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प्रवीण कंसल और नीरज कंसल ED की गिरफ्त में, रियल एस्टेट घोटाले में बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ मोहाली के रॉयल एस्टेट के प्रमोटर् प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को ईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पिछले हफ्ते ही ईडी ने रॉयल एस्टेट के चंडीगढ़, मोहाली स्थित कई ठिकानों पर रेड की थी। प्रवीण कंसल और नीरज कंसल पर गलत तरीके से मोहाली में प्रोजेक्ट के सीएलयू लेने का आरोप है। इसके अतिरिक्त जमीन की खरड़ फरोख्त में भी गड़बड़ी की शिकायत है। मोहाली विजिलेंस ने भी प्रवीण कंसल और नीरज कंसल के साथ साथ इंदु कंसल और नायब तहसीलदार तरसेम मित्तल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया हुआ है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट ने भी कंपनी के प्रमोटर को कस्टडी में लेकर पूछताछ जय आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ कंपनी के प्रमोटर्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद रॉयल एस्टेट के प्रमोटर्स गायब हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। कंपनी के प्रमोटर्स के खिलाफ मोहाली में 11 जून को फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा जालसाजी का केस दर्ज हुआ था । यह केस आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं नरेश कुमार गर्ग और प्यारे लाल गर्ग ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 में संपत्ति उनके नाम पर खरीदी गई थी। वर्ष 2013 में बिना उनकी जानकारी और सहमति के उसी संपत्ति को मोतियाज रॉयल सिटी कंपनी)ल के नाम ट्रांसफर कर दिया गया यह ट्रांसफर तथाकथित सप्लीमेंट्री सेल डीड के माध्यम से की गई। नरेश गर्ग ने शिकायत में कहा था कि यह ट्रांसफर फर्जी बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर किया गया। आरोपियों (कंपनी के डायरेक्टर्स) ने मिलकर साजिश रची और सरकारी अधिकारी की मिलीभगत से रजिस्ट्री करवाई गई। मोतियाज के प्रमोटर्स पर मुख्य आरोप धोखाधड़ी करके संपत्ति हड़पना और फर्जी दस्तावेज बनाने का है। कंपनी की दलील कंपनी के प्रमोटर्स ने कोर्ट में दलील दी थी कि यह कोई धोखाधड़ी नहीं, बल्कि तकनीकी गलती थी। मूल सेल डीड में गलती से खरीदार के रूप में शिकायतकर्ताओं का नाम आ गया। बाद में बोर्ड ने प्रस्ताव पास कर सुधार किया गया। शिकायतकर्ता इस प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत थे। यह सिविल विवाद है, क्रिमिनल केस नहीं कोई पैसा या संपत्ति हड़पने की मंशा नहीं थी। वे जांच में शामिल हो चुके हैं, इसलिए कस्टडी में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। वहीं सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि आरोप गंभीर और स्पष्ट साजिश दर्शाते हैं। इससे दस्तावेज़ फर्जी होने का संदेह मजबूत होता है। सरकारी वकील की दलील कानून के अनुसार सप्लीमेंट्री सेल डीड से मालिकाना हक नहीं बदला जा सकता। संपत्ति ट्रांसफर के लिए सभी मालिकों का उपस्थित होना जरूरी है।यहां तक कि सरकारी अधिकारी ने भी नियमों का उल्लंघन किया और अवैध ट्रांजैक्शन को मंजूरी दी। इसलिए गहन जांच के लिए आरोपियों की कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है। हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया गंभीर मामला है। दस्तावेज़ों से धोखाधड़ी और साजिश का मामला बनता है। संपत्ति बिना मालिक की सहमति के ट्रांसफर की गई। मूल दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए गए। आरोपी बोर्ड प्रस्ताव का असल नहीं दिखा पाए।

निकाय चुनाव में AAP का दबदबा, 700 सीटों पर जीत; निर्दलीयों और कांग्रेस-SAD ने भी दिखाया दम

