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परमानेंट नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे रोडवेज कर्मचारी, लुधियाना में हंगामा

लुधियाना. पंजाब परिवहन विभाग में सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर वीरवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी संविदा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और करीब दो घंटे तक पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें स्थायी किया जाना था। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और परिवहन विभाग के निजीकरण को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। इस मौके पर पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को बने चार साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी संविदा कर्मचारी को स्थायी नहीं किया गया। किमी स्कीम बसों की तरफ ध्यान केंद्रित लुधियाना बस स्टैंड और डिपो के अध्यक्ष जतिंदर सिंह सोनी तथा राज्य नेता गुरबाज सिंह ने कहा कि सरकार ने परिवहन विभाग में नई सरकारी बसें भी शामिल नहीं की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभाग को मजबूत करने की बजाय किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा देकर विभाग के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को गैरकानूनी तरीके से घरों से उठाकर गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। 25 से 27 मई तक मुख्यमंत्री निवास के बाहर बैठेंगे कर्मचारी प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने घोषणा की कि 25, 26 और 27 मई को पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से संविदा आधार पर काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में कार्यरत हजारों कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि संविदा कर्मियों को तुरंत पक्का किया जाए, परिवहन विभाग में नई सरकारी बसें डाली जाएं और निजीकरण की नीति को रोका जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो राज्यभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

निकाय चुनाव से पहले पंजाब में EVM विवाद तेज, अदालत पहुंचा मामला

चंडीगढ़. नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से ठीक पांच दिन पहले पंजाब में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर विवाद और तेज हो गया है। गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने स्पष्ट कहा कि चुनावों के लिए मांगी गई ईवीएम मशीनें राजस्थान से पंजाब के लिए पहले ही रवाना की जा चुकी हैं और मशीनों की कमी का मुद्दा अब शेष नहीं रहा। आयोग ने यह भी दावा किया कि मशीनों की कमीशनिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रिया महज एक दिन में पूरी की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष ईसीआई की ओर से पेश वकील ने कहा कि 20 मई को पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सभी आशंकाएं दूर हो चुकी हैं। अदालत को बताया गया कि पंजाब की ओर से मशीनें स्वयं उठाने में अनिच्छा जताए जाने के बाद राजस्थान से मशीनें सीधे पंजाब भेजी जा रही हैं। सुनवाई के दौरान ईसीआई के वकील ने कहा, “मशीनें रास्ते में हैं। इस समय भी वे ट्रांजिट में हैं।” मोहाली तक पहुंचेंगी मशीनें आयोग की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि अब केवल यह तय किया जाना बाकी है कि मशीनें किस स्थान पर पहुंचाई जानी हैं और उन्हें रिसीव करने के लिए कौन अधिकारी अधिकृत होगा। ईसीआई ने कहा कि मशीनों को मोहाली तक पहुंचाने की व्यवस्था भी आयोग स्वयं कर रहा है। साथ ही फर्स्ट लेवल चेकिंग और कमीशनिंग प्रक्रिया में भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। यह दावा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग पहले अदालत में कह चुका है कि यदि मशीनें उपलब्ध भी हो जाएं, तब भी उनकी जांच, तैयारी और तैनाती में 15 से 18 दिन का समय लगेगा। इसी आधार पर आयोग ने 27 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का फैसला लिया था। ईसीआई ने समय समीक्षाा पेश की मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई है। एक दिन पहले ईसीआई ने अदालत में विस्तृत समय-सीमा पेश करते हुए दावा किया था कि देरी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हुई, न कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से। इसके बाद हाई कोर्ट ने पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने याचिका की सुनवाई पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत से याचिका की ग्राह्यता पर विचार करने का आग्रह किया।

