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फ्लाइट सेफ्टी पर फोकस: अमृतसर एयरपोर्ट मैनेजमेंट सख्त, बर्ड-हिट और अवैध निर्माणों पर रोक

अमृतसर. अमृतसर के अंतर्राष्ट्रीय श्री गुरु रामदास जी एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन और पर्यावरण प्रबंधन को लेकर शनिवार को 'एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट केन्द्र (ए.ई.एम.सी.) की एक महत्वपूर्ण मीटिंग का आयोजन किया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ए.ए.आई. बिजनेस सेंटर में हुई इस बैठक में विमानों की सुरक्षा में बाधक बनने वाले कारणों पर विस्तार से मंथन किया गया। मीटिंग के दौरान नागरिक उड्डयन विभाग, स्थानीय प्रशासन व पुलिस विभाग के अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों ने भी संयुक्त रूप से भाग लिया, ताकि इन चुनौतियों का समाधान निकाला जा सके। इस दौरान मुख्य तौर पर एयरपोर्ट निर्देशक भूपेंद्र सिंह, भारतीय वायु सेना से रिपुदमन कौर मान, कैप्टन अजय पाल सिंह, खुशबीर सिंह एस.डी.एम., एस.पी. देहाती आदित्य वारियर, सी.आई.एस.एफ से तुषार डी., जंगलात विभाग से डा. दिलप्रीत कौर, डा. जसपाल सिंह (डी.एच.ओ.), फूड सप्लाई विभाग से संदीप सिंह, इंडिगो एयरलाइंस से मैनेजर सुनंदा आले, विमानपत्तन प्राधिकरण से वरुण प्रताप, पवन, रतन सिंह, लोकल पुलिस से मैडम कलजीत कौर आदि उपस्थित रहे। पक्षियों और वन्यजीवों के खतरे पर रहा फोक्स बैठक के दौरान समिति ने इस बात पर चिंता जताई कि हवाई अड्डे के आस-पास पक्षियों और वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि विमानों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। एयरपोर्ट के निदेशक भूपेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘बर्ड-हिट’ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निरंतर और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य है। पिछली बार जब मीटिंग 22 मई 2025 को हुई थी, जिसके बाद से अब तक के सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की गई। इन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि इस मीटिंग में पक्षियों के खतरे के साथ-साथ कई आधुनिक चुनौतियों पर भी गहनता से अध्ययन किया गया, जो लैंडिंग और टेक ऑफ से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेक ऑफ पर हमारी पैनी नजर रहती है। लेजर बीम का खतरा  लैंडिंग और टेक-ऑफ के समय विमानों पर लेजर लाइट डालने की घटनाओं पर रोक लगाने की बात कही गई। तर्क दिया गया कि इनसे पायलटों की दृश्यता प्रभावित होती है। अवैध ड्रोन विमान मूवमेंट के लिए खतरा  मीटिंग के दौरान हवाई अड्डे के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत ड्रोन उड़ानों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। हालांकि एयरपोर्ट का प्रतिबंधित क्षेत्र बहुत सीमित है, जबकि इसके निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए स्थानीय प्रशासन और बलों की भी जिम्मेदारी बनती है। हवाई अड्डे के आस-पास अवैध निर्माणों पर फोक्स  एयरपोर्ट परिसर के पास नियमों के विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर खुलकर चर्चा हुई। एयरपोर्ट पर उपस्थित बुद्धिजीवियों द्वारा इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया। डायरैक्टर ने कहा कि एयरपोर्ट एक संवेदनशील स्थल है और इसका आस-पास भी अति सुरक्षित होना चाहिए। पशुओं के अवशेष व बूचड़खानों से पक्षी आकर्षित  हवाई अड्डे के आस-पास स्थित अनधिकृत झुग्गी-बस्तियों, खाने-पीने की दुकानों और अवैध बूचड़खानों को लेकर समिति ने सख्त रुख अपनाया है। मीटिंग में कहा गया कि खुले में फेंका गया कचरा, पशुओं के अवशेष, खुला सीवरेज व नालियां ही मुख्य कारण हैं, जिनसे भारी संख्या में पक्षी हवाई अड्डे की ओर आकर्षित होते हैं।