चंडीगढ़. पंजाब निकाय चुनाव के काउंटिंग जारी है। 115 काउंटिंग सेंटरों से आ रहे परिणामों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) 700 से अधिक सीटें जीतकर सबसे आगे चल रही है। श्रीहरगोबिंदपुर का रिजल्ट वार्ड नंबर एक से कांग्रेस की मनजीत कौर 51 वोटों से विजेता रहीं। वार्ड नंबर दो से कांग्रेस के नवदीप सिंह 222 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर तीन से कांग्रेस की बलविंदर कौर 17 वोटों से विजेता।  वार्ड नंबर चार से आप के गौरव भल्ला 52 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर पांच से आजाद उम्मीदवार से जीवन ज्योतिका 86 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर छह से कांग्रेस की जसविंदर कौर 110 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर सात से आप के चेतन कुमार निर्विरोध विजेता। वार्ड नंबर आठ से आजाद कुलवंत सिंह निर्विरोध विजेता। वार्ड नंबर नौ से आप के अमरीक सिंह निर्विरोध विजेता। वार्ड नंबर दस से आजाद उम्मीदवार हरविंदर कौर 330 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर 11 से आजाद उम्मीदवार परमिंदर कौर निर्विरोध विजेता रहे। सुजानपुर नगर काउंसिल में कौन आगे? सुजानपुर नगर काउंसिल चुनाव में भाजपा को कर कांग्रेस को चार तथा आम आदमी पार्टी को चार सीट मिली तीन पर आजाद उम्मीदवार जीते सुजानपुर सुजानपुर नगर कौंसिल के हुए चुनाव के नतीजे मैं सभी पार्टियों को झटका लगा है इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को 4, भाजपा को 4, कांग्रेस को चार सीट मिली है। बरनाला में AAP की जीत जिला बरनाला के कस्बा धनौला की नगर कौंसिल के 13 वार्डों में से आम आदमी पार्टी के 8 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं, जबकि 5 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल नगर कौंसिल धनौला में अपना खाता तक नहीं खोल सके। धनौला के वार्ड नंबर एक से आप उम्मीदवार रणजीत कौर चुनाव जीतीं। उन्हें कुल 396 वोट मिले।  पंजाब की जनता का आभार: मनीष सिसोदिया पंजाब नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों पर आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल के प्रति दिखाए गए विश्वास और सम्मान के लिए पंजाब की जनता का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। पूरे पंजाब में लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि वे सुशासन की सराहना करते हैं और पिछले साढ़े चार वर्षों के काम से संतुष्ट हैं। सरकार ने गांवों और शहरों में अच्छा काम किया है और मतदाताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। धनौला फाइनल रिजल्ट: आप को मिला स्पष्ट बहुमत, 13 में से 8 वार्डों पर कब्जा आम आदमी पार्टी (AAP): 08 सीटें (पूर्ण बहुमत) आजाद (निर्दलीय): 05 सीटें कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल: 00 सीट सुजानपुर फाइनल रिजल्ट: भाजपा, कांग्रेस और आप को मिलीं 4-4 सीटें, 3 पर आजाद उम्मीदवार जीते आम आदमी पार्टी (AAP): 04 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP): 04 सीटें कांग्रेस (INC): 04 सीटें आजाद (निर्दलीय): 03 सीटें बठिंडा निगम: घोषित 21 सीटों में से 'आप' 14 पर आगे, पूर्व मेयर पदमजीत मेहता निर्विरोध जीते वार्ड 1: अमनदीप कौर राणा (आप) वार्ड 2: हरवीर सिंह (आप) वार्ड 3: रमनजीत (आजाद) वार्ड 4: उमेश गोगी (आप) वार्ड 6: बेअंत सिंह (आप) वार्ड 7: मंदीप कौर रामगढ़िया (आप) वार्ड 18: कंवलजीत सिंह (कांग्रेस) वार्ड 19: गुरदेव कौर हरजिंदर (आप) वार्ड 20: नरपिंदर सिंह जलाल (आजाद) वार्ड 22: श्याम लाल (आप) वार्ड 23: किरण रानी (कांग्रेस) वार्ड 34: बॉबी (कांग्रेस) वार्ड 35: बेबी (कांग्रेस) वार्ड 36: धर्मेंद्र (आप) वार्ड 37: अनीता गोयल (आप) वार्ड 38: जसपाल सिंह गोरा (आप) वार्ड 39: राज रानी (आप) वार्ड 40: सोनी (आप) वार्ड 41: सुमन शर्मा (आप) वार्ड 42: रितू (बीजेपी) वार्ड 46: पदमजीत मेहता (पूर्व मेयर) – (आप – निर्विरोध विजेता) पट्टी में बड़ा उलटफेर, 'आप' को करारा झटका, 9 सीटें जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी पट्टी नगर कौंसिल: अंतिम दलीय स्थिति (सभी 19 सीटें) कांग्रेस: 09 सीटें (बहुमत के आंकड़े से 1 कम) आम आदमी पार्टी (AAP): 06 सीटें केरों गुट (आजाद/निर्दलीय): 04 सीटें टांडा में आप ने 15 में से 10 वार्ड जीतकर हासिल किया शानदार बहुमत, कांग्रेस के खाते में आईं 5 सीटें वार्ड नंबर 1: हिना वैद (कांग्रेस) – 479 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 2: बलदेव राम (कांग्रेस) – 469 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 3: सरोज बाला (आम आदमी पार्टी) – 463 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 4: दविंदर सिंह (कांग्रेस) – 650 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 5: गुरप्रीत कौर (कांग्रेस) – 414 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 6: सेठ राम (आम आदमी पार्टी) – 582 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 7: नरिंदर कौर (आम आदमी पार्टी) – 402 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 8: हरमीत सिंह वड़ैच (आम आदमी पार्टी) – 349 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 9: प्रितपाल कौर (कांग्रेस) – 510 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 10: प्रवीन खन्ना (आम आदमी पार्टी) – 364 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 11: गुरबख्श कौर (आम आदमी पार्टी) – 684 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 12: हरि कृष्ण (आम आदमी पार्टी) – 667 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 13: परमिंदर कौर (आम आदमी पार्टी) – 453 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 14: मनजीत कौर (आम आदमी पार्टी) – 438 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 15: जसवंत कौर (आम आदमी पार्टी) – 382 वोट (विजेता) फाजिल्का में 25 में से 18 वार्डों के नतीजे घोषित; कांग्रेस 9 सीटों के साथ सबसे आगे कांग्रेस (INC): 09 सीटें आम आदमी पार्टी (AAP): 05 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP): 04 सीटें शिरोमणि अकाली दल (SAD): 00 सीट बहुजन समाज पार्टी (BSP): 00 सीट आजाद (निर्दलीय): 00 सीट गढ़दीवाला में 11 में से 7 वार्ड जीतकर आप ने हासिल किया पूर्ण बहुमत, कांग्रेस को मिलीं 3 सीटें वार्ड नंबर 1: सुनीता (कांग्रेस) – 202 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 2: दर्शन बहल (आम आदमी पार्टी) – 275 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 3: रामा रानी (आम आदमी पार्टी) – 220 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 4: हरविंदर कुमार (कांग्रेस) – 192 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 5: मोनिका (आम आदमी पार्टी) – 141 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 6: सोनिका कौंडल (आम आदमी पार्टी) – 129 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 7: मोनिका (आम आदमी पार्टी) – 173 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 8: रछपाल सिंह (आजाद / निर्दलीय) – 115 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 9: परमजीत कौर (आम आदमी पार्टी) – 249 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 10: पंकज … Read more

