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कंपनियों ने रोकी कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति, हालात बिगड़ने की आशंका

लुधियाना अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान सहित दर्जनों खाड़ी देशों पर किए जा रहे मिसाइल हमलों के बाद अब देश भर में पेट्रोल डीजल और एलपीजी गैस का संकट मंडराने लगा है मौजूदा हालात कुछ यूं बन चुके हैं कि देश की तीनों प्रमुख गैस कंपनियों द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है जिसके कारण आने वाले दिनों में हालत बिगड़ने की संभावना बढ़ने लगी है l केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सहित गैस कंपनियो के द्वारा जहां घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई देने के लिए कई तरह के नियम और शर्तें लागू की गई है वहीं 5,19 और 425 किलो ग्राम वाले जंबो कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के कारण व्यापारिक संस्थानों सहित औद्योगिक घरानों में भी संकट गहराने के आसार बन गए हैं l बताया जा रहा है कि गैस कंपनियों के प्लांट्स पर कमर्शियल गैस सिलेंडर का कोटा भरने के लिए गाड़ियों की बड़ी लाइन लगी हुई है  जबकि कंपनियों द्वारा डीलरों को कोर जवाब देकर सप्लाई देने से हाथ खड़े कर दिए गए हैं जिसके चलते सिस्टम पूरी तरह से तहस-नहस  पड़ने का संकट तेजी के साथ बढ़ाने की संभावनाएं बनती जा रही है जो कि आने वाले दिनों में आम लोगों के साथ ही बड़े औद्योगिक घरानों की आर्थिक और व्यापारिक दशा पर बड़ी मार मरेगा और वही बेरोजगारी बढ़ने से देशभर में एक बार फिर से कोरोना महामारी जैसे गंभीर हालत पैदा कर सकता है l  

पंजाब में दिवालिया होने पर 41 हजार से अधिक GST रजिस्ट्रेशन रद्द

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए हैं। विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए, जिनमें व्यापार बंद होने, असफलता या दिवालिया होने जैसे कारण भी शामिल हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सखी की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने पूछा था कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक पंजाब में कितनी जीएसटी रजिस्ट्रेशन विशेष तौर पर व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण रद की गई हैं। वित्त मंत्री ने जवाब में बताया कि इस अवधि के दौरान करदाताओं द्वारा दी गई आवेदनों के आधार पर कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। इन रद की गई रजिस्ट्रेशन में व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण भी शामिल हैं। विधायक के एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि टैक्स पालन से जुड़े मुद्दों या नोटिस के कारण अधिकारियों ने 36,017 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। डॉ. सुखविंदर कुमार सखी ने यह भी पूछा था कि प्रभावित छोटी पार्टियों या कारोबारियों के लिए कोई भलाई योजना, बीमा या पेंशन योजना है या नहीं। इस पर वित्त मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना पंजाब राज्य के लाभार्थियों के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार जिन लाभार्थियों का जीएसटी एक्ट 2017 के तहत सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित वित्तीय वर्ष के सभी रिटर्न दाखिल किए हैं, वे इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नकद रहित स्वास्थ्य बीमा कवर पाने के हकदार हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। विधानसभा में यह भी जानकारी दी गई कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक कुल 1963 इंस्पेक्शनों के दौरान 157,11,34,388 रुपये की रिकवरी की गई है। इसके अलावा जीएसटी एक्ट के तहत टैक्स दाताओं के लिए राहत फंड जैसा कोई अलग फंड नहीं बनाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जीएसटी एक्ट के तहत इस तरह का कोई फंड फिलहाल अस्तित्व में नहीं है।

