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जनता से किया हर वादा निभाया: सीएम भगवंत मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां बताईं

चंडीगढ़   पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा कर दिया है, जिसके तहत पूरे पंजाब की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार का ‘सारी गारंटियां पूरी’ बजट चुनावी वादों को पूरा करने के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही बजट में राज्य भर की महिलाओं को सशक्त बनाने और हर पंजाबी परिवार को समर्थन देने के लिए मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और नकद रहित स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मीडिया से बातचीत में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं, बेटियों और बहनों को बधाई देते हुए प्रार्थना की कि वे हमेशा हर क्षेत्र में सफलता की नई कहानियां लिखती रहें। उन्होंने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भलाई को केंद्र में रखकर यह बजट पेश किया गया है, जो ‘आप’ सरकार द्वारा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मुख्य वादे को पूरा करता है। बजट को लोक-केंद्रित बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को कल्याणकारी उपायों और सार्वजनिक सेवाओं के माध्यम से निरंतर सहायता मिलती रहे। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने लोगों से किया सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा किया है और राज्य की महिलाओं को अब ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को इस योजना के तहत आसानी से रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य भर में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री ने साझा किया कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इस बैसाखी से शुरू होगी और इसे युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा ताकि सभी योग्य लाभार्थियों को जल्द से जल्द कवर किया जा सके। 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर लड़की और महिला इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की हकदार होगी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की अधिकांश महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं। बजट को एक मील का पत्थर करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लोगों की भलाई और राज्य की प्रगति के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समाज के हर वर्ग का ध्यान रखने वाले बजट पेश करने के लिए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बजट नहीं है बल्कि राज्य की प्रगति और इसके लोगों की खुशहाली का हलफनामा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि पहले के बजट अक्सर कागजी घोषणाओं तक सीमित रहते थे, जबकि लोगों को वास्तविक अर्थों में इनका कोई खास लाभ नहीं होता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान पेश किए गए बजट नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियां लाने की बजाय हमेशा बयानबाजी और काव्यात्मक हवाले तक सीमित रहे। ‘आप’ सरकार की व्यापक कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनमें मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नकद रहित इलाज शामिल है। उन्होंने कहा कि नकद रहित इलाज, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली, प्रतिमाह 1,000 रुपये और ऐसी कई अन्य पहलें महिलाओं को सशक्त बनाते हुए समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि सरकार के पास अपने कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उचित वित्तीय संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं है क्योंकि हमारे इरादे स्पष्ट और ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि सार्वजनिक फंड का उपयोग लोगों की भलाई और विकास के लिए हो। पंजाब के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है, जिसके कारण शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं जिसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, अस्पताल, सड़कें और आम आदमी क्लिनिक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सरकार ने बिजली आपूर्ति में सुधार, सिंचाई प्रणालियों को मजबूत करने और किसानों को निर्बाध और आवश्यक बिजली प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के लिए थर्मल पावर प्लांट खरीदे जा रहे हैं, नहरी पानी टेलों पर बसे किसानों तक पहुंच रहा है और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली दरों को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।  

मार्च में ही तपने लगा पंजाब: तापमान 30 डिग्री के पार, फिलहाल राहत के संकेत नहीं

अमृतसर (पंजाब) मार्च की शुरुआत के साथ ही पंजाब में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। अमृतसर में दिन के समय तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इससे लोगों को दोपहर में तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय मौसम सामान्य रहता है, लेकिन दोपहर होते-होते धूप तीखी हो जाती है। शहर के बाजारों और सड़कों पर दोपहर के समय आवाजाही कुछ कम दिखाई दे रही है। तेज धूप से बचने के लिए लोग छाता और सिर ढककर घरों से निकल रहे हैं। ठंडे पेय और जूस की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। साफ आसमान और लगातार तेज धूप के कारण गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है