बुड्ढा दरिया को स्वच्छ बनाने आगे आएं कारोबारी, पंजाब राज्यपाल का बड़ा संदेश

लुधियाना. लुधियाना के पार्क प्लाजा में आयोजित स्टार्टअप समागम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि सीखना जीवन का सबसे अहम पहलू है और वह आज भी हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने का प्रयास करते हैं। अच्छे लोगों का सम्मान कर समाज में अच्छाई को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। वह लुधियाना के पार्क प्लाज़ा में आयोजित स्टार्टअप समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान पांच विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड भी प्रदान किए गए। राज्यपाल ने कहा कि लुधियाना ने उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नए विचारों को मंच देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश और पंजाब में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से आगे बढ़ रही है और इसमें लुधियाना एंजल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर भारत में स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को उत्तर भारत का बेहतर स्टार्टअप हब बनाने का विजन तैयार किया गया है। इसके लिए इंडस्ट्री, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को मिलकर काम करना होगा। उद्योग जगत को ऐसे प्रयासों में आगे आकर प्रदेश और देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज दिए गए पांच कैटेगरी के अवार्ड युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि सफल लोगों की कहानियां नई पीढ़ी को मेहनत और नवाचार की दिशा में बढ़ने की सीख देती हैं। पानी को साफ सुरक्षित बनाना जरूरी अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पंजाब की चर्चित “कैंसर ट्रेन” का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में पानी को साफ और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। उद्योगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुधार के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से बुड्ढा दरिया को साफ करने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लुधियाना के लोग तकनीकी ज्ञान में माहिर हैं और उद्योग जगत को इको सिस्टम के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही सरकार को भी इंडस्ट्री के लिए प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम सुनिश्चित करना होगा, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। युवा अपनी परंपरा को ध्यान में रखें राज्यपाल ने पंजाब के लोगों की सेवा भावना, किसानों, सैनिकों और हर वर्ग के मेहनती लोगों की प्रशंसा की। उन्होंने चिंता जताई कि आज का युवा मेहनत की बजाय आराम पसंद होता जा रहा है। युवाओं को अपने संस्कार, अनुशासन और मेहनत की परंपरा को याद रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले देशहित में लोग उपवास रखकर अनाज बचाते थे, जबकि आज पेट्रोल और डीजल बचाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित में हमेशा तत्पर रहने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की दिशा में कार्य करने की अपील की।

जोरदार विस्फोट से दहला अमृतसर, कई घरों के शीशे टूटे; अवैध फैक्ट्री में महिला की मौत

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में अनगढ़ क्षेत्र में वीरवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। एक घर में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगने के बाद जोरदार धमाका हो गया। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई मकानों में कंपन महसूस किया गया और कुछ घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस घर में धमाका हुआ, वहां लंबे समय से अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे थे। वीरवार दोपहर अचानक घर के भीतर आग लग गई। आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके के बाद घर से धुआं और आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। घायल को पहुंचाया गया अस्पताल हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं मृत महिला के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में बिना अनुमति के पटाखा बनाने का काम किया जा रहा था। मौके से जले हुए पटाखों का सामान, बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से केवल दीपावली के आसपास ही छापामारी की जाती है, जबकि पूरे साल कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जाते हैं। अवैध कारोबार को रोकने की मांग इलाके के निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध पटाखा निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी और इसमें कितने लोग शामिल थे। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।

नवांशहर में ध्वनि प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, दो महीने तक नहीं बजेंगे DJ और लाउड स्पीकर

