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7 लाख की रिश्वत का मामला, पंजाब पुलिस के दो SHO पर आरोप; एक गिरफ्तार

तरनतारन. डी.जी.पी. गौरव यादव के आदेश पर तरनतारन पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए 2 एस.एच.ओ. और दो बिचौलियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत दर्ज मामलों में एक आरोपी के परिवार वालों से जांच के दौरान गैर-कानूनी फायदे पहुंचाने के लिए कुल 7 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में की गई है। इस बारे में जानकारी देते हुए एस.एस.पी. सुरिंदर लांबा ने बताया कि थाना वल्टोहा के एस.एच.ओ. एस.आई. बलजिंदर सिंह द्वारा गुरमीत सिंह उर्फ गीतू को मामले की जांच के दौरान गैर-कानूनी फायदे पहुंचाने के बदले उसके परिवार वालों से रॉबिन सिंह के जरिए 3 लाख रुपये की रिश्वत ली। इसी तरह, थाना कच्चा-पक्का के एस.एच.ओ. एस.आई. किरपाल सिंह, जिन्होंने कुछ दिन पहले चार्ज संभाला था, पर पूरन सिंह के जरिए उक्त आरोपी के परिवार वालों से 4 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। रॉबिन सिंह और पूरन सिंह पर इन कथित लेन-देन में बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है। एस.एस.पी. ने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए एस.आई. कृपाल सिंह, एस.एच.ओ. पुलिस स्टेशन कच्चा-पक्का को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी तीन आरोपी एस.आई. बलजिंदर सिंह, रॉबिन सिंह और पूरन सिंह फरार हैं। एस.एस.पी. ने बताया कि गुरमीत सिंह उर्फ गीतू के खिलाफ एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत 2 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से तारीख 01.09.2026 का मामला पुलिस स्टेशन वल्टोहा से जुड़ा है, जिसमें 14 किलो 110 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। इसी तरह 02.09.2026 को पुलिस स्टेशन कच्चा पक्का में एक मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 2 किलो अफीम बरामद की गई थी। मामले की आगे की जांच डी.एस.पी. भिखीविंड अतुल सोनी कर रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी को माननीय कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जा रहा है।

पंजाब में बढ़ी बिजली की डिमांड, 2173 MW उत्पादन ठप; मंत्री बोले- कल से लंबे कट नहीं