चुनावी नतीजों के बाद एक्शन मोड में पंजाब सरकार, कल होगी CM मान की अहम बैठक

चंडीगढ़ जाब में निकाय चुनावों के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी, जिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक 30 मई को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री आवास, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे। बैठक को लेकर सभी मंत्रियों को उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, प्रशासनिक मामलों और जनहित से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन चुनावी परिणामों के बाद होने वाली इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिणामों के बाद अहम है बैठक निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद यह बैठक सरकार की आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधारों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी कर सकती है। बैठक के लिए मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी और इसमें मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों की मौजूदगी अपेक्षित है। एजेंडा अभी स्प्ष्ट नहीं किया राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के बाद होने वाली इस पहली कैबिनेट बैठक से सरकार के अगले कदमों और प्राथमिकताओं की दिशा स्पष्ट हो सकती है। हालांकि अभी तक इस बैठक का एजेंडा साफ नहीं किया गा है। अब सभी की नजरें बैठक में लिए जाने वाले संभावित फैसलों पर टिकी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि निकाय चुनावों के नतीजे आने के तुरंत बाद बुलाई गई इस बैठक को सरकार की आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘सिखिया दा महाजश्न’ को लेकर तैयारी पूरी, हर सरकारी स्कूल को मिला प्रचार और वीडियो बनाने का टास्क

