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भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमेट्रिक और आरएफआईडी तकनीक का पहरा, डीसी ने किया निरीक्षण

धनबाद राज्य सरकार के निर्देश से धनबाद जिला प्रशासन द्वारा होमगार्ड भर्ती के लिए आयोजित की जा रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ तीसरे दिन भी संचालित की जा रही है. चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी की जा रही है. कड़ी निगरानी में चल रही चयन प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन समेत जिला के अन्य वरीय पदाधिकारी बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं. उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर अंदर न जाए. इसका विशेष रूप से ध्यान दें. सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से रखी जा रही नजर परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है. साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की भी वीडियोग्राफी कराई जा रही है जिससे कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. योमेट्रिक सत्यापन अभ्यर्थियों के एंट्री के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. FID तकनीकी का इस्तेमाल दौड़ का समय सटीक रूप से मापने के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नतीजा पूरी तरह सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे. रिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी परीक्षा स्थल पर जिला समादेष्टा (District Commandant) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम लगातार मौजूद है, जो पूरी प्रक्रिया का औचक निरीक्षण कर रही है. अधिकारियों का संदेश उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि चयन केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होगा. उन्होंने अभ्यर्थियों को सचेत किया है कि वे किसी भी बिचौलिए या ठग के झांसे में न आएं. किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत इसकी सूचना केंद्र पर तैनात पुलिस बल या हेल्पडेस्क या कंट्रोल रूम को दें. किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट (NIC) पर प्रदर्शित की जाएगी.

एक्शन के बाद नई व्यवस्था: धनबाद में होमगार्ड भर्ती टेस्ट में गैजेट्स ले जाना मना

धनबाद. होमगार्ड बहाली को लेकर शहर के मेमको मोड़ स्थित मेगा स्पोर्ट्स कंप्लेक्स में शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों के नहीं होने पर उपायुक्त आदित्य रंजन के स्तर से कार्रवाई हाने के बाद बुधवार यानी तीसरे दिन स्थितियां बदली हुई नजर आयीं। सुबह से ही सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अपने काम पर तैनात दिखे। यहां तक की परीक्षा के दौरान हर जगह सख्त निगरानी रखी जा रही थी। निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था है। इस दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन मौजूद थे और हर कार्य की निगरानी खुद की। इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर जाने पोर रोक बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं। उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों तथा कर्मियों को आदेश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर अंदर प्रवेश न करें। परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की निरंतर वीडियोग्राफी कराई जा रही है। दौड़ के लिए आरएफआइडी का उपयोग दौड़ के सटीक समय के मापन के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अभ्यर्थियों के प्रवेश के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शांतिपूर्ण चल रही परीक्षा परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट एनआइसी पर प्रदर्शित की जाएगी। – आदित्य रंजन, उपायुक्त धनबाद

नीति में बदलाव: बिहार के मॉडल स्कूलों में अब उर्दू पढ़ाई भी होगी शुरू

पटना. बिहार के मॉडल स्कूलों में अब उर्दू की भी होगी पढ़ाई, सरकार ने बदला अपना फैसला; BSUTA ने जताई खुशी सीतामढ़ी. बिहार के 534 मॉडल स्कूलों में विभिन्न विषयों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में उर्दू विषय को शामिल कर लिया गया है। इससे उर्दू के शिक्षकों में जहां खुशी देखी जा रही है। वहीं, मॉडल स्कूलों में उर्दू की पढ़ाई भी सुनिश्चित हो सकेगी। इसको लेकर लेकर कुछ उर्दू शिक्षक संघों ने भी आवाज उठाई थी। इसके बाद यह मामला सरकार के संज्ञान में आया और इस दिशा में पहल की गई। भाषा को मिला न्याय: कमर बिस्बाही  बिहार स्टेट उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क़मर मिस्बाही ने इसके लिए मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को धन्यवाद दिया है। उन्होंने राज्य भर के मॉडल स्कूलों में ट्रांसफर होने के इच्छुक उर्दू शिक्षकों से जल्द से जल्द ई-शिक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन फार्म भरने का आग्रह किया है, ताकि उनकी उम्मीदवारी पक्की हो सके। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की दूसरी आधिकारिक भाषा को मिला न्याय मिल सकेगा। मॉडल स्कूलों के लिए शिक्षकों के रूप में उच्च शिक्षित और ट्रेंड शिक्षकों के चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, लेकिन इसमें उर्दू विषय के लिए कोई पद आवंटित नहीं किया गया था।

