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‘काश मेरे पास असुरक्षा का एंटीडोट होता’… पंजाब कांग्रेस में मनीष तिवारी की पोस्ट से मचा सियासी बवाल

चंडीगढ़  पंजाब चुनाव को लेकर कांग्रेस की नई टीम में जगह नहीं मिलने से सांसद मनीष तिवारी नाराज हैं. नाराजगी जाहिर करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि काश उन्‍हें लोगों की असुरक्षा दूर करने का हुनर आता. दरअसल, करीब महीने भर के सस्पेंस को खत्म करते हुए कांग्रेस पार्टी ने  ऐलान किया कि पंजाब प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा. इसके साथ कांग्रेस ने पंजाब में तीन कार्यकारी अध्यक्षों और कई चुनाव समितियों का ऐलान किया. इनमें मनीष तिवारी का नाम नदारद है।  पंजाब चुनाव कांग्रेस की नई टीम में मनीष तिवारी का नाम नहीं  चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी पहले लुधियाना और आनंदपुर साहिब सीट से भी सांसद रह चुके हैं. ऐसे में पंजाब में उनकी अच्‍छी पकड़ है, लेकिन इसके बावजूद मनीष तिवारी का नाम पंजाब चुनाव के लिए बनी किसी भी समिति में शामिल नहीं किया गया है. ये दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी उन्‍हें कोई बड़ी जिम्‍मेदारी पंजाब में नहीं देना चाहती है।  पंजाब से जुड़े कांग्रेस के फैसलों में उपेक्षा से नाराज मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पोस्‍ट में लिखा, 'हुनर होना अपने आप में बड़ा अवगुण है. काश मेरे पास लोगों की असुरक्षा को खत्म करने का कोई तरीका होता! लेकिन फिर भी, कांग्रेस पार्टी ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने दशकों से अपना पूरा जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है.' जो होगा सो होगा. कांग्रेस सांसद ने एक्स पर क्या लिखा? दरअसल, कांग्रेस सांसद 'पंजाब के लिए कांग्रेस द्वारा नए कार्यकारी अध्यक्षों और चुनाव आयोगों की नियुक्ति के बाद मनीष तिवारी हाशिए पर चले गए' इस शीर्षक वाले एक अखबार के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक्स पोस्ट पर लिखा,'काश मेरे पास व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई इलाज होता! फिर भी, कांग्रेस ने पिछले 45 वर्षों में मुझे बहुत कुछ दिया है और मैंने दशकों से अपना पूरा जीवन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है। जो होगा सो होगा।   क्या है पूरा मामला? यह टिप्पणी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा बुधवार को आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा के बाद आई है, जिसमें कई चुनाव संबंधी समितियों के अध्यक्षों और सह-अध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। वहीं,  चंडीगढ़ से तीन बार के लोकसभा सदस्य और पंजाब में पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी को कोई संगठनात्मक भूमिका नहीं सौंपी गई है। बता दें कि मनीष तिवारी वर्तमान में चंडीगढ़ से सांसद हैं। वे 2019 में पंजाब के आनंदपुर साहिब से सांसद थे और लुधियाना से भी सांसद रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले से चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई और नेता भी नाराज हैं. पंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस की टीम में कौन-कौन? कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले अपनी प्रदेश इकाई के नेतृत्व में बदलाव से जुड़ी अटकलों पर विराम लगाते हुए बुधवार को कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा अपने पदों पर बने रहेंगे. इसके साथ ही, पार्टी ने अपने दलित चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख नियुक्त किया. पार्टी ने लोकसभा सदस्य सुखजिंदर रंधावा को कोर कमेटी, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंघला को चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति और सांसद अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया है। 

Punjab Cabinet Decision: वोटर लिस्ट अपडेट कराने वालों को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मुफ्त मिलेंगे जरूरी दस्तावेज

