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महिला अफसरों का जलवा: कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पदों पर बनीं नई शर्तें

फरीदकोट किसी भी जिले की व्यवस्था उसके प्रशासन और पुलिस महकमे पर टिकी होती है। फरीदकोट में अब इन दोनों अहम मोर्चों की कमान पूरी तरह से ‘नारी शक्ति’ के हाथ में आ गई है।  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर ने जैसे ही डिविजनल कमिश्नर की कुर्सी संभाली, फरीदकोट के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ गया। इसी के साथ जिले के चार सबसे बड़े पदों कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पर महिला अधिकारियों की शानदार ‘जोड़ी’ बन गई है। यह बदलाव सिर्फ महिला सशक्तिकरण की एक तस्वीर भर नहीं है, बल्कि आम जनता के लिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन की एक नई उम्मीद भी है। जिले की नागरिक और सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से महिला अधिकारियों के कौशल पर टिकी है।  जहां मंडल स्तर पर आईएएस कंवलप्रीत कौर कमान संभाल रही हैं, वहीं जिले की डीसी के रूप में आईएएस पूनमदीप कौर नागरिक प्रशासन का नेतृत्व कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी यही नजारा है; एसएसपी के पद पर डॉक्टर प्रज्ञा जैन तैनात हैं, जबकि रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक का अहम पद नीलांबरी विजय जगदले संभाल रही हैं। शासन के शीर्ष पर बैठी इन चार महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने फरीदकोट को पंजाब के प्रशासनिक मानचित्र पर एक प्रगतिशील और समावेशी जिले के रूप में स्थापित कर दिया है। शिकायतों का होगा समाधान : कमिश्नर कार्यभार संभालते ही मंडल आयुक्त कंवलप्रीत कौर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में फाइलों का अंबार लगाने के बजाय जनसमस्याओं का मौके पर निपटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में उन्होंने ‘नागरिक केंद्रित शासन’ पर जोर देते हुए कहा कि आम आदमी को अपनी जायज मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

धार्मिक पहचान दिलाने की पहल: फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की उठी मांग

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की मांग उठी है। इस संबंध में बलजीत सिंह भुट्टा ने गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहे। भुट्टा ने कहा कि ऐतिहासिक फतेहगढ़ साहिब केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि यही वह पावन स्थल है, जहां दशम पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस महान शहादत की गवाह इस धरती की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना समय की प्रमुख आवश्यकता है। अन्य पवित्र शहरों की तर्ज पर मिले विशेष व्यवस्थाएं भुट्टा ने मांग की कि जिस प्रकार अमृतसर और आनंदपुर साहिब जैसे धार्मिक नगरों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, उसी तर्ज पर फतेहगढ़ साहिब को भी विशेष दर्जा दिया जाए। भुट्टा ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब को ‘पवित्र शहर’ घोषित करने से यहां आने वाली संगत की भावनाओं का सम्मान होगा और इस ऐतिहासिक स्थल की मर्यादा और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। राज्यपाल ने विचार करने का दिया आश्वासन राज्यपाल कटारिया ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इस मांग पर संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फतेहगढ़ साहिब सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इसे पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिल रहा है।

खुशियों के बाद मातम: सालगिरह के दो दिन बाद यमुना हादसे में गई महिला की जान, गांव में पसरा शोक

मोगा/वृंदावन. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पंजाब के मोगा जिले के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में मोगा निवासी सपना हंस की मौत हो गई, जबकि परिवार की दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सपना हंस का शव उनके निवास स्थान पर पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव पहुंचते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोग और रिश्तेदार बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे और शोक व्यक्त किया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल भी मौके पर पहुंचे और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो अलग नावों पर सवार थे परिवार के सदस्य जानकारी के अनुसार, जगराओं से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को धार्मिक यात्रा के लिए वृंदावन गया था। 10 अप्रैल को दोपहर के समय यह हादसा हुआ, जब परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे। एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य श्रद्धालुओं के साथ मौजूद थे। हादसे का शिकार हुई नाव में सवार करीब 55 वर्षीय सपना हंस की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। वहीं रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित हैं। 8 अप्रैल को थी दंपत्ति की सालगिरह  यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन महज दो दिन बाद यह दुखद घटना हो गई। मृतका के देवर ट्विंकल हंस ने बताया कि उन्हें इस अनहोनी का जरा भी अंदाजा नहीं था। सपना हंस के दो बेटे हैं, जिनमें एक विदेश में और दूसरा दिल्ली में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली में रह रहा बेटा तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गया। जैसे ही शव मोगा पहुंचा, गुरु रामदास नगर इलाके में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।