लुधियाना लुधियाना में बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि किसानों को 10 घंटे बिजली मिल रही।लुधियाना में बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया कि पंजाब में अब बिजली के लंबे कट नहीं लगेंगे, कल यानी 15 सितंबर से कट लगने बंद हो जाएंगे। प्राइवेट बिजली प्लांट भी सरकार ने ठीक करवाए हैं। इसके लिए करीब 200 सरकारी मुलाजिम लगाए। मंत्री ने कहा कि किसानों को पहले की तुलना में ज्यादा बिजली दी जा रही है। अब 8 घंटे की बजाय किसानों को 10 घंटे बिजली मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस साल पिछले साल की तुलना में बिजली की डिमांड 3,500 मेगावाट ज्यादा है। इधर, बिजली की डिमांड लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) इस समय अलग-अलग स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली पैदा करवा रहा है। कायले की कमी के चलते बिजली की कुल जनरेशन 5,743 मेगावाट तक ही पहुंची है। पिछले दिनों के मुकाबले पंजाब में बिजली की जनरेशन तो बढ़ी है, लेकिन डिमांड कम नहीं हो रही है। डिमांड पूरी करने के लिए PSPCL को सीधे केंद्रीय पूल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे बिजली कट लग रहे हैं। अघोषित बिजली कटों से परेशान लुधियाना के डाइंग उद्यमियों ने आज चंडीगढ़ रोड के वर्धमान चौक पर धरना देने का ऐलान किया है। वहीं, दूसरी तरफ बिजली कटों को लेकर कांग्रेस पटियाला में PSPCL मुख्यालय के बाहर धरना देगी।   बिजली उत्पादन कहां से कितना हो रहा, जानिए… सरकारी थर्मल प्लांट: पंजाब में तीन सरकारी थर्मल प्लांटों के 10 यूनिट हैं। पहला सरकारी प्लांट रोपड़ में है और यहां चार यूनिट हैं। इन चार यूनिटों की बिजली उत्पादन की कुल क्षमता 840 मेगावाट है, जबकि इनमें 487 मेगावाट ही बिजली पैदा हो रही है। दूसरा प्लांट लहरा मोहब्बत में है। इस प्लांट में भी चार यूनिट हैं। इसकी कुल क्षमता 920 मेगावाट है, जबकि यहां 801 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है। तीसरा प्लांट गोइंदवाल में है और इसमें दो यूनिट हैं। इस प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता 540 मेगावाट है, जबकि इसमें 501 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। इस तरह सरकारी प्लांटों से कुल उत्पादन 1,786 मेगावाट है। सरकारी दो प्लांट लगभग पूरी क्षमता से चल रहे हैं, जबकि रोपड़ प्लांट में अभी भी उत्पादन क्षमता से काफी कम है। प्राइवेट थर्मल प्लांट: पंजाब में दो प्राइवेट थर्मल प्लांट हैं, जिनकी कुल क्षमता 3,380 मेगावाट बिजली पैदा करने की है। तलवंडी साबो में तीन यूनिट हैं, जिनकी कुल क्षमता 1,980 मेगावाट है। सोमवार को तीनों यूनिट ऑपरेशनल हैं और इनसे 1,701 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। वहीं, दूसरा प्लांट राजपुरा में है और इसमें दो यूनिट हैं। दोनों की कुल क्षमता 1,400 मेगावाट है। इन दोनों यूनिटों में आज कुल 1,321 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। दोनों प्राइवेट प्लांटों को मिलाकर 3,022 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। हाइड्रो प्रोजेक्ट्स: पंजाब के पास रणजीत सागर डैम इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के अलावा चार और हाइड्रो प्रोजेक्ट हैं। रणजीत सागर डैम की क्षमता 600 मेगावाट बिजली पैदा करने की है, जिसमें दिन के समय कम बिजली पैदा की जा रही है। सोमवार सुबह 9 बजे के करीब चार में से दो टरबाइन चलाई जा रही हैं, जिनसे 240 मेगावाट बिजली बनाई जा रही है। शानन प्रोजेक्ट से 50 मेगावाट बिजली तैयार: यू.बी.डी.सी. हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर हाउस से 44 मेगावाट, मुकेरियन हाइडल प्रोजेक्ट के अलग-अलग यूनिटों से 193 मेगावाट, आनंदपुर साहिब हाइडल प्रोजेक्ट से 112 मेगावाट व शानन प्रोजेक्ट से 50 मेगावाट बिजली तैयार की जा रही है। इस तरह हाइड्रो प्रोजेक्टों से कुल 639 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। रात के समय हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से उत्पादन 830 मेगावाट तक किया जा रहा है। सोलर व अन्य प्लांट: पंजाब में बड़ी संख्या में सोलर प्लांट लगे हैं। इनसे बिजली का उत्पादन काफी मात्रा में हो रहा है। दिन के समय सोलर प्लांट व अन्य स्रोतों से 350 से 400 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। हालांकि, रात के समय इन प्लांटों से जनरेशन शून्य हो जाती है। सुबह 9 बजे के करीब सोलर प्लांट व अन्य स्रोतों से कुल 341 मेगावाट के करीब बिजली उत्पादन हो रहा है। केंद्रीय पूल: पंजाब में बिजली की डिमांड पूरी करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड सीधे तौर पर केंद्रीय पूल पर निर्भर है। पंजाब में जितनी जनरेशन होती है, उसके बाद डिमांड और सप्लाई में जो गैप रहता है, उसे पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल से बिजली खरीदी जाती है। सोमवार को केंद्रीय पूल से करीब 11 हजार मेगावाट के करीब बिजली खरीदी जा रही है। पंजाब में बढ़ी बिजली की मांग पंजाब में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी और यूनिटों में तकनीकी खराबी से उत्पादन प्रभावित है। मानसून की बारिश कम होने से खेतों में ट्यूबवेल पर निर्भरता बढ़ी है।  उमस भरी गर्मी के कारण घरेलू बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर है। मांग और उपलब्धता में बड़े अंतर के कारण उद्योगों से लेकर खेतीबाड़ी क्षेत्र और शहरों व गांवों में लंबे कट लगाए जा रहे हैं। इससे उद्योगपतियों किसानों और आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सितंबर में लगातार 16 हजार मेगावाट से ज्यादा मांग छह सितंबर को छोड़कर सितंबर में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट से अधिक रही। एक सितंबर को 16116 मेगावाट, दो को 16530, तीन को 16485, चार को 16182, पांच को 16254, सात को 16219, आठ और नौ को 16505, 10 को 16432, 11 को 16619 और 12 सितंबर को 16519 मेगावाट मांग रही। शनिवार को 16519 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग के मुकाबले पावरकाम को सभी स्रोतों से केवल 4503 मेगावाट बिजली उपलब्ध हुई। करीब 2173 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा। तकनीकी खराबी से राजपुरा का 700 मेगावाट का एक नंबर और तलवंडी साबो का 660 मेगावाट का दो नंबर यूनिट बंद रहा। 840 मेगावाट क्षमता वाले रोपड़ थर्मल से केवल 488 मेगावाट बिजली मिली। 920 मेगावाट क्षमता वाले लहरा मुहब्बत प्लांट से 804 मेगावाट उत्पादन हुआ। पावरकाम अधिकारियों के अनुसार सर्दियों में रोपड़ और लहरा मुहब्बत थर्मलों का सालाना रखरखाव नहीं हुआ था। अब तकनीकी खराबी के कारण यूनिट … Read more

