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लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।

पंजाब में अजनाला पंचायत चुनाव टले, कोर्ट ने परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने को कहा

चंडीगढ़  राज्य चुनाव आयोग ने खरड़ के बाद अजनाला नगर पंचायत का चुनाव स्थगित कर दिया है। अब पहले नगर पंचायत की परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही नए सिरे से चुनाव करवाए जाएंगे। यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है। आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्थानीय निकाय विभाग ने आयोग को सूचित किया था कि हाईकोर्ट ने अजनाला नगर पंचायत चुनाव पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते 26 मई को प्रस्तावित चुनाव स्थगित कर दिया गया है। आयोग ने अब तक की पूरी चुनाव प्रक्रिया भी रद्द कर दी है। इसमें नामांकन प्रक्रिया भी शामिल है। जिन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे उनकी फीस वापस की जाएगी।आदेश में कहा गया है कि स्थानीय निकाय विभाग से नया पत्र प्राप्त होने के बाद दोबारा चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। इससे पहले खरड़ नगर परिषद चुनाव को लेकर भी इसी तरह का फैसला लिया जा चुका है। अब अजनाला में भी परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक रहेगी।

जानलेवा आवारा कुत्तों के खिलाफ पंजाब में बड़ा एक्शन, सुप्रीम कोर्ट आदेश पर अमल शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में आज जानलेवा लावारिस कुत्तों के खात्मे के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस संबंध में जानकारी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार एक बड़ा अभियान शुरू करेगी। इसका उद्देश्य उन जानलेवा लावारिस कुत्तों को खत्म करना है, जो बच्चों और राहगीरों के जीवन के लिए खतरा पैदा करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने आदेश में कहा था कि रेबीज से संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या अत्यधिक आक्रामक व खतरनाक कुत्तों को कानून के तहत मृत्यु दी जा सकती है। कोर्ट ने कहा था कि संविधान के तहत गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार में कुत्ते के हमलों के डर या खतरे के बिना स्वतंत्र रूप से घूमने का हक भी शामिल है। प्रदेश में पिछले कुछ समय से लावारिस कुत्तों के काटने के मामले में वृद्धि होती जा रही है। सरकार ने जनवरी में लुधियाना में राज्य की पहली डॉग सैंक्चुअरी का उद्घाटन भी किया था जिसका उद्देश्य डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करना है। इसकी क्षमता लगभग 500 कुत्तों की है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है और प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तर्ज पर डॉग सैंक्चुअरी स्थापित करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2025 में कुत्तों के काटने के ढाई लाख से अधिक मामले सामने आए जबकि वर्ष 2024 में डॉग बाइट के 2.13 लाख मामले रिपोर्ट किए गए थे।  सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कई संगठनों में मायूसी पेटा (PETA) इंडिया के मुताबिक देश में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या 6.2 करोड़ है। इनकी संख्या बढ़ने की मुख्य वजह एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) रूल्स का सही पालन न होना है। इन नियमों के तहत कुत्तों की नसबंदी और रेबीज टीकाकरण होना चाहिए। पेटा ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की एसओपी पर ऐतराज जताया है। संगठन का कहना है कि इस एसओपी में हर कुत्ते के लिए सिर्फ 20 वर्गफुट जगह तय है। इतने छोटे स्थान में इन्हें नीचलन रखना क्रूरता है। इससे बीमारियां फैल सकती हैं। इतने बड़े स्तर पर कुत्तों को बंद रखने के लिए न पर्याप्त जगह है और न ही बजट और न ही प्रशासनिक व्यवस्था है। एक दैनिक अखबार में प्रकाशित कुत्तों के आंकड़ों पर आयोग ने कहा था कि 3.34 लाख डॉग बाइट के मामले चौंकाने वाले हैं। लावारिस कुत्ते सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। बता दें कि पंजाब में 2025 में डॉग बाइट के 3.34 लाख मामले रिपोर्ट हुए थे जबकि 2026 में अब तक 50 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जस्टिस संत प्रकाश और जस्टिस गुरबीर सिंह जता चुके चिंता पंजाब -चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस संत प्रकाश और सदस्य जस्टिस गुरबीर सिंह पर आधारित आयोग ने जालंधर, लुधियाना, पटियाला और संगरूर के नगर निगम कमिश्नरों सहित निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब को नोटिस जारी कर कुत्तों के काटने के मामलों की रिपोर्ट पेश करने को कहा था। आयोग ने कहा था कि 2025 के 3.34 लाख मामलों में ही अगर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाता है तो सूबा सरकार पर 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय बोझ पड़ेगा। अकेले संगरूर जिले में ही नगर कौंसिल को 10 करोड़ रुपए का खर्च उठाना पड़ सकता है। 