तरनतारन में दो मासूमों की मौत: अचानक बीमार पड़े भाई-बहन, अस्पताल में तोड़ा दम

तरनतारन (पंजाब) पंजाब के तरनतारन में छह और नौ साल के भाई बहन की मौत हो गई। दोनों बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। तरनतारन में संदिग्ध हालात में सगे भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों ने शनिवार रात 6 बजे मोमोज व चाप खाए थे। करीब 10 बजे दोनों की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।   शहर की डीएसपी वाली गली में रहने वाले 40 वर्षीय विशाल व उनकी 36 साल की पत्नी नेहा के दो ही बच्चे थे। उन दोनों की एक साथ मौत से परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। बताया गया कि शनिवार को विशाल के परिवार में सब कुछ सामान्य था। उनका 6 वर्षीय बेटा आरव और उसकी 9 वर्षीय बहन दानिका पूरी तरह से स्वस्थ थे। परिजन का कहना है कि बच्चों के जिद करने पर उनके पिता उनके लिए एक रेहड़ी से मोमोज और चाप लाए थे। दोनों बच्चों ने घर पर रात करीब 8 बजे चाप व मोमोज खाए। करीब 10 बजे के आसपास उनकी तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। परिजन का कहना है कि 10 दिन पहले आरव का जन्मदिन मनाया गया था। अब अचानक दोनों बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब बजट में महिलाओं के लिए खास योजना, टैक्स न भरने वाली महिलाओं को मिलेगा ₹1000

चंडीगढ़ पंजाब बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की गई है। आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। बजट में महिलाओं के लिए बड़ी योजना पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अहम घोषणा की है। सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता विशेष रूप से उन महिलाओं को लक्षित करेगी जो आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं करतीं, यानी कम आय या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ी महिलाएं इस योजना के दायरे में आ सकती हैं। बजट का उद्देश्य आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देना है। राज्य सरकार इसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के रूप में लागू करने की तैयारी कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता मिल सके। इससे परिवारों की आय में सहयोग मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी। चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा यह योजना आम आदमी पार्टी द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों में से एक थी। उस समय घोषणा की गई थी कि राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। अब 2026-27 के बजट में इस वादे को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पात्रता और संभावित दायरा सरकारी सूत्रों के अनुसार योजना का लाभ मुख्य रूप से उन महिलाओं को मिल सकता है जो आयकर दाता नहीं हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या बड़ी होने के कारण यह योजना लाखों महिलाओं को प्रभावित कर सकती है। बजट में सामाजिक योजनाओं पर फोकस पंजाब सरकार के 2026-27 के बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रमुखता दी गई है। महिलाओं के लिए मासिक सहायता के अलावा शिक्षा, रोजगार, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से राज्य में समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा और कमजोर वर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। पंजाब बजट 2026 में महिलाओं के लिए प्रस्तावित मासिक सहायता योजना को राज्य की महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की संभावना है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Women’s Day 2026: महिलाओं के लिए वित्तीय सहारा, SBI का ₹4500 करोड़ प्रोजेक्ट

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने करीब 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4500 करोड़) की सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन सुविधा शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यवसाय, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत हो सके। SBI की यह वित्तीय पहल वैश्विक स्तर पर अपनी तरह की बड़ी जेंडर-थीम आधारित लोन योजनाओं में से एक मानी जा रही है। बैंक के अनुसार यह फंड महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने पर केंद्रित है। इस वित्तीय व्यवस्था में ‘ग्रीनशू ऑप्शन’ भी शामिल किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर लोन की राशि बढ़ाई जा सकती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में मौजूद लैंगिक असमानता को कम करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। बैंक का कहना है कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-5 यानी लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देगी। इसके माध्यम से महिला उद्यमियों और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सहयोग मिलने की संभावना है। SBI के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सतत विकास की आधारशिला है और बैंक इस दिशा में मजबूत भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक वृद्धि से नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं को अवसर प्रदान करने से संभव है। यह पहल इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल केवल बैंकिंग क्षेत्र का कदम नहीं बल्कि सस्टेनेबल फाइनेंस की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रकार के सामाजिक निवेश से समावेशी आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है और महिलाओं की वित्तीय भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर, महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई यह पहल महिलाओं को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और समाज में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

निजी स्कूल प्रबंधकों के लिए चेतावनी, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

