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तरनतारन में एनकाउंटर के बाद वांटेड बदमाश गिरफ्तार, पैर में लगीं दो गोलियां

तरनतारन. तरनतारन जिले के मुरादपुर इलाके में शनिवार को पुलिस और एक वांछित आरोपित के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। पुलिस ने उसे घायल हालत में गिरफ्तार कर इलाज के लिए सिविल अस्पताल तरनतारन में भर्ती करवाया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्तौल और मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रिपूतपन सिंह ने बताया कि थाना सिटी तरनतारन की पुलिस को सूचना मिली थी कि मामले में वांछित आरोपित मुरादपुर इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी निरीक्षक परमजीत सिंह विरदी ने पुलिस टीम गठित कर आरोपित की तलाश शुरू की। जवाबी कार्रवाई में लगी दो गोलियां पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने पर आरोपित मुरादपुर स्थित एक बंद पड़े पेट्रोल पंप में जाकर छिप गया। पुलिस टीम ने जब इलाके की घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया और उसके करीब पहुंची तो आरोपित ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की। इसी दौरान आरोपित की टांग में दो गोलियां लगीं। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पहले भी पुलिस पर कर चुका फायरिंग पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल आरोपित पहले भी अपने भाई के साथ मिलकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर चुका है। इस संबंध में दर्ज मामले में दोनों पुलिस को वांछित थे। शनिवार की मुठभेड़ के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलने पर नगर उपाधीक्षक सुखबीर सिंह और उपाधीक्षक डी शिवदर्शन सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और पिस्तौल बरामद की है। पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

नशा तस्करी के खिलाफ चंडीगढ़ में बड़ा एक्शन, 58 हॉटस्पॉट पर होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में अब ड्रग तस्करों की खैर नहीं। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई दोनों को और सख्त किया जाएगा। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नशा तस्करों पर सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में नशे की रोकथाम को लेकर हुई बैठक में प्रशासक ने शहर में नशे की सप्लाई और बिक्री रोकने को पहली प्राथमिकता बनाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अफसरों की ओर से बताया गया कि शहर में नशे की बिक्री या इस्तेमाल की शिकायत वाले 58 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा पहले नशे से जुड़े मामलों में शामिल रहे आरोपितों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई चिह्नित नशा तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है और कई न्यायिक हिरासत में हैं। सप्लाई चेन तोड़ने पर फोकस प्रशासक ने पुलिस को नशे की सप्लाई करने वालों, पेडलरों और नशा बेचने या इस्तेमाल होने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ साइबर विशेषज्ञ, कानूनी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई। बीट सिस्टम मजबूत होगा, लापरवाही पर कार्रवाई कटारिया ने थानों के बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त और अचानक निरीक्षण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोरों की भी होगी निगरानी नशे की रोकथाम के लिए मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, जिनमें नशे की लत लगाने वाले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेची जा सकती हैं। जनता बनेगी पुलिस की ‘आंख और कान’ बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाने के लिए गोपनीय और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसा सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध नशा तस्करों की सूचना पुलिस को दे सकें। इसका उद्देश्य जनता को पुलिस की ‘आंख और कान’ के रूप में जोड़ना है। नशामुक्ति के लिए परिवार और समाज की भागीदारी जरूरी प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई के साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास तथा परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए।

चंडीगढ़ के खिलाड़ियों का जलवा, 29 स्केटर्स भारतीय टीम में शामिल; 2 अक्टूबर से विश्व मुकाबले