नवांशहर. जिलाधीश गुलप्रीत सिंह औलख ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, किसी भी बिल्डिंग, पब्लिक जगहों, खुली जगहों, पंडालों वगैरह में, किसी भी एनजीओ, प्राइवेट सोशल, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा संस्थानों, कमर्शियल संस्थानों, संगठनों आदि द्वारा, अलग-अलग प्रोग्रामों के मौके पर किसी भी व्यक्ति द्वारा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर और मैरिज पैलेस, क्लब, होटल और खुली जगहों वगैरह में, शादी समारोह, खुशी के मौकों पर किसी भी समय डीजे, आर्केस्ट्रा, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट आदि के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। दिन हो या रात संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना पंजाब इंस्ट्रूमेंट्स (कंट्रोल आफ नाइज़) एक्ट, 1956 में वर्णित शर्तों के तहत संचालित नहीं किया जाएगा और लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद, वे एक अंडरटेकिंग देंगे कि ध्वनि का स्तर 10 डीबी (ए) से अधिक नहीं होगा। इसके साथ ही, संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा के दिनों से 15 दिन पहले किसी भी लाउडस्पीकर आदि के लिए कोई अनुमति न दी जाए। जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर पर बैन आदेशों में यह भी कहा गया है कि शहीद भगत सिंह नगर जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर और किसी भी अन्य संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन की अनुमति प्राप्त करने के बावजूद, सांस्कृतिक और धार्मिक अवसरों को छोड़कर, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी इमारत और स्थान पर उपरोक्त ध्वनि और संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन, वादन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्राइवेट साउंड सिस्टम और साउंड पैदा करने वाले डिवाइस का साउंड लेवल 5 डीबी (ए) से ज़्यादा नहीं होगा। आर्डर में यह भी कहा गया है कि अगर उनके सब-डिवीजन में किसी की तरफ से शहीद भगत सिंह नगर के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट के पास नाइज़ पाल्यूशन से जुड़ी कोई शिकायत आती है, तो संबंधित सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट, संबंधित डिप्टी सुपरिटेंडेंट आफ़ पुलिस और एनवायरनमेंटल इंजीनियर, पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, होशियारपुर के साथ मिलकर मौके पर जाकर मिली। शिकायत के बारे में ज़रूरी जांच करेंगे और अगर शिकायत सही पाई जाती है, तो माननीय कोर्ट और बताए गए एक्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, शिकायत में बताए गए किसी भी तरह के साउंड, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट जिससे नाइज पाल्यूशन हो रहा है, उसे हटाकर अपने कब्ज़े में ले लेंगे और बताए गए एक्ट और इस आर्डर का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपने लेवल पर कानूनी कार्रवाई करके शिकायत का निपटारा करेंगे। जिलाधीश ने यह भी कहा है कि संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से परमिशन लेने के बाद, जिन जगहों पर ये लोग इस्तेमाल करेंगे, वहां लाउडस्पीकर, आडियो, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट वगैरह की आवाज़ प्रोग्राम की जगह, धार्मिक जगह और बिल्डिंग वगैरह की बाउंड्री के अंदर होनी चाहिए, जो भारत सरकार द्वारा ‘नाइज़ पाल्यूशन (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स, 2000’ के तहत जारी नोटिफिकेशन डेट 14.02.2000 में बताए गए साउंड स्टैंडर्ड (संबंधित जगह के साउंड स्टैंडर्ड) से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। यह आर्डर 21 मई से 20 जुलाई तक लागू रहेगा।

सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी पर फरीदकोट में हंगामा, नामांकन विवाद ने बढ़ाया सियासी तापमान

फरीदकोट. नगर कौंसिल चुनाव के दौरान नामांकन रद होने के मामले को लेकर फरीदकोट में बुधवार रात को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया। शिरोमणि अकाली दल द्वारा वीरवार को शहर बंद का आह्वान किया गया, जिसे व्यापारियों और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला। शहर के कई बाजारों में दुकानें बंद हैं और अकाली कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गुरुद्वारा खालसा दीवान में एकत्रित हुए हैं। यहां से कार्यकर्ताओं ने थाना सिटी फरीदकोट के घेराव की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के भी दोपहर फरीदकोट पहुंचने की सूचना है, जिससे माहौल और अधिक गरमा सकता है। दरअसल, बुधवार देर रात शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान सतीश ग्रोवर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होने लगे और सतीश ग्रोवर की रिहाई की मांग उठाने लगे। कई स्थानों पर पुलिस और अकाली कार्यकर्ता आमने-सामने डटे दिखाई दिए। नामांकन रद होने से पैदा हुआ विवाद उल्लेखनीय है कि नगर कौंसिल चुनाव के नामांकन रद होने के मामले को लेकर गत दिनों भी भारी हंगामा हुआ था। बुधवार को यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक गुरदित सिंह सेखों और शिअद उपाध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने अलग-अलग प्रेस वार्ताएं कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक गुरदित सिंह सेखों ने प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव पूरी अनुशासन व्यवस्था के साथ करवाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाने और गुंडागर्दी करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जिन प्रत्याशियों के नामांकन रद हुए हैं, उन्होंने सरकारी करों की चोरी की थी और किसी भी वैध नामांकन को रद नहीं किया गया। विधायक ने यह भी कहा कि कुछ नेताओं ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को धमकियां दी हैं, जिसकी शिकायत चुनाव आयोग को भी भेजी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। रोमाणा ने सत्ता पक्ष पर किया पलटवार दूसरी ओर परमबंस सिंह रोमाणा ने देर शाम प्रेस वार्ता कर सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के नामांकन कथित रूप से सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रद करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि वकीलों की मदद और कानूनी दलीलों के आधार पर उनके प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार करवाए गए। रोमाणा ने कहा कि अब सत्ता पक्ष प्रशासन पर दबाव बनाकर उन पर सरकारी काम में बाधा डालने के मामले दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि उन पर मामले दर्ज भी किए जाते हैं तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे और अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