राज्यपाल का आश्वासन: एम्स बठिंडा के विस्तार के लिए मिलेगा अतिरिक्त जमीन

बठिंडा  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बठिंडा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में दी जा रही आपातकालीन सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा ढांचे का बारीकी से निरीक्षण किया। एम्स पहुंचने पर संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) रतन गुप्ता ने राज्यपाल का भव्य स्वागत किया। राज्यपाल ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और संस्थान की तत्परता की सराहना की। अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने हार्ट कमांड सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, ट्रायेज सुविधा, सर्जिकल ट्रॉमा वार्ड और सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) सहित कई प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि एम्स बठिंडा न केवल आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस है, बल्कि गंभीर स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार प्रदान करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। फैकल्टी के समर्पण और अनुसंधान की प्रशंसा संस्थान के फैकल्टी सदस्यों के साथ विशेष संवाद में राज्यपाल ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल के प्रति डॉक्टरों की समर्पित भावना को सराहा। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में एम्स बठिंडा एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। राज्यपाल ने विशेष रूप से संस्थान द्वारा संचालित आउटरीच सेवाओं, अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम, कैंसर देखभाल और नवजात शिशुओं के लिए उपलब्ध उच्च स्तरीय सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए 'शेल्टर होम' स्थापित करने के प्रयासों को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। विस्तार के लिए भूमि आवंटन का भरोसा संस्थान की भविष्य की जरूरतों और विस्तार योजनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने एम्स प्रशासन को अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे इस प्रक्रिया को सुगम बनाने और मंत्रालय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। दौरे के समापन पर राज्यपाल ने संस्थान के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एम्स बठिंडा का लक्ष्य समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, जिसमें वे सफल हो रहे हैं।

पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, लागू होगा तुरंत, राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं

Punjab: विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, लागू होगा तुरंत, राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, अब बिना राष्ट्रपति की मंजूरी के होगा लागू चंडीगढ़   पंजाब सरकार 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने से संबंधित संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इस पर चर्चा के बाद इसका निर्विरोध पारित होना तय माना जा रहा है। यह विधेयक पूरी तरह राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए जरूरी औपचारिकताओं के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजने की जरूरत नहीं होगी और पारित होते ही लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे बेअदबी के मामलों के चलते लंबे समय से सख्त कानून की मांग उठ रही थी। आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है। जुलाई 2025 में सरकार ने इस संबंध में एक मसौदा विधानसभा में पेश किया था लेकिन विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के सुझाव लेने के लिए इसे विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर की अध्यक्षता वाली सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। बाद में कमेटी को दो महीने का अतिरिक्त समय भी दिया गया। अब खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को सरकार इस अहम विधेयक को सदन में लाने जा रही है। यह संवेदनशील और पंथक मुद्दा होने के कारण किसी भी राजनीतिक दल द्वारा विरोध की संभावना कम मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल भी नहीं होगा। इस संबंध में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नोटिस जारी कर दिया है। सख्त होगा सजा का प्रावधान : मान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इस एक्ट के तहत एसजीपीसी को ग्रंथ की छपाई और प्रकाशन का अधिकार है और छपने के बाद इसे गुरु साहिब का स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद बेअदबी के मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और लाखों रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। सुरक्षा के लिए बार कोड और क्यूआर कोड जैसे उपाय भी लागू किए जाएंगे। सावर्जनिक हो सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट : जाखड़ पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाना जरूरी है।   