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया के दौरान लोगों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है। राज्य सरकार द्वारा एसआइआर के लिए अनिवार्य दस्तावेजों के लिए एक जुलाई से 30 सितंबर के समय के दौरान कोई भी फीस नहीं वसूलने का निर्णय किया है। यह मंजूरी बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दी गई है। इस संबंध में तुरंत सभी सेवा केंद्रों व अन्य पब्लिक डीलिंग विभागों को सूचित किया जाएगा। कैबिनेट ने न केवल एसआइआर की प्रक्रिया के दौरान इन जरूरी दस्तावेजों को बनवाने की फीस माफ की है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि संबंधित दस्तावेज के लिए लोगों द्वारा अप्लाई करने के बाद की प्रक्रिया को तेजी से निपटाया जाए ताकि आवेदन करने वाले व्यक्ति को समय रहते ही संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हो सकें। सरकार की मंशा स्पष्ट की गई है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम एसआइआर में केवल इस वजह से नहीं छूटना चाहिए कि उसे जरूरत के मुताबिक व समय रहते सरकारी दस्तावेज हासिल नहीं हुआ। ध्यान रहे कि एसआइआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल रखने के लिए 2003 की मतदाता सूची में दर्ज जानकारी के साथ-साथ कुछ ऐसे दस्तावेज हैं, जिन्हें सहयोगी दस्तावेज के तौर पर अंकित किया गया है। इनमें जन्म प्रमाणपत्र, पेंशन कार्ड, स्थायी निवासी प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र सरीखे 12 दस्तावेज हैं। हालांकि यह सभी मतदाताओं के लिए अनिवार्य नहीं होंगे, लेकिन पंजाब सरकार का मानना है कि जिन भी मतदाताओं को इनकी जरूरत होगी, उन्हें यह दस्तावेज हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लैंड पुलिस में भी किया आंशिक परिवर्तन कैबिनेट ने आवास एवं शहरी विकास विभाग की लैंड पूलिंग पालिसी में भी थोड़ा बदलाव करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत भूमि अधिग्रहण होने पर भूमि मालिक को मिलने वाली रिहायशी व कमर्शियल जमीन को थोड़ा बढ़ाया गया है। पहले भूमि मालिक को एक एकड़ जमीन अधिग्रहण होने पर एक हजार गज रिहायशी और 200 गज कमर्शियल जमीन देने का प्रविधान था, जिसे अब बढाकर एक हजार गज रिहायशी और 210 गज कमर्शियल जमीन दी जाएगी। ठीक ऐसे ही यदि सिर्फ रिहायशी जमीन लेने की आप्शन चुनी जाती है तो पहले के प्रविधान के मुताबिक 1,600 वर्ग गज के बजाये अब 1,630 वर्ग गज जमीन दी जाएगी। इसके अलावा आवास एवं शहरी विकास विभाग के द्वारा अवैध कालोनियों के निवासियों को एनओसी. जारी करने संबंधी प्रक्रिया में बदलाव व वेबसाइट पर जानकारी मुहैया कराने को भी मंजूरी दी गई है।  

USA Birthright Citizenship: ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अमेरिका में जन्मे पंजाबी बच्चों की नागरिकता बरकरार

जालंधर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को रद्द कर जन्मजात नागरिकता को बहाल कर दिया है। इससे अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है।  रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं, न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता पिता को बड़ी राहत है जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उनको स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।  पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।  हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है। अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं। न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता-पिता को बड़ी राहत है, जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उन्हें स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे, लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और फ्यूचर की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। 150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक आर्डर से खत्म कर दिया था।  सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे यूएसए के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं, इसलिए उन्हें जन्म सिद्ध नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।  150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक ऑर्डर से खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे … Read more

Punjab Scheme: मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत, महिलाओं को मिली सम्मान राशि; ₹1100 करोड़ जारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजीकरण करा चुकी करीब 50 लाख महिलाओं के बैंक खातों में आज से पहली किस्त आ गई। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धुरी में मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री ने योजना का वेब लिंक लॉन्च कर इसका औपचारिक शुभारंभ किया। महिलाओं के खातों में 1100 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। योजना के तहत बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा। तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लाभार्थियों के मोबाइल पर बैंक की ओर से राशि जमा होने का संदेश आया और तीन महीनों की राशि एक साथ सीधे खातों में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री का दावा है कि राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन महीने के 3000 रुपये दिए जाएंगे। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खातों में 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 4500 रुपये ट्रांसफर होंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली पात्र महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।  सरकार के अनुसार योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को मिलेगा जो पंजाब की स्थायी निवासी और पंजीकृत मतदाता हैं। लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। कई जिलों में अभी भी बैंक खाते खुलवाने और आधार लिंक कराने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से जल्द रजिस्ट्रेशन और बैंक संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी, सरकारी पेंशनभोगी और आयकरदाता परिवारों की महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। 