चंडीगढ़. पराग्वे की राजधानी असुनसियोन में दो से 18 अक्टूबर तक होने वाले पांचवें विश्व स्केट खेलों में चंडीगढ़ के 29 स्केटर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयनित खिलाड़ियों में 15 बेटियां हैं। ये खिलाड़ी अलग-अलग आयु वर्गों में रोलर हाॅकी और इनलाइन हाॅकी स्पर्धाओं में देश के लिए पदक की दावेदारी पेश करेंगे। रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से चंडीगढ़ में 30 और 31 अगस्त को चयन ट्रायल कराए गए थे। ट्रायल के लिए देशभर से 250 से अधिक स्केटर्स ने पंजीकरण कराया था। रोलर और इनलाइन हॉकी के ट्रायल सेक्टर-10 स्थित स्केटिंग रिंक में हुए। वहीं, स्केटबोर्डिंग और फ्रीस्टाइल के ट्रायल सेक्टर-17 स्केट पार्क में आयोजित किए गए। खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की अधिकारी खुशबू सोनी को ट्रायल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ने ट्रायल के आयोजन और समन्वय में अहम भूमिका निभाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण वालिया ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि चंडीगढ़ ने एक बार फिर रोलर और इनलाइन हाकी में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। महासचिव एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरप्रीत सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारियां जारी हैं और जल्द प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। संयुक्त सचिव सनन महाजन ने कहा कि 15 बेटियों का चयन महिला स्केटिंग की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। ये खिलाड़ी हुए चयनित रोलर हॉकी जूनियर लड़के: नितिन, ध्रुव, इकजोत, सार्थक, अखिलेश। रोलर हॉकी सीनियर महिलाएं: अन्वी, अनूप, पंकिता, दिवलीन, प्रांजल, सांची, पुन्नया, दिवनूर। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़के: पारसप्रीत, आयु, मौर्या, जसराज, पार्थ, स्तव्य, आरव, स्वस्तिक, नियाम। इनलाइन हॉकी जूनियर लड़कियां: दिशा, एंजल, स्मायरा, तन्वी, अवंतिका, दिया, जैस्मिन।

कैप्टन अमरिंदर की कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर सचिन पायलट ने लगाया विराम

चंडीगढ़. पंजाब पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिछले कुछ समय से कांग्रेस में वापसी की चर्चा है। लेकिन फिलहाल इस पर संस्पेंस भी बरकरार है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान सचिन पायलट ने कैप्टन को लेकर बड़ी बात कही है। पायलट ने कहा कैप्टन को लेकर उनकी हाईकमान से कोई बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। पंजाब दौरे से पहले सचिन पायलट अपनी तैयारी में जुटे हैं। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव पूरी ताकत और मजबूती के साथ लड़ेगी। पार्टी का मुख्य मुद्दा पंजाब में नशे को खत्म करना, विकास और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। बातचीत में पायलट ने नशे की समस्या को पंजाब के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आम आदमी पार्टी सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है। केंद्र नशे की आपूर्ती रोकने में विफल वहीं, केंद्र की भाजपा सरकार भी पंजाब में बाहर से आने वाले नशे की आपूर्ति को रोकने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के विकास के अपने पुराने रिकार्ड और युवाओं के बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ जनता के बीच जाएगी। भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया की ओर से अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस पर की गई टिप्पणी पर पायलट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन लोगों को वह पहले गालियां देती थी और जिन्हें उसने किनारे कर दिया था, आज उसी शरण में वापस क्यों जाना पड़ रहा है। प्रकाश सिंह बादल के बाद अकाली दल टूटा अकाली दल को लेकर पायलट ने कहा कि यह पार्टी अब वह नहीं रही जो प्रकाश सिंह बादल के समय हुआ करती थी। पार्टी में कई टूट हुई हैं और अलग-अलग दल बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल और भाजपा जमीन तलाशने के लिए एक-दूसरे का साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जब दोनों दलों का गठबंधन था, तब भी उन्हें पंजाब में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। पायलट ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम इसका संकेत दे चुके हैं। बिखर रही आप आप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी बिखर गई है और उसके राज्यसभा के अधिकतर सांसद भाजपा के साथ चले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास विपक्षी दलों को तोड़ने के अलावा कोई मुद्दा नहीं है और सांसदों को तोड़कर किसी तरह परिसीमन से जुड़े कानून को आगे बढ़ाना उसका प्रयास है। पायलट ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और कांग्रेस का संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़कर जीत हासिल करेगा।