Excise Revenue Boom: पंजाब सरकार की कमाई में उछाल, तय लक्ष्य से 582 करोड़ अधिक संग्रह

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पाद शुल्क (एक्साइज) संग्रह के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बीते दिनों बताया कि विभाग ने 31 मार्च तक 11,782 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जो तय लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 582 क207 खुदरा शराब समूहोंरोड़ रुपये अधिक है। इसे सरकार की नीतिगत सख्ती और पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा माना जा रहा है। चीमा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्पाद शुल्क से मिलने वाला राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। वर्ष 2021-22 में जहां यह आंकड़ा 6,254.84 करोड़ रुपये था, वहीं अब बढ़कर 11,782 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस निरंतर बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ जुटाने का लक्ष्य मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मजबूत उत्पाद शुल्क नीति, प्रभावी प्रशासनिक प्रक्रियाओं और व्यापार-अनुकूल वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और नियमों के पालन को भी प्राथमिकता दी है, जिससे शराब कारोबार में स्थिरता आई है और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है। चीमा के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई नई आबकारी नीति में लाइसेंस शुल्क से 10,520 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 9,877 करोड़ रुपये से अधिक है। 207 खुदरा शराब समूहों को लाइसेंस आवंटित उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 207 खुदरा शराब समूहों को नए वित्त वर्ष के लिए लाइसेंस आवंटित कर दिए गए हैं। यह नीति के प्रति कारोबारियों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा- “उत्पाद शुल्क नीति 2026-27 को लेकर समग्र प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। इससे राज्य के खजाने में लगातार राजस्व का प्रवाह बना रहेगा और शराब व्यापार में स्थिरता सुनिश्चित होगी।”  सरकार का दावा है कि सख्त निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण राजस्व में यह बढ़ोतरी संभव हो सकी है। आने वाले समय में भी विभाग इसी रणनीति पर काम करते हुए लक्ष्य से अधिक वसूली की दिशा में आगे बढ़ेगा।

आस्था में डूबीं Priyanka Chopra: श्री हरमंदिर साहिब सहित कई गुरुद्वारों में टेकी मत्था

अमृतसर. बॉलीवुड और हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने देर रात अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। जानकारी के अनुसार प्रियंका चोपड़ा रात करीब 12 बजे स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से गुरुद्वारा परिसर में समय बिताया। जानकारी के अनुसार, प्रियंका चोपड़ा ने सबसे पहले शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी, थड़ा साहिब, शहीदान सिंह मेमोरियल, झंडा बुंगा साहिब, बाबा बुड्ढा जी और दुख भंजनी बेर साहिब में मत्था टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने लंगर हॉल में जाकर सेवा की और स्वयं बर्तन साफ कर संगत के साथ सेवा भाव का परिचय दिया। अभिनेत्री ने इसके पश्चात बाबा दीप सिंह जी शहीद और लाची बेर साहिब में भी अरदास की। उन्होंने परिक्रमा में बैठकर कुछ समय ध्यान लगाया और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस किया। बताया जा रहा है कि प्रियंका चोपड़ा करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक स्वर्ण मंदिर परिसर में मौजूद रहीं। प्रियंका की इस सादगी और श्रद्धा भरे व्यवहार ने वहां मौजूद संगत और सेवदारों का दिल जीत लिया। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा शोर-शराबे के उन्होंने गुरु घर में बेहद शांत और विनम्र तरीके से समय बिताया। उनकी इस यात्रा को आध्यात्मिक शांति और सेवा के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा के मद्देनजर बठिंडा प्रशासन सख्त: हवाई अड्डे के आसपास पतंगबाजी बैन, किरायेदारों की जांच जरूरी

बठिंडा. जिला मजिस्ट्रेट राजेश धीमान ने जिले में कई अहम प्रतिबंध लागू किए हैं, जो 9 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे। जारी आदेशों के अनुसार हवाई अड्डे के दो किलोमीटर दायरे में लालटेन और इच्छा पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा पीजी संचालकों को अपने यहां रहने वाले किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य किया गया है तथा सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए हनुमान चौक, गोनियाना रोड और खेल स्टेडियम रोड पर ट्रक खड़े करने पर रोक लगाई गई है। स्कूलों के बाहर भी भारी वाहनों की पार्किंग पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही बिना अनुमति कच्ची खूहियां (बोर) खोदने और केंद्रीय जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं रखने पर भी सख्त रोक लगाई गई है।

