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दुष्कर्म मामलों में कड़ा संदेश: नाबालिग पीड़िता होने पर बढ़ेगी दोषी की सजा—HC का बड़ा फैसला

चंडीगढ़. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने बच्चों के साथ दुष्कर्म मामलों में सजा तय करने के लिए एक नया मानक प्रस्तुत किया है। कोर्ट ने कहा कि पीड़ित की उम्र जितनी कम होगी, अपराध की सजा उतनी अधिक होनी चाहिए। साथ ही, अपराधियों की संख्या बढ़ने पर सजा और कठोर होगी। मामला लुधियाना में चार साल सात महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है। आरोपित 28 वर्षीय सोनू सिंह ने बच्ची को उसके दादा की चाय की दुकान से बहला-फुसलाकर ले जाकर यह जघन्य अपराध किया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। मामला हाई कोर्ट में मौत की सजा की पुष्टि और आरोपित की अपील के रूप में पहुंचा। जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने कहा कि भारत में पोक्सो मामलों में सजा तय करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं, जिससे फैसलों में असंगति आती है। इसी कमी को दूर करने के लिए कोर्ट ने मानक तैयार किया। इसके तहत सजा तय करने का आधार सहमति की कानूनी उम्र को माना जाएगा। जैसे-जैसे पीड़ित की उम्र इस आधार से कम होती जाएगी, सजा बढ़ती जाएगी। यदि अपराध में एक से अधिक आरोपित हों, तो सजा और कठोर होगी। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की उम्र पांच साल से कम थी और आरोपित अकेला था। इस आधार पर दुष्कर्म के लिए 25 साल के कठोर कारावास को कोर्ट ने उचित माना। हत्या के लिए आजीवन कारावास दिया गया, जिसमें कम से कम 50 साल तक बिना किसी रिमिशन के जेल में रहना अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने सबूतों के आधार पर दोषसिद्धि बरकरार रखी लेकिन यह भी कहा कि हत्या पूर्वनियोजित नहीं थी, बल्कि दुष्कर्म के सुबूत मिटाने के लिए घबराहट में की गई थी। इसी आधार पर इसे “रेयरेस्ट आफ रेयर” की श्रेणी में न रखते हुए मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: 78% प्री-SIR का काम पूरा, डबल वोटर कार्ड पर सख्ती से होगी कार्रवाई

अमृतसर  पंजाब में फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में दैनिक ट्रिब्यून ने राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया जारी है। प्री-एसआईआर एक्सरसाइज के तहत अब तक करीब 78 प्रतिशत क्षेत्र को कवर किया जा चुका है। राज्य में कुल 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 521 मतदाता हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मतदाता विवरण सही तरीके से अपडेट करें और बीएलओ (Booth Level Officer) के साथ सहयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मतदाता 2003 की मतदाता सूची के जरिए अपनी डिटेल्स को सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए Election Commission of India के आधिकारिक पोर्टल https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर पुरानी वोटर लिस्ट देखी जा सकती है। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं मिलता है, तो वे अपने परिवार के सदस्यों जैसे माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी के माध्यम से लिंकेज स्थापित कर सकते हैं, जो एसआईआर प्रक्रिया में मददगार साबित होगा।

कमल कौर भाभी की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, UAE से डिपोर्ट कर पंजाब लाया गया अमृतपाल मेहरा