शिक्षक भर्ती घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: जांच आयोग की कमान संभालेंगे रिटायर्ड जस्टिस चौधरी

रांची. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016 के मामले में वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमिशन का अध्यक्ष रिटायर जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया. यह आयोग 3 महीने के अंदर नियुक्ति मामले की पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करेगा. उस रिपोर्ट पर कैबिनेट विचार करेगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा. पूर्व में एक सितंबर 2025 को हाइकोर्ट ने रिटायर जस्टिस डॉ एसएन पाठक को वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी असर्मथता जताई थी. इसके बाद फिर यह मामला कोर्ट में ले जाया गया. हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 258 रिट याचिकाओं पर फैसला सुनाया था. क्या था एकल पीठ का आदेश हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने 258 याचिकाओं पर फैसला सुनाया. पीठ ने हाइकोर्ट के रिटायर जस्टिस डॉ एसएन पाठक की एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन बनाया था. कमीशन पूरे मामले की जांच व सुनवाई कर तीन महीने के अंदर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट समर्पित करेगी. कमीशन की रिपोर्ट मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा. राज्य सरकार को अधिकतम छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. वहीं अन्य रिक्त 2034 सीटों पर नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता आठ सप्ताह के अंदर अपना अभ्यावेदन झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव को देंगे. प्राप्त अभ्यावेदनों पर जेएसएससी छह माह के अंदर नियुक्ति की कार्रवाई पूरी करेगी. हालांकि बाद में जस्टिस डॉ एसएन पाठक ने वन मैन कमीशन का अध्यक्ष बनने में असमर्थता जताई थी. इसके बाद पीठ दूसरे न्यायाधीश के नामों पर विचार कर रही थी. एकल पीठ के आदेश को अपील में दी गई है चुनाैती राज्य सरकार व जेएसएससी की और से अलग-अलग अपील याचिका दायर कर एकल पीठ के आदेश को चुनाैती दी गयी है. आदेश को गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है. क्या है मामला जेएसएससी ने वर्ष 2016 में हाइस्कूल शिक्षक के 17,786 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. कोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी ने 26 विषयों का स्टेट मेरिट लिस्ट और कट ऑफ भी जारी किया था. इस नियुक्ति में जिला स्तरीय मेरिट व राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर नियुक्ति की गई है. इसके चलते सैकड़ों वैसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पायी है, जो कट ऑफ से अधिक अंक लाए हुए हैं. उनकी ओर से अपनी नियुक्ति की मांग की गई है. प्रार्थी मीना कुमारी  और अन्य की ओर से 258 याचिका दायर की गई थी.

