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CREST घोटाले पर शिकंजा: प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की फाइनेंशियल जांच

चंडीगढ़. 83 करोड़ रुपये के चर्चित क्रेस्ट घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने क्रेस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि पर धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि क्रेस्ट के खातों से रकम शेल कंपनियों के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई थी। जांच में सामने आया है कि ट्रांसफर की गई रकम का हिस्सा अबरोल के अपने खातों के साथ-साथ रिश्तेदारों और करीबी लोगों के भी अकाउंट्स में पहुंचा था। पुलिस अब इस घोटाले की मनी ट्रेल और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। फरार अकाउंट अफसर की तलाश में करनाल में रेड निगम और क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों से पता चला है कि इसी घोटाले में चंडीगढ़ पुलिस की टीम से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की अकाउंट अफसर नलिनी मलिक को पकड़ने के लिए करनाल में दबिश दी है। हालांकि वह मौके से फरार बताई जा रही है। पुलिस को शक है कि वह किसी रिश्तेदार के घर ठहरी हुई थी। ऐसे में पुलिस की टीम उस घर पर पहुंची और आसपास पूछताछ की। यह कार्रवाई नगर निगम में 116.84 करोड़ रुपये की फर्जी एफडी और क्रेस्ट में करीब 75.16 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय गड़बड़ी मामले में हुई पूछताछ के बाद की गई है। वहीं, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपितों ने जांच के दौरान कई अहम जानकारियां साझा की हैं। पुलिस के मुताबिक कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, जिन पर फर्जी कंपनियों और खातों के जरिए सरकारी धन के लेनदेन का आरोप है।

विपक्ष के विरोध के बीच जालंधर निगम का बजट मंजूर, सदन में गूंजे नारे

जालंधर. जालंधर नगर निगम की हाउस बैठक सोमवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब मेयर वनीत धीर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 569.40 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पेश होते ही विपक्षी दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने शून्य काल शुरू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का कहना था कि बजट पेश करने से पहले शून्य काल में जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए थी, लेकिन उनकी इस मांग को नजरअंदाज कर सीधे बजट प्रस्तुत किया गया। इसी बात को लेकर हाउस में माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों दलों के पार्षदों ने विरोध जताया। हंगामे और नारेबाजी के बीच नगर निगम प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर ही बजट को पारित कर दिया। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। 569.4 करोड़ का बजट प्रस्तुत मेयर वनीत धीर द्वारा प्रस्तुत इस बजट का कुल आकार 569.40 करोड़ रुपये है, जिसमें शहर के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। विकास कार्यों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिससे सड़कों, सीवरेज, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है। बजट के खर्च का विभाजन भी तय किया गया है। इसमें 312.70 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों के संचालन और प्रशासनिक कार्यों के लिए रखे गए हैं, जबकि 55.56 करोड़ रुपये अन्य खर्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं। बजट में विकास कार्यों को दी गई प्राथमिकता मेयर ने कहा कि नगर निगम की आय में सुधार हुआ है, जिसके चलते इस बार बजट में वृद्धि की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और खर्चों को संतुलित रखने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच हाउस में शून्य काल की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाया गया है और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर नहीं दिया गया। बैठक के दौरान बने इस विवाद के चलते राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना जताई जा रही है।

6 अप्रैल से जम्मू-छपरा के बीच शुरू होगी विशेष ट्रेन, गर्मियों में पठानकोट-जालंधर के यात्रियों को मिलेगा लाभ