ईमेल से मिली धमकी, चंडीगढ़ के स्कूल और हरियाणा CMO निशाने पर, अंबाला-दिल्ली ट्रैक पर ब्लास्ट की बात

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के कई स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में स्कूलों में बम धमाके की चेतावनी दी गई है। ई-मेल में चंडीगढ़ के स्कूलों के साथ-साथ हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय का भी उल्लेख किया गया है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। ई-मेल में कुछ आपत्तिजनक और भड़काऊ संदेश भी लिखे गए हैं। मेल में 6 जून 2026 तक अंबाला से दिल्ली रेल ट्रैक पर आईईडी धमाकों की धमकी का भी जिक्र किया गया है। धमकी मिलने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा ई-मेल कई स्कूलों को भेजा गया था। जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें सेक्रेड हार्ट स्कूल, संत कबीर स्कूल, भवन विद्यालय, सेंट स्टीफंस स्कूल सेक्टर-45, सेंट जॉन्स स्कूल सेक्टर-26, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-25 और बीपीएस स्कूल सेक्टर-40 शामिल हैं। धमकी मिलने के बाद संबंधित स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूल परिसरों की गहन जांच की। फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ई-मेल की उत्पत्ति और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। वहीं, प्रशासन ने अभिभावकों और लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

नकली दूध-पनीर पर पंजाब सरकार का शिकंजा, जांच में बड़ी गड़बड़ी उजागर

चंडीगढ़. पंजाब में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सरकार ने अब पनीर पर बड़ा अभियान शुरू किया है। दूध की जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) पंजाब ने पूरे राज्य में दो दिन का विशेष पनीर सैंपलिंग अभियान चलाकर 211 नमूने एकत्र किए हैं। ये नमूने स्थानीय डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के खुदरा बिक्री केंद्रों से लिए गए। सभी नमूनों को राज्य की मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां मिलावट, अशुद्धता और गुणवत्ता मानकों के आधार पर जांच की जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. बलबीर सिंह ने बुधवार को बताया कि पंजाब सरकार खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार सख्ती बरत रही है। इसी कड़ी में सोमवार और मंगलवार को पूरे राज्य में पनीर सैंपलिंग अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि अगर कोई फूड बिजनेस आपरेटर तय मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पनीर अभियान से पहले 6 और 7 मई को राज्यभर में दूध सैंपलिंग अभियान चलाया गया था। उस दौरान 204 दूध के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में इनमें से 68 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि एक नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। इस खुलासे के बाद विभाग ने डेयरी उत्पादों की निगरानी और सख्त कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना है। एफडीए पंजाब की कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी केवल सैंपल लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेयरी संचालकों को स्वच्छता, भंडारण और सुरक्षित हैंडलिंग के नियमों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।