चंडीगढ़. पंजाब के सरकारी स्कूलों में 30 मई को आयोजित होने वाले ‘सिखिया दा महाजश्न’ कार्यक्रम को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने इस कार्यक्रम को केवल शैक्षणिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे बड़े स्तर के जनसंपर्क और इंटरनेट मीडिया अभियान के रूप में चलाने की तैयारी की है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को जमीनी स्तर पर विशेष मीडिया असाइनमेंट पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान आयोजित मेगा पीटीएम, पैरेंट वर्कशॉप और ‘सिखिया दा महाजश्न’ समारोह की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रिकॉर्ड और प्रचारित करना अनिवार्य होगा। हर सरकारी स्कूल को 10 उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो रिकॉर्ड करने होंगे, जिनमें अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं शामिल होंगी। इन वीडियो को स्कूलों के इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड करना होगा। वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर निर्देश जारी विभाग ने वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। कैमरे के फ्रेम में केवल अभिभावक दिखाई देने चाहिए। पृष्ठभूमि साफ-सुथरी और बिना भीड़भाड़ वाली होनी चाहिए ताकि पूरा फोकस बोलने वाले व्यक्ति पर रहे। इंटरव्यू लेने वाला शिक्षक या स्टाफ कैमरे के पीछे रहेगा और उसका चेहरा वीडियो में नहीं दिखना चाहिए। विभाग ने यह भी कहा है कि बातचीत केवल औपचारिक न होकर भावनात्मक जुड़ाव वाली होनी चाहिए ताकि अभिभावकों की वास्तविक प्रतिक्रिया सामने आ सके। इसके लिए स्कूलों को दो मुख्य सवाल भी सुझाए गए हैं। पहला, “आप अपने बच्चे के स्कूल के बारे में क्या महसूस करते हैं?” और दूसरा, “आपने यहां सबसे बड़ा बदलाव क्या देखा है?” इंटरनेट पोस्ट के लिए हैश-टैग जारी इसके अलावा स्कूलों को कार्यक्रम स्थल पर 6 फीट ऊंचे और 4 फीट चौड़े सेल्फी स्टैंडी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टैंडियों के साथ अभिभावकों और आगंतुकों की कम से कम 10 हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें लेना भी अनिवार्य किया गया है। विभाग ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट के लिए #PunjabSikhiyaKranti, #Megaptm, #Parentworkshop और #Sikhyadamahajashn हैशटैग का उपयोग अनिवार्य किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि विभाग पूरे अभियान की निगरानी करेगा और यह जांची जाएगी कि सभी स्कूलों ने निर्धारित वीडियो, फोटो और इंटरनेट मीडिया पोस्ट समय पर अपलोड किए या नहीं।

निकाय चुनाव में धांधली का आरोप, पंजाब चुनाव आयोग पहुंचा भाजपा का डेलिगेशन

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में वीरवार को पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर पंजाब में जारी निकाय चुनावों के दौरान कथित बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन-सह-शिकायत पत्र सौंपा। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आए बूथ कैप्चरिंग, मतदाता सूचियों में हेरफेर, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग तथा अन्य चुनावी अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। पार्टी ने राज्य चुनाव आयोग से इन शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों एवं चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। ज्ञापन में उन प्रभावित क्षेत्रों में मतदान रद कर पुनर्मतदान करवाने की भी मांग की गई, जहां गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया को भय, दबाव और सत्ता के दुरुपयोग से मुक्त बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ढिल्लों के साथ प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश विधि प्रकोष्ठ संयोजक एनके वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता रणजीत गिल शामिल थे।

पंजाब में BJP को करारा झटका, दूसरे-तीसरे नंबर की बात दूर, ‘अन्य’ ने भी छोड़ा पीछे