बठिंडा में बैसाखी मेले की तैयारियां तेज: प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा

बठिंडा. बैसाखी मेले के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। डिप्टी कमिश्नर बठिंडा राजेश धीमान और एसएसपी डा. ज्योति यादव बैंस ने तख्त श्री दमदमा साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधकों के साथ बैठक कर मेले के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु 01655-220241 और 01655-220249 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सहायता के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की 30 सदस्यीय टीम भी तैनात की गई है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीने के पानी की 24 घंटे उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। मेले में आने वाले वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए शहर में छह स्थानों पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। इसके अलावा सड़कों की सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भी प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। इस मौके पर एडीसी (ज) कंचन, एसडीएम तलवंडी साबो राजेश कुमार शर्मा, एसपी जगदीश बिश्नोई, एसपी नरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

दिल दहला देने वाला मंजर: वृंदावन हादसे में जान गंवाने वाले लुधियाना के पांच लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार

लुधियाना. शुक्रवार दोपहर वृंदावन में दर्शन के लिए गए जगराओं जत्थे की नाव के केशी घाट और यमुना नदी में पलटने से हुई दस मौतों में से पांच मृतक जगराओं के ही रहने वाले थे। शुक्रवार देर रात वहां पोस्टमार्टम करवाने के बाद, प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पायलट वाहनों के साथ अलग-अलग एंबुलेंस में मृतकों के शव जगराओं भेजे। जगराओं बस अड्डा चौक में मौजूद सैकड़ों शहरवासियों की उपस्थिति में शवों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। इनमें मधुर बहल और उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत बहल और चाची पिंकी बहल, साथ ही ईशान कटारिया शामिल थे। हजारों शहरवासी उनके घरों पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोपहर में, शहर के श्मशान घाट में अलग-अलग समय पर उन सभी का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संखया में शहरवासी मौजूद थे। मुखयमंत्री ने किया दुख साझा मुखयमंत्री भगवंत मान इस बड़े दुखद हादसे के पीड़ितो के परिवारों का दुख साझा करने के लिए विशेष रूप से जगराओं पहुँचे। वह ईशान कटारिया के घर गए और उनके माता-पिता के साथ अपना दुख साझा किया। उसके बाद, वह चरणजीत बहल के घर पहुंचे और उनके बेटे तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपना दुख साझा किया। इसके बाद, वह उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए शहर के श्मशान घाट भी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस हादसे के पीडि़तों के परिवारों के साथ खड़ी है। इस हादसे में अभी भी 4 सदस्य लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है, और कुछ का इलाज चल रहा है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सरकार पीडि़त परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यदि परिवार जगराओं में मृतकों की याद में किसी भी प्रकार का स्मारक या पुस्तकालय बनाने का निर्णय लेता है, तो सरकार उसे पूरा करेगी। इसके अलावा, मुखयमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी दर्दनाक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वे उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के संपर्क में हैं। सरकार से वहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है; यदि पंजाब सरकार की ओर से किसी भी सहयोग की आवश्यकता होती है, तो सरकार वह सहयोग भी प्रदान करेगी। ईशान को सिहरा बांधकर दी गई अंतिम विदाई वृंदावन दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक ईशान कटारिया के परिवार में बेहद भावुक और हृदयविदारक माहौल था। जब अंतिम विदाई का समय आया तो ईशान कटारिया को सिहरा बांधकर विदाई दी गई। ईशान कटारिया के पिता, राजू कटारिया ने बताया कि ईशान उनका इकलौता बेटा था। पूरे परिवार का उससे बहुत गहरा लगाव था। ईशान ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और वह नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसके साथ ही, परिवार उसकी शादी की तैयारियां भी कर रहा था, लेकिन शायद ईश्वर को यह मंजूर नहीं था और उन्होंने इतनी कम उम्र में ही उसे हमसे छीन लिया। कविता को लाल चुनरी ओढ किया विदा इस हादसे में मधुर बहल और उनकी माकविता बहल की भी मौत हो गई। अंतिम विदाई समय मधुर बहल को सिहरा बांधा गया और उसकी मां कविका बहल को लाल चुनरी ओढ कर अंतिम विदाई दी गई। जब एक ही घर से मां बेटे की एक साथ अर्थी निकली तो हकाारों मौजूद लोगों की आंखे नम होने से नहीं रह्वह सकी। पिता का भावुक पोस्ट जगराओं का एक और युवक, ऋषभ शर्मा भी उन श्रद्धालुओं में शामिल है, जो वृंदावन यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की नाव यमुना नदी में पलटने के बाद से अब भी लापता हैं। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसके पिता, उमेश शर्मा ने वृंदावन से सोशल मीडिया पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट साझा करते हुए, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से एक मार्मिक अपील की है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा है कि उन्हें कोई गोताखोर नहीं मिल पाया है। अभी तक कोई भी उनके बेटे के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि वे उनके बेटे ऋषभ को ढूंढकर उन्हें सौंप दें।