पठानकोट की बेटी अंशिका ने बढ़ाया देश का मान, जॉर्डन में एशियाई कराटे चैंपियनशिप में जीता सिल्वर

 पठानकोट  पंजाब के पठानकोट जिले के गाँव बड़ा भनवाल की होनहार बेटी अंशिका भारद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में 8 से 11 सितंबर तक आयोजित 24वीं एशियाई कराटे चैंपियनशिप में अंशिका ने अंडर-21 महिला 68 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया। टूर्नामेंट के दौरान अंशिका ने असाधारण तकनीकी दक्षता और मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया। उन्होंने ईरान, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों की प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। कड़े खिताबी मुकाबले में सऊदी अरब की खिलाड़ी से हार का सामना करने के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। अंशिका के पिता भारतीय सेना में सेवारत हैं, जबकि उनकी माता एक शिक्षिका हैं। बचपन से ही घर में फौजी अनुशासन को देखकर बड़ी हुईं अंशिका ने 12वीं की पढ़ाई के साथ ही कराटे को अपना ध्येय बना लिया था। उसने 10वीं बीएस एम एस डी राजपूत पब्लिक स्कूल सुजानपुर 12वीं महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल भनवाल से की है 22 सितंबर 2025 को वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भर्ती हुईं और वर्तमान में 6वीं बटालियन, गोवा में तैनात हैं। अंतरराष्ट्रीय सफलता से पहले अंशिका ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित 5वीं केआईओ (KIO) सीनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप के -61 किग्रा वर्ग में देश भर के शीर्ष एथलीटों के बीच कांस्य पदक जीता था। अंशिका की इस शानदार सफलता पर सीआईएसएफ बल, खेल प्रेमियों और पठानकोट में खुशी की लहर है। अंशिका ने साबित कर दिखाया है कि कड़े अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।  

जालंधर में 27 अक्टूबर से एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, भारत-Pak समेत 6 टीमें लेंगी हिस्सा; एंट्री फ्री