चंडीगढ़  पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. पार्टी को उम्मीद थी कि नया चेहरा संगठन में नई ऊर्जा भरेगा और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा. लेकिन राजनीति में टाइमिंग कभी-कभी सबसे बड़ा संदेश बन जाती है. अध्यक्ष पद संभालने के महज 24 घंटे के भीतर नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने भाजपा की उम्मीदों पर ठंडा पानी डाल दिया. पार्टी सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई. हालत इतनी खराब रही कि भाजपा न सिर्फ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल से पीछे रही, बल्कि ‘अन्य’ उम्मीदवारों से भी पिछड़ गई. यह नतीजा साफ संकेत देता है कि पंजाब में भाजपा अभी भी जमीन तलाश रही है. किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी, स्थानीय नेतृत्व की कमजोरी और क्षेत्रीय राजनीति की समझ की कमी पार्टी को लगातार भारी पड़ रही है. केवल सिंह ढिल्लों के सामने अब सिर्फ संगठन चलाने की नहीं, बल्कि पार्टी को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने की चुनौती भी है।  नगर निकाय चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए सिर्फ हार नहीं, बल्कि चेतावनी की घंटी हैं. पंजाब जैसे राज्य में जहां क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श पर भारी पड़ते हैं, वहां भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार नहीं बना पाई है. आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसका संगठन गांव से शहर तक सक्रिय है. कांग्रेस अपनी पारंपरिक ताकत बचाने में सफल रही और अकाली दल भी भाजपा से आगे निकल गया. ऐसे में भाजपा के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ चेहरा बदलने से हालात बदल जाएंगे? केवल सिंह ढिल्लों को अब बूथ स्तर से लेकर किसान और सिख समुदाय तक भरोसा बहाल करना होगा. वरना 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी और मुश्किल में फंस सकती है।  नया अध्यक्ष और तुरंत झटका: 2027 चुनाव की चुनौती     पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति का मौजूदा मूड साफ कर दिया है. आम आदमी पार्टी ने 630 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा. कांग्रेस 215 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. शिरोमणि अकाली दल को 175 सीटें मिलीं. भाजपा सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने 214 सीटें जीत लीं. यह आंकड़ा भाजपा के लिए सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है. इसका मतलब है कि जनता स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी भाजपा से ज्यादा भरोसा कर रही है.     राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अभी भी पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को पूरी तरह समझ नहीं पाई है. राज्य में किसान आंदोलन का असर खत्म नहीं हुआ है. ग्रामीण इलाकों में भाजपा को लेकर नाराजगी अब भी दिखती है. इसके अलावा भाजपा के पास ऐसा बड़ा स्थानीय चेहरा भी नहीं है जो पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती दे सके. केवल सिंह ढिल्लों के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती होगी।  नया अध्यक्ष, लेकिन पुरानी मुश्किलें बरकरार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी अब पंजाब में नई शुरुआत चाहती है. लेकिन संगठनात्मक बदलाव का असर तुरंत चुनावी नतीजों में नहीं दिखा. ढिल्लों को ऐसे समय कमान मिली है जब पार्टी लगातार कमजोर स्थिति में दिखाई दे रही है. उन्हें कार्यकर्ताओं में भरोसा लौटाने के साथ-साथ सिख समुदाय के बीच भी स्वीकार्यता बढ़ानी होगी।  AAP ने क्यों मारी बाजी? आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क और भगवंत मान सरकार की योजनाओं को बड़ा कारण माना जा रहा है. पार्टी ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखी. मुफ्त बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों ने AAP को फायदा पहुंचाया. यही वजह है कि नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने एकतरफा बढ़त बना ली।  BJP की आगे की राह आसान नहीं भाजपा के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती खुद को चौथे स्थान से ऊपर लाना है. पार्टी को सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति से आगे बढ़कर स्थानीय मुद्दों पर काम करना होगा. किसानों, बेरोजगारी, व्यापार और नशे जैसे मुद्दों पर ठोस रणनीति बनानी पड़ेगी. अगर भाजपा आने वाले समय में अकाली दल के साथ तालमेल बनाती है तो उसे कुछ फायदा मिल सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति मुश्किल दिखाई दे रही है।  केवल सिंह ढिल्लों के अध्यक्ष बनने के बावजूद BJP को इतना बड़ा झटका क्यों लगा? संगठन में बदलाव चुनावी सफलता की गारंटी नहीं होता. पंजाब में भाजपा की सबसे बड़ी समस्या कमजोर जनाधार और स्थानीय मुद्दों से दूरी है. किसान आंदोलन के बाद पार्टी की छवि प्रभावित हुई. केवल सिंह ढिल्लों को संगठन संभालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला. ऐसे में चुनावी नतीजों पर तत्काल असर दिखना मुश्किल था।  क्या ये नतीजे 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत हैं? नगर निकाय चुनाव को पूरी तरह विधानसभा चुनाव का ट्रेलर नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह राजनीतिक माहौल जरूर दिखाता है. AAP की मजबूत स्थिति और भाजपा की कमजोरी साफ दिखाई दे रही है. अगर भाजपा अगले दो साल में संगठन और जनाधार मजबूत नहीं करती तो 2027 में भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  पंजाब में BJP अपनी स्थिति कैसे सुधार सकती है? भाजपा को पंजाब में स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करना होगा. किसान, युवा और व्यापारियों से जुड़ाव बढ़ाना जरूरी है. पार्टी को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय राज्य के खास मुद्दों पर फोकस करना होगा. सिख समुदाय के साथ संवाद बढ़ाना और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करना भी बेहद अहम होगा। 

कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, मुक्तसर में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का दावा

गिद्दड़बाहा. निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन जिन मतदाताओं ने अंगूठे का निशान लगाकर मतदान किया था, उनकी एक भी वोट मतगणना में दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि ऐसे मतों के गायब होने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना के दौरान ऐसे मतपत्रों को भी शामिल किया गया जिन पर न तो किसी अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही आवश्यक क्रम संख्या अंकित थी। पार्टी का दावा है कि जाली हस्ताक्षरों वाले मतपत्रों की गिनती कर चुनावी धांधली को अंजाम दिया गया है। मतगणना केंद्र के बाहर बैठे कांग्रेसी इन आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित वार्डों की दोबारा मतगणना कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्मतगणना नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर मौजूद नेताओं ने कहा कि बिना हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाले मतपत्रों को वैध मानकर गिनना चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। वीडियोग्राफी की समीक्षा की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कथित रूप से गायब मतों की जांच कराई जाए और पूरे मामले की वीडियोग्राफी की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि यह आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

विरोधियों की साजिश नाकाम! हमले के बावजूद चुनाव जीते जगदेव जग्गा

लुधियाना. निकाय चुनाव के नतीजों में रायकोट का वार्ड नंबर चार पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बना रहा। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर हुए कातिलाना हमले के कारण यह वार्ड लगातार सुर्खियों में था। अब मतगणना पूरी होने के बाद जनता ने अपने मतदान के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है। वार्ड नंबर चार से जगदेव सिंह जग्गा ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। मतगणना के अनुसार जगदेव सिंह जग्गा को कुल 825 मत प्राप्त हुए। वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 374 मत मिले। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार को केवल 19 मतों से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 14 मत अमान्य घोषित किए गए। चुनाव परिणाम सामने आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जीत की घोषणा होते ही क्षेत्र में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर लोगों ने ढोल की थाप पर जश्न भी मनाया। चुनाव के दिन हुआ था हमला गौरतलब है कि चुनाव के दिन जगदेव सिंह जग्गा पर कातिलाना हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था और वार्ड नंबर चार राज्यभर में चर्चा का केंद्र बन गया था। जगदेव को मिला लोगों का समर्थन स्थानीय लोगों का कहना है कि हमले की घटना के बाद क्षेत्र में जगदेव सिंह जग्गा के प्रति सहानुभूति की लहर देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला माना और मतदान के दिन बड़ी संख्या में घरों से निकलकर वोट डाले। राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि इस घटना का असर चुनावी नतीजों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वार्ड नंबर चार में मिली इस बड़ी जीत को केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। परिणामों ने यह भी दिखाया कि क्षेत्र के मतदाताओं ने वोट के माध्यम से मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है।