अवैध निर्माण पर सख्ती: पोटका में प्रशासन का एक्शन, कई ठिकानों पर चला बुलडोजर

पूर्वी सिंहभूम. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के पोटका में अंचलाधिकारी निकिता बाला के निर्देश पर मंगलवार को पोटका थाना क्षेत्र के तुड़ी मौजा में किए गए अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया गया. मिली जानकारी अनुसार तुड़ी मौजा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर ठेकेदार रंजीत मिश्रा, जमशेदपुर रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड और मनोज कुमार सिंह द्वारा अवैध निर्माण कर कार्य किया जा रहा था जिसकी सूचना मिलने के बाद पोटका की अंचलाधिकारी निकिता बाला द्वारा जे पी एल ई के तहत केस दायर कर समय सीमा के तहत सभी को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था.  भारी सुरक्षा में कार्रवाई समय सीमा बीत जाने के वावजूद किसी के द्वारा अतिक्रमण नही हटाया गया. जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के सीआई हेमंत कुमार और राजस्व कर्मचारी शांति राम षाड़ंगी को दंडाधिकारी के रूप में तैनात कर भारी संख्या में सुरक्षा बलों की नियुक्ति कर रंजीत मिश्रा, मनोज कुमार सिंह एवं जमशेदपुर रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा किए गए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया गया. अभियान जारी रहेगा पोटका की अंचलाधिकारी निकिता बाला ने कहा कि क्षेत्र जहां भी अतिक्रमण की सूचना मिलती है वहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी अतिक्रमणकारियों पर जे पी एल ई के तहत मामला दर्ज कर समय दिया गया था. समय सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कारवाई की गई है. 

सीटें, कई दावेदार: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल, गठबंधन गणित पर टिकी नजरें

रांची  झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होने लगी है। राज्य से राज्यसभा की दो सीटें खाली होने जा रही हैं, जिन पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। इन सीटों को लेकर सत्ता पक्ष में भी अंदरूनी खींचतान के संकेत मिल रहे हैं, जबकि भाजपा सीमित संख्या के बावजूद मुकाबले को रोचक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) दोनों सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत मान रहा है। पार्टी का मानना है कि राज्य की राजनीति में उसकी प्रमुख भूमिका के मद्देनजर उसे अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। हालांकि, यह राह इतनी आसान नहीं है। झामुमो को इन दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस के सहयोग की आवश्यकता होगी। गठबंधन की मजबूती और आपसी तालमेल इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव कम अहम नहीं है। असम विधानसभा चुनाव में तालमेल की कमी के कारण पार्टी पहले से ही असहज स्थिति में है। ऐसे में झारखंड में राज्यसभा सीट पर अपनी दावेदारी छोड़ना उसके लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदायक साबित हो सकता है। पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश होगी कि वह गठबंधन में बराबरी की हिस्सेदार है और अपने राजनीतिक हितों से समझौता नहीं करेगी। भाजपा की मौजूदगी से रोमांचक होगा चुनाव, रेस में सीता सोरेन विपक्षी भाजपा भी इस चुनाव को हल्के में लेने के मूड में नहीं दिख रही है। भले ही पार्टी के पास अपने दम पर जीत के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन सहयोगी दलों आजसू पार्टी, जदयू और लोजपा के साथ मिलाकर उसके पास 24 वोट हैं। ऐसे में यदि भाजपा चार अतिरिक्त वोटों का इंतजाम कर लेती है तो वह अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने की स्थिति में आ सकती है। यही कारण है कि भाजपा संभावित क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक समर्थन की संभावनाओं पर नजर बनाए हुए है। पार्टी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा की ओर से सीता सोरेन का नाम चर्चा में है। यदि उन्हें मैदान में उतारा जाता है तो चुनाव दिलचस्प हो सकता है। आंकड़ा गठबंधन के पक्ष में संख्या बल के लिहाज से देखें तो राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को निर्धारित 28 वोटों की आवश्यकता होगी। सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दलों झामुमो, कांग्रेस, राजद, भाकपा माले को मिलाकर 56 विधायकों का आंकड़ा है, जो दो सीटों पर जीत के लिए पर्याप्त है, लेकिन इसके लिए गठबंधन के घटक दलों में आपसी तालमेल और विश्वास आवश्यक है।  

IAS अंशुल का अलग अंदाज: पूर्णिया DM ने किसानों के साथ खेत में काटी फसल, लोगों ने कहा—पहली बार देखा