बठिंडा पिछले साल बठिंडा में हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी हत्याकांड मामले में वांटेड अमृतपाल मेहरो को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है।  बठिंडा में जून 2025 में इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की सनसनीखेज हत्या मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) से डिपोर्ट (Deport) कर भारत लाया गया, जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आईजीआई एयरपोर्ट) पर 10 अप्रैल 2026 की सुबह उसे गिरफ्तार किया गया। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग के तहत ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित की लोकेशन को ट्रेस कर उसके खिलाफ एक्सट्राडिशन प्रक्रिया शुरू की गई थी। जानकारी के अनुसार, 11 जून 2025 को आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर कंचन कुमारी का अपहरण किया और उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बठिंडा के आदेश अस्पताल के पास खड़ी कार में छोड़ दिया गया था। इस मामले में शामिल अन्य तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। हत्या के बाद मुख्य आरोपित देश छोड़कर फरार हो गया था और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे विदेश से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता हासिल की। पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि संगठित अपराध और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जून में कार में मिला था शव सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की बठिंडा में पिछले साल जून में हत्या कर दी गई थी। चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की पार्किंग में खड़ी गाड़ी से उनका शव मिला था। कंचन कुमारी का इंस्टाग्राम पर कमल काैर भाभी नाम से अकाउंट था। कंचन कुमारी लक्ष्मण बस्ती, लुधियाना की रहने वाली थी। वह नाै जून को अपनी मां को कहकर निकली थी कि वह बठिंडा में प्रमोशनल इवेंट के लिए जा रही है।   तीन माह की रेकी के बाद की थी हत्या मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की हत्या के लिए तीन माह से अमृतपाल महरों और उसके साथी रेकी कर रहे थे। कुछ दिन अमृतपाल अपने साथियों समेत कंचन के घर पास एक होटल में भी रुका रहा था। इतना ही नहीं अमृतपाल दो बार कंचन के घर भी गया था, लेकिन वो घर पर नहीं मिली थी।  जब ऐसे बात न बनी तो फिर अमृतपाल ने 8 जून को कंचन से संपर्क करके कहा कि उसे कार की प्रमोशन करने के लिए बठिंडा आना है। इसके बाद कंचन उर्फ कमल कौर 9 जून को लुधियाना से अपनी कार से बठिंडा पहुंची। जहां पर अमृतपाल महरों, जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह तीनों कंचन को मिले और उसकी गाड़ी में बैठ गए। पहले तीनों आरोपियों ने भुच्चो के समीप एक गैरेज से कंचन की गाड़ी रात के साढ़े 12 बजे तक ठीक करवाई और फिर अपनी स्कॉर्पियो को एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करके कंचन को साथ लेकर उसी की गाड़ी में चारों सवार हो गए। आरोपियों द्वारा किए खुलासे के अनुसार अमृतपाल महरों कंचन की गाड़ी चला रहा था। जसप्रीत और निमरतजीत कंचन के साथ कार की पिछली सीट पर बैठे थे।  आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमृतपाल के कहने पर सबसे पहले उन्होंने कंचन के दोनों मोबाइल ले लिए और उससे पासवर्ड मांगा जब उसने पासवर्ड नहीं बताया तो अमृतपाल के कहने पर कंचन से दोनों ने मारपीट की। इसके बाद कमर कस्सी से दोनों ने एक सुनसान जगह पर गाड़ी में ही कंचन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।   मां बोली-अब इंसाफ की उम्मीद कंचन कुमारी की मां ने कहा कि अब उनको इंसाफ की उम्मीद जग गई है। उन्होंने मांग की कि उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं, एक की शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मेरा बहुत ख्याल रखती थी।   

अमेरिका में पंजाबी मूल की केटामाइन क्वीन जसवीन संघा को 15 साल की जेल

चंडीगढ़  हॉलीवुड के बड़े स्टारों को ड्रग सप्लाई करने के आरोप में मोगा की रहने वाली पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल जेल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने जसवीन को केटामाइन ड्रग सप्लाई करने के आरोप में दोषी माना है। इसी केटामाइन ड्रग के ओवरडोज की वजह से 2023 में अमेरिकी-कनाडाई एक्टर मैथ्यू पेरी की मौत की मौत हो गई थी। अमेरिकी वकीलों ने जसवीन संघा को केटामाइन क्वीन का नाम दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने लॉस एंजिल्स की एक अदालत में जसवीन को अधीकतम सजा सुनाई। साथ ही, तीन साल की निगरानी में रिहाई का आदेश भी दिया। 42 वर्षीय संघा ने सितंबर 2025 में पांच फेडरल आरोपों को स्वीकार कर लिया था, जिनमें केटामाइन बांटना भी शामिल था। संघा ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अक्तूबर 2023 में पेरी की ओवरडोज से हुई मौत से कुछ हफ्ते पहले, उनके पैसिफिक पैलिसेड्स स्थित घर पर उन्हें केटामाइन की दर्जनों शीशियां सप्लाई की थीं। वकीलों ने उन्हें एक बड़ी डीलर बताया, जो मनोरंजन जगत के अमीर ग्राहकों को निशाना बनाती थी। लंदन में भारतीय माता-पिता नीलम सिंह और बलजीत सिंह छोक्कर के घर जन्मी संघा एक संपन्न पंजाबी परिवार से आती हैं। उनके दादा-दादी ने पूर्वी लंदन में एक सफल फैशन रिटेल का कारोबार खड़ा किया था। अपनी मां की दूसरी शादी के बाद, यह परिवार कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके कैलाबसास में जाकर बस गया, जहां संघा बड़ी हुई। उसके पास अमेरिकी और यूके दोनों देशों की दोहरी नागरिकता है। सजा सुनाए जाने के दौरान, संघा ने अपने किए पर पछतावा जताया और अदालत से कहा कि उसके द्वारा उठाए गए कदम बहुत ही भयानक फैसले थे, जिन्होंने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। उनके वकील ने जसवीन को दी सजा को बहुत ज्यादा कठोर बताया।