गर्मी से राहत लेकिन खतरा भी! पंजाब-चंडीगढ़ में आज आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से लोगों को आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कहा है कि पंजाब में 80 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान, ओले और भारी बारिश होगी।  इससे पहले गुरुवार को बठिंडा में कोर्ट में पेशी पर आए एक युवक की लू लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग अलग-अलग जगहों पर बेहोश होकर गिर पड़े।  मृतक की पहचान वरिंदर सिंह (24) निवासी गांव महिमा सरजा के रूप में हुई है। वह कोर्ट में पेशी पर आया था। वहीं माल रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अधिक कैप्सूल खाने के बाद गर्मी से बेहोश हो गया, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी दो यात्री चक्कर खाकर गिर पड़े। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आएगा, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक शनिवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी।  फरीदकोट 45.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बठिंडा में 45.0, फाजिल्का में 43.0 और फिरोजपुर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन रेड अलर्ट के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।  मौसम विभाग ने ओलावृष्टि से फसलों, वाहनों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जबकि आम लोगों से कहा गया है कि वे पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि होने पर सिर की रक्षा करें। चंडीगढ़ में भी अलर्ट भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे ट्राइसिटी के लोगों को अगले 48 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 और 30 मई को तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 29 मई को आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 मई को मौसम और सुहावना हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई और 1 जून को भी राहत बनी रहेगी। इन दिनों अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि 2 जून से मौसम साफ होने के साथ तापमान दोबारा बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इधर, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी दिखाई देने लगा है। लंबे समय बाद चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के अनुसार वीरवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। मई माह में पहली बार एक्यूआई 100 के पार पहुंचा है। शहर के सेक्टर-22 में सबसे अधिक 154 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-25 में यह 108 रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के साथ वातावरण में धूल के महीन कण फैलने से प्रदूषण स्तर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलने और मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से कूड़ा और सूखी पत्तियां न जलाने की अपील की है ताकि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। मौसम विभाग का कहना है कि यदि धूल भरी हवाओं का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

Punjab Nikay Chunav Result: नगर निकाय चुनाव में AAP आगे, कांग्रेस और अकाली दल की बढ़ी चिंता