5 साल में तीन गुना बढ़े कुत्तों के काटने के केस हेल्थ विभाग पंजाब के आंकड़ों के अनुसार पिछले 5 सालों में पंजाब में कुत्तों के काटने के मामले तीन गुना बढ़े हैं। साल 2020 में जहां 1 लाख 10 हजार 472 मामले दर्ज थे, वहीं यह बढ़कर 2021 में 1 लाख 26 हजार 842 हो गए। इसी तरह साल 2022 में 1 लाख 65 हजार 133 मामले रिकॉर्ड हुए और 2023 में भी यह आंकड़े 1 लाख 65 हजार 133 ही दर्ज किए गए। इसके बाद 2024 में यह मामले बढ़कर 2 लाख 13 हजार 521 हुए और 2025 में रिकॉर्ड तोड़ 3 लाख 34 हजार 736 तक पहुंच गए। 2026 की बात करें तो अब तक पंजाब में 5 महीने में 50 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। SOP में हर कुत्ते के लिए सिर्फ 20 वर्गफुट जगह तय है ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया के एमडी आलोकवर्मा सेनगुप्ता ने कहा कि इंसानों और आवारा कुत्तों के बीच बढ़ते संघर्ष की असली वजह कुत्तों की मौजूदगी नहीं, बल्कि सालों से नसबंदी और रेबीज टीकाकरण कार्यक्रम का सही ढंग से लागू न होना है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि कानून और नियम पहले से मौजूद हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया। संगठन ने अदालत के उस निर्देश का स्वागत किया, जिसमें उसने कहा है कि देश के हर जिले में कम से कम एक पूरी तरह काम करने वाला एबीसी सेंटर बनाया जाए। जबरन कार्रवाई से बढ़ सकती है आवारा कुत्तों की समस्या: संगठन संगठन ने कहा कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे कदम न उठाएं जो कानून और वैधानिक प्रक्रिया से बाहर हो। इनमें कुत्तों को जबरन हटाने, बड़ी संख्या में पकड़कर बंद करने, मारना या हटाने की नीति अपनाने जैसे कदम शामिल हैं। उनका कहना है कि इससे समस्या कम नहीं होगी, बल्कि दोबारा आबादी बढ़ेगी और संघर्ष बढ़ सकता है। संगठनों ने क्या दिए सुझाव कुत्तों के लिए तय समय में बड़े स्तर पर वैज्ञानिक तरीके से नसबंदी अभियान चले, रेबीज टीकाकरण हो, अवैध ब्रीडर और पालतू पशु दुकानों पर कार्रवाई हो, विदेशी नस्ल के डॉग्स के अवैध प्रजनन पर रोक लगे, कुत्तों को खाना खिलाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित हो, डॉग्स को गोद लेने को बढ़ावा दिया जाए और स्थानीय निकायो की जिम्मेदारी तय की जाए। कब-कब क्या हुआ? 28 जुलाई 2025 : SC ने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार के में प्रकाशित समाचार 'आवारा कुत्तों से त्रस्त शहर, बच्चे भुगत रहे कीमत' (City hounded by strays and kids pay price) पर स्वतः संज्ञान (suo moto cognisance) लिया था। 11 अगस्त 2025 : कोर्ट ने दिल्ली और एमसीडी की अथॉरिटी को निर्देश जारी किया कि वे … Read more

सीमा पार कर भारत पहुंचे दो पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए, वाहन भी जब्त

अमृतसर अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से एक कार भी बरामद की गई है। सुरक्षा एजेंसियां दोनों से गहन पूछताछ कर रही हैं।  जानकारी के अनुसार पकड़े गए दोनों व्यक्ति पाकिस्तान के कसूर क्षेत्र में अलग-अलग दुकानों पर सामान सप्लाई करने का काम करते थे। इसी दौरान वे अपनी निजी कार में सीमा पार करते हुए भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए, जहां बीएसएफ जवानों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान मोहम्मद सलीम पुत्र नजीर अहमद (60) निवासी नास्टर कॉलोनी, फिरोजपुर रोड, लाहौर तथा आमिर नवाज पुत्र मोहम्मद नवाज (40) निवासी जसहीन टाउन, गज्जी रोड, लाहौर के रूप में हुई है। बीएसएफ अधिकारियों ने इस संबंध में जीरो लाइन पर पाकिस्तानी रेंजर्स को भी सूचना दे दी है। फिलहाल अमृतसर सेक्टर में बीएसएफ और अन्य जांच एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों व्यक्ति गलती से भारतीय सीमा में दाखिल हुए या इसके पीछे कोई अन्य साजिश या मकसद है। 