पंजाब सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 IAS अफसरों के ट्रांसफर; ऋषि पाल को नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तीन IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2014 बैच के IAS अधिकारी ऋषि पाल सिंह को पंजाब राज्य महिला आयोग का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही दो अन्य आइएएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 2014 बैच के अधिकारी ऋषि पाल सिंह अब पंजाब राज्य महिला आयोग में सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। आयोग से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और विभागीय स्तर पर समन्वय की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। IAS सुखपाल रजिस्ट्रार नियुक्त इसी तरह 2018 बैच के आइएएस अधिकारी सुखजीत पाल सिंह का तबादला करते हुए उन्हें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे। IAS अभिजीत संभालेंगे ऊर्जा विकास वहीं, 2015 बैच के आइएएस अधिकारी अभिजीत कपलिश को पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। सरकार के इन प्रशासनिक आदेशों के बाद तीनों अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। अभिजीत कपलिश के पास ऊर्जा विकास एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के साथ खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

प्रकाश पर्व पर रोशनी से जगमगाया गोल्डन टेंपल, हरिमंदिर साहिब में उमड़ी भारी भीड़

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में मौजूद गोल्डन टेंपल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को लेकर आज धार्मिक समागम करवाए जा रहे हैं। गोल्डन टेंपल को फूलों से सजाया गया है। यहां बड़ी संख्या में लग नतमस्तक होने के लिए पहुंच रहे हैं। गोल्डन टेंपल और श्री अकाल तख्त साहिब व गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलौ सजाएं जाएंगे। हरमंदिर साहिब में तैयारियां किस तरह चल रही हैं। उसे इन तस्वीरों में देखा जा सकता है। अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पहले प्रकाश पर्व को लेकर आज (12 सितंबर) विशेष धार्मिक समागम करवाए जा रहे हैं। गोल्डन टेंपल परिसर को फूलों से खूबसूरती से सजाया गया है। बड़ी संख्या में संगत नतमस्तक होने के लिए पहुंच रही है। पहले प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब से गोल्डन टेंपल तक पुरातन परंपरा के अनुसार नगर कीर्तन सजाया। इसमें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, सिंह साहिबान और प्रमुख शख्सियतें शामिल होंगी। वहीं, गोल्डन टेंपल, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलौ सजाए जाएंगे। रात को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में शब्द विचार और कीर्तन समागम होगा। इसके साथ ही गोल्डन टेंपल परिसर में दीपमाला और आतिशबाजी भी की जाएगी। गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े ये तथ्य- बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की थी: सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी ने 1604 में दरबार साहिब में पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया था। 1430 अंग (पन्ने) वाले इस ग्रंथ के पहले प्रकाश पर संगत ने कीर्तन दीवान सजाए और बाबा बुड्ढा जी ने बाणी पढ़ने की शुरुआत की। बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने: पहली पातशाही से छठी पातशाही तक अपना जीवन सिख धर्म की सेवा को समर्पित करने वाले बाबा बुड्ढा जी इस ग्रंथ के पहले ग्रंथी बने। आगे चलकर इसी के संबंध में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हुक्म जारी किया, "सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।" गुरु अर्जन देव बोलते गए, भाई गुरदास लिखते गए: 1603 में 5वें गुरु अर्जन देव ने भाई गुरदास से गुरु ग्रंथ साहिब को लिखवाना शुरू करवाया, जो 1604 में संपन्न हुआ। नाम दिया ‘आदि ग्रंथ’। 1705 में गुरु गोबिंद सिंह ने दमदमा साहिब में गुरु तेग बहादुर के 116 शबद जोड़कर पूर्ण किया। 1708 में दशम गुरु गोबिंद सिंह ने हजूर साहिब में फरमान जारी किया था, “सब सिखन को हुकम है गुरु मान्यो ग्रंथ।” समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने का संदेश है गुरु ग्रंथ साहिब: सिखों में जीवंत गुरु के रूप में मान्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख कौम ही नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए आदर्श व पथ प्रदर्शक हैं। दुनिया में यह इकलौते ऐसे पावन ग्रंथ हैं, जो तमाम तरह के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, भाईचारे, मानवता व समरसता का संदेश देते हैं।

पंजाब में सचिन पायलट का तंज, ‘कॉकरोचों’ को दी राजस्थान जैसी हिम्मत दिखाने की चुनौती