जालंधर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 की शुरुआत 27 अक्टूबर से जालंधर से होगी। फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, जापान, मलेशिया, चीन और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। ओमान और बांग्लादेश को रिजर्व टीमों के तौर पर रखा।  इस दौरान टूर्नामेंट का लोगो भी जारी किया गया। हॉकी इंडिया के खिलाड़ी भी मौजूद रहे। सरकार ने 25 करोड़ 40 लाख रुपए का बजट रखा है। पूरे टूर्नामेंट में दर्शकों की एंट्री फ्री रहेगी। सरकार की तरफ से सभी उचित इंतजाम किए जाएंगे। मोहाली में होंगे निर्णायक मुकाबले लीग चरण के बाद टूर्नामेंट के मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे। 4 नवंबर को सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। इसके साथ ही तीसरे और चौथे स्थान के लिए भी मुकाबला खेला जाएगा। 5 नवंबर को शाम 7 बजे फाइनल मुकाबला होगा। इसी के साथ एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के विजेता का फैसला होगा। खिलाड़ियों को इंडस्ट्री व मैदान घुमाएंगे टूर्नामेंट में आने वाले खिलाड़ियों को पंजाब की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से भी रूबरू करवाया जाएगा। उन्हें हॉकी के मैदानों से लेकर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री तक ले जाया जाएगा। साथ ही, उन्हें पंजाब के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखाया जाएगा। खिलाड़ियों को सरसों का साग और मक्की की रोटी खिलाने के साथ अमृतसर, बाघा बॉर्डर और जलियांवाला बाग भी ले जाने की योजना है। कोशिश रहेगी कि खिलाड़ियों को पंजाब की संस्कृति और विरासत का पूरा अनुभव कराया जाए। पुराने हॉकी खिलाड़ी भी सम्मानित होंगे इस टूर्नामेंट में बच्चों पर भी विशेष ध्यान रहेगा। हर मैच के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुराने और दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। पंजाब सरकार अब जूनियर और सीनियर हॉकी लीग आयोजित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके अलावा, हॉकी इंडिया लीग में महिला और पुरुष दोनों वर्गों की पंजाब की टीमें शामिल होंगी।

गुलाब सिद्धू के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली फायरिंग की जिम्मेदारी

बरनाला. प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के गांव फरवाही स्थित घर पर शनिवार देर रात मोटरसाइकिल सवार नकाबपोशों द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के समय सिंगर का पूरा परिवार घर के अंदर ही मौजूद था, जबकि गुलाब सिंद्धू काम के सिलसिले में बाहर थे। पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं, साथ ही ये खबर भी है कि गैंगस्टर डोली बल्ल ने फायरिंग की जिम्मेवारी ली है। अच्छी बात ये रही ही हमले में किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में किसी को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंची है। पुलिस घटनाक्रम की जांच में जुट गई हैं। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे मोटरसाइकिल पर सवार कुछ व्यक्ति, जिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे, गुलाब सिद्धू के घर के बाहर पहुंचे और गोलियां चलाकर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज से आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। उन्होंने बताया कि गुलाब सिद्धू इन दिनों टूर कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। हालांकि उनका परिवार घर में मौजूद था। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। सरपंच ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि फायरिंग करने वाले आरोपितों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए। बता दें कि गुलाब सिद्धू के पास दो सुरक्षा कर्मी भी हैं। वहीं गायक के घर पर जिन हमलावरों ने फायरिंग की उनमें से 2 ने करीब 6 ने गोलियां चलाई थी व तीसरे ने वीडियो बनाई थी। इस फायरिंग की जिम्मेदारी गैंगस्टर डोली बल्ल ने ली है। एसपी डी संजीव कुमार गोयल के अनुसार गुलाब सिद्धू के घर पर हुई फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज चेक की जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं।

वरिंदर सिंह बाजवा के निधन से SAD में शोक, सुखबीर बादल ने कहा- ‘पार्टी ने सच्चा नेता खो दिया’

