिए काम करती थी।