लुधियाना राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और हाल ही में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए सचिन पायलट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) शासित पंजाब में भी स्कूलों का ऑडिट उसी तरह किया जाना चाहिए, जैसे दूसरे राज्यों में किया जा रहा है। पायलट की यह टिप्पणी पंजाब के लुधियाना में CJP की ओर से तीन सरकारी स्कूलों के किए गए ऑडिट के बाद आई है। CJP के सह-संयोजक सौरव दास के नेतृत्व में टीम ने एक सरकारी ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’, एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का दौरा किया था। लुधियाना के स्कूलों में क्या मिला? सौरव दास ने गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसके मुताबिक, ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ में बेहतर बुनियादी सुविधाएं मौजूद थीं। वहां स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट, दिव्यांगों के लिए रैंप और AI लैब जैसी सुविधाएं थीं। वहीं, बाकी दो स्कूलों में कई समस्याएं सामने आईं। दास ने यह भी कहा कि तीनों स्कूलों में शौचालयों की स्थिति को और बेहतर किया जा सकता है। इसके बाद सौरव दास और उनकी टीम ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से भी मुलाकात की। दास के मुताबिक, मंत्री ने शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। AAP के संस्थापक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दास को कमियां सामने लाने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इन्हें तुरंत दूर किया जाएगा। सोशल मीडिया पर उठे सवाल हालांकि, CJP के इस ‘ऑडिट’ को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने निशाने पर लिया। आरोप लगाया गया कि पंजाब में AAP की सरकार होने के कारण CJP ने यहां नरमी बरती। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी तुलना उन दूसरे राज्यों के स्कूलों से की, जिन्हें CJP ने अपने ऑडिट के लिए चुना था। पायलट ने राजस्थान का उदाहरण दिया सचिन पायलट ने अपने गृह राज्य राजस्थान का उदाहरण देते हुए CJP से पंजाब में भी उसी तरह की सख्ती बरतने को कहा। राजस्थान में CJP ने 21 अगस्त को एक ऐसे स्कूल से ऑडिट शुरू करने की योजना बनाई थी, जो कथित तबेले में चल रहा था। संगठन के मुताबिक, सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में पहुंची CJP की टीम पर कुछ स्थानीय लोगों ने हमला किया था। CJP का दावा था कि ये लोग BJP से जुड़े थे। पायलट ने क्या कहा? सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब या कहीं भी स्कूलों का ऑडिट किया जाना स्वागत योग्य है। लेकिन उन्होंने CJP से एक खास अनुरोध किया। पायलट के मुताबिक, पंजाब का ऑडिट भी उसी नजर, उन्हीं सवालों और उसी साहस के साथ किया जाना चाहिए, जिस तरह दूसरे राज्यों की सरकारों का ऑडिट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को कोई विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए और AAP को भी कोई ‘दोस्ताना छूट’ नहीं मिलनी चाहिए। AAP नेताओं ने पायलट को दिया पलटवार पायलट के बयान के बाद AAP नेताओं ने उन्हें पंजाब के स्कूलों की तुलना कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश के स्कूलों से करने की चुनौती दी। AAP नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में ऐसे 1,000 बेहतरीन स्कूल दिखाए जा सकते हैं और पायलट को हिमाचल प्रदेश के ऐसे 1,000 स्कूल दिखाने चाहिए। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों का एक साथ ऑडिट कराने की चुनौती देते हुए पूछा कि क्या पायलट इसके लिए तैयार हैं। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग धांडा ने भी BJP शासित राजस्थान के जर्जर स्कूलों के बचाव को लेकर पायलट पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि इस रिश्ते को क्या नाम दिया जाए। धांडा ने कहा कि अगर पायलट हिमाचल प्रदेश के 1,000 स्कूलों की सूची दें तो AAP पंजाब के 1,000 स्कूलों की सूची देगी। उन्होंने दोनों राज्यों के स्कूलों का साथ जाकर ऑडिट करने की भी बात कही। CJP ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री को लेकर क्या कहा? इस बीच CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक यूजर को टैग करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से कई बार उनके कार्यकाल में बनाए गए 10 सबसे शानदार स्कूल दिखाने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। रांका ने कहा कि अगर किसी को ऐसे स्कूलों के बारे में जानकारी है तो वह बताए, CJP वहां जाकर उन्हें देखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे स्कूल भी दिखाए जाने चाहिए। पहले भी CJP पर उठे हैं सवाल CJP इससे पहले भी उन राज्यों को लेकर आलोचना का सामना कर चुकी है, जिन्हें उसने अपने ऑडिट के लिए चुना। BJP नेता रविशंकर प्रसाद ने हाल में आरोप लगाया था कि CJP पंजाब और कांग्रेस शासित राज्यों पर चुप है, जबकि BJP शासित राज्यों को निशाना बना रही है।