26 मई को मतदान, मोहाली निगम चुनाव को लेकर तैयारियां तेज

मोहाली  नगर निगम मोहाली के 50 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर पूरा शहर चुनावी रंग में रंग गया है। इस बार कुल 1,75,323 मतदाता 26 मई को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 90,484 पुरुष मतदाता, 84,831 महिला मतदाता तथा 8 अन्य मतदाता शामिल हैं। चुनावी माहौल जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे वैसे और अधिक गरमाता जा रहा है। इस बार चुनाव के लिए प्रशासन ने पूरे शहर में 184 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं, जहां मतदाता अपने अपने वार्डों के प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी बूथों पर आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मतदान दिवस पर सभी वार्डों में स्थानीय प्रतिनिधियों के भाग्य का फैसला जनता के हाथों में होगा। 50 में 25 वार्ड महिलाओं के आरक्षित नगर निगम के 50 वार्डों में इस बार 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं, जिससे स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिलेगा। आरक्षण व्यवस्था के चलते कई वार्डों में नए चेहरों को राजनीति में अवसर मिला है और विभिन्न दलों ने महिला उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस किया है। 227 उम्मीदवारों में से 45 निर्दलीय भी मैदान में चुनाव मैदान में इस बार कुल 227 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 45 निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने कई वार्डों में मुकाबले को बेहद रोचक और त्रिकोणीय बना दिया है। प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कई स्थानों पर सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। वार्ड 42 में इस बार हाई-प्रोफाइल मुकाबला इस पूरे चुनाव में सबसे अधिक चर्चा वार्ड नंबर 42 की हो रही है, जो इस बार हाई प्रोफाइल मुकाबले के रूप में उभरकर सामने आया है। यह वार्ड इसलिए भी खास है क्योंकि यहां मतदाताओं की संख्या केवल 979 है, जो पूरे नगर निगम क्षेत्र में सबसे कम है। कम मतदाता संख्या के कारण यहां हर वोट का महत्व और भी बढ़ जाता है और चुनाव परिणाम बेहद करीबी रहने की संभावना जताई जा रही है। वार्ड 42 में इस बार राजनीतिक समीकरण भी खासे दिलचस्प हैं, क्योंकि यहां से आम आदमी पार्टी के सबसे अमीर विधायक कुलवंत सिंह के पुत्र सरबजीत सिंह चुनाव मैदान में हैं, जिससे यह मुकाबला राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील और चर्चित हो गया है। इस वार्ड में भाजपा के मनजींदर सिंह, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अमित कुमार और कांग्रेस के जगदीप सिंह शेरगिल भी चुनावी मैदान में हैं, जिससे यहां मुकाबला बहुकोणीय बन गया है और हर दल अपनी जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। पूरे मोहाली शहर में चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और हर वार्ड में उम्मीदवार डोर टू डोर प्रचार में जुटे हैं। विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, सड़कें, पानी और बुनियादी सुविधाएं इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।  

ईंधन संकट से पंजाब बेहाल, कई जगहों पर सूखने लगे पेट्रोल-डीजल पंप

लुधियाना. पंजाब में पेट्रोल और डीजल का भारी संकट बताया जा रहा है राज्य के विभिन्न इलाकों में पेट्रोल पंप लगातार ड्राई हो रहे हैं जिसके कारण ट्रेड से संबंधित कारोरियो व आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है l हालात किस दयनीय है बताए जा रहे हैं कि डीलरों द्वारा तेल कंपनियों को एडवांस में पेमेंट करने के बावजूद भी पूरा माल नहीं मिल पा रहा है l जबकि कुछ दिनों पहले तक तेल कंपनियों द्वारा डीलरों को उधारी पर भी माल की सप्लाई की जा रही थी लेकिन अब हालात पूरी तरह से बदले हुए नजर आ रहे हैं जिसके कारण जहां पेट्रोल ड्राई हो रहे हैं वही अधिकतर पेट्रोल पंपों का कारोबारी सिस्टम भी लगातार गिरता हुआ नज़र आ रहा है यहां तक की पेट्रोल पंप कारोबारी को अपने खर्चे तक निकलना मुश्किल हो रहे हैं l एसोसिएशन ने करवाया अवगत ऐसी सभी तमाम मुश्किलों के निवारण हेतु पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन पंजाब के प्रधान परमजीत सिंह द्वारा राज्य के चीफ सेक्रेटरी को ईमेल पत्र भेजते हुए मामले संबंधित अवगत करवाया गया है l जिसमें एसोसिएशन द्वारा अपील की गई है कि पंजाब सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जल्द कोई उचित कदम उठाए ताकि लोगों में पैदा हो रही हड़कंप की स्थिति पर काबू पाया जा सके l तेल कंपनियों द्वारा डीलरों को प्रीमियम पेट्रोल बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है जिसकी कीमत करीब 109 रुपए प्रति लीटर है l जबकि नॉर्मल पेट्रोल की सप्लाई पेट्रोल पंपों पर ड्राई दिखाई दे रही है जिसका खामियाजा जहां डीलरो को भुगतना पड़ रहा है वही आम जनता की पॉकेट पर भी महंगाई की मार पड़ रही है l