अमृतसर पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए निजी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्कूल की पाठ्य-पुस्तकें, वर्दियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक दुकान से खरीदने के लिए बाध्य न करें। इसी संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) अमृतसर राजेश कुमार शर्मा ने विभिन्न निजी स्कूलों की जांच की। इस संबंध में शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सामग्री के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। कुछ निजी स्कूलों द्वारा इन निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके मद्देनजर आज जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर की एक उच्च स्तरीय टीम, जिसमें उप जिला शिक्षा अधिकारी (सैकेंडरी शिक्षा) राजेश खन्ना और जिला रिसोर्स कोऑर्डिनेटर राजन शामिल थे, ने विभिन्न निजी स्कूलों का दौरा कर नए सत्र के लिए विद्यार्थियों को दी जा रही पाठ्य-पुस्तकों, ली जा रही फीस और अन्य सुविधाओं की जांच की। डी.ई.ओ. ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्कूल को विभिन्न कक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों की सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि विद्यार्थी के माता-पिता किसी भी विक्रेता से किताबें खरीद सकें। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं के तहत सैक्रेड हार्ट स्कूल, मॉडल स्टडी पब्लिक स्कूल और स्टालवर्ट स्कूल सहित कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के बाथरूम और अन्य सुविधाओं की भी जांच की गई। उन्होंने निजी स्कूलों को सख्त लहजे में कहा कि प्रत्येक स्कूल परिसर में पाठ्य-पुस्तकों की सूची लगाना अनिवार्य है और विद्यार्थियों के अभिभावक सूची के अनुसार किसी भी दुकान से किताबें खरीद सकते हैं। यदि कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों को किसी विशेष दुकान, स्कूल परिसर में खुली दुकान या आसपास अस्थायी रूप से खुली दुकान से किताबें, शिक्षण सामग्री या वर्दी खरीदने के लिए मजबूर करता है या शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों से अधिक फीस वसूलता है तो शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता की जा सकती है रद्द उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि कोई निजी स्कूल प्रबंधन उन्हें किसी विशेष दुकान से किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए बाध्य करता है तो वे सीधे जिला शिक्षा कार्यालय अमृतसर से संपर्क करें। शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस अवसर पर परमिंदर सिंह सरपंच (जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर), राजदीप सिंह स्टेनो और अन्य शिक्षा कर्मचारी भी उपस्थित थे।

हरियाणा में निकाय चुनाव भी अगले महीने, पंजाब में डेरा फैक्टर चर्चा में

चंडीगढ़ चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में बरी किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं और राजनीतिक दल अपने पैर जमाने की कोशिश में जुटे हैं। हरियाणा में भी अगले महीने निकाय चुनाव होने हैं। बहुत जल्द इन चुनावों की घोषणा हो सकती है। पंजाब व हरियाणा की राजनीति में डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। दोनों राज्यों के कई प्रभावशाली नेता डेरा का आशीर्वाद लेने जाते रहे भी रहे हैं। पंजाब के मालवा क्षेत्र विशेष रूप से बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मुक्तसर, संगरूर और फाजिल्का जैसे जिलों में डेरा के अनुयायियों की बड़ी संख्या मानी जाती है। इन क्षेत्रों में कई विधानसभा सीटों पर डेरा समर्थकों की संख्या इतनी है कि वे चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। पंजाब के बीते चुनावों में कई राजनीतिक दल चुनाव के दौरान डेरा समर्थकों का समर्थन हासिल करने की कोशिश करते रहे हैं। इसी तरह से हरियाणा में पंजाब से लगते सीमावर्ती क्षेत्र सिरसा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार में भी डेरा का अच्छा प्रभाव रहा है। गुरमीत राम रहीम को मिली कानूनी राहत का मनोवैज्ञानिक प्रभाव उनके अनुयायियों पर पड़ सकता है। यह अलग बात है कि साध्वियों से रेप के मामले में डेरा प्रमुख जेल में रहेंगे, फिर इस फैसले से उनके समर्थकों के बीच एक सकारात्मक संदेश जा सकता है। यदि डेरा नेतृत्व किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खुलकर समर्थन देता तो मालवा क्षेत्र की कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकता है। इसका एक दूसरा पहलू भी है। पंजाब की राजनीति में सिख धार्मिक संगठनों और डेरा परंपराओं के बीच लंबे समय से वैचारिक टकराव रहा है। इसलिए यदि किसी राजनीतिक दल को डेरा समर्थकों का खुला समर्थन मिलता है, तो इससे कुछ सिख मतदाताओं के बीच नकारात्मक प्रतिक्रिया भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि यह तो वक्त ही बताएगा कि डेरा किसे समर्थन देता है। पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं। चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा समेत अन्य दलों ने कमर कस ली है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की हो रही है। वे पिछले कई महीनों से लगातार पंजाब के दौरे कर रहे हैं। इससे वे पंजाब में चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। पंजाब में भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार बनाने के प्रयास में है और वह पारंपरिक क्षेत्रीय समीकरणों से बाहर नए सामाजिक समूहों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।उधर, पंजाब में आम आदमी पार्टी भी रणनीति के तहत अपनी तैयारियों में जुटी हुई है।