भारतीय मूल के अरविंदर का जलवा: Cricket Canada के प्रधान चुने गए, जीत दर्ज

फिरोजपुर. दुनियाभर में बसे पंजाबियों के लिए गर्व का क्षण तब बना, जब फिरोजपुर के गांव कोठा अंबरहर के रहने वाले अरविंदर सिंह खोसा ने क्रिकेट कनाडा के प्रधान पद का चुनाव जीत लिया। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए उनके पूर्व शारीरिक शिक्षा अध्यापक और राज्य व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गुरनाम सिद्धू गामा ने बताया कि अरविंदर सिंह खोसा बचपन से ही खेलों में रुचि रखते थे। उनके पिता स्वर्गीय निशान सिंह खोसा और चाचा सुखवंत सिंह खोसा की प्रेरणा से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। अरविंदर सिंह खोसा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डाल चंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्राप्त की, जबकि उच्च शिक्षा गुरु नानक कॉलेज से पूरी की। उनके खेलने के अंदाज के कारण उनके साथी उन्हें ‘अफरीदी’ कहकर बुलाते थे। अदालत से मिली सफलता कनाडा से फोन पर बातचीत करते हुए अरविंदर खोसा ने बताया कि वहां क्रिकेट संस्था के चुनाव लंबे समय से नहीं हो पा रहे थे। इन चुनावों को करवाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव था। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद शुक्रवार को चुनाव कराए गए, जिसमें 10 में से 8 राज्यों ने उनके पक्ष में मतदान किया। इस तरह उन्होंने बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल की। क्रिकेट के विकास के लिए करेंगे मेहनत अरविंदर खोसा ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे और कनाडा में क्रिकेट के विकास के लिए पूरी मेहनत करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में वहां क्रिकेट को नई दिशा मिलेगी। उनकी इस सफलता पर पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा, गुरनाम सिद्धू, सुखजिंदर सिंह कुलगढ़ी, गुरभेज सिंह, लखविंदर सिंह, अभिनेता हरिंदर भुल्लर सहित कई प्रमुख लोगों ने उन्हें बधाई दी। लोगों का कहना है कि अरविंदर खोसा ने पंजाब और देश का नाम ऊंचा किया है।

धार्मिक अपमान पर कड़ी सजा की तैयारी: पंजाब में उम्रकैद और भारी जुर्माने वाला कानून जल्द