पंजाब में ट्रैफिक नियमों पर बड़ा एक्शन, इन गाड़ियों के कटेंगे मोटे चालान

लुधियाना पंजाब में अब फर्जी वी.आई.पी. गाड़ियों वाले सावधान हो जाएं। दरअसल, अब अगर गाड़ियों पर अवैध तौर पर लाल-नीली चमकदार लाइट लगाई तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किया जाएगा। इन लाइटों का प्रयोग सिर्फ पुलिस, एम्बुलैंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ही कर सकती हैं। अपने वाहनों पर ऐसी चमकदार लाइट लगाकर फर्जी वी.आई.पी. बनने वाले लोग पुलिस की पकड़ में आएंगे बता दें कि जिला लुधियाना के कई इलाकों में महंगी गाड़ियों और एस.यू.वी. पर लाल-नीली बत्तियां लगाकर लोग खुद को वी.आई.पी. दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। मोटर व्हीकल नियमों के मुताबिक लाल और नीली फ्लैशर लाइट का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं और अधिकृत सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए ही निर्धारित है। किसी भी निजी वाहन पर इन लाइटों का इस्तेमाल पूरी तरह अवैध माना जाता है। इन वाहनों को है अनुमति पुलिस वाहन, एम्बुलैंस, फायर ब्रिगेड, कुछ अधिकृत आपातकालीन सरकारी वाहन पहले किया जागरूक, अब शुरू किए चालान : ए.सी.पी. गुरदेव सिंह ए.सी.पी. ट्रैफिक गुरदेव सिंह का कहना है कि लाल नीली फ्लैशर लाइटों का प्रयोग सिर्फ पुलिस, एम्बुलैंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ही कर सकती हैं। अगर कोई अवैध तौर पर इन लाइटों का प्रयोग करता है तो धारा-177 के तहत पहली बार जुर्म में 500 रुपए तथा इसके बाद 1500 रुपए का जुर्माना किया जा सकता है, जबकि अगर धारा 190(2) में चालान किया जाए तो पहली बार में 5000 रुपए तथा दूसरी बार नियम तोड़ने पर 10,000 रुपए का जुर्माना नियत किया गया है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा पहले लोगों को जागरूक किया गया है। इसके बावजूद न सुधरने वाले लोगों के चालान शुरू कर दिए गए हैं।

पंजाब में सड़क हादसे में मारे गए टीचरों के परिवार को मिलेंगे 1 करोड़: शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़. पंजाब सरकार सड़क हादसों में जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए नई योजना बनाने पर विचार कर रही है। पंजाब विधानसभा में इस विषय पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सरकार ऐसी रणनीति तैयार कर रही है, जिसके तहत दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों को करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा सके। विधानसभा में यह मुद्दा शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने उठाया। उन्होंने ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान सड़क हादसों में मारे गए दो शिक्षकों का मामला सदन में रखा और सरकार से उनके परिवारों के लिए विशेष सहायता की मांग की। शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान जिन दो शिक्षकों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई थी, उस मामले में विभाग की ओर से जो भी आर्थिक सहायता दी जानी है, वह नियमों के अनुसार दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी ओर से दोनों परिवारों को दस-दस लाख रुपये की सहायता पहले ही प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मृतक शिक्षकों के परिवार के सदस्यों को नौकरी देने का मामला भी सरकार के विचाराधीन है। यह नियुक्ति पर्सोनल विभाग की गाइडलाइन के अनुसार की जाएगी। इस पर विधायक मनप्रीत अयाली ने कहा कि जिन शिक्षकों की मौत हुई है, उनके परिवार की स्थिति बेहद कठिन है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे मामलों में परिवारों को दो करोड़ रुपये तक की सहायता देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार के पास ऐसी कोई योजना है जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में बेहतर आर्थिक सहायता दी जा सके। सरकार आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कर रही काम इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग बहुत बड़ा है और बड़ी संख्या में कर्मचारी विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं। ऐसे में सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बैंकों के साथ बातचीत कर रही है, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा सके जिसके तहत सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में राज्य का बजट पेश किया गया है और सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा तथा उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

पंजाब के लुधियाना में हंगामा: नशे में युवक ने ASI पर कांच से हमला किया, पुलिस से झड़प

लुधियाना महानगर में कानून का खौफ खत्म होता नजर आ रहा है, जहां अब खाकी पर भी हमला करने से अपराधी गुरेज नहीं कर रहे। लुधियाना पी.सी.आर.-21 में तैनात पुलिस कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शराब के नशे में धुत एक युवक ने न केवल ए.एस.आई. की वर्दी फाड़ दी, बल्कि पुलिस कर्मी पर कांच की बोतल से हमला कर उसे घायल कर दिया। इस मामले में थाना मोती नगर की पुलिस ने आरोपी सलीम मसीह विक्की के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, पी.सी.आर.-21 में तैनात शिकायतकर्ता मुलाजिम बलविंदर सिंह ने बताया कि 7 मार्च को वह अपने साथी कर्मचारी ए.एस.आई. सरबजीत सिंह के साथ ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि मोहित कुमार नामक व्यक्ति का अपने चचेरे भाई सलीम मसीह के साथ झगड़ा हो रहा है। सूचना मिलते ही जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि आरोपी सलीम मसीह अपने चाचा तिलक मसीह के साथ मारपीट कर रहा था। जब पुलिस टीम ने बीच-बचाव कर उसे रोकने की कोशिश की, तो अत्यधिक शराब पीए हुए सलीम मसीह ने पुलिस वालों के साथ ही धक्का-मुक्की शुरू कर दी। हंगामा इतना बढ़ गया कि आरोपी ने ए.एस.आई. सरबजीत सिंह की वर्दी फाड़ दी और सरकारी ड्यूटी में खलल डाला। इसी बीच आरोपी ने उसे जान से मारने की नीयत से उसके गले पर कांच से हमला करने की कोशिश की। बचाव के दौरान कांच का वार मुलाजिम के बाएं कंधे पर लगा, जिससे वह घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विक्की (सलीम) मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।  