Punjab Weather Update: 18 जिलों में बारिश की चेतावनी, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; लुधियाना मेयर ने देर रात संभाला मोर्चा

लुधियाना /चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। कई जिलों में भारी बारिश हुई। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। मानसून के असर से गुरुवार को पंजाब के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। जबकि 14 जिलों के लिए तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट है। इनमें से 5 जिलों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है। लुधियाना में मानसून ने बुधवार रात 1 बजे दस्तक दी। इसके साथ ही तेज बारिश हुई। इसी बीच शहर की मेयर इंद्रजीत कौर रात 2 बजे वाटर लॉगिंग का जायज लेने निकलीं। उन्होंने दो पंपिंग स्टेशन और जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी है कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं, ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो। बुधवार को अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक था। सबसे अधिक तापमान 41.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया है। जबकि, चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश-मेयर रात 2 बजे पंपिंग स्टेशन पहुंची लुधियाना शहर में मानसून ने रात करीब एक बजे दस्तक की। एक बजे से पूरे शहर में झमाझम बारिश शुरु हुई तो शहर में वाटर लॉगिंग का खतरा मंडराने लगा। उधर, मेयर इंद्रजीत कौर ने मानसून की दस्तक के एक घंटे बाद यानि मिड नाइट 2 बजे पंपिंग स्टेशन पर रेड की। मेयर रात को पहले टिब्बा रोड स्थित पंपिंग स्टेशन पर पहुंची। जब मेयर वहां पहुंची तो वहां स्टाफ मौजूद था और पंपिंग स्टेशन वर्किंग था। मेयर ने उसके बाद जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। मेयर फिर वहां से माधोपुरी के पास बने पंपिंग स्टेशन का जायजा लेने पहुंची। वहां भी पंपिंग स्टेशन वर्किंग कंडीशन में था। मेयर ने ताजपुर रोड पर एसटीपी की भी जांच की। मेयर ने पंपिंग स्टेशन के कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो। आधी रात में मेयर को देख घबराए कर्मचारी मेयर आधी रात में जब पंपिंग स्टेशन पर पहुंची तो नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारी घबरा गए। मेयर ने जाते ही पंपिंग स्टेशन चेक किया और कर्मचारियों से जानकारी ली। कर्मचारियों ने मेयर को बताया कि पंपिंग स्टेशन लगातार चल रहा है और सीवरेज के पानी को यहां से एसटीपी तक पंपिंग सेट के जरिए ही पहुंचाया जा रहा है। हर पंपिंग स्टेशन पर जनरेटर की व्यवस्था है। बिजली बंद हो जाती है तो जनरेटर के जरिए पंपिंग सेट चलाए जाते हैं। वाटर लॉगिंग से बचना है तो फील्ड में उतरना होगा मेयर इंद्रजीत कौर ने आधी रात को बरसात में फील्ड में उतरकर अफसरों को भी साफ संदेश दे दिया है कि मानसून सीजन में सिर्फ दफ्तरों में बैठकर आदेश जारी करने से शहर को वाटर लॉगिंग से नहीं बचाया जा सकेगा। इसके लिए फील्ड में उतरना होगा। मेयर ने अफसरों को कहा है कि बारिश शुरू होते ही सभी अलर्ट मोड पर रहें ताकि पानी की निकासी के लिए जो संसाधन हैं उनको यूटेलाइज किया जा सके। 25 साल में मानसून 2008 में जल्दी आया साल 2026 में मानसून ने 1 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़, दोनों में दस्तक दी। यह पिछले साल के मुकाबले पंजाब में 9 दिन और चंडीगढ़ में 7 दिन देरी से पहुंचा। पिछले 25 वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, पंजाब में सबसे जल्दी मानसून 13 जून 2008 को पहुंचा था। जबकि सबसे ज्यादा देरी 2002 में हुई, जब पूरे राज्य में मानसून 15 अगस्त तक फैल पाया। आमतौर पर 2001 से 2026 के बीच मानसून ने पंजाब में जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच दस्तक दी है। हालांकि, 2020 और 2025 में मानसून जून में ही पूरे पंजाब और चंडीगढ़ को कवर कर चुका था। जबकि, 2021 और 2023 में पूरे पंजाब तक पहुंचने में करीब 1 महीना लग गया। कई बार चंडीगढ़ में मानसून पहले पूरी तरह पहुंच गया। जबकि, पंजाब के बाकी हिस्सों में कुछ दिन बाद फैला। वहीं, मानसून की विदाई ज्यादातर सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में हुई, जिससे राज्य में इसका असर करीब 3 महीने तक बना रहा।