अपराधियों पर शिकंजा: 28 वांटेड की सूचना देने वालों को नकद इनाम देगी सरकार

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त प्रहार करते हुए नई ‘रिवॉर्ड पॉलिसी’ लागू की है। इसके साथ ही राज्य के 28 मोस्ट वांटेड आरोपितों की सूची भी जारी कर दी गई है। इस नीति के तहत अब पुलिस को सही और पुख्ता सूचना देने वाले लोगों को नकद इनाम दिया जाएगा, जबकि उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सरकार की ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के तहत यह फैसला लिया गया है, जिसका मकसद आम लोगों को कानून-व्यवस्था मजबूत करने में भागीदार बनाना है। नई नीति के अनुसार, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) को 1 लाख रुपये तक इनाम स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है। वहीं, कमिश्नर ऑफ पुलिस, रेंज आईजी और डीआईजी 1.5 लाख रुपये तक, जबकि स्पेशल डीजीपी/एडीजीपी स्तर के अधिकारी 2 लाख रुपये तक इनाम मंजूर कर सकेंगे। 2 लाख रुपये से अधिक का इनाम केवल डीजीपी स्तर पर स्वीकृत होगा। पुखता जानकारी पर ही मिलेगा इनाम एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि सूचना देने वालों को इनाम तभी दिया जाएगा जब उनकी जानकारी पूरी तरह सही और जांच में प्रमाणित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर मुखबिर की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। “राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गैंगस्टर और अपराधियों के लिए हर रास्ता बंद कर दिया जाए और पंजाब को सुरक्षित बनाया जाए,” उन्होंने कहा- सरकार ने इसके लिए ‘एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन’ नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति गुमनाम रहकर सूचना दे सकता है। पुलिस के अनुसार, जो सूचना आरोपितों की गिरफ्तारी तक पहुंचाने में मदद करेगी, उसे विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। इनाम की राशि अपराध की गंभीरता, जोखिम और सूचना की गुणवत्ता के आधार पर तय की जाएगी। पंजाब पुलिस का कहना है कि इस पहल से न केवल पुलिस नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम लोगों की भागीदारी से अपराध पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। यह अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चल रही ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम को और तेज करेगा। 56 हजार से अधिक ठिकानो ंपर पहुंची पुलिस इसी अभियान के तहत पंजाब पुलिस अब तक बड़े स्तर पर कार्रवाई कर चुकी है। राज्यभर में गैंगस्टरों से जुड़े ठिकानों पर 56,487 छापेमारी की गई है। इस दौरान 19,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 9,353 के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिया गया। इसके अलावा 15,284 लोगों से पूछताछ कर उन्हें सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस ने 851 घोषित अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया है। पंजाब सरकार का मानना है कि इस रिवॉर्ड पॉलिसी से आम जनता और पुलिस के बीच भरोसा बढ़ेगा और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी डर के अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करें, ताकि राज्य को अपराध मुक्त बनाया जा सके।

वृंदावन त्रासदी का दर्द: 10 पंजाबी श्रद्धालुओं की मौत, CM ने परिवारों को बंधाया ढांढस

लुधियाना/वृंदावन. वृंदावन में नाव हादसे में लुधियाना और जगराओं के 10 लोगों की मौत हो गई। शव घर पहुंचने पर मातम छा गया। कई लोग अभी लापता हैं और बचाव अभियान जारी है। दूसरी ओर जगराओं में भी पांच लोगों- कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया—के शव पहुंचने से इलाके में मातम पसरा हुआ है। यहां भारी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए एकत्र हुए हैं। गीता कॉलोनी में शोक की स्थिति बनी हुई है और परिवारों में विलाप जारी है। इस दौरान सीएम भगवंत मान भी विलाप करने के लिए चरणजीत बहल के निवास पर पहुंचे। दोपहर बाद होगा अंतिम संस्कार जानकारी के अनुसार, दुगरी फेस दो से दस लोग वृंदावन में मंदिर दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान यमुना नदी में नाव पलटने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब उनके शव घर पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ अन्य के शव अभी आने बाकी बताए जा रहे हैं। दोपहर बाद मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे में मीनू बंसल के बेटे निखिल बंसल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी बहन डिंकी बंसल अभी तक लापता है और उसका नाम लापता लोगों की सूची में भी नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द तलाश करने की अपील की है। पंजाब से तकरीबन 130 लोग गए थे वृंदावन बताया जा रहा है कि दो बसों में करीब 130 लोग इस धार्मिक यात्रा पर गए थे। इनमें से 90 लोग जगराओं और बाकी अन्य शहरों के निवासी थे। हादसे में बचने वाले लोग वापस अपने घर लौट आए हैं और यात्रा को बीच में ही रोक दिया गया है। प्रशासन के अनुसार अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि पांच लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है और सेना के जवान भी इसमें जुटे हुए हैं। पुलिस ने नाव चालक पप्पू निषाद को हिरासत में ले लिया है, जो हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का फतेहगढ़ साहिब दौरा, मथुरा घटना पर दुख व्यक्त कर सख्त कार्रवाई का किया वादा