पंजाब पुलिस के 70 इंस्पेक्टरों को प्रमोशन, DSP पद पर हुई तैनाती; एक साल का कार्यकाल

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इंस्पेक्टर को सरकार ने बड़ी राहत दी है। गृह मामलों एवं न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जिला कैडर और आर्म्ड कैडर के कुल 70 इंस्पेक्टर को पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया है। इन अधिकारियों को पंजाब पुलिस सेवा के वेतन स्तर-18 में पदोन्नति दी गई है, जिसमें 56,100 से 1,77,500 रुपये का वेतनमान है। सरकार की ओर से यह पदोन्नति विभागीय तरक्की कमेटी की 23 मई 2025 को हुई सिफारिशों के आधार पर की गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को वरिष्ठता सूची में उनकी स्थिति और निर्धारित नियमों के तहत डीएसपी के पद पर नियुक्त किया गया है। जिला कैडर में 50 और आर्म्ड कैडर में 20 अधिकारी पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में जिला कैडर के 50 इंस्पेक्टर शामिल हैं, जबकि आम्र्ड कैडर के 20 इंस्पेक्टर को डीएसपी बनाया गया है। सूची में कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जो लंबे समय से इंस्पेक्टर के पद पर सेवाएं दे रहे थे। सरकार के इस फैसले से इन अधिकारियों को न केवल उच्च पद मिला है, बल्कि वेतनमान में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। एक साल की रहेगी पदोन्नति की अवधि अधिसूचना में पदोन्नति को लेकर एक अहम शर्त भी रखी गई है। इसके तहत संबंधित अधिकारियों की पदोन्नति का प्रभाव तत्काल लागू होगा, लेकिन उनकी पदोन्नति एक साल की अवधि के लिए रहेगी। इस अवधि के दौरान निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार उनके प्रदर्शन तथा सेवा संबंधी मामलों को देखा जाएगा। इसके अलावा यदि किसी अधिकारी की वरिष्ठता सूची में कोई बदलाव होता है अथवा किसी स्तर पर कोई आपत्ति या न्यायिक मामला सामने आता है, तो उसके अनुसार पदोन्नति पर दोबारा विचार किया जा सकेगा। डीएसपी के खाली पदों को भरने में मिलेगी मदद पंजाब पुलिस में डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां कानून-व्यवस्था, अपराध की जांच और पुलिस प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में 70 इंस्पेक्टर को डीएसपी बनाए जाने से विभाग को फील्ड स्तर पर भी अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासकर जिला पुलिस और आर्म्ड पुलिस में अधिकारियों की कमी को दूर करने में यह पदोन्नति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार ने यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया है। पदोन्नत अधिकारियों को अब डीएसपी स्तर की जिम्मेदारियां संभालनी होंगी और विभाग की ओर से उनके नए पदों पर तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जा सकते हैं।

Punjab Crime: यूरोप से गैंगस्टर अमृत दलम की भारत वापसी, जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा नाम