सदन में कांग्रेस का वॉकआउट, धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोके जाने का लगाया आरोप

चंडीगढ़ नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान उनका प्रश्न शामिल न करने पर सवाल उठाए हैं। बाजवा ने कहा कि मेरा सवाल कृषि नीति को लेकर था।   पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान उनका प्रश्न शामिल न करने पर सवाल उठाए हैं। बाजवा ने कहा कि मेरा सवाल कृषि नीति को लेकर था। पहले सवाल का नंबर कुछ और था लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर दिया गया और प्रश्नकाल को खत्म कर दिया है। मंत्री कृषि नीति पर जवाब नहीं देना चाहते थे जिस कारण ही ऐसा किया गया हैं। बाजवा ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। यह गलत प्रथा अपनाई जा रही है। कांग्रेस के नेताओं ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाॅकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उन्हें राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने का समय नहीं दिया जा रहा है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार को अवैध माइनिंग और नशे के मुद्दे पर कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। इसके बाद बेअदबी के मामलों का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर बोलते हुए बाजवा ने कहा कि चार साल बीत जाने के बावजूद भी बेअदबी मामलों के आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर ‘आप’ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेसी नेताओं ने विरोध जताते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जनता के मुद्दे उठाने के लिए पंजाब विधानसभा में बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जाता।

जनता से किया हर वादा निभाया: सीएम भगवंत मान ने पंजाब सरकार की उपलब्धियां बताईं

चंडीगढ़   पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अपना सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा कर दिया है, जिसके तहत पूरे पंजाब की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार का ‘सारी गारंटियां पूरी’ बजट चुनावी वादों को पूरा करने के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही बजट में राज्य भर की महिलाओं को सशक्त बनाने और हर पंजाबी परिवार को समर्थन देने के लिए मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और नकद रहित स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मीडिया से बातचीत में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की माताओं, बेटियों और बहनों को बधाई देते हुए प्रार्थना की कि वे हमेशा हर क्षेत्र में सफलता की नई कहानियां लिखती रहें। उन्होंने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भलाई को केंद्र में रखकर यह बजट पेश किया गया है, जो ‘आप’ सरकार द्वारा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मुख्य वादे को पूरा करता है। बजट को लोक-केंद्रित बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करता है कि महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को कल्याणकारी उपायों और सार्वजनिक सेवाओं के माध्यम से निरंतर सहायता मिलती रहे। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने लोगों से किया सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा किया है और राज्य की महिलाओं को अब ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को इस योजना के तहत आसानी से रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य भर में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री ने साझा किया कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इस बैसाखी से शुरू होगी और इसे युद्ध स्तर पर लागू किया जाएगा ताकि सभी योग्य लाभार्थियों को जल्द से जल्द कवर किया जा सके। 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर लड़की और महिला इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने की हकदार होगी, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की अधिकांश महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं। बजट को एक मील का पत्थर करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह लोगों की भलाई और राज्य की प्रगति के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समाज के हर वर्ग का ध्यान रखने वाले बजट पेश करने के लिए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बजट नहीं है बल्कि राज्य की प्रगति और इसके लोगों की खुशहाली का हलफनामा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि पहले के बजट अक्सर कागजी घोषणाओं तक सीमित रहते थे, जबकि लोगों को वास्तविक अर्थों में इनका कोई खास लाभ नहीं होता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान पेश किए गए बजट नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस नीतियां लाने की बजाय हमेशा बयानबाजी और काव्यात्मक हवाले तक सीमित रहे। ‘आप’ सरकार की व्यापक कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनमें मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नकद रहित इलाज शामिल है। उन्होंने कहा कि नकद रहित इलाज, मुफ्त बस यात्रा, मुफ्त बिजली, प्रतिमाह 1,000 रुपये और ऐसी कई अन्य पहलें महिलाओं को सशक्त बनाते हुए समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि सरकार के पास अपने कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उचित वित्तीय संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं है क्योंकि हमारे इरादे स्पष्ट और ईमानदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि सार्वजनिक फंड का उपयोग लोगों की भलाई और विकास के लिए हो। पंजाब के मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ईमानदारी से काम कर रही है, जिसके कारण शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं जिसके चलते पूरे राज्य में स्कूल, अस्पताल, सड़कें और आम आदमी क्लिनिक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सरकार ने बिजली आपूर्ति में सुधार, सिंचाई प्रणालियों को मजबूत करने और किसानों को निर्बाध और आवश्यक बिजली प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के लिए थर्मल पावर प्लांट खरीदे जा रहे हैं, नहरी पानी टेलों पर बसे किसानों तक पहुंच रहा है और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली दरों को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।  