होशियारपुर. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य वरिंदर सिंह बाजवा का शनिवार को निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही अकाली दल के खेमे में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजवा के निधन को अकाली दल के लिए बड़ी क्षति बताया। वरिंदर सिंह बाजवा लंबे समय से अकाली राजनीति से जुड़े रहे और पार्टी में उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। वरिष्ठ नेता के तौर पर पार्टी के संगठनात्मक मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने पंजाब और पार्टी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन के भीतर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें अकाली दल के महत्वपूर्ण नेताओं में गिना जाता था। बाजवा के निधन की सूचना मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शनिवार को मॉडल टाउन स्थित उनके आवास पर पहुंचे। सुखबीर बादल ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनके साथ दुख साझा करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पार्टी ने अनुभवी स और समर्पित नेता खो दिया है। कार्यकर्ताओं में भी शोक बाजवा के निधन की खबर फैलते ही अकाली दल के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया। नेताओं ने कहा कि बाजवा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में पार्टी को मजबूती देने के लिए लगातार काम किया। उनका सहज व्यवहार और कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव लंबे समय तक याद रखा जाएगा। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बाजवा का निधन ऐसे समय में हुआ है, जब पंजाब की राजनीति में अकाली दल एक बार फिर अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पार्टी के अनुभवी नेता का निधन संगठन के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी क्षति है। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी बाद में साझा की जाएगी। बाजवा के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई।

पीछे से टक्कर को लेकर हाई कोर्ट का अहम फैसला, बीमा कंपनी की अपील हुई खारिज

चंडीगढ़. सड़क हादसे में आगे चल रहे वाहन से पीछे से टक्कर होने मात्र के आधार पर पीछे चल रहे वाहन के चालक को लापरवाह नहीं ठहराया जा सकता। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट करते हुए बीमा कंपनी की तीनों अपीलें खारिज कर दी हैं। अदालत ने कहा कि सह-दोषिता यानी कार चालक की भी लापरवाही साबित करने की जिम्मेदारी उस पक्ष की है, जो इसका आरोप लगा रहा है। केवल पीछे से टक्कर को आधार बनाकर यह जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। मामला 29 मार्च 2009 को हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। हादसे में सुखविंदर सिंह और प्रेमचंद की मृत्यु हो गई थी, जबकि सुब्बा सिंह घायल हुए थे। तीनों एक मारुति कार से गांव थेह बुटाना से लुधियाना जा रहे थे। समराला चौक के पास आगे चल रहे ट्रक के चालक बलजिंदर सिंह ने कथित तौर पर बिना संकेत दिए बीच सड़क अचानक ब्रेक लगा दिए, जिसके कारण कार ट्रक से जा टकराई। सह-दोषिता का दावा हाई कोर्ट में खारिज बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि कार ट्रक से पीछे से टकराई थी, इसलिए कार चालक सुखविंदर सिंह की भी सह-दोषिता थी। हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी ने न तो अधिकरण के समक्ष सुखविंदर सिंह की सह-दोषिता की कोई विशिष्ट दलील रखी और न ही इस संबंध में कोई मुद्दा तय कराने का प्रयास किया। वहीं ट्रक चालक खुद गवाही देने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ और यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि उसने अचानक ब्रेक क्यों लगाए थे या पीछे आ रहे यातायात को कोई संकेत दिया था या नहीं। हाई कोर्ट से पीड़ित परिवारों को राहत अदालत ने सुखविंदर सिंह की मृत्यु के मामले में कुल मुआवजा 9.96 लाख रुपये निर्धारित किया। पहले अधिकरण ने 5.81 लाख रुपये दिए थे। इस तरह स्वजन को अतिरिक्त 4.16 लाख रुपये मिलेंगे। 24 वर्षीय सुखविंदर के मामले में भविष्य की संभावनाओं के लिए 40 प्रतिशत वृद्धि और 18 का गुणक लागू किया गया। वहीं 27 वर्षीय प्रेमचंद की मृत्यु के मामले में कुल मुआवजा 11.97 लाख रुपये तय किया गया। पहले मिले 6.09 लाख रुपये के अतिरिक्त अब 5.89 लाख रुपये मिलेंगे। इसमें पत्नी, तीन नाबालिग बच्चों और माता-पिता को वैधानिक अधिकारों के अनुसार मुआवजा दिया गया है। पीड़ित को मिलेगा 15 हजार अतिरिक्त सुब्बा सिंह के मामले में स्थायी दिव्यांगता का प्रमाण प्रस्तुत नहीं होने के कारण भविष्य की आय में नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया। हालांकि चोटों की गंभीरता को देखते हुए कुल मुआवजा 60 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया। उन्हें 15 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। तीनों मामलों में बढ़ा हुआ मुआवजा बीमा कंपनी और वाहन चालक-सह-मालिक संयुक्त रूप से देंगे। इस राशि पर दावा याचिका दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।