पूर्णिया पूर्व (पूर्णिया) जिले में कृषि गतिविधियों की निगरानी और उत्पादन के सटीक आकलन को लेकर मंगलवार को पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार स्वयं खेत में उतरकर गेहूं की फसल की कटाई करते नजर आए। पूर्णिया पूर्व प्रखंड क्षेत्र के रजीगंज पंचायत अंतर्गत रानीपतरा के लोखड़ा गांव में आयोजित गेहूं क्रॉप कटिंग कार्यक्रम में उन्होंने विधिवत उद्घाटन करते हुए किसानों के साथ मिलकर फसल काटी। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी हरिहर प्रसाद चौरसिया, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अजित कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक पंजियार, नोडल कृषि समन्वयक श्याम कुमार, किसान सलाहकार संजीव कुमार, संजीव कुमार सिंह, पौरस कुमार सिंह, रविंद्र कुमार गुप्ता सहित कई अधिकारी एवं कृषि कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक तरीके से क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। किसान सलाहकार संजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 गुण 5 मीटर के प्लॉट में गेहूं की कटाई की गई, जिसमें कुल 12.5 किलोग्राम उत्पादन प्राप्त हुआ। इस आधार पर गणना करने पर प्रति हेक्टेयर लगभग 25 क्विंटल गेहूं उत्पादन का आकलन किया गया। यह उत्पादन क्षेत्र के किसानों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। डीएम ने किसानों से की बातचीत डीएम अंशुल कुमार ने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत कर खेती के आधुनिक तरीकों, बीज की गुणवत्ता और उर्वरक उपयोग के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाने, समय पर बुआई करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी, ताकि उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाएं और उन्हें तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराएं। क्रॉप कटिंग कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने बीरपुर चौक पर लगे मखाना की खेती का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद किसानों से मखाना उत्पादन की प्रक्रिया, लागत और लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। किसानों ने बताया कि मखाना की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है, जिससे उनकी आय में अच्छी बढ़ोतरी हो रही है। डीएम ने मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह क्षेत्र के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मखाना किसानों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि इस फसल का विस्तार हो सके। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की सक्रियता और किसानों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि जिले में कृषि विकास को लेकर सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम का सादगी भरा अंदाज और जमीनी जुड़ाव ग्रामीणों के दिलों को छू गया। हैरान रह गए किसान-मजदूर मंगलवार को रजीगंज पंचायत के रानीपतरा मौजा स्थित लोखड़ा गांव में गेहूं की क्रॉप कटिंग के दौरान एक अनोखा और यादगार दृश्य देखने को मिला। खेत में कार्यरत मजदूर उस समय हैरान रह गए, जब एक साधारण व्यक्ति की तरह उनके बीच शामिल होकर पूर्णिया के जिलाधिकारी अंशुल कुमार गेहूं काटने लगे। शुरुआत में महिला मजदूर-मीरा देवी, रीना देवी, तेतरी देवी, अमीना खातून और कजली देवी-उन्हें पहचान नहीं सकीं, लेकिन जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि उनके साथ काम करने वाला व्यक्ति जिले का डीएम है, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मजदूरों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी डीएम को इतने करीब से देखा और वह भी उनके साथ खेत में काम करते हुए। डीएम का यह सादगी भरा अंदाज और जमीनी जुड़ाव ग्रामीणों के दिलों को छू गया तथा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। वहीं किसान गयासुद्दीन ने भी कहा कि आप जिलाधिकारी मेरे खेत पर आए और मुझसे जानकारी ली, ये मेरे लिए काफी गर्व की बात है।  