बिजली संकट से निपटने के लिए PSPCL का बड़ा कदम, पंजाब में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन शुरू

चंडीगढ़. पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने भीषण गर्मी और धान की रोपाई के सीजन को देखते हुए बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए राज्यभर में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम से 24 घंटे बिजली आपूर्ति पर नजर रखी जाएगी, ताकि कटौती की समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पावरकॉम ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 भी जारी किया है। उपभोक्ता बिजली सप्लाई ठप होने, बिल से जुड़ी परेशानी या अन्य शिकायतें इस नंबर पर दर्ज करवा सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए PSPCL कंज्यूमर सर्विस मोबाइल ऐप के जरिए भी शिकायत और फीडबैक दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। बिजली विभाग के अनुसार, सभी जोनल स्तरों पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि पटियाला स्थित मुख्य कार्यालय में भी एक विशेष कंट्रोल रूम काम कर रहा है। यहां से फील्ड स्टाफ और तकनीकी टीमों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तुरंत समाधान किया जा सके। गौरतलब है कि पंजाब में इन दिनों बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। भीषण गर्मी और धान की फसल के लिए लगातार सिंचाई की जरूरत के कारण बिजली खपत तेजी से बढ़ी है। ऐसे में पावरकॉम पर निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को पंजाब में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया। दोपहर करीब 12 बजे राज्य में अधिकतम मांग 16,130 मेगावाट तक पहुंच गई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक मांग है।  

हजूर साहिब कानून पर फिलहाल रोक, तरुण चुघ बोले- महाराष्ट्र सरकार का फैसला सराहनीय

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने तख्त श्री हजूर साहिब से संबंधित प्रस्तावित कानून को महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थगित किए जाने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया। चुघ ने कहा कि नानक नाम लेवा संगतों और विभिन्न सिख संगठनों की भावना थी कि इस विषय पर सभी पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए। महाराष्ट्र सरकार ने संगतों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून को स्थगित कर लोकतांत्रिक संवेदनशीलता का परिचय दिया है। चुघ ने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े प्रत्येक निर्णय में सिख समाज की भावनाओं तथा परंपराओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद और सहमति के माध्यम से ऐसा समाधान निकलेगा जो संगतों की अपेक्षाओं के अनुरूप होगा। इसी दौरान राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के उपरांत दिल्ली में आयोजित 'पंजाबी गौरव अभिनंदन समारोह' में राजधानी दिल्ली के 109 पंजाबी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों ने तरुण चुघ तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा का भव्य नागरिक अभिनंदन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोनों नेताओं को पंजाबी समाज की ओर से 'पंजाबी गौरव' अलंकरण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए चुघ ने कहा कि "पंजाबी कोई कौम नहीं बल्कि एक विचार है, जो हर परिस्थिति में सेवा और सहायता के लिए तैयार रहता है।" उन्होंने कहा कि पंजाबियों का संघर्ष और बलिदान का इतिहास हजार वर्षों से अधिक पुराना है तथा पंजाबी वही है जो संकट और संघर्ष के समय सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पंजाब केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं बल्कि जिंदादिली, साहस, राष्ट्रभक्ति और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की पहचान है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पंजाबी पहचान को धर्म या जाति तक सीमित न करें, क्योंकि पंजाबी एक जीवंत सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