बठिंडा के करनदीप का कमाल, 17,618 फीट की ऊंचाई पर 20 घंटे में पूरी की 122 किमी दौड़

बठिंडा. हौसले के आगे ऊंचे पहाड़ भी छोटे पड़ जाते हैं। बठिंडा के करनदीप मोंगा ने लद्दाख की बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच आयोजित सिल्क रूट अल्ट्रा चैलेंज में हिस्सा लेकर शहर का नाम रोशन किया है। करनदीप ने नुब्रा वैली से शुरू होकर खारदुंगला पास होते हुए लेह तक की 122 किलोमीटर लंबी दूरी 20 घंटे 36 मिनट और 4 सेकेंड में पूरी की। इस दौरान उन्होंने करीब 17,618 फीट की ऊंचाई पर दौड़ लगाकर अपनी फिटनेस, सहनशक्ति और मजबूत इरादों का परिचय दिया। लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों में आयोजित यह अल्ट्रा चैलेंज सामान्य दौड़ से बिल्कुल अलग चुनौती पेश करता है। प्रतिभागियों को लंबी दूरी तय करने के साथ-साथ बेहद ऊंचाई, कम ऑक्सीजन, ठंड, तेज हवाओं और कठिन पहाड़ी रास्तों का सामना करना पड़ता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में 122 किलोमीटर की दौड़ पूरी करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। नुब्रा से खारदुंगला के रास्ते पहुंचे लेह करनदीप की दौड़ नुब्रा वैली से शुरू हुई। यहां से उन्होंने लद्दाख के दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर दौड़ते हुए खारदुंगला पास की ओर सफर किया। रास्ते में जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, वैसे-वैसे शरीर पर दबाव भी बढ़ता गया। इसके बावजूद उन्होंने अपनी गति और हौसले को बनाए रखा। खारदुंगला के ऊंचे क्षेत्र से गुजरने के बाद उन्होंने लेह की तरफ दौड़ जारी रखी और आखिरकार 122 किलोमीटर का सफर 20 घंटे 36 मिनट 4 सेकेंड में पूरा कर लिया। 17,618 फीट पर दौड़ना आसान नहीं क चंद कांसल ने कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई पर दौड़ लगाना प्रतिभागियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। समुद्र तल की तुलना में यहां ऑक्सीजन काफी कम होती है। ऐसे में लंबे समय तक दौड़ने के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है। करनदीप ने इन मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी मंजिल हासिल की। बठिंडा के लोगों ने दी बधाई करनदीप मोंगा की इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद बठिंडा में खेल प्रेमियों और उनके परिचितों में खुशी का माहौल है। शहरवासियों का कहना है कि लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्र में 122 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन पूरी कर करनदीप ने न केवल अपनी व्यक्तिगत क्षमता साबित की, बल्कि बठिंडा का नाम भी गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि शहर के युवाओं को फिटनेस और साहसिक खेलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