मार्च में ही तपने लगा पंजाब: तापमान 30 डिग्री के पार, फिलहाल राहत के संकेत नहीं

अमृतसर (पंजाब) मार्च की शुरुआत के साथ ही पंजाब में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। अमृतसर में दिन के समय तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इससे लोगों को दोपहर में तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय मौसम सामान्य रहता है, लेकिन दोपहर होते-होते धूप तीखी हो जाती है। शहर के बाजारों और सड़कों पर दोपहर के समय आवाजाही कुछ कम दिखाई दे रही है। तेज धूप से बचने के लिए लोग छाता और सिर ढककर घरों से निकल रहे हैं। ठंडे पेय और जूस की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। साफ आसमान और लगातार तेज धूप के कारण गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है

तरनतारन में दो मासूमों की मौत: अचानक बीमार पड़े भाई-बहन, अस्पताल में तोड़ा दम

तरनतारन (पंजाब) पंजाब के तरनतारन में छह और नौ साल के भाई बहन की मौत हो गई। दोनों बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। तरनतारन में संदिग्ध हालात में सगे भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों ने शनिवार रात 6 बजे मोमोज व चाप खाए थे। करीब 10 बजे दोनों की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।   शहर की डीएसपी वाली गली में रहने वाले 40 वर्षीय विशाल व उनकी 36 साल की पत्नी नेहा के दो ही बच्चे थे। उन दोनों की एक साथ मौत से परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। बताया गया कि शनिवार को विशाल के परिवार में सब कुछ सामान्य था। उनका 6 वर्षीय बेटा आरव और उसकी 9 वर्षीय बहन दानिका पूरी तरह से स्वस्थ थे। परिजन का कहना है कि बच्चों के जिद करने पर उनके पिता उनके लिए एक रेहड़ी से मोमोज और चाप लाए थे। दोनों बच्चों ने घर पर रात करीब 8 बजे चाप व मोमोज खाए। करीब 10 बजे के आसपास उनकी तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। परिजन का कहना है कि 10 दिन पहले आरव का जन्मदिन मनाया गया था। अब अचानक दोनों बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

पंजाब बजट में महिलाओं के लिए खास योजना, टैक्स न भरने वाली महिलाओं को मिलेगा ₹1000

चंडीगढ़ पंजाब बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की गई है। आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। बजट में महिलाओं के लिए बड़ी योजना पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अहम घोषणा की है। सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता विशेष रूप से उन महिलाओं को लक्षित करेगी जो आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं करतीं, यानी कम आय या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ी महिलाएं इस योजना के दायरे में आ सकती हैं। बजट का उद्देश्य आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देना है। राज्य सरकार इसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के रूप में लागू करने की तैयारी कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे बैंक खातों में आर्थिक सहायता मिल सके। इससे परिवारों की आय में सहयोग मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी। चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा यह योजना आम आदमी पार्टी द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए प्रमुख वादों में से एक थी। उस समय घोषणा की गई थी कि राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। अब 2026-27 के बजट में इस वादे को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पात्रता और संभावित दायरा सरकारी सूत्रों के अनुसार योजना का लाभ मुख्य रूप से उन महिलाओं को मिल सकता है जो आयकर दाता नहीं हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या बड़ी होने के कारण यह योजना लाखों महिलाओं को प्रभावित कर सकती है। बजट में सामाजिक योजनाओं पर फोकस पंजाब सरकार के 2026-27 के बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रमुखता दी गई है। महिलाओं के लिए मासिक सहायता के अलावा शिक्षा, रोजगार, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से राज्य में समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा और कमजोर वर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा। पंजाब बजट 2026 में महिलाओं के लिए प्रस्तावित मासिक सहायता योजना को राज्य की महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की संभावना है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।