चंडीगढ़  पंजाब निकाय चुनाव 2026 के लिए डाले गए वोटों की गिनती जारी है। अभी तक के रुझानों में आम आदमी पार्टी सभी दलों पर भारी पड़ती दिख रही है। हालांकि अभी रुझान हैं। स्पष्ट परिणाम दोपहर 12 बजे तक आने की संभावना है। बता दें कि 26 मई को राज्य के 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने हिस्सा लेकर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद कर दिया था। मतगणना के लिए राज्यभर में कुल 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। काउंटिंग सेंटरों के बाहर पुलिस बल तैनात है। पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर देखे जा सकेंगे। इसके अलावा विभिन्न समाचार वेबसाइटों और टीवी चैनलों पर भी लाइव अपडेट उपलब्ध रहेंगे। इन चुनावों को वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर आज आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है। अभी तक के रुझान | राजनीतिक पार्टी | सीटों की संख्या | | आम आदमी पार्टी (आप) | 150 | | शिरोमणि अकाली दल | 38 | | कांग्रेस | 39 | | निर्दलीय | 36 | | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 4 | लुधियाना निकाय चुनावों में ‘आप’ आगे लुधियाना जिले में नगर निकाय चुनावों की मतगणना के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) कई क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है। दोराहा में सभी 15 वार्डों पर चुनाव हुआ, लेकिन अभी किसी पार्टी को विजेता घोषित नहीं किया गया है। जगराओं के सभी 23 वार्डों में मुकाबला हुआ, जहां ‘आप’ तीन वार्डों में आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस एक और निर्दलीय उम्मीदवार एक वार्ड में बढ़त बनाए हुए हैं। खन्ना में कुल 33 वार्ड हैं। इनमें एक सीट निर्विरोध रही, जहां ‘आप’ को विजेता घोषित किया गया। बाकी 32 वार्डों में ‘आप’ 10 सीटों पर और कांग्रेस तीन सीटों पर आगे है। पायल में सभी 11 वार्डों पर चुनाव हुआ। यहां ‘आप’ एक वार्ड, कांग्रेस दो वार्ड, निर्दलीय एक वार्ड और शिरोमणि अकाली दल (SAD) एक वार्ड में बढ़त बनाए हुए हैं। रायकोट के 15 वार्डों में भी मुकाबला हुआ, जहां ‘आप’ एक वार्ड और कांग्रेस चार वार्डों में आगे चल रही है। समराला में 15 वार्डों में से तीन सीटें निर्विरोध रहीं, जहां ‘आप’ को विजेता घोषित किया गया। बाकी 12 वार्डों में ‘आप’ तीन, भाजपा एक, कांग्रेस एक और शिरोमणि अकाली दल पांच वार्डों में आगे है। जिला स्तर पर कुल 112 वार्डों में से चार निर्विरोध रहे, जबकि 108 वार्डों पर मुकाबला हुआ। इनमें ‘आप’ 18 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। भाजपा एक, कांग्रेस 11, निर्दलीय दो और शिरोमणि अकाली दल छह वार्डों में आगे चल रहे हैं।  रामदास में ‘आप’ की एकतरफा जीत, भुच्चो मंडी और कोठा गुरु के नतीजे घोषित पंजाब में नगर परिषद चुनावों के नतीजे लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन किया है। अजनाला हलके के कस्बा रामदास नगर परिषद की कुल 11 वार्डों में से 10 पर ‘आप’ उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि वार्ड नंबर 8 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार विजयी रहे। इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा अपना खाता खोलने में नाकाम रहीं। भुच्चो मंडी के नतीजों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 से ‘आप’ के प्रिंसी गोलण, वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के नरदीप गर्ग और वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय उम्मीदवार अंजली गर्ग विजयी रहीं। कोठा गुरु में वार्ड नंबर 1 से सुखजीत कौर (आप), वार्ड नंबर 2 से बूटा सिंह (आप) और वार्ड नंबर 3 से बलविंदर कौर (शिरोमणि अकाली दल) ने जीत हासिल की। इसके अलावा धूरी के अन्य वार्डों में वार्ड नंबर 13 से ‘आप’ की आशा लद्दड़ और वार्ड नंबर 7 से भी ‘आप’ उम्मीदवार विजयी रहे हैं।  बटाला, लहरा मुहब्बत, कोट ईसे खां और फाजिल्का के नए पार्षदों का ऐलान पंजाब में हुए नगर निगम और नगर परिषद चुनावों के नतीजों का सिलसिला जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार: बटाला: नगर निगम के वार्ड नंबर 5 से आम आदमी पार्टी के भूपिंदर सिंह बाजवा विजयी रहे हैं। लहरा मुहब्बत: यहां हुई मतगणना में वार्ड नंबर 1 से जसवीर कौर (निर्दलीय), वार्ड 2 से गुरतेज सिंह (शिरोमणि अकाली दल), वार्ड 3 से राजप्रीत कौर (निर्दलीय), वार्ड 4 से मोहन लाल (निर्दलीय), वार्ड 5 से गुरमीत कौर (शिरोमणि अकाली दल) और वार्ड 6 से मेवा सिंह (शिरोमणि अकाली दल) विजयी रहे। कोट ईसे खां: वार्ड नंबर 6 से निर्दलीय उम्मीदवार अरुण सीकरी ने जीत हासिल की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार बिट्टू मल्होत्रा को 116 वोटों के अंतर से हराया। फाजिल्का: नगर परिषद के घोषित 6 वार्डों के नतीजों में कांग्रेस ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी और भाजपा को 1-1 सीट मिली है।  पंजाब नगर परिषद चुनाव: रामदास, भुच्चो मंडी और कोठा गुरु में AAP की भारी जीत पंजाब में नगर परिषद चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अजनाला कस्बे के रामदास नगर परिषद के कुल 11 वार्डों में से 10 वार्डों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, जबकि वार्ड नंबर 8 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार विजयी रहे। भुचो मंडी के नतीजों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 से 'आप' के प्रिंस गोलन, वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के नरदीप गर्ग और वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय उम्मीदवार अंजली गर्ग विजयी हुए हैं। कोठा गुरु के विजेताओं में वार्ड नंबर 1 से सुखजीत कौर ('आप'), वार्ड 2 से बूटा सिंह ('आप') और वार्ड 3 से बलविंदर कौर (शिरोमणि अकाली दल) शामिल हैं। इसके अलावा, धुरी के अन्य वार्डों में, वार्ड 13 से 'आप' की आशा लद्दर और वार्ड नंबर 7 से 'आप' के उम्मीदवार विजयी हुए हैं।  मलेरकोटला में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना मलेरकोटला की तीन नगर निकायों के 61 वार्डों की मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। प्रशासन ने दावा किया है … Read more