                                                                                              पठानकोट पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर और पंजाब में मोस्ट वॉन्टेड अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी उसे प्रत्यर्पण करके यूरोपीय देश मोल्दोवा से भारत वापस लाए हैं. यह पहली बार है जब पंजाब पुलिस ने किसी किसी आरोपी को किसी यूरोपीय देश से प्रत्यर्पित कराकर वापस पंजाब लाया गया है. अमृत दलम पर 21 मामले दर्ज थे, जिसमें अमृतसर में कई व्यापारियों को धमकाने के मामले भी दर्ज थे. उसे वापस भारत लाना बड़ी सफलता माना जा रहा है।  भारत से 2024 में हुआ था फरार अमृत दलम जग्गू भगवानपुरिया के मुख्य हिटमैन के तौर पर काम करता था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें 4 मामले ट्रायल में हैं, जबकि 17 मामलों में जांच चल रही है. अक्टूबर 2024 के आखिरी सप्ताह में भारत से फरार हुआ था, उसने चंडीगढ़ से जारी फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था. इस पासपोर्ट में उसकी पहचान गुरपाल सिंह के नाम से बताई गई थी. भारत से निकलने के बाद वह सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचा और इसके बाद कई देशों से होते हुए मोल्दोवा पहुंच गया।  यूक्रेन भागने वाला था अमृत दलम  बताया जा रहा है कि अमृत दलम यूक्रेन भागने की फिराक में था. इसी चक्कर में वह मोल्दोवा में पकड़ा गया. अमृतपाल सिंह को 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के अधिकारियों ने उस समय पकड़ लिया, जब वह ओटासी स्टेट बॉर्डर से यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था. इसके बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कोशिशों से उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई. अमृत दलम को अजरबैजान के बाकू के ट्रांजिट रूट से भारत लाया गया. पंजाब पुलिस की टीम और आरोपी आज सुबह 12 जून 2026 को नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुंचे थे. पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के फर्जी पासपोर्ट की जानकारी और उसके संभावित ठिकानों से जुड़ी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की. इसके आधार पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू की गई और नोटिस हासिल किया गया।  21 आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड दबोचा गया गैंगस्टर, जग्गू भगवानपुरिया के मुख्य हिटमैन के तौर पर काम करता था। पंजाब पुलिस ने विदेश भागे आरोपी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत वापस ला दिया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 4 मामले ट्रायल में हैं, जबकि 17 मामलों में जांच चल रही है।  फर्जी पहचान से भारत से फरार हुआ था पुलिस के मुताबिक अमृतपाल सिंह करीब अक्टूबर 2024 के आखिरी सप्ताह में भारत से फरार हुआ था। उसने चंडीगढ़ से जारी फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। इस पासपोर्ट में उसकी पहचान ‘गुरपाल सिंह’ के नाम से बताई गई थी।  भारत से निकलने के बाद वह सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचा और इसके बाद कई देशों से होते हुए मोल्दोवा पहुंच गया। यूक्रेन भागने की कोशिश के दौरान मोल्दोवा में पकड़ा गया अमृतपाल सिंह को 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के अधिकारियों ने उस समय पकड़ लिया, जब वह ओटासी स्टेट बॉर्डर से यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कोशिशों से उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।   इसके बाद अमृत दलम को अजरबैजान के बाकू के ट्रांजिट रूट से भारत लाया गया। पंजाब पुलिस की टीम और आरोपी आज सुबह 12 जून 2026 को नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुंचे। फर्जी पासपोर्ट और लोकेशन के आधार पर रेड कॉर्नर नोटिस पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के फर्जी पासपोर्ट की जानकारी और उसके संभावित ठिकानों से जुड़ी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की। इसके आधार पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया शुरू की गई और नोटिस हासिल किया गया।  छह महीने तक चला इंटरनेशनल ऑपरेशन अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस की AGTF और OFTEC Punjab ने करीब छह महीने तक इंटेलिजेंस आधारित अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया। इस ऑपरेशन का नाम ‘Operation Eastern Reach’ रखा गया था। इसमें लगातार निगरानी के साथ देश और विदेश की अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय किया गया।  मोल्दोवा की अदालत से मिली भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी अमृतपाल सिंह को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया के दौरान 26 मई 2026 को अदालत ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। इसके बाद उसने इस फैसले के खिलाफ अपील की, लेकिन 16 जुलाई 2026 को Court of Appeal Centru ने उसकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही प्रत्यर्पण का आदेश अंतिम हो गया।  चार सदस्यीय पंजाब पुलिस टीम मोल्दोवा पहुंची प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होने के बाद पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम मोल्दोवा पहुंची। टीम ने 11 सितंबर 2026 को चिशिनाउ एयरपोर्ट पर अमृतपाल सिंह को अपनी हिरासत में लिया और उसे पंजाब वापस लाया।  पंजाब में 21 केस, कई गंभीर धाराओं से जुड़े मामले पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक अमृतपाल सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों में UAPA/Explosives, हत्या, Arms Act, NDPS, जबरन वसूली, Passport Act और अन्य BNS से जुड़े मामले शामिल हैं। रिकॉर्ड में हत्या से जुड़े 5, Arms Act के 9, NDPS का 1 और UAPA/Explosives का 1 मामला दर्ज बताया गया है।  किन जिलों में दर्ज हैं मामले? जांच के तहत चल रहे 17 मामलों में सबसे ज्यादा 7 FIR बटाला, 4 गुरदासपुर, 2 अमृतसर कमिश्नरेट, 2 होशियारपुर, 1 लुधियाना कमिश्नरेट और 1 FIR SSOC अमृतसर से जुड़ी बताई गई है। वहीं ट्रायल में चल रहे 4 मामले बटाला में दर्ज हैं।  यानी करीब दो साल पहले फर्जी पहचान और पासपोर्ट के जरिए देश से फरार हुआ अमृतपाल सिंह मोल्दोवा में पकड़ा गया। छह महीने चले अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन, कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण के बाद … Read more