पंजाब में डबल हीट अटैक से लोग परेशान, दिन-रात बढ़ी गर्म हवाओं की मार

चंडीगढ़. चंडीगढ़. पिछले 4 दिनों से रोजाना बढ़ रहा तापमान अब लोगों के लिए परेशानी बन गया है। लगातार बढ़ रहा तापमान बुधवार को मई महीने में चंडीगढ़ में 5वां सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में पारा 44 डिग्री को पार कर 44.4 डिग्री पर पहुंच गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लू ने लोगों से घरों, ऑफिस और दुकानों से बाहर निकलने से बचने की अपील की है। दोपहर ही नहीं, रात में भी गर्मी का असर महसूस हो रहा है, क्योंकि पारा 25 डिग्री से नीचे नहीं जाने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी राहत नहीं मिलने वाली है क्योंकि तापमान लगातार बढ़ता रहेगा। सुबह 10 बजे ही 40 डिग्री, 3 घंटे तक 43 से ऊपर तापमान बुधवार को सुबह 10 बजे ही तापमान 40 डिग्री को पार कर गया था। दोपहर 1 बजे तापमान 43 डिग्री को पार कर गया और दोपहर 2:45 बजे तापमान 44.4 डिग्री तक पहुंच गया। शाम 4 बजे के बाद ही पारा 43 डिग्री से नीचे गिरने लगा। जानें आने वाले दिनों में कैसे रहेंगे हालात 19 मई- फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, बठिंडा और मानसा जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। इन जिलों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। 20 मई- लू का असर और बढ़ सकता है। इस दिन अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और पटियाला सहित अधिकांश जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। 21 मई- पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, लुधियाना, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, फिरोजपुर, फरीदकोट और फाजिल्का जिलों में लू का यलो अलर्ट रहेगा। 22 मई- राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकतर जिलों में लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। खासकर सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के जिलों में गर्मी ज्यादा परेशान कर सकती है। लू से रखें खुद का ध्यान विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।

परमानेंट नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे रोडवेज कर्मचारी, लुधियाना में हंगामा

लुधियाना. पंजाब परिवहन विभाग में सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर वीरवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी संविदा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और करीब दो घंटे तक पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें स्थायी किया जाना था। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और परिवहन विभाग के निजीकरण को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। इस मौके पर पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को बने चार साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी संविदा कर्मचारी को स्थायी नहीं किया गया। किमी स्कीम बसों की तरफ ध्यान केंद्रित लुधियाना बस स्टैंड और डिपो के अध्यक्ष जतिंदर सिंह सोनी तथा राज्य नेता गुरबाज सिंह ने कहा कि सरकार ने परिवहन विभाग में नई सरकारी बसें भी शामिल नहीं की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभाग को मजबूत करने की बजाय किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा देकर विभाग के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को गैरकानूनी तरीके से घरों से उठाकर गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। 25 से 27 मई तक मुख्यमंत्री निवास के बाहर बैठेंगे कर्मचारी प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने घोषणा की कि 25, 26 और 27 मई को पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से संविदा आधार पर काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में कार्यरत हजारों कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि संविदा कर्मियों को तुरंत पक्का किया जाए, परिवहन विभाग में नई सरकारी बसें डाली जाएं और निजीकरण की नीति को रोका जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो राज्यभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