 पठानकोट यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने जम्मू तवी से छपरा के बीच एक स्पेशल रिजर्व ट्रेन सेवा शुरू करने का फैसला किया है. यह ट्रेन अप्रैल से जुलाई तक चलेगी और खासतौर पर उन यात्रियों को राहत देगी, जो इस रूट पर सफर करने में दिक्कतों का सामना कर रहे थे।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन नंबर 05194 जम्मू तवी से हर बुधवार रात 01:20 बजे 8 अप्रैल से 15 जुलाई तक चलेगी और गुरुवार सुबह 09:15 बजे छपरा पहुंचेगी. इस दौरान कुल 15 ट्रिप पूरे किए जाएंगे. वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 05193 छपरा से हर सोमवार दोपहर 14:12 बजे 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक रवाना होगी और मंगलवार रात 11:00 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी. यह भी कुल 15 फेरे लगाएगी।  इस ट्रेन का ठहराव कठुआ, पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कप्तानगंज, पाडरौना, थावे, दिघवा डुबौली और छपरा कचहरी समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा। 6 अप्रैल से होगी शुरूआत रेलवे के अनुसार, यह विशेष ट्रेन दोनों तरफ में कुल 15-15 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 05194, 8 अप्रैल से 15 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार रात 1:20 बजे जम्मू तवी से रवाना होकर गुरुवार सुबह 9:15 बजे छपरा पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 05193, 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार दोपहर 2:12 बजे छपरा से चलकर मंगलवार रात 11 बजे जम्मू तवी पहुंचेगी। ट्रेन में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे, जिससे हर वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी। बुकिंग शुरू, आईआरसीटीसी या रेलवे काउंटर से करें बुक वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। यह सेवा जम्मू, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों को सीधी और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यात्री असुविधा से बचने के लिए अपनी टिकट आईआरसीटीसी या रेलवे काउंटर से पहले ही बुक कर लें। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी टिकट पहले से ही आईआरसीटीसी या रेलवे काउंटर से बुक कर लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उद्योगों को राहत: पंजाब सरकार ने लीजहोल्ड प्लॉट को फ्रीहोल्ड बनाने की नीति पास की

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दी है। इन संशोधनों के अनुसार, बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है, 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी। कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों पर जताई थी आपत्ति मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पहले हस्तांतरण नीति 2008, 2016 और 2021 में लाई गई थी। औद्योगिक संगठनों ने 2021 में लाई गई नीति की कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों पर आपत्ति जताई थी। इसके जवाब में एक कमेटी ने उद्यमियों की मांगों की समीक्षा की और फ्री होल्ड प्लॉटों पर लागू होने वाले परिवर्तनों का प्रस्ताव दिया। संशोधित नीति के अनुसार औद्योगिक प्लॉट की आरक्षित कीमत का 12.5 प्रतिशत हस्तांतरण शुल्क लागू होगा। कैबिनेट ने विशेष रूप से पीएसआईईसी के प्रबंधन वाले लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेड्स को फ्री होल्ड में बदलने की नीति को भी मंजूरी दे दी। ये प्लॉट और शेड मूल रूप से लीजहोल्ड आधार पर आवंटित किए गए थे, जिनमें परिवर्तन संबंधी जटिल धाराएँ शामिल थीं, जिसके कारण संपत्ति के लेन-देन में कठिनाइयां आ रही थी। इस नई नीति का उद्देश्य औद्योगिक प्लॉटों के प्रबंधन को सुचारू करना, कारोबार में सुगमता बढ़ाना, आवंटियों के बीच मुकदमेबाजी और अनिश्चितता को कम करना है। इसके अलावा, इस हस्तांतरण से राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। कैबिनेट ने एमएसएमई डेवलपमेंट एक्ट, 2006 के तहत एमएसई फैसिलिटेशन काउंसिल नियम-2021 में संशोधनों को मंजूरी दे दी। वर्तमान में जिला स्तर पर माइक्रो और स्मॉल इंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के नेतृत्व में काम कर रही हैं। हालांकि, इस एक्ट के तहत अवार्ड्स से संबंधित भुगतानों में देरी हो रही है।

महिलाओं को आर्थिक सहारा: पंजाब सरकार की ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ को हरी झंडी