पंजाब में 15 अप्रैल तक मौसम रहेगा सूखा, तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री कम, अप्रैल में 525% अधिक बारिश की संभावना

जालंधर  वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप भी खिली रही। हालांकि दो दिनों तक रुक रुक कर होती रही वर्षा का असर भी दिखाई दिया। कारण, तेज धूप होने के बावजूद ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं हुआ। मगर दिन ढलने के बाद ही कुछ हद तक ठंडक महसूस हुई क्योंकि हवाएं चलने का क्रम जारी रहा। जिसके चलते ही अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 33 डिग्री पार जा सकता है तापमान बुधवार को अधिकतम 19.1 और न्यूनतम 14.4 दर्ज हुआ था। इस हिसाब से देखें तो अधिकतम में लगभग सात डिग्री की बढ़ौतरी हुई है, वहीं न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यही नहीं छह दिनों के भीतर तापमान 33 डिग्री व उससे पार तक भी जा सकता है। मौसम विशेषज्ञ डा. दलजीत सिंह का कहना है कि मौसम विभाग की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान से क्लियर है कि आने वाले दिनों में तेज धूप खिलेगी और बढ़ती हुई गर्मी सताएगी भी। 15 से पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे पहाड़ी इलाकों में बादल छाने, हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। ऊंचाई पर तेज गति से चल रही हवाएं (जेट स्ट्रीम) इन मौसम प्रणालियों को और सक्रिय कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे वहां मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। फाजिल्का में सबसे ज्यादा 56.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड पंजाब में 1 से 9 अप्रैल 2026 के बीच सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में औसतन 25.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से यह आंकड़ा 4.1 मिमी रहता है। इस प्रकार, राज्य में 525 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 56.8 मिमी बारिश फाजिल्का में और सबसे कम 4.4 मिमी होशियारपुर में दर्ज की गई। पांच दिनों में 8 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। साथ ही, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को फिर से गर्मी का एहसास होने लगेगा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत के करीब बढ़ी अप्रैल माह में भी फरवरी जैसा मौसम। फरवरी में तापमान बढ़ने से गर्मी समय से पहले शुरू होने के साथ मार्च और उसके बाद अप्रैल में में वर्षा से मौसम में ठंडक । मौसम में उतार चढ़ाव के साथ ही शुरू हुआ वायरल मरीजों के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में आने वाले मरीजों में बुखार, खांसी, जुकाम और गला खराब के मरीजों की संख्या में 15 प्रतिशत के करीब बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने CM मान को लिखा पत्र, किसान बीमा योजना लागू करने की मांग, 13 अप्रैल को विशेष सत्र