पंजाब में बिजली संकट गहराया, 10-11 घंटे तक कटौती; राजपुरा में 3 तो तलवंडी साबो में 7 दिन का कोयला

जालंधर पंजाब में बिजली संकट और गहरा गया है। बिजली की मांग 16,619 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। शुक्रवार को राजपुरा थर्मल की 700 मेगावाट की यूनिट नंबर-1 तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। पहले से कई थर्मल और हाइडल यूनिटों के ठप होने से राज्य में कुल 1,915 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित है। बारिश की कमी और उमस भरी गर्मी के बीच बढ़ी मांग के कारण उद्योगों, जिला मुख्यालयों, गांवों और कृषि क्षेत्र में बिजली कटौती करनी पड़ी। बिजली संकट के कारण उद्योगों में सवा चार घंटे, जिला मुख्यालयों पर तीन से चार घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में एक घंटे के कट लगाने पड़े। कृषि क्षेत्र को भी केवल पांच से छह घंटे बिजली मिल सकी। शुक्रवार को तकनीकी खराबी से राजपुरा थर्मल की 700 मेगावाट की यूनिट नंबर-1 बंद हो गई। पहले से रोपड़ थर्मल की 210 मेगावाट यूनिट नंबर-6 और तलवंडी साबो थर्मल की 660 मेगावाट यूनिट नंबर-2 बंद हैं। हाइडल परियोजनाओं में रणजीत सागर बांध की 300 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-3 व 4 तथा यूबीआईडीसी की तीन यूनिटें ठप हैं। हाइडल से 345 मेगावाट उत्पादन प्रभावित है।  पंजाब में बिजली संकट और गहरा गया है। शुक्रवार को बिजली की मांग रिकॉर्ड 16,619 मेगावाट तक पहुंच गई। प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो में 7 दिन और राजपुरा थर्मल प्लांट में 3 दिन का कोयला बचा है। तलवंडी साबो में चार, राजपुरा में सात दिन का कोयला बचा थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट भी बरकरार है। तलवंडी साबो में चार, राजपुरा में सात, लहरा मोहब्बत में 11 और गोइंदवाल में 18 दिन का कोयला बचा है। पावरकॉम के अपने सभी साधनों से शुक्रवार को केवल 4,162 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही, जबकि मांग पूरी करने के लिए नॉर्दर्न ग्रिड से 11,747 मेगावाट बिजली लेनी पड़ी। शुक्रवार की मांग 2025 के 11,404 मेगावाट और 2024 के 14,481 मेगावाट से भी काफी अधिक रही।  थर्मल और हाइडल यूनिटों के बंद होने से राज्य में कुल 1,915 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। बिजली संकट के कारण उद्योगों में करीब सवा चार घंटे, जिला मुख्यालयों पर 3 से 4 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1 घंटे के कट लगाने पड़े। कृषि क्षेत्र को भी केवल 5 से 6 घंटे बिजली मिल सकी। इधर, जालंधर के इंडस्ट्रियल एरिया में 10 से 11 घंटे के लंबे बिजली कट से परेशान लोगों ने देर रात करीब साढ़े 11 बजे सोढल चौक पर जाम लगा दिया। लोगों ने सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि शाम 7 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक लगातार 10 से 11 घंटे के कट लगाए जा रहे हैं। बिजली नहीं होने से पीने के पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि लंबे बिजली कट के कारण लोग रात में ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। राजपुरा में 3 दिन का कोयला बाकी जानकारी के अनुसार, हर प्लांट में 20 