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत 18 वर्ष या अधिक आयु की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये व शेष महिलाओं को 1,000 रुपये सम्मान राशि मिलेगी। परिवार में अगर ऐसी महिलाओं की संख्या एक से ज्यादा है तो सभी को पैसे मिलेंगे। शर्त केवल यह है कि उनके पास पंजाब निवासी होने का आधार कार्ड व वोटर कार्ड होना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दावा किया गया है कि इस योजना से राज्य की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ होगा। योजना का सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी लाभ मिलेगा। हर महिला तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए दस्तावेज पूरे करने, बैंक खाते सक्रिय करने व निर्बाध रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने में सहायता करेगी। योजना के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। मानव शक्ति एवं सहायक नियुक्त करने को मंजूरी कैबिनेट ने झारखंड में पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन व रखरखाव के लिए ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी मंजूरी दी। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर व डायरेक्टर/जनरेशन, पीएसपीसीएल को सदस्य शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी पहल से पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ को मंजूरी देकर इस योजना को शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए सम्मान राशि मिलेगी। इस योजना से पंजाब की 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ योजना पूरे राज्य में शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपए और बाकी सभी महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह सम्मान राशि दी जाएगी। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह स्कीम महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत करेगी, जिससे वे बचत और निवेश कर सकेंगी तथा घर-परिवार के लिए जरूरी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम बनेंगी।” इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने आगे कहा, “इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है, जो इसे देश की सबसे महिला-हितैषी सामाजिक सुरक्षा पहलों में शामिल करता है। यह योजना राज्य भर में महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के सशक्तिकरण के तहत उनके लिए वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के प्रति सरकार के विजन को दर्शाती है।” यह योजना सीधा लाभ प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इस स्कीम के तहत एक परिवार में योग्य महिलाओं की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी और एक ही परिवार की कई महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगियों को भी इस योजना के तहत अपनी पेंशन के अलावा पूरा वित्तीय लाभ मिलेगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ेगी। पंजाब में 18 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं, जो वोटर के रूप में रजिस्टर्ड हैं, जिनके पास पंजाब निवास वाला आधार कार्ड और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर कार्ड है, इस योजना के तहत लाभार्थी के रूप में रजिस्टर होने के योग्य होंगी। इस पहल को और मजबूत करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही 9,300 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की जा चुकी है और योजना के पैमाने व पहुंच को देखते हुए यह पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी महिला-हितैषी सामाजिक कल्याण पहलों में से एक होने की उम्मीद है। योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने को मंजूरी कैबिनेट ने योजनाबंदी विभाग में सीधी भर्ती के तहत 70 पद भरने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड और सांख्यिकी विभाग, पंजाब के विलय की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस अभ्यास को देखते हुए भरे जाने वाले रिक्त पदों की आवश्यकता को संशोधित किया गया है। इसलिए अधिकारियों की कमेटी द्वारा सीधी भर्ती के 70 पद भरने की मंजूरी दी गई है। पी.एस.पी.सी.एल. और पी.एस.टी.सी.एल. के सी.एम.डी. तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए शर्तों में संशोधन कैबिनेट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ट्रांसको) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सी.एम.डी.) तथा डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं और अनुभव संबंधी शर्तों में संशोधन करने की भी मंजूरी दे दी है। पछवाड़ा कोयला खदान में मानव शक्ति एवं सहायक स्टाफ नियुक्त करने को मंजूरी कैबिनेट ने झारखंड के जिला पाकुड़ स्थित पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान (पीसीसीएम) के संचालन और रखरखाव के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा ठेके के आधार पर मानव शक्ति और सहायक स्टाफ नियुक्त करने को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए एक अधिकृत कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जिसमें प्रबंधकीय सचिव को चेयरमैन और चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर तथा डायरेक्टर/जनरेशन, पी.एस.पी.सी.एल. को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी को पछवाड़ा केंद्रीय कोयला खदान, पाकुड़ के संचालन और रखरखाव के लिए सक्षम मानव शक्ति/सहायक स्टाफ की ठेके पर भर्ती और विस्तार संबंधी सभी मंजूरियां देने के लिए अधिकृत किया गया है। लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधन कैबिनेट ने लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इन संशोधनों के अनुसार बैंकों या वित्तीय संस्थाओं के पास गिरवी रखे गए औद्योगिक प्लॉट फ्रीहोल्ड में बदले जा सकते हैं, बशर्ते संबंधित बैंक द्वारा प्राप्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जमा करवाया गया हो और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन किया गया हो। ऐसे मामलों में जहां मौजूदा टाइटल दस्तावेजों में अनार्जित वृद्धि संबंधी कोई धारा नहीं है (भले ही यह पहले के टाइटल दस्तावेजों में मौजूद हो), 5 प्रतिशत की कन्वर्जन फीस लागू होगी। पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल-2026 कैबिनेट ने पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) (संशोधन) बिल, 2026 को पेश करने की मंजूरी दे दी है ताकि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एस.पी.वी.) की प्रभावशीलता, पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित संशोधन औद्योगिक पार्कों के विस्तार और औद्योगिक एस्टेटों से बाहर नए औद्योगिक क्लस्टरों के विस्तार के कारण वर्षों में उभरी प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों को हल करेंगे। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य साझा सुविधाओं जैसे साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए सेवा शुल्क वसूलने और इनके उपयोग के लिए सुचारू प्रणाली विकसित की जाएगी। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एस.पी.वी. तैयार किए जाएंगे जो सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड होंगे। ये एस.पी.वी. औद्योगिक क्षेत्रों में साझे बुनियादी ढांचे के संचालन और रखरखाव के लिए बिना लाभ-बिना नुकसान के आधार पर काम करेंगे। साथ ही एस.पी.वी. के कार्यों की निगरानी और विवादों के समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था प्रदान करने हेतु जिला निगरानी प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा। एन.एच.ए.आई. प्रोजेक्ट्स के लिए सतलुज नदी से गाद निकालने को मंजूरी कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एन.एच.ए.आई.) को साधारण मिट्टी देने के लिए सतलुज नदी से … Read more

शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी, सस्ते रेट पर बिक रही शराब, ठेकों के बाहर मेला सा माहौल

जालंधर  नई एक्साइज पॉलिसी 1 अप्रैल से लागू होने जा रही है, इससे पहले शहर में शराब के ठेकों पर सस्ती दरों पर बिक्री ने लोगों को आकर्षित किया, जिसके चलते दिनभर और देर रात तक ठेकों पर भारी भीड़ देखने को मिली। पुराने ठेकों की समयावधि समाप्त होने के कारण ठेकेदारों द्वारा स्टॉक निकालने के लिए शराब कम कीमतों पर बेची गई, जिसका लोगों ने जमकर फायदा उठाया। शहर के विभिन्न इलाकों में ठेकों पर ऐसा माहौल देखने को मिला मानो मेला लगा हो। सुबह से ही ठेकों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और शाम होते-होते यह भीड़ और बढ़ गई। कई स्थानों पर लोगों ने बिना किसी रोक-टोक के पेटियों के हिसाब से शराब खरीदी। दोपहिया वाहनों पर भी लोग शराब की पेटियां ले जाते नजर आए। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग ग्रुपों के ठेके समाप्त होने के कारण शराब बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध थी। हालांकि, एक्साइज नियमों के तहत एक व्यक्ति को सीमित मात्रा में ही शराब बेचने का प्रावधान है, लेकिन कई स्थानों पर इन नियमों की पालना होती नजर नहीं आई। इससे यह साफ हुआ कि सस्ती शराब के कारण मांग अचानक बढ़ गई। एक्साइज विभाग द्वारा ढोल या अन्य प्रचार माध्यमों पर पहले ही पाबंदी लगाई जा चुकी थी, जिसके चलते ठेकों पर किसी प्रकार का औपचारिक प्रचार नहीं किया गया। इसके बावजूद भारी भीड़ इस बात का संकेत दे रही थी कि सस्ती शराब की जानकारी लोगों तक अपने आप पहुंच गई थी। विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, लेकिन हालात को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने और नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने की जरूरत महसूस की जा रही थी।

हलवारा एयरपोर्ट से लुधियाना में अप्रैल से बुकिंग शुरू होगी, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा – मई में उड़ान संभव