निकाय चुनाव से पहले पंजाब में EVM विवाद तेज, अदालत पहुंचा मामला

चंडीगढ़. नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से ठीक पांच दिन पहले पंजाब में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर विवाद और तेज हो गया है। गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने स्पष्ट कहा कि चुनावों के लिए मांगी गई ईवीएम मशीनें राजस्थान से पंजाब के लिए पहले ही रवाना की जा चुकी हैं और मशीनों की कमी का मुद्दा अब शेष नहीं रहा। आयोग ने यह भी दावा किया कि मशीनों की कमीशनिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रिया महज एक दिन में पूरी की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष ईसीआई की ओर से पेश वकील ने कहा कि 20 मई को पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सभी आशंकाएं दूर हो चुकी हैं। अदालत को बताया गया कि पंजाब की ओर से मशीनें स्वयं उठाने में अनिच्छा जताए जाने के बाद राजस्थान से मशीनें सीधे पंजाब भेजी जा रही हैं। सुनवाई के दौरान ईसीआई के वकील ने कहा, “मशीनें रास्ते में हैं। इस समय भी वे ट्रांजिट में हैं।” मोहाली तक पहुंचेंगी मशीनें आयोग की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि अब केवल यह तय किया जाना बाकी है कि मशीनें किस स्थान पर पहुंचाई जानी हैं और उन्हें रिसीव करने के लिए कौन अधिकारी अधिकृत होगा। ईसीआई ने कहा कि मशीनों को मोहाली तक पहुंचाने की व्यवस्था भी आयोग स्वयं कर रहा है। साथ ही फर्स्ट लेवल चेकिंग और कमीशनिंग प्रक्रिया में भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। यह दावा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग पहले अदालत में कह चुका है कि यदि मशीनें उपलब्ध भी हो जाएं, तब भी उनकी जांच, तैयारी और तैनाती में 15 से 18 दिन का समय लगेगा। इसी आधार पर आयोग ने 27 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का फैसला लिया था। ईसीआई ने समय समीक्षाा पेश की मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई है। एक दिन पहले ईसीआई ने अदालत में विस्तृत समय-सीमा पेश करते हुए दावा किया था कि देरी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हुई, न कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से। इसके बाद हाई कोर्ट ने पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने याचिका की सुनवाई पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत से याचिका की ग्राह्यता पर विचार करने का आग्रह किया।

बुड्ढा दरिया को स्वच्छ बनाने आगे आएं कारोबारी, पंजाब राज्यपाल का बड़ा संदेश

लुधियाना. लुधियाना के पार्क प्लाजा में आयोजित स्टार्टअप समागम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि सीखना जीवन का सबसे अहम पहलू है और वह आज भी हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने का प्रयास करते हैं। अच्छे लोगों का सम्मान कर समाज में अच्छाई को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। वह लुधियाना के पार्क प्लाज़ा में आयोजित स्टार्टअप समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान पांच विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड भी प्रदान किए गए। राज्यपाल ने कहा कि लुधियाना ने उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नए विचारों को मंच देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश और पंजाब में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से आगे बढ़ रही है और इसमें लुधियाना एंजल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर भारत में स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को उत्तर भारत का बेहतर स्टार्टअप हब बनाने का विजन तैयार किया गया है। इसके लिए इंडस्ट्री, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को मिलकर काम करना होगा। उद्योग जगत को ऐसे प्रयासों में आगे आकर प्रदेश और देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज दिए गए पांच कैटेगरी के अवार्ड युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि सफल लोगों की कहानियां नई पीढ़ी को मेहनत और नवाचार की दिशा में बढ़ने की सीख देती हैं। पानी को साफ सुरक्षित बनाना जरूरी अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पंजाब की चर्चित “कैंसर ट्रेन” का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में पानी को साफ और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। उद्योगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुधार के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से बुड्ढा दरिया को साफ करने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लुधियाना के लोग तकनीकी ज्ञान में माहिर हैं और उद्योग जगत को इको सिस्टम के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही सरकार को भी इंडस्ट्री के लिए प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम सुनिश्चित करना होगा, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। युवा अपनी परंपरा को ध्यान में रखें राज्यपाल ने पंजाब के लोगों की सेवा भावना, किसानों, सैनिकों और हर वर्ग के मेहनती लोगों की प्रशंसा की। उन्होंने चिंता जताई कि आज का युवा मेहनत की बजाय आराम पसंद होता जा रहा है। युवाओं को अपने संस्कार, अनुशासन और मेहनत की परंपरा को याद रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले देशहित में लोग उपवास रखकर अनाज बचाते थे, जबकि आज पेट्रोल और डीजल बचाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित में हमेशा तत्पर रहने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की दिशा में कार्य करने की अपील की।