गर्मी की चेतावनी: पंजाब में 33.5°C, AC और पंखे चालू रखने की सलाह

पटियाला पंजाब में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बढ़ती गर्मी के  बीच अधिकतम पारा सामान्य से 7.5 डिग्री ऊपर पहुंच गया। बठिंडा का तापमान 33.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो पूरे पंजाब में सबसे गर्म रहा। मार्च का दूसरा हफ्ता शुरू होते ही गर्मी ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप चूभने लगी है। इतना ही नहीं अब तो दिन में धूप में निकलने से भी लोग परहेज करने लगे हैं। क्योंकि चटख धूप से गर्मी का अहसास होने लगा है। दिन के साथ रात में भी ठंड का असर खत्म हो चुका है। यही वजह है कि लोगों ने रजाई-कंबल पैक कर दिए हैं और गर्मी से निजात के लिए पंखे एसी शुरू कर दिए हैं। दिन में तो एसी की जरूरत बढ़ गई है। पंजाब में बढ़ती गर्मी के बीच अधिकतम पारा सामान्य से 7.5 डिग्री ऊपर पहुंच गया। शनिवार को सबसे अधिक 33.5 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। पंजाब का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.4 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में 0.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले छह दिन पंजाब में मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि दर्ज की जा सकती है। अमृतसर का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, लुधियाना का 32.8 डिग्री, पटियाला का 31.8 डिग्री, पठानकोट का 31.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 30.8 डिग्री, फिरोजपुर का 33.0 डिग्री, होशियारपुर का 31.8 डिग्री, रूपनगर का 31.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 15.8 डिग्री, लुधियाना का 15.4 डिग्री, पटियाला का 17.1 डिग्री, पठानकोट का 14.2 डिग्री और सबसे कम 13.9 डिग्री का बठिंडा का दर्ज किया गया। इसके साथ ही फरीदकोट का 16.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 16.2 डिग्री, फिरोजपुर का 14.7 डिग्री और होशियारपुर का 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। बढ़ती गरमी के बीच मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत दोपहर के पीक घंटों के दौरान धूप में ज्यादा देर बाहर रहने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही गरमी से बचने के लिए तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करने और किसानों को बढ़ते तापमान के कारण दिन में सिंचाई करने से बचने की सलाह दी है।

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले 2026: हर परिवार को ₹10 लाख का फ्री इलाज, बजट में और क्या मिला?