‘अंबाला से दिल्ली तक होंगे धमाके’, स्कूलों और CM दफ्तर को मिली धमकी से हड़कंप

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के स्कूलों को फिर एक बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जहां धमकी आने के बाद हड़कंप मच गया है और पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। चंडीगढ़ पुलिस ने तुरंत एक्शन में आते हुए स्कूलों की घेराबंदी कर ली है। कई आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं और बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड के साथ तत्परता से स्कूलों को खाली कराते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सर्च ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस भी मौजूद हैं। स्कूलों और आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को बम या कुछ भी संदिग्ध बमनुमा जैसी चीज नहीं मिली है। हरियाणा CM के दफ्तर को भी निशाना बनाने की बात सिर्फ चंडीगढ़ के स्कूलों को ही बम से उड़ाने की धमकी नहीं दी गई है बल्कि शहर के सेक्टर-1 स्थित हरियाणा CM के दफ्तर को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। जिसके बाद सीएम ऑफिस की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और ऐतियातन वहां भी गहन छानबीन की जा रही है। इसके अलावा धमकी में यह भी कहा गया है कि अंबाला से दिल्ली तक बम धमाके किए जाएंगे। अंबाला से दिल्ली रेलवे ट्रैक पर धमाकों की बात कही गई है। जिसके बाद रेलवे प्रबंधन भी अलर्ट मोड में है और जांच की जा रही है। धमकी के बाद दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां भी अपना काम कर रहीं हैं। ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई जानकारी के मुताबिक, स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी इस बार भी ईमेल के जरिए ही दी गई है। बताया जा रहा है कि रात में ईमेल के माध्यम से धमकी भेजी गई। जिसमें खालिस्तान का जिक्र किया गया और चंडीगढ़ के स्कूलों समेत हरियाणा CM के दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ईमेल में लिखा गया कि चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान और स्कूलों में धमाके होंगे। हरियाणा सीएम दफ्तर को भी निशाना बनाया जाएगा। इधर धमकी की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस भी तुरंत एक्शन में आई और आगे की कार्रवाई की। पुलिस द्वारा मौके पर सभी तरह के सुरक्षा इंतजाम किए गए और एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली कराया गया है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन अभी जारी है। चंडीगढ़ प्रशासन ने की लोगों से अपील बताया जा रहा है कि धमकी भरे ईमेल में स्कूलों के साथ-साथ रेलवे ट्रैक को भी निशाना बनाने की बात कही गई है, जिसके बाद पूरा प्रशासन सतर्क हो गया है। फिलहाल साइबर सेल की टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और शहर में शांति बनाए रखें। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के स्कूलों में 23 मई से गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने जा रही हैं, लेकिन उससे पहले मिली इस धमकी के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है। साइबर सेल टीम जांच में जुटी धमकी के संबंध में चंडीगढ़ पुलिस ने गंभीरता से जांच भी शुरू कर दी है। इसी के साथ चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से पैनिक न होने की अपील की गई है। चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल टीम यह पता लगाने में जुट गईं हैं कि आखिर स्कूलों को धमकी भरी ईमेल किसने और कहां से भेजी? वहीं आशंका यही जताई जा रही है कि यह धमकी दहशत फैलाने के लिए किसी की जानबूझकर की शरारत या साजिश हो सकती है। लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से लेते हुए जरूरी कार्रवाई कर रही है। पुलिस की हर एंगल से जांच जारी है। पुलिस अपनी तरफ से अपनी पूरी जांच और छानबीन के बाद ही राहत की सांस लेगी। वहीं इस धमकी के बाद चंडीगढ़ में अलर्ट जारी है और स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं। पहले भी कई फर्जी धमकियां मिलीं गौरतलब है कि इससे पहले भी बीते कुछ महीनों के अंदर कई बार चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां दी जा चुकी हैं। यह फर्जी धमकियां भी ईमेल के जरिए ही आईं। वहीं सिर्फ चंडीगढ़ के स्कूल ही नहीं बल्कि चंडीगढ़ जिला अदालत, पंजाब सचिवालय, पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट, हरियाणा सचिवालय, हरियाणा सीएम आवास को भी पिछले दिनों बम से उड़ाने की बात कही जा चुकी है। जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बनता रहा और हर बार पुलिस टीम और बम स्क्वायड ने गहन सर्च ऑपरेशन चला छानबीन की कार्रवाई भी की। हालांकि, बार-बार बम होने की सूचना अफवाह ही साबित हुई। मसलन सर्च ऑपरेशन में कोई भी बम नहीं मिला। बढ़ रहा है धमकियों का सिलसिला धमकियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। सिर्फ चंडीगढ़ के स्कूल या अन्य संस्थान ही नहीं बल्कि पंजाब में मोहाली, अमृतसर, पटियाला, जालंधर और हरियाणा के अंबाला समेत अन्य शहरों के स्कूलों को भी पिछले दिनों बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। इसके अलावा पंचकूला में जिला अदालत को बम से उड़ाए जाने की धमकी मिल चुकी है। वहीं इसी के साथ दिल्ली के स्कूलों को भी बम से उड़ाने की बात कही जा चुकी है। हाल ही में राजधानी दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके अलावा दिल्ली-NCR में कई अदालतों, विमानों, मॉल, क्लब, होटलों में भी बम रखे जाने की फेक धमकी दी जा चुकी है। ये सिर्फ डराने की साजिश या कोई बड़ी प्लानिंग? पिछले कुछ दिनों से जिस तरह लगातार स्कूलों को बम से उड़ाने की फेक धमकी दी जा रही है। ये सिर्फ डराने की साजिश है या कोई बड़ी प्लानिंग? फिलहाल तो यह बेहद चिंताजनक और सुरक्षा को लेकर खतरे की स्थिति है। इससे पहले वास्तव में कोई बड़ी घटना हो। पुलिस और जांच-सुरक्षा एजेंसियों को इसे कतई हल्के में नहीं लेना चाहिए और इसे रोकने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम उठाना चाहिए। अगर कोई इस तरह की शरारत भी कर रहा है तो उसके खिलाफ पुलिस को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिये की नजीर बने और आगे से फिर कोई और ये काम … Read more