लुधियाना  केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के लोगों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने बताया कि लुधियाना के हलवारा हवाई अड्डे से बहुत जल्द उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। लंबे समय से लोग इस एयरपोर्ट के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे और अब आखिरकार यह सपना पूरा होने जा रहा है। रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे पंजाब के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने जानकारी दी कि अप्रैल महीने से ही हलवारा एयरपोर्ट से फ्लाइट्स की बुकिंग शुरू हो जाएगी। पहली उड़ान 10 से 15 मई के बीच शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआत में यहां से 160 सीटों वाला ए320 इकोनॉमी एयरक्राफ्ट उड़ान भरेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में दिल्ली और हलवारा के बीच रोजाना दो फ्लाइट्स चलाई जाएंगी। एक फ्लाइट सुबह होगी और दूसरी दोपहर में। इससे न सिर्फ लोगों को सफर करने में आसानी होगी, बल्कि व्यापार और कारोबार को भी काफी फायदा मिलेगा। अब तक लुधियाना और आसपास के इलाकों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए चंडीगढ़ या अमृतसर जाना पड़ता था, लेकिन हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी। बिट्टू ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया और कहा कि उनके विजन और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की वजह से ही ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम पंजाब के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से सिर्फ यात्रा ही आसान नहीं होगी, बल्कि इसका असर पंजाब की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। व्यापार बढ़ेगा, नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। खासकर लुधियाना जैसे औद्योगिक शहर के लिए यह एक बहुत बड़ी सुविधा साबित होगी, क्योंकि यहां के कारोबारियों को अब देश के दूसरे हिस्सों में जाने के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा। व्यापार और यात्रा को मिलेगा बड़ा बूस्ट बिट्टू ने कहा कि हलवारा एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पंजाब में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। इसे राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। पीएम मोदी का जताया आभार बिट्टू ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। बिट्टू ने कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता से ही ऐसे प्रोजेक्ट संभव हो पा रहे हैं। इस नई शुरुआत के साथ पंजाब अब देश-विदेश से बेहतर कनेक्टिविटी की ओर बढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरने को तैयार है। ग्लाडा और AAI का ज्वाइंट वैंचर है एयरपोर्ट इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 51 फीसदी हिस्सेदारी है और पंजाब सरकार की 49 फीसदी है। पंजाब सरकार की तरफ से यह काम ग्लाडा ने करवाया है। इस तरह एयरपोर्ट ग्लाडा और एएआई का ज्वाइंट वेंचर है। एयरपोर्ट निर्माण पर खर्च की गई कुल राशि टर्मिनल बिल्डिंग आदि के निर्माण पर लगभग ₹70 करोड़ के करीब खर्च हुए। इसमें से ₹27 करोड़ मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग के लिए और ₹27 करोड़ विमानों के खड़े होने और टैक्सी-वे (Tarmac) के लिए खर्च किए गए हैं। इसके अलावा एप्रोच रोड के निर्माण पर भी 10 करोड़ के करीब खर्च किए गए। वहीं 161.27 एकड़ जमीन के बदले किसानों को लगभग ₹39.40 करोड़ का मुआवजा वितरित किया गया। किसानों को प्रति एकड़ मुआवजा लगभग ₹20.61 लाख (पुनर्वास भत्ते सहित) तय किया गया था।  

आप विधायक को दुष्कर्म मामले में सात दिन का रिमांड, पुलिस ने शुरू की पूछताछ

चंडीगढ़  दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को रविवार को चार दिनों का पुलिस रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया। जहां पुलिस ने और पूछताछ के लिए पठान माजरा के लिए 10 दिन के रिमांड की मांग की है। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद पठानमाजरा को 7 दिनों के रिमांड पर भेज दिया है। पठान माजरा को हाल ही में पटियाला पुलिस ने मध्य प्रदेश में ग्वालियर के नजदीक से गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर पटियाला के थाना सिविल लाइन में पठान माजरा के खिलाफ 1 सितंबर 2025 को दुष्कर्म करने और धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पठानमाजरा हरियाणा के करनाल में अपने रिश्तेदार के पास भाग गए थे। पठानमाजरा को पकड़ने के लिए पटियाला पुलिस वहां पहुंची। आरोप है कि पठानमाजरा के साथियों ने पुलिस पार्टी पर पत्थरबाजी की और फायरिंग की। इस दौरान एक पुलिस मुलाजिम भी घायल हो गया। बाद में पठान माजरा पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसी बीच पता चला कि पठान माजरा ऑस्ट्रेलिया भाग गया है।  पुलिस ने जारी किया था LOC पुलिस ने उनका लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर रखा था। पठानमाजरा 2022 में पटियाला की सनौर विधानसभा सीट से MLA चुने गए हैं। केस में राहत के लिए पठानमाजरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी। इसकी सुनवाई आज ही होनी थी। इसी को लेकर वह करीब 9 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे थे। उनके दिल्ली से आने की पुलिस को भनक लग गई थी जिसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर बाइपास पर गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज होने के बाद वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहे थे। पठानमाजरा पर बाढ़ के दौरान अफसरों के खिलाफ बयानबाजी के बाद केस दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP की दिल्ली टीम के खिलाफ बोलने की वजह से उनके खिलाफ पुराने मामले में FIR की गई है। महिला ने कहा- तलाकशुदा बताकर शादी रचाई, रेप किया- MLA पठानमाजरा पर 1 सितंबर, 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस थाने में रेप, फ्रॉड और धमकाने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। इसमें महिला ने बताया कि साल 2013-14 में उसकी मुलाकात पठानमाजरा से फेसबुक के जरिए हुई थी। पठानमाजरा ने कहा था कि उनका तलाक हो गया है। वह शादी के लिए दूसरा रिश्ता ढूंढ रहे हैं। इसके बाद उसकी पठानमाजरा से जान-पहचान हो गई। इसी दौरान विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए शादी का प्रपोजल रखा। लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे में हुई थी शादी- महिला ने कहा कि पठानमाजरा के तलाकशुदा होने पर यकीन कर उसने हां कर दी। इसके बाद 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे पत्ती मुल्तानी में दोनों का आनंदकारज (शादी) हुआ। इस दौरान पठानमाजरा ने गुरुद्वारे के ग्रंथी के सामने भी खुद को तलाकशुदा बताया। महिला का कहना है कि विवाह के बाद उसे लुधियाना के मजीठिया एन्क्लेव स्थित एक मकान में रखा गया, जहां वह खुद को विधायक की कानूनी पत्नी मानकर उनके साथ रहती रही। महिला ने आगे कहा- मार्च 2022 में जब पठानमाजरा ने AAP के टिकट पर सनौर सीट से चुनाव लड़ा, तो हलफनामे में उन्होंने अपनी पहली पत्नी का नाम लिखा और खुद को विवाहित बताया। यह देखकर उसे पता चला कि पठानमाजरा का तलाक नहीं हुआ था। विधायक ने झूठ बोलकर न केवल धोखा दिया बल्कि लगातार शारीरिक शोषण और रेप किया। अंतरंग पलों के वीडियो बनाने का पठानमाजरा पर आरोप पठानमाजरा पर आरोप लगाने वाली महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उसके साथ अंतरंग पलों के वीडियो बनाए और बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया। जुलाई 2024 में भी उसे एक कॉल आई जिसमें विधायक ने कहा कि अगर वह उनके पास नहीं आई तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत 14 अगस्त 2022 को दी थी। हालांकि, 2025 तक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की। मगर, पिछले साल अचानक 3 साल बाद पुलिस ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 376 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