फतेहगढ़ साहिब  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज शनिवार ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी की महान शहादत को नमन किया। राज्यपाल ने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य दरबार में अरदास की और पूरे विश्व में शांति, भाईचारे तथा मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए प्रेरणा का केंद्र है। यहां की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े रहने तथा सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने राज्यपाल को सिरोपाओ और श्री साहिब भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और सिख इतिहास की महान परंपराओं की सराहना की। मथुरा दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यपाल कटारिया ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में हाल ही में हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और इससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सिख इतिहास के महान बलिदानियों को नमन किया उन्होंने कहा कि प्रशासन का कर्तव्य है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे। राज्यपाल ने लोगों से भी अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। राज्यपाल के इस दौरे को श्रद्धा और संवेदना के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां उन्होंने सिख इतिहास के महान बलिदानों को नमन किया, वहीं दूसरी ओर मथुरा की घटना पर दुख व्यक्त कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और न्याय का भरोसा दिलाया।

खेतों पर संकट के बादल: मौसम विभाग की चेतावनी, गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान संभव

चंडीगढ़. पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ली है। एक तरफ गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर कटाई के लिए तैयार है, तो दूसरी तरफ भारी वर्षा और आंधी-तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल अब भीगने लगी है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बन गई है। खेतीबाड़ी माहिर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि इस समय बारिश किसानों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं का दाना अब पूरी तरह पक चुका होता है और कटाई का समय भी आ गया है। ऐसे में बारिश से दाने की क्वालिटी और पैदावार दोनों पर असर पड़ता है। गेहूं की फसल को नुकसान खेतों में पानी भरने और अंकुरण की समस्या वर्षा के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। जहां पानी निकलने की सही सुविधा नहीं होती, वहां फसल लंबे समय तक भीगी रहती है। इससे गेहूं के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे बाजार में कीमत काफी कम हो जाती है। डॉ. राकेश ने कहा कि लगातार नमी की वजह से अनाज का रंग फीका पड़ जाता है आर वजन भी कम हो जाता है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल कम दाम मिलते हैं, जिसका सीधा असर उनकी इनकम पर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि मौसम साफ होने पर तुरंत कटाई शुरू कर देनी चाहिए। किसान मदन लाल व धर्म चन्द ने कहा कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन लगातार बारिश की वजह से फसल गिरने का खतरा बन गया है। बारिश की वजह से खेतों में बढ़ी नमी उनके मुताबिक, अगर फसल गिर गई तो कटाई मुश्किल होगी और अनाज भी खराब हो जाएगा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसी तरह, किसान संगठन ने भी कहा कि बारिश की वजह से खेतों में नमी बढ़ रही है, जिससे बीज अंकुरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीज अंकुरित हुए तो उन्हें बाजार में सही दाम नहीं मिलेगा और सारी मेहनत बेकार हो सकती है।

80% तक मिलावट का दावा, चन्नी बोले—मिलावटखोरों पर लगे हत्या के प्रयास का मुकदमा

जालंधर. लोकसभा सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने देश में नकली डेयरी उत्पादों की बिक्री पर चिंता जताई है। चन्नी ने नकली डेयरी उत्पादों से होने वाले जान-माल के नुकसान, इसकी जांच प्रक्रिया को आसान बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की भी मांग की है। उन्होंने कहा, दूध माफिया यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर और अन्य जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल से नकली दूध बना रहे हैं। इससे देशवासी भयानक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। चन्नी ने नकली दूध के कारण डेयरी फार्मिंग के लिए भी चिंता का समय है। उन्होंने कहा कि नकली दूध सस्ता होने के कारण असली दूध की कीमतों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा कानून नरम और कम जुर्माने वाला होने के कारण डेयरी माफिया का इस पर असर नहीं होता। नकली डेयरी उत्पादों से किसी की जान तक जा सकती है, जिस कारण यह एक तरह से इरादा-ए-कत्ल (हत्या के प्रयास) जैसा संगीन अपराध है। इसलिए सजा और सख्त तथा जुर्माना और बड़ा होना चाहिए। सांसद चन्नी ने कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन और सहकारिता के लिए संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में सुझाव देते हुए कहा कि सरकार को डेयरियों और दूध के बूथों पर तुरंत चेकिंग करने वाली मशीनें लगानी चाहिए।