पंजाब में ई-ऑफिस सिस्टम लागू, सिविल सर्जन कार्यालयों में अब ऑनलाइन होगी फाइलों की प्रक्रिया

चंडीगढ़. पंजाब के सेहत और परिवार कल्याण विभाग ने दफ्तरी काम में पारदर्शिता लाने और झंझट खत्म करने के लिए एक अहम फैसला लिया है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज द्वारा जारी आदेशों के अनुसार एक जुलाई से सभी सिविल सर्जन दफ्तरों का सारा ऑफिशियल काम अब ई-ऑफिस पोर्टल के जरिए किया जाएगा। इस नए ऑनलाइन सिस्टम के तहत पहले पड़ाव में छुट्टियों, शिकायतों और कोर्ट केस से जुड़ी फाइलें सिविल सर्जन ऑफिस से सीधे डायरेक्टर ऑफिस में ई-ऑफिस के जरिए भेजी जाएंगी। इसके बाद अगले पड़ाव में प्रमोशन, NOC, M.A.C.P., फाइनेंशियल मामले और दूसरी जरूरी एडमिनिस्ट्रेटिव फाइलों का भी निपटारा इसी प्रणाली के जरिए होगा। जिला स्तर पर इस सिस्टम को सही तरीके से लागू करने के लिए सभी सिविल सर्जन को अपने-अपने ऑफिस से कंप्यूटर की तकनीकी जानकारी रखने वाले एक अधिकारी या कर्मचारी को मास्टर ट्रेनर के तौर पर नामजद करने की हिदायतें दी गई है जो बाकी स्टाफ को ट्रेनिंग देगा। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (P.CM.S.A.) ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि यह बड़ा प्रशासनिक सुधार है जिससे डॉक्टरों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इससे ऑफिस में होने वाली फालतू की देरी खत्म होगी और मेडिकल ऑफिसर्स को अपना काम करने में होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा, जिससे पूरे सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी पक्की होगी। 

पंजाब के टीचर्स के लिए बड़ी खबर, राज्य सम्मान के लिए 10 जुलाई तक करें अप्लाई

चंडीगढ़. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 'नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026' के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पुरस्कार देश में शिक्षकों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने स्कूल शिक्षा के माध्यम से देश के भविष्य को दिशा देने में अटूट समर्पण का प्रदर्शन किया है। पंजाब के इच्छुक शिक्षक इस पुरस्कार के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इस पुरस्कार के लिए सभी नियमित शिक्षक, स्कूल प्रमुख और प्रभारी आवेदन करने के पात्र हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद जिला चयन समिति उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करेगी। फिर राज्य चयन समिति शॉर्टलिस्ट किए गए योग्य शिक्षकों की दोबारा जांच करेगी और 31 जुलाई तक स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी को राज्य की ओर से 6 नामांकन भेजेगी। इसके बाद राष्ट्रीय ज्यूरी राज्य से भेजे गए उम्मीदवारों में से अंतिम विजेताओं का चयन करेगी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी के समक्ष अपने कार्य, उपलब्धियों और शिक्षण के नवाचारी तरीकों की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रस्तुति में यह बताया जाएगा कि उन्होंने विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने और छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने में क्या योगदान दिया है। अंत में व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षक का चयन 'नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स 2026' के लिए किया जाएगा।

500 वाहनों पर ट्रांसपोर्ट विभाग की कार्रवाई, अमृतसर के ट्रांसपोर्टरों में मचा हाहाकार