चंडीगढ़  पंजाब की भगवंत मान सरकार ने रविवार को अपना वार्षिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2,60,437 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में रखा। वित्त मंत्री ने इस बजट को 'मां-बेटियों को समर्पित' बताते हुए इसे 'गारंटी पूरा करने वाला बजट' करार दिया। शिक्षा क्षेत्र के लिए ये प्रावधान स्कूल शिक्षा के लिए ₹19,279 करोड़ का बजट, पिछले वर्ष से 7% अधिक। कक्षा शिक्षा परिणामों में पंजाब देश में पहले स्थान पर, केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ा। सिखिया क्रांति 2.0 के तहत अगले 6 वर्षों में ₹3500 करोड़ खर्च कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित होगी। ITI सीटें 35,000 से बढ़ाकर 52,000 की गईं। पंजाब की 11 जेलों में ITI शुरू। टेक्निकल एजुकेशन के लिए ₹569 करोड़ रुपये। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹6,879 करोड़ का बजट मुख्यमंत्री सेहत योजना हर परिवार को ₹10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा। राज्य के लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ। 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज। योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट। आम आदमी क्लिनिक राज्य में 881 आम आदमी क्लिनिक कार्यरत। 565 ग्रामीण क्षेत्रों में 316 शहरी क्षेत्रों में 107 दवाइयां और 47 टेस्ट मुफ्त। अब तक लगभग 5 करोड़ OPD विजिट। 55% लाभार्थी महिलाएं। नए क्लिनिक 143 नए आम आदमी क्लिनिक बनाए जाएंगे। 308 हेल्थ सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा। 5 वर्षों में कुल 1,432 क्लिनिक स्थापित करने का लक्ष्य। इसके लिए ₹351 करोड़ का बजट। अस्पताल सुधार 23 जिला अस्पताल और 42 उप-डिविजनल अस्पताल अपग्रेड। ₹300 करोड़ की मेडिकल मशीनरी खरीदी जा रही है। स्वास्थ्य भर्ती 2022 से अब तक 934 डॉक्टर भर्ती। 400 विशेषज्ञ डॉक्टर और भर्ती किए जाएंगे। 400 नर्स भर्ती, 500 और भर्ती की प्रक्रिया में। कृषि और किसान कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए ₹15,377 करोड़। किसानों को मुफ्त बिजली के लिए ₹7,715 करोड़। कपास के बीज पर 33% सब्सिडी। डायरेक्ट सीडेड राइस पर ₹1500 प्रति एकड़ सहायता। फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी पर 80% तक सब्सिडी। कृषि में मक्का को बढ़ावा देने के लिए नई योजना। बागवानी बागवानी विकास के लिए ₹1300 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट। 2035 तक फल-सब्जी क्षेत्र को 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 17.34 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य।

Punjab Budget 2026: लुधियाना में मेडिकल कॉलेज, ₹250 करोड़ वाटर प्रोजेक्ट, हलवारा एयरपोर्ट से जल्द उड़ानें

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के आज पेश किए गए बजट में औद्योगिक राजधानी लुधियाना को बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने स्वास्थ्य,कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं।  सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि लुधियाना को अब सिर्फ उद्योगों के शहर के रूप में नहीं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से स्थानीय छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही शहर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। बजट में लुधियाना के लिए ₹250 करोड़ की लागत से वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के पुराने और जर्जर जल सप्लाई नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद उन इलाकों में भी 24 घंटे स्वच्छ पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी जहां लोग लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे हैं। हलवारा एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी उड़ानें हलवारा एयरपोर्ट टर्मिनल का काम पूरा हो चुका है और बजट में इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करना है। हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को छोटे विमानों वाले साहनेवाल एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां से बड़े विमानों की उड़ानें संभव होंगी जिससे दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। बजट से लुधियाना को क्या होगा फायदा जानकारी देते हुआ पंकज शर्मा ने कहा व्यापार होजरी और साइकिल उद्योग के कारोबारियों को देश-विदेश से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजगार, मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट के आसपास होटल, मार्केट और लॉजिस्टिक्स में हजारों रोजगार बनेंगे। हलवारा और शहर के बाहरी इलाकों में जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना, स्वास्थ्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए शहर में ही उन्नत मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।  विशेषज्ञों का मानना है कि ₹250 करोड़ का वाटर प्रोजेक्ट शहर के गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करेगा। वहीं हलवारा एयरपोर्ट शुरू होने से लुधियाना का एक्सपोर्ट बिजनेस करीब 30% तक बढ़ सकता है, क्योंकि सैंपल और जरूरी माल भेजने में समय की काफी बचत होगी। कुल मिलाकर यह बजट लुधियाना के विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में शहर की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली दोनों को नई दिशा दे सकते हैं।