Moga: गणेश चतुर्थी के मद्देनजर पनीर-खोया की जांच, 10 नमूने लिए गए

मोगा. गणेश चतुर्थी और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मोगा में खाद्य सुरक्षा टीम ने हलवाइयों और डेयरी दुकानों पर विशेष जांच करते हुए पनीर और खोया के कुल 10 नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए सरकारी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता में कमी या मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया के दिशा-निर्देशों और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संदीप सिंह की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। टीम ने टुडीके, चूड़चक्क, मुख्य बाजार मोगा, कोटकपूरा मार्ग, गांधी मार्ग और फिरोजपुर मार्ग सहित कई क्षेत्रों में स्थित हलवाइयों और डेयरी दुकानों की जांच की। दुकानों पर साफ सफाई की भी हुई बात जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री तैयार करने और उसके भंडारण की व्यवस्था भी देखी गई। अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थ तैयार करने में अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल करने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संदीप सिंह ने बताया कि त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग की ओर से लगातार निगरानी और नमूने लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी नमूने सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मिलावट मिली तो होगी कानूनी कार्रवाई – यदि किसी नमूने में मिलावट, घटिया गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। कारोबारियों को स्वच्छता रखने की हिदायत खाद्य सुरक्षा टीम ने हलवाइयों और डेयरी संचालकों को दूध व दुग्ध उत्पाद तैयार करते समय साफ-सफाई रखने, स्वीकृत खाद्य रंग का ही निर्धारित मात्रा में इस्तेमाल करने और गैर-स्वीकृत रंग या रसायन का प्रयोग नहीं करने की हिदायत दी। कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थ अलग रखने तथा उचित तापमान पर सामग्री का भंडारण करने को कहा गया। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को अपना लाइसेंस या पंजीकरण वैध रखने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए। डा. संदीप सिंह ने कहा कि त्योहारी सीजन में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना है। खाने से पहले देख लें ये पॉइंट्स – पनीर में साबुन या रसायन जैसी गंध असामान्य स्वाद या बहुत ज्यादा चिकनापन बहुत ज्यादा सफेद, असामान्य रूप से मुलायम या रबर जैसा पैकेट वाला पनीर खरीदते समय लेबल, सामग्री और निर्माता की जानकारी जरूर देखें आयोडीन से खुद पनीर की करें जांच – आयोडीन से घर पर पनीर में स्टार्च की मिलावट की जांच की जा सकती है। पनीर को पानी में उबालकर ठंडा करने के बाद आयोडीन डालने पर नीला रंग आने पर स्टार्च होने की आशंका होती है। हालांकि यह जांच डिटर्जेंट की नहीं है। पर, इससे डिटर्जेंट की भी शंका का समाधान किया जा सकता है। डिटर्जेंट की पक्की पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही हो सकती है।

लुधियाना में बम धमकी से हड़कंप, कोर्ट के साथ एयरपोर्ट और नेताओं को निशाना बनाने की चेतावनी

लुधियाना. लुधियाना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर शनिवार को कोर्ट परिसर में बम धमाके की धमकी मिलने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी उस समय मिली, जब कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत चल रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ईमेल पर 12 सितंबर को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया। ईमेल में दोपहर एक बजकर 11 मिनट पर धमाका करने की धमकी दी गई थी। धमकी मिलने के बाद न्यायिक परिसर में मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस टीमों ने कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों, प्रवेश और निकास द्वारों तथा आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी।   एयरपोर्ट और नेताओं को भी धमकी धमकी भरे ईमेल में केवल लुधियाना जिला अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत को निशाना बनाने की बात नहीं कही गई, बल्कि मोहाली और हलवारा एयरपोर्ट पर भी हमले की चेतावनी दी गई। इसके अलावा कुछ राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की धमकी का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान का पता लगाने में जुटी है।   जिला जज ने पुलिस कमिश्नर को भेजा पत्र धमकी की जानकारी मिलने के तुरंत बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र में न्यायाधीशों, कोर्ट स्टाफ, वकीलों और परिसर में मौजूद आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया। साथ ही न्यायालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की जांच कर रही हैं। फिलहाल परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और धमकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।