चंडीगढ़  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक लेटर लिखा है। लेटर में किसानों के नुकसान की भरपाई के बारे में लिखा गया है। जाखड़ ने कहा है कि अगर सूबे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना होती तो किसानों के नुकसान की भरपाई हो जाएगी।  जाखड़ ने सीएम को लिखा है कि 13 अप्रैल को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव लाए ताकि यह प्रदेश में लागू हो सके। जाखड़ ने लिखा है कि इससे किसानों को फायदा हो जाएगा। जाखड़ ने आगे लिखा कि 2023 और 2025 में पंजाब के किसानों को बाढ़ के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा। हर साल गड़ेमारी व मौसम के कारण फसलों को नुकसान होता है। ऐसे में फसल बीमा योजना बेहद जरूरी है। आपकी सरकार बीमा योजना ला रही थी वही ले आओ जाखड़ ने कहा कि आपने 26 मार्च 2023 को कहा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की फसल बीमा योजना की जगह अपनी फसल बीमा योजना लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार केंद्र की बीमा योजना को लागू नहीं करना चाहती तो अपनी ही बीमा योजना ले आओ ताकि किसानों को इन आपदाओं से होने वाले नुकसान का मुआवजा मिल सके। तीन साल में किसानों को हजारों करोड़ का नुकसान सुनील जाखड़ ने कहा कि तीन साल में पंजाब के किसानों का हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो गया हे। अगर आप तीन साल पहले इस योजना को लागू कर देते तो किसानों को उनका मुआवजा मिल जाता और सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ भी नहीं आता। उन्होंने कहा कि अब भी देरी नहीं हुई है अगर आप किसानों के हितैषी हैं तो 13 अप्रैल को फसल बीमा योजना को लागू करने का प्रस्ताव पास करवाएं। कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल जाखड़ ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में कानून व्यवस्था पहले ही खराब है। इंडस्ट्री पलायन कर चुकी है। अब खेतीबाड़ी पंजाब की अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। अगर किसानों को भी इस तरह नुकसान होता रहा तो पंजाब और खतरनाक आर्थिक संकट में फंस जाएगा। इसलिए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तुरंत लागू करे।

सीएम मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की, पंजाब के गेहूं खरीद और मुआवजा मुद्दों पर की चर्चा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी। आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है। ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है। आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना, वैसाखी पर ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करेंगे

अमृतसर वैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किया गया।  “जो बोले सो निहाल” के जयकारों के बीच रवाना हुए इस जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।   जानकारी के अनुसार, देशभर से करीब 2800 सिख श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह जत्था अगले 10 दिनों के दौरान ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार इन गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हैं और यह उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने वाहेगुरु से प्रार्थना की कि हर संगत को इस पवित्र अवसर का लाभ मिले। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि संगत की अरदासों के फलस्वरूप यह अवसर मिलता है, जिससे श्रद्धालु गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने यात्रा की सफलता और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए अरदास की। इस दौरान करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह से खोलने की मांग भी दोहराई गई। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर सिख संगत की भावनाओं से जुड़ा है और इसे जल्द से जल्द पूरी तरह खोलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें। जत्थे के टीम लीडर सुरजीत सिंह तुगलवाला ने कहा कि वह पहली बार इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं और एसजीपीसी हर साल यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंध करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी यात्रा सुचारू रूप से संपन्न होगी। 32 श्रद्धालुओं के आवेदन हुए रद्द एसजीपीसी ने 1795 वीजा के लिए आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 को वीजा जारी किया गया, जबकि 32 श्रद्धालुओं के आवेदन रद्द कर दिए गए। यह जत्था धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी यात्रा 10 दिनों की होगी। खालसा सृजना दिवस (बैसाखी) पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए विभिन्न कमेटियों के श्रद्धालु गए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409, हरियाणा कमेटी से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है, जिससे कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान जा रहे हैं। करतारपुर साहिब का मार्ग खोलने की मांग श्रद्धालुओं ने सरकारों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किए जाएं और करतारपुर साहिब का मार्ग खोला जाए।उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को खत्म करने की भी मांग की। जिन श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिला, उनमें निराशा भी देखी गई। 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाया जाएगा और इसी संबंध में यह जत्था पाकिस्तान भेजा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि 1795 पासपोर्ट भेजे गए थे, जिनमें से 32 रद्द हुए और 1763 श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं।  