प्रशासनिक बदलाव: बिहार में 17 अफसर बने DTO, परिवहन विभाग में नई पोस्टिंग

पटना. बिहार परिवहन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 17 अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO) और मोटरयान निरीक्षक (MVI) को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के पद पर प्रोन्नत किया गया है। अधिसूचना जारी, विभाग में बढ़ी हलचल मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई। आदेश जारी होते ही विभाग में हलचल तेज हो गई और प्रमोट हुए अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। कौन-कौन हुए प्रमोट, जानें आंकड़े प्रमोशन पाने वाले 17 अधिकारियों में 12 अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO) और 5 मोटरयान निरीक्षक (MVI) शामिल हैं। सभी को अब जिला परिवहन पदाधिकारी के समकक्ष जिम्मेदारी दी गई है, जिससे उनकी भूमिका और अधिकार दोनों बढ़ गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती सरकार के इस फैसले से जिला स्तर पर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और मजबूत होने की उम्मीद है। नए DTO बनने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और लोगों को सेवाएं बेहतर तरीके से मिल सकेंगी। लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी जानकारों का मानना है कि अधिकारियों की संख्या बढ़ने से लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन और अन्य लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। इससे आम लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है। सरकार का संदेश: काम के आधार पर मिलेगा हक इस प्रमोशन के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अधिकारियों की मेहनत और अनुभव का सम्मान किया जाएगा। साथ ही, विभागीय ढांचे को मजबूत कर बेहतर सेवा देने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

अब आसमान से देखिए बिहार: हेली टूरिज्म प्लान तैयार, 8 बड़े स्थलों को जोड़ा जाएगा

पटना. बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार अब ऐसी सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान ही नहीं, बल्कि बेहद तेज भी हो जाएगा। हेली टूरिज्म से बदलेगा यात्रा का अनुभव नागरिक उड्डयन विभाग की पहल पर बिहार में हेली टूरिज्म सेवा शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत राज्य के आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे लंबी और थकाऊ यात्राओं से राहत मिलेगी। इन प्रमुख स्थलों को जोड़ा जाएगा इस सेवा में बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर, पटना साहिब, पावापुरी, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल शामिल होंगे। सीनियर सिटिजन और विदेशी पर्यटकों को खास फायदा हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से इन जगहों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर सीनियर सिटिजन, विदेशी पर्यटकों और वीआईपी यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। 5 साल का होगा अनुबंध, बनेंगे नए हेलीपैड नागरिक उड्डयन विभाग ने इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित कर चुकी है। हेलीकॉप्टर ऑपरेटर कंपनी के साथ पांच वर्षों का अनुबंध किया जाएगा, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसके तहत हेलीपैड समेत अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। प्रत्येक हेलीकॉप्टर में 5-6 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एयर कनेक्टिविटी भी होगी मजबूत राज्य सरकार हवाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। माना जा रहा है कि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बिहार की पहचान अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत होगी। यह रोजगार के अवसर बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

झारखंड हाईकोर्ट का कड़ा संदेश: ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्ती, बड़े गिरोहों पर कसें शिकंजा

रांची. झारखंड में नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त एक्शन दिखना चाहिए। NCB और CID मिलकर तोड़ें तस्करों का नेटवर्क अदालत ने सोमवार को स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), सीआइडी और झारखंड पुलिस को आपसी तालमेल (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी। कोर्ट ने कहा कि जब तक ये एजेंसियां एक साथ मिलकर कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक अंतरराज्यीय सिंडिकेट को तोड़ना मुश्किल होगा। सिर्फ छोटे मामलों से नहीं चलेगा काम, वित्तीय स्रोतों की हो जांच। खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ड्रग्स के छोटे-मोटे मामलों तक सीमित रहने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। अदालत ने निर्देश दिया कि:- ड्रग्स नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों (Financial Sources) की गहन जांच हो। अवैध कारोबार के असली सरगनाओं (Kingpins) को गिरफ्तार किया जाए। बाहरी राज्यों से हो रही ड्रग्स सप्लाई की कड़ी से कड़ी जोड़ी जाए। स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता और SOP पर जोर सुनवाई के दौरान सीआइडी ने कोर्ट में दो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पेश किए। अदालत ने सरकार को इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने का आदेश दिया। साथ ही, युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान को तेज करने की जरूरत बताई। इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को निष्पादित कर दिया है। बता दें कि रांची और जमशेदपुर में तेजी से युवा पीढ़ी को ड्रग्स के कारोबारी अपने शिकंजे में ले रहे हैं। फौरी तौर पर पुलिस कार्रवाई करती है और सिंडिकेट अपना काम बदस्तूर करता रहता है।