दिन के कोयले का स्टॉक होना जरूरी होता है। लेकिन प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो में टोटल स्टॉक 23 प्रतिशत कोयला बचा है, जो कि 7 दिन के लिए है। इसी तरह राजपुरा में स्टॉक का 18 प्रतिशत कोयला बचा है, जो 3 दिन ही चलेगा। हालांकि दोनों थर्मल प्लांटों को कोयले की सप्लाई प्रति दिन खपत के अनुसार निरंतर मिल रही है। इसी तरह सरकारी थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत में 68 प्रतिशत कोयला स्टॉक में है, जो कि खपत के हिसाब से 12 दिन के लिए है। वहीं गोइंदवाल में 93 प्रतिशत स्टॉक है, जो कि 32 दिन के लिए है। इसी तरह रोपड़ में 169 प्रतिशत कोयले का स्टॉक है, जो कि खपत के हिसाब से 66 दिन के लिए है। इन प्लांटों की यूनिटें बंद पावरकॉम के अपने सभी साधनों से शुक्रवार को केवल 4,162 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही, जबकि मांग पूरी करने के लिए नॉर्दर्न ग्रिड से 11,747 मेगावाट बिजली लेनी पड़ी। रोपड़ थर्मल की 210 मेगावाट यूनिट नंबर-6 और तलवंडी साबो थर्मल की 660 मेगावाट यूनिट नंबर-2 बंद हैं। हाइडल परियोजनाओं में रणजीत सागर बांध की 300 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-3 व 4 तथा यूबीडीसी की तीन यूनिटें बंद हैं। शिकायत पर JE और XEN नहीं करते सुनवाई जालंधर में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारियों (JE और XEN) को शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती। अधिकारी पटियाला मुख्यालय से मैसेज आने और ऊपर से ही कट लगाए जाने का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले औद्योगिक क्षेत्र का ऐसा हाल होने पर स्थानीय कारोबारियों ने रोष व्यक्त किया कि बिना बिजली के न तो फैक्ट्रियां चल पा रही हैं और न ही घरों में कोई काम हो पा रहा है। मुफ्त के बजाय 24 घंटे बिजली दे सरकार प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकार मुफ्त बिजली और बिजली बिल माफ जैसे बड़े-बड़े दावे करना बंद करे और 24 घंटे बिजली देने का प्रबंध करे। जब भी अधिकारियों से बात करते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि पटियाला से आदेश है। अगर जल्द ही बिजली कटौती की समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करेंगे और सड़कों पर पक्का धरना देने के लिए मजबूर होंगे। 5 दिन पहले ही बिजली मंत्री ने दी थी चेतावनी बिजली मंत्री तरणप्रीत सिंह सौंद ने कोयले की कमी से पैदा हुए बिजली संकट पर 5 दिन पहले वीडियो जारी किया था। इसमें कहा था कि पूरे भारत में कोयले की कमी के कारण सूबे को घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर में कट लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। देशभर में लगभग 63 गीगावाट (GW) क्षमता के थर्मल पावर प्लांट कोयले की किल्लत से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं और अधिकांश निजी बिजली प्लांट के पास केवल 3 से 4 दिनों का ही कोयला स्टॉक बचा है, जिसके कारण वे अपनी आधी क्षमता (हाफ कैपेसिटी) पर चलने को मजबूर हैं। बिजली मंत्री ने कहा कि नाभा पावर लिमिटेड (राजपुरा) और तलवंडी साबो पावर प्लांट (मानसा) पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा सप्लाई किए जाने वाले … Read more