स्टाफ से झगड़े के बाद नशा छुड़वाने वाले सेंटर में हंगामा, 30 युवक भागे

मोगा  पंजाब के मोगा जिले में स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से करीब 28 से 30 युवकों के फरार होने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम केंद्र के अंदर किसी बात को लेकर मरीजों और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कुछ युवक गुस्से में आ गए और स्टाफ को धक्का देकर मुख्य गेट का ताला तोड़ते हुए बाहर निकल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। अचानक बिगड़ा माहौल, कर्मचारियों से हुई बहस गांव जनेर में बने सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में उस समय तनाव का माहौल बन गया जब कुछ मरीजों की वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ कहासुनी हो गई। पहले मामूली बहस हुई लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ता चला गया। कई युवक गुस्से में आ गए और उन्होंने स्टाफ के साथ धक्का मुक्की शुरू कर दी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि कर्मचारियों को खुद को संभालना मुश्किल पड़ गया। इसी दौरान कुछ युवकों ने मौके का फायदा उठाया और मुख्य गेट की तरफ दौड़ पड़े। वहां पहुंचकर उन्होंने गेट का ताला तोड़ दिया और बाहर निकल गए। केंद्र में थे 95 मरीज, कई युवक भागने में सफल सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में उस समय कुल 95 मरीज भर्ती थे। इनमें से करीब 28 से 30 युवक भागने में सफल हो गए, जबकि बाकी मरीज केंद्र के अंदर ही मौजूद रहे। घटना के बाद केंद्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा गार्ड्स ने युवकों को रोकने की कोशिश भी की लेकिन अचानक हुए हंगामे के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। कुछ मरीजों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि कई युवक वहां से फरार हो गए। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना नशा मुक्ति केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस अब कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक किस दिशा में भागे और उनके साथ कौन कौन लोग थे। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज की मदद से फरार युवकों की पहचान करने में आसानी होगी। इसके अलावा आसपास लगे दूसरे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस ने शुरू की तलाश घटना की सूचना मिलते ही थाना कोट इसे खां की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने केंद्र के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड्स से पूछताछ की। इसके साथ ही फरार युवकों के घरों और आसपास के इलाकों में भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि कई टीमें युवकों की तलाश में लगी हुई हैं और जल्द ही उन्हें वापस पकड़ लिया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।