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने 'श्री जगतगुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) विधेयक’ 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसे 13 अप्रैल को बुलाए जा रहे विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को सुनिश्चित करना और बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई को लागू करना है। नए संशोधन के तहत सजा के प्रावधानों को काफी सख्त किया गया है। अब ऐसे मामलों में कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही आर्थिक दंड को भी बढ़ाया गया है, जिसमें न्यूनतम 5 लाख रुपये और अधिकतम 25 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि इन मामलों की जांच को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए डीएसपी (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) स्तर के अधिकारी से कम रैंक का कोई भी अधिकारी जांच नहीं करेगा। साथ ही आरोपित द्वारा मानसिक अस्थिरता का हवाला देकर बचने की कोशिशों को भी सख्ती से परखा जाएगा। इसके अलावा, कानून में परिभाषाओं को स्पष्ट किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी अस्पष्टता न रहे। गांवों के विकास को लेकर फैसला इसके बाद कैबिनेट ने गांवों के विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। राज्य के 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत औसतन हर गांव में कम से कम 27 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट में खर्च की हिस्सेदारी को भी बदला गया है। पहले जहां 70 प्रतिशत खर्च ग्राम पंचायतों द्वारा और 30 प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जाता था, अब इसे उलट कर 70 प्रतिशत खर्च पंजाब सरकार और 30 प्रतिशत ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। इस योजना पर करीब 380 करोड़ रुपये राज्य सरकार और लगभग 170 करोड़ रुपये पंचायतों द्वारा खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रोशनी बढ़ेगी, सुरक्षा बेहतर होगी और छोटे-मोटे अपराधों पर भी अंकुश लगेगा। खेलों के क्षेत्र में अहम निर्णय खेलों के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है। पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का मौका मिलेगा। इसके लिए हॉकी इंडिया के साथ करीब 11 करोड़ रुपये का एग्रीमेंट किया जाएगा, जबकि पूरे आयोजन के लिए लगभग 35.40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जालंधर के प्रमुख हॉकी मैदानों में आयोजित किया जाएगा, जहां भारत सहित एशिया की शीर्ष टीमें भाग लेंगी। सरकार का मानना है कि इससे पंजाब की खेल विरासत को नई पहचान मिलेगी और युवाओं को हॉकी की ओर प्रेरणा मिलेगी। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले कानून व्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुधारने और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

पंजाब ने पराली प्रबंधन में की बड़ी उपलब्धि, 94% कमी आई जलाने की घटनाओं में, मिला स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई गई दूरदर्शी रणनीति को बड़ी राष्ट्रीय मान्यता मिली है। राज्य को पर्यावरण श्रेणी में प्रतिष्ठित 'स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 2025' से नवाजा गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस उपलब्धि की जानकारी दी। कृषि मंत्री ने आंकड़ों के जरिए पंजाब की सफलता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में 94 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, "वर्ष 2020-21 में पराली जलाने के 83,002 मामले सामने आए थे, जो 2025-26 के सीजन में घटकर मात्र 5,114 रह गए हैं। यह पंजाब के किसानों की जागरूकता और प्रशासन की रियल-टाइम निगरानी का सुखद परिणाम है।" उन्होंने यह सम्मान उन किसानों को समर्पित किया जिन्होंने धुएं के बजाय मशीनों को चुना। मशीनीकरण पर 600 करोड़ का प्रावधान सरकार फसल अवशेषों को मिट्टी में ही खपाने के लिए मशीनों पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। मंत्री खुड्डियां ने बताया कि इस वर्ष 25,000 नई सी.आर.एम. मशीनों की खरीद के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अब तक लगभग 13,000 मशीनें खरीदी जा चुकी हैं और 427 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में जारी की जा चुकी है। कृषि विभाग ने मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी है, जहाँ किसान 24 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। सरकार के इस मॉडल ने न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाने में मदद की है।

त्रासदी पर संवेदना: पंजाब CM मान ने योगी से की बात, रेस्क्यू ऑपरेशन पर लिया अपडेट

लुधियाना. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री मान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे बातचीत कर हालात की जानकारी ली है। राहत व बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश प्रशासन के संपर्क में है और घटनास्थल पर चल रहे अभियान पर नजर बनाए हुए है। 11 की जा चुकी जान इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग घायल हैं और पांच अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के लोग अधिक हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जगराओं से करीब 120 श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर 9 अप्रैल को चार दिन की धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गए थे। शुक्रवार दोपहर के समय केसी घाट के पास श्रद्धालुओं से भरी नाव गहरे पानी में पहुंच गई और नदी में मौजूद लोहे के ढांचे से टकराने के बाद पलट गई। यह बेहद दुखद घटना मुख्यमंत्री मान ने अपने संदेश में कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। कुछ श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जिससे पूरा प्रदेश शोक में है। हम हर पीड़ित परिवार के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। इसके साथ ही लुधियाना प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। यूपी में बचाव कार्य लगातार जारी घटना के बाद पुलिस, आपदा राहत बल, सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमों द्वारा बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। मुख्यमंत्री की सक्रियता से पीड़ितों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल बना हुआ है।