अमृतसर. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए सैक्रेटरी आर.टी.ए. दफ्तर की तरफ से जिले के 500 से ज्यादा वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है जिससे ट्रांसपोर्टरों में हाहाकार मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से सख्त आदेश दिए गए हैं कि जो ट्रांसपोर्टर विभाग की तरफ से लगाए गए जुर्माने व टैक्स को समय पर अदा नहीं करते हैं उनको ब्लैकलिस्ट किया जाए जिसके बाद सैक्रेटरी आर.टी.ए. की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई न सिर्फ जिला अमृतसर बल्कि अन्य जिलों में भी की गई है ताकि सरकारी रैवेन्यू को नुकसान से बचाया जा सके। 90 दिन बाद वाहन ब्लैकलिस्ट  अधिकारियों ने बताया कि जब किसी वाहन का चालान किया जाता है और वाहन का मालिक यदि 90 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरता है और 90 दिन पार हो जाते हैं तो संबंधित वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद जब तक जुर्माना अदा करके विभाग की तरफ से एन.ओ.सी. नहीं दी जाती तब तक संबंधित वाहन को किसी भी प्रकार का परमिट, आर.सी., रिन्यू आदि किसी भी प्रकार की सेवा नहीं दी जाती है। ट्रांसपोर्टर ने किया हंगामा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को भारी भरकम जुर्माने किए जा रहे हैं जिसके रोष स्वरूप एक ट्रांसपोर्टर बख्शीश सिंह की तरफ से आर.टी.ए. दफ्तर पर आकर हंगामा किया गया। ट्रांसपोर्टर का आरोप था कि उसके वाहन को विभाग की तरफ से ब्लैकलिस्ट किया गया है जबकि उसने सभी जुर्माने अदा कर रखे हैं। दूसरी तरफ सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेश्वर गुप्ता ने बताया कि संबंधित ट्रांसपोर्टर के गुजरात में चालान हुए हैं जिसके चलते ट्रासंपोर्टर के वाहन को ब्लैकलिस्ट वाली लिस्ट से रिमूव नहीं किया जा सकता है। गुप्ता ने कहा कि जिस वाहन का तय समय अवधि में जुर्माना अदा कर दिया जाता है उसको ब्लैकलिस्ट वाले पोर्टल से रिमूव कर दिया जाता है। वीडियो कोच बसों व स्कूल वैन्स पर पैनी नजर ट्रांसपोर्ट विभाग की अमृतसर से दिल्ली, अमृतसर से जम्मू-कटड़ा, अमृतसर से राजस्थान व अन्य रूटों पर चलने वाली वीडियो कोच बसों पर भी पैनी नजर है। सैक्रेटरी आर.टी.ए. सहित ए.डी.टी.ओ. व अन्य अधिकारियों की तरफ से नाकाबंदी करके वीडियो कोच बसों की चैकिंग की जा रही है और चोर रास्तों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। जो बसें अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड हैं उनके परमिट भी चैक किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ से स्कूलों में जून महीनों की हुई छुटि्टयों के दौरान विभाग की तरफ से स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए थे कि सेफ स्कूल वैन पॉलिसी के नियमानुसार स्कूल वैन्स व बसों को तैयार किया जाए जिसके तहत आने वाले दिनों में स्कूल वैन्स की चैकिंग अभियान शुरू किया जाएगा और उन स्कूल वैन्स को बंद किया जाएगा जो सेफ स्कूल वैन्स के नियमों का पालन नहीं करती हैं। ई-सेवा पोर्टल भी खराब  पिछले एक सप्ताह से जिला प्रबंधकीय दफ्तर स्थित सदर सेवा केन्द्र व अन्य सेवा केन्द्रों में ई-सेवा पोर्टल खराब चल रहा है और सर्वर डाऊन होने के कारण ट्रांसपोर्ट विभाग सहित अन्य सभी विभागों के काम नहीं हो रहे हैं। पता चला है कि सरकार की तरफ से एक नया पोर्टल भी लांच किया जा रहा है। फिलहाल लोगों को इन दिनों काफी परेशानी हो रही है। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जुर्मानों से बचें ट्रांसपोर्टर  जिला अमृतसर के सैक्रेटरी आर.टी.ए. हितेश्वर गुप्ता ने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं और जुर्मानों से बचें। जिन वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है उसका जुर्माना अदा होने के बाद ही विभागीय सुविधाएं मिलेंगी।