बड़ी वारदात टली: ATM लूट की योजना बना रहे पांच आरोपी गिरफ्तार, नकदी बरामद

मानसा. पंजाब के मानसा में उपमंडल सरदूलगढ़ के कस्बा झुनीर में एटीएम चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पंजाब और हरियाणा के युवकों द्वारा बनाई गई सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी किया गया एटीएम और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद करने का दावा किया है। जिला पुलिस प्रमुख भागीरथ सिंह मीणा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 31 मार्च की रात अज्ञात आरोपितों ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एक बैंक के एटीएम का शटर तोड़कर मशीन को उखाड़ लिया था। बैंक अभिलेखों के अनुसार, एटीएम में उस समय 33 लाख 28 हजार रुपये की राशि मौजूद थी। इस संबंध में थाना झुनीर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान आरोपितों की पहचान कर उन्हें काबू किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में तीन पटियाला जिले, एक हरियाणा के सोनीपत और एक सरदूलगढ़ क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के बाद उनके कब्जे से 20 लाख 60 हजार रुपये की नगदी बरामद की है। वारदात से पहले की रेकी व प्लानिंग पूछताछ में सामने आया कि आरोपितों ने इस वारदात की योजना पहले से तैयार की थी। वे वारदात से पहले एटीएम की रेकी करते थे और आसपास लगे निगरानी यंत्रों की दिशा को सीमित कर देते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इतना ही नहीं, वे एटीएम के अंदर लगे कैमरों पर भी स्प्रे कर देते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित वारदात के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ी की नंबर प्लेट बदल लेते थे, ताकि पकड़ में न आएं। इसके अलावा वे किसी भी प्रकार के आधुनिक संचार उपकरण का उपयोग नहीं करते थे, जिससे उनकी लोकेशन का पता न लगाया जा सके। एटीएम के हिस्से किए गए बरामद गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने नहर से एटीएम मशीन के हिस्से भी बरामद किए हैं। कुछ आरोपितों के खिलाफ पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने आरोपितों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। यह कार्रवाई पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पंजाब कैबिनेट मीटिंग 11 अप्रैल को: सत्कार एक्ट 2008 में बदलाव पर मंथन

चंडीगढ़. बेअदबी की घटनाओं को लेकर बने कानून को मूर्त रूप देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया हैं। जिसमें सरकार जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करके इसमें सजा का प्रावधान करना चाहती है। इस संशोधन बिल पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अप्रैल शनिवार को कैबिनेट बैठक बुला ली है। यह बेहद संजीदा बिल हैं। क्योंकि जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 राज्य का कानून हैं। इसके तहत सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन, वितरण और बीड़ के प्रबंधन का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को दिया है। ताकि सिख रहत मर्यादा के अनुसार पवित्रता बनी रहे। अब सरकार इस बिल में संशोधन करके उसमें सजा का प्रावधान भी शामिल करना चाहती है। बीते साल विधेयक किया गया था पेश बता दें कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 पेश किया था। इस पर बहस के बाद इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। सेलेक्ट कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। इस बिल में सभी धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया था। जिसके तहत 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया था। जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल कर जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने का फैसला किया है। सरकार मान रही हैं कि इस बिल में संशोधन करने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को शामिल किया जाएगा। जबकि पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 में सभी ग्रंथ आते थे। विधेयक राष्ट्रपति को भेजना जरूर नहीं बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही यह दावा कर चुके है कि यह स्टेट बिल है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। जबकि माहिरों का कहना है कि 2008 का कानून केवल रेगुलेटरी कानून है जबकि अगर इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किए जाने पर सजा का प्रविधान दस साल या इससे ज्यादा किया जाता है तो यह बिल राष्ट्रपति के पास पारित होने के लिए भेजना पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि रेगुलेटरी एक्ट को पीनल एक्ट में बदला तो जा सकता है लेकिन तब यह क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आ जाएगा। फिर यह स्टेट एक्ट नहीं रहेगा बल्कि समवर्ती सूची में आ जाएगा। ऐसा नहीं है कि राज्य यह कानून बना नहीं सकता लेकिन अगर यह केंद्रीय कानून से टकराया तो केंद्रीय कानून ही माना जाएगा। 13 अप्रैल को विधानसभा में होगा पेश यही कारण हैं कि शिरोमणि अकाली दल अपने सरकार के दौरान 2016 में लाए गए बिल को मंजूरी दिलवाने की मांग कर रही हैं तो कांग्रेस अपने कार्यकाल के दौरान 2018 में लाए गए बिल को कानून बनाने की मांग कर रही है। बता दें कि 2016 के बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान किया गया था। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल बीतने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं दी है। 11 अप्रैल को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में बिल के अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिलेगी। जिसे बाद में 13 अप्रैल को विधान सभा में पेश किया जाएगा।