जालंधर में पेट्रोल डीजल की सप्लाई सामान्य और एडीसी अमनिंदर कौर की अपील

पंजाब खाड़ी देश देश में हो रहे युद्ध के कारण देश भर में लगातार अफवाह उड़ती जा रही है। इसका असर पंजाब में भी देखने को मिल रहा है। पंजाब में प्रशासन के अनुसार अभी गैस और पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन लोगों ने यह अफवाह को और हवा दे दी है कि अब गैस के साथ पेट्रोल और डीजल की भी कमी होने वाली है।यही कारण है कि लोग इसके स्टोरेज में लगे है और इसका खामियाजा अन्य को झेलना पड़ रहा है। सप्लाई पूरी तरह सामान्य अब पंजाब में हालात बदलते पैट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा है कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर ने मीडिया को जानकारी दी है कि जालंधर जिले के लगभग 280 पैट्रोल पंपों और सभी गैस एजैंसियों पर पर्याप्त मात्रा में सप्लाई जारी है।  स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। पेट्रोल पंपों व गैस एजैंसियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी सप्लाई बाधित नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें किसी वास्तविक कमी के कारण नहीं, बल्कि अफवाहों के चलते लोगों द्वारा घबराहट में की गई अतिरिक्त खरीदारी का परिणाम थीं। शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति दी जा रही अमनिंदर कौर ने बताया कि जिले में रोजाना लगभग 460 किलोलीटर पेट्रोल और 600 किलोलीटर डीजल की खपत होती है, और इसके अनुसार पर्याप्त मात्रा में सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही सरकार के निर्देशों के अनुसार आवश्यक सेवाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति दी जा रही है, वहीं होटल, रैस्टोरेंट और शादी समारोहों के लिए भी गैस की उपलब्धता बनाए रखी गई है। उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक रूप से पैट्रोल-डीजल या गैस का भंडारण न करें। ऐसा करने से तुरंत प्रभाव से कमी पैदा होती है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों और एसोसिएशनों को भी निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों में ही भरा जाए, न कि बोतलों या अन्य कंटेनरों में। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा छुट्टियों के दिनों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सभी एजैंसियों से नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है। कमेटी की है गठित इस पूरे मामले की निगरानी के लिए ए.डी.सी. (जनरल) की अध्यक्षता में उच्च अधिकारियों की एक जिला स्तरीय कमेटी गठित की जा चुकी है जोकि इस पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रख रही है। यह कमेटी पैट्रोल-डीजल व गैस की सप्लाई, वितरण व्यवस्था और एजैंसियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप हैल्पलाइन नंबर 9646-222-555 जारी किया गया है, ताकि गैस सिलैंडरों की सुचारू सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ कालाबाजारी पर निगरानी रखी जा सके।